भारत-पाक सीजफायर एलान के बाद अखिलेश यादव ने कहा-शांति सर्वोपरि है और सम्प्रभुता भी!

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच सीजफायर की घोषणा हो गई है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की। इसी बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। आज दोपहर 3:35 बजे भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच बातचीत हुई और शाम 5 बजे से दोनों देश आकाश, जल और थल पर तत्काल हमले रोकने को राजी हो गए। भारत की तरफ से आधिकारिक घोषणा होने के साथ ही अखिलेश यादव ने एक्स हैंडल के माध्यम से लिखा कि शांति सर्वोपरि है और सम्प्रभुता भी! सीजफायर से पहले किया था सरकार से आग्रह सीजफायर से पहले अखिलेश ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा था इस संवेदनशील समय में विविध संचार माध्यमों से लगातार जन संवाद करके सभी आशंकाओं का निर्मूलन करे। सरकार समस्त उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित करे, जिससे जमाख़ोरी न हो और मुनाफ़ाखोर जनता में व्याप्त घबराहट का फ़ायदा न उठा सकें। recent visitors 44

अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्तक्षेप से भारत और पाक के बीच तत्काल युद्ध विराम एक स्वागत योग्य कदम: मुफ्ती

श्रीनगर भारत-पाकिस्तान के बीच 'सीजफायर' का ऐलान होने पर जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने खुशी जताई है। उन्होंने फैसला का स्वागत करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्तक्षेप करने पर भारत और पाकिस्तान के बीच तत्काल युद्ध विराम एक स्वागत योग्य कदम है। मुझे उम्मीद है कि दोनों देश इस क्षेत्र के लिए एक स्थायी शांति की दिशा में काम करेंगे। बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में घुसकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल से पंजाब औऱ जम्मू में हमले किए। लेकिन भारत ने हर मिसाइल को नाकाम कर दिया था। पाकिस्तान के किसी मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया। हालांकि, सीजफायर के बाद भी भारत पूरी तरह से सक्रिय है। वहीं, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने यह जानकारी दी है। दोनों देशों के DGMO (Director General Of Military Operations) वार्ता के बाद 'युद्ध विराम' पर सहमति जताई गई। विक्रम मिसरी ने जानकारी दी कि दोनों देश के DGMO फिर 12 मई को बात करेंगे। recent visitors 47

पाक ने युद्ध के नियमों को ताक पर रखकर नागरिक विमानों की आड़ में सैन्य विमानों की उड़ानें संचालित कीं : सोफिया कुरैशी

नई दिल्ली/जम्मू भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान की सेना ने पश्चिमी सीमा पर लगातार सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी ने  प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि  पाकिस्तान ने युद्ध के नियमों को ताक पर रखकर नागरिक विमानों की आड़ में सैन्य विमानों की उड़ानें संचालित कीं और भारतीय सीमा में मेडिकल केंद्रों और स्कूल परिसरों को जानबूझकर निशाना बनाया। भारत ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का घोर उल्लंघन करार दिया है। केंद्र सरकार ने एक विशेष प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि बीती रात पाकिस्तान ने भारत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें जम्मू-कश्मीर और पंजाब के प्रमुख केंद्र जैसे उधमपुर, पठानकोट और बठिंडा शामिल हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री, थल सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। विदेश सचिव ने बताया कि पाकिस्तान की सेना द्वारा की गई यह कार्रवाई उकसावे की श्रेणी में आती है, लेकिन भारत ने संयमित और संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी प्रकार की तनाववृद्धि नहीं चाहता, जब तक पाकिस्तान भी संयम दिखाए। सरकार के अनुसार, पाकिस्तान ने पश्चिमी सीमा पर ड्रोन और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया और कुल 26 शहरों को निशाना बनाया गया। अधिकांश हमलों को भारत ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। सेना की अधिकारी कर्नल कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान ने न केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, बल्कि श्रीनगर, अवंतीपुरा और उधमपुर में स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी हमले किए। कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान की सेना ने पूरी पश्चिमी सीमा पर सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी बीच शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात भारत ने पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों पर जवाबी कार्रवाई की। शनिवार सुबह भारत सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि फतेह-1 मिसाइल हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने सटीक और निर्णायक स्ट्राइक की, जिससे पाकिस्तान की सैन्य संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा।   सोफिया कुरैशी ने जानकारी दी कि पाकिस्तान की उकसाने वाली कार्रवाई पर भारत ने तत्काल और प्रभावी प्रतिक्रिया दी। भारतीय वायुसेना ने रफीकी, मुरीद, चकलाला और रहीमयार खान सहित पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य केंद्रों पर लक्षित हमले किए। उन्होंने बताया कि इन जवाबी कार्रवाइयों में भारत ने विशेष रूप से ध्यान रखा कि आम नागरिकों और संरचनाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचे। ऑपरेशन के दौरान सटीक हथियारों और आधुनिक लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया, जिससे केवल सैन्य ठिकानों को ही लक्ष्य बनाया गया। कर्नल कुरैशी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों की अनदेखी करते हुए अपने सैन्य विमानों को नागरिक एयर रूट्स की आड़ में उड़ाया, जो एक गंभीर उल्लंघन है। इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "मैंने पहले भी कई मौकों पर कहा है कि पाकिस्तान की कार्रवाइयां उकसावे और तनाव बढ़ाने वाली हैं। जवाब में भारत ने पाकिस्तान की ओर से की गई इन उकसावे और तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों का जिम्मेदाराना और संतुलित तरीके से बचाव किया है और प्रतिक्रिया दी है…"   recent visitors 47

ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई में मारे गए 5 शीर्ष आतंकवादियों की हुई पहचान

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा की गई निर्णायक कार्रवाई में मारे गए 5 शीर्ष आतंकवादियों की पहचान हो गई है। ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़े थे और भारत के खिलाफ साजिशों में सक्रिय थे। पाकिस्तान से मिली खुफिया जानकारी और सूत्रों के अनुसार, इन आतंकियों को मरने के बाद सम्मान मिलना एक वैश्विक मंच पर उसकी दोहरी नीति को उजागर करता है। इन आतंकियों के बारे में जानकारी नीचे दी गई है। 1. मुदस्सर खादियान (लश्कर-ए-तैयबा) मुरीदके स्थित मरकज तैयबा का प्रभारी मुदस्सर खादियान ऑपरेशन की रात में वहीं मौजूद था। वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ढांचे का अहम हिस्सा था। पाकिस्तान में मिली जानकारी के अनुसार, आतंकवादी अबू जुंदाल के अंतिम संस्कार में मुदस्सर भी शामिल था, जहां पाकिस्तानी सेना ने जुंदाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस मौके पर पाक सेना प्रमुख, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और एक सेवारत लेफ्टिनेंट जनरल सहित पंजाब पुलिस के आईजी ने श्रद्धांजलि दी। 2. हाफिज़ मुहम्मद जमील (जैश-ए-मोहम्मद) जमील, जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर का सबसे बड़ा बहनोई था। ऑपरेशन वाले दिन वह बहावलपुर स्थित अपने घर में सो रहा था। वह मरकज सुभानअल्लाह का प्रभारी था और आतंकवादी विचारधारा फैलाने, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने तथा जैश के लिए फंडिंग इकट्ठा करने में शामिल था। 3. मोहम्मद यूसुफ अजहर (जैश-ए-मोहम्मद) मसूद अजहर का साला और "उस्ताद" के नाम से कुख्यात, यूसुफ जैश के हथियार ट्रेनिंग कार्यक्रमों का नेतृत्व करता था। वह जम्मू के कई आतंकी हमलों और आईसी-814 विमान अपहरण जैसे मामलों में वांछित था। यह आतंकवादी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। 4. खालिद उर्फ अबू आकाश (लश्कर-ए-तैयबा) अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी करने वाला खालिद, जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल था। ऑपरेशन के समय वह घर में था और वहीं मारा गया। उसका अंतिम संस्कार फैसलाबाद में हुआ, जहां पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के लोग मौजूद थे। 5. मोहम्मद हसन खान (जैश-ए-मोहम्मद) PoK में जैश के ऑपरेशनल कमांडर मुफ़्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा हसन, जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के समन्वय में प्रमुख भूमिका निभा चुका था। उसे जैश की रणनीति और जमीनी ऑपरेशनों का अहम व्यक्ति माना जाता था। recent visitors 52

भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए जबरदस्त जवाबी हमलों के बाद चीन की यह ‘नरम भाषा’ कई सवाल खड़े कर रही

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर चीन ने एक बार फिर ‘शांति’ और ‘संयम’ की घिसी-पिटी अपील दोहराई है। हालांकि, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले और उसके बाद भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए जबरदस्त जवाबी हमलों के बाद चीन की यह 'नरम भाषा' कई सवाल खड़े कर रही है। चीनी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा,“हम भारत और पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वे क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखें और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचें जिससे तनाव बढ़े।” लेकिन इस अपील के पीछे का सच यह है कि चीन पाकिस्तान का घनिष्ठ सहयोगी रहा है और इन तनावों में उसकी भूमिका 'मूक समर्थक' की तरह रही है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने पीओके और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, वहीं पाकिस्तान ने दो रात लगातार 26 ड्रोन हमले भारत के सैन्य ठिकानों पर किए, जिन्हें भारतीय वायुसेना ने नाकाम कर दिया। बावजूद इसके, चीन ने पाकिस्तान की तरफ झुकाव वाला रवैया अपनाया। इस बीच बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने चीन के सरकारी अखबार को कड़ी चेतावनी दी कि वे पाकिस्तानी दावों पर आधारित फर्जी खबरें फैलाने से बाज़ आएं। भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर कहा“ऐसी भ्रामक पोस्ट करने से पहले फैक्ट चेक करें। पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा शेयर की जा रही पुरानी तस्वीरों से सावधान रहें” । recent visitors 37

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विहार में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के प्रयासों का निरीक्षण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गत दिवस भोपाल स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन्य जीवों के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से सटे भोज ताल के जल क्षेत्र में कुछ नन्हे कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कछुओं की प्रजातियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वन विहार के अन्य प्राणियों के रखरखाव और पर्यटन विकास के लिए किए गए प्रयासों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी एवं वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन्य प्राणियों के रखरखाव और देखभाल में संलग्न स्टॉफ उपस्थित था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैटरी चलित वाहन से वन विहार क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।       recent visitors 29

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 मई 1857 की क्रांति के वीर सपूतों को किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 मई 1857 की ऐतिहासिक क्रांति दिवस पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूतों और देशभक्तों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, जब मां भारती की स्वतंत्रता का बिगुल पहली बार फूंका गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि आज उन सभी विभूतियों, सेनानियों और पराक्रमी शूरवीरों को कोटि-कोटि नमन, जिन्होंने मातृभूमि को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 मई 1857 के दिन को भारतीय जनमानस की स्वतंत्रता की चेतना का जागरण दिवस बताते हुए कहा कि अंग्रेजी शासन की षड्यंत्रकारी नीतियों और राज्य हड़पने की साजिशों के खिलाफ 10 मई 1857 को सशस्त्र क्रांति की ज्वाला धधक उठी थी। recent visitors 39