सीमित सामान के साथ भारत भाग आईं शेख हसीना ने की भारत में खरीदारी, 30 हजार रुपए का आया शॉपिंग बिल

ढाका बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हाल ही में इस्तीफा देने के बाद भारत में शरण में हैं। सूत्रों के अनुसार, शेख हसीना वर्तमान में गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में ठहरी हुई हैं। बांग्लादेश की सेना ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए केवल 45 मिनट का समय दिया था, जिसके बाद उन्होंने जल्दबाजी में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना इस्तीफा सौंपा और सीमित सामान के साथ भारत भाग आईं। उन्होंने अपने साथ सिर्फ 4 सूटकेस और 2 बैग ही लाए थे। वहीं अब शेख हसीना ने भारत में शरण लिए हुए 48 घंटे से अधिक का समय बिता लिया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में आराम किया है और भारतीय वायु सेना द्वारा मेहमाननवाजी का पूरा लाभ उठाया है। सेफ हाउस से बाहर निकलीं शेख हसीना मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शेख हसीना और उनकी बहन रिहाना बुधवार को पहली बार सेफ हाउस से बाहर आईं। उन्होंने गाजियाबाद में हिंडन एयरबेस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में जाकर आवश्यक सामान और कपड़े खरीदे। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने कुल मिलाकर करीब 30 हजार रुपये की खरीदारी की। हालांकि, इस खरीदारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। सेफ हाउस से स्थानांतरित होने की संभावना वर्तमान में, शेख हसीना और उनकी बहन हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में ठहरी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह जल्द ही इस स्थान से किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो सकती हैं। हिंडन एयरबेस पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, और उनके भविष्य की योजना पर विचार किया जा रहा है। शॉपिंग के दौरान बांग्लादेशी मुद्रा का इस्तेमाल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब शेख हसीना और उनकी बहन रिहाना ने हिंडन एयरबेस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में खरीदारी की, तो उन्होंने भारतीय रुपए में भुगतान किया। हालांकि, जब नोट कम पड़ गए, तो उन्होंने बाकी का भुगतान बांग्लादेशी करेंसी में किया। यह दर्शाता है कि वह अपनी मूल मुद्रा का भी उपयोग कर रही थीं। स्वास्थ्य की देखभाल और सुरक्षा शेख हसीना की स्वास्थ्य देखभाल के लिए एयरबेस पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। भारतीय वायु सेना की डॉक्टरों की टीम ने उनका रूटीन हेल्थ चेकअप किया, और उनका स्वास्थ्य पूरी तरह से सही बताया गया है। हालांकि, इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। सुरक्षा और सुरक्षा इंतजाम शेख हसीना की सुरक्षा में विशेष गरुण कमांडो तैनात किए गए हैं, और उनके चारों ओर सुरक्षा की दृष्टि से यातायात पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं। शेख हसीना और उनकी बहन रेहाना सोमवार शाम साढ़े पांच बजे हिंडन एयरबेस पहुंची थीं। इस मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी उनके साथ मुलाकात के लिए एयरबेस पहुंचे थे। भविष्य की योजनाओं पर असमंजस शेख हसीना के भारत में रहने की अवधि और उनके आगे के कदमों के बारे में कोई ठोस जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। उनकी भारत में स्थिति और भविष्य की योजना पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। recent visitors 116

आरबीआई के गवर्नर ने आज UPI को लेकर बड़ा फैसला लिया, UPI के जरिए टैक्स पेमेंट की सीमा में लिमिट बढ़ाई

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने आज UPI को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने आज रेपो रेट जैसे फैसलों के साथ कई बड़े फैसलों का ऐलान किया। UPI के जरिए टैक्स पेमेंट की सीमा में 4 लाख रुपए की बढ़ोतरी आरबीआई गवर्नर ने यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट की लिमिट 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी है यानी ऐसे हर ट्रांजेक्शन पर अब UPI के जरिए 5 लाख रुपए तक भेजे जा सकेंगे। फिलहाल यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट की लिमिट 1 लाख रुपए प्रति ट्रांजेक्शन है। इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजेक्शन करने से आपको UPI के जरिए बड़े पेमेंट करने में आसानी होगी और समय बचेगा। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कुछ खास हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन को छोड़कर यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट लिमिट 1 लाख रुपए है जिसे बढ़ाने की मांग की जा रही थी और इस मांग को आरबीआई एमपीसी ने स्वीकार किया है। UPI के लिए एक और बड़ा फैसला आरबीआई ने यूपीआई के जरिए डेलिगेटेड पेमेंट्स की फैसिलिटी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत प्राइमरी यूजर को सेकेंडरी यूजर को यूपीआई ट्रांजेक्शन करने में आसानी होगी। एक तय लिमिट तक का ट्रांजेक्शन यूपीआई से हो सकता है और इसके लिए सेकेंडरी यूजर को अलग बैंक खाते की जरूरत नहीं होगी। UPI बन चुका है भारतीयों की आदत यूपीआई का फायदा रोजाना करोड़ों भारतीय उठा रहे हैं। यूपीआई के जरिए बड़ी आसानी से क्यूआर स्कैन करके या केवल फोन नंबर के जरिए लोग जगह-जगह पेमेंट कर पा रहे हैं। केवल स्कैनर या मोबाइल नंबर ही नहीं यूपीआई आईडी के जरिए भी बेहद आसानी से पैसा भेजा या मंगाया जा सकता है। लिहाजा टैक्स पेमेंट के ट्रांजेक्शन की पेमेंट लिमिट बढ़ाने का आरबीआई का फैसला आम लोगों को बड़ा फायदा दे सकता है। recent visitors 88

अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट ने आसिफ मर्चेंट को अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप में हिरासत में लिया

वाशिंगटन अमेरिका के न्याय विभाग (FBI) ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश के मामले में बड़ा खुलासा किया है। FBI ने मंगलवार को  ईरान से संबंध रखने वाले पाकिस्तानी व्यक्ति ने अमेरिकी धरती पर राजनीतिक हत्याओं को अंजाम देने की साजिश का आरोप लगाया है। आसिफ मर्चेंट का नाम हाल ही में एक बड़े विवाद में उभर कर सामने आया है, जिसने अमेरिकी सरकार को हिला कर रख दिया है। इस मामले में उनके ईरान से जुड़े तार भी सामने आए हैं। अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट ने आसिफ मर्चेंट को अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप में हिरासत में लिया है। इसे ट्रंप से भी जोड़कर देखा जा रहा है। CNN ने अदालती दस्तावेज के हवाले से बताया है कि 46 साल के आसिफ मर्चेंट ने 2020 में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रची। मर्चेंट के बारे में दावा किया गया है कि वो अमेरिका जाने से पहले वह कई दिनों तक ईरान में रहा। वह इसी साल अप्रैल में अपने प्लान को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान से अमेरिका पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद उसने न्यूयॉर्क में एक हत्यारे को हायर करने की कोशिश की। एक अज्ञात शख्स ने पुलिस को मर्चेंट के बारे में सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। अमेरिका की फेडरल कोर्ट ने 16 जुलाई को उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। 13 जुलाई को पेन्सिल्वेनिया के बटलर शहर में एक रैली को संबोधित करते वक्त ट्रंप पर हमला हुआ था। इसके बाद  पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति को मारने के लिए ईरान में साजिश रची जा रही थी। हालांकि, ट्रंप पर रैली में जो हमला हुआ उसका ईरान से कोई कनेक्शन है या नहीं इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।  अगर ईरान कभी भी उनकी हत्या करने में कामयाब होता है तो उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका उसे खत्म कर देगा। उसे दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा। BBC के मुताबिक FBI के डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे ने कहा मर्चेंट एक खतरनाक हत्या की साजिश रच रहा था, जिसे नाकाम कर दिया गया। रे ने कहा कि मर्चेंट का ईरान से सीधा कनेक्शन है। उसे ईरान ने ही अमेरिकी नेताओं की हत्या करने के लिए भेजा था। रिपोर्ट के मुताबिक अदालत के दस्तावेज में यह नहीं बताया गया है कि किसकी हत्या की नाकाम साजिश रची गई, लेकिन अमेरिकी अधिकारी इसे ट्रंप से जोड़कर देख रहे हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद अमेरिकी सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ा दी है।  ईरान ने पिछले साल भी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को मारने की धमकी दी थी। ईरान के रिवॉल्यूश्नरी गार्ड एयरोस्पेस फोर्स के हेड अमीराली हाजीजादेह ने कहा था कि ईश्वर ने चाहा तो हम ट्रम्प को जरूर मारेंगे। हम उन सभी मिलिट्री कमांडर को मारना चाहते हैं, जो ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या में शामिल थे। दरअसल, 3 जनवरी 2020 को तब के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर उनकी सेना और CIA ने मिलकर ईरानी विशेष सेना के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी को मार दिया था। जनरल कासिम इराक और सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ने के लिए चर्चित थे। recent visitors 84

बांग्लादेश में भारतीय दूतावास ने तेजी से बदल रहे हालात के बीच बड़ा कदम उठाया, वीजा केंद्र किए बंद

नई दिल्ली बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ने के बाद  हिंसक घटनाएं और बढ़ गई हैं। देश में हिंदू मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की जा रही है। यही नहीं राजधानी ढाका, चटगांव और कुलना समेत अन्य क्षेत्रों में हिंदुओं को निशाना बनाया  जा रहा है। महिलाओं पर भी हमले हुए है। इस बीच बांग्लादेश में भारतीय दूतावास ने तेजी से बदल रहे हालात के बीच बड़ा कदम उठाया  है। भारत ने बांग्लादेश में एंबेसी का वीजा सेंटर अगले ऑर्डर तक बंद कर दिया ।  हिंसा को देखते हुए भारतीय दूतावास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, भारतीय वीज़ा आवेदन केंद्र (IVAC) ने घोषणा की है कि सभी केंद्र 'अस्थिर स्थिति' के कारण अनिश्चित काल तक बंद रहेंगे, क्योंकि कई सप्ताह तक चले घातक विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटा दिया गया और अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जो आज होने की संभावना है। IVAC बांग्लादेश के ऑनलाइन पोर्टल पर एक बयान में कहा गया है, "अस्थिर स्थिति के कारण सभी IVAC अगली सूचना तक बंद रहेंगे। अगली आवेदन तिथि एसएमएस के माध्यम से सूचित की जाएगी और अनुरोध है कि पासपोर्ट अगले कार्य दिवस पर प्राप्त करें।" भारत ने बांग्लादेश के भारतीय उच्चायोग और चटगाँव, राजशाही, खुलना और सिलहट में वाणिज्य दूतावासों में अपनी राजनयिक उपस्थिति कम कर दी है और हिंसा प्रभावित देश से गैर-आवश्यक कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुला लिया है। हालाँकि, भारतीय उच्चायोग अभी भी कार्यरत है और वरिष्ठ राजनयिक और आवश्यक कर्मचारी देश में बने हुए हैं।बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू में सरकारी नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ थे, लेकिन हसीना की 'रजाकार' टिप्पणी और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कठोर कार्रवाई के बाद जल्द ही यह आवामी लीग सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन में बदल गया। बता दें कि, किसी भी देश के साथ बेहतर राजनयिक संबंध स्थापित करने में दूतावास की अहम भूमिका होती है।  जानकारी के अनुसार  एंबेसी दूसरे देशों में रहने वाले अपने नागरिकों की सहायता करती है। दुनिया के कम से कम 121 देशों में भारत के दूतावास हैं, इसके अलावा बड़ी संख्या में कई देशों में भारत ने अपने वाणिज्य दूतावास भी खोले हैं। इन्हीं दूतावासों के जरिए विदेश से भारत यात्रा करने के इच्छुक विदेशी नागरिकों को वीजा आदि जारी किया जाता है। राजनयिक के साथ ही वाणिज्य संबंध स्थापित करने में भी इनकी अहम भूमिका होती है। जानकारी के अनुसार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस बृहस्पतिवार  को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ लेंगे। अधिकारी कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण करने में जुटे हैं। शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद देश के सुरक्षा महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने बुधवार को घोषणा की थी कि अंतरिम सरकार बृहस्पतिवार को रात करीब आठ बजे शपथ लेगी। उन्होंने कहा था कि सलाहकार परिषद में 15 सदस्य हो सकते हैं। जनरल जमां ने कहा था सेना यूनुस को हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे। recent visitors 60

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने दी जानकारी, पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामलों में तेजी

कोलकाता पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 500 लोग मच्छर जनित इस संक्रमण की चपेट में आए। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रित हैं। राज्य में जनवरी से अब तक कम से कम 2640 लोगों में यह वायरल संक्रमण पाया गया,जिसमें उत्तर 24 परगना जिले में सबसे अधिक 363 मामले हैं। पश्चिम बंगाल में 24 से 31 जुलाई के बीच डेंगू के लगभग 500 मामले सामने आए, इसमें मुर्शिदाबाद जिले के 68 और उत्तर 24 परगना जिले के 50 मामले शामिल हैं। अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘जुलाई के अंतिम सप्ताह से डेंगू के मामलों में वृद्धि देखी गई है। यह मुख्य रूप से बरसात के कारण है। हम लगभग हर साल इस समय डेंगू के मामलों में इतनी वृद्धि देखते हैं। चिंता की कोई बात नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है।'' जुलाई के अंतिम सप्ताह में मालदा जिले में डेंगू के 53 मामले सामने आए, उसके बाद हुगली में 50, पूर्व बर्धमान में 44 और दक्षिण 24 परगना में डेंगू के 32 मामले सामने आए। इस अवधि में कोलकाता और उसके आस-पास के इलाकों में 18 मामले सामने आए। अधिकारी ने बताया, ‘‘हर साल की तरह इस साल भी जनवरी से अब तक डेंगू के सबसे अधिक मामले उत्तर 24 परगना जिले से सामने आए हैं। इस साल यह संख्या 363 है।'' recent visitors 67

सरकार पर तीखा हमला, आप मुसलमानों के दुश्मन हैं, वक्फ विधेयक उसका सबूत है : असदुद्दीन ओवैसी

नई दिल्ली वक्फ बोर्ड बिल पर बहस में हिस्सा लेते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आप मुसलमानों के दुश्मन हैं। यह बिल इस बात का सबूत देता है। ओवैसी ने कहा कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है, जो सभी नागरिकों को अपना आस्था के लिए समान अवसर देता है। आखिर इस विधेयक को लाने की जरूरत ही क्या है। उन्होंने कहा कि मंदिरों की समितियों में कोई गैर-हिंदू नहीं है। फिर वक्फ संपत्ति में इसकी क्या जरूरत है। ऐसा ही आपकी सरकार ईसाइयों और सिखों के साथ भी कर रही है। यही नहीं यूपी की सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस पर तीखा अटैक किया। उन्होंने कहा कि यह बिल कानून का उल्लंघन करता है। संविधान के खिलाफ है। इमरान मसूद ने कहा कि सरकार की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि वक्फ बोर्ड संस्था है और यह कोई धार्मिक स्थान नहीं है। यह बात गलत है क्योंकि देश भर में वक्फ बोर्ड ही मस्जिदों, दरगाहों और अन्य मुस्लिम संस्थानों की निगरानी करता है। उनकी संपत्तियों की देखरेख करता है। इसलिए इसे मुस्लिमों के मजहबी मामलों से अलग नहीं बताया जा सकता, जैसा सरकार दावा करती है। इस बहस में अखिलेश यादव ने भी हिस्सा लिया और कहा कि वक्फ बोर्ड में किसी गैर-मुसलमान को शामिल करने की वजह क्या बनती है। उन्होंने कहा कि यदि हम जिलाधिकारी को ही सब कुछ सौंप देंगे तो क्या हो सकता है। आप इसे समझ सकते हैं। एक जगह ऐसा हुआ था और फिर जिलाधिकारी ने क्या किया, आप सब जानते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि यह विधेयक इसलिए लाया जा रहा है क्योंकि अभी-अभी ये लोग हारे हैं। अपने कुछ कट्टर समर्थकों के तुष्टिकरण के लिए ऐसा बिल लाया जा रहा है। इस बिल का डीएमके, टीएमसी, शरद पवार की एनसीपी जैसी पार्टियों ने भी विरोध किया है। recent visitors 93

सांसद कीर्ति आजाद ने मंत्री नितिन गडकरी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा-आप जैसे सब मंत्री हों तो उद्धार हो जाए देश

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में नितिन गडकरी ऐसे नेता और मंत्री हैं, जिनकी सराहना करने से विपक्षी दल के सांसद, विधायक और नेता नहीं हिचकिचाते हैं। उनकी छवि काम करने वाले मंत्री के तौर पर स्थापित हो चुकी है। आज गुरुवार को जब संसद की कार्यवाही चल रही थी तब विपक्षी खेमे के एक सांसद ने लोकसभा में उनकी खुलकर तारीफ की है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर इनके जैसे सभी मंत्री हो जाएं तो देश का उद्धार हो जाएगा। आपको बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यों की सराहना करते हुए लोकसभा में कहा कि अगर सरकार के सभी मंत्री उनकी तरह हो जाएं तो देश का उद्धार हो जाएगा। कीर्ति आजाद ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूछते हुए यह टिप्पणी की। पश्चिम बंगाल के वर्धमान दुर्गापुर से लोकसभा सदस्य आजाद ने कहा, ‘‘गडकरी जिस तरह से काम करते हैं, उसके लिए केवल मैं नहीं पूरा सदन उनका कायल है। काश बाकी मंत्री भी ऐसे ही हो जाएं तो देश का उद्धार हो जाए।’’ उनके इस बयान के बाद कई सदस्यों ने मेजें थपथपाईं। आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब नितिन गडकरी की सराहना विपक्षी दलों के द्वारा की गई है। इससे पहले कई बार उनकी तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई विपक्षी दलों ने की है। उन्होंने मोदी के बाद भाजपा में प्रधानमंत्री पद का सक्षम उम्मीदवार बताया है। recent visitors 85