केंद्रीय कैबिनेट ने भारतीय खाद निगम में 10,700 करोड़ रुपए की इक्विटी डालने को दी मंजूरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 2024-25 में “वेज एंड मीन्स’’ एडवांस को इक्विटी में परिवर्तित कर भारतीय खाद निगम में 10,700 करोड़ रुपए की इक्विटी डालने को मंजूरी देने पर आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दृढ़ प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा किसान-कल्याण के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया जाना अभिनंदनीय- वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये निर्णय एक ओर कृषि क्षेत्र को सशक्त करेगा, वहीं किसानों के कल्याण के लिए नए युग की नींव रखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मान निधि, सस्ते खाद, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और श्रीअन्न जैसे किसान समृद्धि के विभिन्न निर्णयों के क्रम में इस सौगात के लिए प्रदेश के समस्त किसानों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।   recent visitors 87

मुख्यमंत्री उज्जैन में छठ पर्व कार्यक्रम में 08 नवंबर को सुबह वर्चुअली होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का  रात्री को उज्जैन मिथिलांचल विकास समिति द्वारा छठ पर्व पूजन कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निमंत्रण स्वीकार कर कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष छठ पर्व का आयोजन 08 नवंबर को प्रातः 07:30 पर विक्रम विश्वविद्यालय कैंपस स्थित विक्रम सरोवर में किया जा रहा है। छठ पर्व पर होनेवाली सूर्य देवता की उपासना एवं पूजा-अर्चना में क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे।   recent visitors 46

मध्यप्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अगला रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में आयोजित किया जाएगा

भोपाल  मध्यप्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अगला रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी। यह छठा सम्मेलन होगा, जिसमें देश भर के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक मुख्यमंत्री से आमने-सामने मिलेंगे और मध्यप्रदेश के किसी विशेष क्षेत्र के लिए निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए जाएंगे। जबलपुर में हुआ था पहला सम्मेलन पहला सम्मेलन जबलपुर में हुआ था, जो मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र का केंद्र है। इसके बाद इंदौर और उज्जैन (मालवा-निमाड़ क्षेत्र), फिर सागर (बुंदेलखंड क्षेत्र) और आखिरी सम्मेलन रीवा में हुआ। मुख्यमंत्री ने उद्योग स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सम्मेलनों का कॉन्सेप्ट शुरू किया है। संभावना है कि इससे राज्य की आर्थिक वृद्धि और रोजगार में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। क्या होता है सम्मेलन में इन सम्मेलनों के दौरान, राज्य सरकार ने व्यवसाय के लिए अपनी नीतियों पर प्रकाश डाला। इसमें मध्य प्रदेश में उद्योगपतियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आकर्षित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराना शामिल है। रीवा में मिले था 31 हजार करोड़ के निवेश के प्रपोजल मुख्यमंत्री ने पहले कहा कि फेस टू फेस बैठकों से उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं देने में आने वाली कठिनाई या किसी भी परेशानी का तुरंत समाधान करने में मदद मिलती है। 23 अक्टूबर को रीवा में आयोजित पिछले सम्मेलन में, राज्य सरकार को 31,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इन निवेशों से पूरे राज्य में 28,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। ये रहे थे प्रमुख निवेश प्रमुख निवेश प्रस्ताव श्री सिद्धार्थ इंफ्राटेक (ग्रीनको) द्वारा अक्षय ऊर्जा के लिए 12,800 करोड़ रुपये, ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पन्ना में अक्षय ऊर्जा के लिए 4,000 करोड़ रुपये और पतंजलि आयुर्वेद द्वारा वेलनेस और खाद्य प्रसंस्करण में 1,000 करोड़ रुपये के थे। इसके अतिरिक्त, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 1000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा। मैहर में 3,000 करोड़ रुपये की सीमेंट इकाई और अडानी समूह की महान एनर्जीन लिमिटेड ने सिंगरौली जिले में कोयला ब्लॉक के लिए 2,528 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई है। recent visitors 70

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरविंदों हॉस्पिटल इंदौर में प्रसव-प्रतीक्षालय का किया शुभारंभ

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को अरविंदो यूनिवर्सिटी इंदौर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त "प्रसव-प्रतीक्षालय" का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्य प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं को क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा रहा है। मेडिकल टूरिज्म डेवलपमेंट करने की सोच विकसित हो रही है। प्रसव-प्रतीक्षालय की पहल स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रसव-प्रतीक्षालय का नवाचार अभिनव पहल है। प्रसव-प्रतीक्षालय से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता महिलाओं एवं उनके परिजनों को समय पर स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रसव-प्रतीक्षालय की यह नवाचारी पहल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मिल का पत्थर सिद्ध होगी। इस प्रयास को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अरविंदो अस्पताल प्रबंधन का चिकित्सा सेवा भाव अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को गोद लेने की डॉ. विनोद भंडारी की पहल का स्वागत करते हुए शासन की ओर से हर संभव सहयोग के लिये आश्वास्त किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को डॉ. भंडारी ने स्मृति-चिन्ह भेंट किया।  कार्यक्रम में विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, गौरव रणदीवे, अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. विनोद भंडारी, प्रबंध निदेशक डॉ. महक भंडारी, वाइस चांसलर डॉ. ज्योति बिंदल, अधिष्ठाता श्रीमती जयकापड़िया सहित बड़ी संख्या में सेम्स अस्पताल के चिकित्सक, विद्यार्थी उपस्थित थे। इस अवसर पर संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में डॉ. भंडारी ने स्वागत सम्बोधन दिया। उन्होंने प्रसव-प्रतीक्षालय की अवधारणा पर विस्तृत जानकारी दी।  डॉ. महक भंडारी ने संस्था के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अरविंदो हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. भंडारी ने बताया कि भंडारी समूह एवं अरविंदो विश्वविद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सिविल अस्पतालों में शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए राज्य शासन के साथ काम करेंगे। शासन के एनआरएचएम के साथ ट्रेनिंग प्रोटोकॉल का विस्तृत मॉडल प्रोजेक्ट तैयार कर सबसे पहले इंदौर और उज्जैन में शुरू किया जाएगा। अल्ट्रा मॉडर्न सुविधाओं एवं संसाधनों से युक्त प्रसव-प्रतीक्षालय में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के एक से दो सप्ताह पूर्व से ही वर्तमान समय की श्रेष्ठतम सुविधाएं एवं सहूलियतें 'अरविंदो अस्पताल प्रोटोकाल' के तहत प्रदान की जाएंगी। डॉ. भंडारी ने बताया कि प्रसव-प्रतीक्षालय में जैसे ही कोई महिला प्रसव के लिए एडमिट होगी, उसकी 24 घंटे सतत निगरानी के साथ सभी तरह की सावधानियाँ रखनी शुरू कर दी जाएंगी। उन्हें 'एंटीनेटल एक्सरसाइज कराने के साथ एंटीनेटल डाइट' भी दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं को 'फिजियोथेरेपी, म्यूजिक थेरेपी, बर्थिंग वाथ एक्सरसाइज, अरोमा थेरेपी आदि की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। 'फुली एयरकंडीशंड प्रसव-प्रतीक्षालय' में मरीज के साथ आए परिजन (अटेंडर्स) की सुविधाओं का भी प्रसव-प्रतीक्षालय में ख्याल रखा जाएगा।   recent visitors 141

हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन कोई कानून व्यवस्था हाथ में लेगा तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी: सीएम मोहन यादव

 इंदौर  हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन कोई कानून व्यवस्था हाथ में लेगा तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। दीपावली के दिन हिंदू समाज पटाखे फोड़ता है तो कोई कैसे रोक सकता है और रोकेगा तो यह प्रदेश सरकार को बर्दाश्त नहीं है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर प्रवास के दौरान कही। मीडिया से चर्चा में उन्होंने छत्रीपुरा की घटना को लेकर कहा कि हम सभी को साथ लेकर विकास चाहते हैं, लेकिन कोई कानून हाथ में लेगा तो पीछे नहीं हटेंगे। कानून सबसे निपटने में सक्षम है। सरकार सक्षम है। कनाडा की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इसकी निंदा करता हूं और सिख बंधुओं का अभिवादन करता हूं कि उन्होंने सामने आकर इस तरह की घटनाओं का विरोध किया है। हाथियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि मप्र की आबोहवा उन्हें रास आ रही है। सीएम ने कहा- हम प्रदेश के अधिकारियों को कर्नाटक, केरल जैसे प्रदेश ट्रेनिंग के लिए भेजेंगे ताकि ऐसा योजना बन सके कि जन हानि भी न हो और पशु हानि भी न हो। मुख्यमंत्री ने कुक्षी के परिवार के साथ गुजरात में हुए हादसे को लेकर दुख प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की राहत राशि दी है। मुख्यमंत्री पश्चिम क्षेत्र में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में भी पहुंचे। ‘मातृ-शिशु मृत्युदर कम करने में मददगार होंगे प्रसव प्रतीक्षालय’ श्री अरबिंदो अस्पताल में होने वाले नवाचार मरीजों के लिए हमेशा अच्छे होते हैं लेकिन मुझे लगता है कि गर्भवती महिलाओं और उनकी शिशुओं की अनमोल जान बचाने में प्रसव प्रतीक्षालय का नवाचार विशेष रूप से मददगार साबित होगा। इससे हाई रिस्क प्रसूताओं और ट्रायबल बेल्ट की गर्भवती महिलाओं की मदद होगी। इस अनूठी पहल से शिशु-मातृ मृत्यु दर में भी कमी आएगी। अच्छी बात यह है कि प्रतीक्षालय में मरीजों के साथ-साथ स्वजन की छोटी से छोटी सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। यह बात मंगलवार को श्री अरबिंदो अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए शुरू किए गए प्रसव प्रतीक्षालय के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे साथ ही कहा कि इस तरह के नवाचार इंदौर समेत मध्य प्रदेश को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान करते हैं। इस मौके पर फाउंडर चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि हम पीएससी, सीएससी आदि के साथ मिलकर सिविल अस्पतालों में शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। सरकार के एनआरएचएम के साथ ट्रेनिंग प्रोटोकाल का विस्तृत माडल प्रोजेक्ट तैयार कर सबसे पहले इंदौर और उज्जैन में शुरू किया जाएगा। डॉ. महक भंडारी ने बताया कि प्रसव प्रतीक्षालय में जैसे ही कोई महिला प्रसव के लिए भर्ती होगी, उसकी 24 घंटे निगरानी के साथ सभी तरह की सावधानियां रखनी शुरू कर दी जाएंगी। recent visitors 59

सायबर सुरक्षा का जिम्मा इलेक्ट्रानिक विकास निगम को देंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीपीपी मोड पर बनाए जाएं आईटी पार्क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समान कार्य स्वरूप की संस्थाएं‍मिलकर करें कार्य सायबर सुरक्षा का जिम्मा इलेक्ट्रानिक विकास निगम को देंगे मुख्यमंत्री ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासकीय विभाग जन-कल्याण के लिए ड्रोन तकनीक के अधिक उपयोग के लिए प्रयास बढ़ाएं। अवैध वृक्ष कटाई, अवैध खनिज उत्खनन, सघन बस्तियों में पुलिस पेट्रोलिंग में ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाया जाए। वन क्षेत्रों में शिकार की घटनाएं भी ड्रोन तकनीक से ज्ञात कर अपराधियों को दंडित करने में उपयोग किया जाए। मैपकास्ट के साथ‍क्रिस्प और इस तरह की अन्य संस्थाएं समान स्वरूप की गतिविधियों का संयुक्त रूप से समन्वय पूर्वक संचालन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय कक्ष में हुई बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों और संचालित प्रकल्पों से संबंधित निर्देश दिए। पीपीपी मोड पर बनें आईटी पार्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीपीपी मोड से आईटी पार्क बनाए जाएं। इंदौर, उज्जैन और रीवा में इन संभावनाओं को साकार किया जाए। सभी आईटी प्रोजेक्ट्स के कार्यों की समय- सीमा तय कर कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों, फसलों की रक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नवीन टेक्नोलॉजी का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया। आईआईटी इंदौर से जुड़े डोंगला वेधशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन जिले की डोंगला वेधशाला को आईआईटी इंदौर के साथ कनेक्ट कर रिसर्च एवं डेवलपमेंट पाठ्यक्रम विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जैन प्लेनेटोरियम में टॉपर विद्यार्थियों का प्राथमिकता के आधार पर भ्रमण प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। शोधकर्ताओं के लिए वेधशाला की रिमोटली ऑपरेटेड सुविधा नई शिक्षा नीति के अनुरूप भी है। विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अध्ययन करवाने पर करें फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान के लिए प्रेरित किया जाए। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी वेधशालाओं का भ्रमण कर ज्ञान स्तर बढ़ाएं। प्रदेश में अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित अतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर युवाओं को जोड़ा जाए। इन क्षेत्र में पीएच.डी. के लिए भी छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया जाए। विद्यार्थियों को वर्तमान दौर से जोड़ने के लिए उनके बौद्धिक स्तर को बढ़ाना आवश्यक है। नव -वैज्ञानिक संवाद सत्र आयोजित किए जाएं। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष उज्जैन तारामंडल में 8 करोड़ की लागत से अपग्रेडेशन के कार्य हुए हैं। यहाँ थ्रीडी 4K प्रोजेक्शन सिस्टम लोकार्पित होने के बाद 400 से अधिक शो सम्पन्न हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में स्कूल- कॉलेज के विद्यार्थी रूचि लेकर पहुंच रहे हैं। उज्जैन विश्व समय मानक का केंद्र बने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीनविच टाइम्स को जिस तरह की मान्यता प्राप्त है, उस तरह उज्जैन के भौगोलिक महत्व और जनार्दन नेगी जैसे वैज्ञानिकों के अनुसंधान के प्रकाश में विश्व स्तर पर उज्जैन को विशेष केंद्र के रूप में पहचान मिलना चाहिए। यहां दुनिया में अपनी तरह की प्रथम वैदिक घड़ी भी स्थापित की गई है। प्राचीन आचार्यों ने भी भौगोलिक गणना के अनुसार उज्जैन को शून्य रेखांश पर स्थित माना है। विश्व समय मानक ग्रीनविच से परिवर्तित होकर उज्जैन हो जाए, इस दिशा में बहुआयामी प्रयास होना चाहिए। शासकीय विभागों और सिंहस्थ-2028 के लिए एमपीएसईडीसी को देंगे जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) के माध्यम से साइबर सुरक्षा के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए भी नगरीय प्रशासन विभाग के आईटी प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी एमपीएसईडीसी को दी जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) द्वारा अभी से प्लान बनाकर कार्य किया जाए। इंजीनियरिंग कॉलेजों का उच्च शिक्षा से हो समन्वय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सक्षम बने एवं विभिन्न प्रोजेक्ट की साइबर सुरक्षा के लिए भी कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 6 पुराने शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों को आईआईटी की तर्ज पर विकसित किया जाए। आवश्यकता अनुसार इंडस्ट्री की मदद कॉलेज को विकसित करने में ली जाए। प्रदेश में आ रहे नए उद्योगों में कौशल प्राप्त श्रमिक कार्य के लिए उपलब्ध हों, इस दिशा में भी प्रयास बढ़ाए जाएं। उन्होंने स्टेट डाटा सेंटर के लिए आवश्यकता के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि उद्योगों के लिए सभी विभागों का इंटीग्रेटेड सिंगल विंडो सिस्टम डेवलप किया जाए। सभी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को आईटी डिपार्टमेंट से समन्वय स्थापित कर विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा विभाग और क्रिस्प एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद को आपस में समन्वय कर ग्रामीण प्रौद्योगिकी के लिए कार्य करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीपीपी मोड पर प्रदेश में आईटी पार्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रोन टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग की जरूरत बताते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स जैसी नवीन तकनीक का समावेश किया जाए। पुलिस विभाग में विभिन्न स्थानों का डाटा को इंटीग्रेटेड कर हीट मैप डेवलप करें, जिससे अपराध का विशलेषण किया जाए अपराधों में कमी लाई जा सके। मुख्य सचिव ने पीएम गति शक्ति पोर्टल का प्रभावी उपयोग करने पर भी जोर दिया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे ने विभागीय कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्रोन टेक्नोलॉजी का विभिन्न विभागों में उपयोग हो रहा है। प्रदेश में राजस्व, वन, नगरीय प्रशासन, रेरा, कृषि और उद्योग विभागों में ड्रोन टेक्नोलॉजी तकनीक विकसित करने के प्रोजेक्ट्स प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स की भी जानकारी दी। प्रदेश में आने वाले वर्ष की महत्वपूर्ण गतिविधियां मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक अनिल कोठारी ने परिषद द्वारा किए जा रहे कार्यों, भविष्य की योजनाओं, प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। दिसम्बर माह में वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला डोंगला के ऑटोमेशन के सम्पन्न कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी द्वारा … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति

सिविल सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का अनुसमर्थन नवीन मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा की गई 50 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997 में मुख्यमंत्री के आदेश दिनांक 13.09.2023 एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना 3 अक्टूबर, 2023 का अनुसमर्थन किया गया। इस निर्णय से महिला आरक्षण 35 प्रतिशत होगा। 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2024-25 में (खरीफ एवं रबी सीजन में) 254 नए उर्वरक विक्रय केन्द्र स्थापित करने पर मानव संसाधन पर होने वाली संभावित व्यय की वास्तविक राशि अधिकतम 1 करोड़ 72 लाख रूपये की सीमा तक की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया। 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप वि‌द्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 (410) मेगावाट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 (420 मेगावाट) में स्थापित इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 में स्थित इकाई क्रमांक 6 एवं 7 (200 + 210 मेगावॉट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 में स्थित इकाई क्रमांक 8 एवं 9 (2X210 मेगावॉट) द्वारा रूपांकित आयु पूर्ण कर ली गई हैं। ये इकाइयों लगभग 39 से 44 वर्षों से संचालन में हैं। इन इकाइयों की स्थिति एवं प्रदर्शन के दृष्टिगत म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा इन इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की चाही गई अनुमति मंत्रि-परिषद ने प्रदान की है। निर्णय अनुसार सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 एवं 3 में स्थित इकाई क्रमांक 6 से 9 (कुल क्षमता 830 मेगावॉट) को 30 सितम्बर, 2024 से रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की अनुमति प्रदान की गई। रिटायर (डी-कमीशन) इकाइयों का डिस्पोजल ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जायेगा। इन इकाईयों के स्थान पर 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (इकाई क्रमांक 13) की स्थापना के लिए म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी करायी जायेगी। आयु-सीमा में वृद्धि का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महावि‌द्यालयों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। सह चिकित्सीय पाठ्क्रमों की मान्यता म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही को लंबित रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2023-24 एवं आगामी सत्रों की मान्यता प्रक्रिया, साथ ही सह-चिकित्सीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर्मियों के पंजीयन एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं का आयोजन पूर्व में प्रचलित म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 अंतर्गत् प्रचलित नियमों के अनुसार, पूर्व में विघटित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद को पुनर्जीवित करते हुए, पूर्ण किये जाने तथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा अधिनियम अंतर्गत प्रावधानित विनियम (रेगुलेशन) जारी होने के उपरांत विनियम के अनुरुप मध्यप्रदेश अलाइड एण्ड हेल्थ केयर कौंसिल ‌द्वारा स्वशासी बोर्ड्स के गठन होने पर पुनर्जीवित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद स्वतः समाप्त हो जायेगी एवं मंत्रि-परिषद् के पूर्व में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही की जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की गई केन्द्र प्रवर्तित परियोजना "Strengthening of Cooperatives through IT Interventions" अन्तर्गत प्रदेश के पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कार्यालय के कम्प्यूटराईजेशन के लिए परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। इस पर 3 करोड़ 68 लाख रूपये व्यय आयेगा, जिसकी 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी।   recent visitors 83