संसद में पेश हुए विधेयक में लड़कियों की शादी 9 साल और लड़कों की 15 साल की आयु में ही की जा सकेगी, नए ‘कानून’ पर बवाल

इराक इराक की संसद में पेश हुए विधेयक को लेकर आजकल जोरदार हंगामा हो रहा है। इस विधेयक में लड़कियों की शादी के लिए न्यूनतम आयु घटाकर 9 साल करने का प्रस्ताव रखा गया है। इराक के कानून मंत्रालय की तरफ से इस कानून का प्रस्ताव संसद में रखा गया है। फिलहाल इराक में भी महिलाओं की शादी के लिए न्यूनतम आयु 18 साल है। इस विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि कोई भी व्यक्ति खुद चुन सकता है कि उसके पारिवारिक मामले धार्मिक अथॉरिटी तय करेगी या फिर न्यायालय। इस विधेयक के आलोचकों का कहना है कि इससे उत्तराधिकार, तलाक और बच्चों की कस्टडी समेत कई अधिकारों का हनन होगा। अगर यह विधेयक पास हो जाता है तो लड़कियों की शादी 9 साल और लड़कों की 15 साल की आयु में ही की जा सकेगी। ऐसे में लोगों में यह भी डर है कि इससे बाल विवाह का प्रचलन बढ़ जाएगा। जो संगठन कई सालों से महिला और बाल अधिकार की जंग लड़ रहे हैं, यह उनके लिए बड़ा झटका होगा। मानवाधिकर संगठनों, महिला संगठनों और सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज पर बुरा असर पड़ेगा। बाल विवाह से स्कूली शिक्षा कमजोर हो जाएगी, वहीं इससे जल्द गर्भधारण और घरेलू हिंसा के मामले बढ़ेंगे। बता दें कि यूनीसेफ के आंकड़ों का कहना है कि अब भी इराक में 28 फीसदी आबादी की शादी 18 साल से पहले ही हो जाती है। इराक वुमन नेटवर्क के अमल कबाशी का कहना है कि इराक में पहले से ही पुरुष प्रधान समाज है और इससे महिलाओं के अधिकारों का और ज्यादा हनन होगा और उनपर अत्याचार बढ़ेगा। इस विधेयक के जरिए 1959 के कानून में संशोधन किया जाएगा। तर्क दिया गया है कि अनैतिक संबंधों से लड़कियों को बचाने के लिए यह कानून बनाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस्लाम के नियमों को बनाए रखने के लिए यह ससंशोधन जरूरी है। recent visitors 131

HC ने दी अनुमति, अब अलगाववादी नेता यासीन मलिक अब दिल्ली हाईकोर्ट में खुद लड़ेगा

नई दिल्ली आतंक के लिए फंडिंग मामले में दोषी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रकैद के बजाय फांसी की सजा सुनाए जाने को लेकर एनआईए की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई में शुक्रवार को एक नया मोड़ आया। यासीन मलिक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस गिरीश कठपालिया की बेंच के समक्ष पेश किया गया। यासीन मलिक ने बेंच से अपनी पैरवी खुद करने की मंशा जाहिर की, जिसे बेंच ने मंजूर कर लिया। अलगाववादी संगठन ‘जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट’ का प्रमुख यासीन मलिक आतंकवाद के फंडिंग मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे यासीन मलिक ने हाईकोर्ट से कहा कि वह अपनी पैरवी खुद करना चाहता है। उसे किसी कानूनी परामर्श की जरूरत नहीं है। उसे इसकी अनुमति दी जाए। बेंच ने मलिक के आग्रह को मंजूर करते हुए कहा कि यासीन को अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया जाता है। वह इस मामले में अपनी दलीलें पेश करने के लिए तैयारी करे। मामले में अगली सुनवाई 19 सितंबर को दोपहर 3 बजे होगी। वर्ष 2022 में दोषी करार दिए गए थे यासीन मलिक उम्रकैद की सजा काट रहे यासीन मलिक को 24 मई 2022 को पटियाला हाउस कोर्ट ने यूएपीए और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत अपराधों के लिए दोषी करार दिया था। यासीन मलिक ने यूएपीए के तहत लगाए गए आरोपों सहित सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया था। एनआईए ने की थी मौत की सजा की मांग सजा के खिलाफ अपील करते हुए एनआईए ने कहा कि किसी आतंकवादी को केवल इसलिए उम्रकैद की सजा नहीं दी जा सकती क्योंकि उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। मुकदमा नहीं चलाने का विकल्प चुना है। सजा को बढ़ाकर मौत की सजा में बदलने की मांग करते हुए एनआईए ने कहा है कि अगर ऐसे खूंखार आतंकवादियों को दोषी मानने के कारण मौत की सजा नहीं दी जाती है, तो सजा नीति पूरी तरह खत्म हो जाएगी और आतंकवादियों को मौत की सजा से बचने का एक रास्ता मिल जाएगा।   recent visitors 87

लोकसभा और राज्यसभा दोनों का 265वां सत्र चढ़ा हंगामे की भेट, कार्यवाही अनिश्चिकाल के लिए हुई स्थगित

नई दिल्ली लोकसभा और राज्यसभा दोनों में आज विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। लोकसभा में जहां वक्फ बोर्ड विधेयक को लेकर हंगामा हुआ तो वहीं, राज्यसभा में जया बच्चन के मामले में हंगामा हुआ। इस बीच हंगामे के चलते राज्यसभा का 265वां सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं, लोकसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित तीन बार के स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही साढ़े तीन बजे आरंभ हुई तब सभापति जगदीप धनखड़ ने कुछ आवश्यक कामकाज निपटाने के बाद उच्च सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, उच्च सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। सदन में प्रश्नकाल से ठीक पहले विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर विवाद हुआ जिससे प्रश्नकाल नहीं हो पाया। धनखड़ और जया बच्चन में नोकझोंक इसी दौरान सभापति धनखड़ और समाजवादी पार्टी की सदस्य जया बच्चन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भोजनावकाश के बाद दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होते ही उपसभापति हरिवंश ने बिना कोई कारण बताए सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद उन्होंने तीन बजे तक और फिर साढ़े तीन बजे तक के लिए बैठक स्थगित कर दी। वित्त विधेयक पर हुई चर्चा इस सत्र में बजट के अलावा विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक पर चर्चा हुई। इसके साथ ही तीन मंत्रालयों के कामकाज पर भी चर्चा हुई वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पड़ोसी देश बांग्लादेश की स्थिति के बारे में सदन में बयान दिया। recent visitors 94

मुख्यमंत्री ने कहा सभी को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात कहनेे का अधिकार , लेकिन किसी को भी अराजकता फैलाने की छूट नहीं

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में जोन, मंडल, रेंज व जिला स्तर के महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था तथा लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात कहनेे का अधिकार है, लेकिन किसी को भी अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अफवाह फैलाने का माध्यम बन रही है। इस पर नजर बनाए रखें। तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने पर रोक लगाएं। सभी जिलों को अलर्ट रहना होगा। किसी भी फेक न्यूज का तत्काल तथ्यों के साथ खंडन किया जाना चाहिए। योगी ने कहा कि लोकतांत्रिक संगठनों की आड़ में कतिपय राष्ट्रविरोधी संगठन भी माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। पूर्व में ऐसे अनेक उदाहरण सामने आए हैं। शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने वालों की आड़ में कुछ अराजकतावादी संगठनों की उपस्थिति रही है। इनकी पड़ताल करें और पकड़े जाने पर कठोरतम कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में नागपंचमी, श्रावण सोमवार, काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ, रक्षाबंधन, चेहल्लुम और जन्माष्टमी जैसे पर्व-त्योहार हैं, साथ ही पुलिस भर्ती परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी संपन्न हो रहे हैं। यह कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील समय है। हर जिले की पुलिस और स्थानीय प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट रहना होगा। योगी ने कहा कि इस वर्ष अब तक 12 जनपदों में 120 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है, जबकि 27 जिलों में सामान्य वर्षा की स्थिति रही है। 80 से 60 फीसद यानी कम वर्षा वाले 18 जिले हैं और 14 जिलों में 60 से 40 प्रतिशत यानी अत्यधिक कम वर्षा हुई है। जौनपुर, शामली, फतेहपुर समेत कई जिले हैं, जहां 40 फीसद से भी कम बरसात दर्ज की गई है। बलिया, सीतापुर, बांदा, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, प्रयागराज और वाराणसी में अभी भी बाढ़ की स्थिति है। सभी संबंधित जिलों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्य जारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को दी जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कहीं भी निर्धारित मात्रा से कम, बासी अथवा खराब गुणवत्ता की सामग्री वितरित नहीं होनी चाहिए। यदि वेंडर द्वारा आपूर्ति में गड़बड़ी की जाती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए। योगी ने कहा कि 9 अगस्त से ऐतिहासिक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन का शताब्दी वर्ष’ प्रारंभ हो रहा है। यह पूरा वर्ष आजादी के नायकों का स्मरण करने के लिए होगा। इसी कड़ी में, 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ का जन अभियान आयोजित होना है। इन तीन दिनों में प्रदेश के हर आवास, हर कार्यालय पर हमारा राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराया जाना है। 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ है और 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व ‘स्वाधीनता दिवस’ है। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) का अवसर है। कतिपय अराजक तत्व माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाएं। सतर्क रहें-सावधान रहें। योगी ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने जाती हैं। इस विशेष अवसर पर 18 अगस्त की रात्रि से 19 अगस्त की रात्रि तक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में सभी आवश्यक प्रबंध समय से कर लिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगस्त के आख़िरी सप्ताह में 23, 24, 25 और 30, 31 अगस्त को पुलिस भर्ती परीक्षा होनी प्रस्तावित है। यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से पूरी शुचिता के साथ सकुशल संपन्न हो, यह सभी की जिम्मेदारी है। इसके दृष्टिगत सभी जिलों को अलर्ट रहना होगा। वरिष्ठ अधिकारीगण अपने क्षेत्र के हर एक परीक्षा केंद्र का सूक्ष्मता का निरीक्षण कर लें। परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर से आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। उच्च स्तर से दिए जा रहे निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करें।     recent visitors 86

अदालत में गैर हिंदी भारतीय भाषाओं का उपयोग फिलहाल नहीं : सरकार

नई दिल्ली  सरकार ने कहा है कि न्यायालय में क्षेत्रीय भाषाओं के इस्तेमाल को लेकर कैबिनेट को प्रस्ताव मिले थे लेकिन उन्हें मुख्य न्यायाधीश ने स्वीकार नहीं किया इसलिए फिलहाल हिंदी के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं का न्यायालय में इस्तेमाल नहीं हो रहा है। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक पूरक सवाल की जवाब में कहा कि किसी भी राज्य में वहां की राज्यपाल की सिफारिश पर राष्ट्रपति की सहमति से स्थानीय भाषा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस क्रम में हिंदी का प्रयोग अधिकृत किया हुआ है और सभी राज्यों में इसका प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र के बाद तमिलनाडु, गुजरात, बांग्ला तमिल तथा छत्तीसगढ़ी में वहां की भाषाओं के न्यायालय में स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल लेकर को प्रस्ताव कैबिनेट को प्राप्त हुए थे लेकिन इसे मुख्य न्यायाधीश ने स्वीकार नहीं किया था। मेघवाल ने कहा कि न्यायिक स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए तकनीकी माध्यम से न्यायालय की फैसलों की स्थानीय भाषाओं में अनूदित किया जा रहा है। उत्तम न्यायालय के फैसले के लिए हिंदी, तमिल, मराठी, गुजरायी आदि भाषाओं में ऐप उपलब्ध कराया गया है।     recent visitors 109

SC ने कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने वाले अपने पिछले आदेश को नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया

मथुरा सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटी शाही ईदगाह मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने वाले अपने पिछले आदेश को नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार की पीठ ने मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर व्यापक बहस की आवश्यकता है। इस महीने की शुरुआत में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जारी संबंधित आदेश को भी ध्यान में रखना होगा। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हाईकोर्ट के एक अगस्त के आदेश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से संबंधित 18 मुकदमों में सुनवाई जारी रह सकती है। मस्जिद प्रबंधन समिति की चुनौती को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने अब मुकदमे की सुनवाई शुरू करने के लिए 12 अगस्त की तारीख तय की है। हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने पीठ से सर्वे पर रोक हटाने का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करने का आग्रह किया। हाईकोर्ट के 1 अगस्त के आदेश का हवाला देते हुए जैन ने जोर देकर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मुस्लिम पक्ष की याचिका निष्प्रभावी हो गई है। हालांकि पीठ ने जवाब दिया कि मामले की सुनवाई नवंबर में ही होगी। सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के 26 मई के आदेश को चुनौती देने के मामले में उलझा हुआ है। मथुरा में विभिन्न सिविल न्यायालयों में हिंदू पक्षों द्वारा मस्जिद की भूमि पर अधिकार का दावा करते हुए दायर किए गए लगभग 18 मुकदमों को उसने अपने पास ट्रांसफर कर लिया था। ईदगाह समिति और यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में लाया। सुप्रीम कोर्ट ने 16 जनवरी को मस्जिद सर्वेक्षण की निगरानी के लिए अधिवक्ता-आयुक्त की नियुक्ति के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट का आदेश भगवान श्रीकृष्ण विराजमान कटरा केशव देव खेवट मथुरा (देवता) द्वारा नेक्स्ट फ्रेंड रंजना अग्निहोत्री और सात अन्य के माध्यम से दायर याचिका पर आया था। नेक्स्ट फ्रेंड किसी ऐसे व्यक्ति का कानूनी प्रतिनिधि होता है जो सीधे मुकदमा चलाने में असमर्थ होता है। हिंदू याचिकाकर्ताओं ने अनुरोध किया था कि मूल मुकदमा उच्च न्यायालय द्वारा चलाया जाए क्योंकि मामला राष्ट्रीय महत्व का था। दूसरी ओर मस्जिद प्रबंधन समिति ने लंबे विलंब के बाद मुकदमों की स्थिरता पर सवाल उठाया और आगे तर्क दिया कि यह मुकदमा पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 द्वारा वर्जित है। मस्जिद प्रबंधन समिति ने मुकदमों की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष एक अलग याचिका भी दायर की थी। हालांकि 1 अगस्त को एक आदेश द्वारा उच्च न्यायालय ने माना कि मुकदमे स्थिरता योग्य थे और मुद्दों को तय करने के लिए 12 अगस्त की तारीख तय की। कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद भूमि विवाद से संबंधित कई मुकदमे मथुरा की विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। इनमें मस्जिद के 13.37 एकड़ भूमि को पुनः प्राप्त करने की मांग भी शामिल है। मस्जिद मंदिर से सटी हुई है और मुकदमों में मस्जिद समिति और श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ के बीच 1968 में हुए समझौते को वापस लेने की मांग की गई है। 14 दिसंबर 2023 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता-आयुक्त द्वारा सर्वेक्षण का आदेश दिया। पिछले साल सितंबर में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने ज्ञानवापी मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि किसी स्थल के धार्मिक चरित्र को भी साक्ष्य द्वारा प्रमाणित किया जाना चाहिए। recent visitors 92

कांचीपुरम में एक मंदिर के होर्डिंग पर पोर्न स्टार मिया खलीफा की तस्वीर, मंदिर प्रशासन ने दी सफाई

कांचीपुरम  तमिलनाडु के कांचीपुरम में एक मंदिर के होर्डिंग पर पोर्न स्टार मिया खलीफा की तस्वीर दिखाई देने से इंटरनेट यूजर्स हैरान हैं। यह होर्डिंग आदि त्योहार के मौके पर लगाया गया है। इस पोस्टर की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो हो गया है। आदि फेस्टिवल तमिलनाडु में एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो वर्षा और नदियों की पूजा के लिए मनाया जाता है। यह तमिलनाडु में एक भव्य तरीके से मनाया जाता है, खासकर मां अम्मन (पार्वती) के मंदिरों में। यह कई दिनों तक चलता है, इसमें लोग मां अम्मन की पूजा-अर्चना करते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं, और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। यह त्योहार तमिलनाडु की संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लोगों को एकता और उत्साह के साथ जोड़ता है। इस त्योहार पर लोग नदियों के किनारे पूजा-पाठ करते हैं और अपनी सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। कुरुविमलाई में नागाथम्मन और सेल्लियम्मन मंदिरों में आदि त्योहार को भव्य तरीके से मनाने के लिए बड़े-बड़े आयोजन करने की योजना बनाई गई थी। इसमें रंगीन लाइट्स, होर्डिंग्स लगाना और लोगों को आमंत्रित करना शामिल था। क्यों लगाई मिया खलीफा की होर्डिंग? इस बीच एक होर्डिंग ने सभी का ध्यान खींचा, जिसमें मिया खलीफा की तस्वीर छपी हुई थी। यह होर्डिंग देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मिया खलीफा की तस्वीर का इस त्योहार से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में कांचीपुरम में एक मंदिर के होर्डिंग पर उनकी तस्वीर दिखाई देना लोगों को हैरान कर रहा है। पाल कुदम लिए हुए तस्वीर मिया खलीफा की तस्वीर को इस तरह एडिट किया गया कि ऐसा लगे कि वह 'पाल कुदम' लिए हुए हैं। 'पाल कुदम' दक्षिण में दूध से भरे बर्तन को कहते हैं, जिसे त्योहार के दौरान देवताओं को अर्पित किया जाता है। यह पारंपरिक प्रसाद का हिस्सा है। विवाद के बाद हटी होर्डिंग होर्डिंग लगाने वाले लोगों ने यह भी सुनिश्चित किया कि उनकी तस्वीर भी होर्डिंग में दिखाई दे, जिसमें उनके नाम आधार कार्ड फॉर्मेट में हो। तस्वीर के वायरल होने के बाद मगराल पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने होर्डिंग को हटा दिया है। लेबनान की मूल निवासी मिया खलीफा अमेरिकी की जानी मानी पोर्न स्टार रही हैं। पूरी दुनिया में उनकी पोर्न फिल्म के लोग दीवाने भी हैं। मगर मिया खलीफा अब अमेरिकी नागरिक हैं और वो अमेरिका में ही रहती हैं। recent visitors 108