प्रदेश में वक्फ की अवैध कब्ज़े वाली जमीनों और कब्जेदारों को चिन्हित करके नोटिस भेजने की तैयारी कर ली गई

भोपाल वक्फ बोर्ड कानून अब देश में लागू हो गया है. इसी के साथ ही मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड अब एक्शन मोड में आ गया है. वक्फ की अवैध कब्ज़े वाली जमीनों और कब्जेदारों को चिन्हित करके नोटिस भेजने की तैयारी कर ली गई है. एमपी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है. मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने कहा, ''हमने काम करने की शुरुआत कर दी है. मध्य प्रदेश में 2000 से ज्यादा लोगों को चिन्हित किया गया है और अब नए नियम के तहत नोटिस दिए जा रहे हैं.'' किसी को हटाना हमारा उद्देश्य नहीं- सनवर पटेल उन्होंने आगे कहा, ''किसी को हटाना हमारा उद्देश्य नहीं है, जो किराएदार हैं, किराएदार बने रहेंगे लेकिन शर्त यह है कि वह नियम के हिसाब से किराया दें. हमारी मंशा है कि दानदाता ने जिस उद्देश्य से दान किया है, उसकी मंशा पूरी हो और वक्फ का पैसा गरीब और पिछड़े मुसलमान की भलाई में लग सके.'' वक्फ माफियाओं से एमपी बोर्ड को कितना घाटा? सनवर पटेल ने जानकारी देते हुए बताया, ''आज हमारा रेवेन्यू सिर्फ 2 करोड़ है, जो कि 100 करोड़ के ऊपर होना चाहिए. आज पूरे मध्य प्रदेश से हमें दो करोड़ रुपए ही चंदा निगरानी मिल रही है. भोपाल की बात की जाए तो वक्फ बोर्ड कैंपस में ही यतीमखाने के नाम पर लोग कब्जा करके बैठे हैं. 2 करोड रुपए हमारी संपत्ति से उगाही करके अपनी जेब में रख रहे हैं. जिन्हें प्रबंधक बनाया गया था, वह खुद मालिक बन बैठे हैं. ना हमें पैसा मिल रहा है और ना ही हिसाब मिल रहा है. सनवर पटेल का बड़ा आरोप सनवर पटेल का दावा है कि प्रबंधक शाहिद अलीम हर साल वक्फ की जमीन पर इज्तिमा बाजार के लिए दुकान किराए पर देते हैं, जिससे सालाना 1.5 करोड़ रुपए कमाई होती है, जिसे वो वक्फ के लिए न देकर खुद रखते हैं''. वक्फ बोर्ड ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की है, जिसके बाद जीवन रेखा अस्पताल के संचालक को नोटिस दिया गया, कलेक्टर ने भी जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है. सनवर पटेल का कांग्रेस पर गंभीर आरोप एमपी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सनवर पटेल ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, ' पिछले 70 सालों से अधिकांश जगहों पर कांग्रेस की सरकार रही, कांग्रेस के नेता और उनसे जुड़े हुए लोग ही ज्यादातर जगहों पर वक्फ की जमीनों पर कब्जा करके बैठे हैं, और वही लोग नए कानून का विरोध भी कर रहे हैं.'  कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने की जांच की मांग जबकि कांग्रेस विधायक और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य आरिफ मसूद का आरोपों के जवाब में कहना है कि इस पूरे मामलों में सही तरीके से जांच होनी चाहिए, जो अवैध कब्जाधारी हैं, उन्हें हटाया जाना चाहिए. छोटी मछलियां नहीं बल्कि बड़ी-बड़ी मछलियों को वक्फ की जमीन से बेदखल किया जाना चाहिए.   recent visitors 37

जनता कांग्रेस को वोट नहीं दे रही है और वो इसका ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रही :वीडी शर्मा

भोपाल अहमदाबाद कांग्रेस अधिवेशन में एक बार फिर कमलनाथ ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि EVM पर सबको श़क है और ये एक बहुत बड़ा धोखा है। इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि राहुल गांधी और कमलनाथ को फोबिया हो गया है। जनता कांग्रेस को वोट नहीं दे रही है और वो इसका ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रही है। बता दें कि कांग्रेस लगातार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती आ रही है। कमलनाथ ने 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद ईवीएम पर संदेह जताया था। राहुल गांधी ने भी हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद ईवीएम पर सवाल उठाए थे। इसी प्रकार दिग्विजय सिंह, मल्लिकार्जुन खड़गे, तरूण गोगोई सहित कई कांग्रेस नेता ईवीएम की विश्वसनीयता पर संदेह ज़ाहिर कर चुके हैं। कमलनाथ ने ईवीएम पर उठाए सवाल गुजरात के अहमदाबाद गुजरात में कांग्रेस का अधिवेशन चल रहा है। इसमें पार्टी के शीर्ष नेता और देशभर से आए प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। यहां पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों से बात करते हुए एक बार फिर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ‘ईवीएम पर सबको श़क है। EVM एक बहुत बड़ा धोखा है। अमेरिका यूरोप और जापान में ईवीएम का प्रयोग नहीं होता क्योंकि वह जानते हैं कि इसे फिक्स किया जा सकता है।’ वीडी शर्मा का पलटवार इस मुद्दे पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने राहुल गांधी, कमलनाथ और पूरी कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि ‘कमलनाथ राहुल गांधी को फोबिया हो गया है। इन्हें सपने में भी यही दिखाई देता है। ईवीएम चुनाव नहीं जिताती है..जनता जिताती है। जनता इन्हें वोट नहीं दे रहे हैं तो इसमें ईवीएम का क्या रोल है। कांग्रेस हमेशा धनबल बाहुबल का दुरुपयोग करती रही है। पीएम मोदी ने देश में राजनीति की दिशा बदल दी है और इसीलिए हारने के बाद कांग्रेस और कमलनाथ सहित कई नेता ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि ये बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और ईवीएम की विश्वसनीय पर किसी तरह का संदेह नहीं किया जा सकता है। recent visitors 77

रामेश्वर शर्मा ने जीतू पटवारी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि आरएसएस को हराना ‘शेखचिल्ली का सपना’ है

भोपाल  बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने जीतू पटवारी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि आरएसएस को हराना ‘शेखचिल्ली का सपना’ है। उन्होंने कहा कि ‘आरएसएस को तो चाचा नेहरू और इंदिरा गांधी भी नहीं हरा पाए।’ बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने एक दिन पहले कहा था कि ‘आरएसएस और बीजेपी एक हैं। इनके विचार और व्यवहार भी एक हैं। इन्हें एक ही दृष्टि और दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है! अब इनके मिलकर लड़ने की जरूरत है।’ रामेश्वर शर्मा ने कहा कि आरएसएस का कार्यकर्ता सत्ता के लिए नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की संस्कृति के लिए लड़ता है। वह राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध और गुरु नानक की संस्कृति को बचाने के लिए लड़ता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आरएसएस से इसलिए नहीं लड़ सकती क्योंकि वह झूठी बिरयानी खाने में मस्त है, आतंकवाद का समर्थन करने में व्यस्त है और पाकिस्तान व जिन्ना की भाषा बोलने में डूबी हुई है। ‘RSS को हराना कांग्रेस का शेखचिल्ली का सपना’ रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरएसएस को हराने और उसके खिलाफ मिलकर लड़ने के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को हराना असंभव है। उन्होंने कहा कि इसे हराने का सपना देखना “शेखचिल्ली के सपने” की तरह है। उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि न तो जवाहरलाल नेहरू और न ही इंदिरा गांधी आरएसएस को हरा सके और आगे भी। शर्मा ने कहा कि “आरएसएस को आपके अब्बा चाचा नेहरू भी नहीं हरा पाए। चाचा नेहरू ने आरएसएस को हराने की कोशिश की, कई षड्यंत्र रचे, स्वयंसेवकों को जेल में डालने की साजिश की। इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर स्वयंसेवकों पर ज्यादती की, उनके साथ क्रूर व्यवहार किया गया, उन्हें मारा गया, सताया गया, उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। लेकिन संघ का स्वयंसेवक देहनिष्ठ कार्यकर्ता है, उसका ध्येय है मैं रहूं न रहूं, मेरा हिंदुस्तान रहना चाहिए।” कांग्रेस को आड़े हाथों लिया उन्होंने कहा कि आरएसएस का कार्यकर्ता सत्ता के लिए नहीं, बल्कि हिंदुस्तान और उसकी संस्कृति के लिए लड़ता है। रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गांधी के विचारों को छोड़कर सत्ता को हथियाने का चरित्र अपनाया है। और सत्ता चाहे व्यक्तियों को मारकर सत्ता ली जाए या देश को जलाकर सत्ता हासिल की जाए..यही इनका इतिहास रहा है। लेकिन जब तक आरएसएस है, न हिंदुस्तान का विभाजन हो सकता है और न ही देशद्रोही ताकतें पनप सकती हैं। साथ उन्होंने कहा कि आरएसएस को कोई नहीं हरा सकता। संघ को हराना सिर्फ कांग्रेस का शेखचिल्ली का सपना है।   recent visitors 76

महाकाल अन्नक्षेत्र में भक्तों के लिए मेन्यू को नए सिरे से किया जा रहा तय, भक्तों को सात्विक भोजन प्रसाद मिलेगा

 उज्जैन महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir) के अन्नक्षेत्र में अब भक्तों को सुबह नाश्ते में पोहा मिलेगा। एक-दो दिन में नई व्यवस्था शुरू होगी। कुछ समय बाद पोहा के साथ जलेबी या लड्डू के रूप में एक मिष्ठान भी परोसा जाएगा। नए सिरे से मैन्यू निर्धारित करने की भी योजना है। बता दें सुबह नाश्ते में पोहा वितरण की योजना पहले भी थी, लेकिन इसे भक्तों का प्रतिसाद नहीं मिला और समिति को योजना बंद करना पड़ी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा देशभर से भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराने की है। इसके लिए अन्नक्षेत्र में सुधार व विस्तार की योजना बनाई जा रही है। एक-दो दिन में गर्मा-गर्म नाश्ता मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में सुरेंद्र सिंह अरोरा, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह व मंदिर के अधिकारियों के साथ दो-तीन दौर की बैठक कर चुके हैं। ताजा बैठक में भस्म आरती में शामिल होने वाले दर्शनार्थियों के साथ सुबह दर्शन करने आने वाले भक्तों को पोहे का नाश्ता कराने का निर्णय लिया गया। इस पर अमल शुरू हो गया है, एक-दो दिन में भक्तों को गर्मा-गर्म नाश्ता मिलने लगेगा। इससे लिए दर्शनार्थियों को निर्गम द्वार तथा महाकाल महालोक स्थित काउंटर से कूपन लेकर अन्नक्षेत्र में प्रवेश करना होगा। मेन्यू का निर्धारण होगा     बताया जाता है बैठक में अन्नक्षेत्र में प्रसादी का मेन्यू फिर से निर्धारित करने का निर्णय भी लिया गया है। भक्तों को कम तेल व कम मिर्च मसाले का सात्विक भोजन प्रसाद ही मिलेगा।     प्रतिदिन सब्जी, दाल आदि बदल-बदल कर परोसे जाएंगे। अभी दानदाता जो सब्जी दान कर देते हैं, अन्नक्षेत्र प्रबंधन उसे ही बना देता है। ऐसे में कई बार भक्तों को कई दिन तक लगातार लौकी, गिलकी खिलाई जाती है।     महाकाल अन्नक्षेत्र में भक्तों को सुबह के समय पोहे का नाश्ता कराया जाएगा। एक दो दिन में नई योजना शुरू होगी। आने वाले दिनों में एक मीठा भी परोसा जाएगा। अन्नक्षेत्र का मैन्यू भी तय होगा। -एसएन सोनी, उप प्रशासक, महाकालेश्वर मंदिर   recent visitors 35

‘नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक’, नेता प्रतिपक्ष ने Nursing Scam को लेकर सरकार को फिर घेरा, कहा- 300 से ज्यादा कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे

‘The condition of nursing education is shameful’, the Leader of Opposition again cornered the government over the Nursing Scam सुशील दामले, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार को जमकर घेरा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नाकामी का नतीजा है। एमपी में कभी 300 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बार फिर नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- ‘मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! BJP सरकार की नाकामी का नतीजा – कभी 300 से ज़्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ़ 95 बचे हैं।’ सिंघार ने आगे कहा कि ‘CBI जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया, सैकड़ों कॉलेज मानकों पर खरे नहीं उतरे और बंद हो गए। घोटाले के बाद छात्रों का भरोसा इतना टूट गया कि 2023-24 में एक भी दाखिला नहीं हुआ – पूरा सेशन शून्य रहा! जो सरकार शिक्षा नीति पर बड़ी-बड़ी बातें करती है, उसी के राज में शिक्षा की ये दुर्दशा क्यों?’ उन्होंने मध्य प्रदेश बीजेपी को टैग करते हुए पूछा कि ‘युवाओं का भविष्य यूं बर्बाद क्यों हो रहा है ?’ https://twitter.com/UmangSinghar/status/1910213082942521781 recent visitors 112

मौसम विभाग ने आज उज्जैन-ग्वालियर संभाग में लू चलने का अलर्ट जारी किया, 17 जिलों में बारिश होने की संभावना

भोपाल मध्यप्रदेश में इस समय असामान्य मौसम देखने को मिल रहा है, जहां तेज गर्मी और लू के बीच ओले भी गिर रहे हैं। बुधवार को छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में तेज बारिश हुई और साथ ही ओले गिरे। तेज हवा के कारण कुछ पेड़ भी गिर गए। गुरुवार को सुबह से कई जिलों में भीषण गर्मी है, वहीं कुछ इलाकों में बादल भी छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज उज्जैन-ग्वालियर संभाग में लू चलने का अलर्ट जारी किया है, जबकि 17 जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने आज उज्जैन-ग्वालियर संभाग में लू चलने का अलर्ट जारी किया है जबकि 17 जिलों में बारिश होने की संभावना है। गुरुवार को उज्जैन, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, पन्ना, रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू चलने का अलर्ट है। यहां तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। वहीं, ग्वालियर, उज्जैन, धार, इंदौर, खंडवा, नर्मदापुरम, रीवा में रात का तापमान 25 डिग्री के पार पहुंच सकता है। दूसरी ओर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक की स्थिति रहेगी। कहीं-कहीं बारिश और ओले भी गिर सकते हैं। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, 'अभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ एक्टिव है। इस वजह से ओले-बारिश का दौर भी चल रहा है। अगले तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा।' बारिश और ओलों की संभावना मध्यप्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में भी मौसम के बदलाव का असर दिखाई दे रहा है। श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक की स्थिति बने रहने की संभावना है। इन इलाकों में कहीं-कहीं बारिश और ओले भी गिर सकते हैं, जिससे मौसम और भी अनिश्चित हो सकता है। मौसम परिवर्तन और स्कूलों का समय मौसम के इस असमंजसपूर्ण बदलाव का कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ का सक्रिय होना बताया जा रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, अगले तीन दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा। तेज गर्मी के कारण, प्रदेश के कई जिलों जैसे भोपाल, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और नीमच में स्कूलों का समय भी बदल दिया गया है। अब कक्षाएं दोपहर 12 बजे तक लगाई जाएंगी ताकि बच्चों को गर्मी से राहत मिल सके।   recent visitors 48

मंत्री सारंग ने टी.टी. नगर खेल स्टेडियम में एक मई से शुरू होने वाली पार्थ योजना की समीक्षा की

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने टी.टी. नगर खेल स्टेडियम में एक मई से शुरू होने वाली पार्थ योजना की समीक्षा की। पार्थ योजना पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, मुरैना, शहडोल, सागर, इंदौर और उज्जैन में शुरू की जा रही है। इस योजना के जरिये हर स्थान पर 50-50 बच्चों का चयन कर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि योजना शुरू होने से पहले उन स्थानों के कलेक्टर्स के साथ चर्चा की जाये। साथ ही भोपाल से निर्धारित स्थानों पर आवश्यक तैयारियों का जायजा लेने के लिये अधिकारियों को भेजा जाये, जो स्ट्रक्चर और इन्फ्रा-स्ट्रक्चर का आकलन जिला खेल अधिकारी के साथ मिलकर करें। योजना में प्रशिक्षण पूर्व आकलन की एसओपी तैयार की जाये। इसके लिये कमेटी का भी गठन करें। हरेक प्रक्रिया की एसओपी हो। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो। श्री सारंग ने बच्चों की सुविधा को देखते हुए समय निर्धारित करने को कहा। योजना के जरिये सप्ताह में 6 दिन प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये। उन्होंने रविवार के दिन प्रशिक्षणार्थी को स्वैच्छा से फिजिकल एक्टिविटी की छूट देने को कहा। मंत्री श्री सारंग ने योजना के संचालन एवं क्रियान्वयन, प्रशिक्षणार्थी पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, आयु, प्रशिक्षण की अवधि, शुल्क, शारीरिक प्रशिक्षण, प्रशिक्षण समय, मानव संसाधन, प्रशिक्षक का मानदेय, वित्तीय प्रबंधन, आवश्यक सामग्री, किट, विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार आदि पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री श्री सारंग ने खेलो-बढ़ो अभियान के लिये स्कूलों का चयन कर कैलेण्डर बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने मास्टर ट्रेनर के रूप में गाइड की ट्रेनिंग कराने को भी कहा। साथ ही अभियान से संबंधित लिटरेचर और फिल्म प्राथमिकता से बनाने के निर्देश दिये, जिसके जरिये बच्चे खेलो-बढ़ो अभियान की जानकारी हासिल कर सकेंगे। उन्होंने इस दौरान बच्चों को नामी-गिरामी खिलाड़ियों से भी मिलवाने की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव और खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता सहित अन्य खेल अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 28