Monday, July 6, 2026 10:12 pm

एनएसयूआई की मेहनत लाई रंग, सीएमएचओ भोपाल ने दोषी अधिकारी डॉ रितेश रावत और डॉ अभिषेक सेन पर कसा शिकंजा

NSUI’s efforts paid off, with CMHO Bhopal cracking down on erring officials Dr. Ritesh Rawat and Dr. Abhishek Sen. भोपाल। भोपाल के एनआरआई नर्सिंग कॉलेज एवं अरनव अस्पताल की कूटरचित एवं फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट बनाए जाने के गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग ने आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) भोपाल ने निरीक्षण में लापरवाही एवं अनियमितता बरतने वाले दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर सीएमएचओ डॉ मनीष शर्मा द्वारा जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत एवं यू.पी.एच.सी. सांई बाबा नगर में पदस्थ डॉ. अभिषेक सेन को नोटिस जारी कर निरीक्षण रिपोर्ट में की गई। गंभीर त्रुटियों एवं तथ्यों को लेकर तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया गया है। नोटिस में निरीक्षण के दौरान अस्पताल की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन न किए जाने तथा भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने के आरोप शामिल हैं। इस मामले को लेकर गुरुवार को एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया गया था। उन्होंने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। एनएसयूआई का आरोप है कि अरनव अस्पताल की निरीक्षण रिपोर्ट जानबूझकर कूटरचित तैयार की गई, जिससे शासन एवं प्रशासन को गुमराह किया गया। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने दोषी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की। साथ ही पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की जाए। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि इस तरह के मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो स्वास्थ्य व्यवस्था में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को बढ़ावा मिलेगा। जिसका सीधा असर मरीजों और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, संगठन इस मामले को लगातार उठाता रहेगा। अक्षय तोमर ने कहा कि नर्सिंग कॉलेजों और अस्पतालों की फर्जी फैकल्टीयों और उनको संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं की गई, तो एनएसयूआई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कार्यवाही की मांग करेगी। recent visitors 56

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में NSUI ने उठाई दलित समाज से कुलगुरु बनाने की मांग

भोपाल। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में दलित समाज से कुलगुरु बनाने की मांग की है। वर्तमान में देश व प्रदेश में भीमराव आंबेडकर जी के ऊपर काफी सियासत गरमाई हुई है। ऐसे में कांग्रेस के छात्र संगठन के द्वारा विश्वविद्यालय में दलित समाज से कुलगुरु बनाने की मांग को दरकिनार नहीं किया जा सकता। NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने वीडियो जारी कर कहा कि वर्तमान में देश व प्रदेश में भाजपा सरकार दलितों व बाबा साहब का अपमान कर रही है। देश के सबसे बड़े पत्रकारिता के विश्वविद्यालय में लगातार दलित छात्रों व दलित शिक्षकों का अपमान किया जा रहा है। इस कठिन समय में दलित समाज के साथ कांग्रेस और एनएसयूआई सदैव खड़ी रहेगी। हमारी मांग है कि इस भेदभाव को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय में दलित समाज से आने वाले योग्य व्यक्तित्व को कुलगुरु बनाया जाना चाहिए जिससे सामाजिक एकता का उदाहरण स्थापित हो सके। शुक्रवार को NSUI के प्रदेश सह सचिव अमन पठान ने देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एवं माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के प्रभारी तनय शर्मा ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम पत्र भी लिखा है। प्रदेश सह सचिव अमन पठान ने कहा, सरकार लगातार पिछड़ों का अपमान करती आई है ऐसे में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के सम्मान में दलित समाज से कुलगुरु बनाना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। हमें उम्मीद है कि उपराष्ट्रपति महोदय एवं मुख्यमंत्री महोदय हमारी जायज मांग पर ध्यान देंगे और बाबा साहब के सम्मान में उचित निर्णय लेंगे। विश्वविद्यालय NSUI प्रभारी तनय शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र में लिखा कि संविधान के शिल्पकार बाबा साहब आंबेडकर ने सर्व समाज को समानता दिलाने के उद्देश्य से संविधान को गढ़ा था। ऐसे में शैक्षणिक क्षेत्र में दलित समाज का नेतृत्व होना जरूरी है। यह निर्णय हमारे विश्वविद्यालय में सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया जा सकेगा। recent visitors 167