पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में सोलर पैनल की स्थापना और रखरखाव पर 7 दिवसीय प्रशिक्षण

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल की पहल पर वर्तमान की आवश्यकतानुसार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिये कई नवाचार किये जा रहे हैं। वर्तमान में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों का प्रचलन बढ़ा है। इस क्षेत्र में कुशल कार्य बल तैयार करने के क्रम में सोलर पैनल के स्थापना एवं रखरखाव के लिये प्रदेश के 25 शासकीय आईटीआई में 5 अगस्त से युवाओं को 7 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा सोलर रूफ टॉप क्षमता की हिस्सेदारी बढ़ाने और आवासीय परिवारों को एक करोड़ रूफ टॉप सोलर सिस्टम स्थापित करके अपनी बिजली उत्पन्न करने के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना" प्रारंभ की गई। सोलर रूफ टॉप के स्थापना एवं रख रखाव के लिए बड़े पैमाने पर कुशल कार्य बल की आवश्यकता की पूर्ति के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के द्वारा आईटीआई के लगभग एक लाख प्रशिक्षणार्थियों को सोलर रूफ टॉप टेक्नीशियन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।   recent visitors 115

महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए स्तपनपान अत्यंत आवश्यक है

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए स्तपनपान अत्यंत आवश्यक है। हर वर्ष 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह का उद्देश्य स्तनपान से होने वाले बड़े लाभों को उजागर करना है, जो शिशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए लाभदायक हो सकते हैा, साथ ही मातृ स्वास्थ्य के लिए व्यापक प्रयास करना है। साथ ही इस प्ताह को मनाने का यह भी उद्देश्य है कि महिलाएँ स्तनपान के महत्व को जाने और अपने बच्चे को प्रसव के एक घंटे के अन्दर स्तनपान जरूर कराएं। सुश्री भूरिया विश्व स्तनपान सप्ताह पर झाबुआ के जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में नवजात एवं माताओं से बात कर स्तनपान के महत्व की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि स्तनपान से माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के साथ-साथ शिशु कल्याण के लिए होने वाले लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष का विषय "अंतर को पाटना : सभी के लिए स्तनपान समर्थन' है। मंत्री सुश्री भूरिया द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से नवजात बालको की माताओं चाइल्ड केयर किट प्रदान की गयी साथ ही माताओं को संस्थागत प्रसव उपरांत अपने शिशु को पहले 1 घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत करने पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि माँ अपने शिशु को 6 माह तक केवल माँ का दूध पिलाए। उन्होंने माताओं को इसके लिए जागरूकता फैलाने की बात कही। साथ ही माताओं से स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों को नजरअंदाज ना करने हेतु समझाइश देते हुए, अपने और शिशु के कल्याण की ओर ध्यान देने की बात कही।   recent visitors 121

अयोध्या में गैंगरेप सपा के PDA पर भारी पड़ रहा है, P और A के बीच फंस गए हैं अखिलेश?

लखनऊ जिस अयोध्या लोकसभा सीट से अवधेश प्रसाद की जीत को अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी एक ट्रॉफी की तरह पेश कर रही थी, उसी अयोध्या में गैंगरेप केस में सपा के नगर अध्यक्ष मोईद खान की गिरफ्तारी ने राजनीतिक नैरेटिव को बदल दिया है। यूपी की 80 में 37 सीट पर एसपी और 6 सीट पर कांग्रेस की जीत को अखिलेश यादव पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक और अगड़ा) की एकता बता रहे थे। लेकिन अयोध्या के भदरसा में पिछड़ी जाति की एक नाबालिग बच्ची से गैंगरेप में सपा के अल्पसंख्यक नेता के आरोपी बनने से अखिलेश पी और ए के बीच फंसते नजर आ रहे हैं। सपा ने अब तक मोईद खान पर कोई कार्रवाई नहीं की है तो भारतीय जनता पार्टी को सपा के पीडीए में पी और ए को लेकर अखिलेश के स्टैंड पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है। गैंगरेप केस के आरोपियों की डीएनए जांच कराकर दोषियों को सजा देने की मांग सपा का आधिकारिक स्टैंड है। सपा ये भी कह रही है कि कोर्ट इस मामले का संज्ञान लेकर अपनी निगरानी में पीड़िता की सुरक्षा करवाए। सपा भाजपा पर गलत नीयत से इस केस में पार्टी को बदनाम करने और राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगा रही है। केस में मोईद खान के ठिकानों पर बुलडोजर चलना शुरू हो चुका है। अस्पताल में भर्ती पीड़िता से मिलने भाजपा के मंत्री और नेता पहुंच रहे हैं। संजय निषाद तो मिलकर मीडिया के सामने रोने ही लगे।   लोकसभा चुनाव में यूपी में अकेले एनडीए से ज्यादा सीट जीतकर सपा का आत्मविश्वास 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए हिलोड़े मार रहा था। ऐसे में अयोध्या गैंगरेप केस बीजेपी के जवाबी हमले की नींव बन गई है। लोकसभा चुनाव में अल्पसंख्यकों के अलावा दलित और पिछड़ों का भी वोट सपा और कांग्रेस को मिला था। भाजपा अब दोगुनी ताकत से पिछड़े वोटों को वापस लाने में जुटी है। ओबीसी नेता केशव प्रसाद मौर्य मुखर होकर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि बलात्कारियों को बचाना सपा की फितरत है। अगर बलात्कारी मुसलमान हो तब पूरा का पूरा सैफई परिवार उसे बचाने के लिए खूंटा गाड़ देता है।   विधानसभा चुनाव में अभी दो साल की देरी है लेकिन 10 सीटों के उप-चुनाव से सपा और उसके पीडीए का माहौल मजबूत होगा या बिगड़ेगा, अब इसकी लड़ाई है। उप-चुनाव वाली 10 सीटों में 5 सपा, 3 भाजपा और 2 सहयोगी दलों ने जीती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही हर सीट पर तीन-तीन मंत्री की ड्यूटी लगा चुके हैं। पार्टी संगठन अलग जुटा हुआ है। भाजपा अयोध्या रेप केस में अखिलेश को इस तरह घेर रही है कि ये मैसेज जाए कि मुसलमान वोट का सवाल आ जाए तो सपा पिछड़ों को छोड़ देती है।   सीएम योगी ने सदन में कहा था कि सपा ने मोईद खान पर कोई कार्रवाई नहीं की है। गोली मारने पर सवाल करते हैं तो क्या ऐसे लोगों को माला पहनाएं। योगी के शब्दों में ही कहें तो अयोध्या गैंगरेप में 'सद्भावना' वाले आरोपी हैं। भाजपा के लिए ये एकदम आदर्श राजनीतिक स्थिति है कि पीड़िता पिछड़ी जाति की हिन्दू जबकि आरोपी अल्पसंख्यक है। इस केस को लेकर भाजपा जिस तरह से पिछड़ों की भावना उभार रही है, उसमें 2027 तो दूर की बात है, 10 विधानसभा सीट के उप-चुनाव तक पीडीए को बचाए रखना अखिलेश यादव के लिए चुनौती साबित हो सकता है।   recent visitors 112

उत्तरी इजराइल पर ड्रोन के जरिए हमला किया, सुलगने लगी जंग की आग: हिजबुल्लाह

इजरायल मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की खबर के बीच अब हिजबुल्लाह ने कहा है कि उसने सोमवार तड़के सुबह उत्तरी इजराइल पर ड्रोन के जरिए हमला किया है। इजराइली सेना ने कहा है कि इस हमले में दो इजराइली सैनिक घायल हो गए वहीं इलाके में आग भी लग गई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पिछले सप्ताह लेबनान में हिजबुल्लाह कमांडर और ईरान में हमास के लीडर की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है और जंग की आशंका बढ़ गई है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने एक बयान में कहा है कि उसने दक्षिणी लेबनान के कई गांवों में इजराइल के हमलों और हत्याओं के जवाब में उत्तरी इजराइल में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। इस से पहले हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह ने कसम खाई थी कि समूह इजरायल से बदला ले कर रहेगा। इजरायली सेना ने कहा है कि ऊपरी गैलिली में ऐलेट हाशहर में हमले से लगी आग को बुझाने की कोशिश जारी है। गाजा में युद्ध के बीच पिछले 10 महीनों से इजरायल और हिजबुल्लाह लगभग रोजाना एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। हालांकि यह अब तक बड़े स्तर पर सामने नहीं आया था। पिछले सप्ताह ईरान की राजधानी तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानियेह और बेरूत में हिजबुल्लाह कमांडर शुकर की हत्या ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। वहीं लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी का कहना है कि यहां के एक गांव में कब्रिस्तान के पास इजरायली ड्रोन हमले में एक पैरामेडिक सहित दो लोग मारे गए हैं। एजेंसी ने मीसा अल-जबल गांव में सोमवार सुबह हुए हमले के बारे में जानकारी दी। मृतकों में से एक इस्लामिक रिसाला स्काउट एसोसिएशन पैरामेडिक समूह का सदस्य था। समूह ने मारे गए सदस्य की पहचान मोहम्मद फावजी हमादी के रूप में की है। इस बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कैबिनेट की बैठक में कहा है कि इज़राइल पहले से ही ईरान और उसके सहयोगियों के साथ जंग लड़ रहा है। वहीं अमेरिका अपने साथी इज़राइल को संभावित जवाबी हमले से बचाने की कोशिश कर रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। इजरायल ने कहा है कि वह ईरान और उसके सहयोगी मिलिशिया से जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।   recent visitors 105

एलआईसी ने पिछली तिमाही खरीदे 17 हजार करोड़ के शेयर, जान लीजिए किन कंपनियों पर लगाया दांव

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को तो जानते ही होंगे। यह बीमा कंपनी होने के साथ साथ शेयर बाजार का बड़ी निवेशक भी है। इसने वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 17 हजार करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। हम यहां बता रहे हैं कि एलआईसी ने किन-किन कंपनियों में निवेश किया है। तेजी के माहौल में किया निवेश एलआईसी घरेलू शेयर बाजार में सबसे बड़ा संस्थागत निवेशक है। उसने यह खरीदारी ऐसे समय पर की जब शेयर बाजार में तेजी माहौल था। उस समय बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक और घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार में निवेश कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस साल अप्रैल से जून की अवधि के दौरान म्यूचुअल फंडों ने 1.1 लाख करोड़ रुपये, बीमा कंपनियों ने 5,035 करोड़ रुपये और बैंकों ने 628 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इस दौरान रिटेल नइवेस्टर्स ने 39,278 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि, विदेशी निवेशकों ने तिमाही के दौरान 8,495 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इससे पहले एलआईसी ने जनवरी-मार्च तिमाही में 44,500 करोड़ रुपये और अक्टूबर-दिसंबर (2023) तिमाही में 6,260 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। एलआईसी घरेलू शेयर बाजार में सबसे बड़ा संस्थागत निवेशक है। उसने यह खरीदारी ऐसे समय पर की जब शेयर बाजार में तेजी माहौल था और बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक और घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार में निवेश कर रहे थे। अप्रैल-जून की अवधि में म्यूचुअल फंडों ने 1.1 लाख करोड़ रुपये, बीमा कंपनियों ने 5,035 करोड़ रुपये और बैंकों ने 628 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। खुदरा निवेशकों ने 39,278 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि, विदेशी निवेशकों ने तिमाही के दौरान 8,495 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इससे पहले एलआईसी ने जनवरी-मार्च तिमाही में 44,500 करोड़ रुपये और अक्टूबर-दिसंबर (2023) तिमाही में 6,260 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। जानकारी के अनुसार, एलआईसी की ओर से जून तिमाही में अपने पोर्टफोलियो में 11 नये शेयरों को शामिल किया और पहले से मौजूद 89 शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई। जून तिमाही के आखिर में एलआईसी के पोर्टफोलियो में 321 शेयर थे। संयुक्त रूप से इनकी वैल्यू 15.71 लाख करोड़ रुपये थी। मार्च तिमाही के आखिर में एलआईसी के पोर्टफोलियो में 333 कंपनियां थीं, जिनकी वैल्यू करीब 14.29 लाख करोड़ रुपये थी। आंकड़ों के मुताबिक, एलआईसी ने इन्फोसिस, एलटीआई मांइडट्री, एल एंड टी, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और ऑयल इंडिया जैसे शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई है। वहीं, टाटा पावर, सीमेंस, हिंडालको, भारती एयरटेल, हीरोमोटोकॉर्प और एचडीएफसी एएमसी जैसे शेयरों में हिस्सेदारी घटाई है। वहीं, आरईसी, डालमिया भारत, पूनावाला फिनकॉर्प, इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट और टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड के साथ अन्य कंपनियों को पोर्टफोलियो में पहली बार जोड़ा है। recent visitors 112

आशा किरण शेल्टर होम में 14 लोगों की मौत मामले में दिल्ली कोर्ट ने कहा- 14 मौतें महज इत्तेफाक नहीं

नई दिल्ली दिल्ली के रोहिणा में स्थित आशा किरण शेल्टर होम में 14 लोगों की मौत पर बवाल मचा हुआ है। राजधानी की आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल वीके सक्सेना भी इस मामले पर आमने सामने आ गए हैं। इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले पर बड़ी बात कही है। कोर्ट ने कहा कि इतने कम समय में इतने ज्यादा लोगों की मौत महज इत्तेफाक नहीं हो सकता। ऐसे में कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड से शेल्टर होम में आने वाले पानी की क्वालिटी जांचने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यहां सीवर पाइपलाइनों में पानी की स्थिति की जांच करने के लिए कहा है। इसके अलावा कोर्ट ने दिल्ली सरकार के समाज कल्याण सचिव को शेल्टर होम में रहने की स्थिति पर भी एक रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा, कम समय में इतनी बड़ी संख्या में मौते सिर्फ इत्तेफाक नहीं हो सकतीं। कोर्ट ने कहा, पूरे मामले को देखने से पता चलता है कि सभी मौतें इसलिए हुईं क्योंकि मरीज़ टीबी से पीड़ित थे। दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया गया है कि वह पानी की क्वालिटी के साथ-साथ पानी और सीवर पाइपलाइनों की स्थिति की तुरंत जांच करें और एक रिपोर्ट दाखिल करें।" कोर्ट ने समाज कल्याण विभाग के सचिव को भी छह अगस्त को शेल्टर का दौरा करने और एक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। पीठ ने जोर देकर कहा कि मामले में सुधारात्मक उपाय किए जाने की जरूरत है और अगर शेल्टर में क्षमता से ज्यादा लोग रहे हैं, तो अधिकारी कुछ लोगों को दूसरे शेल्टर होम में शिफ्ट करेंगे। बता दें, जुलाई में आशा किरण शेल्टर होम में एक बच्चे सहित 14 लोगों की मौत हो गई थी। मौतों की जांच के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने मामले को सात अगस्त को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आशा किरण शेल्टर होम में फिलहाल बच्चों और महिलाओं समेत 980 मानसिक तौर पर बीमार लोग रह रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस शेल्टर होम में फरवरी से लेकर अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है।   recent visitors 107

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 2006 एनकाउंटर मामले में उनकी भूमिका अब भी संदेह में है, आप चुनाव नहीं लड़ सकते

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को चुनाव लड़ने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2006 एनकाउंटर मामले में उनकी भूमिका अब भी संदेह में है। ऐसे में उन्हें आरोप मुक्त नहीं किया जा सकता है। जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा, आपकी अभी वह स्थिति नहीं है कि संदेह की स्थिति में फायदा दिया जाए। पर्याप्त ऐसे सबूत हैं जो कि आपके खिलाफ संदेह पैदा करते हैं। इसके अलावा आप जमानत पर हैं। सीनियर वकील मुकल रोहतगी और सिद्धार्थ लूथरा शर्मा की तरफ से कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने कहा कि पहली बार नहीं है जब वह चुनाव लड़ने की इजाजत मांग रहे हैं। रोहतगी ने कहा, याचिकाकर्ता एक एनजीओ भी चलाते हैं और एक रिटायर्ड पुलिस अधइकारी हैं। ऐसे में इन तथ्यों पर ध्यान देते हुए उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए। 1k लोगों ने हिस्सा लिया बेंच ने कहा, आपको बहुत-बहुत शुभकामना। लेकिन ये जमानत पर बाहर रहकर चुनाव नहीं लड़ सकते। इसके बाद बेंच ने रोहतगी को ऐप्लिकेशन वापस लेने की अनुमति दे दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 19 मार्च को सुनाए फैसले में उन्हें राम नारायण गुप्ता उर्फ लखन भैया की हत्या का दोषी ठहराया था। आरोप था कि वह छोटा राजन गैंग से था। उसका 2006 में प्रदीप शर्मा ने ही एनकाउंटर किया था। इसके बाद इसी साल प्रदीप शर्मा ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सबसे पहले ट्रायल कोर्ट ने शर्मा को बरी किया था लेकिन हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटकर उन्हें दोषी ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट ने शर्मा को जमानत देते हुए एक सप्ताह में ही सरेंडर करने का आदेश दिया था। वहीं ट्रायल कोर्ट को भी निर्देश दिए थे कि स्थितियां देखकर ही उन्हें जमानत दी जाए। शर्मा ने अपनी यचिका में सीआरपीसी की धारा 389 का जिक्र किया था जिसके तहत कोर्ट किसी दोषी व्यक्ति को भी जमानत दे सकता है या फिर सजा रद्द कर सकता है। 2010 में प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया था। पाया गया था कि मृत व्यक्ति के शरीर में जो गोली मिली थी वह शर्मा के ही सर्विस रिवॉल्वर की थी। 2013 में ट्रायल कोर्ट ने शर्मा को बरी कर दिया। इसे बाद याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। इस मामले में शर्मा के साथ 6 अन्य पुलिसवालों को भी दोषी करार दिय गया था। इसके अलावा प्रदीप शर्मा अन्य मामलों में भी आरोपी हैं। इसमें एंटीलिया बम धमकी केस भी शामिल है।   recent visitors 123