स्व. प्रभात झा ने अभिभावक की भांति स्नेह देकर अपनी भूमिका निभाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को ग्वालियर में स्व. प्रभात झा की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए और श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उन्होंने स्व. प्रभात झा को याद करते हुए कहा कि वे छोटे से छोटे कार्यकर्ता की चिंता करते थे। स्व. झा ने सही मायने में अभिभावक की भांति स्नेह देकर अपनीकी भूमिका का निर्वहन किया। उनका सम्पूर्ण जीवन हम सबके लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी परिषद के समय से उनके श्रीझा के साथ आत्मीय संबंध रहे। उनके विचार हम सबका मार्गदर्शन करते रहेंगे। ग्वालियर में कैंसर अस्पताल परिसर स्थित शीतला सहाय सभागार में स्व. झा को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि स्व.झा संकल्प के धनी थे और जो कहते थे, उसे करके दिखाते थे। अभाव में भी कैसे सफलतापूर्वक भूमिका निभाई जा सकती है इसकी झलकश्री प्रभात झा जी के व्यक्तित्व व कृतित्व में साफ दिखाई देती थी। उन्होंने न केवल प्रखर पत्रकारिता की बल्कि संकल्पबद्ध होकर संगठन का काम किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी जब भी श्री झा से मुलाकात हुई तोउन्हें कुछ न कुछ नया सीखने को मिला। सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री वीडी शर्मा ने कहा कि स्व. झा के विचार प्रेरणादायी है। वे एक आदर्श राजनेता थे। छोटे से छोटे कार्यकर्ता से मिलना और उनकी चिंता करना उनके स्वभाव में शामिल था। सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने केन्द्रीय मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा स्व. झा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिये भेजे गए शोक संदेश का वाचन किया। सामाजिक न्याय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा किश्री प्रभात झा से मिला मार्गदर्शन हम सभी को सदैव संबल प्रदान करता रहेगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्व. झा के पदचिन्हों पर चलना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी एवं पूर्व मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों ने विचार व्यक्त कर स्व. प्रभात झा को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धाजंलि सभा में इन जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धा-सुमन अर्पित किए श्रद्धांजलि सभा में नवीन एवं नवनीकरण ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्रीमती माया सिंह, पूर्व मंत्री श्री ओपीएस भदौरिया, नगर निगम सभापति श्री मनोज सिंह तोमर, विधायक श्री मोहन सिंह राठौर तथा श्री हितानंद शर्मा, श्री वेदप्रकाश शर्मा, श्री लोकेन्द्र पारासर, जिलाध्यक्ष श्री अभय चौधरी, जिलाध्यक्ष ग्रामीण श्री कौशल शर्मा, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, श्रीमती सुमन शर्मा, पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, श्री श्रीधर पडारकर, श्री शैलेन्द्र बरूआ, श्री जयप्रकाश राजौरिया, पूर्व विधायक श्री कमलापथ आर्य, श्री दीपक सचेती, श्री अरूण चतुर्वेदी, डॉ. बीआर श्रीवास्तव, अरूण जैन व श्री आशीष अग्रवाल सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।   recent visitors 95

मध्य प्रदेश में संसाधन के अभाब में भोपाल के अतिरिक्त अन्य पांच आयुर्वेद कॉलेजों में स्वीकृत सीटों में कटौती

भोपाल नए कॉलेज खोलना तो दूर मध्य प्रदेश सरकार पहले से संचालित कॉलेजों की मान्यता भी नहीं बचा पा रही है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने बुरहानपुर आयुर्वेद कॉलेज को छोड़ सभी छह आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता जारी कर दी है, पर भोपाल के अतिरिक्त अन्य पांच कॉलेजों में स्वीकृत सीटों में कटौती की गई है। ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा और उज्जैन आयुर्वेद कॉलेज में स्नातक (बीएएमएस) की 15 से लेकर 26 सीटें तक कम कर दी हैं। संसाधनों की कमी के कारण सीटें कम की गई हैं। बुरहानपुर कॉलेज को मान्यता नहीं मिली है। इन सीटों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग सितंबर में प्रारंभ होने की आशा है। संसाधनों में सर्वाधिक कमी फैकल्टी और ओपीडी और भर्ती मरीजों की कम संख्या है। इनमें प्राध्यापक स्तर के पद सबसे अधिक रिक्त हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि आयुष कॉलेजों में सेवानिवृति आयु 62 वर्ष है। एलोपैथी मेडिकल कॉलेजों में यह सीमा 65 वर्ष रखी गई है, जिससे प्राध्यापक के पद रिक्त न रहें। सीधी भर्ती से भी पदों को भरने की व्यवस्था नहीं है, जबकि एलोपैथी मेडिकल कॉलेजों में प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश में पहले से ही आयुर्वेद औषधालयों में डॉक्टरों के 600 से अधिक पद रिक्त हैं। ऊपर से बीएएमएस की सीटें बढ़ना तो दूर उनमें कटौती भी हो गई है। recent visitors 117

बैरागढ़ में जोन कार्यालय सह शॉपिंग कॉम्पलेक्स रखरखाव के अभाव में दम तोड़ रहा है, पार्किंग की जगह नहीं

भोपाल नगर निगम ने संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में विभिन्न स्थानों पर दुकानों एवं शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण तो कर लिया है, लेकिन इनकी देखरेख नहीं की जा रही है। इसी का नतीजा है कि बैरागढ़ में जोन कार्यालय सह शॉपिंग कॉम्पलेक्स रखरखाव के अभाव में दम तोड़ रहा है। यहां पार्किंग की जगह नहीं है। राजस्व कमाया, रखरखाव पर ध्यान नहीं अपनी आय बढ़ाने के लिए नगर निगम ने जोन एरिया में कई दुकानों का निर्माण कराया है, इससे निगम को राजस्व के रूप में काफी धन राशि मिल रही है। लेकिन जहां बरसों पहले दुकानों का निर्माण हो चुका है, उनका समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। नेहरू पार्क परिसर स्थित नगर निगम कॉम्पलेक्स का बड़ा हिस्सा जर्जर हो गया है। रखरखाव नहीं होने के कारण ही यहां कई दुकानें खाली पड़ी हैं। पार्किंग की जगह नहीं होने के कारण कॉम्पलेक्स बनने के 32 साल बाद भी करीब एक दर्जन दुकानों की नीलामी नहीं हो पा रही है। सब्जी मंडी की दुकानें बंद होने लगीं संत कंवरराम सब्जी मंडी को ध्वस्त कर नगर निगम ने यहां शॉपिंग काम्पलेक्स एवं मल्टी पार्किंग का निर्माण कर दिया। इसके निर्माण से निगम को 16 करोड़ रुपये की आय हुई। सब्जी व्यापारियों को उम्मीद थी कि उनकी बसाहट के बाद नगर निगम दुकानों और पूरे इलाके की देखरेख करेगा, लेकिन निगम ने व्यापारियों को बेसुध छोड़ दिया। सब्जी मंडी में 30 दुकाने हैं। रखरखाव नहीं होने से दुकानें बंद हो रही हैं। नगर निगम ने मंडी में भी पार्किंग की जगह विकसित नहीं की। मंडी का मार्ग वनवे करने के प्रस्ताव पर अमल नहीं हुआ। इस कारण मंडी सुनसान होती जा रही है। सब्जी मंडी व्यापारी संघ कई बार मंडी को विकसित करने की मांग कर चुका है। महापौर परिषद के सदस्य राजेश हिंगोरानी का कहना है कि मंडी के विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। recent visitors 98

दोस्तों के साथ चलती कार में प्रेमिका का गला घोंटकर मारा, गहने भी लूटे, सुलझी गुत्थी, प्रेमी सहित तीन गिरफ्तार

रतलाम शिवगढ़ पुलिस ने जामदा भिलान तालाब में मिले महिला के शव की गुत्थी सुलझा ली है। मामले में महिला के प्रेमी सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार महिला को प्रेमी उधार दिए 3500 रुपये नहीं दे रहा था, इस कारण वह बार-बार घर आकर प्रेमी के घर बैठने की धमकी दे रही थी। इससे नाराज होकर उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर चलती कार में प्रेमिका का गला घोंटकर हत्या कर दी थी। तालाब किनारे मिला था शव एएसपी राजेश खाखा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि छह अगस्त 2024 की सुबह 35 वर्षीय लीलाबाई पुत्री ऊंकार झोड़िया निवासी ग्राम बिलड़ी का शव ग्राम जामदा भिलान स्थित तालाब की पुलिया के पास तालाब किनारे मिला था।शव गहरे पानी में नहीं था। स्वजन ने बताया था कि लीलाबाई के शरीर पर पहने जेवर भी गायब हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हुआ संदेह लीलाबाई पांच अगस्त को सुबह शिवगढ़ गई थी। इसके बाद घर नहीं लौटी थी। संदेह था कि डूबने से उसकी मौत नहीं हुई है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत दम घुटने (गला घोंटने) से होना बताया गया। टीम ने जांच की तो पता चला कि हत्या लीलाबाई के प्रेमी 25 वर्षीय रवि राठौर ने अपने साथियों के साथ किया था। उसके साथ 24 वर्षीय अनिल निनामा व 21 वर्षीय शिवराज सिंह डोडिया ने दिया था। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या के बाद लूटे जेवर आरोपित हत्या करने के बाद जेवर भी लूटकर ले गए थे। उनके कब्जे से जेवर भी बरामद किए गए है। पहले हत्या का मामला दर्ज किया गया था। बाद में प्रकरण में लूट की धारा भी बढ़ाई गई है। टीम में एसआइ आरसी खड़िया, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी आदि भी शामिल थे। मोबाइल काल डिटेल से खुला राज एएसपी राकेश खाखा ने बताया कि लीलाबाई के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की जांच की तो फोन से अंतिम बार आरोपित रवि से बात होना पाया गया। रवि को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि लीलाबाई से उसके प्रेम संबंध थे। लीलाबाई ने उसे 15 हजार रुपये उधार दिए थे, जिसमें से वह 11500 रुपये दे चुका था तथा 3500 रुपये देना शेष थे। शेष रुपयों की मांग कर वह बार-बार फोन लगाकर घर आकर बैठने की धमकी देती थी। इस कारण उसने दोस्तों अनिल व शिवराज के साथ साजिश रचकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी।   कैमरों से बचने के लिए तालाब किनारे फेंका शव एएसपी राकेश खाखा के अनुसार जिले के मुख्य मार्गों व बाजारों सहित अनेक स्थानों पर सीसीसीटी कैमरे लगे है। लीलाबाई को रवि ने शिवगढ़ बुलाया था। रवि व अनिल पांच अगस्त को शिवराज की कार से शिवगढ़ पहुंचे थे। वहां से लीलाबाई को कार में बैठाया तथा कुछ दूर चलने के बाद चलती कार में ही रवि ने गला दबाकर लीलाबाई की हत्या कर कर दी थी। इसके बाद वे शव फेंकने के लिए इधर-उधर घूमते रहे तथा कैमरों से बचने के लिए तालाब किनारे पहुंचे तथा वहां शव फेंक दिया था, क्योंकि तालाब के आसपास कैमरे नहीं है। recent visitors 88

हिंडनबर्ग ने दी चेतावनी, भारत को लेकर बड़ा ऐलान, वह जल्द ही कुछ बड़ा करने वाला है

नई दिल्ली अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने भारत को लेकर फिर एक बड़ा ऐलान करते हुए चेतावनी दी है कि वह जल्द ही कुछ बड़ा करने वाला है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या एक बार फिर हिंडनबर्ग किसी भारतीय कंपनी को अपना निशाना बनाने वाला है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से शनिवार को पोस्ट करते हुए लिखा, 'जल्द ही कुछ बड़ा भारत में'। इस गुप्त संदेश को किसी भारतीय कंपनी पर निशाना बनाने की चेतावनी माना जा रहा है। गौरतलब है कि फर्म ने एक साल पहले अडानी समूह की कंपनियों पर भी कई आरोप लगाए थे, जिसमें उसने कहा था कि समूह शेयर बाजार में अंदरूनी व्यापार और अन्य उल्लंघनों में शामिल रहा है। अनियमितताओं का लगाया था आरोप जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें उसने अदानी समूह पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था। इसके बाद कंपनी के शेयर मूल्य में भारी गिरावट आई थी। हालांकि समूह ने हिंडनबर्ग के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। कोर्ट और सेबी ने दी थी क्लीन चिट भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी आरोपों पर सेबी की रिपोर्ट के बाद अडानी समूह को क्लीन चिट दे दी थी। हाल ही में शीर्ष अदालत ने अडानी-हिंडनबर्ग मामले की अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच के गठन की समीक्षा याचिका भी खारिज कर दी थी। इससे पहले इस साल जुलाई में वरिष्ठ वकील और भाजपा नेता महेश जेठमलानी ने आरोप लगाया था कि चीनी लिंक वाले एक अमेरिकी-आधारित व्यवसायी ने हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट बनाई थी, जिसके कारण जनवरी-फरवरी 2023 में अदानी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। चीनी साजिश का लगा था आरोप महेश जेठमलानी ने अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के पीछे चीनी हाथ होने का आरोप लगाया, जिसमें भारतीय समूह को निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा कि अडानी समूह पर हिट का काम हाइफा पोर्ट जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को खोने का चीनी प्रतिशोध था। recent visitors 104

जयशंकर से मिलने के बाद बदले मुइज्जू के सुर, हमेशा मालदीव का समर्थन करने पर पीएम मोदी और भारत को धन्यवाद कहा

नई दिल्ली भारत के साथ रिश्तों में तनाव के बीच मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। मुइज्जू ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस मुलाकात पर अपनी खुशी भी व्यक्त की। मुइज्जू ने ट्वीट किया कि आज डॉ. एस जयशंकर से मिलकर और मालदीव के 28 द्वीपों में जल एवं सीवरेज परियोजनाओं के आधिकारिक हस्तांतरण में उनके साथ शामिल होकर खुशी हुई। मुइज्जू ने हमेशा मालदीव का समर्थन करने पर पीएम मोदी और भारत को धन्यवाद कहा। पीएम मोदी को धन्यवाद मोहम्मद मुइज्जू ने कहा कि आज डॉ. जयशंकर से मिलकर और मालदीव के 28 द्वीपों में जल और सीवरेज परियोजनाओं के आधिकारिक हस्तांतरण में उनके साथ शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैं भारत सरकार खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मालदीव का हमेशा समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं। मजबूत हो रही साझेदारी मुइज्जू ने आगे कहा कि हमारी स्थायी साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है, जो सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग के माध्यम से हमारे देशों को करीब ला रही है। हम मिलकर इस क्षेत्र के लिए एक उज्जवल, अधिक समृद्ध भविष्य का निर्माण करते हैं। recent visitors 83

हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं तोड़ा गया अवैध निर्माण, कोलकाता नगर निगम की इस भूमिका से जज क्षुब्ध हैं

कोलकाता कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद महानगर के इकबालपुर में अवैध निर्माण नहीं तोड़ा गया। कोलकाता नगर निगम की इस भूमिका से जज क्षुब्ध हैं। हाई कोर्ट की जस्टिस अमृता सिन्हा ने इसे लेकर टिप्पणी की कि बार-बार निर्देश के बावजूद नगर निगम अवैध निर्माण को गिराने में विफल रहा है। जहां रातों-रात घर बन जाते हैं और उसे तोड़ने में सालों लग जाता है। जस्टिस सिन्हा ने कुछ महीने पहले इकबालपुर के डेंट मिशन रोड पर छह मंजिला अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद उस पर अमल नहीं हुआ। यही नहीं शकील अहमद सागर नाम के एक व्यक्ति अवैध निर्माण को गिराने के लिए और समय की मांग करते हुए हाई कोर्ट पहुंच गया, जिसे देखकर जज ने अपना गुस्सा जाहिर किया। कोर्ट ने पांच दिसंबर तक का दिया समय कोर्ट ने सवाल किया कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम ने अभी तक कोर्ट के किसी भी आदेश का पालन नहीं किया है। नगर निगम के वकील ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ की जा रही है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए समय देना होगा। वकील ने कहा कि छह मंजिला बहुमंजिला मकान को गैस कटर और हथौड़े से गिराना है, इसलिए काम बहुत धीमा है। उन्होंने कहा कि इस मकान को गिराने का काम अगले तीन महीने में पूरा किया जा सकता है। इस पर जज ने कोलकाता नगर निगम को उक्त मकान के गिराने के लिए पांच दिसंबर तक का वक्त दिया है। recent visitors 79