जिले में अतिवृष्टि से 100 से अधिक गांवों में सोयाबीन की फसल हुई खराब, किसानों को नुकसान के हिसाब से मुआवजा मिल सके

भोपाल जिले में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि की वजह से करीब 100 गांव में सोयाबीन की फसल खराब हो गई है। कुछ गांव में स्थिति यह है कि खेतों में जलभराव है। ऐसे में सोयाबीन की नई फसल फिर से अंकुरित होने लगी है। परेशान किसान विधायक, जिला पंचायत सदस्य सहित अधिकारियों से मांग कर रहे हैं कि उनको शासन से मदद मिलनी चाहिए। अब जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सर्वे कराने के लिए पत्र लिखा है। इससे पहले विधायक विष्णु खत्री भी पत्र लिखकर मांग कर चुके हैं।जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर का कहना है कि फसल का सर्वे किया जाना चाहिए, जिससे किसानों को नुकसान के हिसाब से मुआवजा मिल सके। 70 प्रतिशत फसल हुई खराब जिले के खितवास, जूना पानी,बागापुरा, निदानपुर, चाटाहेड़ी बबचिया, तलैया शाह, बरखेड़ा याकूब, डूंगरिया, धतुरिया, दोहाया, सोहाया आदि गांवों में अतिवृष्टि का असर ज्यादा है।अतिवृष्टि की वजह से 70 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। दाना अंकुरित हो गया है। ऐसे में इसकी किसानों को कोई कीमत नहीं मिलेगी। विनय मेहर ने बताया कि जब खेतों में जाकर देखा तो कई खेतों में पानी भरा मिला। इस कारण किसान फसल की कटाई नहीं कर सके। यह फसल गल गई है। जिन खेतों में पानी नहीं है, वहां लगातार वर्षा की वजह से सोयाबीन का दाना अंकुरित हो गया। कहीं फलियों में दाना दागी या सिकुड़ गया है। recent visitors 64

पाकिस्तान का दबाव में फैसला चीनियों की सुरक्षा पर खर्च करेगा 45 अरब रुपये

इस्लामाबाद पाकिस्तान के बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध प्रांत में बीते सालों में चीनी नागरिकों को टारगेट करते हुए कई हमले हुए हैं। इसके अलावा ग्वादर पोर्ट समेत चीन के सहयोग से बनने वाली कई परियोजनाओं को भी टारगेट किया गया है। इन हमलों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। इसे लेकर चीन की ओर से पाकिस्तान पर दबाव भी था कि वह ऐक्शन ले ताकि उसके नागरिकों की जान और माल की रक्षा की जा सके। अब चीन के दबाव के बीच पाकिस्तान ने बड़ा फैसला लिया है। पाकिस्तान ने सैन्य बलों के लिए अतिरिक्त 45 अरब रुपये के बजट को मंजूरी प्रदान की है। इसका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान में चीनी व्यापारिक हितों की रक्षा करना और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ को बरकरार रखने के लिए सैन्य क्षमताओं को बढ़ाना है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कहा कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने ईसीसी बैठक की अध्यक्षता की। कैबिनेट के प्रस्ताव के अनुसार विभिन्न उद्देश्यों के लिए सेना को 35.4 अरब रुपये और नौसेना को 9.5 अरब रुपये आवंटित किए जाएंगे। पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार ईसीसी ने चालू वित्त वर्ष के लिए पहले से ही अधिकृत रक्षा सेवा परियोजनाओं में 45 अरब रुपये के अतिरिक्त अनुदान के लिए रक्षा प्रभाग के आवेदन का मूल्यांकन किया और स्वीकार किया। जून में बजट को मंजूरी मिलने के बाद से यह सैन्य बलों के लिए दिया गया दूसरा सबसे बड़ा अतिरिक्त अनुदान है। इससे पहले, ईसीसी ने ऑपरेशन आज़म-ए-इस्तेहकम के लिए 60 अरब रुपये प्रदान किए थे। ये पूरक अनुदान 2.127 ट्रिलियन रुपये के रक्षा बजट से अधिक है। ईसीसी ने विशेष सुरक्षा प्रभाग दक्षिण के लिए 16 अरब रुपये प्रदान किए, जिसपर दक्षिणी क्षेत्रों में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी है। इस तरह पाकिस्तान की सेना पर कंगाली के दौर में चीनी नागरिकों और उसके प्रतिष्ठानों की रक्षा के नाम पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। recent visitors 86

SC ने एक अप्रैल 2021 के बाद जारी 90,000 आईटी पुनर्मूल्यांकन नोटिसों की वैधता बरकरार, समझें मामला

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने आयकर विभाग को राहत देते हुए पुराने प्रावधानों के तहत एक अप्रैल 2021 के बाद राजस्व विभाग द्वारा जारी करीब 90,000 पुनर्मूल्यांकन नोटिस की वैधता बरकरार रखी है। शीर्ष अदालत ने  कई उच्च न्यायालयों के फैसलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि कराधान व अन्य कानून (कुछ प्रावधानों में छूट और संशोधन) अधिनियम (टीओएलए) 2021 आयकर अधिनियम के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा नहीं बढ़ाएगा। टीओएलए को कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान आयकर अनुपालन की समय सीमा बढ़ाने के लिए लाया गया था। प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने तीन संसदीय कानूनों आयकर अधिनियम, टीओएलए और वित्त अधिनियम के परस्पर प्रभाव से संबंधित दो कानूनी प्रश्नों पर विचार किया। शीर्ष अदालत ने इस सवालों पर गौर किया, ‘‘क्या टीओएलए तथा इसके तहत जारी अधिसूचनाएं एक अप्रैल 2021 के बाद जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस पर भी लागू होंगी और क्या जुलाई तथा सितंबर 2022 के बीच नई व्यवस्था की धारा 148 के तहत जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस वैध हैं।’’ प्रधान न्यायाधीश ने 112 पृष्ठों का फैसला लिखते हुए कहा, ‘‘हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि एक अप्रैल 2021 के बाद आयकर अधिनियम को प्रतिस्थापित प्रावधानों के साथ पढ़ा जाना चाहिए और यदि आयकर अधिनियम के प्रतिस्थापित प्रावधानों के तहत निर्दिष्ट कोई कार्रवाई या कार्यवाही 20 मार्च 2020 तथा 31 मार्च 2021 के बीच पूरी होनी है… तो टीओएलए एक अप्रैल 2021 के बाद भी आयकर अधिनियम पर लागू होता रहेगा।’’ पीठ ने कहा कि टीओएलए का प्रावधान ‘‘ आयकर अधिनियम की धारा 149 को केवल आयकर अधिनियम की धारा 148 के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा में छूट देने तक ही सीमित है।’’ पुनर्मूल्यांकन नोटिस को चुनौती देते हुए विभिन्न उच्च न्यायालयों में 9,000 से अधिक याचिकाएं दायर की गईं और करदाताओं के पक्ष में कई फैसले पारित किए गए। इसके बाद ही राजस्व विभाग को सर्वोच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा था। केंद्र ने मार्च 2020 में कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी और टीओएलए लेकर आया था। 2021 के इस अधिनियम ने पूर्वव्यापी प्रभाव से ‘‘ निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत कार्यों को पूरा करने या अनुपालन करने’’ की समय सीमा 20 जून 2020 तक बढ़ा दी। इसके बाद 24 जून 2020 को केंद्र ने टीओएलए के तहत एक अधिसूचना जारी की जिसमें निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत कार्रवाई को पूरा करने या अनुपालन करने की समय सीमा 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई। शीर्ष अदालत ने आयकर विभाग की अपील स्वीकार कर ली। आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस 2013-14 से 2017-18 तक के कर निर्धारण वर्षों से संबंधित हैं। इसमें शामिल राशि हजारों करोड़ रुपये तक हो सकती है। पीठ को यह निर्धारित करना था कि क्या वैश्विक महामारी के दौरान विशिष्ट अधिनियमों के तहत समय सीमा में छूट देने वाले टीओएलए का लाभ पुनर्मूल्यांकन के लिए समय सीमा को नियंत्रित करेगा। बंबई, गुजरात और इलाहाबाद उच्च न्यायालयों ने विभिन्न आधारों पर सभी पुनर्मूल्यांकन नोटिस रद्द कर दिए थे। उनका मुख्य तर्क यह था कि नए प्रावधान अधिक लाभकारी थे और करदाताओं के अधिकारों तथा हितों की रक्षा के लिए थे। इन उच्च न्यायालयों ने कहा था कि टीओएलए पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा नहीं बढ़ाएगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि एक अप्रैल 2021 के बाद आयकर अधिनियम के प्रतिस्थापित प्रावधान पूर्वव्यापी रूप से लागू होंगे, यहां तक कि पिछले मूल्यांकन वर्षों के लिए भी.. परिणामस्वरूप नई पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था को टीओएलए के साथ पढ़ा जाना चाहिए, जिसने वैश्विक महामारी के कारण अस्थायी रूप से समय सीमा बढ़ा दी थी। वैश्विक महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए आयकर विभाग को 20 मार्च 2020 और 31 मार्च 2021 के बीच जारी किए गए नोटिस के लिए विस्तारित समय सीमा का लाभ उठाने की अनुमति दी गई। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि टीओएलए पुरानी पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था के संचालन को संशोधित धारा 149 में निर्दिष्ट समय-सीमा से आगे नहीं बढ़ा सकता। आयकर अधिनियम की धारा 149 करदाताओं को आयकर नोटिस जारी करने की समय-सीमा से संबंधित है। इसके तहत ‘‘ संबंधित कर समीक्षाधीन वर्ष के लिए धारा 148 के तहत कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।’’     recent visitors 75

मध्य प्रदेश सहित देश के 21 राज्यों के तिलहन बीज उत्पादक 347 जिलों में उन्नत बीज दिए जाएंगे: कृषि मंत्री शिवराज

भोपाल देश में खाद्य तेल की आवश्यकता की पूर्ति के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता सरकार समाप्त करेगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन बनाया है। इसके अंतर्गत मध्य प्रदेश सहित देश के 21 राज्यों के तिलहन बीज उत्पादक 347 जिलों में उन्नत बीज दिए जाएंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद यह बीज तैयार करेगा और फिर प्रमाणित बीज किसानों को निश्शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए पूरे देश में 600 क्लस्टर बनाए जाएंगे। यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां मीडिया से चर्चा में दी। खाद्य तेल मिशन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज ने बताया कि 10 हजार 103 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत बीज उत्पादन का कार्यक्रम चलाया जाएगा। अभी हमें देश की खाद्य तेल की आवश्यकता के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। इस समाप्त करके आत्मनिर्भर बनने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन बनाया है। इसमें उन जिलों को शामिल किया गया है, जहां तिलहन का उत्पादन होता है। किसान हित में उठाए कई कदम मंत्री शिवराज ने बताया कि मोदी सरकार ने पिछले 120 दिन में किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं। देश में अब जो तेल आयात होगा, उस पर आयात शुल्क 27 प्रतिशत देना होगा। यह अभी शून्य था। पाम आयल और बाकी तेल के आने से सोयाबीन सहित अन्य उपज के मूल्य काफी कम हुए थे। आयात शुल्क लगाने से औसत पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल सोयाबीन का मूल्य बढ़ा है और यह क्रम जारी है। सोयाबीन भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का निर्णय लिया है ताकि मूल्य ठीक दिए जा सकें। इसी तरह बासमती चावल के निर्यात पर न्यूनतम निर्यात शुल्क लगा था, जिसे समाप्त कर दिया है। निर्यात बढ़ने से बासमती की कीमत बढ़ेंगी। इसकी तरह गैर बासमती चावल के निर्यात से प्रतिबंध हटाने के कारण भी किसानों को धान का अच्छा मूल्य मिलेगा। प्याज का निर्यात शुल्क भी 40 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया है। इसका सीधा लाभ किसानों को होगा। recent visitors 145

बिहार के कई शहरों के विमान टिकटों के किराए में दोगुना बढ़ोतरी, जबकि दक्षिण भारत से आने वाली फ्लाइटों के टिकट अब भी किफायती दर पर

पटना  शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। कई लोग अपने अपने शहर  व गांव लौटने लगे हैं। वहीं बिहार के लोग भी छठ पूजा के चलते अपने घरों को लौटने की तैयारी में हैं। हालांकि बिहार आने वालों की संख्या महापर्व छठ पर कई गुणा बढ़ जाती है। ट्रेनों में टिकट नहीं मिलने से लोग विमान से जाना पसंद करते हैं। वहीं विमानन कंपनियां इसका फायदा उठाने से नहीं चूकतीं, क्योंकि आरक्षित रेल टिकटों की मारामारी चार-पांच महीने पहले से ही होने लगती है। बिहार में सात नवंबर को छठ महापर्व का आगाज होगा। ऐसे में कई शहरों के विमान टिकटों के किराए में दोगुना बढ़ोतरी हो चुकी है। लेकिन, दक्षिण भारत से आने वाली फ्लाइटों के टिकट अब भी किफायती और औसत दर पर मिल रहे हैं। पुणे, दिल्ली, कोलकाता समेत अन्य शहरों से पटना आने वाले यात्रियों को चार से छह नवंबर तक ज्यादा किराया देना होगा। शहर        4 नवंबर    5 नवंबर    6 नवंबर    औसत किराया पुणे        12,611    12,506    11,100    6,500 दिल्ली        8,598    8,845    8,354    4,500 मुंबई        14,739    10,749    7,035    6,400 बेंगलुरु    10,493    11,581    7,235    7,200 हैदराबाद    9,635    9,206    9,206    6,400 चेन्नई        10,362    11,040    7,572    7,100 कोलकाता    6,647    6,122        6,647    3,500     recent visitors 97

दादर-भुसावल के बीच चलेंगी 140 स्पेशल ट्रेनें, वर्ष के अंत तक मिलेगी सुविधा, क्या है प्लान?

मुंबई  सेंट्रल रेलवे ने दिवाली के कारण ट्रेनों की भीड़ को देखते हुए दादर और भुसावल के बीच चलने वाली 104 विशेष लंबी दूरी की ट्रेनों की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। जो कि वर्तमान में नवरात्रि उत्सव के साथ चल रही है। इस फैसले से रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। दरअसल त्योहारों के दौरान गांव जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी होती है। इनमें गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली त्योहार शामिल हैं। ट्रेनों की भीड़ को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने दादर और भुसावल के बीच चलने वाली 104 स्पेशल ट्रेनों का समय बढ़ा दिया है। ये है योजना… ट्रेन नंबर 09051 दादर-भुसावल और ट्रेन नंबर 09052 भुसावल-दादर हर सोमवार, बुधवार और गुरुवार को चलेगी और इसे 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। ट्रेन संख्या 09049 दादर-भुसावल चलने वाली (26 यात्राएं) और ट्रेन संख्या 09050 भुसावल-दादर दोनों साप्ताहिक विशेष ट्रेनें प्रत्येक शुक्रवार को चलेंगी। इन ट्रेनों को 27 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। दोनों ट्रेनों के समय, स्टॉपेज और कोच में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वेबसाइट पर रिजर्वेशन खुला सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों के साथ-साथ www.irctc.co.in पर विशेष किराये के साथ सभी स्पेशल ट्रेनों के लिए आरक्षण खुला है। रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के विस्तृत ठहराव के लिए www.enquiry. Indianrail.gov.in पर जाने या NTES ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। रेलवे शहर में तीन सौ पौधे लगाएगाउधर 'स्वच्छता सेवा' के तहत एक हरित पहल के तहत मध्य रेलवे के नागपुर मंडल की ओर से शहर और इसके आसपास तीन सौ पेड़ लगाए जा रहे हैं। हरित और स्वस्थ पर्यावरण के लिए यह पहल शुरू की गई है। हाल ही में अपर मंडल रेल प्रबंधक पीएस खैरकर के नेतृत्व में पूरे विभाग में हजारों पौधे लगाए गए। रेलवे का लक्ष्य अकेले नागपुर शहर और उसके आसपास तीन सौ पेड़ लगाने का है। इस गतिविधि में रेलवे के कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए हैं। recent visitors 82

12 लाख रेलवे कर्मचारियों को बोनस देने पर सरकार 2029 करोड़ रुपए खर्च करेगी

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों सौगात का ऐलान किया जिससे लाखों कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी नजर आने लगी है। केंद्र सरकार ने 12 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस देने का ऐलान किया है। इस बोनस पर सरकार 2029 करोड़ रुपए खर्च करेगी, जो कर्मचारियों की उत्पादकता और उनके कामकाज के आधार पर दिया जाएगा। यह बोनस रेलवे कर्मचारियों के लिए वित्तीय राहत के साथ उनके कार्य में उत्साह बढ़ाएगा। इस फैसले का सीधा लाभ करीब 12 लाख रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा। नवरात्रि पर इस प्रकार की वित्तीय सहायता कर्मचारियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह उन्हें अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने और अपने आर्थिक दायित्वों को पूरा करने में मदद करेगी। यह बोनस न केवल उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता लाएगा, बल्कि उनके मनोबल में भी बढ़ोतरी करेगा, जिससे रेलवे के कामकाज की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है। नवरात्रि भारतीय संस्कृति में एक अहम त्योहार माना जाता है, जिसे नई शुरुआत, उत्सव और समर्पण के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे समय पर बोनस की घोषणा, कर्मचारियों के लिए शुभ है। त्योहारों के दौरान सरकार की यह पहल एक उपहार है। केंद्र सरकार का यह फैसला रेलवे कर्मचारियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और उनके योगदान की सराहना को दर्शाता है।     recent visitors 93