उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संभाग स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिये स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को समन्वित प्रयास करना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य कार्यकर्ताएँ व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन करें तथा प्रतिमाह उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाय। उप मुख्यमंत्री ने कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में स्वास्थ्य सूचकांक, एएनसी पंजीयन व संस्थागत प्रसव सहित स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में सुधार की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला पूरी संवेदनशीलता के साथ घर-घर जाकर गर्भवती माताओं का शत-प्रतिशत पंजीयन करते हुए उन्हें प्रतिमाह व तिमाही में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएँ दें तथा उनकी जांच कराये ताकि वह महिलाएँ हाई रिस्क में न जा पाये। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क में यदि गर्भवती महिला पहुंचती है तो उसको समय समय पर उपचार दिया जाय। तदुपरांत उसका संस्थागत प्रसव कराकर सुरक्षित किया जाय। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के अनेक कार्य संचालित हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अस्पताल भवनों के निर्माण के साथ ही पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के कार्य प्राथमिकता से किये जा रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि मैदानी अमला पूरी निष्ठा से कार्य करें तथा जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी गंभीरता से मानीटरिंग करें व क्षेत्र का नियमित भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रतिमाह की 9 एवं 25 तारीख को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की मानीटरिंग की जाएं ताकि इसका अधिक से अधिक आउटपुट निकले। उप मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की कि गर्भवती महिलाओं के परिजनों को भी उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिये जागरूक किया जाएं जिससे जच्चा व बच्चा स्वस्थ्य रहे। उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से अपेक्षा की कि वह क्षेत्र का भ्रमण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की सतत मॉनिटरिंग करें।कमियों को दूर करने के लिये प्रयास करें। उन्होंने रीवा संभाग का व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति की नियमित जानकारी शेयर करने के भी निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की कि रीवा संभाग में समन्वित प्रयासों से शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में सफलता मिलेगी और इसकी लिये प्रतिमाह रिव्यू बैठक की जायेगी। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, कलेक्टर मैहर सुरानी बाटड़, सीईओ जिला पंचायत रीवा एवं सीधी उपस्थित रहे। कलेक्टर सिंगरौली वीसी के माध्यम से बैठक में जुड़े। इस दौरान स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के रीवा संभाग के जिलों के अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 27

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रयागराज में संत जनों का प्राप्त किया आशीर्वाद

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने महाकुंभ मेला क्षेत्र प्रयागराज में संतजनों से सौजन्य भेंट की और शुभाशीष प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्ष्णि आश्रम (रमणरेती धाम) में कार्ष्णिपीठाधीश्वर गुरुशरणानंद जी महाराज एवं श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरी जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने शिविर में विभिन्न संतों का सान्निध्य भी प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जूनापीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि जी महाराज एवं स्वामी राघवाचार्य जी से भेंट कर उनका शुभाशीष प्राप्त किया। recent visitors 54

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के बसामन मामा गौवन्य विहार अभ्यारण्य में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के बसामन मामा गौवन्य विहार अभ्यारण्य में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री ने गाय को गुड़ चना खिलाकर गौसेवा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य विहार में बिजली की निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था करें। नये विद्युत सबस्टेशन के निर्माण तक बसामन मामा मंदिर के पास के फीडर से कनेक्शन करायें। गौशाला से जुड़ी 17 एकड़ जमीन पर दो गौशाला शेड का इस तरह निर्माण करें की बाउन्ड्रीबाल बनाने की आवश्यकता न रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बसामन मामा गौवन्य विहार के निर्माण कार्यों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नाले में दो स्टापडैम सह रपटा निर्माण का स्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिये। स्टापडैमों के निर्माण से गौशाला में पानी की व्यवस्था के साथ चारागाह विकास की भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने माइक्रो सिंचाई परियोजना से पूर्वा तालाब तथा क्षेत्र के अन्य तालाबों में पानी भरने की व्यवस्था करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उप मुख्यमंत्री ने पानी पीने के लिए हौज तथा चारा चारागाह की बाउन्ड्रीबाल का निर्माण तत्काल शुरू कराने के लिये कहा। कार्यपालन यंत्री पीएचई दोनों सम्पवेल में 7 दिवस में पानी भरने की व्यवस्था करें। उप मुख्यमंत्री ने बैठक में वनमंडलाधिकारी को गायों के चरने के वन क्षेत्र में पानी की व्यवस्था करने तथा विभागीय प्लांटेशन में गौशाला की खाद के उपयोग के निर्देश दिए। बैठक में उप संचालक पशु पालन डॉ. राजेश मिश्रा ने बसामन मामा गौ-अभ्यारण्य के कार्यों की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री ने गौशाला में प्रस्तावित राधा कृष्ण गौ मंदिर के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया एवं निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रात: गौअभ्यारण्य का भ्रमण किया तथा नवजात बछड़े को गोद में उठाकर दुलार किया। पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, स्थानीय जन प्रतिनिधिगण तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 54

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने तीर्थ यात्रियों से संवाद करते हुए रीवा जिले एवं मध्यप्रदेश में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली

 रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने महाकुंभ जा रहे तीर्थ यात्रियों के लिए रीवा बाईपास पर हरिहरपुर में लगाये गये शिविर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और तीर्थ यात्रियों को भोजन एवं पानी का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने तीर्थ यात्रियों से संवाद करते हुए रीवा जिले एवं मध्यप्रदेश में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। तीर्थ यात्रियों ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मध्यप्रदेश सरकार तीर्थ यात्रियों के लिए जगह-जगह भोजन, पानी, चाय, बिस्किट, फल एवं दूध का वितरण करा रही है। इस वजह से हम लोगों को कहीं भी कोई परेशानी नहीं हो रही है। तीर्थ यात्रियों ने मंत्री शुक्ल का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि रीवा जिले में भी सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। इससे बड़ी संख्या में यात्रीगण लाभान्वित हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने शिविर स्थल में लगाये गये चिकित्सा कैंप का भी निरीक्षण किया। सामाजिक संगठनों के सहयोग से विन्ध्य में तीर्थ यात्रियों के लिए नि:शुल्क भोजन, पानी की व्यवस्था की गयी है। साथ ही चिकित्सा व अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गयी हैं।   recent visitors 48

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा बायपास पर प्रयागराज महाकुंभ के श्रद्धालुओं से की भेंट उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बेला बायपास पहुंचकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं से की मुलाकात उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के बेला स्थित बायपास पहुंचकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी यात्रा की स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है और हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालु अपनी यात्रा निर्विध्न पूरी कर सकें। श्रद्धालुओं ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को बताया कि प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग में भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की बेहतर व्यवस्था की गई है। उन्होंने प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और विश्राम स्थलों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। विधायक नरेंद्र प्रजापति, नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।   recent visitors 37

दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में “आत्मनिर्भर और स्वावलंबी आदर्श ग्राम” विषय पर कार्यशाला का किया शुभारंभ

प्रदेश सरकार जन सुविधाओं को हर कोने हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये संकल्पित – उप मुख्यमंत्री शुक्ल अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने में जन-जागरूकता तंत्र की भूमिका महत्वपूर्ण दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में “आत्मनिर्भर और स्वावलंबी आदर्श ग्राम” विषय पर कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जन सुविधाओं को हर कोने हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में जन सहभागिता सुनिश्चित करने में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच को साकार करते हुए अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने में शासन के साथ-साथ उसे जन-जागरूकता तंत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दीन दयाल शोध संस्थान चित्रकूट में “आत्मनिर्भर और स्वावलंबी आदर्श ग्राम” विषय पर दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गांव में अब पहले से ज्यादा सुविधाएं हैं। आदर्श ग्रामों के विकास के लिए अनुकूल समय है। दीनदयाल शोध संस्थान का मार्गदर्शन और मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद का समर्पण इस दिशा में निर्णायक बदलाव ला सकता है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख के आत्मनिर्भर एवं स्वावलम्बी ग्रामों के चित्रकूट मॉडल को सम्पूर्ण प्रदेश में विस्तारित करने के उद्देश्य से दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट और मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि गांव की समृद्धि और विकास के लिये आवश्यक है कि सभी ग्रामवासियों की सम्पूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। तभी स्थायी और सतत परिणाम होंगे। उन्होंने परिषद अमले को कहा कि गांव में सिखाने नहीं सीखने के भाव से जाएं। दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि नाना जी का मानना था कि कर्मठता और स्वावलंबन से ही ग्राम जीवन में बदलाव आ सकता है। नाना जी ने अपने समय की समस्त चुनौतियों को संबोधित किया है। उनका विकास मॉडल सर्वे भवंतु सुखिनः का उदघोष करता है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ.धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि परिषद की उपस्थिति अधिकांश पंचायतों में है। नवांकुर संस्थाओं और प्रस्फुटन समितियों सहित प्रदेश में सीएमसीएलडीपी के 50 हजार विद्यार्थियों के साथ परिषद सबसे महत्वपूर्ण मैदानी संगठनों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अपेक्षाओं के अनुरूप इस प्रशिक्षण से परिषद अमले को ग्राम-समाज को समझने और बदलावों की गतिविधियों के चिन्हांकन के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यशाला में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद राज्य कार्यालय के अधिकारियों सहित समस्त संभाग जिला और विकासखण्ड समन्वयक सहभागिता कर रहे हैं।   recent visitors 51

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर की सही समय में जाँच पर पूर्ण निदान सहजता से संभव

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर की सही समय में जाँच पर पूर्ण निदान सहजता से संभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में आज आर्थिक संसाधनों की कमी नहीं है। चिकित्सकीय संस्थानों का उन्नयन किया जा रहा है। अधोसंरचना विकास के साथ अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में संसाधनों के साथ चिकित्सकीय मैनपॉवर का मानवीय रवैया, भावनात्मक सहयोग उपचार को आसान करता है। मरीजों और परिजनों में संतोष का भाव जागृत करता है। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों कार्मिकों में मानवीय संवेदनाओं की समझ और उसका प्रकटीकरण अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व कैंसर दिवस पर एम्स भोपाल में आयोजित 2 दिवसीय पेलियेटिव केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कैंसर का निदान सहज और सुलभ बनाने के लिये केंद्रीय बजट में हर ज़िले में कैंसर केयर सेंटर बनाने का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है। साथ ही कैंसर दवाओं को किफायती दरों में उपलब्ध कराने के प्रावधान किये गये हैं। आयुष्मान भारत योजना से हर नागरिक आज उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं सहजता से प्राप्त कर पा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन में स्वस्थ भारत महत्वपूर्ण आयाम है। इसके लिये केन्द्र और राज्य सरकार पूर्ण समर्पण से प्रयास कर रही हैं। इसे साकार करने हेल्थ मैन-पॉवर की महत्वपूर्ण भूमिका है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सक का दायित्व केवल उपचार करने तक सीमित नहीं है। उपचार के साथ और उपचार के बाद मरीज़ को जो मानसिक और भावनात्मक सहयोग चिकित्सक या अस्पताल स्टॉफ से मिल सकता है, वो उसकी रिकवरी को और तेज़ करने में सहायक होता है। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों और नर्सिंग ऑफिसर से प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाने का आह्वान किया। असंचारी रोगों के बेहतर प्रबंधन के लिए "टेस्ट और ट्रीट" अवधारणा पर किया जा रहा है कार्य उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में संभागीय मुख्यालयों में लाइनैक मशीन, पेट स्कैन, ब्रेकी थेरेपी एयर कैथ लैब जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि हृदय रोग, कैंसर जैसे असंचारी रोगों का समुचित निदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन रोगों के बेहतर प्रबंधन के लिए “टेस्ट और ट्रीट” अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों से आह्वान किया कि पूरे समर्पण से मिशन मोड में सेवा भाव से कार्य करें। संसाधनों के साथ समर्पित प्रयास से मध्यप्रदेश शीघ्र ही स्वास्थ्य मानकों में अग्रणी राज्य बनेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विगत दिवस जबलपुर, भोपाल और इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अंग रिट्रीवल एवं प्रत्यारोपण कर बहुमूल्य जीवन के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चिकित्सकीय और सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा ऐसे समर्पित प्रयासों से चिकित्सकीय कार्मिको का मान बढ़ता है और समाज में अपने प्रतिष्ठित स्थान के साथ वे न्याय करते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रशिक्षण प्रदान करने वाले मास्टर ट्रेनर और रिसोर्स पर्सन को सम्मानित किया। अध्यक्ष एम्स प्रो. डॉ. सुनील मलिक ने पेलियेटिव केयर के विभिन्न आयामों और महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने असंचारी रोगों के बढ़ते दबाव और प्रबंधन के लिए किये जा रहे प्रयासों की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और एम्स के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है। एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक, प्रोफेसर्स और विषय विशेषज्ञों ने पेलियेटिव केयर की जिम्मेदारियों और दायित्वों की चिकित्सकों और नर्सिंग ऑफिसर को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। क्या है पेलियेटिव केयर.. पेलियेटिव केयर गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए विशेष चिकित्सा देखभाल है। पेलियेटिव केयर का उद्देश्य मरीज़ में दर्द या अन्य कोई शारीरिक, मानसिक या सामाजिक समस्याओं की पहचान और सही मूल्यांकन कर उसकी पीड़ा को कम करने में मदद करना है। इसके लिए ऐसे मरीज़ों के परिजनों को भी परामर्श और तकनीकी कौशल को बढ़ाने की ज़रूरत है ताकि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद घर पर उसकी बेहतर देखभाल हो सके। साथ ही साथ अस्पताल में बार-बार भर्ती होने की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके। पेलियेटिव केयर कार्यक्रम में कैंसर विभाग, रेडियोथैरेपी, एनेस्थिशिया, मेडिसिन एवं सायकेट्री विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही फंटलाईन डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टॉफ को भी इसकी समझ ज़रूरी है, क्योंकि इन्हीं लोगों के पास सबसे पहले कोई मरीज़ अपनी तकलीफ को लेकर पहुंचता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनियाभर में 5 करोड़ 68 लाख लोगों को पेलिएटिव केयर की आवश्यकता है। इनमें से लगभग 2 करोड़ 57 लाख लोग जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं। वैश्विक स्तर पर 14 प्रतिशत लोगों को ही पेलिएटिव केयर उपलब्ध है।   recent visitors 34