शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय :शिक्षकों की घोर लापरवाही से 93 छात्र विद्यालय से बाहर निकलने हुए मजबूर

Government Gyanodaya Residential School: Due to gross negligence of teachers, 93 students were forced to leave the school जबलपुर । Government Gyanodaya Residential School शारदा नगर रांझी जबलपुर में मध्य प्रदेश शासन के अनुसूचित जाति विभाग द्वारा संचालित संभाग स्तर का विशेष विद्यालय है जिसमें शैक्षणिक एवं व्यवस्था हेतु केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का बजट आवंटित किया जाता है परंतु हाल ही में जारी हुए सत्र 2024 – 25 के विद्यालय के परीक्षा परिणाम पर नजर डालेंगे तो पाएंगे कि पूरे विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था चौपट हो चुकी है और सीबीएसई पाठ्यक्रम से संचालित इस विद्यालय में A1 और A2 में पांच प्रतिशत बच्चे भी नहीं हैं । जबकि C1 C2 , D तथा E में 40% से ज्यादा छात्र आए हैं जिससे पता चलता है कि विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति अत्यंत जर्जर है ।कक्षा छठवीं ब में 39 छात्रों में से 22 छात्रों को विद्यालय से निकाला जा रहा है। ज्ञानोदय विद्यालय को प्राप्त है विशेष विद्यालय का दर्जाअनुसूचित जाति विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्ग के बीपीएल कार्ड धारक छात्र-छात्राओं के लिए यह संभाग स्तर का विशेष आवासीय विद्यालय है, इस विद्यालय में करोड़ों का बजट आवंटित होता है छात्रों के लिए रहने , खाने एवं पढ़ने की उच्च स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं एवं प्रत्येक छात्र का प्रवेश कठिन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है , प्रवेश उपरांत छात्रों को निशुल्क रहने, खाने एवं पढ़ने की व्यवस्था शासन द्वारा सुनिश्चित की जाती है इस कारण से इस विद्यालय में प्रदेश के विभिन्न जिलों से उत्कृष्ट छात्र प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर इस विद्यालय में आते हैं, एवं प्रतिवर्ष न्यूनतम 60% परीक्षा परिणाम लाना होता है, 60% परीक्षा परिणाम न आने पर छात्रों को विद्यालय से बाहर निकाल दिया जाता है।सवाल यह है कि शिक्षकों के द्वारा पढ़ने में की गई घोर लापरवाही की सजा नन्हे मुन्ने छात्र-छात्राओं को भुगतान पड़ती है एवं इसका विपरीत परिणाम उनके भविष्य पर पड़ता है, Read More: मध्यप्रदेश में चार दिन रहेगा मौसम का कहर: बारिश, ओले और 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी आंधियाँ कक्षा नौवीं में 60% से कम प्राप्तांक से उत्तीर्ण वाले छात्रों को कहीं भी नहीं मिलता प्रवेश , हो जाते हैं शाला त्यागीइस विद्यालय में विगत कई वर्षों से कक्षा नौवीं में प्रवेशित एवं 33% से लेकर 59.9% तक उत्तीर्ण छात्राओं को विद्यालय से बाहर करने के नियम हैं , इस नियम के कारण 60% से कम प्राप्तांक से उत्तीर्ण कक्षा 9 के छात्रों को अन्य विद्यालयों में कक्षा दसवीं से सीधे प्रवेश नहीं दिया जाता जिससे हजारों छात्रों का भविष्य चौपट हो चुका है एवं वे शाला त्यागी होकर शिक्षा छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं । शिक्षकों के कार्यों का नहीं होता मूल्यांकनइस विशेष विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों के कार्यों का कोई मूल्यांकन नहीं होता एवं वरिष्ठ कार्यालय के द्वारा खराब परिणाम वाले शिक्षकों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं करने से साल दर साल विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। विद्यालय में नहीं होती कभी पालक शिक्षक संघ की बैठक छात्र की शैक्षणिक स्थिति से पालकों को नहीं कराया जाता अवगतमध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग एवं अनुसूचित जाति व जनजाति विभाग द्वारा संचालित समस्त विद्यालयों में नियमित रूप से पालक शिक्षक संघ की बैठक आयोजित करने एवं बालकों को छात्रों की उपस्थित, शैक्षणिक योग्यता व कार्य व्यवहार से अवगत कराए जाने के निर्देश हैं परंतु इस विद्यालय में कभी भी पालक शिक्षक संघ की बैठक आयोजित नहीं की जाती जिससे पालकों को अपने बच्चों की शैक्षणिक स्थिति का पता नहीं चलता है । दूर दराज के जिलों से पढ़ने आते हैं वंचित एवं कमजोर वर्ग के छात्रGovernment Gyanodaya Residential School में सिवनी, बालाघाट , छिंदवाड़ा, मंडला , डिंडोरी, उमरिया , कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर ,दमोह सहित आसपास के अनेक जिलों से छात्र पढ़ने आते हैं । विद्यालय में पूर्व में चार छात्रों की हो चुकी है मौतज्ञानोदय आवासीय विद्यालय में छात्रों को उचित गुणवत्ता युक्त भोजन न कराने , उनका ठीक से देखभाल न करने , स्वास्थ्य परीक्षण न करने एवं लापरवाही पूर्वक रखने के कारण चार छात्रों की विगत वर्षों में मौत हो चुकी है इसके बाद भी विद्यालय प्रबंधन एवं विभाग को किसी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ा। शिक्षकों के कार्य की गलत जानकारी प्रेषित कर वरिष्ठ कार्यालय को किया जाता है गुमराहGovernment Gyanodaya Residential School द्वारा प्रतिवर्ष परीक्षा परिणाम का शिक्षकवार गोसवारा तैयार करते समय कुल उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत बताया जाता है जबकि यह जानकारी छुपा ली जाती है कि इस कक्षा से 60% से कम परिणाम आने के कारण इतने छात्रों को विद्यालय से निष्कासित किया जा रहा है । सालों से एक ही स्थान पर जमे हैं कई शिक्षक , पढ़ाने में नहीं लेते हैं बिल्कुल भी रुचिइस विद्यालय में पदस्थ अनेक शिक्षक विगत कई वर्षों से यहां पदस्थ हैं और प्रतिवर्ष खराब परिणाम देने के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है सवाल यह है कि ऐसे लापरवाह शिक्षकों को क्यों बचाया जा रहा है एवं इनका स्थानांतरण दूर दराज के स्कूलों में क्यों नहीं किया गया ? आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ अबाक्स के प्रदेश अध्यक्ष देवेश चौधरी ने कहा कि संभाग के एक मात्र अनुसूचित जाति के विशेष विद्यालय में ऐसी घोर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ।अनुसूचित जाति जनजाति छात्र संघ ने अत्यंत खराब परीक्षा परिणाम एवं बदतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है, संघ के प्रदेश अध्यक्ष शुभम चौधरी ने बताया कि इस विद्यालय से लापरवाही की शिकायतें लगातार प्राप्त होती रहती हैं फिर भी विद्यालय प्रबंधन एवं वरिष्ठ कार्यालय इन्हें बचाता है। इनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए। सवाल यह है कि recent visitors 130

टीआईटी कॉलेज लव जिहाद और रेपकांड की जांच के लिए SIT का गठन.. देहात आईजी अभय सिंह संभालेंगे कमान

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर के बाद अलग-अलग जिलों से लव जिहाद के मामले सामने आ रहे हैं। दमोह में भी लव जिहाद से जुड़ा एक मामला सामने आया है। प्रदेश में लव जिहाद से जुड़े सभी मामलों की जांच के लिए पुलिस मुख्यालय ने राज्य स्तरीय विशेष जांच टीम (स्टेट एसआईटी) गठित की है। टीम की कमान भोपाल देहात के आईजी अभय सिंह को सौंपी गई है। उनके सहयोगी के रूप में भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और पुलिस मुख्यालय के 3 वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे। एसआईटी लव जिहाद, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों की निगरानी और समन्वय करेगी। आज क्लब 90 का निरीक्षण करेगी राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम भोपाल के लव जिहाद मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर की अध्यक्षता वाली टीम भोपाल में है।  सोमवार को टीम क्लब 90 का निरीक्षण करेगी। मानवाधिकार आयोग ने भोपाल पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रथम दृष्टया शिकायत दर्ज करने में देरी मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। सदस्य प्रियंक कानूनगो के अनुसार, अब तक 7 पिडिताएं सामने आ चुकी हैं और संख्या बढ़ने की आशंका है। रविवार को एक पीड़िता आयोग के सामने पेश हुई। पूछताछ के बाद आयोग ने एफआईआर में संगठित अपराध की धाराएं जोड़ने की सिफारिश की है। हिंदू नाम से बुक कराया कैमरा मध्य प्रदेश दमोह के लॉज में फर्जी आधार कार्ड से युवती के साथ रुका युवक इजराइल खान अब एटीएस की जांच में है। उसने खुद को शिवा शर्मा बताकर कमरा बुक कराया था। उसके मोबाइल से 3 युवतियों से संबंधों के सबूत और 12 से ज्यादा से चैटिंग मिली है। एटीएस को शक है कि यह मामला लव जिहाद से जुड़ा हो सकता है। आरोपी ने कबूला कि वह फोटो कॉपी की दुकान से छात्राओं के नाम-नंबर लेता था और उन्हें जाल में फंसाता था। सीएसपी अभिषेक तिवारी ने कहा कि अभी युवतियों की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है। अगर आती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। दमोह पुलिस ने फर्जी दस्तावेज का केस दर्ज किया है। यह था मामला दरअसल जिस तरह से पहलगाम में धर्म देखकर गोली मारी गई उसी तरह भोपाल में धर्म पूछकर कर रेप जिहाद की वारदात को अंजाम दिया गया। धर्म देखकर की दोस्ती फिर तीन युवतियों से रेप किया गया। फरहान खान, साहिल खान और अली खान ने पहले नाम बदलकर दोस्ती की थी। मामले में सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ में रोज रोज नए खुलासे हो रहे हैं। क्या है टीआईटी कॉलेज का मामला? बता दें कि इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों-फरहान खान, साहिल, साद, अली खान, और एक अन्य को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार, 2 मई 2025 को अली की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे अशोका गार्डन पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 6 मई तक के लिए दोबारा रिमांड पर भेज दिया। अली की निशानदेही पर पुलिस उन स्थानों का सत्यापन कर रही है, जहां पीड़िताओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। इसके साथ ही पुलिस ने कई अहम साक्ष्य भी जब्त किए हैं।  पुलिस ने फरहान को हाल ही में इंदौर ले जाकर एक अन्य पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म के स्थान की शिनाख्त कराई। इंदौर में फरहान ने पीड़िता के घर के बाहर हंगामा किया था, जिसके बाद पीड़िता ने डायल 100 पर शिकायत की थी। हालांकि, उस समय इंदौर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब भोपाल पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि हो चुकी है, और इंदौर से भी अहम सबूत जमा किए गए हैं।   recent visitors 58

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं कुलदीप यादव

नई दिल्ली कुलदीप यादव एक ऐसे मैच विजेता खिलाड़ी हैं जो इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर होने वाली टेस्ट श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कलाई के इस स्पिनर को बल्लेबाजी ऑलराउंडरों पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यह मानना है भारत के पूर्व चयनकर्ताओं और कोचों का। उन्होंने कहाकि कुलदीप में एक्स फैक्टर है। उनका मानना ​​है कि रवींद्र जडेजा अपने बेहतर बल्लेबाजी कौशल के कारण पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए पहली पसंद होंगे। लेकिन कुलदीप के टीम में शामिल होने से भारत का स्पिन विभाग और मजबूत हो जाएगा। आईपीएल प्लेऑफ का इंतजार राष्ट्रीय चयन समिति आईपीएल के प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीमों की स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद इंग्लैंड दौरे के लिए भारत और ए टीम की घोषणा कर सकती है। प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाने वाली अन्य छह टीमों में शामिल लाल गेंद के विशेषज्ञ खिलाड़ी जल्दी इंग्लैंड के दौरे पर चले जाएंगे जैसा कि पहले भी होता रहा है। इससे उन्हें वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया में वाशिंगटन सुंदर ने पहली पसंद के स्पिनर के रूप में शुरुआत की। वजह, न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर खराब प्रदर्शन के बाद जडेजा और रविचंद्रन अश्विन दोनों को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया था। अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही संन्यास ले लिया था, जबकि वॉशिंगटन तीन टेस्ट मैच में केवल तीन विकेट हासिल कर पाए थे। कुलदीप की इंग्लैंड में पड़ेगी जरूरत चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष एमएसके प्रसाद, उनकी चयन समिति के सहयोगी देवांग गांधी और भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और प्रसिद्ध कोच डब्ल्यूवी रमन सभी को लगता है कि कुलदीप के पास वह ‘एक्स फैक्टर’ है जिसकी भारत को इंग्लैंड में जरूरत पड़ेगी। खेल के सबसे चतुर विश्लेषकों में से एक रमन ने कहाकि कुलदीप यादव एक आक्रामक विकल्प हैं और उन्हें इंग्लैंड में भारतीय टीम में होना चाहिए। उन्होंने अब तक 12 टेस्ट खेले हैं और अगर हम उनके स्ट्राइक रेट पर गौर करें तो वह हर छह ओवर में एक विकेट (37.3 गेंद प्रति विकेट) है। इसलिए जडेजा के साथ कुलदीप को टीम में रखना मेरे लिए सबसे आसान काम होगा। अलग-अलग मौसम में असरदार प्रसाद को भी लगता है कि वह वॉशिंगटन की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकते हैं। प्रसाद ने कहाकि हालांकि आप अब भी वॉशिंगटन को टीम में रख सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि आपको कुलदीप जैसे उचित मैच विजेता स्पिनर की जरूरत है। उन्होंने कहाकि कुलदीप एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच जीतने की क्षमता रखते हैं। इंग्लैंड में कई ऐसी जगह है जहां स्पिनर को मदद मिलती है और वहां की परिस्थितियों में कलाई का स्पिनर होने के कारण कुलदीप बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। प्रसाद ने तीन स्थानों का हवाला दिया जहां गर्मी और नमी होने पर विकेट वास्तव में स्पिनरों को मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहाकि इंग्लैंड में मौसम भी अपनी भूमिका निभाता है। लंदन में अगस्त गर्म हो सकता है और इसलिए कुलदीप ओवल में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अगर नमी है तो वह बर्मिंघम और ओल्ड ट्रैफर्ड में भी अंतर पैदा कर सकते हैं। बताया क्यों कुलदीप को मिलेंगे विकेट प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति के सदस्य गांधी को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के विपरीत इंग्लैंड की पिचों पर ज्यादा उछाल नहीं होगा। इसलिए कुलदीप की गेंदबाजी की शैली भारत की रणनीति के अनुरूप हो सकती है। गांधी ने कहाकि जहां तक कुलदीप का सवाल है तो इंग्लैंड के बल्लेबाज उन पर स्वीप करना चाहेंगे, लेकिन इससे उन्हें विकेट लेने का मौका भी मिलेगा। कलाई के स्पिनरों में कुछ गुण होते हैं जिनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि वे पिच को समीकरण से बाहर कर सकते हैं। recent visitors 48

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास मिसाइल से हमला के बाद इजरायल पीएम ने कहा- एक नहीं, बल्कि कई धमाके होंगे

तेल अवीव इजरायल के तेल अवीव एयरपोर्ट के पास हुए मिसाइल हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यमन के हूतियों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि एक नहीं, बल्कि कई धमाके होंगे।  यमन के ईरान समर्थित विद्रोहियों ने इजरायल के मुख्य अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास मिसाइल से हमला कर दिया था, जिससे कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही प्रभावित रही। इस हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यमन के हूतियों के खिलाफ बहु-चरणीय हमलों का वादा किया। नेतन्याहू ने टेलीग्राम मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो में कहा, "हमने अतीत में उनके खिलाफ कार्रवाई की है और हम भविष्य में भी कार्रवाई करेंगे, लेकिन मैं विस्तार से नहीं बता सकता। यह एक धमाके में नहीं होगा, बल्कि कई धमाके होंगे।" विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइल के बाद तेल अवीव एयरपोर्ट के पास एक गहरा गड्ढा बन गया। मिसाइल गिरते ही तुरंत चारों ओर धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। गाजा में युद्ध के दौरान फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हूती पूरे इजरायल पर हमला कर रहे हैं। बेन-गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला इज़रायली कैबिनेट मंत्रियों द्वारा गाजा पट्टी में सैन्य अभियान तेज करने के बारे में मतदान करने से कुछ घंटे पहले हुआ। अधिकारियों ने कहा कि सेना ने व्यापक अभियान में हजारों रिजर्व सैनिकों को बुलाना शुरू कर दिया है। हमले के बाद इजरायली सेना ने कहा कि यमन से लॉन्च की गई मिसाइल को रोकने के कई प्रयास किए गए, लेकिन यह एक दुर्लभ हूती हमला था जिसने इजराइल की हवाई सुरक्षा को भेद दिया। एक अधिकारी ने 'एएफपी' को बताया कि देश की सुरक्षा कैबिनेट शाम को बैठक करेगी। पुलिस के एक वीडियो में अधिकारियों को जमीन में एक गहरे गड्ढे के किनारे खड़े दिखाया गया है, जिसके पीछे नियंत्रण टॉवर दिखाई दे रहा है। एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। recent visitors 51

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने जारी किये निर्देश, 31 दिसम्बर के पूर्व फायर प्लॉन प्रस्तुत करें

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश में निश्चित ऊँचाई से बड़े भवनों में अग्नि दुर्घटना से बचाव के इंतजामों का निरीक्षण करने और नियमों की अनदेखी करने वाले भवनों को चिन्हित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस कार्य को प्राथमिकता दिये जाने के लिये कहा है। प्रदेश में फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र प्राप्त किये जाने के संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जारी निर्देश के अनुसार भवन स्वामी अब 31 दिसम्बर, 2025 तक फायर प्लॉन प्रस्तुत कर संबंधित अग्निशमन प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर सकेंगे। नियत तिथि के बाद फायर प्लॉन प्रस्तुत नहीं करने वाले भवन स्वामियों के विरुद्ध दण्ड के अधिरोपण की कार्रवाई नियत नियम के अनुसार की जायेगी। निर्देशों में कहा गया है कि फायर सेफ्टी प्लॉन के कण्डिका क्रमांक-2 में उल्लेखित भवन, जो कि पूर्व से निर्मित हैं, उन्हें 2 माह के भीतर एनबीसी से निर्धारित मानक अनुसार फायर प्लॉन तैयार कर अनुमोदन के लिये अग्निशमन प्राधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। निर्देश में यह भी बताया गया है कि अग्निशमन अधिकारी द्वारा आवेदन प्राप्ति के एक माह के भीतर फायर प्लॉन का अनुमोदन किया जायेगा। कण्डिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2 माह की समयावधि के भीतर यदि भवन स्वामी फायर प्लॉन तैयार कर अग्निशमन प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं करता है, तो विलंब शुल्क के साथ 500 रुपये प्रतिदिन की दर से और एक वर्ष के बाद एक हजार रुपये प्रतिदिन की दर पर दण्ड शुल्क देय होगा। राज्य शासन ने नगर निगमों के लिये आयुक्त नगरपालिक निगम, नगरपालिका परिषद और नगर परिषद के लिये संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले प्रकरणों के लिये जिला कलेक्टर और छावनी परिषद क्षेत्र जबलपुर, महू, मुरार, पचमढ़ी और सागर के लिये अधिशासी अधिकारी को अग्निशमन प्राधिकारी घोषित किया है। भवनों में अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रावधान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जिन भवनों के लिये फायर सेफ्टी प्लॉन के प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है, उनमें 15 मीटर से ऊँचे समस्त भवन, एक तल पर 500 M2 से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले समस्त भवन (आवासीय एवं धार्मिक और सामुदायिक भवनों को छोड़कर) शामिल किये गये हैं। कोई भी होटल और अस्पताल, जिसमें 50 से अधिक पलंग और बिस्तर हों, उन्हें भी शामिल किया गया है। नियमों में 50 से कम पलंग वाले होटल, 50 बिस्तरीय अस्पताल पंजीकृत फायर इंजीनियर का प्रमाणीकरण प्रस्तुत करेंगे। फायर सेफ्टी प्लॉन के संबंध में दिशा-निर्देश संबंधित क्षेत्र के नगरीय निकायों के कार्यालयों से प्राप्त किये जा सकते हैं।   recent visitors 48

आज भारत और जापान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करने जा रहे हैं

नई दिल्ली भारत और जापान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करने जा रहे हैं। इस चर्चा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच होने वाली चर्चा काफी महत्वपूर्ण है। इस चर्चा में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान की ओर से वहां के रक्षा मंत्री शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों पक्ष वर्तमान क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। भारत और जापान के बीच दीर्घकालिक मित्रता है। 2014 में इस सहयोग को विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में शामिल करने के बाद दोनों देशों की इस मित्रता ने गुणात्मक गति प्राप्त की है। रक्षा और सुरक्षा दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। रणनीतिक मामलों पर बढ़ते समन्वय के कारण हाल के वर्षों में भारत और जापान के बीच रक्षा आदान-प्रदान को बल मिला है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थिरता के मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण से इसका महत्व बढ़ रहा है। नवंबर 2024 में लाओ पीडीआर में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के मौके पर दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत हुई थी। उस बातचीत के बाद छह महीने के भीतर दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच यह दूसरी बैठक होगी। इससे पहले भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान जापान के राजदूत ने जम्मू कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की थी। उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले समेत आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने जापान और भारत के बीच चल रहे रक्षा सहयोग की समीक्षा की थी। भारत और जापान अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही दोनों देश अपने रिश्तों को और बेहतर एवं विस्तारित करने के नए अवसरों पर काम कर रहे हैं। recent visitors 60

हिंदू लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के लड़कों ने पहचान छुपाकर बरगलाया, लव जिहाद रोकने का कानून पर पुलिसिंग फेल

भोपाल लव जिहाद रोकने के लिए सरकार ने कानून तो बनाया पर कमजोर पुलिसिंग के कारण उसका प्रभाव नहीं दिख रहा। भोपाल में ही निजी कॉलेज की हिंदू लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के लड़कों ने पहचान छुपाकर बरगलाया। दैहिक शोषण किया। यह कोई एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि संगठित अपराध था। इसमें कई लोग शामिल थे। इसके बाद भी पुलिस को कोई भनक नहीं लगी। दरअसल, ऐसे मामलों में कमजोर कड़ी पुलिस व्यवस्था ही है।   पुलिसकर्मियों के साथ ही अभद्रता की न तो उनका खुफिया तंत्र ठीक से काम कर रहा है और न ही सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर के तौर-तरीकों से ही पुलिसकर्मी वाकिफ हैं। पुलिस का खौफ इस कदर कम हो चुका है कि मात्र मार्च-अप्रैल में ही आठ मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों के साथ ही अभद्रता की गई। दरअसल राजधानी भोपाल में युवतियों के दैहिक शोषण और ब्लैकमेल करने जैसी घटनाओं को कुछ लोग संगठित रूप से अंजाम देते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में भी आरोपितों के विरुद्ध धार्मिक स्वातंत्र्य कानून 2021 के अंतर्गत धारा तीन और धारा पांच के अंतर्गत भी प्रकरण कायम किया है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अब तक पांच पीड़िताएं सामने आई हैं। पांच आरोपित गिरफ्तार हुए हैं। बुरका पहनने का दबाव बनाया घटनाक्रम से साफ लग रहा है कि आरोपितों ने पीड़िताओं को योजनाबद्ध तरीके से फंसाया और दुष्कर्म किया, पर ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं कि वे उनका धर्म परिवर्तन भी कराना चाहते थे। उन्होंने लड़कियों को मांस खिलाया। बुरका पहनने के लिए दबाव बनाया। इसी कारण यह मामला लव जिहाद से जोड़ा जा रहा है। आरोपित अलग-अलग राज्यों के हैं। इस कारण यह भी आशंका है कि इनके पीछे दूसरे राज्यों के कुछ और लोग हो सकते हैं जो आरोपितों की मदद कर रहे हों। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। 200 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं इसी वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में नाबालिग बेटियों को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने वालों के लिए फांसी की सजा का प्रविधान करने की बात कही थी। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कड़ी कार्रवाई की बात कह चुके हैं। धार्मिक स्वातंत्र्य काननू के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक 200 से अधिक प्रकरण कायम किए जा चुके हैं, पर अपराधियों में काननू का डर नहीं दिख रहा। recent visitors 58