विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा सीएम राइज स्कूल, मंत्री गौर ने निश्शुल्क बस सेवा का किया शुभारंभ

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि सीएम राईज महात्मा गांधी स्कूल भेल में 100 करोड़ रूपये की लागत से विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेगी। स्कूल विद्यार्थियों के लिये शैक्षणिक के साथ-साथ सांसकृतिक, कला और खेल कूद गतिविधियों का भी संचालन करेगा। इसके लिये स्कूल में स्मार्ट क्लासेस के साथ-साथ स्वीमिंग पूल जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी होगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर शुक्रवार को स्कूल में नि:शुल्क परिवहन सेवा शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि नि:शुल्क सेवा के पहले चरण में 55 सीटर 5 बसों को शुरू किया जा रहा है। अगले चरण में 4 और बसें शामिल की जायेगी। इन बसों के माध्यम से विद्यालय से 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर निवास करने वाले विद्यार्थियों को घर से स्कूल लाने ले जाने की सुविधा दी जायेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने स्कूल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि हार्ड वर्क से सफलता मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह अपनी योग्यता का उपयोग जिम्मेदारियों को पूरा करने में करे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि सरकार हर संभव सुविधा उपलब्ध करा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में अब सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से भी ज्यादा सुविधा संपन्न स्कूल बन रहे है। उन्होंने कहा कि बच्चे आने वाले कल का भविष्य है। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद श्री नीरज सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एके अहिरवार, प्राचार्य श्रीमती ममता सिंह स्कूल का स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित थे। इन विद्यार्थियों को मिलेगा बस सेवा का लाभ राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि सरकार द्वारा हरसंभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अब सरकारी स्कूल निजी से भी ज्यादा सुविधा संपन्न बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि निश्शुल्क बस सेवा के पहले चरण में 55 सीटर वाली पांच बसों को शुरू किया जा रहा है। अगले चरण में चार और बसें शामिल की जाएंगी। इन बसों के माध्यम से विद्यालय से दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर निवास करने वाले विद्यार्थियों को घर से स्कूल लाने ले जाने की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने स्कूल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में पार्षद नीरज सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी एके अहिरवार, प्राचार्य हेमलता परिहार, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे। recent visitors 180

JK पुलिस ने जारी किए 4 आतंकियों के स्केच, सूचना देने वाले को 5 लाख का इनाम

जम्मू  जून-जुलाई के महीने से जम्मू रेंज में लगातार हो रहे आतंकी हमलों के बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को सीमावर्ती जिले कठुआ में 4 और आतंकियों के स्केच जारी किए. जम्मू कश्मीर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. उन्हें संदेह है कि वे कठुआ जिले के मल्हार, बानी और सियोजधार के ऊपरी इलाकों में हो सकते हैं. पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कठुआ पुलिस ने 04 आतंकवादियों के स्केच जारी किए हैं, जिन्हें आखिरी बार मल्हार, बानी और सोजधार के धोकों में देखा गया था. अधिकारियों ने आगे बताया कि प्रत्येक आतंकवादी पर कार्रवाई योग्य सूचना के लिए 5 लाख का इनाम रखा गया है. आतंकवादियों की विश्वसनीय सूचना देने वाले को भी उचित इनाम दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लोगों से इन आतंकवादियों के किसी भी तरह के देखे जाने या उनकी गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने को कहा है. इससे पहले पुलिस ने रियासी में बस पर हमले में शामिल एक आतंकवादी का स्केच जारी किया था और आतंकवादी के बारे में सूचना देने पर 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. पुलिस ने डोडा में दो हमलों में शामिल चार आतंकवादियों के स्केच भी जारी किए थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. यह बताना उचित होगा कि 8 जुलाई को सीमावर्ती जिले कठुआ में आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे और पांच घायल हो गए थे. recent visitors 80

ग्राम हर्रहवा मे पहुचकर कलेक्टर ने प्रभावित ग्रामीणो जनों का जाना हाल चाल

सिंगरौली कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता गुप्ता के द्वारा संयुक्त रूप से सासन पावर द्वारा निर्मित किये गये ऐस डाईक का निरीक्षण किया गया। तथा सासन पावर के उपस्थित अधिकारियों से डैम के गुणवत्ता के संबंध में सभी विंदुओ पर जानकारी ली गई। साथ ही निर्देश दिये गये कि ऐस डाईक  डैम से किसी भी प्रकार की जन धन हानि नही होनी चाहिएं। इसके लिए डैम की निरंतर निगरानी की जाये। डैम में जो कमिया है उनका तत्काल सुधार कराये ताकि अतिवृष्टि के दौरान किसी प्रकार की दुघर्टना घटित न होने पाये।  कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने हर्रहवा गाव में पहुचकर आम जन मानस से चर्चा कर लोगो का हालचाल जाना तथा  जिन स्थलो पर पानी का भराव था मौके पर ही  जेसीबी तथा लगभग 100 मजूदरो का लगवाया जाकर भराव वाले पानी की निकासी का कार्य प्रारंभ कराया गया।  कलेक्टर ने अतिवृष्टि को दृष्टिगत रखते हुये ऐसे आवास जहा जल भराव होने की संभावना बनी रहती है उन परिवारो को मौके पर उपस्थित एसडीएम को निर्देश दिये कि इन्हे सुरंक्षित स्थान पर सिफ्ट किया जाये।तथा सासन पावर के अधिकारियो को निर्देश दिये गये कि सिफ्ट किये जाने वाले परिवारो के लिए व्यवस्थित स्थल का तत्कल प्रबंध करे। एवं इनके रहने खाने का उचित प्रबंध कराने में सहयोग करे। साथ ही जल भराव वाले स्थलो से पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करे। तथा अनउपयोगी कूपो का भराव कराये। साथ ही पात्र व्यक्तियों को जिन्हे अभी तक पात्रता पर्ची नही मिली है उन्हें पात्रता पर्ची उपलंब्ध कराया जाये। भ्रमण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार बर्मा, एसडीएम सृजन बर्मा सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं सासन पावर के वरिष्ट अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 73

सांसदों ने एसटी/एससी के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में संयुक्त रूप से एक ज्ञापन सौंपा

नई दिल्ली / हरिद्वार एसटी/एससी समुदाय से जुड़े करीब 100 भाजपा सांसदों ने  शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान सांसदों ने एसटी/एससी के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में संयुक्त रूप से एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि इस फैसले को एसटी/एससी समाज में नहीं लागू किया जाना चाहिए। सांसदों के मुताबिक पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भाजपा राज्यसभा सांसद  एवं गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो.सिकंदर कुमार ने बताया कि  प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार सांसदों के पक्ष में काम करेगी। दोनों सदनों के करीब 100 सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज पीएम मोदी से मुलाकात कर अपनी मांगे रखीं। गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविदास आचार्य एवं उत्तराखंड के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और महापीठ के संगठन महामंत्री सूरज भान कटारिया ने स्पष्ट कहा है की एससी/एसटी से क्रीमी लेयर (पहचानने) (और आरक्षण लाभ से उन्हें बाहर करने) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू नहीं किया जाना चाहिए। इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर असहमति जताई थी और कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इस फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करेगी। बता दें कि 1 अगस्त को एक ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्यों के पास एससी और एसटी में उप-वर्गीकृत करने का अधिकार होगा। इसके साथ ही संबंधित प्राधिकरण को यह सुनिश्चत करना होगा कि क्या उस वर्ग का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है, मात्रात्मक प्रतिनिधित्व के बजाय प्रभावी प्रतिनिधित्व के आधार पर पर्याप्तता की गणना करनी चाहिए।  हालांकि देशभर के कई संगठनों ने 21 अगस्त को बंद का आह्वान भी किया है। क्या था मामला … सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण के लिए राज्यों को दी थी अनुमति गौरतलब है कि 1 अगस्त को शीर्ष अदालत ने 6:1 के बहुमत से फैसला सुनाया कि एससी और एसटी आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण की अनुमति है। यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सात जजों की बेंच ने सुनाया, जिसने ईवी चिन्नैया मामले में पहले के फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उप-वर्गीकरण की अनुमति नहीं है क्योंकि एससी/एसटी समरूप (होमोजेनस) वर्ग बनाते हैं। सीजेआई चंद्रचूड़ के अलावा बेंच में जस्टिस बीआर गवई, विक्रम नाथ, बेला एम त्रिवेदी, पंकज मिथल, मनोज मिश्रा और सतीश चंद्र शर्मा शामिल थे। सुनवाई के दौरान जस्टिस बीआर गवई ने सुझाव दिया था कि राज्य अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों में से भी क्रीमी लेयर की पहचान करने के लिए एक नीति विकसित करें। हालांकि जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के भीतर उप-वर्गीकरण की अनुमति दिए जाने के पक्ष में असहमति जताई। recent visitors 94

स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है, उन्होंने तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है

नई दिल्ली दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने हाल ही में भारत में स्पोर्टिंग कल्चर पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि देश में क्रिकेट का प्रभुत्व ज्यादा है और बाकी खेलों को उतनी अहमियत नहीं दी जा रही, जितनी मिलनी चाहिए। 2012 लंदन ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साइना का का मानना है कि क्रिकेट की तुलना में बैडमिंटन और टेनिस समेत कई अन्य खेल शारीरिक रूप से ज्यादा कठिन हैं। साइना की यह बात कई क्रिकेट फैंस को बुरी लगी। एक यूजर ने सोशल मीडिया 'प्लेटफॉर्म' एक्स पर लिखा था, "देखते हैं कि जब जसप्रीत बुमराह की 150 किलोमीटर रफ्तार की बम्पर गेंद साइना के सिर पर आएगी तो वह क्या करेंगी।" स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है। उन्होंने भारत के धाकड़ तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है। 'बैडमिंटन हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी' साइना ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में कहा, ''देखिए, आप क्रिकेट क्या मरने के लिए खेलेंगे। यह मेरा पॉइंट नहीं। हम मरने की बात नहीं कर रहे हैं। आप गेम जीतने-हारने के लिए खेलते हैं। आप गेम अपने देश का मान बढ़ाने के लिए खेलते हैं। बैडमिंटन इसलिए मुश्किल है क्योंकि आप हाथ ऊपर करके स्ट्रोक खेल रहे हैं। हाथ ऊपर करके खेलना बहुत मुश्किल होता है। उसकी वजह से आपकी दिल की धड़कन तेज हो जाती है। मैंने बैडमिंटन में भी हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी है। मैं यह नहीं कह रही हूं कि बैडमिंटन ही सबसे ज्यादा टफ गेम है। टेनिस, स्विमिंग का भी मैंने जिक्र किया था। क्या क्रिकेट और फुटबॉल टफ नहीं हैं। लेकिन तुलनात्मक रूप से आप देखें, जब बैटिंग करते हैं तो यह स्किल बेस्ड है। मैंने यह नहीं कहा कि क्रिकेट जीरो फिटनेस पर खेला जा सकता है। 'बुमराह मेरा स्मैश शॉट नहीं झेल पाएगा?' उन्होंने आगे कहा, ''आप उस लेवल पर विराट कोहली और रोहित शर्मा नहीं बन पाएंगे। कुछ खिलाड़ी ही विराट और रोहित जैसे बन पाते हैं। क्रिकेट स्किल बेस्ड स्पोर्ट ज्यादा है। रही बात बुमराह की तो मुझे उनके साथ क्यों खेलना है। मुझे मरना थोड़ी है। अगर मैं आठ साल से खेल रही होती तो उनका जवाब देती। अगर बुमराह मेरे साथ बैडमिंटन खेलेगा तो शायद मेरा स्मैश शॉट नहीं ले पाएगा। हम अपने देश में इन चीजों के लिए आपस में ना लड़ें। हर स्पोर्ट अपनी जगह पर बेस्ट है लेकिन मैं यह बोलना चाहती हूं कि दूसरे खेलों को भी अहमियत देनी चाहिए। वरना स्पोर्टिंग कल्चर हम कहां से लाएंगे। हमारा फोकस क्रिकेट और बॉलीवुड पर हमेशा रहेगा बाकी कोई मेडल जीतेगा तो तारीफ करेंगे। लेकिन उसके बाद क्या होगा। क्या हम चार-पांच मेडल पर ही रुक रहेंगे? हमें क्या और मेडल नहीं चाहिए। क्या हम उतने में खुश रहेंगे?''   recent visitors 105

मंत्री शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 56802.40 मेगावाट

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन एक मिनी रत्न अनुसूची ‘ए’ सीपीएसयू एसजेवीएन लिमिटेड ने अपनी 90 मेगावाट ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का  सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया है। परियोजना का निष्पादन एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) द्वारा किया गया है। परियोजना के कमीशन होने पर एसजेवीएन की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 2466.50 मेगावाट हो गई है। परियोजना 646 करोड़ रूपये की लागत से की गई है विकसित देश का सबसे बड़ा है सोलर पार्क ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना 90 मेगावाट क्षमता की है। यह भारत का सबसे बड़ा सोलर पार्क है। परियोजना मध्य एवं उत्तर भारत की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं में से एक है। परियोजना के कमीशन होने के साथ ही कंपनी ने फ्लोटिंग सोलर पावर सेगमेंट में प्रवेश कर लिया है।  मंत्री शुक्ला ने बताया कि परियोजना को 646.20 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है और इससे प्रथम वर्ष में 196.5 मिलियन यूनिट विदयुत उत्पादन होने की संभावना है। 25 वर्षों की अवधि में अनुमानित संचयी विदयुत उत्पादन 4629.3 मिलियन यूनिट होगा। परियोजना से एसजेवीएन के राजस्व में 64 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी। कमीशन होने पर यह परियोजना 2.3 लाख टन कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी और वर्ष 2070 तक भारत सरकार के शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उक्त परियोजना जल वाष्पीकरण को कम करके जल संरक्षण में भी सहायक होगी। 25 वर्षों के लिए हुआ है एमओयू मंत्री शुक्ला ने बताया कि इस परियोजना को बिल्ड ओन एंड ऑपरेट के आधार पर प्रतिस्पर्धी टैरिफ बोली के माध्यम से 3.26 रुपए प्रति यूनिट की दर पर हासिल किया गया है। बोली को आरईडब्यूगीन ए अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा आयोजित किया गया था। एसजीईएल और आरयूएमएसएल एवं एमपीपीएमसीएल के मध्य 25 वर्षों की अवधि के लिए विदयुत क्रय करार किया गया है। परियोजना पोर्टफोलियो 56802.40 मेगावाट है मंत्री शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 56802.40 मेगावाट है और कंपनी जलविद्युत, पंप स्टोरेज, थर्मल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में परियोजनाओं का निष्पादन कर रही है।   recent visitors 90

पश्चिम बंगाल में रेप के बाद हत्या? महिला डॉक्टर की नग्न लाश मिलने से हड़कंप, भाजपा ने ममता को घेरा, CBI जांच की मांग

कोलकाता पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर से हुई दरिंदगी ने हर किसी को हिलाकर रख दिया. लेडी डॉक्टर से पहले रेप किया गया, फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में रेप का मामला दर्ज किया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक शख्स को गिरफ्तार किया है. लेडी डॉक्टर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में बेहोशी की हालत में मिली थी. उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके. इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार (9 अगस्त) को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अस्थायी कर्मचारी संजय रॉय को गिरफ्तार किया. स्थानीय पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया है. ट्रेनी डॉक्टर के बारे में बताया जा रहा है कि वह सेकंड ईयर की स्टूडेंट थी. वह बेहोशी की हालत में शुक्रवार को सेमिनार हॉल में मिली था. उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पीड़िता के परिवार से ममता ने की बात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़िता के माता-पिता से बात की है. परिवार ने उनसे मामले की निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया है. पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है. पुलिस ने ट्रेनी डॉक्टर के शव का पोस्टमॉर्टम भी कराया है. इस मामले की जांच के लिए बंगाल पुलिस ने एक एसआईटी का भी गठन किया है. शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न और हत्या की बात सामने आई है. रिपोर्ट में कहा गया है, 'उसकी दोनों आंखों और मुंह से खून बह रहा था, चेहरे और नाखून पर चोटें थीं. पीड़िता के निजी अंगों से भी खून बह रहा था. उसके पेट, बाएं पैर…गर्दन, दाएं हाथ और…होंठों पर भी चोटें थीं. दो महिला गवाह और महिला की मां पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद थीं, जिसे कैमरे में रिकॉर्ड किया गया. कोलकाता पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अपराध सुबह 3 से 6 बजे के बीच हुआ. 'शरीर पर जख्म, इलाज के बाद मौत' ट्रेनी डॉक्टर के साथ कथित यौन उत्पीड़न मामले पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता अग्निमित्र पॉल ने कहा कि बच्ची के शरीर पर जख्म था. इलाज के बाद पीड़िता की मौत हो गई. हम चाहते हैं कि पूछताछ हो. उन्होंने ट्रेनी डॉक्टर के शव का पोस्टमॉर्टेम कराए जाने का भी विरोध किया और पूछा, 'शाम को पोस्टमॉर्टम क्यों किया गया?' बाहर कराया जाए पोस्टमॉर्टम कोलकाता के डॉक्टर मानस गुमटा ने मामले पर कहा कि यह हैरान कर देने वाली घटना है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. यह केवल डॉक्टरों के बारे में नहीं है. हम कह सकते हैं कि पश्चिम बंगाल गुंडों के हाथों में चला गया है और हमें लगता है कि प्रशासन तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रहा है और इसे आत्महत्या बताने की कोशिश कर रहा है. इन कारणों से हम मांग करते हैं कि पोस्टमॉर्टम आरजी कर अस्पताल के बाहर के फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा किया जाना चाहिए, न कि आरजी कर अस्पताल के फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा. उन्होंने स्टूडेंट्स संग विरोध-प्रदर्शन भी किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की. आरजी कर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर संदीप घोष ने भी इस मामले पर कहा, 'ये बहुत गलत हुआ है. वो मेरी बच्ची की तरह थी और ये कि कार्रवाई जल्द से जल्द होनी चाहिए.'     recent visitors 94