उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्री पाटिल को अवगत कराया कि रीवा संभाग की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बहुती नहर के उन्नयन की महती आवश्यकता

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से सौजन्य भेंट की। उन्होंने रीवा और सतना जिलों में संचालित बाणसागर परियोजना की बहुती नहर के उन्नयन के लिए केंद्र सरकार की “मॉडर्नाइजेशन ऑफ कैचमेंट एरिया डेवलपमेंट” योजना के तहत 1700 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया। इस परियोजना के अंतर्गत 85,000 हेक्टेयर कृषि भूमि के आधुनिकीकरण और सिंचाई क्षमता का विकास होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने केंद्रीय मंत्री पाटिल को अवगत कराया कि रीवा संभाग की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बहुती नहर के उन्नयन की महती आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान नहर संरचना के कारण कई स्थानों पर कमांड क्षेत्र ऊंचे स्तर पर स्थित है। इस स्थिति में सुधार के लिए नहर प्रणाली के आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है। परियोजना के क्रियान्वयन से न केवल सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि कृषि उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह परियोजना न केवल किसानों के लिए समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी बल्कि प्रदेश के जल संसाधन प्रबंधन को भी सुदृढ़ बनाएगी। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री पाटिल ने केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।   recent visitors 37

कैंसर देखभाल में क्रांति लाने के लिए विशेष बजट प्रावधान : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) के अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर जैसे गंभीर रोग की समय पर पहचान समुचित उपचार के लिये अहम है। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत विज़न से प्रेरणा लेते हुए निरंतर प्रयासरत है। हर नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ और किफायती रूप से मिल सकें। इसी दिशा में राज्य और केंद्र सरकार ने कैंसर उपचार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में कैंसर देखभाल के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। कैंसर की दवाओं को सुलभ और सस्ती दर में उपलब्ध कराने के प्रावधान हैं। इसके अलावा, हर ज़िले में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया गया है, जिससे कैंसर डायग्नोसिस और उपचार की सुविधा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को मिल सकेगी। राज्य सरकार भी इन केंद्रों को स्थापित करने के लिए प्राथमिकता दे रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल डिस्पेंसरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सिविल अस्पतालों में सर्वाइकल कैंसर की वीआईए जांच निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस जांच को प्रत्येक पांच वर्ष में कम से कम एक बार करवाना आवश्यक है। जिला अस्पतालों में बायोप्सी सैंपलिंग और मेडिसिन कीमोथेरेपी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करते हुए कैंसर के इलाज को मेडिकल कॉलेजों और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसी संस्थाओं में सुलभ बनाया गया है। पहले जहां कैंसर का उपचार केवल निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध था, अब राज्य के विभिन्न जिलों में, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर कैंसर सहित असंचारी रोगों की पहचान के लिए सीबैक फॉर्म भरवाए गए हैं। जिसके आधार पर एनसीडी पोर्टल के माध्यम से मरीजों का उपचार एवं फॉलो-अप सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज, हाईपरटेंशन और कैंसर जैसे असंचारी रोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए इनकी समय पर पहचान और समुचित उपचार आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत कैंसर के उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है। अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक भी इस योजना के तहत महंगे इलाज का लाभ बिना किसी वित्तीय बोझ के उठा सकते हैं। जिला अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत डायग्नोसिस सुविधाएं पात्र हितग्राहियों के लिए निःशुल्क तथा अन्य नागरिकों के लिए रियायती दरों पर उपलब्ध हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "सभी के लिए स्वास्थ्य" विज़न को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और बजट प्रावधान महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं और किसी भी प्रकार के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। राज्य सरकार हर नागरिक के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संकल्पित है।   recent visitors 44

हमीदिया अस्पताल को मिलेंगे 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित किया जाए। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को भी ऐसे उन्नत उपकरणों से लैस करने की योजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने चिकित्सकों से इन सुविधाओं का उपयोग कर राज्य के नागरिकों को श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिये हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना की स्वीकृति दी गयी है। इनमें एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS), एसोफेजियल मैनोमेट्री, पीएच मैट्री और ब्रीथ एनालाइज़र जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह उन्नत सुविधाएँ किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार उपलब्ध कराई गई हैं। इन नवीन उपकरणों की मदद से पाचन तंत्र की गंभीर बीमारियों की सटीक और त्वरित पहचान संभव हो सकेगी। अब मध्य प्रदेश के मरीजों को उन्नत और सटीक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपचार के लिए अन्य राज्यों या निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उपकरणों का विवरण     एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS): पेट और आंतों की गहराई से जांच कर कैंसर, पैंक्रियास की बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं का जल्द पता लगाने में मदद करता है।     एसोफेजियल मैनोमेट्री: निगलने में होने वाली समस्याओं के सही निदान में सहायक।     पीएच मैट्री: एसिडिटी और रिफ्लक्स से जुड़ी बीमारियों के सटीक निदान के लिए उपयोगी।     ब्रीथ एनालाइज़र: एक दर्द-रहित जांच जो आंतों में बैक्टीरिया की अधिकता और लैक्टोज असहिष्णुता जैसी समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है।   recent visitors 31

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा 33 हज़ार से अधिक पदों पर की जा रही है भर्ती

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में ईएसबी एवं पीएससी के अंतर्गत प्रक्रियाधीन विभिन्न चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों में भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी भर्ती प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए मैन-पॉवर की समय पर नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन के विषय पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर, सभी औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए इसे शीघ्र कैबिनेट अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीधी भर्ती एवं बैकलॉग पदों पर अब तक की गई कार्रवाई की पदवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सभी कैबिनेट स्वीकृत समस्त पदों पर भर्ती तय समय सीमा में पूरी की जाये। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसे तत्काल संज्ञान में लाया जाए। सभी औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी हों। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 33 हज़ार से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है। आईपीएचएस मानक अनुसार 18 हज़ार 653 पद पर, 454 उन्नयित स्वास्थ्य संस्थानों में 7 हज़ार 977 पद पर, कैलाशनाथ काटजू हॉस्पिटल में 195 पदों पर, 18 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों के लिये 414 पद सहित 273 अन्य स्वीकृत स्वास्थ्य संस्थानों में 5 हज़ार 779 चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों पर नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। बैठक में आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 35

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बाबा विश्वनाथ का किया अभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन किये। उन्होंने सपरिवार विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का पूजन एवं अभिषेक किया और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।   recent visitors 28

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हृदय रोग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. राजीव गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल डॉ. गुप्ता के व्यक्तिगत समर्पण और उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि यह मध्यप्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डॉ. गुप्ता का योगदान भविष्य में अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने मध्यप्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गुप्ता को ‘नेशनल वेटरन एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और आधुनिक चिकित्सा के प्रति उनकी निष्ठा का प्रमाण है। यह सम्मान समारोह हिटेक्स एग्जीबिशन सेंटर, हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित हुआ, जहां देशभर से चिकित्सा जगत की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।   recent visitors 138

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य जागरूकता, समय पर निदान और रोकथाम के उपायों को सफलतापूर्वक लागू कर, हम प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर डिलीवरी और स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए जनता को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, स्वास्थ्य देखभाल के उचित तरीकों और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चार इमली स्थित निवास कार्यालय पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और प्रदेश में स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की। स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिये महत्वपूर्ण है समय पर चिन्हांकन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के लिए सही समय पर चिन्हांकन आवश्यक है। जिससे उनका सही समय पर समाधान भी सुनिश्चित किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थ केयर मेजर्स) स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय जितना ही महत्वपूर्ण है। इससे प्रदेश में शिशु मृत्यु दर (IMR) और मातृ मृत्यु दर (MMR) सहित विभिन्न स्वास्थ्य मानकों में सुधार लाया जा सकता है। स्वास्थ्य अभियानों में जन-सहभागिता को करें प्रोत्साहित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए जन-जागरूकता अभियानों को और प्रभावशाली बनाया जाए। आम नागरिकों को स्वास्थ्य प्रबंधन, सही खानपान, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य देखभाल के सही तरीकों के प्रति शिक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि क्या करें और क्या न करें (Do’s & Don’ts) की स्पष्ट जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, जिससे बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने पर बल दिया, जिससे स्वास्थ्य अभियानों को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि एक सप्ताह के भीतर जागरूकता गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। जिसमें स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों, समय पर निदान और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी को शामिल किया जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री शुक्ल को प्रदेश में चल रही स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी गयी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की प्रबंध संचालक डॉ. सलोनी सिडाना, आईईसी निदेशक डॉ. रचना दुबे और उप निदेशक (आईईसी) डॉ. अर्चना पुंधीर उपस्थित रहीं।   recent visitors 60