अगर कल सरकार न्यायपालिका में दखल देती है तो अच्छा नहीं होगा, शक्तियों का बंटवारा अच्छी तरह से परिभाषित :मंत्री रिजिजू

नई दिल्ली वक्फ संशोधन कानून और पॉकेट वीटो मामले को लेकर छिड़ी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि अगर कानून बनाना सुप्रीम कोर्ट का ही काम रह गया है, तो फिर संसद भवन को बंद कर देना चाहिए. उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर एक पोस्ट में यह बयान दिया. क्या बोले निशिकांत दुबे? झारखंड की गोड्डा सीट से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा, 'कानून यदि सुप्रीम कोर्ट ही बनाएगा तो संसद भवन बंद कर देना चाहिए.' इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून पर सुनवाई से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि मुझे पूरा भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट विधायी मामले में दखल नहीं देगा. हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए. अगर कल सरकार न्यायपालिका में दखल देती है तो अच्छा नहीं होगा. शक्तियों का बंटवारा अच्छी तरह से परिभाषित है. केंद्रीय मंत्री न्यायपालिका और कार्यपालिका की शक्तियों की याद दिलाते है, तो वक्फ पर बनी जेपीसी के अध्यक्ष रहे जगदंबिका पाल सुप्रीम सुनवाई के अंतरिम आदेश से पहले ही वक्फ कानून पर अपना फैसला सुनाते हुए बड़ा ऐलान करते हैं. उन्होंने कहा कि अगर कानून में एक भी गलती निकली, तो वे अपने सांसदी पद से इस्तीफा दे देंगे. सुप्रीम कोर्ट में वक्फ मामले पर सुनवाई बता दें कि 16 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से अपील की गई कि वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं के मामले में अतंरिम आदेश जारी करने से पहले उनकी दलील सुनी जाएं. कोर्ट ने केंद्र सरकार की अपील को सुनते हुए अतंरिम आदेश पारित नहीं किया. 17 अप्रैल को सुनवाई के दौरान एक बार फिर वक्फ कानून के अतंरिम आदेश से पहले विवाद के मुद्दों पर विस्तार से सुनवाई की दलील पेश की गई. जवाब देने के लिए एक हफ्ते की मोहलत मांगी गई और एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने अतंरिम आदेश की तारीख आगे बढ़ा दी, लेकिन वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की एंट्री और 'वक्फ बाय यूजर' संपत्तियों में किसी तरह के बदलाव पर केंद्र का जवाब आने तक रोक लगा दी. पॉकेट वीटो मामले पर आमने-सामने केंद्र और कोर्ट दूसरी ओर तमिलनाडु विधानसभा से पारित 10 विधेयकों को वर्षों से राज्यपाल आरएन रवि की मंजूरी ना मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते बड़ा फैसला सुनाया था. उसके बाद अब केंद्र सरकार इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर कर सकती है. केंद्र सरकार का मानना है कि समय-सीमा तय कर देने से संवैधानिक अराजकता बढ़ेगी. तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि के रोके हुए 10 बिलों को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है. अब इस मामले में केंद्र सरकार राष्ट्रपति और राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र यानी अघोषित 'पॉकेट वीटो' (Pocket Veto) के मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रही है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा? इस निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रपति को राज्यपाल द्वारा विचार के लिए प्रेषित विधेयकों पर विचार करने का संदर्भ मिलने की तिथि से तीन महीने के भीतर निर्णय लेना चाहिए. कोर्ट ने अपने निर्णय में यह भी स्पष्ट लिखा कि राज्यपाल के पास 'पॉकेट वीटो' यानी किसी भी फाइल को अनिश्चित काल तक अपने पास लंबित रखने का अधिकार नहीं है. इस टिप्पणी से असहमत केंद्र सरकार का मानना है कि इससे राज्यपाल की संवैधानिक भूमिका सीमित हो जाती है.   recent visitors 24

अमेरिका में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही गुंटूर की छात्रा की टेक्सास के डेंटन सिटी में हिट-एंड-रन की घटना में मौत

गुंटूर  आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले की 23 साल की छात्रा वंगावोलु दीप्ति की टेक्सास के डेंटन सिटी में एक हिट-एंड-रन घटना में मौत हो गई। यह घटना उनकी मास्टर डिग्री पूरी होने से कुछ हफ्ते पहले हुई। 12 अप्रैल की सुबह हुई इस दुर्घटना में एक तेज रफ्तार सेडान ने दीप्ति और उनकी दोस्त स्निग्धा को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गई। दीप्ति को गंभीर चोटें आईं और 15 अप्रैल को उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। डेंटन पुलिस मामले की जांच कर रही है और जनता से मदद की अपील की है। कैसे हुआ हादसा? दीप्ति 2023 में नरसाराओपेट इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक करने के बाद अमेरिका में नॉर्थ टेक्सास विश्वविद्यालय में कंप्यूटर और सूचना विज्ञान में मास्टर कर रही थीं। दीप्ति और स्निग्धा 12 अप्रैल की सुबह कैरिल अल लागो ड्राइव पर टहल रही थीं। तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। यह एक रिहायशी इलाका है। टक्कर लगने के बाद कार चालक वहां से भाग गया। दीप्ति को सिर में गंभीर चोटें आईं। स्निग्धा को भी चोटें आईं। लेकिन वे जानलेवा नहीं थीं। इलाज के दौरान तोड़ा दम घटना के बाद आपातकालीन सेवा वाले तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों को अस्पताल पहुंचाया। दीप्ति को आईसीयू में रखा गया। लोगों ने क्राउडफंडिंग के जरिए लगभग 80,000 डॉलर जुटाए। ताकि उनका इलाज हो सके। लेकिन 15 अप्रैल को दीप्ति ने दम तोड़ दिया। स्निग्धा का इलाज अभी भी चल रहा है। डेंटन पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कार को ढूंढने में मदद करें। जमीन बेचकर बेटी को भेजा था विदेश दीप्ति के परिवार वाले इस खबर से बहुत दुखी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी आखिरी बात 10 अप्रैल को हुई थी। दीप्ति ने अपने माता-पिता को मई में होने वाले दीक्षांत समारोह में आने के लिए कहा था। उनके पिता हनुमंत राव एक छोटे व्यापारी हैं। उनकी मां रमादेवी एक गृहिणी हैं। उन्होंने अपनी बेटी को विदेश में पढ़ाने के लिए अपनी जमीन का एक हिस्सा बेच दिया था। सोमवार को घर पहुंचेगा शव दीप्ति का पार्थिव शरीर शनिवार को हवाई जहाज से लाया जाएगा और सोमवार को घर पहुंचेगा। जूनियर केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर के कार्यालय ने अमेरिका में अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि दीप्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता मिले। अब वे उनके डेडबॉडी को वापस लाने की व्यवस्था कर रहे हैं। recent visitors 49

घाटी में मध्यम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस हुए, लोग दफ्तरों से बाहर निकल आए और खुले मैदान में जाकर खड़े हो गए

श्रीनगर कश्मीर में शनिवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. जिसके बाद लोग डर गए और अपने दफ्तर-घर छोड़कर बाहर निकल आए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घाटी में मध्यम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस हुए हैं. लोग दफ्तरों से बाहर निकल आए और खुले मैदान में जाकर खड़े हो गए.अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में भूकंप का केंद्र रहा. भूकंप की गहराई धरती से 86 किलोमीटर पर थी. एक दिन पहले उत्तरी चिली में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया था. 15 अप्रैल को अमेरिका में कैलिफोर्निया के सैन डिएगो काउंटी में भूकंप आया था. इसकी तीव्रता 5.2 रही थी. भूकंप के कारण होने वाले कंपन को कैमरा में कैद किया गया था. दक्षिणी कैलिफोर्निया में भूकंप से किसी के घायल होने या कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था. 13 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के मंडी में भूकंप आया था. इसकी धरती से 5 किमी गहराई थी. इसकी तीव्रता 3.4 रही थी. 12 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिले के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. भूकंप की तीव्रता 5.8 रही थी. इसकी धरती से गहराई 10 किमी थी. भूकंप का केंद्र पाकिस्तान रहा था. recent visitors 61

द्रविड़ और सैमसन के बीच सब कुछ ठीक नहीं, राहुल द्रविड़ ने संजू सैमसन के साथ अनबन पर चुप्पी तोड़ी

नई दिल्ली राजस्थान रॉयल्स (RR) के कोच राहुल द्रविड़ ने संजू सैमसन के साथ अनबन पर चुप्पी तोड़ी है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सुपर ओवर से पहले जब राहुल द्रविड़ टीम के खिलाड़ियों को कुछ समझा रहे थे, तब सैमसन टीम सर्कल से बाहर दिखाई दे रहे थे। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि द्रविड़ और सैमसन के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। हालांकि लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ मुकाबले से पहले द्रविड़ ने इन सभी रिपोर्ट्स को खारिज किया है। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में द्रविड़ ने कहा, "मुझे नहीं पता कि ये रिपोर्ट कहां से आ रही हैं। संजू और मैं एक ही राय रखते हैं।" उन्होंने कहा, "वह हमारी टीम का एक बहुत ही अभिन्न अंग है। वह हर निर्णय और चर्चा में शामिल होता है। कभी-कभी, जब आप खेल हार जाते हैं और चीजें सही नहीं होती हैं, तो आपको आलोचना का सामना करना पड़ता है और हम इसे अपने प्रदर्शन के आधार पर ले सकते हैं, लेकिन हम इस आधारहीन बात के बारे में कुछ नहीं कर सकते। टीम की भावना वास्तव में अच्छी है, मैं इन लोगों की मेहनत से प्रभावित हूं। एक बात जो लोग नहीं समझते हैं, वह यह है कि जब खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो उन्हें कितना दुख होता है।" दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मैच में संजू सैमसन पसलियों में चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए और उनका आज लखनऊ के खिलाफ खेलना भी संदिग्ध है। द्रविड़ ने पुष्टि की कि सैमसन का स्कैन किया गया है, उन्होंने कहा कि चोट के बारे में अधिक स्पष्टता मिलने के बाद ही वे उन्हें खेलने के बारे में फैसला करेंगे। अगर आज सैमसन चोट के चलते बाहर होते हैं तो रियान पराग एक बार फिर टीम को लीड करते हुए नजर आ सकते हैं। recent visitors 33

सागर में लड़का ले भाग लड़की को, दुकानों में आगजनी और तोड़फोड़, पुलिस ने किया बल प्रयोग

 सागर सागर जिले के सानौधा गांव में शनिवार को दो पक्षों में विवाद के बाद उग्र हुई भीड़ ने एक दुकान में आग लगा दी। उपद्रवियों ने आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ भी कर दी। उपद्रव की सूचना मिलते ही सानौधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को समझाइश देकर मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन भीड़ नहीं मानी। मौके पर लगातार बढ़ती भीड़ और हालात बिगड़ते देख यहां आसपास के थानों का पुलिस बल भी बुलाया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और हलका बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा गया। विवाद की सूचना मिलते ही मौके पर जिला प्रशासन से एसपी कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए। वहीं सूचना लगने पर गांव में नरयाबली विधायक प्रदीप लारिया भी पहुंच गए। ये है मामला मामले में सानोधा पहुंचे नरयावली विधायक प्रदीप लारिया का कहना है कि गांव की एक युवती को वर्ग विशेष का युवक अपने साथ ले गया, जिसको लेकर विवाद गरमाया हुआ है। आरोपी युवक आपराधिक प्रवृत्ति का है। उन्होंने कहा कि इस तरह का यह पांचवां मामला है। उन्होंने अधिकारियों से शीघ्र आरोपी को खोजने की मांग की है। पुलिस तथा प्रशासन के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। फिलहाल गांव में हालात तनावपूर्ण पर नियंत्रण में हैं। सागर एसपी विकास शाहवाल, एएसपी लोकेश सिन्हा, एसडीओपी प्रकाश मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौके पर हैं। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। स्थिति पर मुस्तैदी से नजर रखी जा रही है। आस-पास के थानों से बुलाई पुलिस लड़की को भगा ले जाने वाले लड़के की गांव में स्थित दुकान को आग लगा दी गई है। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को हवाई फायर भी करना पड़ा है। सूचना के बाद मौके पर सागर पुलिस अधीक्षक सहित आस-पास के थाना बल को बुलाया गया है। मौके पर फायर ब्रिगेड भी पहुंची है, जिसने लड़के की जल रही दुकान को बुझाने का प्रयास किया है। गांव में तनाव की स्थिति है। फिलहाल गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। आक्रोशित भूल को खरीदने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया है। विधायक भी पहुंचे मौके पर मौके पर नरयावली विधायक प्रदीप लारिया भी पहुंचे हैं, जहां उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाइए देकर शांत कराया है। विधायक ने कहा कि आरोपित अपराधी किस्म का युवक है, जो जो विभिन्न अपराधी गतिविधियों में संलिप्त है। विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि आरोपित ने पुरातत्व विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है, जिसे तत्काल हटाया जाना चाहिए। साथ ही आरोपित के मकान सहित उसके समाज के अन्य मकानों की भी तलाशी ली जानी चाहिए, जहां अवैध हथियारों का जखीरा भी मिल सकता है। आज बाने वाली थी बारात बताया जा रहा है कि जिस लड़की को युवक भगाकर ले गया है, उसकी शनिवार को बरात आने वाली थी, लेकिन शादी के पहले ही लड़की को आरोपित बहला फुसला कर भगा ले जाया गया है। लड़की के स्वजन ने थाने पहुंचकर आरोपित के खिलाफ मामला कायम करने की मांग भी की थी, लेकिन पुलिस ने केवल गुमशुदगी का मामला दर्ज किया। इस वजह से भी लड़की के घर और समाज के लोग आक्रोशित थे। recent visitors 20

उत्तराखंड के चमोली में गहरी खाई में गिरी कार… 5 की मौत,तेज आंधी और बारिश के चलते हुआ हादसा

चमोली  उत्तराखंड के चमोली में एक बड़े हादसे में पांच लोगों की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार देर शाम करीब सात बजे चमोली जिले के बिरही-निजमूला मोटर मार्ग पर गाड़ी गांव के पास कोरेलधार में कार खाई में गिर गई। हादसे के कारणों को लेकर जांच चल रही है। पुलिस और बचाव टीमें दुर्घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन भारी बारिश के चलते राहत और बचाव कार्यों में दिक्कतें आने की भी सूचना आई हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की टीम ने सभी मृतकों के शवों को बरामद कर लिया है। बारात की कार गिरी बिरही-निजमूला मोटर मार्ग पर गाड़ी गांव के पास कोरेलधार में बारात की कार गिरने का मामला सामने आया। खाई में कार गिरने के बाद हड़कंप मच गया। शादी वाले घर में कोहराम मच गया। मरने वालों को लेकर सूचना आ रही है कि सभी निजमूला क्षेत्र से किसी शादी से लौटकर दशोली विकासखंड के हरमनी गांव जा रहे थे। वापसी के दौरान ही यह हादसा हो गया। हादसे का पता तब चला, जब बरात में शामिल एक वाहन की खोजबीन की गई। गाड़ी को खोजने निकले लोगों ने खाई में गाड़ी को गिरा पाया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आज होगा पोस्टमार्टम बिरही-निजमूला मोटर मार्ग पर गहरी खाई में गिरी कार से पुलिस की टीम ने मृतकों के शवों को रेस्क्यू कर लिया है। इसके बाद उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को चलाया। recent visitors 40

NCERT की चौथी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं की किताबें जुलाई तक आने की संभावना है

रायपुर  राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने इस साल कक्षा चौथी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया है। इस कारण अभी तक इनकी किताबें बाजार में नहीं आई हैं। इधर एनसीईआरटी का ब्रिज कोर्स भी तैयार किया है, जो छात्रों को अगली कक्षा में जाने से पहले, नई शिक्षा नीति और नई पाठ्यक्रम के अनुसार है। यह पाठ्यक्रम मुख्य रूप से कक्षा पांचवीं, छठवीं, सातवीं और आठवीं के लिए तैयार किया है। स्कूल शुरू, लेकिन किताबें नहीं एक अप्रैल से स्कूल शुरू हो चुके हैं और अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे बच्चों के पुस्तकें लेकर भेजें। इस कारण अभिभावक भी परेशान हैं, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों का उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। ब्रिज कोर्स से पढ़ाई     केंद्रीय विद्यालय-1 के प्राचार्य अशोक चंद्राकर ने बताया कि इस बार एनसीईआरटी ने सभी कक्षा के बच्चों को पढ़ाने के लिए ब्रिज कोर्स दिया है। पिछली कक्षा के कुछ विषयों को लेकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा और उन्हें रिकाल करवाया जा रहा है।     वहीं सीबीएसई स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि उनके पास जो किताबें हैं, वे अभी वही बच्चों को पढ़ाएंगे। सीबीएसई स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि पाठ्यक्रम बदलाव से पूरी किताबें छप नहीं पाई हैं, जिससे बच्चों को नई किताबें मिलने में देरी हो रही है। इससे सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है।     इन कक्षाओं के हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय के कोर्स में बदलाव किया है। विद्यार्थियों को बदले हुए पाठ्यक्रम की किताबें जुलाई से मिलने की संभावना है।   recent visitors 26