अब भारत का समय आ गया है, दुनिया की कोई शक्ति हमें महाशक्ति बनने से रोक नहीं सकती: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत वीरों को नमन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और डाक अनावरण व संस्कृत विभाग द्वारा निर्मित पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने बच्चों के साथ काकोरी शहीद मंदिर के बाहर सेल्फी भी ली। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि अब भारत का समय आ गया है, दुनिया की कोई शक्ति हमें महाशक्ति बनने से रोक नहीं सकती। आजादी के अमृत महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा जो पंच प्रण दिलाए गए हैं, उनको देश के हर नागरिक को आत्मसात करना होगा। यही हमारे अमर बलिदानियों और शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अगर हम इन प्रण को आत्मसात कर अपने कार्यों को पूरा करते हैं तो कोई कारण नहीं है कि हमारा देश विश्व गुरु और दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति न बने। काकोरी ट्रेन एक्शन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देश से बाहर जा रहे राजस्व को देश सेवा में प्रयुक्त करने की मंशा से जो कार्य पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह जैसे वीर सपूतों ने किया था उसने न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरीं थी। प्रदेश भर में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए यह मां भारती के वीर सपूतों, उन महान क्रांतिकारियों को जिन्होंने सर्वस्व बलिदान किया था, उन सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों व शहीदों को नमन करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन के दौरान क्रांतिकारियों ने रणनीति बनाकर भारत का पैसा जो ब्रिटेन ले जाया जा रहा था, उसे रोककर भारत की क्रांति में उपयोग किया था। तब जो रकम प्राप्त हुई थी वह मात्र 4,679 रुपए थी, जबकि अंग्रेजी हुकूमत ने 10 लाख रुपए केवल केस पर खर्च कर दिए। इस घटना में बिना सुनवाई के ही वीरों को फांसी की सजा सुना दी गई थी और नियत दिन से एक दिन पहले ही फांसी दे कर उस समय की हुकूमत ने कायरता दिखाई थी। उन्होंने कहा कि एक्शन में शामिल कुछ वीर सपूतों को फांसी हुई, जबकि कुछ को कालापानी की सजा हुई। इन सभी को अंग्रेजों ने तमाम प्रलोभन दिए मगर इनका एक ही जवाब था, 'जीवन पुष्प चढा चरणों पर, मांगे मातृभूमि से यह वर। तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें।' इसी संकल्प के साथ खुद को बलिदान करना स्वीकार किया मगर हार नहीं मानी। आज आजादी इन्हीं शहीदों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने अपनी शानदार यात्रा को आगे बढ़ाया है। भारत अगले 2 वर्षों में देश की तीसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बनने जा रहा है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए वोकल फॉर लोकल जैसे मूल्यों पर आगे बढ़ना होगा। दुनिया की कोई ताकत भारत का रास्ता नहीं रोक सकती। यही समय है, सही समय है। 1942 में 9 अगस्त, यानी आज के दिन ही महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज किया था। आज हर शहीद स्मारक पर राष्ट्र धुन के साथ विभिन्न बैंड की धुन बजेगी। हर घर तिरंगा अभियान चलेगा, जिसमें हर घर तिरंगा फहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में साढ़े चार करोड़ तिरंगा हर घर फहराया जाएगा। एक वर्ष तक चलने वाले राष्ट्रभक्ति के विभिन्न कार्यक्रमों में हम सबकी सहभागिता होनी चाहिए। आज नागपंचमी भी है, नाग कुंडलिनी शक्ति का द्योतक है। भारत को हॉकी और जैवलिन थ्रो में मेडल प्राप्त हुआ, सभी खिलाड़ियों का अभिनंदन है, देश इनसे प्रेरणा ले रहा है। इस अवसर पर सीएम योगी ने जिला प्रशासन लखनऊ व संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक्शन शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत 'वीरों को नमन' कार्यक्रम में रोहित खत्री (रामकृष्ण खत्री के प्रपौत्र), राजीव कुमार सिंह व क्षिप्रा सिंह (प्रपौत्र व प्रपौत्री ठाकुर रोशन सिंह), अशफाक उल्लाह खान (पौत्र अशफाक उल्लाह खान) तथा मनमोहन पाण्डेय (कैप्टन मनोज पाण्डेय के भाई) समेत स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान लघु फिल्म, नृत्य नाटिका, वीर गायन समेत विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन भी हुए। recent visitors 144

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने स्कूल की नि:शुल्क परिवहन सेवा का किया शुभांरभ

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि सीएम राईज महात्मा गांधी स्कूल भेल में 100 करोड़ रूपये की लागत से विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेगी। स्कूल विद्यार्थियों के लिये शैक्षणिक के साथ-साथ सांसकृतिक, कला और खेल कूद गतिविधियों का भी संचालन करेगा। इसके लिये स्कूल में स्मार्ट क्लासेस के साथ-साथ स्वीमिंग पूल जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी होगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर शुक्रवार को स्कूल में नि:शुल्क परिवहन सेवा शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि नि:शुल्क सेवा के पहले चरण में 55 सीटर 5 बसों को शुरू किया जा रहा है। अगले चरण में 4 और बसें शामिल की जायेगी। इन बसों के माध्यम से विद्यालय से 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर निवास करने वाले विद्यार्थियों को घर से स्कूल लाने ले जाने की सुविधा दी जायेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने स्कूल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि हार्ड वर्क से सफलता मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह अपनी योग्यता का उपयोग जिम्मेदारियों को पूरा करने में करे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि सरकार हर संभव सुविधा उपलब्ध करा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में अब सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से भी ज्यादा सुविधा संपन्न स्कूल बन रहे है। उन्होंने कहा कि बच्चे आने वाले कल का भविष्य है। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद श्री नीरज सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एके अहिरवार, प्राचार्य श्रीमती ममता सिंह स्कूल का स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित थे।   recent visitors 98

पेशेंट ने क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर की पत्नी को उतारा था मौत के घाट, आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई

इंदौर क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर की पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को विशेष न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। घटना पांच साल पहले 6 जून 2019 की, रेसकोर्स रोड पर स्थित डॉ. रामकृष्ण वर्मा का नर्सिंग होम की है। आरोपी ने डॉक्टर के बेटे को भी चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। डॉक्टर की अनुपस्थिति में घटना आरोपित ने 6 जून 2019 को रेसकोर्स रोड स्थित ग्रेटर मालवा नर्सिंग होम में वारदात को अंजमा दिया था। यह क्लीनिक डा. रामकृष्ण वर्मा का था। घटना वाले दिन डॉ. वर्मा किसी काम से दिल्ली गए थे। उनकी गैर मौजूदगी में हत्यारा रफीक खान वहां पहुंचा और उसने डॉ. वर्मा की पत्नी लता वर्मा से अपनी पत्नी का उपचार करवाने की बात कही। आरोपी ने डॉक्टर की पत्नी को मारा चाकू लता वर्मा ने डॉक्टर के दिल्ली जाने की बात कही, इस पर रफीक वहां से चला गया। कुछ देर बाद रफीक दोबारा क्लीनिक पर आया और बहस करने लगा। इस दौरान उसने चाकू निकाला और लता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसने महिला के पेट, सीने पर चाकू से कई वार किए। पास ही मोबाइल चला रहे लता के नातिन ने तुरंत इसकी जानकारी अपने मामा अभिषेक को दी। अभिषेक मां लता को बचाने पहुंचा तो हत्यारे ने उस पर भी चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल ले जहां डॉक्टरों ने लता को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के पास इलाज करा रहा था आरोपी पुलिस ने हत्यारे रफीक के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार रफीक डॉ. वर्मा से त्वचा से संबंधित किसी बीमारी का लंबे समय से उपचार करा रहा था। जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए हत्यारे रफीक खान को आजीवन कारावास और 6 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। recent visitors 109

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- NEET-PG 2024 परीक्षा को स्थगित करने की याचिका को खारिज कर दिया

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आज NEET-PG 2024 परीक्षा को स्थगित करने की याचिका को खारिज कर दिया। यह परीक्षा 11 अगस्त 2024 को निर्धारित है और राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षा को दो बैचों में आयोजित किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। बेंच में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल थे। सुनवाई के दौरान, CJI चंद्रचूड़ ने कहा, "देश में इतनी समस्याएं हैं, अब पीजी परीक्षा को रीशेड्यूल करने की बात आ गई है।" वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े, जो याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हो रहे थे, ने बताया कि परीक्षा को पहले भी स्थगित किया गया था, जो पहले 22 जून को निर्धारित थी। हेगड़े ने कहा कि वह केवल दूसरी मांग पर जोर दे रहे हैं, जिसमें यह अनुरोध किया गया है कि NEET-PG परीक्षा एक ही बैच में आयोजित की जाए ताकि सभी उम्मीदवारों के लिए एक समान और निष्पक्ष परीक्षण वातावरण सुनिश्चित हो सके। बेंच ने बताया कि याचिका केवल 5 छात्रों द्वारा दायर की गई है, जबकि कुल 2 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। CJI ने कहा, "5 छात्रों के लिए, हम 2 लाख छात्रों के करियर को खतरे में नहीं डाल सकते। निश्चितता होनी चाहिए।" इस याचिका में दो मुख्य चिंताएँ उठाई गई थीं। पहली, कि कई NEET-PG 2024 उम्मीदवारों को ऐसी परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया है जो उनके लिए पहुंचने में कठिन हैं। दूसरी, कि परीक्षा को दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है और Normalization का फार्मूला अज्ञात है, जिससे मनमानी की आशंका उत्पन्न हो रही है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2024 परीक्षा को रद्द करने की याचिका को भी खारिज कर दिया था, जिसमें पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। कोर्ट ने कहा कि पेपर लीक के मामले में कोई प्रणालीगत दोष नहीं था और परीक्षा की पवित्रता को प्रभावित करने का कोई प्रमाण नहीं मिला। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक पुनः परीक्षा आदेश देने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं और यह शैक्षणिक कार्यक्रम में व्यवधान डाल सकता है। मौजूदा मामले में, याचिकाकर्ता ने यह दावा किया है कि कई उम्मीदवारों को ऐसी शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जो उनके लिए अत्यंत असुविधाजनक हैं। याचिका में कहा गया है कि परीक्षा केंद्र आवंटन 31 जुलाई 2024 को किया गया था और विशेष केंद्र 8 अगस्त 2024 को घोषित किए जाएंगे। इस संक्षिप्त नोटिस के कारण, छात्रों के लिए यात्रा की व्यवस्था करना अत्यंत कठिन हो गया है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि Normalization फार्मूला को उम्मीदवारों के सामने रखा जाए ताकि किसी भी प्रकार की मनमानी को रोका जा सके। याचिकाकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि परीक्षा केंद्रों का आवंटन अधिक समान और पारदर्शी तरीके से किया जाए और छात्रों को पास के स्थानों पर केंद्र आवंटित किए जाएं। याचिका को एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड अनस तंवीर के माध्यम से दायर किया गया है।   recent visitors 100

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा- मरीज़ों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ देना हमारी ज़िम्मेदारी

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि नरसिंहपुर जिले के सिविल अस्पताल गाडरवारा में इलाज के लिए आने वाले मरीज़ों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ देना हमारी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर को व्यवस्थित कर उसे सुचारू रूप से बनायें रखने और मरीज़ों के उचित इलाज की व्यवस्था रखने के निर्देश दिये। शिक्षा मंत्री श्री सिंह आज रोगी कल्याण समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्री शिवाकांत मिश्रा एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में मंत्री श्री सिंह ने कहा कि गाडरवारा सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिये नवाचारों को बढ़ावा दें। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्री श्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर क्षमता एवं नियमानुसार स्टाफ रखा जा सकता है। उन्होंने विधायक निधि से ट्यूबवेल के लिए दो लाख रुपये और अस्पताल में विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने, जनरेटर के लिए 13 लाख रुपये देने की स्वीकृति भी प्रदान की। चर्चा के दौरान ओपीडी पर्ची 10 रुपये प्रति व्यक्ति करने पर सहमति हुई। बैठक में यह तय हुआ कि सिविल अस्पताल परिसर की दुकानों का नया अनुबंध कराया जाये। दानदाताओं का सहयोग आवश्यक स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मरीज़ों को गुणवत्तापूर्ण सुविधा देने के लिए समाज सेवियों, जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना होगा। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि उनके द्वारा अस्पताल को प्रतिवर्ष एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी। बैठक में अस्पताल में बने प्रायवेट एसी वार्ड कक्ष का चार्ज 800 रुपये और एसी रहित कक्ष का चार्ज 400 रुपये करने का निर्णय लिया गया। बैठक में सिविल अस्पताल के आसपास अतिक्रमण हटाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये। उन्होंने कहा कि अस्पताल का व्यवस्थित मुख्य द्वार बनाया जाये। उन्होंने अस्पताल उन्नयन के लिए प्रोपोजल तैयार करने और ऑक्सीजन प्लांट के लायसेंस की कार्यवाही में गति लाने को कहा। सिविल अस्पताल में पौधरोपण मंत्री श्री सिंह ने बैठक के पूर्व सिविल अस्पताल गाडरवारा परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने गाडरवारा शहर में पौधरोपण अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।   recent visitors 108

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर को एक करोड़ रूपये देने की घोषणा की

भोपाल   भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक हासिल कर इतिहास रचा है। मध्यप्रदेशवासी भी इस जीत का जश्न मना रहे है, क्योंकि विजयी भारतीय टीम में म.प्र. इटारसी के चांदौन गांव के विवेक सागर प्रसाद ने अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के इस होनहार खिलाड़ी का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें एक करोड़ रूपये देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज वीडियो कॉल कर विवेक और पूरी भारतीय टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विवेक को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जिस लगन और परिश्रम से भारतीय हॉकी टीम ने देश को गौरवान्वित किया है, वह प्रशांसनीय है। उल्लेखनीय है मध्यप्रदेश राज्य हॉकी आकादमी के पूर्व खिलाड़ी रहे विवेक सागर दूसरी बार ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया है। इसके पूर्व टोक्यों ओलंपिक-2020 में भी भारतीय टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था।   recent visitors 84

अगस्त क्रांति की वर्षगांठ पर तिरंगा यात्रा माल रोड में स्थित जीबी पंत पार्क से लेकर चौघानपाटा गांधी पार्क तक निकाली गई

अल्मोड़ा उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन ने अगस्त क्रांति की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता सेनानी सम्मान यात्रा निकाली। यह तिरंगा यात्रा माल रोड में स्थित जीबी पंत पार्क से लेकर चौघानपाटा गांधी पार्क तक निकाली गई। इस यात्रा के दौरान शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए नमन किया गया। इसमें अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी व निवर्तमान पालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी भी मौजूद रहे। स्वतंत्रता सेनानी सम्मान यात्रा के सम्पूर्ण होने पर गांधी पार्क में सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान भारत की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान मौके पर मौजूद सभी वक्ताओं ने कहा कि स्वाधीनता संग्राम के अंतिम आंदोलन के रूप में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था। आज यानी 9 अगस्त को उन सभी महान विभूतियों को याद करने का दिन है। वहीं इस अवसर पर विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अल्मोड़ा जनपद का अपना विशेष योगदान रहा है। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने आजादी के संग्राम में हिस्सा लिया। इन स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को आजाद करवाने के लिए अहम भूमिका निभाते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी। recent visitors 86