अस्पतालों में रिक्त पदों की समस्या होगी दूर, राजस्थान-जयपुर में चिकित्सा मंत्री ने किया ने किया विकास कार्यों का लोकार्पण

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार गांव-ढाणी तक चिकित्सा सेवाओं को प्रतिबद्धता के साथ सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग में मिशन मोड पर भर्तियां की जा रही है। चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों की समस्या जल्द ही दूर होगी और आमजन को सुगमता के साथ गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा। चिकित्सा मंत्री बुधवार को जयपुर जिले के रामपुरा डाबड़ी ग्राम में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करवा रही है। इसके तहत ही मात्र एक वर्ष के समय में आमेर विधानसभा क्षेत्र में भी विकास के अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। खींवसर ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रदेशभर में चिकित्सा सेवाओं से जुड़े रिक्त पद भरने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। इससे गांव—ढाणी तक चिकित्सा संस्थानों में सेवाएं और बेहतर होंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का दायरा निरंतर बढ़ाते हुए इसमें सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क एवं पैकेजेज का विस्तार किया जा रहा है ताकि अधिकाधिक बीमारियों का उपचार इस योजना के तहत मिल सके। पूर्व विधायक श्री सतीश पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार ने एक वर्ष में ही क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा किया है। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र के विकास में किसी तरह की कमी नहीं रखेगी। इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री ने रामपुरा डाबड़ी में उपखण्ड कार्यालय, तहसील कार्यालय, नवनिर्मित ग्राम पंचायत भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। समारोह में जिला प्रमुख श्रीमती रमा चौपड़ा, उप जिला प्रमुख श्री मोहन डागर, प्रधान श्री हरदेव यादव, रामपुरा डाबड़ी के सरपंच श्री शैलेश बोहरा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। recent visitors 91

प्रताप नगर सेक्टर की योजनाओं की जानी प्रगति, राजस्थान-जयपुर में आवास आयुक्त ने किया आकस्मिक निरीक्षण

जयपुर। आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा बुधवार सुबह जयपुर के प्रताप नगर क्षेत्र के सेक्टर 5, 26 और 28 में प्रस्तावित योजनाओं और मण्डल की खाली पड़ी जमीन का आकस्मिक व्यापक निरीक्षण और समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को उपलब्ध भूमि का उचित सीमांकन सुनिश्चित करने और क्षेत्र में बढ़ती मांग के अनुरूप पारंपरिक शॉपिंग और आवासीय योजनाएं बनाने के निर्देश दिए। संसाधनों के उपयोग को अधिक बढ़ावा देने के लिए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उपलब्ध व्यावसायिक संपत्तियों को नीलामी के लिए शीघ्र सूचीबद्ध किया जाए। पारदर्शिता बनाए रखने और अतिक्रमण को रोकने के लिए आवासन आयुक्त ने क्षेत्र में मंडल की सभी जमीनों पर संपत्ति बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए। सेक्टर 6 में डॉ. शर्मा ने सामुदायिक केंद्र का निरीक्षण किया और इसके जीर्णाेद्धार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विकास समिति के परामर्श से इसके पुनर्विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। recent visitors 56

‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मन से लागू करें’, राजस्थान-जयपुर में राष्ट्रीय कार्यशाला में बोले राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मन से लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह नीति ऐसी है, जिससे भारत आने वाले समय में वैश्विक ज्ञान में महाशक्ति बन सकेगा। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति नैतिक मूल्यों से मनुष्य को जोड़ने वाली है। इससे देश के लोग सुनागरिक बनने की राह पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी रूप में लागू करने और शिक्षकों को इसमें अपनी महती भागीदारी निभाने का आह्वान किया। श्री बागडे बुधवार को राजस्थान विश्वविद्यालय, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा विभाग और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020" में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा पाठ्यपुस्तकों  का अध्ययन ही नहीं है, यह व्यक्ति को मानवीय मूल्यों से  ओतप्रोत करने का मार्ग भी है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की चर्चा करते हुए कहा कि वह सदा व्यक्ति नहीं समग्र पर जोर देते थे। नई शिक्षा नीति इसी दृष्टिकोण से जुड़ी है। राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति में मानव मूल्यों को ही प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक नए से नए ज्ञान से अपने को जोड़े रखेगा तभी विद्यार्थी की बौद्धिक क्षमता का निर्माण कर पाएगा। उन्होंने शिक्षकों को मन से विद्यार्थियों को पढ़ाई कराने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि मैकाले ने भारतीय शिक्षा नीति को पूरी तरह से पश्चिमीकरण करने का प्रयास किया। देश में शिक्षा आयोग और नीतियां बनी परंतु हम पश्चिम की सोच से मुक्त नहीं हुए। शिक्षा में मातृ भाषा और जीवन व्यवहार की शिक्षा जरूरी है। नई शिक्षा नीति इसी से जुड़ी है। इसलिए इसे व्यवहार में लागू करने के लिए सभी प्रयास करें। राज्यपाल ने कहा कि भारत ज्ञान विज्ञान में आरंभ से ही समृद्ध रहा है। उन्होंने भास्कराचार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने शून्य का जो वैज्ञानिक निष्कर्ष अपने समय में दिया, उसे ही पश्चिम के लोगों ने ग्रहण कर लिया।  उन्होंने कहा कि भारत अपने ज्ञान से विश्वगुरु था। फिर से उस ज्ञान परंपरा  को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।राज्यपाल ने इस अवसर पर कार्यशाला की स्मारिका का भी लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री डा. प्रेमचंद बैरवा ने नई शिक्षा नीति को प्राचीन भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा से जुड़ा बताते हुए कहा कि दशकों तक शिक्षा में जड़ता रही है। रटने पर ही शिक्षा में जोर दिया जाता रहा है परन्तु नई शिक्षा नीति समता आधारित समाज निर्माण के साथ समावेशी दृष्टिकोण लिए समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा देने वाली है। शिक्षा संस्कृति न्यास के डॉ. अतुल कोठारी ने नई शिक्षा नीति को अपनाने के लिए उसे व्यवहार में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही देश को बदला जा सकता है। देश को विकास की नई राह दिलाई जा सकती है। उन्होंने शिक्षा संस्कृति न्यास के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया। कॉलेज शिक्षा आयुक्त श्रीमती आरुषि मलिक ने भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा में किए जाने वाले नवाचारों के बारे में अवगत कराया। कॉलेज आयुक्त श्री ओमप्रकाश बैरवा ने नई शिक्षा निति क्रियान्वयन के लिए दो दिवसीय कार्यशाला में होने वाली चर्चा के बारे जानकारी दी। राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अल्पना कटेजा ने स्वागत उद्बोधन दिया। श्री नितिन कासलीवाल ने कार्यक्रम का संयोजन किया। recent visitors 56

‘लघु उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी’, राजस्थान-शिक्षा मंत्री ने किया लघु उद्योग भारती के कौशल विकास केंद्र का लोकार्पण

जयपुर। लघु उद्योग भारती के नवनिर्मित कौशल विकास केंद्र का लोकार्पण शुक्रवार को शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर और संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल के मुख्य आतिथ्य एवं लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री प्रकाश चन्द के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री दिलावर ने कहा कि यह केंद्र युवाओं को कुशलता प्रदान कर उन्हें उद्योगों के लिए तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा, बल्कि मजदूर भी अपने परिवार के साथ रह सकेंगे। दिलावर ने लघु उद्योगों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ये 8 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं और देश के 45% निर्यात में योगदान देते हैं। लघु उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी है। उन्होंने कहा लघु उद्योग भारती न केवल आर्थिक विकास बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने घुमंतू,अर्द्ध-घुमंतू एवं विमुक्त परिवारों के लिए पहचान पत्र और पट्टे जारी कर उनके जीवन को स्थायित्व प्रदान किया गया। संसदीय कार्य मंत्री श्री पटेल ने कहा कि लघु उद्योगों को बढ़ावा देना डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' और लघु उद्योग कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के लघु उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने लघु उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप एमएसएमई नीति लाई गई है। उन्होंने कहा वर्ष 2027 तक प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा जिससे उद्योगों को आवश्यकता के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। पटेल ने कहा बजट घोषणाओं की क्रियान्वित के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ के एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है प्रत्येक वर्ष के 10 दिसंबर की 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' के रूप मनाया जायेगा। आयोजन से भी प्रदेश की छवि और सुदृढ़ होगी। लघु उद्योग भारती के संगठन मंत्री श्री प्रकाश चन्द ने कहा कि भारत सदियों तक अपनी उद्यमिता और श्रेष्ठ उत्पादों के लिए विश्व में अग्रणी था। उन्होंने कहा कि हमारा अतीत गौरवशाली रहा है और अब लक्ष्य है कि अपने श्रेष्ठ उत्पादों के माध्यम से भारत को वैश्विक मंच पर शीर्ष स्थान पर स्थापित करें। उन्होंने भारत की ऐतिहासिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि कपड़ा, हस्तशिल्प और इत्र जैसे उत्पादों का निर्यात कर सोना और चांदी प्राप्त करता था इसलिए विश्व भर में भारत वर्ष सोने की चिड़िया नाम से विख्यात रहा। पराधीनता के दौरान यह गौरव क्षीण हुआ, लेकिन आजादी के अमृतकाल में भारत विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। recent visitors 187

कृषकों को दिए प्रशस्ति पत्र और आगंतुकों के लिए सजी प्रदर्शनी, राजस्थान-जयपुर कृषि प्रबंध संस्थान में किसान सम्मेलन

जयपुर। राजस्थान सरकार किसानों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने एवं उनकी आमदनी को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के एक साल का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंध संस्थान के सभागार में शुक्रवार को किसान सम्मेलन का आयोजन हुआ  जिसमें जिला प्रमुख श्रीमती रमा देवी चोपड़ा व अन्य अतिथिगण द्वारा प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए, कृषि विभाग की योजनाओं से लाभान्वित कृषकों को वित्तीय स्वीकृति का वितरण किया गया। इसके साथ ही कृषि में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई तथा किसानों को गोपाल कार्ड का भी वितरण किया गया। हां सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय जयपुर के तत्वावधान में आयोजित  प्रदर्शनी में राजस्थान सरकार की उपलब्धियों एवं एक साल के विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया है। किसान सम्मेलन में आए कृषकों, महिलाओं एवं छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी में लगे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की स्टाल पर राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। जिला स्तरीय प्रदर्शनी में लगी राजीविका, विद्युत, पर्यटन, आयुर्वेद, कृषि एवं सरस आदि स्टॉल आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। समारोह में विधायक श्री महेन्द्र पाल मीना, श्री रामावतार बैरवा और  श्री कैलाश वर्मा, जिला प्रमुख श्रीमती रमा देवी चोपड़ा, मेयर (हेरिटेज) श्रीमती कुसुम यादव, जिला प्रभारी सचिव श्रीमती अपर्णा अरोरा, संभागीय आयुक्त श्रीमती रश्मि गुप्ता, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि (वी.) श्री राकेश कुमार पाटनी सहित जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 85

एमओयू प्रगति की समीक्षा होगी सार्वजानिक: मुख्यमंत्री, राजस्थान-जयपुर में ‘राइजिंग समिट’ में पहुंचे केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान

जयपुर। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत दुनिया का सबसे ताकतवर अर्थनीति बनेगा तथा राजस्थान भारत का अग्रणी राज्य होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रत्येक कोने में राजस्थान का उद्यमी मौजूद है तथा प्रत्येक राजस्थानी अब आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां छू रहा है। प्रधान ने कहा कि केन्द्र सरकार राज्य के प्रमुख शैक्षणिक शिक्षा आईआईटी जोधपुर, केन्द्रीय विश्व विद्यालय जैसे संस्थान में एडवांस टैक्नोलॉजी लैब को स्थापित करने में मदद करेगी। राजस्थान की विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद 11 प्रतिशत की विकास दर प्रदेशवासियों की मेहनत को दर्शाती है। प्रधान बुधवार को राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने अपने पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान समिट का सफल आयोजन किया है तथा उनके नेतृत्व में राजस्थान विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राजस्थान के व्यक्ति में उद्यमिता के गुण जन्म से ही मौजूद- केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान केवल पूंजी निर्माता ही नहीं बल्कि नॉलेज बेस्ड इकोनोमी है। यहां आईआईटी, आईआईएम, एम्स सहित सभी विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश को जॉब सीकर्स से ज्यादा जॉब क्रिएटर्स की जरूरत है। लेकिन राजस्थान के व्यक्ति को उद्यमिता सिखाने की जरूरत नहीं है उसमें यह खूबी जन्म से ही होती है। उन्होंने कहा कि जैसे खाड़ी देश विश्व अर्थनीति के केन्द्र हैं, वैसे ही भविष्य में जयपुर-जैसलमेर दुनिया के अर्थनीति के केन्द्र बनना तय हैं तथा यह समिट इसको दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधान ने कहा कि मुझे बताया गया है कि इस समिट में ऊर्जा के क्षेत्र में सर्वाधिक एमओयू साइन हुए हैं जोकि एक प्रोग्रसिव पहल है। दुनिया में ऊर्जा की खपत अमरीका और चीन के बाद भारत में सर्वाधिक होती है। उन्होंने कहा कि भारत भविष्य में ग्रीन एनर्जी तथा न्यू एनर्जी भी सृजित करेगा तथा राजस्थान इस क्षेत्र में लीडर पॉजिशन पर आ गया है। यहां हुए निवेशों से लोगों को संसाधन मिलेंगे, आय का सृजन होगा तथा आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी जिससे पूरा राज्य विकास की दौड़ में अग्रणी बन सकेगा। श्री प्रधान ने कहा कि पहले बीमारू राज्य की श्रेणी में ‘आर’ राजस्थान को माना जाता था लेकिन अब वही ‘आर’ राजस्थान राइजिंग की तरफ बढ़ रहा है। राजस्थान नवाचार व निवेश का बना नया केंद्र-मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार राइजिंग समिट में हुए एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए पूरी शक्ति के साथ काम करेगी तथा अगले वर्ष 11 दिसंबर को इन सभी एमओयू के जमीन पर उतरने की कार्यवाही की समीक्षा कर जनता के सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान का आयोजन 2026 में फिर से होगा। उन्होंने कहा कि असीम संभावनाओं से भरपूर राजस्थान में उद्यमिता एवं विकास के शिखर को छूने की क्षमता है। राजस्थान नवाचार व निवेश आकर्षण के एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस समिट के माध्यम से 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए हैं। उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने की कई पहल— मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 11 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति, पांच नवीन औद्योगिक क्षेत्रों को भूखंड आवंटन, रीको द्वारा 8 औद्योगिक क्षेत्र नियोजित किए गए हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर लाने के लिए हम अगले तीन साल में जीआई टैग की संख्या को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जीआई टैग वाले उत्पाद गांव से ग्लोबल की तरफ बढ़ेंगे जो यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी विरासत भी’ विजन को साकार करेंगे। राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 सहित 10 नीतियों से निवेश को मिलेगा बढ़ावा—  शर्मा ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग प्रदेश के औद्योगिक ढांचे की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र राजस्थान की जीएसडीपी में करीब 25 प्रतिशत योगदान दे रहा है। साथ ही, निर्यात में भी अहम भूमिका निभा रहा है। ये उद्योग समावेशी आर्थिक विकास, इनोवेशन और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति-2024 एवं अन्य 9 नीतियां जारी की हैं। नए उद्यमियों को निर्यातक बनाने के लिए नई निर्यात नीति— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘निर्यात वृद्धि, सर्व समृद्धि’ में विश्वास करती है जो निर्यातकों की समृद्धि और उनके सशक्तीकरण पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान निर्यात संवर्धन नीति 2024 जारी की है। इसके तहत मुख्यमंत्री निर्यात वृद्धि अभियान में नए उद्यमियों को निर्यातक बनाने के लिए निर्यात प्रक्रिया एवं दस्तावेजीकरण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। श्री शर्मा ने कहा कि एकीकृत क्लस्टर विकास योजना 2024 के माध्यम से हमने कच्चे माल के बैंक स्थापित कर हस्तशिल्पियों, बुनकरों और हथकरघा क्लस्टरों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद नीति 2024 लागू कर वोकल फोर लोकल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यह नीति हमारी पारंपरिक कला के संरक्षण और विकास में भी मददगार होगी। मुख्यमंत्री ने किया सभी का धन्यवाद— मुख्यमंत्री ने एतिहासिक आयोजन के लिए सभी मंत्रिगण, निवेशकों, उद्योगपतियों, अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि समिट में विशेषज्ञों द्वारा आए नए आइडियाज से राजस्थान के भविष्य को उज्ज्वल एवं मजबूत बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार राजस्थान राइजिंग के साथ रिलायबल एवं रिसेप्टिव भी है जो खुद को रिफाइन करना भी जानता है। मोदी जी के राइजिंग राजस्थान के उद्घाटन सत्र में दिए गए वक्तव्य से टीम राजस्थान को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि राजस्थान पहले केवल पर्यटन के लिए जाना जाता था। लेकिन अब इस समिट के सफल आयोजन से प्रदेश उद्योग क्षमताओं के … Read more

राज्य का बुनियादी ढांचा मजबूत कर रही सरकार: भजनलाल, राजस्थान-जयपुर में ’इन्फ्रास्ट्रक्चर-एन इम्पोर्टेन्ट लिंक इन द सप्लाई चेन’ सेशन में पहुंचे गडकरी

जयपुर। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। उनके इस संकल्प को साकार करने तथा भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन की बनाने के लिए केन्द्र सरकार कार्य कर रही है। गडकरी मंगलवार को जेईसीसी में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत आयोजित ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर-एन इम्पोर्टेन्ट लिंक इन द सप्लाई चेन’ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए पानी, ऊर्जा, परिवहन और संचार मूलभूत आवश्यकताएं हैं। इन चारों क्षेत्रों को विकसित करने से देश-प्रदेश की प्रगति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर श्री गडकरी ने राजस्थान को कई सौगातें देते हुए 30 हजार करोड़ रुपये लागत की 800 किमी. लम्बी 9 परियोजनाओं की घोषणा की। इन परियोजनाओं में 6500 करोड़ रु. की लागत से उत्तरी जयपुर रिंग रोड, 6800 करोड़ रु. की लागत से कोटपूतली से आगरा ग्रीनफील्ड हाइवे, 12 हजार करोड़ रु. की लागत से जयपुर-किशनगढ़-जोधपुर से अमृतसर ग्रीनफील्ड हाइवे निर्माण, 538 करोड़ रु. की लागत से पाली में रायपुर से जस्साखेड़ा तक एलीवेटेड रोड, 1400 करोड़ रु. की लागत से नागौर से नेत्रा तक सड़क निर्माण, 500 करोड़ रु. से सीकर-लक्ष्मणगढ़-फतेहपुर में बाइपास, 1400 करोड़ रु. की लागत से झुन्झुनूं-चिड़ावा-सिंघाना-पचेरी सड़क निर्माण, 600 करोड़ रु. की लागत से सिंघाना-खेतड़ी-जसरापुर-नगलीसलेदी-भाटीवाड़ सड़क निर्माण, 400 करोड़ रु. की लागत से कुंडल-झाड़ौद खण्ड के भू-स्खलन क्षेत्र में सुधार कार्य शामिल हैं। डबल इंजन की सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे की बदल रही तस्वीर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, सिंचाई परियोजना और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हमारी डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से राज्य के बुनियादी ढांचे की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुनियादी सड़क तंत्र को विकसित करने में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का भी विशेष सहयोग है। प्रदेश के मरुस्थलीय क्षेत्र में 2 हजार किलोमीटर लंबाई के राजमार्गों का निर्माण तथा कई कस्बों और शहरों में बाइपास एवं रिंग रोड का निर्माण कर यातायात को सुगम बनाया है। राज्य में 3 लाख किलोमीटर से अधिक लंबा रोड नेटवर्क श्री शर्मा ने कहा कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे का 58 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में है, इसलिए भारत के 40 प्रतिशत बाजार तक प्रदेश की सीधी पहुंच है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां भारत का तीसरा सबसे बड़ा हाईवे नेटवर्क है, जो देश के प्रमुख शहरों और औद्योगिक केंद्रों को सीधे जोड़ता है। आज राजस्थान में 3 लाख किलोमीटर से अधिक लंबा रोड नेटवर्क है। सड़क निर्माण, रेल नेटवर्क और हवाई संपर्क का किया जा रहा विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में देश का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। 6 हजार किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क राज्य में और राज्य के बाहर माल ढुलाई को आसान बना रहा है। साथ ही, जयपुर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित प्रदेश में 7 हवाई अड्डे हैं। हम हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क परिवहन के विभिन्न माध्यमों को जोड़कर लॉजिस्टक्स को आसान बना रहे हैं। हमारे राज्य में 8 इनलैंड कंटेनर डिपो हैं, जो कार्गों हैंडलिंग में मदद देने के साथ बंदरगाहों पर दबाव कम कर रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार 53 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कर रही है। साथ ही, प्रदेश में पहली बार 2 हजार 750 किलोमीटर लंबे 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव, प्रमुख शासन सचिव, सार्वजनिक निर्माण श्री प्रवीण गुप्ता, बीसीडी ग्रुप के सीईओ श्री अशविंदर आर. सिंह सहित बड़ी संख्या में सार्वजनिक निर्माण उद्योग से जुड़े निवेशक एवं उद्यमी उपस्थित रहे। recent visitors 120