मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना का एक नया मामला सामने आया, इलाज के दौरान महिला की मौत, डॉक्टर्स पॉजिटिव युवक का इलाज कर

इंदौर  मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी. इंदौर के एक प्राइवेट अस्पताल में एक महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर आई थी, उसका किडनी से संबंधित बीमारी का इलाज किया जा रहा था, लेकिन जांच में वह कोरोना पॉजिटिव मिली. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना से स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया. अन्य दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. डॉक्टर्स कोरोना वायरस के लौटने से हैरान हैं. मध्य प्रदेश के इंदौर में लंबे समय बाद कोविड के दो मरीज मिले हैं. इनमें एक युवक है जबकि, दूसरी बुजुर्ग महिला है. दोनों को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था. दोनों को अलग-अलग बीमारियां हैं. इनमें से महिला की अन्य बीमारियों के चलते सोमवार को मौत हो गई जबकि युवक का इलाज चल रहा है. बताया जा है कि दोनों मरीज इंदौर के हैं. इनमें से युवक को दो-तीन दिनों से सर्दी खांसी थी. उसने पहले दूसरे अस्पताल में दिखाया, लेकिन फर्क नहीं पड़ने पर अरबिंदो अस्पताल में दिखाया. यहां उसकी कई प्रकार की जांचें हुईं, जिनमें कोविड की पुष्टि हुई. ऐसे भर्ती हुई महिला प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महिला इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र की रहने वाली थी. 74 वर्षीय महिला को किडनी की बीमारी के कारण एडमिट किया गया था, उसे सीवियर सेप्टिक था. वह कोमार्बिट पैसेंट थी. उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसकी भी फ्लू पैनल जांच की गई. जिसमें वह भी कोविड पॉजिटिव पाई गई. सोमवार को उसकी मौत हो गई. डॉक्टर्स का कहना है कि महिला को किडनी में समस्या के साथ अन्य बीमारियां थीं साथ ही वह कोरोना पॉजिटिव भी पाई गई थी, जिसकी से उसकी मौत हुई. युवक का इलाज जारी डॉक्टर्स ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला के बाद एक युवक भी काफी दिनों से सर्दी खांसी की समस्या से परेशान था. उसके इलाज के लिए उसकी कई प्रकार की जांच की गई. जिसमें कोरोना का जांच भी शामिल थी. उसे कोरोना की जांच में पॉजिटिव मिलने पर सावधानियां बरती गईं. फिलहाल युवक ठीक है. उसका इलाज जारी है. recent visitors 35

बड़ा हादसा : महादेव घाट पुल पर तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सूखी नदी में गिरी, 6 लोगों की मौत

दमोह  मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित महादेव घाट के पास दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। यहां सड़क पर दौड़ती तेज रफ्तार बोलेरो जीप महादेव घाट के पुल पर अनियंत्रित होकर पलटी और सीधे करीब 50 फीट नीचे आ गिरी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में वाहन में सवार 6 से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को दमोह जिला अस्पताल एवं जबेरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया जा रहा है। इनमें से कुछ को जबलपुर भी रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।  दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बनवार चौकी के समीप महादेव पुल घाट के पास ये हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि, तेज रफ्तार दौड़ती बेलोरो जीप अनियंत्रित होकर पलटी, फिर पुल से नीचे आ गिरी, जिससे जीप सवार करीब 6 से 7 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि, इतने ही लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, वाहन तेज गति से आ रहा था, जिसे बोलेरो वाहन चालक पुल पर नियंत्रित नहीं कर सका और वाहन पुल से नीचे सूखी नदी में आ गिरा। हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पुल से नीचे गिरी बोलेरो जीप पूरी तरह से चकनातूर हो गई है। जीप में दबने से यात्रियों की मौत जीप के उसके चारों पहिए ऊपर हो गए तथा सवारियां उसी के नीचे दब गईं। घटना में 6 से 7 लोगों की मृत्यु होने की जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने वाहन को पलटते देखा तो तुरंत ही घटना की सूचना पुलिस को दी तथा स्वयं घायलों को बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर एसडीएम सौरभ गंधर्व, तहसीलदार, थाना प्रभारी नोहटा और वनवार चौकी प्रभारी मनीष यादव सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। घायलों का रेस्क्यू कर उपचार के लिए रवाना कर दिया गया है। जबकि, शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। शुरुआती तौर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार यात्री जबलपुर जिले के बेलखेड़ा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। recent visitors 34

फिल्म से सीखा नकली नोट छापना, मास्टरमाइंड निकला 8वीं पास, 5 गिरफ्तार, मास्टर चाबी ने खोला राज

इंदौर इंदौर के एक होटल के कमरे में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक नकली नोटों की फैक्ट्री चला रहे थे। खुलासा तब हुआ, जब होटल स्टाफ को शक हुआ और उसने मास्टर चाबी से रूम खोला। जो नजारा दिखा, वह चौंकाने वाला था। छिंदवाड़ा का अब्दुल शोएब उर्फ छोटू (25) आर्ट एंड डिजाइन से ग्रेजुएट है। वह लंबे समय से बेरोजगार था। पिता पर बड़ा कर्ज था। उसने ऑनलाइन फर्जी करेंसी से जुड़े ग्रुप्स खंगालना शुरू किए और यहीं उसकी पहचान द्वारका (गुजरात) के मयूर चम्पा (25) से हुई, जिसने फिल्म 'फर्जी' देखने के बाद नकली नोट छापने का आइडिया सोचा था। मयूर ने शोएब को एक खास सॉफ्टवेयर मुहैया कराया, जो असली नोट की हूबहू कॉपी तैयार कर सकता था। इसमें वाटरमार्क, सीरियल नंबर और रंगों तक का मिलान था। सोशल मीडिया से जोड़े बेरोजगार साथी शोएब ने रहीश खान (32), प्रफुल्ल कोरी (19) जैसे साथियों को जोड़ा, जो या तो मामूली काम करते थे या बिल्कुल बेरोजगार थे। बाद में भोपाल के आकाश घारु (30) और मेडिकल स्टोर संचालक शंकर चौरसिया (42) भी इस रैकेट से जुड़ गए। सारा नेटवर्क फेसबुक के जरिए जुड़ा था। सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, बटर पेपर, कटिंग टूल्स और अन्य उपकरण खरीदे गए। जल्दी अमीर बनना चाहते थे डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया- 13 अप्रैल को सूचना मिली कि इंदौर के अनुराग नगर स्थित होटल इंटरनिटी में तीन युवक नकली नोट छाप रहे हैं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए होटल के रूम नंबर 301 में दबिश दी। यहां से अब्दुल शोएब, रहीश खान और प्रफुल्ल कुमार कोरी को गिरफ्तार किया। कमरे की तलाशी के दौरान उनके बैग से 500-500 रुपए के 100 नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि जल्दी अमीर बनने की नीयत से उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से होटल में छिपकर नकली नोट छापने का ठिकाना बनाया था। इन्हें अपने अन्य साथियों के माध्यम से बाजार में खपाने की योजना बना रखी थी। केस दर्ज कर तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। 'मास्टर की' ने खोला नकली नोट फैक्ट्री का राज डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी ने  बातचीत में बताया- आरोपी होटल के दो कमरों में नकली नोट छाप रहे थे। होटल स्टाफ के एक मेंबर को शक हुआ। जब आरोपी कमरे में नहीं थे, उसने मास्टर की से रूम का ताला खोला। वीडियो बनाकर क्राइम ब्रांच को भेजा। जिस पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि यदि क्राइम ब्रांच ने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती, तो यह गैंग नकली नोटों को बड़े पैमाने पर बाजार में चला देता। recent visitors 36

पति पर अप्राकृतिक संबंध बनाने का आरोप, हाईकोर्ट ने खारिज की पत्नी की याचिका, कोर्ट-भारत में वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं

इंदौर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के न्यायमूर्ति बिनोद कुमार द्विवेदी ने पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध (Unnatural sexual relations) बनाने के आरोप से एक पति को बरी कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले में दो महत्वपूर्ण बिंदु उभर कर सामने आए हैं। हाईकोर्ट ने टिप्पणी में कहा हैं भारत में वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं है। ये एक विशेष मामलों का फैसला रिपोर्ट में कोर्ट (MP High Court) ने वैवाहिक बलात्कार (Marital Rape) को अभी तक कानूनी मान्यता नहीं मिलने की बात कही है। कोर्ट का कहना हैं कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जिस पर भारत में लगातार बहस हो रही है। यह फैसला भारतीय कानून (Indian law) में सहमति और अप्राकृतिक यौन संबंधों की परिभाषा को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक विशेष मामले का फैसला है। सह​मति से सेक्स IPC में नहीं कोर्ट ने कहा कि यदि एक पत्नी वैध विवाह के दौरान अपने पति के साथ रह रही है तो किसी पुरुष द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी सेक्स बलात्कार नहीं होगा। यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 के दायरे में नहीं आता। यह धारा, जो पहले समलैंगिक संबंधों को अपराध माना जाता था। दहेज प्रताड़ना का भी था आरोप याचिकाकर्ता पत्नी का आरोप है कि उसके साथ पति ने क्रूरता की। दहेज की मांग की। अप्राकृतिक सेक्स किया। इस प्रकार IPC की धारा 498-ए (क्रूरता), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए दंड), 294 (अश्लील कृत्य) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के साथ धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 (दहेज देने या लेने के लिए दंड) के साथ धारा 4 (दहेज मांगने के लिए दंड) के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए एक FIR दर्ज की गई। जिला कोर्ट ने भी कर दिया बरी 3 फरवरी 2024 को इंदौर की एक अतिरिक्त सत्र की अदालत ने अपनी पत्नी के साथ अप्राकृतिक सेक्स के आरोप से बरी किया था। यह आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन कृत्य) के तहत लगाया गया था। याचिकाकर्ता महिला के वकील की ओर से कहा गया कि पर्याप्त साक्ष्य के बावजूद पति को आरोप से मुक्त कर दिया, जो कानून की दृष्टि से गलत है। जिला कोर्ट ने भी कर दिया था बरी, फिर पत्नी हाईकोर्ट पहुंची उच्च न्यायालय का रुख करने वाली महिला के पति को इंदौर की एक अतिरिक्त सत्र अदालत ने अपनी पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन कृत्य के आरोप से तीन फरवरी 2024 को बरी कर दिया था। यह आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन कृत्य) के तहत लगाया गया था। याचिकाकर्ता महिला के वकील की ओर से उच्च न्यायालय में कहा गया कि पर्याप्त सबूत के बावजूद निचली अदालत ने पति को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत लगाए गए आरोप से मुक्त कर दिया जो कानून की दृष्टि से गलत है। महिला ने उच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी कि निचली अदालत के इस आदेश को रद्द किया जाए। पति के वकील ने कहा पत्नी से संबंध बनाना धारा 377 के तहत अपराध नहीं महिला के पति के वकील ने उच्च न्यायालय में दलील पेश की कि शीर्ष अदालत भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को ‘असंवैधानिक’ घोषित कर चुकी है। महिला के पति के वकील ने उच्च न्यायालय में बहस के दौरान यह भी कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के तहत ‘‘बलात्कार’’ की संशोधित परिभाषा के अनुसार वैवाहिक संबंध बरकरार रहने के दौरान पत्नी के साथ यौन संबंध बनाना आईपीसी की धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जाता है। कोर्ट ने कहा- आईपीसी के तहत वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं पक्षकारों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति और पत्नी के बीच अप्राकृतिक यौन संबंध के पहलू पर विचार-विमर्श करने वाले कुछ निर्णयों का उल्लेख किया और IPC की धारा 375 के तहत बलात्कार की संशोधित परिभाषा का उल्लेख किया। न्यायालय ने यह भी कहा कि आज तक आईपीसी के तहत वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं दी गई। न्यायालय ने मनीष साहू पुत्र ओंकार प्रसाद साहू बनाम मध्य प्रदेश राज्य के फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें यह देखा गया। हालांकि, यह न्यायालय IPC की धारा 375 के तहत परिभाषित बलात्कार की संशोधित परिभाषा पर विचार करने के बाद पहले ही इस निष्कर्ष पर पहुंच चुका है कि यदि एक पत्नी वैध विवाह के दौरान अपने पति के साथ रह रही है तो किसी पुरुष द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी संभोग या यौन क्रिया बलात्कार नहीं होगी। इसलिए IPC की धारा 375 के तहत बलात्कार की संशोधित परिभाषा के मद्देनजर, जिसके द्वारा एक महिला के गुदा में लिंग का प्रवेश भी बलात्कार की परिभाषा में शामिल किया गया। पति द्वारा पंद्रह वर्ष से कम उम्र की अपनी पत्नी के साथ कोई भी संभोग या यौन क्रिया बलात्कार नहीं है तो इन परिस्थितियों में अप्राकृतिक कृत्य के लिए पत्नी की सहमति का अभाव अपना महत्व खो देता है। वैवाहिक बलात्कार को अब तक मान्यता नहीं दी गई। IPC की धारा 377 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद हाई कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। पत्नी ने दहेज प्रताड़ना का भी लगाया था आरोप याचिकाकर्ता पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके साथ क्रूरता की गई दहेज की मांग की गई और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए गए। इस प्रकार IPC की धारा 498-ए (क्रूरता), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए दंड), 294 (अश्लील कृत्य और गीत) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के साथ धारा 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 (दहेज देने या लेने के लिए दंड) के साथ धारा 4 (दहेज मांगने के लिए दंड) के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए एक FIR दर्ज की गई। recent visitors 92

सीधी में बरस रही आग, तापमान 44 डिग्री के पार, इंदौर-ग्वालियर और रीवा संभाग में लू का अलर्ट; जानें अपने शहर का मौसम

भोपाल  मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी रीवा और सागर संभाग में जबरदस्त गर्मी पड़ रही है। खासकर, सीधी, सतना, सिंगरौली, टीकमगढ़ और छतरपुर जिले सर्वाधिक गर्म रहे। सोमवार को सीधी जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार रहा। जबकि, एमपी के 27 शहरों में यह 40 डिग्री या इससे अधिक है। मंगलवार को भी इंदौर भोपाल सहित पूरे प्रदेश में तेज धूप है। यहां हीटवेव का अलर्ट मौसम विभाग ने इंदौर, ग्वालियर, रीवा और चंबल संभाग के 9 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। जबकि, भोपाल, उज्जैन, सागर और जबलपुर संभाग में तेज गर्मी पड़ेगी। मंगलवार को अलीराजपुर, बड़वानी, भिंड, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले में हीटवेव चल सकती हैं। 9 जिलों में 42 डिग्री के पार पारा भोपाल में सोमवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री से 0.5 डिग्री लुढ़ककर 40.1 डिग्री पर रहा। दिन में 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलीं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि तेज हवा के चलते तपिश कम थी। जबकि, रात के तापमान में अपेक्षाकृत 0.4 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। सीधी और टीकमगढ़ सहित 9 जिलों में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया।   अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार ने बताया कि मंगलवार का राजस्थान-गुजरात से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। भोपाल, ग्वालियर और इंदौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में अगले पांच दिन तापमान में बढ़ोतरी संभव है। प्रदेश के 9 सबसे गर्म शहर     सीधी 44.6     सतना 43.6     टीकमगढ़ 3.5     नौगांव 43.2     रीवा 43.0     दमोह 42.5     मंडला 42.5     शिवपुरी 42.2     उमरिया 42.1 अगले 3 दिन कैसा रहेगा MP का मौसम?     23 अप्रैल: मंदसौर नीमच अलीराजपुर बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी।     24 अप्रैल: मंदसौर नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीटवेव चलेंगी। अन्य जिलों में भी गर्मी पड़ेगी।     25 अप्रैल: मंदसौर, नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी भीषण गर्मी पड़ सकती है। गर्म हवाएं चलने की वजह से सीधी में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले रविवार को यहां तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया था। सीधी के बाद सतना और टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा गर्मी रही। सतना में 43.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 43.5 डिग्री, नौगांव में 43.2 डिग्री, रीवा में 43 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, शिवपुरी, उमरिया, मलाजखंड, सागर, खरगोन, खजुराहो, सिवनी, नरसिंहपुर, गुना, रतलाम, नर्मदापुरम, रायसेन, खंडवा, बैतूल, धार और छिंदवाड़ा में भी तेज गर्मी रही। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में पारा सबसे ज्यादा 41.9 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 40.7 डिग्री, भोपाल में 40.1 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और इंदौर में पारा 39.6 डिग्री रहा। पारे में बढ़ोतरी का दौर रहेगा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर तेज रहेगा। मंगलवार को लू का अलर्ट भी है।   recent visitors 36

रेलवे के भोपाल मंडल ने जारी किया विशेष नंबर, संदेश सुरक्षित रहेगा और सही समय पर पहुंचेगा

भोपाल लोको पायलट  ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर सकते। इस वजह से कई बार उनके स्वजन आपातकाल में भी उनसे संपर्क नहीं कर पाते हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे ने एक नई पहल की है। अब रनिंग स्टाफ के परिजन इमरजेंसी स्थिति में विशेष फोन सुविधा के जरिए अपना संदेश कंट्रोल रूम को बताएंगे। कंट्रोल रूम वॉकी टॉकी के माध्यम से यह सूचना संबंधित कर्मचारी तक पहुंचाएगा। (बड़ी संख्या में महिला लोको पायलट भी सेवाएं दे रही हैं।) पश्चिम मध्य रेलवे में सबसे पहले भोपाल मंडल में सुविधा     रेलवे अब प्रत्येक जोन और मंडल स्तर पर एक विशेष इमरजेंसी नंबर शुरू कर रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे में सबसे पहले भोपाल मंडल ने इस सुविधा को लागू किया है। भोपाल मंडल में इसका हेल्पलाइन नंबर 07552470031 है, जो सभी रनिंग स्टाफ और उनके परिवारों को उपलब्ध कराया गया है।     बताया गया है कि कोई जरूरी बात बताने के लिए इस नंबर पर बात कर संदेश छोड़ा जा सकता है। रेलवे ने इस प्रक्रिया को इस प्रकार डिजाइन किया है कि संदेश सुरक्षित और समय पर संबंधित लोको पायलट तक पहुंचे।     इसके लिए रनिंग स्टाफ की ड्यूटी और वर्तमान लोकेशन से जुड़े डेटा का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सही व्यक्ति तक संपर्क साधना आसान हो सके। इस तरह पहुंचेगा संदेश यह कॉल संबंधित कंट्रोल ऑफिस तक में दर्ज की जाएगी। संबंधित स्टेशन मास्टर या कंट्रोल अधिकारी उस संदेश को लोको पायलट तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। संदेश अगले पड़ाव स्टेशन पर या ट्रेन के ब्रेक प्वाइंट पर मौजूद अधिकारी द्वारा लोको पायलट को व्यक्तिगत रूप से दिया जाएगा।     हमारे लोको पायलट और गार्ड रनिंग ड्यूटी में होते हैं, जहां उनका नेटवर्क बंद रहता है। ऐसे में उनके परिवार को कोई संदेश देने में परेशानी होती है। इस आपातकालीन नंबर के जरिये ऐसे जरूरी संदेश उन तक आसानी से पहुंच जाएंगे। इससे उनकी मानसिक शांति भी बनी रहेगी। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल   recent visitors 22

डाॅ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी को भारत सरकार ने बड़ी सौगात, 434 करोड़ से होगा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट

सागर  डाॅ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी को भारत सरकार ने बड़ी सौगात दी है और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 434 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि की मंजूरी दी है. इस राशि से यूनिवर्सिटी में अकादमिक भवन, अस्पताल, आईटी लैब, कन्वेंशन सेंटर और लड़के और लड़कियों के लिए छात्रावास के साथ यूनिवर्सिटी के नए कैंपस, वैली कैंपस का निर्माण होगा. भारत सरकार की इस सौगात पर यूनिवर्सिटी के शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता के प्रयासों की सराहना की है. यूनिवर्सिटी की प्रगति की नई उड़ान डॉ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने बड़ी सौगात दी है. यूनिवर्सटी के अकादमिक भवनों, छात्रावासों और अन्य सुविधाओं के लिए 434.77 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं. यूनिवर्सटी में इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के नवीन भवन के निर्माण के लिए 99.71 करोड़ रुपए, होटल एंड कैटरिंग मैनेजमेंट, इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटलिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, वाणिज्य विभाग और प्रबंधन विभाग के एकीकृत भवन के लिए 67.60 करोड़ रुपए, बालक और बालिकाओं के लिए एक-एक हजार सीट की क्षमता वाले दो नए छात्रावास के लिए 194.50 करोड़ रुपए, यूनिवर्सटी के नए अस्पताल भवन के लिए 15.42 करोड़, कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र, प्रयोगशाला, आईटी सेल एवं ऑनलाइन सेंटर के लिए 33.58 करोड़ और इसके अलावा मल्टीपर्पस कन्वेंशन सेंटर के लिए 23.96 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं. खास बात ये है कि इन सभी भवनों का निर्माण सागर रहली मार्ग पर वैली कैम्पस में किया जाएगा. कुलपति के प्रयासों की सराहना दरअसल, यूनिवर्सिटी की इन जरूरतों को लेकर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने बैठक में यूनिवर्सिटी के मौजूदा संसाधनों, छात्रों और छात्रावास की संख्या, सुविधाओं का उल्लेख करते हुए विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया था और यूनिवर्सिटी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की आवश्यकताओं पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय का ध्यान खींचा था. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के शास्त्री भवन में हुई इस बैठक में सागर यूनिवर्सिटी के सभी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. बैठक में कुलपति ने वर्ष 2023 में यूनिवर्सिटी को नैक से मिली ए प्लस ग्रेड, यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या, संचालित कोर्स, शिक्षक और कर्मचारियों की संख्या, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के क्रियान्वयन में अग्रणी रहने और भारतीय सेना के महार रेजीमेंट के साथ अकादमिक समझौता कर अग्निवीरों के लिए डिग्री प्रदान करने जैसी उपलब्धियों को रेखांकित किया. यूनिवर्सिटी के विशाल परिसर में बनेंगी इमारतें गौरतलब है कि सागर यूनिवर्सिटी का क्षेत्रफल करीब 1400 एकड़ है. यहां फिलहाल वैली कैंपस में विस्तार की संभावनाएं है. कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा है कि "यूनिवर्सटी लगातार परिसर का विस्तार कर रहा है. यहां कई नवीन अकादमिक भवन, इंटीग्रेटेड लैब और कई विभागों के विस्तारित भवन बनकर तैयार हो चुके हैं. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने 434.77 करोड़ रुपए की नवीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है. यूनिवर्सटी प्रगति की दिशा में नई उड़ान भरने जा रही है. 2 नए छात्रावासों के बनने से छात्र-छात्राओं को सुविधा होगी. हमारा विश्वविद्यालय एक तरह से पूर्णतः आवासीय विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है. आधुनिक अस्पताल, आई टी सेंटर और कम्प्यूटर लैब बनाया जाएगा. कॉमर्स एवं मैनेजमेंट डिपार्टमेंट बड़े भवन में संचालित होगा." recent visitors 20