इंदौर की तरफ से छह लेन सड़क का काम शुरू, सिंहस्थ के समय मिलेगी ट्रैफिक मेें राहत

इंदौर इंदौर से उज्जैन के बीच 50 किलोमीटर लंबाई में छह लेन सड़क का काम शुरू हो चुका है। अब इंदौर शहर की सीमा में भी छह लेन के हिसाब से सड़क के बेस के लिए काम चल रहा है। सांवेर के समीप पुरानी पुलिया को भी चौड़ा करने के लिए शेड लगा दिए गए है। ज्यादातर काम सड़क निर्माण कंपनी रात के समय कर रही है,क्योकि तब ट्रैफिक कम रहता हैै। इंदौर मेें अरविंदो अस्प्ताल से सड़क बनेगी,क्योकि यहां तक छह लेन ब्रिज की भुजा उतरेगी। छह लेन सड़क बनने के बाद 50 किलोमीटर की दूरी 40 से 50 मिनट में तय हो जाएगी। फोरलेन को छह लेन करने में सरकार को ज्यादा परेशानी नहीं आएगी,क्योकि दस साल पहले जब सड़क फोरलेन की गई थी। तब छह लेन के हिसाब से जमीन का अधिगृहण कर लिया था। चार गांवों में बाधक निर्माणों को तोड़ा जाएगा। यह सड़क उज्जैन में महाकाल गेट तक बनेगी। फिलहाल सांवेेर,रिंगनोद, निनौरा मेें काम तेजी से चल रहा है। उज्जैन की सीमा पर भी फोरलेन के दोनो तरफ एक-एक लेन के लिए खुदाई कर जमीन को समतल किया जा रहा है। यहां र्मुरम भी बिछाई जा रही है। ढाई साल मेें काम पूरा होगा   इस सड़क के निर्माण पर डेढ़ हजार करोड़ रुपये सरकार खर्च कर रही है। इस मार्ग पर तीन बड़े ब्रिज और छह अंडरपास बनाए जाएंगे। चार माह पहले राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया था। इस प्रोजेक्ट का निर्माण वर्ष 2028 में होगा। उसके बाद उज्जैन में सिंहस्थ मेला लगेगा। तब इंदौर से उज्जैन के लिए एक लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही होगी। उस ट्रैफिक के लिए छह लेन सड़क मददगार साबित होगी। अभी इंदौर से उज्जैन के बीच 25 हजार वाहनों की आवाजाही होती है। इस सड़क के अलावा पीडब्लूडी हातोद, चंद्रवतीगंज से उज्जैन तक फोरलेन सड़क बनाएगा। यह सड़क चिंतामण गणेश मंदिर तक बनेगी। उसके निर्माण से उज्जैन के लिए एक और रुट मिल जाएगा। देवास से भी उज्जैन के बीच भी सड़क को फोरलेन किया जा रहा है।     recent visitors 43

रीवा राजमार्ग पर महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों का दबाव

 रीवा सड़क मार्ग से प्रयागराज जाने के लिए सबसे ज्यादा ट्रैफिक रीवा की तरफ के राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिल रहा है। रीवा से प्रयागराज की दूरी 133 किलोमीटर है,लेकिन उसे तय करने में पांच से सात घंटे लग रहे है। वाहनों की एंट्री तो शुरू हो गई, लेकिन वाहनों को स्पीड ज्यादा नहीं मिल रही है। रीवा वाले रुट पर महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों का दबाव है। प्रयाग राज जाने वाले कई यात्री ट्रेन से रीवा आ रहे, फिर यहां से टैक्सी किराए पर लेकर प्रयागराज जा रहे है। कैब टैक्सी छह से आठ हजार रुपये में प्रयागराज की ट्रीप करा रही है, लेकिन ट्रैफिक जाम होने पर यात्रियों को ज्यादा कीमत भी चुकाना पड़ रही है। ट्रेवल एजेंसी संचालक फरीद खान का कहना है कि शाम से ट्रैफिक तो बहाल हो गया, लेकिन बीच-बीच में ट्रैफिक जाम मिल रहा है। 130 किलोमीटर की दूरी पांच घंटे में तय हो रही है। इतना ही समय प्रयागराज से आने में लग रहा है। प्रयागराज बाइपास से यदि वाहन भीतर ले जाते है तो समय और ज्यादा लगता है। इस कारण यात्रियों को हम बाइपास पर उतार कर इंतजार करते है। कई लोग ट्रैफिक से बचने के लिए चित्रकूट के घने जंगल वाले सिंगल रोड को भी अपना रहे है। सतना, मणिकपुर से मिल रही मेला स्पेशल ट्रेन प्रयागराज तक जाने के लिए रेल विभाग ने 300 से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेन चलाई है। मध्य प्रदेश के यात्रियों को सतना, झांसी, कटनी से प्रयागराज तक के लिए रेल गाड़ी मिल रही है, हालांकि ट्रेनों में भीड़ भी मिल रही है, लेकिन कोशिशों के बाद ट्रेनों में यात्रियों को जगह भी मिल रही है।   recent visitors 48

उज्जैन शहर की सड़कें चौड़ी करने में 50 से ज्यादा धर्मस्थल प्रभावित होंगे

उज्जैन एमपी में सड़कें चौड़ी करने का काम किया जा रहा है। उज्जैन में तो इसके लिए बाकायदा अभियान चलाया जा रहा है। सड़क चौड़ी करने के लिए यहां पहली बड़ी कार्रवाई जब रास्ते में आ रहे एक स्कूल को मार्ग से हटाया गया। अब धर्मस्थल को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। शहर भर की सड़कें चौड़ी की जानी है जिसमें 50 से ज्यादा धर्मस्थल प्रभावित होंगे। सड़कें चौड़ी करने के लिए ऐसे धर्मस्थलों को भी पीछे हटाया जाएगा। उज्जैन में 2028 में आयोजित सिंहस्थ यानि कुंभ मेले के लिए ये कवायद की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार धर्मस्थलों के बढ़े हिस्से को हटाया जाएगा या फिर कहीं ओर शिफ्ट भी किया जा सकता है।  उज्जैन में हो रहे रोड निर्माण और चौड़ीकरण के काम में पहली बड़ी कार्रवाई हुई है। कोठी रोड रोड से उद्योगपुरी की ओर मार्ग में आ रहे एक सरकारी स्कूल को शिफ्ट किया गया है। इसी के साथ स्कूल को तोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। वहीं रास्ते में आने वाले एक धर्मस्थल को भी पीछे किए जाने की कार्रवाई होगी। नगर निगम द्वारा प्रशासनिक संकुल भवन के पास से सड़क को 18 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। निगम ने यह काम भी शुरू कर दिया है। रास्ते में शासकीय प्राथमिक विद्यालय कोठी रोड का भवन और इसी के आगे एक धर्मस्थल भी आ रहा है। दोनों को हटाए बिना रोड चौड़ी करना संभव नहीं है। लिहाजा पहली कार्रवाई करते हुए शासकीय स्कूल को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने सरकारी स्कूल को हटाते हुए शासकीय प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर में शिफ्ट करने के आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर के आदेश के बाद निगम की ओर से स्कूल भवन तोडऩे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अगले दिनों में मार्ग में आ रहे धर्मस्थल को भी पीछे करने की कार्रवाई भी होगी। एक-दो दिन में होगा फैसला बताते हैं कि मार्ग में आने वाले धर्मस्थल को लेकर एक-दो दिन में निर्णय लिया जाएगा। निगम व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा धर्मस्थल से जुड़े स्टेक होल्डर से चर्चा भी कर ली गई है। अधिकारी बता रहे हैं कि जितना धर्मस्थल है, उससे ज्यादा निर्माण कर लिया गया है। ऐसे में धर्मस्थल के बढ़े हिस्से को हटाया जाएगा या फिर कहीं ओर शिफ्ट भी किया जा सकता है। 52 धर्मस्थल होंगे प्रभावित शहर की सड़क चौड़ी करने के काम में मार्ग में बने करीब 52 धर्मस्थल प्रभावित होंगे। इसमें गाड़ी अड्डा से निकास चौराहा व केडी गेट होते हुए बड़ी पुलिया तक 19 धर्मस्थल, खजूरवाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक 10, वीडी क्लॉथ मार्केट से दानीगेट होते हुए छोटी पुलिया तक 11, कोयलाफाटक से सतीगेट होते हुए गोपाल मंदिर तक 11, निकास चौराहे से कंठाल चौराहे तक 02 तथा गदा पुलिया से रविशंकर नगर होते हुए लालपुल तक 5 धर्मस्थल शामिल हैं। अगले दिनों में प्रशासनिक अधिकारी स्टेक होल्डर से चर्चा कर उचित निर्णय लेंगे। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव बताते हैं कि कोठी रोड पर चौड़े किए जा रहे मार्ग में आ रहे सरकारी स्कूल को तोड़ा जा रहा है। इसे शिफ्ट करने के आदेश कलेक्टर ने जारी कर दिए है। धर्मस्थल को लेकर भी चर्चा की जा रही है। recent visitors 44

इंदौर में मास्टर प्लान की 23 सड़कें बनेगी, 8 पर पहले फोकस

इंदौर  मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में निगमायुक्त शिवम वर्मा ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में मास्टर प्लान के पहले चरण में बनने वाली 8 सड़कों के निर्माण कार्य की समीक्षा की। इस दौरान अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी मौजूद रहे। वर्मा ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत 23 सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है।  बिचौली हप्सी से भूरी टेकरी होते हुए नायता मुंडला तक का कार्य जारी है। प्रथम चरण में 8 सड़कों के लिए सेंट्रल लाइन डालने, नोटिस जारी करने संबंधी कार्य इस सप्ताह से शुरू कर दिए जाएंगे। इसके अलावा देवगुराडिया स्थित 500 टीडीपी बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी करने, प्लांट के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने, इस प्लांट के अत्याधुनिकरण करने, मुख्य मार्गों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदने को लेकर चर्चा हुई। 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे महापौर ने बताया कि इन सड़कों के निर्माण पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह पैसा केंद्र सरकार ने पहले ही इंदौर नगर निगम के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। हमने केंद्र सरकार से 14 अन्य सड़कों के लिए भी 400 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है। हम इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेंगे। इन 8 सड़कों का होगा काम -सुभाष मार्ग (गोल मंदिर से रामबाग पुल तक): लंबाई 1300 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर। -लिंक रोड (एमआर-10 से एमआर-12 तक): लंबाई 1800 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर। -एमआर-5 (बड़ा बांगड़दा से पीएमएवाय मल्टी तक): लंबाई 1700 मीटर, चौड़ाई 24 मीटर। -भमोरी चौराहे से एमआर-10 व राजशाही गार्डन से होटल वॉच तक: लंबाई 1100 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर। -वीर सावरकर प्रतिमा से अटल गेट तक: लंबाई 1310 मीटर, चौड़ाई 18 मीटर। एडवांस एकेडमी से रिंग रोड तक: लंबाई 3650 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर। जमजम चौराहे से स्टार चौराहा तक: लंबाई 1920 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर। खजराना मंदिर द्वार से जमजम चौराहा तक: लंबाई 1120 मीटर, चौड़ाई 18 मीटर। बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ेगी, अतिरिक्त जमीन भी देंगे बैठक में एशिया के सबसे बड़े 500 टीडीपी क्षमता वाले बायोमिथेन प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 800 टीडीपी करने और इस प्लांट को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने, प्लांट के लिए अतिरिक्त जमीन देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। 24 मीटर या इससे चौड़ी सड़क पर बेच सकेंगे टीडीआर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि बैठक में टीडीआर सर्टिफिकेट पोर्टल के माध्यम से जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। मास्टर प्लान की 23 सड़कों सहित अन्य सड़कें जहां नगर निगम ने चौड़ीकरण के लिए निजी जमीन ली है, वहां जमीन मालिकों को ट्रांसफरेबल डेवलमेंट राइट्स (टीडीआर) सर्टिफिटेक जारी किए जाएंगे। recent visitors 44

निमाड़ के विकास में आएगी बहार, एनएचएआई ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन

 खंडवा महाराष्ट्र और गुजरात को जोड़ने के लिए एनएच 347 प्रस्तावित किया गया है। जिसके निर्माण की शुरुआत मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से हो चुकी है। एनएचआई के द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। जिसके चलते अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत खंडवा से खरगोन के लिए फोरलेन प्रस्तावित है। इसके बाद वहां से गुजरात सीधा जुड़ जाएगा। एनएचएआई ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन एनएचएआई (NHAI) की परियोजना क्रियान्वयन ईकाई, खंडवा से जारी पत्र के अनुसार, भूमि अधिग्रहण से संबंधित धारा 3-ए की अधिसूचना को भारत सरकार के राजपत्र में 23 जनवरी 2025 को प्रकाशित कर दिया है। इसी के तहत प्रभावित क्षेत्रों की जमीन को अधिग्रहण के लिए चिन्हित कर लिया गया है। इससे प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों को 21 दिन के अंदर आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया है। निमाड़ के विकास में आएगी बहार नेशनल हाईवे 347 के चौड़ीकरण से यातायात आर्थिक और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इस कार्य के पूरे होने पर खंडवा, भीकनगांव से लेकर खरगोन के ग्रामीण इलाकों तक बेहतर रोड कनेक्टिविटी हो जाएगी। जिससे परिवहन की सुविधाओं के साथ-साथ औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। प्रक्रिया के पूरा होते ही नेशनल हाईवे का निर्माण शुरु हो जाएगा। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं कि जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी प्रकार की कोई बाधा न आए। साथ ही किसानों का ध्यान रखते हुए उचित मुआवजे की व्यवस्था की जाए। recent visitors 45

प्रदेश में बिछेगा सड़कों का जाल, NH के लिए नितिन गड़करी ने दी 414 करोड़ रुपए की सौगात

भोपाल  मध्यप्रदेश के विकास को गति प्रदान करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 414 करोड़ 84 लाख रुपए मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और उन्नयन के लिए दी गई स्वीकृति के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस स्वीकृति से सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के महत्वपूर्ण कार्य होंगे। निश्चित ही शिवपुरी और अशोक नगर के साथ अन्य जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश के विकास को गति मिलेगी और नागरिकों को सुगम यातायात सुविधा मिल जाएगी। 414 करोड़ 84 लाख रुपए की दी स्वीकृति उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश के शिवपुरी और अशोक नगर जिलों में चंदेरी, बामोर कलां, अचरोनी और चंदेरी लिंक बायपास सहित राष्ट्रीय राजमार्ग-346 के खंड (कुल लंबाई 55.80 किमी) चंदेरी-पिछोर रोड के पेव्ड शोल्डर के साथ 2-लेन के उन्नयन और निर्माण के लिए 414 करोड़ 84 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-346 (कुल लंबाई 334.55 किलोमीटर) झारखेड़ा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-46 आगरा के साथ अपने जंक्शन से शुरू होता है मुंबई रोजड जो बैरसिया (SH-23), विदिशा (NH-86 एक्सटेंशन), कुरवाई (SH-14), मुंगावली, चंदेरी, पिछोर को जोड़ता है और राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर दिनारा में समाप्त होता है। MP-UP Inter-State Connectivity होगी प्रस्तावित परियोजना का विस्तार प्रदेश के शिवपुरी और अशोक नगर जिलों से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में ऐतिहासिक चंदेरी किला और स्थानीय वस्त्र शिल्प कला केंद्र अशोक नगर जिले में स्थित हैं। यह खंड चंदेरी, गोधन, बुढ़ानपुर, बिजरावां, नया गांव, पिपरा अछरौनी, शिवपुरी, हीरापुर, नायगांव और सुजवाहा गांवों से होकर गुजरता है और उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से अंतर्राज्यीय-कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान करता है। पहले भी साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए हुए है मंजूर परियोजना के क्रियान्वयन से इस खंड पर यातायात सघनता कम होगी और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई और एक महत्वपूर्ण स्वीकृति भोपाल-कानपुर इकोनामिक कॉरीडोर को फोरलेन में अपग्रेड करने के लिए भी प्रदान की जा चुकी है। recent visitors 57

जून 2025 तक पूरा हो जायेगा सड़क निर्माण का पहला चरण, बनेंगी 1284.29 किमी लम्बी 1035 सड़कें

भोपाल गांव-गांव तक पहुंच सड़क प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में केन्द्र सरकार प्रदेश के 24 जिलों में निवासरत 3 विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की सभी बसाहटों तक एप्रोच रोड तैयार कर रही हैं। केन्द्र सरकार द्वारा पीएम जन-मन में प्रदेश की चिन्हित कुल 1295 पीवीटीजी बसाहटों में कुल 1284.29 किलोमीटर लम्बाई वाली 1035 सड़कें मंजूर की गई है। गांव-गांव तक कुल 1050 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली इन सम्पर्क सड़कों का निर्माण कार्य 5 चरणों में पूरा किया जायेगा। पहला चरण जून 2025 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य तय किया गया है। पहले चरण में 235 करोड़ रूपये की लागत से 295 किमी लम्बी 125 सड़कें बनाई जा रही है। इन पर काम तेजी से जारी है। पहले चरण के ही दूसरे भाग में 150.72 करोड़ रूपये की लागत से 180.29 किमी लम्बी 40 सड़कें बनाई जानीं है। इनके लिये निर्माण एजेंसी तय कर दी गई हैं। दूसरे चरण में 112.69 करोड़ रूपये लागत से 152 किमी लम्बी 60 सड़कें बनाई जायेंगी। तीसरे चरण 162 करोड़ रूपये की लागत से 216 किमी लम्बी 86 सड़कें निर्मित की जायेंगी। चौथे चरण में 187.74 करोड़ रूपये से 254 किमी लम्बी 97 सड़कें तथा 5वें चरण में 801 करोड़ रूपये लागत से 1187 किमी लम्बाई वाली 627 सड़कें तैयार की जायेंगी। पीएम जन-मन अभियान में सभी गांव-गांव पहुंच सड़़कें प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ाभागके अधीन निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (एमपी आरआरडीए) द्वारा बनाई जायेंगी। निर्माण एजेंसी एमपी आरआरडीए द्वारा पहले चरण में मंजूर हुईं। सभी सड़कें जून 2025 तक निर्मित कर लेने के लिये तेजी से कार्य किया जा रहा है। दूसरे, तीसरे, चौथे एवं 5वें चरण में स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य भी हर हाल में वर्ष 2025 के अंत तक पूरा कर लेने के लिये निर्माण एजेंसी ने ठोस तैयारी कर ली है। recent visitors 190