मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सिलेंडर रीफिल के लिये 26 लाख बहनों को अंतरित करेंगे 55 करोड़ रूपये

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज शनिवार को इंदौर में देंगे सौगातें 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को आज मिलेगी 1250 रूपये की नवम्बर माह की किश्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सिलेंडर रीफिल के लिये 26 लाख बहनों को अंतरित करेंगे 55 करोड़ रूपये 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 333 करोड़ रूपये का होगा अंतरण दिव्यांगों को लेपटॉप, मोटोराइज्ड ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण भी करेंगे वितरित  इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 नवम्बर को इंदौर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना, गैस रीफिल एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 2 करोड़ 10 लाख हितग्राहियों के खातें में 1961 करोड़ रूपये अंतरित करेंगे। इसमें 1 करोड़ 29 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1573 करोड़ रूपये, 26 लाख बहनों के खातों में सिलेंडर रीफिल की राशि 55 करोड़ रूपये और 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों के खातों में 333 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जायेगी। नेहरु स्टेडियम में  5  हजार से अधिक बालिकाओं के द्वारा तलवार चलाने के वर्ल्ड रेकार्ड बनाने का कार्यक्रम भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के ढ़क्कन वाला कुँआ स्थित ग्रामीण हाट बाजार में आयोजित कार्यक्रम में इंदौर के 450 से अधिक दिव्यांगजनों को लेपटॉप, मोट्रेट ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री आईटीसी के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। उनके द्वारा इंदौर जिले के  155  दिव्यांगजनों को मोटोराइज्ड ट्रॉयसाइकल, निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 81 छात्र/छात्राओं को लेपटॉप, 6 दम्पतियों को मुख्यमंत्री निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता, 130 दिव्यांग वृद्धजनों को डिजीटल श्रवण यंत्र, 99 दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, सी.पी. चेयर, बैशाखी और  कैलीपर्स प्रदान की जायेगी। साथ ही कलेक्टर आशीष सिंह की पहल पर तैयार किये गये दिव्यांगजनों को सशक्त पोर्टल के माध्यम से निजी क्षेत्र की कम्पनियों में चयनित 5 दिव्यांगजनों को नियुक्ति-पत्र भी सौंपेंगे। इस कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिला एवं संभागीय अधिकारी वर्चुअल शामिल होंगे।   recent visitors 46

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उत्तरप्रदेश में प्रतापगढ़ जिले में भागवत कथा में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के ग्राम करमाही पहुँचकर श्रीमदभागवत कथा में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम करमाही में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में परम श्रद्धेय स्वामी राघवाचार्य जी भागवत कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के संगठन प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह जी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का डॉ. महेंद्र सिंह के पैतृक ग्राम करमाही में पुष्पहारों से आत्मीय स्वागत किया गया। भागवत कथा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, उत्तर प्रदेश की पंचायत संस्थाओं के पदाधिकारी और श्रद्धालु जन नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रयागराज में भी स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने भेंट की।   recent visitors 108

नई शिक्षा नीति:2020 के अंतर्गत प्रदेश में अनेक नवाचार हुए, विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी उच्च शिक्षा के जुड़े नवाचार करें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नई शिक्षा नीति:2020 के अंतर्गत प्रदेश में अनेक नवाचार हुए हैं। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी उच्च शिक्षा के जुड़े नवाचार करें। अच्छे प्रयोगों का सदैव स्वागत है। शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर श्रेष्ठ बनाने के प्रयास हों। पैरामेडिकल और नर्सिंग पाठ्यक्रम भी विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सक्षम युवाओं का निर्माण सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए सबसे बड़ी गारंटी मानते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल से इस संदर्भ में नई शिक्षा नीति में अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान भी हुए हैं। इस नीति में युवाओं को ज्ञानवान और अनेक विषयों में पारंगत बनाने की रणनीति बनाई गई है। इस नाते मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक अभिनव प्रयास इस दिशा में किए गए हैं। मध्यप्रदेश में महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में जहां भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं राज्य सरकार द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा शीर्ष समिति और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में टास्क फोर्स का गठन किया गया। विद्यार्थियों को उनकी रूचि, दक्षता और क्षमता के अनुसार शिक्षा व्यवस्था करने के प्रसार सफल हो रहे हैं। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में प्रदेश अग्रणी है। मध्यप्रदेश का सकल पंजीयन अनुपात राष्ट्रीय अनुपात 28.4 प्रतिशत के मुकाबले 28.9 प्रतिशत है जो एक उपलब्धि है। बहुविषयक शिक्षा में आगे मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालयों द्वारा बहुविषयक शिक्षा प्रदान करने और रोजगार के लिए उपयोगी पाठ्यक्रमों के संचालन की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में प्रदेश में उच्च शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर कुलगुरूओं और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की है। बताया गया कि विद्यार्थियों को बहुविषयक दृष्टिकोण (मल्टी डिस्पलीनरी एप्रोच) के माध्यम से अन्य विषयों के अध्ययन के लिए प्रेरित करने के निरंतर प्रयास किए जाएं। वर्तमान में प्रदेश के लगभग एक लाख विद्यार्थी वाणिज्य के साथ कला और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। कला संकाय के 18 हजार विद्यार्थी वाणिज्य और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। मध्यप्रदेश में विज्ञान संकाय के ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 11 हजार है, जिन्होंने कला और वाणिज्य विषय का चयन किया है। इस तरह एक लाख 29 हजार विद्यार्थियों ने बहुविषयक शिक्षा का लाभ लिया है। विद्यार्थी ले रहे खेती किसानी की शिक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनेक बिन्दुओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। उच्च शिक्षा व्यवस्था में स्नातक स्तर पर कृषि जैसे विषय के अध्ययन के प्रावधान के भी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। सात विश्वविद्यालयों और 18 शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में बी.एससी. कृषि पाठ्यक्रम का संचालन हो रहा है। इन पाठ्यक्रामों का लाभ 1189 विद्यार्थी ले रहे हैं। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में सर्वाधिक 240 विद्यार्थी खेती किसानी की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में पायलेट ट्रेनिंग के कोर्स के संचालन और एविएशन के सर्टिफिकेट कोर्स के लिए पांच विश्वविद्यालयों ने पहल की है। निश्चित ही युवाओं को इन पाठ्यक्रमों का रोजगार की दृष्टि से पूर्ण लाभ प्राप्त होगा। इन्क्यूबेशन केन्द्रों की सक्रिय भूमिका, र्स्टाट अप्स को पूर्ण प्रोत्साहन प्रदेश में उच्च शिक्षा क्षेत्र में कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 47 इन्क्यूबेशन सेन्टर प्रारंभ किए गए हैं। इनमें शासकीय विश्वविद्यालय में 16, निजी विश्वविद्यालय में 12 एवं शासकीय स्वशासी महाविद्यालय में 19 इन्क्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। देवी अहिल्या विश्व विद्यालय इंदौर को केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पांच करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर इन्क्यूबेशन सेंटर को अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग ने अटल कम्युनिटी इन्नोवेशन सेंटर के लिए 2.5 करोड़ रूपए स्वीकृत किए हैं। इसी तरह जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के लिए 13.4 लाख रूपए स्वीकृत हुए हैं। प्रदेश के 2 निजी विश्वविद्यालयों में भी अटल इन्क्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए गए हैं। इनमें रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल और लक्ष्मीनारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (एलएनसीटी) भोपाल शामिल हैं। इन्क्यूबेशन केंद्रों के माध्यम से स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय स्तर पर 65 स्टार्ट अप्स तथा 2 निजी विश्वविद्यालयों में कुल 295 स्टार्ट अप्स प्रारंभ हुए हैं। स्टार्ट अप्स को विश्वविद्यालयों ने प्रोत्साहन राशि भी दी है। वर्तमान में कुल लाभान्वित विद्यार्थी संख्या 620 है। पेटेंट के अंतर्गत पेटेंट कार्यालय, भारत सरकार से विश्वविद्यालयों के इन्क्यूबेशन सेंटर्स को कुल 14 पेटेंट प्राप्त हुए हैं। इनमें देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में छह, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में चार, विक्रम विश्वविद्यालय में तीन और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में एक पेटेंट शामिल हैं। समस्त विश्वविद्यालयों के कुल 27 पेटेंट के आवेदन स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं।   recent visitors 96

देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस आज भी पाल पोस रही , कांग्रेस दमदारी से बांग्लादेश की घटनाओं के बारे में नहीं बोलती : सीएम यादव

भोपाल भोपाल में शुक्रवार को सीएम डॉ मोहन यादव ने राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम पायलट के बयान पर पलटवार किया है। झारखंड प्रचार के लिए रवाना होने से पहले सीएम ने कहा – जहां कांग्रेस के लोग रहते हैं धर्मों के आधार पर बांटते हैं। दरअसल गुरुवार को भोपाल पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी नेताओं के बयान "बंटेंगे तो कटेंगे" पर कहा था कि- बडे़ पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों द्वारा इस तरह की हल्की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। हम कांग्रेस के लोग तो कहते हैं कि पढ़ेंगे तो बढ़ेंगे। देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस पाल-पोस रही सीएम ने कहा- भाजपा के साथ बढ़िए देश के साथ रहिए, सनातन की जड़ों के साथ जुडिए। हमारे देश में कई घुसपैठियों को कांग्रेस आज भी पाल पोस रही है। क्यों कांग्रेस दमदारी से बांग्लादेश की घटनाओं के बारे में नहीं बोलती? क्योंकि उसे वोट बैंक का खतरा लगता है। किसी भी हालत में केवल हिंदुओं को टॉर्चर करना ये कांग्रेस की नीति ही मूलत: गलत है। भाजपा के सभी धर्मों का सम्मान करते हुए सबको साथ लेकर चलने सबका साथ सबका विकास जो भावना प्रधानमंत्री जी की है उसमें सबका विकास निहित है। अगर बांग्लादेश से घुसपैठ हो रही तो जिम्मेदार केन्द्र सरकार सचिन पायलट ने झारखंड में पीएम मोदी के रोटी-बेटी और माटी के अस्मिता के सवाल पर कहा- इन्फिलिटरेशन अगर सीमा के बाहर से हो रहा है। तो उसका जिम्मेदार कौन है? भारत की सीमाओं का संरक्षण करना, हमारे बॉर्डर्स को सिक्योर करना किसकी जिम्मेदारी है? अपनी जिम्मेदारी को छोड़कर आप कांग्रेस को आरोपी बनाते हैं। यह बड़ा प्रचलन चल रहा है चुनाव से ठीक पहले, वन नेशन वन इलेक्शन, यूसीसी, गौ माता के नाम पर, भगवान राम के नाम पर, वोट लेना। अपनी परफॉर्मेंस बताएं आपने निवेश कितना करवाया? रोजगार कितने दिए? उद्योग कितने लगवाए? पानी चिकित्सा शिक्षा इसकी कोई चर्चा नहीं है विवादित बयान देकर मीडिया और जनता का ध्यान भटकाना। वोट बटोर लेना और फिर कोई काम ना करना। यह मेरे ख्याल से एक पैटर्न बन गया है। पायलट ने कहा- झारखंड के चुनाव में 1,32,000 करोड रुपए जो झारखंड के लोगों को ड्यू था वह केंद्र सरकार रोक कर बैठी है। अब केंद्र सरकार पक्षपात करें भेदभाव करे विपक्ष की सरकार कहीं पर हो तो वहां पर बजट न दे विरोधियों की आवाज दबा दे। ईडी सीबीआई का दुरुपयोग करें। झारखंड में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वहां की सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है ।बहुत सारी स्कीम्स बनाई है जनता इसका लाभ ले रही है। और अंत में मुझे लगता है कि वहां पर पहले से ज्यादा बहुमत लेकर हम सरकार बनाएंगे।   recent visitors 78

भारत स्काउट्स एंड गाइड्स का उद्देश्य सराहनीय है, यह प्रयास सतत् सफल हो, यही शुभेच्छा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि बौद्धिक एवं शारीरिक सामर्थ्य को अभिवर्धित कर विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवाभाव, सहनशीलता, समर्पण और त्याग की भावना जागृत कराने वाला भारत स्काउट्स गाइड्स संगठन, राष्ट्रीय व मानवीय मूल्यों को संचारित कर विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनाने के लक्ष्य को समर्पित है। संगठन का उद्देश्य सराहनीय है, यह प्रयास सतत् सफल हो, यही शुभेच्छा है।   recent visitors 55

छठी मैया की कृपा सभी पर अनवरत बरसती रहे, सबके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास हो, यही कामना है- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान सूर्य की उपासना एवं लोक आस्था के महापर्व "छठ पूजा" की समस्त प्रदेश व देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगल कामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि छठ पूजा का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। छठी मैया की कृपा सभी पर अनवरत बरसती रहे, सबके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास हो, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि बहनें छठ पर्व पर अपने सुहाग की दीर्घ आयु, परिवार में सुख-समृद्धि और आनंद की कामना के साथ भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पण कर अल्पाहार ग्रहण करती हैं। बहनें अपने जीवन को कष्ट में डालकर अपने पति की दीर्घायु के लिए कठिन साधना करती हैं, यह सनातन संस्कृति का वैशिष्ट्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन तालाब, नदी, पोखर आदि के किनारे छठ मैया की पूजा होती है, वहां उपयुक्त साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।   recent visitors 133

प्रदेश में वनाधिकार और पेसा कानून सटीक और प्रभावी तरीके से लागू होंगे, टॉस्क फोर्स गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है।        गठित टास्क फोर्स की शीर्ष समिति में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री रामनिवास रावत को उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन को पदेन सचिव और प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य को पदेन सह सचिव नियुक्त किया गया है।        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता में कार्यकारी समिति भी गठित की गई है। इसमें मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, अपर मुख्य सचिव वन और अपर आयुक्त जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान को पदेन सदस्य नियुक्त किया गया है। डॉ. मिलिंद दांडेकर (विधि विशेषज्ञ), डॉ. शरद लेले (विषय विशेषज्ञ), श्री मिलिंद थत्ते (विषय विशेषज्ञ), श्री भगत सिंह नेताम पूर्व विधायक, श्री राम डांगोरे पूर्व विधायक, डॉ. रूपनारायण मांडवे और श्री कालू सिंह मुजाल्दा जनजातीय मंत्रणा परिषद मध्यप्रदेश को सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग समिति के पदेन सदस्य सचिव होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वर्ष में 2 बार शीर्ष समिति की बैठक होगी और कार्यकारी समिति की बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुलाई जा सकेगी। समिति के प्रमुख दायित्व- टास्क फोर्स समिति राज्य में वर्तमान में चिन्हांकित वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों के मेपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना एवं अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिये संस्तुति प्रदान करना। वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना। राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन के संबंधित विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिये डीएलसी और पेसा संबंधी विषयों के लिये जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्ययोजना के लिये अनुसंशाएं प्रदान करना। प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद कार्य-योजना एवं समय-सीमा के अनुसार बिन्दुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना। राज्य में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिये अन्य उपाय या अनुसंशाएं प्रस्तुत करना। टास्क फोर्स का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा, जो अपनी प्रथम अनुसंशाओं का प्रतिवेदन 3 माह की अवधि या इसके पूर्व प्रस्तुत करेगा। *समिति के प्रमुख दायित्व* टास्क फोर्स समिति राज्य में वर्तमान में चिन्हांकित वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों के मेपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना एवं अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिये संस्तुति प्रदान करना। वन अधिकार अधिनियम में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना। राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये राज्य शासन के संबंधित विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिये डीएलसी और पेसा संबंधी विषयों के लिये जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्ययोजना के लिये अनुसंशाएं प्रदान करना। प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद कार्य-योजना एवं समय-सीमा के अनुसार बिन्दुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना। राज्य में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिये अन्य उपाय या अनुसंशाएं प्रस्तुत करना। टास्क फोर्स का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा, जो अपनी प्रथम अनुसंशाओं का प्रतिवेदन 3 माह की अवधि या इसके पूर्व प्रस्तुत करेगा।   recent visitors 56