यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है, उत्तराखंड में अक्टूबर में लागू होगी UCC !

देहरादून उत्तराखंड में इस साल अक्टूबर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी संकेत दिए थे कि प्रदेश में जल्द ही यूसीसी लागू किया जा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज्य सरकार द्वारा पारित विधेयक को इस साल मार्च में ही मंजूरी दे चुकी हैं। यूसीसी के तहत अब राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकारी और लिव इन रिलेशनशिप को नियंत्रित किया जाएगा। यूसीसी के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी निजी कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा। इस संबंध में पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में कहा था, "यह कानून समानता, एकरूपता और समान अधिकार का है। इसे लेकर कई तरह की शंकाएं थीं, लेकिन विधानसभा में दो दिन की चर्चा से सब कुछ स्पष्ट हो गया। यह कानून किसी के खिलाफ नहीं है। यह उन महिलाओं के लिए है, जिन्हें सामाजिक कारणों से परेशानी का सामना करना पड़ता है।" उन्होंने आगे कहा था, “इससे उनका (महिलाओं का) आत्मविश्वास मजबूत होगा। यह कानून महिलाओं के समग्र विकास के लिए है।" recent visitors 74

देवेंद्र फडणवीस ने लगाए गंभीर आरोप- ‘मुझे जेल में डालने के लिए अधिकारियों को दिया गया कॉन्ट्रैक्ट’

महाराष्ट्र महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की पिछली महाविकास अघाड़ी गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शनिवार को दावा किया कि एमवीए की सत्ता के दौरान उन्हें और भाजपा के दूसरे नेताओं को फंसाने व जेल में डालने के लिए अधिकारियों को सुपारी दी गई थी। उन्होंने कहा, 'महाविकास अघाड़ी सरकार के दौरान झूठे मामले बनाकर मुझे गिरफ्तार करने की साजिश रची गई। मगर, यह गनीमत रही कि हम उस समय इनका पर्दाफाश करने में सफल रहे। इसे लेकर हमने वीडियो सबूत भी सीबीआई को सौंपे। आज तक हमारे पास इसके कई वीडियो सबूत हैं।' देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'एमवीए शासन के दौरान कुछ अधिकारियों को मेरे, गिरीश महाजन और प्रवीण दरेकर जैसे नेताओं को जेल में डालने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। कुछ अधिकारियों ने इसे ले भी लिया, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय कई अधिकारियों ने यह करने से इनकार कर दिया था।' डिप्टी सीएम ने मुंबई के पूर्व टॉप पुलिस ऑफिसर परमबीर सिंह के आरोप को लेकर सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उन पर भाजपा नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने के लिए दबाव डाला। 'झूठे मामलों में गिरफ्तार करने की साजिश' उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 'उन्होंने (परमबीर सिंह) मुझे और दूसरे भाजपा नेताओं को गिरफ्तार करने की कोशिशों पर जो कहा, वह पूरी तरह सच है। उन्होंने तो केवल एक ही घटना के बारे में बात की है। मगर, ऐसी 4 घटनाएं हैं जिनमें मुझे झूठे मामलों में गिरफ्तार करने की साजिश रची गई।' महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बीते दिनों दावा किया कि फडणवीस ने परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से बचाने की कोशिश की थी। साथ ही, एमवीए सरकार को गिराने के लिए सिंह से उनके खिलाफ आरोप लगाने को कहा था। 'फडणवीस को बदनाम करने की रणनीति' भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह फडणवीस को बदनाम करने की रणनीति थी। बीजेपी ने यह सवाल भी उठाया कि एक नेता जो उस समय विपक्ष में था, वह पुलिस अधिकारी से ऐसा कैसे कह सकता है? फडणवीस और सिंह दोनों ने वरिष्ठ राकांपा नेता (शरदचंद्र पवार) की ओर से उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को अलग-अलग खारिज कर दिया। देशमुख के दावों के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने विस्तार से बताए बिना कहा, 'झूठ बोले कौवा कटे… काले कौवे से डरियो।' सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने गृह मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस अधिकारियों से बार और रेस्तराओं से हर माह 100 करोड़ रुपये वसूलने को कहा था। इस आरोप के मद्देनजर देशमुख ने 2021 में गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।   recent visitors 83

बांग्लादेश के पड़ोस में रोहिंग्यों का फिर कत्लेआम, पहले ड्रोन से पीछा किया, फिर बरसाईं गोलियां

ढाका बांग्लादेश में मची मारकाट के बीच उसके पड़ोस में कई दर्जन रोहिंग्यों का फिर से कत्लेआम कर दिया गया। म्यांमार से भाग रहे रोहिंग्याओं पर ड्रोन हमले में कई दर्जन लोग मारे गए, जिनमें ऐसे परिवार भी शामिल थे जो अपने मासूम बच्चों के साथ भाग रहे थे। कई लोगों ने बताया कि शवों के ढेर लग गए। जीवित बचे लोग अपने रिश्तेदारों की पहचान करने के लिए शवों के ढेर के बीच भटक रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, गवाहों, कार्यकर्ताओं और एक राजनयिक ने बताया कि ये हमला सोमवार को हुआ था। पहले ड्रोन ने उनका पीछा किया और फिर उन पर बम गिरा दिए। ये लोग पड़ोसी बांग्लादेश में सीमा पार करने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान उन पर ड्रोन से हमला किया गया। अराकान आर्मी इसके लिए जिम्मेदार गर्भवती महिला और उसकी 2 साल की बेटी भी पीड़ितों में शामिल थी। यह हाल के हफ्तों में सैनिक और विद्रोहियों के बीच लड़ाई के दौरान राखीन राज्य में नागरिकों पर सबसे घातक हमला था। तीन गवाहों ने शुक्रवार को रॉयटर्स को बताया कि अराकान आर्मी इसके लिए जिम्मेदार है, लेकिन समूह ने आरोपों से इनकार किया। मिलिशिया और म्यांमार की सेना ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। हमले में मारे गए लोगों की सटीक संख्या के बारे में पता नहीं चल पाया है। लेकिन ऐसी आशंका है कि कई दर्जन लोग मारे गए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में कीचड़ भरे मैदान में शवों के ढेर दिखाई दे रहे थे, उनके सूटकेस और बैग उनके इर्द-गिर्द बिखरे पड़े थे। तीन जीवित बचे लोगों ने बताया कि 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि घटना के बाद के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने कम से कम 70 शव देखे हैं। जो वीडियो सामने आया है उसके हिसाब से घटना म्यांमार के तटीय शहर मौंगडॉ के ठीक बाहर हुई थी। गर्भवती महिलाएं, बच्चों की भी मौत एक गवाह, 35 वर्षीय मोहम्मद इलियास ने कहा कि हमले में उनकी गर्भवती पत्नी और 2 वर्षीय बेटी घायल हो गईं और बाद में उनकी मौत हो गई। बांग्लादेश में एक शरणार्थी शिविर से इलियास ने बताया कि जब ड्रोन ने भीड़ पर हमला करना शुरू किया, तो वह उनके साथ तटरेखा पर खड़ा था। उन्होंने कहा, "मैंने कई बार गोलाबारी की गगनभेदी आवाज सुनी।" इलियास ने कहा कि वह खुद को बचाने के लिए जमीन पर लेट गया और जब वह उठा, तो उसने देखा कि उसकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हैं और उसके कई अन्य रिश्तेदार मर चुके हैं। एक दूसरे गवाह, 28 वर्षीय शमसुद्दीन ने कहा कि वह अपनी पत्नी और नवजात बेटे के साथ बच गया। बांग्लादेश में एक शरणार्थी शिविर से बोलते हुए, उन्होंने कहा कि हमले के बाद कई लोग मृत पड़े थे और "कुछ लोग अपनी चोटों के दर्द से चिल्ला रहे थे"। नावें पलटने से भी कई लोग मरे दो प्रत्यक्षदर्शियों और बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, म्यांमार में अत्यधिक उत्पीड़न का सामना कर रहे मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य रोहिंग्याओं को लेकर जा रही नावें भी सोमवार को दोनों देशों को अलग करने वाली नाफ नदी में डूब गईं, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए। मेडिसिन्स सैन्स फ्रंटियर्स ने एक बयान में कहा कि सहायता संगठन ने शनिवार से म्यांमार से बांग्लादेश में प्रवेश करने वाले 39 लोगों का इलाज किया है, जो हिंसा से संबंधित चोटों से घायल थे। उनको मोर्टार शेल की चोटें और बंदूक की गोली लगी थी। बयान में कहा गया है कि मरीजों ने बताया कि नदी पार करने के लिए नाव खोजने की कोशिश करते समय लोगों पर बमबारी की गई। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी को "बंगाल की खाड़ी में दो नावों के पलटने से शरणार्थियों की मौत की जानकारी है" और उसने मौंगडॉ में नागरिकों की मौत की खबरें सुनी हैं, लेकिन वह संख्या या परिस्थितियों की पुष्टि नहीं कर सकता। 2017 से बढ़ी मारकाट बौद्ध बहुल म्यांमार में रोहिंग्या को लंबे समय से सताया जा रहा है। 2017 में सैन्य नेतृत्व वाली कार्रवाई के बाद उनमें से 730,000 से अधिक लोग देश छोड़कर भाग गए थे। इसके बारे में संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि यह नरसंहार के इरादे से किया गया था। 2021 में सेना द्वारा लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार से सत्ता हथियाने के बाद से म्यांमार में उथल-पुथल मची हुई है और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन व्यापक सशस्त्र संघर्ष में बदल गए हैं। रोहिंग्या कई हफ्तों से राखीन छोड़ रहे हैं क्योंकि अराकान आर्मी, जो कई सशस्त्र समूहों में से एक है, उसने उत्तर में बड़े पैमाने पर जीत हासिल की है। उस इलाके में मुसलमानों की एक बड़ी आबादी रहती है। recent visitors 84

संसद का मानसून सत्र समाप्त होते ही सपा मुख्यालय पर आज चुनावी हलचल तेज, अखिलेश ने बिछाई उपचुनाव की बिसात

लखनऊ संसद का मानसून सत्र समाप्त होते ही समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर शनिवार को चुनावी हलचल तेज हो गई। प्रदेश में 10 सीटों पर हाेने वाले विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश मुख्यालय पहुंचे तो उनसे मिलकर टिकट पाने के लिए कई दावेदारों का तांता लग गया। इस बीच फैजाबाद लोकसभा की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनावी रणभेरी फूंकने पहुंचे तो ठीक उसी समय अखिलेश यादव ने फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद को बुलाकर अपनी बिसात भी बिछा दी। करीब 25 मिनट तक अखिलेश यादव से मंथन के बाद अवधेश प्रसाद सभागार से बाहर निकले तो उनके चेहरे पर प्रसन्नता साफ दिखी। समर्थकों से बोले क्षेत्र में जाओ और तैयारी शुरू कर दो। माना जा रहा है कि उनके बेटे को उपचुनाव लड़ने का ग्रीन सिग्नल मिल गया है। तैयारियों ने दिया संकेत शनिवार की तैयारियों ने संकेत दे दिया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए भी मिल्कीपुर उपचुनाव का केंद्र होगा। प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी, फूलपुर, गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, कुंदरकी,मझवां और सीसामऊ पर उपचुनाव होना है, उसमें पांच सीटें करहल, मिल्कीपुर, कुंदरकी, कटेहरी, सीसामऊ पर सपा ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। मिल्कीपुर से विधायक रहे अवधेश प्रसाद , कटेहरी से विधायक लालजी वर्मा, कुंदरकी से जियाउर्रहमान बर्क और करहल से अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गए हैं। उनके चुनाव जीतने से यह सीटें खाली हुई हैं। इसके अलावा कानपुर की सीसामऊ सीट से विधायक रहे इरफान सोलंकी को सजा सुनाए जाने के बाद रिक्त घोषित हुई इस सीट पर उपचुनाव होना है। यह विडियो भी देखें सपा किसे दे सकती है टिकट? सपा फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को मिल्कीपुर, अंबेडकरनगर के सांसद लालजी वर्मा की बेटी छाया वर्मा को कटहरी, करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ से इरफान सोलंकी की पत्नी या उनकी मां और कुंदरकी से पूर्व विधायक हाजी रिजवान को अपना उम्मीदवार बना सकती है। हाजी रिजवान सपा से विधायक रह चुके हैं। मीरापुर विधानसभा सीट पर पिछला चुनाव सपा ने राष्ट्रीय लोकदल के साथ मिलकर लड़ा था। उस चुनाव में विजयी हुए चंदन चौहान अब सांसद बन गए हैं। मुस्लिम और जाट बहुल इस सीट पर सपा पूर्व सांसद कादिर राणा को मौका दे सकती है। सपा की नजर फूलपुर विधानसभा सीट पर भी है। इस सीट पर सपा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में केवल 2792 वोटों से हारी थी। इस बार पार्टी किसी कुर्मी को प्रत्याशी बना सकती है। मीरजापुर की मझवां सीट पर सपा बिंद प्रत्याशी को टिकट दे सकती है। खैर और गाजियाबाद विधानसभा सीटों को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच मंथन चल रहा है। recent visitors 110

मुस्लिमों को रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताकर पीटने का मामला सामने आया, बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए ऐसा बदला!

नई दिल्ली दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हिन्दू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं द्वारा झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे मुस्लिमों को रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताकर पीटने का मामला सामने आया है। इस दौरान कई झुग्गियों में तोड़फोड़ कर आग भी लगा दी गई। गाजियाबाद पुलिस ने इस मारपीट के संबंध में हिन्दू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उनके 15-20 अज्ञात साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि, बांग्लादेश में सियासी तख्ता पलट के बाद वहां रहने वाले हिन्दुओं पर किए जा रहे कथित अत्याचार की खबरों का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है।   जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम को गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले संजय नगर स्थित झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे कूड़ा बीनने वाले लोगों पर हिन्दू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उनके साथियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों ने यहां रहने वाले लोगों के साथ गाली-गलौज कर उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान पिंकी चौधरी का कहना था कि ये लोग बांग्लादेशी हैं। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन फिर भी उग्र हुए लोग उनके साथ तोड़फोड़ करते रहे। इस पूरे मामले में पुलिस ने पिंकी चौधरी और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर गाजियाबाद पुलिस इस घटना के संबंध में शनिवार को मधुबन बापूधाम थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं 191 (2), 354, 115 (2), 117 (4), 299, 324 (5) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गाजियाबाद की जिन झुग्गियों में यह तोड़फोड़ और मारपीट हुई यह घटना हुई वह गुलधर रेलवे स्टेशन के पास फ्री होल्ड कॉलोनी के पीछे बसी हुई हैं। पिटने वालों में कोई भी बांग्लादेशी नहीं था : एसीपी एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया, ''दिनांक 09.08.2024 को थाना मधुबन बापूधाम क्षेत्र अंतर्गत गुलधर रेलवे स्टेशन के पास झुग्गियों में कुछ लोग रह रहे थे। वहां पर हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी अपने 15-20 समर्थकों के साथ पहुंचकर उन पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट करने लगे और उनकी झुग्गियों में तोड़फोड़ करने लगे। जांच के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि वहां रह रहे लोगों में से कोई भी बांग्लादेशी नहीं था। उक्त घटना का संज्ञान लेते हुए हिंदू रक्षा दल अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उनके समर्थकों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई जारी है।''   recent visitors 81

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी 11-13 अगस्त तक बहुत भारी बरसात होने का अलर्ट जारी किया गया: IMD

नई दिल्ली उत्तर भारत समेत देशभर में इन दिनों भारी बरसात देखने को मिल रही है। आने वाले दो दिनों तक उत्तर भारत, पहाड़ी इलाकों, मध्य इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, इसके बाद बारिश से कुछ राहत मिलने की संभावना है। इसके अलावा, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी 11-13 अगस्त तक बहुत भारी बरसात होने का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मेघालय, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, सिक्किम, बिहार, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, कोंकण और गोवा में भी बहुत भारी बारिश हुई। उत्तर भारत की बात करें तो हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10-16 अगस्त, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10, 11 अगस्त को मध्यम से भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पंजाब में 10 और 11 अगस्त, हरियाणा, चंडीगढ़ में 10, 11 और 14 अगस्त को भारी बरसात होगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 10 अगस्त, उत्तराखंड में 10 व 11 अगस्त, पूर्वी राजस्थान में 10-14 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी और मध्य भारत को लेकर मौसम विभाग ने कहा है कि छत्तीसगढ़, गुजरात में 10, पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 और 11 अगस्त, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र में 10 व 11 अगस्त को भारी बारिश होगी। इसके अलावा, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 10-16 अगस्त, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 10, 15 और 16 अगस्त, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा में 14-16 अगस्त, बिहार में 10-13 अगस्त को भारी बारिश जारी रहने वाली है। recent visitors 99

जेल से बाहर निकलते ही मनीष सिसोदिया ने बड़े मिशन का ऐलान कर दिया, आम आदमी पार्टी में जश्न का माहौल

नई दिल्ली दिल्ली शराब घोटाले में पिछले 17 महीनों से तिहाड़ जेल में बंद मनीष सिसोदिया आखिरकार जमानत पर बाहर आ गए हैं। इससे आम आदमी पार्टी में जश्न का माहौल है। दिल्ली में अगले 6 महीनों में विधावसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में मनीष सिसोदिया की रिहाई पार्टी के लिए संजीवनी मानी जा रही है। इस बीच जेल से बाहर निकलते ही मनीष सिसोदिया ने बड़े मिशन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने शनिवार को आम आदमी पार्टी के कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबधित करते हुए इस मिशन का ऐलान किया। दरअसल उन्होंने दावा किया दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जमानत जब्त होगी। इसके लिए उन्होंने आप कार्यकर्ताओं को अभी से तैयारी करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, भाजपा को बताना चाहता हूं कि वोट ढूढते रह जाओगे, आज से ही हमे लगना होगा। दिल्ली के लोग हरियाणा के लोग ये लड़ाई सिर्फ आप की नहीं है ये लड़ाई सत्य और देश बचाने की लड़ाई है। तानाशाही से देश को बचाने की है। उन्होंने आगे कहा,  ये भाजपा वाले सिर्फ विपक्ष के नेताओ को परेशान नहीं कर रहे है।  ये चंदे के धंधे में बड़े बड़े व्यापारियों को नोटिस भेजकर जेल भेज देते है। ये तानाशाही नहीं है तो क्या है। हमे इसके खिलाफ लड़ना है। इससे पहले गोपाल राय ने कहा था, मनीष सिसोदिया की जमानत अगले विधानसभा में भाजपा के जमानत जब्त होने की शुरुआत है।  मनीष सिसोदिया की जमानत इस बात का एलान है कि तानाशाही कितना भी मजबूत हो वो पराजित होती है और सत्य की जीत दे र से ही सही लेकिन जीत मिलती है। उधर मनीष सिसोदिया ने कहा, अब तो दुश्मन भी इस बात को मानने लगा है कि 6 महीने, 17 महीने इनके नेता जेल में रहते हैं लेकिन फिर भी टूटते नहीं हैं, ये किस मिट्टी से बने हैं। हम इसलिए नहीं टूटते क्योंकि हम उस मिट्टी से बने हैं, जिसमें भगत सिंह के पसीने की बूंद गिरी थी, जिस मिट्टी में महात्मा गांधी जी को गोली मारी गई थी। मैं दिल्ली-हरियाणा और पूरे देश के लोगों से कहना चाहता हूँ कि तानाशाह के ख़िलाफ़ लड़ाई एक-एक आम आदमी को लड़नी होगी।   recent visitors 104