खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने रचा नया इतिहास, बिक्री में 447% और उत्पादन में 347% का रिकॉर्ड उछाल

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के मार्गदर्शन में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2024-25 में खादी और ग्रामोद्योग का कुल कारोबार ₹1,70,551.37 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक कारोबार है। केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने नई दिल्ली स्थित राजघाट कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनंतिम आंकड़े जारी करते हुए यह जानकारी दी। उत्पादन और बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में बीते 11 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादन में 347% और बिक्री में 447% की वृद्धि हुई है। उत्पादन ₹26,109.07 करोड़ से बढ़कर ₹1,16,599.75 करोड़ तक पहुंचा, जबकि बिक्री ₹31,154.19 करोड़ से बढ़कर ₹1,70,551.37 करोड़ हो गई। इस प्रगति के साथ खादी और ग्रामोद्योग ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में एक नया अध्याय रचा है। रोजगार सृजन में 49.23% की वृद्धि केवीआईसी ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2013-14 में जहां संचयी रोजगार 1.30 करोड़ था, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा 1.94 करोड़ तक पहुंच गया, जो कि 49.23% की वृद्धि को दर्शाता है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में एक अहम कदम है। खादी वस्त्र उत्पादन और बिक्री में ऐतिहासिक उछाल खादी वस्त्रों के उत्पादन और बिक्री में भी शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। उत्पादन ₹811.08 करोड़ से बढ़कर ₹3,783.36 करोड़ (366% वृद्धि) और बिक्री ₹1,081.04 करोड़ से बढ़कर ₹7,145.61 करोड़ (561% वृद्धि) तक पहुंची है। यह बढ़ोतरी प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा खादी को जनआंदोलन में बदलने की अपील और प्रचार के प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। खादी ग्रामोद्योग भवन ने बनाया नया रिकॉर्ड नई दिल्ली स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन ने भी पहली बार ₹110.01 करोड़ का कारोबार किया है, जो वर्ष 2013-14 में ₹51.02 करोड़ था। इसमें 115% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो शहरी उपभोक्ताओं के बीच खादी के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। पीएमईजीपी के माध्यम से 90 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के तहत अब तक 10.18 लाख इकाइयों की स्थापना हो चुकी है। इन इकाइयों के लिए ₹27,166.07 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई है और इससे 90,04,541 लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने में सहायक रही है। ग्रामोद्योग विकास योजना से ग्रामीण भारत को बल ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत अब तक कुल 2,87,752 मशीनें, उपकरण और टूलकिट वितरित किए गए हैं। इसमें मधुमक्खी पालन बॉक्स, विद्युत चालित चाक, अगरबत्ती निर्माण मशीन, फुटवियर टूलकिट, सिलाई व मरम्मत टूल्स शामिल हैं। वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना का बजट बढ़ाकर ₹60 करोड़ कर दिया गया है, जो वर्ष 2021-22 की तुलना में 134% अधिक है। महिला सशक्तिकरण में केवीआईसी की अहम भूमिका महिलाओं को स्वरोजगार और प्रशिक्षण से जोड़ने के क्षेत्र में भी केवीआईसी ने उल्लेखनीय कार्य किया है। बीते 10 वर्षों में 7,43,904 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 57.45% महिलाएं हैं। इसके अलावा, 5 लाख से अधिक खादी कारीगरों में 80% महिलाएं कार्यरत हैं। पारिश्रमिक में 275% और पिछले तीन वर्षों में 100% तक की वृद्धि कर महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सशक्त किया गया है। ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प की ओर मजबूत कदम अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने इस सफलता का श्रेय पूज्य बापू की प्रेरणा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी, एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग और देशभर के करोड़ों कारीगरों की मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि केवीआईसी की यह ऐतिहासिक उपलब्धियाँ भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूती देती हैं।   recent visitors 37

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पुस्तक दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पुस्तक दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने आशा की है कि सभी पुस्तक मेले का भरपूर लाभ उठाएँगे। उन्होंने आह्वान किया कि विश्व पुस्तक दिवस पर प्रत्येक व्यक्ति कोई न कोई पुस्तक अपने पास अवश्य रखे। पुस्तक पढ़ने का जो आनंद है, वह सबसे श्रेष्ठ है। खासकर जब हमारी लाइब्रेरी समृद्ध होती है, तो वह ज्ञानार्जन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वप्न, राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की दूरदर्शिता से, देश के इतिहास में पहली बार मेडिकल एजुकेशन सहित समस्त तकनीकी शिक्षा को क्षेत्रीय भाषाओं, राष्ट्रीय भाषा में पढ़ाने का अभियान चलाया गया है, उसमें पुस्तकें एक सशक्त माध्यम बन रही हैं। चिकित्सा शिक्षा को हिंदी भाषा में पढ़ाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन को मूर्त रूप देते हुए तकनीकी शिक्षा में मातृभाषा हिंदी को प्राथमिकता दी है, जिससे प्रत्येक छात्र को बिना भाषायी अवरोध के गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है जिसने चिकित्सा शिक्षा को हिंदी भाषा में पढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। मेडिकल, डेंटल, पैरामेडिकल आदि सभी संकायों की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र अब हिंदी एवं अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में छात्रों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे वे छात्र जो विषयवस्तु में निपुण होते हुए भी अंग्रेज़ी में कमजोर होते हैं, अब आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सम्मिलित हो पा रहे हैं। छात्रों को उत्तर पुस्तिकाओं में हिंदी में उत्तर लिखने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा प्रायोगिक परीक्षाओं में भी हिंदी भाषा में उत्तर देने की अनुमति प्रदान की गई है। इस पहल से विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान का मूल्यांकन उनकी भाषायी सुविधा के अनुरूप संभव हो रहा है। इसके अतिरिक्त, राज्य के समस्त चिकित्सा महाविद्यालयों की पुस्तकालयों में हिंदी भाषा में चिकित्सा विषयक पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे छात्रों को विषय के गहन अध्ययन में कोई कठिनाई न हो। recent visitors 38

मध्यप्रदेश सरकार पूरे देश में सर्वाधिक 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं खरीद रही

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पूरे देश में सर्वाधिक 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं खरीद रही है, ताकि प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को सर्वाधिक लाभ मिले। इस उपार्जन राशि में सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी शामिल है। उन्होंने कहा कि गेहूं उत्पादन एवं उपार्जन के मामले में हम पंजाब और हरियाणा जैसे खाद्यान्न उत्पादक राज्यों से भी आगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रकार के राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी प्रकार के राशन कार्ड धारकों को समय पर और बिना किसी कठिनाई के पात्रतानुसार राशन सामग्री उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को राशन पाने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर और त्रुटिरहित बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी राशन पाने से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी सभी योजनाएं, विशेषकर खाद्यान्न वितरण, उज्जवला गैस योजना की सब्सिडी वितरण और घर-घर घरेलू गैस पाइप लाइन डालने का काम पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किये जाएं, ताकि प्रदेश के नागरिकों को सरकार की सुविधाओं का भरपूर लाभ मिल सके। हर जरूरतमंद तक खाद्यान्न पहुंचाना हमारी प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्रुटिरहित राशन वितरण, किसानों को उपार्जन राशि का समय पर भुगतान और हर जरूरतमंद तक खाद्यान्न पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी प्रबंध और जरूरी कदम उठाये जायें। घरेलू गैस की पाइप लाइन डालने का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मक्का, कोदो-कुटकी जैसे श्रीअन्न भी स्व-सहायता समूह एवं शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को दिये जायें, ताकि इनकी मांग (खपत) में वृद्धि हो और श्रीअन्न पैदा करने वाले किसानों को प्रोत्साहन मिले। गेहूं उपार्जन का काम 5 मई तक पूरा कर लें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीदी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता का पालन किया जाए और किसानों को गेहूं उपार्जन का भुगतान कम से कम समय में कर दिया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अवधि 30 अप्रैल तक करें। इस अवधि तक बुकिंग कराने वाले सभी किसानों से गेहूं उपार्जन का समस्त कार्य 5 मई 2025 तक हर हाल में पूराकिया जाए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बैठक में बताया कि गोदामों में खाद्यान्न स्कंध की हेरा-फेरी पर अंकुश लगाने के लिए अब खाद्य विभाग द्वारा खाद्यान्नों के सभी बारदानों (बोरों) में क्यूआर कोड लगाये जायेंगे। इसी तरह एमपी वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अधीन सभी वेयरहाउस को भी क्यूआर कोडयुक्त किया जा रहा है। इनमें सीसीटीव्ही कैमरे भी लगवाये जाएंगे। खाद्यान्न वितरण, शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर नजर रखने एवं फूड-स्टॉकिंग के सभी कामों की मुख्यालय से निगरानी के लिए भोपाल में एक कंट्रोल कमांड सेंटर भी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग स्वयं के 1596 गोदामों का क्रमबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण एवं उन्नयन कर रहे हैं। सभी गोदाम में भंडारित स्टॉक एवं अन्य संसाधनों के अधिकतम रिस्क कवर के लिए नवीनतम प्रावधानों के तहत बीमा पॉलिसी भी लागू की जा रही है। मंत्री श्री राजपूत बताया कि उपार्जित स्कंध की साफ-सफाई के लिए उपार्जन केन्द्रों पर मैकेनाइज्ड क्लीनिंग मशीनों की स्थापना की गई है। स्कंध की गुणवत्ता परीक्षण के लिए ग्रेन एनालाईजर के साथ-साथ विभाग के अधीन सभी वेयर हाउसेस में संकेतक (साइनेज) भी लगाये जा रहे हैं। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा (मुख्यमंत्री कार्यालय), अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य विभाग श्री कर्मवीर शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं और व्यवस्थाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया।   recent visitors 24

किंग कोबरा के बदले मध्य प्रदेश सरकार वन विहार से बाघ और बाघिन का जोड़ा कर्नाटक को देगी

भोपाल प्रदेश में किंग कोबरा की आबादी बढ़ाने की दिशा में कर्नाटक से लाए गए दो मेल किंग कोबरा को वन विहार भोपाल में रखा गया है। इसके बदले में प्रदेश सरकार वन विहार से बाघ और बाघिन का जोड़ा कर्नाटक को देगी। इसके लिए पहले ही अनुबंध कर लिया गया था। वर्षाकाल के बाद बाघ का जोड़ा कर्नाटक भेजा जाएगा। वहीं वन विहार में दो मेल किंग कोबरा में से एक किंग कोबरा इंदौर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। इंदौर चिड़ियाघर में एक मादा किंग कोबरा है। प्रदेश सरकार कर्नाटक के साथ ही छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा को भी बाघ देगी। राज्य सरकार इन तीनों राज्यों को 15 बाघ देगी। इनमें छत्तीसगढ़ को आठ बाघ (दो बाघ, छह बाघिन), राजस्थान को चार बाघिन एवं ओडिशा को तीन (एक बाघ, दो बाघिन) दिए जाएंगे। इसको लेकर सहमति बन गई है। बांधवगढ़, पेंच एवं कान्हा टाइगर रिजर्व से ये बाघ भेजे जाएंगे। इसके लिए यह शर्त भी रखी गई है कि बाघ एवं बाघिन को भेजने की प्रक्रिया पशु चिकित्सकों की टीम की देखरेख में की जाए। बाघों के जीवन को किसी प्रकार का खतरा न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। बाघों को भेजने का पूरा खर्च संबंधित राज्य को ही उठाना होगा और इसकी विधिवत अनुमति भारत सरकार से लेनी होगी। वन विहार से मेल किंग कोबरा इंदौर चिड़ियाघर भेजने या वहां से मादा किंग कोबरा वन विहार लाने को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। हमारा प्रयास अन्य राज्य से एक मादा किंग कोबरा लाने का भी है।  एल कृष्णमूर्ति, एपीसीसीएफ वन्यप्राणी मुख्यालय, भोपाल। recent visitors 27

भारत ने बांग्लादेश में ₹5,000 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट पर लगाई रोक, भूटान और नेपाल के रास्ते वैकल्पिक रास्तों की तलाश

नई दिल्ली  इस समय पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) से रिश्ते कुछ सहज नहीं हैं। इसलिए भारत ने वहां चल रहे कुछ रेलवे प्रोजेक्ट (Railway Project) रोक दिए हैं। वहां हो रही राजनीतिक उथल-पुथल और वहां काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भारत को चिंता है। एक खबर के अनुसार, लगभग ₹5,000 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट का इस समय काम रुक गया है। कई प्रोजेक्ट पर काम ठप  एक रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम तीन प्रोजेक्ट पर पहले काम चल रहा था, जिसे अब रोक दिया गया है। इसके अलावा, पांच अन्य प्रोजेक्ट के लिए सर्वे का काम भी बंद कर दिया गया है। ये रेलवे प्रोजेक्ट पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश के रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए बहुत जरूरी थे। इनका मकसद सिलिगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भरता को कम करना था। सिलिगुड़ी कॉरिडोर एक पतला सा रास्ता है जो पूर्वोत्तर भारत को बाकी भारत से जोड़ता है। कौन कौन से प्रोजेक्ट रुके जिन रेलवे प्रोजेक्ट को रोका गया है, उनमें अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक, खुलना-शाहबाजपुर रेल लाइन, खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन और ढाका-टोंगी-जयदेबपुर रेल एक्सटेंशन प्रोजेक्ट शामिल हैं। अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक प्रोजेक्ट पर भारत बांग्लादेश को लगभग ₹400 करोड़ की मदद दे रहा था। यह 12.24 किलोमीटर लंबा है। इसमें बांग्लादेश में 6.78 किलोमीटर और त्रिपुरा में 5.46 किलोमीटर की दोहरी रेल लाइन बननी थी। खुलना-शाहबाजपुर रेल लाइन, जो अखौरा-अगरतला प्रोजेक्ट का हिस्सा है, असम के लिए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बनाई जा रही थी। खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन प्रोजेक्ट को रियायती लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत बनाया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत $388.92 मिलियन (₹3,300 करोड़) है। इसमें बांग्लादेश के मोंगला पोर्ट और खुलना में मौजूदा रेल नेटवर्क के बीच लगभग 65 किलोमीटर का रेल मार्ग बनाया जाना था। काम बहुत धीरे 'बिजनेस लाइन' की रिपोर्ट के अनुसार, ढाका-टोंगी-जयदेबपुर रेलवे एक्सटेंशन प्रोजेक्ट जून 2027 तक पूरा होना था। लेकिन, पिछले साल तक इसका 50% से भी कम काम हो पाया था। मतलब, काम बहुत धीरे चल रहा था। प्रोजेक्ट पर काम क्यों धीमा था, इस बारे अभी तक कुछ खास सामने नहीं आया है। भारत विकल्प देख रहा है अब भारत भूटान और नेपाल के रास्ते वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहा है ताकि उत्तर तथा पूर्वोत्तर भारत में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, "'₹3500 – 4000 करोड़ की कनेक्टिविटी योजना भूटान और नेपाल के माध्यम से तलाशी जा रही है, लेकिन भारतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्य योजना के अनुसार चल रहा है।" इसके साथ ही, भारत उत्तर प्रदेश और बिहार में सिंगल रेल लाइनों को डबल और जहां डबल रेल लाइन है, वहां चार लाइनें बिछाने की संभावना भी तलाश रहा है। recent visitors 63

भारत के 5 बड़े फैसलों के मायने: भारत ने 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता रोका: पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द, अटारी बॉर्डर बंद

Meaning of India’s 5 big decisions: India stopped the 65 year old Indus Water Treaty नई दिल्ली । पहलगाम हमले के दूसरे दिन भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार माना है। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत ने 5 बड़े फैसले लिए हैं। इसमें 65 साल पुरानी सिंधु जल संधि को रोका गया है। अटारी चेक पोस्ट बंद कर दिया गया है। वीजा बंद कर दिया गया और उच्चायुक्तों को हटा दिया है। जानिए, सरकार के इन फैसलों का पाकिस्तान पर क्या असर पड़ेगा… 1. सिंधु जल संधि समझौता स्थगित होने से पाकिस्तान में जल संकट छाएगा, आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी सिंधु जल संधि: 19 सितंबर 1960 को भारत और पाकिस्तान के बीच 6 नदियों का पानी बांटने को लेकर एक समझौता हुआ था, जिसे सिंधु जल संधि कहते हैं। समझौते के तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास और सतलुज) का अधिकार मिला, जबकि पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) का इस्तेमाल करने की परमिशन दी गई। समझौते का मकसद: सिंधु जल समझौते का मकसद था कि दोनों देशों में जल को लेकर कोई संघर्ष न हो और खेती करने में बाधा न आए। हालांकि भारत ने हमेशा इस संधि का सम्मान किया, जबकि पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने के आरोप लगातार लगते रहे हैं। भारत के पाकिस्तान से तीन युद्ध हो चुके हैं, लेकिन भारत ने कभी भी पानी नहीं रोका था, लेकिन पाकिस्तान हर बार भारत में आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार होता है। पाकिस्तान में अब पानी का संकट होगा: पाकिस्तान की 80% खेती सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों के पानी पर निर्भर है। अब भारत की तरफ से इन नदियों का पानी रोक देने से पाकिस्तान में जल संकट गहराएगा। वहां की आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी। इसके अलावा पाकिस्तान कई डैम और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से बिजली बनाता है। पानी की कमी से बिजली उत्पादन में गिरावट आ सकती है, जिससे आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा। 2. अटारी चेक पोस्ट बंद होने से पाकिस्तानियों की आवाजाही नहीं हो सकेगी अटारी चेक पोस्ट के बंद होने से पाकिस्तान के लोगों की आवाजाही तो बंद होगी ही, साथ ही छोटे सामानों को भारत निर्यात नहीं करेगा। इससे वहां के छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होगा। भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों को इस रास्ते से लौटने के लिए 1 मई तक का वक्त दिया गया है। इसके बाद वह इस रास्ते से नहीं लौट पाएंगे। साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद से ही पाकिस्तान से द्विपक्षीय व्यापार बंद है। किसी तीसरे देश के माध्यम से भारत-पाकिस्तान के बीच आयात-निर्यात होता है। हालांकि दोनों देशों के बीच छोटे-मोटे सामानों का लेन देन होता है। जैसे- सेंधा नमक, चमड़े का सामान, मुल्तानी मिट्टी, तांबे का सामान, मिनरल मिल्स, ऊन और चूना हैं। 3. वीजा सर्विस के साथ आतंकियों के आने का रास्ता भी बंद भारत ने पाकिस्तानियों के वीजा पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं, SAARC वीजा छूट योजना से भी पाकिस्तान के लोग भारत नहीं आ पाएंगे। फैसले का मकसद: पाकिस्तान के कई लोगों की रिश्तेदारी भारत में है। ऐसे में कई बार पाकिस्तानी लोग रिश्तेदार बनकर भारत आते हैं। इनके अलावा धार्मिक यात्राओं का बहाना करके भारत आते हैं और आतंकी हमलों को अंजाम देते हैं। ऐसे में वीजा सर्विस बंद होने से आतंकियों के भारत आने का रास्ता भी बंद हो जाएगा। 4. हाई कमीशन से डिफेंस एडवाइजर्स हटाए भारत ने नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन में तैनात पाकिस्तानी मिलिट्री, नेवी और एयर एडवाइजर्स को अवांछित व्यक्ति घोषित किया है। उनके पास भारत छोड़ने के लिए एक हफ्ते का समय है। 1 मई 2025 तक पाकिस्तान के हाई कमीशन में तैनात कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 की जाएगी। भारत ने आजादी के बाद से अब तक दिल्ली में पाकिस्तान के दूतावास को कभी भी बंद नहीं किया है। 5. अपने डिफेंस एडवाइजर्स भी वापस बुलाए पाकिस्तान के डिफेंस एडवाइजर्स हटाने के साथ ही भारत भी अपने मिलिट्री, नेवी और एयर एडवाइजर्स को इस्लामाबाद स्थित इंडियन हाई कमीशन से वापस बुलाएगा। संबंधित हाई कमीशन में ये पद निरस्त माने जाएंगे। दोनों उच्चायोगों से सर्विस एडवाइजर्स के 5 सपोर्ट स्टाफ को भी वापस बुलाया जाएगा। इन दोनों फैसलों का असर सैन्य-डिप्लोमैटिक संवाद ठप: भारत में पाकिस्तानी रक्षा सलाहकारों की वापसी से दोनों देशों के बीच सैन्य-स्तर की बातचीत और संपर्क पूरी तरह बंद हो जाएंगे। हाई कमीशन का प्रभाव कम होगा: स्टाफ की संख्या घटकर 55 से 30 हो जाने से पाकिस्तानी उच्चायोग की कार्यक्षमता और भारत में उसकी कूटनीतिक मौजूदगी सीमित हो जाएगी। recent visitors 115

शिवसेना द्वारा आतंकवाद का पुतला दहन किया

Shivsena burnt the effigy of terrorism भोपाल ,ब्यूरो रिपोर्ट । देश एवं प्रदेश भर में पहलगाम जम्मू कश्मीर में हुए,आतंकवादी हमले का विरोध हो रहा हैं,वहीं राजधानी स्थित प्रभात पेट्रोल पंप पर शिवसेना UBT के द्वारा पहलगाम जम्मू कश्मीर में हुए,आतंकवादी हमले मे मारे गए, 27 पर्यटकों और 17 हमले में घायल हुए नागरिकों के विरोध में पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला दहन किया गया,वही शिवसेना जिला अध्यक्ष कुलदीप तिवारी ने बताया कि,जो पर्यटक जम्मू के पहलगाम में शहीद हुए हैं,उनको श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही हैं,बड़े ही दुख की घड़ी है,उससे यही प्रतीत हो रहा कि,पाकिस्तान चाहता है कि,धार्मिक आधार पर भारत मे ग्रह युद्ध हो शिवसेना प्रधानमंत्री से मांग करती हैं की,घायलों के उपचार की लिए स्पेशल ब्यवस्था की जाए,साथ ही मृतक के परिजनों को मुआबजा और सेना में नौकरी दी जाए,एवं पाकिस्तान का अंतराष्ट्रीय पटल पर विरोध किया जाना चाहिए, साथ ही आयात निर्यात पाकिस्तान के साथ बंद कर देना चाहिए,हमारी मांग हैं कि, पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्यवाही की जाए recent visitors 72