शुक्रवार18 अप्रैल 2025: बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मन परेशान रहेगा। आत्मसंयत रहें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। परंतु सेहत का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता रहेगी। वृषभ राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। मन परेशान भी हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। रहन सहन कष्टमय हो सकता है। खर्च बढ़ेंगे। मिथुन राशि- मन परेशान हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। कर्क राशि- मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं के वश में रखें। बातचीत में संतुलित रहें। शैक्षिक कार्यों में कठिनाई आ सकती है। सचेत रहें। सिंह राशि- मन अशांत रहेगा। मानसिक शांति बनाए रखने के प्रयास करें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। परिवार से दूर रह सकते हैं। कन्या राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। नौकरी में बदलाव हो सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन की संभावना बन रही है। भागदौड़ अधिक रहेगी। तुला राशि- मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। वृश्चिक राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। क्रोध से बचें। सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। किसी रुके धन की प्राप्ति हो सकती है। धनु राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। सचेत रहें। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए प्रयास करें। मकर राशि- मन परेशान हो सकता है। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। माता का साथ मिलेगा। आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। कुंभ राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। मीन राशि- आपके लिए स्थिति पहले से अच्छी होगी। लवलाइफ में समस्याएं कम होगी। नौकरी में आप ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं। recent visitors 62

भारतीय रेलवे श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के लिए क्या किराया और शेड्यूल होगा, इसकी जानकारी जल्द देगा

जम्मू जम्मू के कटरा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को 19 अप्रैल को हरी झंडी दिखाई जानी थी, लेकिन पीएम मोदी का दौरा टलने से अब थोड़ा और समय लगेगा। हालांकि, इस ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग इसी हफ्ते से शुरू हो जाएगी। चेन्नई स्थित इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में वंदे भारत के कोच बनाए गए हैं। इससे पूरे देश से कश्मीर की यात्रा आसान हो जाएगी। हालांकि, यात्रियों को सुरक्षा की दृष्टि से पहले जम्मू के कटरा तक किसी ट्रेन से आना होगा और फिर यहां से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन मिलेगी। रेलवे की ओर से एक खुशखबरी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि अन्य ट्रेनों की ही तरह कश्मीर जाने वाली इस वंदे भारत में भी पांच साल से कम उम्र के बच्चों का टिकट नहीं लगेगा। भारतीय रेलवे श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के लिए क्या किराया और शेड्यूल होगा, इसकी जानकारी जल्द देगा। माना जा रहा है कि 19 अप्रैल तक इसे जारी किया जा सकता है। इसका रखरखाव उत्तरी रेलवे (एनआर) करेगा। हालांकि, माना जा रह है कि एसी चेयर कार का टिकट 1600 रुपये और एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 2500 रुपये तक हो सकता है। किराए को लेकर आधिकारिक जानकारी जल्द दी जाएगी। इस ट्रेन में अन्य ट्रेनों की ही तरह पांच साल के बच्चों के लिए यात्रा फ्री होगी। 'ईटी नाऊ' से बात करते हुए भारतीय रेलवे के सीनियर अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए वंदे भारत ट्रेन से यात्रा करना फ्री होगा। हालांकि, अगर उसे सीट की जरूरत होगी तो वह उसे पूरा किराया देना होगा। सिर्फ तीन घंटे में पहुंच सकेंगे कश्मीर जम्मू से कश्मीर पहुंचने में सड़क के जरिए आमतौर पर सात से आठ घंटे का समय लगता है, लेकिन वंदे भारत के जरिए यह समय आधा हो जाएगा। कटरा से श्रीनगर महज तीन घंटे में ही वंदे भारत के जरिए लोग यात्रा कर सकेंगे। इससे न सिर्फ कश्मीर जाने वाले पर्यटकों को फायदा मिलेगा, बल्कि स्थानीय विकास के लिए भी यह ट्रेन फायदेमंद साबित हो सकती है। कश्मीर यात्रा के दौरान यह ट्रेन रियासी सेक्टर में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज से भी गुजरेगी। recent visitors 44

सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के हाथ परमाणु बम लगने जैसा है, आर्टिकल 142 पर बोले धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संविधान के अनुच्छेद 142 में प्रदत्त सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों पर सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि यह सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के हाथ परमाणु बम लगने जैसा है। गुरुवार को उपराष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में दिए गए फैसले पर सवाल उठाया, जिसमें राज्यों द्वारा भेजे गए विधेयकों पर हस्ताक्षर करने के लिए राष्ट्रपति से समयसीमा तय करने को कहा गया है। उन्होंने अदालतों द्वारा सुपर संसद के रूप में काम करने पर चिंता जताई है। उपराष्ट्रपति ने कहा, "अनुच्छेद 142 लोकतांत्रिक ताकतों के खिलाफ एक परमाणु मिसाइल बन गया है, जो न्यायपालिका के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध है।" राज्यसभा के प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा, ‘‘हाल ही में एक फैसले में राष्ट्रपति को निर्देश दिया गया है। हम कहां जा रहे हैं? देश में क्या हो रहा है? हमें बेहद संवेदनशील होना होगा। यह कोई समीक्षा दायर करने या न करने का सवाल नहीं है। हमने इसके लिए लोकतंत्र से कभी समझौता नहीं किया। राष्ट्रपति को समयबद्ध तरीके से फैसला करने के लिए कहा जा रहा है।’’ राष्ट्रपति का पद बहुत ऊंचा: धनखड़ तमिलनाडु राज्य बनाम राज्यपाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 8 अप्रैल के फैसले का जिक्र करते हुए धनखड़ ने कहा, "तो..हमारे पास ऐसे जज हैं जो कानून बनाएंगे, जो कार्यकारी कार्य करेंगे, जो सुपर संसद के रूप में कार्य करेंगे फिर भी उनकी जवाबदेही नहीं होगी क्योंकि देश का कानून उन पर लागू नहीं होता।" उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि भारत में राष्ट्रपति का पद बहुत ऊंचा है और राष्ट्रपति संविधान की रक्षा, संरक्षण एवं बचाव की शपथ लेते हैं, जबकि मंत्री, उपराष्ट्रपति, सांसदों और न्यायाधीशों सहित अन्य लोग संविधान का पालन करने की शपथ लेते हैं। आप राष्ट्रपति को निर्देश नहीं दे सकते: धनखड़ उन्होंने आगे कहा, “हम ऐसी स्थिति नहीं बना सकते, जहां आप भारत के राष्ट्रपति को निर्देश दें और किस आधार पर? संविधान के तहत आपके पास एकमात्र अधिकार अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान की व्याख्या करना है। जिन न्यायाधीशों ने राष्ट्रपति को वस्तुतः आदेश जारी किया और एक परिदृश्य प्रस्तुत किया कि यह देश का कानून है, वे संविधान की शक्ति को भूल गए हैं।” recent visitors 33

बंगाल सरकार पर हाई कोर्ट का सख्त रुख, केंद्रीय बल तैनात रहें और भड़काऊ भाषणों पर कसें लगाम

कोलकाता कलकत्ता हाई कोर्ट का कहना है कि हिंसा प्रभावित पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती अभी बनी रहेगी। अदालत ने गुरुवार को कहा कि अभी फोर्सेज तैनात रहनी चाहिए। इसके अलावा भड़काऊ भाषणों पर भी नियंत्रण की जरूरत है। अदालत ने कहा कि वक्फ संशोधन ऐक्ट के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण न दिए जाएं, जिनसे हिंसा भड़कने की आशंका बनी रहती है। इस तरह उच्च न्यायालय ने हिंसा के मामलों में राज्य सरकार को सख्त नसीहत दी है। इसके अलावा अदालत ने माना है कि अब भी मुर्शिदाबाद जिले में हालात सामान्य नहीं हैं। इसलिए केंद्रीय बलों की तैनाती कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रहनी चाहिए। मुर्शिदाबाद में वक्फ ऐक्ट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। इस घटना में कई लोग मारे गए तो वहीं सैकड़ों परिवारों को पलायन करना पड़ा है। करीब ढाई सौ परिवार पड़ोस के मालदा जिले में पलायन कर गए हैं और वहां कैंपों में गुजर करने को मजबूर हैं। मुर्शिदाबाद के बवाल को लेकर राजनीति भी तेज है। बंगाल का यह जिला सांप्रदायिक लिहाज से संवेदनशील है। यहां से टीएमसी के युसूफ पठान सांसद हैं, जिन्होंने 2024 के चुनाव में अधीर रंजन चौधरी को मात दी थी, जो कांग्रेस से यहां से लगातार जीतते थे। इस बीच सूबे के राज्यपाल सीवी आनंद बोस का कहना है कि वह जमीनी हालात जानने के लिए मुर्शिदाबाद जाएंगे। उन्होंने कहा, 'मैं जमीनी हालात जानने के लिए मुर्शिदाबाद जा रहा हूं। मैं इस मामले में हर पहलू को देखूंगा। फिलहाल स्थिति कंट्रोल में लाई जा रही है। हमें कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न होने पाएं। मैं निश्चित तौर पर मुर्शिदाबाद जाऊंगा। उस इलाके के लोगों ने अपील की है कि फिलहाल बीएसएफ के जवानों को वहां बने रहने दिया जाए।' बता दें कि ममता बनर्जी का कहना है कि इसमें बीएसएफ और भाजपा के ही लोगों का हाथ है। दरअसल पश्चिम बंगाल में वक्फ ऐक्ट को लेकर भी ममता बनर्जी कह रही हैं कि हम इसे लागू नहीं करेंगे। वहीं भाजपा का कहना है कि ममता बनर्जी के रुख से कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा मिल रहा है और वे हिंसा कर रही हैं। recent visitors 29

ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण की नीति शीघ्र घोषित होगी: मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम एवं रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में गुरूवार को जिला योजना समिति की बैठक हुई। बैठक में शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम कल्पना चावला पॉलिटेक्निक कालेज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मेसर्स गोकुलदास एक्सपोर्ट लिमिटेड बैंगलोर के सहयोग से शासकीय कन्या महाविद्यालय के छात्रावास में सिलाई एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण की नीति शीघ्र घोषित होगी। इसके अनुसार ही स्थानांतरण किए जाएंगे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि "जल गंगा संवर्धन" अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन करें। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में इस अभियान में जल संरक्षण के कार्य कराएं। गत वर्षों में जिन गांवों में पानी का संकट रहा, वहाँ हैण्डपंप तथा कुओं में रिचार्ज पिट प्राथमिकता से बनाएं। अभियान में शामिल जल संरक्षण कार्यों की तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति तत्काल जारी करके निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं। अभियान के तहत मनरेगा से मंजूर सभी अधूरे कार्य 15 मई तक पूरे कराएं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान से 50 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इस योजना से रीवा जिले ही नहीं पूरे विन्ध्य में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। नए पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए एक लाख 72 हजार परिवार चिन्हित किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना से प्रदेश में 27 लाख गरीब परिवारों को आवास मंजूर किए गए हैं। इसके शेष 6 लाख 50 हजार आवास शीघ्र स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्र में गरीब परिवारों को पक्के आवास के लिए सभी एसडीएम प्राथमिकता से जमीन उपलब्ध कराएं। इस योजना से मल्टी स्टोरी आवास भी बनाए जा सकते हैं। पेयजल की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिले में औसत से कम वर्षा हुई है। जिले की सभी बसाहटों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट की आशंका हो वहाँ वैकल्पिक स्त्रोत से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से स्पॉट सोर्स पर पानी की टंकी रखकर भी पेयजल की आपूर्ति कराएं। जहाँ जरूरत हो वहाँ तत्काल हैण्डपंपों में सिंगल फेज मोटर लगाकर पानी की आपूर्ति करें। जल जीवन मिशन की समूह नल जल योजना से जिन गांवों में पानी दिया जा रहा है, उनमें पाइप की मरम्मत तथा अन्य कमियाँ दूर कर नियमित रूप से पानी की सप्लाई करें। बैठक में पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन को भी मंजूरी दी गई। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में ग्राम पंचायतें नल जल योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। जल संवर्धन और संरक्षण के कार्य में सामाजिक संगठनों तथा आम जनता की भी भागीदारी आवश्यक है। विधायक गुढ़ श्री नागेन्द्र सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र में पानी का संकट दूर करने के लिए बाणसागर बांध की नहरों से तालाबों और नदियों में पानी छोड़ने का सुझाव दिया। विधायक देवतालाब श्री गिरीश गौतम ने जिला योजना समिति के पुनर्गठन तथा जब तक मऊगंज जिले में जिला पंचायत का गठन नहीं हो जाता तब तक वहाँ के जिला पंचायत सदस्यों को रीवा की योजना समिति की बैठक में सदस्य के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया। विधायक श्री गौतम ने नल जल योजना तथा पेयजल व्यवस्था के भी मुद्दे उठाए। विधायक सेमरिया श्री अभय मिश्रा ने पेयजल व्यवस्था, बसामन मामा में तीन करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से एनिकट निर्माण, कौआढान में सड़क निर्माण तथा जिला योजना समिति के पुनर्गठन की बात कही। बैठक में महापौर रीवा नगर निगम श्री अजय मिश्रा ने बाणसागर बांध की नहरों की साफ-सफाई तथा गाद निकालने का सुझाव दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण, समिति सदस्य डॉ. अजय सिंह ने मतदाता सूची संबंधित बातें कही। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन एवं "जल गंगा संवर्धन" अभियान की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां श्री नरेन्द्र प्रजापति तथा समिति के सदस्यगण सहित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री ने आमजनों की समस्यायें सुनीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री व श्रम एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री सिंह पटेल ने रीवा में स्थानीय लोगों से भेंट कर आमजनों की समस्यायें सुनीं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों में संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिये। प्रभारी मंत्री ने डॉ. योगानंद गिरी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।   recent visitors 36

भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में राज्यपाल पटेल ने सिकल सेल एनीमिया मशीन का लोकार्पण किया

भोपाल भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में 17 अप्रैल को मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने अस्पताल के सिकल सेल एनीमिया सक्षमता केंद्र में स्थापित आनुवंशिक विश्लेषण प्रयोगशाला एवं डीएनए सीक्वेंसर मशीन का लोकार्पण किया। साथ ही "सिकल सेल एनीमिया के प्रबंधन में आनुवंशिक विश्लेषण और एकीकृत दृष्टिकोण" विषय पर संगोष्ठी का शुभारंभ भी किया। माननीय राज्यपाल ने इस दौरान सिकल सेल से पीड़ित कुछ बच्चों से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जााना।       कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री श्री कुँवर विजय शाह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. सलोनी सिडाना, आईसीएमआर- राष्ट्रीय प्रतिरक्षा रुधिर विज्ञान संस्थान, मुंबई की निदेशक डॉ. मनीषा मडकईकर, और बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव उपस्थित रहीं।     भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े। साथ ही सिकल सेल से पीड़ित कई मरीज व उनके अभिभावक भी कार्यक्रम में शामिल थे।     इस दौरान ‘सिकल सेल रोग: जानकारी, बचाव और देखभाल’ शीर्षक दिग्दर्शिका का लोकार्पण विमोचन किया गया तथा सिकल सेल पीड़ितों को स्वास्थ्य किट एवं पोषण आहार वितरित किए गए।     ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल को भारत से खत्म करने का लक्ष्य रखा है।     इस लक्ष्य को हासिल करने की जिम्मेदारी हम सभी की है। जहां भी लोगों के सिकल सेल से प्रभावित होने की आशंका है, वहां लोगों की जांच कराओ। जो बीमारी से ग्रसित पाए जाते हैं, उनको दवा दिलाओ।     सिकल सेल उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बीएमएचआरसी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि चूंकि सिकल सेल एक अनुवांशिक बीमारी है।     इसलिए इसका उन्मूलन जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य है। हमारे वैज्ञानिकों ने जीन स्तर के विश्लेषण द्वारा रोग की जड़ तक पहुंचकर रोग उन्मूलन के लिए कार्य करने का अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध कराया है।     उन्होंने कहा कि सिकल सेल के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों में डीएनए सीक्वेंस मशीन की स्थापना एक सकारात्मक पहल है।     यह मशीन सिकल सेल रोग से संबंधित चुनौतियों और जटिलताओं को समझने और समाधान खोजने में सहायक सिद्ध होगी।     सिकल सेल बीमारी के बारे में जनजागरूकता लाने के लिए राज्यपाल मंगुभाई पटेल के प्रयासों को अभूतपूर्व बताते हुए जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि सिकल सेल एक अद्भुत और अनोखी बीमारी है, लेकिन पहले बीमारी से ग्रस्त बच्चों और उनके माता—पिता को इसके बारे में पता ही नहीं था।     महामहिम राज्यपाल के प्रयासों से लोगों में काफी जागरूकता आई है। सिकल सेल से चल रही लड़ाई को जीतने के लिए हम काफी कुछ कर सकते हैं। राज्यपाल महोदय से प्रेरणा लेकर हम इस दिशा में काम करते रहेंगे।   recent visitors 40

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं हो इस वजह से उन्हें अपने पद पर बने रहने की इजाजत दी

कोलकाता सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में अपनी नौकरी गंवाने वाले बेदाग सहायक शिक्षकों को अपने पद पर बने रहने की अनुमति दी है। देश की सर्वोच्च अदालत ने छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं हो इस वजह से उन्हें अपने पद पर बने रहने की इजाजत दी है। हालांकि, राज्य सरकार को कड़ी शर्तों के तहत 31 मई 2025 तक नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू करनी होगी और 31 दिसंबर 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह आदेश भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने बेदाग अध्यापकों द्वारा शैक्षणिक वर्ष के अंत तक या नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक सेवा में बने रहने के लिए दायर आवेदन पर पारित किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल कक्षा 9-10 और 11-12 के सहायक शिक्षकों पर लागू होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि यह आदेश भविष्य में उन्हें कोई विशेष अधिकार नहीं देगा और नई नियुक्ति में उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। ममता सरकार को सख्त निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) और प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिया है कि वे 31 मई तक नई भर्ती का विज्ञापन जारी करें और इसकी पुष्टि करते हुए हलफनामा कोर्ट में दाखिल करें। आपको बता दें कि 3 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 2016 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि यह प्रक्रिया घोटाले और हेराफेरी से पूरी तरह दूषित थी, जिसे सुधारना संभव नहीं है। कोर्ट ने सभी चयनित शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मियों को सेवा से हटाने का आदेश दिया था। इस मामले में सीबीआई ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी सहित कई तृणमूल नेताओं को गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी पाया गया कि कई उम्मीदवारों ने खाली OMR शीट जमा की थी फिर भी उन्हें चयनित किया गया। कुछ उम्मीदवारों को योग्यता के आधार पर स्थान न मिलने के बावजूद ऊंची रैंकिंग दी गई। recent visitors 26