स्कूल चलें हम अभियान में सीडब्ल्यूएसएन बच्चों का हो रहा है चिन्हांकन

भोपाल प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों 'चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स' (सीडब्ल्यूएसएन) की समावेशित शिक्षा का क्रियान्वयन राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जिला शिक्षा केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा है। चिन्हांकित बच्चों की प्रविष्टि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रबंध पोर्टल पर की जा रही है। प्रविष्टि के बाद इन बच्चों को उनकी आवश्यकता अनुसार सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। विशेष अभियान के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में एक लाख 43 हजार 439, वर्ष 2023-24 में एक लाख 31 हजार 85 सीडब्ल्यूएसएन बच्चों का चिन्हांकन किया गया। वर्ष 2024-25 में चिन्हित बच्चों की प्रविष्टि का कार्य अंतिम चरण में है। ब्रेल लिपि की पाठ्य-पुस्तकों का वितरण प्रदेश में चिन्हित किये गये सीडब्ल्यूएसएन बच्चों को भोपाल की शासकीय ब्रेल प्रेस के माध्यम से ब्रेल लिपि में मुद्रित पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। राज्‍य के 322 विकासखंडों में आईईडी संस्थान तैयार कराये गये हैं। वर्ष 2024-25 में प्रत्येक जिले की एक शाला, जहां सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास के दिव्यांग बच्चे अध्ययनरत हैं, वहां संसाधन केन्द्र तैयार कराने की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण प्रदेश में दिव्यांग बच्चों को परिवहन भत्ता और स्टायफंड समेत अन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन बच्चों की शिक्षण व्यवस्था से लगे स्त्रोत सलाहकारों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई है। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों, जिला परियोजना समन्वयकों एवं डाइट के प्राचार्यों का उन्मुखीकरण किये जाने के लिये विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किये गये। दिव्यांग बच्चों के चिकित्सीय मूल्यांकन के बाद उनकी आवश्यकता के उपकरण वितरण की कार्यवाही भी की गई। दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास के लिये खेल-कूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी वर्ष 2024-25 में नवम्बर-दिसम्बर माह में संपन्न कराये गये। सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के बच्चों में ऐसे बच्चे जिन्हें गृह आधारित शिक्षा की आवश्यकता है, उन्हें 3 हजार 500 रूपये प्रति बच्चे के मान से टीएलएम किट प्रदान की गई। वर्ष 2025-26 में सीडब्ल्यूएसएन बच्चों की मदद के लिये निर्देश प्रदेश में नया शैक्षणिक-सत्र एक अप्रैल 2025 से शुरू हो गया है। विशेष आवश्यकता वाले (सीडब्ल्यूएसएन) बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए 'स्कूल चलें हम' अभियान में इन बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश मैदानी अमले को दिये गये हैं। सर्वेक्षण के बाद इन बच्चों की शिक्षा एवं उनसे जुड़े संसाधनों को पूरा करने के लिये कार्य-योजना तैयार की जायेगी।   recent visitors 48

सीएम राइज स्कूल के छात्रों को मिलेगी बड़ी सौगात, मिलेगी स्कूल बस सेवा, महंगे वेन और ऑटो से मुक्ति

जबलपुर जिले के सीएम राइज स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। इन स्कूलों में बस सेवा शुरू की जाएगी। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। बसों के संचालन के लिए जिले से बाहर की एजेंसी आई हैं। 12 एजेंसियों ने दिखाई रुचि निविदा की प्रक्रिया संभागीय संयुक्त संचालक जबलपुर संभाग के माध्यम से की गई। 12 एजेंसियों ने बस के संचालन के लिए इच्छा जताई है। विभाग एजेंसी के मापदंडों की जांच कर रहा है। इस पखवाडे़ में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बसों के संचालन की जवाबदारी संबंधित स्कूल के प्राचार्य की होगी। रूटों का निर्धारण अभी नहीं किया गया है। विदित हो कि एक साल पहले भी यही कवायद की गई थी लेकिन केवल दो एजेंसियों ने ही इसमें रुचि दिखाई थी। 50 बसों का होगा संचालन जिले के दस सीएम राइज स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इन स्कूलों में सीएम राइज स्कूल कन्या करौंदीग्राम, सीएम राइज स्कूल मेडिकल, सीएमराइज स्कूल अधारताल के अलावा सीएम राइज स्कूल कुंडम , सिहोरा, सिंगौद, शहपुरा, पाटन व सीएमराइज स्कूल मझौली शामिल है। इसके लिए करीब 50 बसों को चलाया जाएगा। CM Rise school : सीएम राइज स्कूलों में बसों के संचालन के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया कर ली गई है। इस माह तक सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया जाएगा।     प्राचीश जैन, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा recent visitors 49

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई

प्रदेश में हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में करियर काउंसलिंग की सुविधा कक्षा 9वीं एवं 11वीं में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो पाये, अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उसी कक्षा में प्रवेश के लिये काउंसलिंग प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई कौशल विकास की प्रमुख दो योजना भोपाल प्रदेश में शासकीय हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिये करियर काउंसलिंग एवं गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उचित चयन श्रेष्ठ करियर कार्यक्रम में कक्षा 9वीं एवं 11वीं में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो पाये हैं। उनके अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उसी कक्षा में प्रवेश के लिये काउंसलिंग की जा रही है। ऐसे विद्यार्थी जो आगे की पढ़ाई निरंतर नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें हार के आगे जीत कार्यक्रम में आईटीआई पाठ्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी देकर उन्हें व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस कार्य के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर और करियर काउंसलर की सेवा लेने के लिये कहा गया है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना इस योजना में आवेदकों को अपनी ग्राम पंचायत ग्राम रोजगार सेवक के साथ दाखिला लेने की आवश्यकता है। आवेदक को ट्रेनिंग सेंटर के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके लिये आवेदक को आवश्यक पहचान-पत्र, इनमें मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड एवं अन्य जानकारी रोजगार सेवक को देनी होगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण के बाद ऋण उपलब्ध कराने में आवेदक को पूरी मदद दी जायेगी। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। इस योजना में 3 माह, 6 माह और एक साल के लिये युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। कौशल संबंधी कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिये जाने का प्रावधान है। यह सर्टिफिकेट पूरे देश में मान्य होता है। इस योजना में भी प्रशिक्षण के बाद ऋण प्राप्त करने की सुविधा है। इस योजना में केन्द्र सरकार ने कई टेलिकॉम कंपनियों को इस कार्य के लिये अपने साथ जोड़ रखा है। मोबाइल कंपनियां इस कार्यक्रम से जुड़े लोगों को मेसेज करके एक फ्री टोल नंबर देंगी, जिस पर केंडिडेट को मिस्ड कॉल देना होगा। मिस्ड कॉल के तुरंत बाद आवेदक के पास एक नंबर से कॉल आयेगा, जिससे बाद आवेदक इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) सुविधा से जुड़ जायेगा। इस प्रक्रिया के बाद आवेदक को उसके निवास के आस-पास ट्रेनिंग सेंटर से जोड़ा जायेगा। केन्द्र सरकार का कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय अब तक एक करोड़ 50 लाख से अधिक युवाओं का कौशल उन्नयन कर चुका है। इस योजना में युवाओं को कन्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, हार्डवेयर, फुड प्रोसेसिंग, फर्नीचर, हेन्ड्रीक्रॉफ्ट, जेम्स और जूलरी समेत 40 क्षेत्र की ट्रेनिंग दिये जाने की सुविधा है। स्कूल शिक्षा विभाग के इस कार्यक्रम के लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिये गये हैं।   recent visitors 43

जबलपुर में प्रिंसिपल की भगवान राम पर टिप्पणी को लेकर बवाल, हिंदू संगठन ने स्कूल में किया पथराव

 जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर के विजय नगर स्थित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को हिंदू संगठनों ने हंगामा किया। दरअसल, हिंदू नेताओं का आरोप है कि स्कूल के प्रिंसिपल ने भगवान राम को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वाट्सएप पर आपत्तिजनक पोस्ट की है। इस घटना के खिलाफ हिंदू संगठनों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि स्कूल संचालक माफी मांगे। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन स्कूल संचालक के खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं करेगा तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 3 घंटे बाद पुलिस की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। ईसाई धर्मगुरु की पिटाई के बाद विवाद दरअसल, सोमवार की दोपहर को धर्मांतरण की आशंका में हिंदूवादी संगठनों ने मंडला से भंवरताल पार्क से आए कुछ महिलाओं और बच्चों को रोककर उन्हें जबरन बस में बैठाया और फिर वापस भेजने लगे। इस दौरान कुछ हिंदूवादी संगठनों ने रांझी के पास बस में बैठे यात्रियों को उतारकर थाने पहुंचा दिया। करीब तीन घंटे तक हंगामा चला। इसके बाद जब बातचीत करने के लिए ईसाई धर्मगुरु पहुंचे तो थाने में मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट कर दी। स्कूल के संचालक अखिलेश मेबन ने थाने में हुए हंगामे का वीडियो अपने मोबाइल स्टेटस पर लिखते हुए…भगवान राम को लेकर टिप्पणी की थी। सोशल मीडिया के जरिए जब हिंदू संगठनों तक यह जानकारी पहुंची तो उन्होंने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। विरोध कर रहे लोगों ने स्कूल में की तोड़फोड़ इसके अलावा हिंदू नेताओं ने स्कूल परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की और स्कूल के दीवारों पर मैला भी फेंका। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास भी किया। वहीं, विरोध कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। हिंदू संगठन की मांग है कि वो इस मामले पर स्कूल प्रशासन से बातचीत करना चाहते हैं। हालांकि, कोई भी इस मामले में अभी खुलकर नहीं बोल रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल में फेंका कीचड़ हिंदू संगठन के कार्यकर्ता स्कूल में कीचड़ लेकर पहुंचे। यहां पुलिस और स्कूल का स्टाफ तैनात था, तभी प्रदर्शनकारियों ने कीचड़ से भरी पॉलीथिन स्कूल के अंदर फेंकी, जिन्हें कि मौके पर तैनात पुलिस ने रोका। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल की दीवार पर भी कालिख पोतकर अपना विरोध जताया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता संजय तिवारी का कहना है कि फेसबुक स्टेटस में स्कूल के संचालक ने स्टेटस लगाया है, जिसमें उन्होंने भगवान राम को अपशब्द कहे है। जिसके विरोध में बजरंग दल प्रदर्शन कर रहा है। इधर, ईसाई समुदाय ने एसपी ऑफिस घेरा इससे पहले रांझी थाना परिसर में फादर जार्ज डेविस को पीटने के मामले में ईसाई समुदाय के लोगों ने मंगलवार को एसपी ऑफिस का घेराव कर दिया। दो घंटे तक हंगामा चला। हंगामे की सूचना पर ओमती समेत सिविल लाइन, बेलबाग की थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जिन लोगों ने फादर के साथ मारपीट की थी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत ही गिरफ्तार किया जाए। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। recent visitors 40

शिक्षा सत्र 2025-26 आज से शुरू हो गया, प्रवेश उत्सव के तहत अलग-अलग आयोजन हुए

 इंदौर  शिक्षा सत्र 2025-26 मंगलवार से शुरू हो गया। सुबह तय समय 10.30 बजे स्कूल खुले। आने वाले विद्यार्थियों को तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रवेश उत्सव के तहत अलग-अलग आयोजन हुए। इसके साथ ही स्कूल चलें हम अभियान भी शुरू हो गया, जो कि चार अप्रैल तक चलेगा। प्रवेश उत्सव का मुख्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम सीएम राइज अहिल्याश्रम कन्या उमावि-2 में सुबह 10 बजे से आयोजित हुआ। फ्री बुक्स, विशेष मिड डे मील प्राचार्य दीपक हलवे ने बताया है कि कार्यक्रम में महापौर, जनप्रतिनिधि, पालक, समाज सेवी शामिल हुए। सभी छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गाय। प्रवेश उत्सव के साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। नए नामांकन भी कराए जा रहे हैं। कक्षा एक से 8वीं तक सभी शालाओं में बालसभा का आयोजन किया गया। स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोजन दिया जाना है। हर दिन होंगे अलग आयोजन स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन स्कूलों में भविष्य से भेंट कार्यक्रम हुआ। जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिए बुलाया गया। तीसरे दिन स्कूल स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक और खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जाएगी। चौथे दिन ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जाएगा, जो फेल हो गए है। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए समझाइश दी जाएगी। recent visitors 49

अब स्कूल सुबह 7 से 11 बजे तक बच्चों की क्लास लगेगी, आदेश से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी

  बेमेतरा छत्‍तीसगढ़ में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। इसे देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया। बेमेतरा जिला प्रशासन ने स्कूलों की टाइमिंग को लेकर आदेश जारी किया है। जिसके तहत अब स्कूल अब सुबह 7 से 11 बजे तक बच्चों की क्लास लगेगी। इस आदेश से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। निजी और सरकारी स्कूलों में लागू होंगे नियम बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे ने जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के लिए शाला के संचालन के समय में परिवर्तन किया है। जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय शैक्षणिक संस्थाएं 1 अप्रैल से प्रात: 7 से लेकर 11 बजे तक लगेगी। एक ही पाली में लगने वाली समस्त शासकीय प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल सोमवार से शनिवार प्रात: 7:00 बजे से 11:00 तक लगा करेंगी। परीक्षा होगी दो पालियों ऐसी शालाएं जहां कक्षाएं दो पालियों में कक्षाएं संचालित होती है, वहां पर प्रथम पाली की कक्षाएं सुबह 7 से 11 तक तथा द्वितीय पाली की कक्षाएं 11 बजे से 3 तक लगा करेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे ने कहा है कि यह आदेश 1 से 30 अप्रैल 2025 तक लागू रहेगी। सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय इस समय सारणी का कड़ाई से पालन करेंगे। गर्मी दिखा रहा तेवर प्रदेश में सूर्य की तपिश तेज हो गई है। 28 मार्च को प्रदेश में राजनांदगांव सबसे ज्यादा गर्म हो रहा है। इस सीजन में अब तक यह तीसरी दफा है, जब राजनांदगांव सबसे अधिक तापमान रहा है। प्रदेश में सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 16.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भीषण गर्मी के चलते नदियों का जल स्तर गिर गया है। गर्मी के चलते असर स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूके चंद्रवंशी की माने तो इन दिनों बाहरी स्पाइसी और दूषित खाना से लोग वायरल हिपेटाइटिस का शिकार हो रहे हैं। इसलिए भोजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। recent visitors 40

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह की अध्यक्षता में हुई पाठ्यपुस्तक निगम की बैठक

स्कूलों में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए  शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही 'स्कूल चलें हम अभियान' की शुरूआत होगी स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह की अध्यक्षता में हुई पाठ्यपुस्तक निगम की बैठक भोपाल प्रदेश में इस वर्ष शालाओं में शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल 2025 से प्रारंभ किया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही 'स्कूल चलें हम अभियान' की शुरूआत होगी। पाठ्यपुस्तक निगम ने इस वर्ष सत्र शुरू होते ही शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकों की वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में बुधवार को हुई पाठ्यपुस्तक निगम की बैठक में दी गई। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे। संभाग स्तर के 8 डिपो के माध्यम से किताबों की व्यवस्था बैठक में बताया गया कि निगम का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षण सत्र शुरू होते ही अप्रैल माह में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो जायें। कक्षा एक से कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिये करीब 5 करोड़ 60 लाख पुस्तकें, एक करोड़ 2 लाख फाउंडेशनल लिटरेसी एण्ड न्यूमरेसी (एफएलएन) अभ्यास पुस्तिकाएं और करीब 26 लाख ब्रिज कोर्स की पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। बैठक में बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग के मैदानी अमले को बच्चों के बीच में पाठ्य पुस्तकों के वितरण की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। बैठक में निगम के आय-व्यय पत्रक और आगामी वर्ष 2025-26 के प्रस्ताव पर चर्चा कर अनुमोदन दिया गया।   recent visitors 39