मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 59.75 करोड़ रूपए के 22 कार्यों का शिलान्यास, 3.64 करोड़ रूपए की लागत के पांच कार्यों का लोकार्पण

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को 63 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने जिला मुख्यालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में 59.75 करोड़ रुपये के 22 कार्यों का भूमिपूजन और 3.64 करोड़ रुपये के 5 कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें जय स्तंभ चौक के सौंदर्यीकरण, छात्रावासों के निर्माण, सामुदायिक भवन, कम्पोस्ट सेंटर और आरआर सेंटर जैसी जनोपयोगी परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन किए गए कार्यों में नगर पालिका परिषद, पुलिस विभाग, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और पंचायत एवं ग्रामीण सड़क विकास विभाग से जुड़े 22 महत्वपूर्ण विकास कार्य सम्मिलित हैं। इनमें बीटी रोड, सीसी रोड, नालियों और स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, सामुदायिक भवन, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्ट्रीट लाइट विस्तार, तालाब और पार्क उन्नयन, छात्रावास भवन और सड़क निर्माण कार्य प्रमुख हैं। जय स्तंभ चौक सौन्दर्यीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर के जय स्तंभ चौक में 23 लाख 86 हजार की लागत से कराये गए सौन्दर्यीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। भारत के स्वतंत्रता दिवस कीे यादगार के रूप में स्थापित जय स्तंभ चौक का उन्नयन कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जय स्तंभ चौक वर्षों तक आने वाली पीढ़ियों को हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग बलिदान और राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा देता रहेगा, राष्ट्रसेवा हेतु सभी को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजनाएं जशपुर जिले के समग्र विकास और नागरिकों की सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगी। उन्होंने सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 32

मंत्री सुश्री भूरिया ने किया डुंगर बाबा नी जड़ी बूटियों नु जोवनार कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि वर्तमान में पारम्परिक चिकित्सा पद्धति और औषधीय वनस्पतियों से जुड़े सदियों पूराने ज्ञान को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। झाबुआ जिले में पारम्परिक औषधीय ज्ञान को संरक्षित करने की ऐतिहासिक पहल की गई है। "डुंगर बाबा नी जड़ी बूटियों नु जोवनार" कार्यशाला का आयोजन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि झाबुआ की धरती पर लोक ज्ञान का अपार भंडार है। इस कार्यशाला में 75 से अधिक पारम्परिक जड़ी-बूटी विशेषज्ञों को एकत्रित किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि जिले के सभी विकासखंडों से एकत्रितहुएइन विशेषज्ञों ने इस अंचल में पाये जाने वाले जड़ी बूटियों का परम्परागत ज्ञान साझा किया है। उन्होंने कहा कि यह परम्परागत ज्ञान विलूप्त न हो जाये और आने वाली पीढ़ियों तक इसके हस्तांतरण के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पूरी दुनिया ने कोरोना काल में आयुर्वेद की शक्ति को पहचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया है और देश भर में आयुर्वेद का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है और इसी से परम्परागत ज्ञान को लिपीबद्ध करने से इसको संरक्षित किया जा सकेगा। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि भविष्य में सभी जानकारियों का सुव्यवस्थित संकलन कर हिन्दी और अंग्रेजी में दस्तावेज तैयार किये जायेगें। इसमें जड़ी बूटियों के नाम, स्त्रोत, प्रयोग विधि, मात्रा, उपलब्धता और उपचार की प्रक्रिया को विस्तार से दर्ज किया जायेगा। कलेक्टर सुश्री नेहा मीणा ने जानकारी देते हुए बताया है कि पिछले 6 माह में जिले के सभी विकासखंडों में जड़ी बुटी विशेषज्ञों का सर्वेक्षण कर 157 विशेषज्ञों की सूची तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि यह प्रयास केवल जानकारी का संग्रह नहीं बल्कि परम्परिक चिकित्सा पद्धति के दस्तावेजीकरण की एक सशक्त शुरूआत है। recent visitors 31

केंद्रीय सहकारिता और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा अनुबंध सहकार से समृद्धि के लिए नई पहल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकार से समृद्धि के विजन के अंतर्गत मध्यप्रदेश एक महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) के मध्य सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की जिंदगी बदलने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दुग्ध सहकारिता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने विशेष स्थान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में संपन्न बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में आगामी 13 अप्रैल को भोपाल में हो रहे राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता और गृहमंत्री अमित शाह का आगमन प्रस्तावित है। बैठक में डेयरी विकास एवं पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। श्वेत क्रांति की दिशा में बढ़ता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दुग्ध उतपादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है कि किसानों और पशुपालकों से दूध की खरीद सुनिश्चित हो और उन्हें दूध की सही कीमत प्राप्त हो। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट, चिलिंग सेंटर की संख्या बढ़ाकर और दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता का विस्तार कर किसानों की आय में वृद्धि का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में अधिकतर ग्रामों में दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना कर दुग्ध उत्पादक किसानों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य होगा। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरा स्थान है। सहकारी समितियों को कव्हरेज बढ़ाकर दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम का पूरा-पूरा लाभ दिलवाया जाएगा। सांची ब्रांड के उन्नयन का भी यह ठोस प्रयास है। स्थापित होंगे नए अत्याधुनिक संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अत्याधुनिक संयंत्र भी स्थापित होंगे। जहां दुग्ध संघों के संयंत्र पुराने हो गए हैं वहां नए अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। प्र-संस्करण क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन से 30 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से दुग्ध उत्पादक संस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी। किसानों को किसानी के अलावा आमदनी का नया महत्वपूर्ण स्रोत उपलब्ध होगा, जो प्रदेश की प्रगति में भी सहायक होगा।   recent visitors 43

मुख्यमंत्री 2 छात्रावासों का भी करेंगे वर्चुअल लोकार्पण, अन्य मंत्रिगण भी होंगे वर्चुअल शामिल

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर के विकास में नए अध्याय के रूप में जुड़ने जा रहे नवनिर्मित आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) को मंगलवार 8 अप्रैल को जनता को समर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस आरओबी का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। चंद्रबदनी नाका से न्यू कलेक्ट्रेट मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग क्रमांक-418 पर विवेकानंद नीडम के समीप लगभग 42 करोड 80 लाख रूपए की लागत से यह आरओबी बनकर तैयार हुआ है। लोकार्पण कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, उद्यानिकी एवं सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह तथा ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी शामिल होंगे। मंगलवार 8 अप्रैल को अपरान्ह 3.30 बजे यहाँ नाका चंद्रबदनी की ओर संभाग आयुक्त कार्यालय के समीप आरओबी का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। लोकार्पण कार्यक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह, महापौर श्रीमती डॉ. शोभा सिकरवार, विधायक डॉ. सतीश सिकरवार व नगर निगम सभापति मनोज सिंह तोमर सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण बतौर विशिष्ट अतिथि आमंत्रित किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग और रेलवे द्वारा लगभग 937 मीटर लम्बाई और 76 मीटर स्पान में 42 करोड़ 80 लाख रूपए की लागत से इस आरओबी का निर्माण किया गया है। रेलवे द्वारा आरओबी के 37 मीटर भाग का निर्माण किया गया है। इस आरओबी के प्रारंभ हो जाने से एजी ऑफिस ब्रिज पर यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही लश्कर कम्पू से लेकर अन्य बस्तियों के निवासियों को कलेक्ट्रेट व न्यू सिटी सेंटर की बस्तियों एवं हाईवे तक जाने में कम दूरी तय करनी पड़ेगी। साथ ही जाम से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री 2 छात्रावासों का भी करेंगे वर्चुअल लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव आरओबी के साथ-साथ लगभग 7 करोड 87 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन ठाटीपुर व अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन सिरोल का भी वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। ये दोनों छात्रावास 50 – 50 सीटर हैं और प्रत्येक छात्रावास का निर्माण 3 करोड 93 लाख 38 हजार रूपए की लागत से किया गया है।   recent visitors 51

15 जिलों के आबकारी अधिकारियों के होंगे तबादले

भोपाल प्रदेश में शराब ठेकों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 15 जिलों के जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) हटाए जा सकते हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़़ा ने ऐसे जिलों की सूची मांगी थी, जहां डीईओ का प्रदर्शन खराब है। इनमें छिंदवाड़ा, विदिशा, बड़वानी और राजगढ़ के डीईओ का प्रदर्शन(परफारमेंस) खराब बताया जा रहा है। ये जिले राजस्व लक्ष्य में पिछड़ गए हैं। वहीं नर्मदापुरम, छतरपुर, झाबुआ, टीकमगढ़ और खंडवा जिले में एक ही जिला आबकारी अधिकारी के पदस्थ रहते तीन साल से अधिक हो गया है। वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव ने ऐसे जिलों की सूची तैयार कर ली है। जल्द ही इनके तबादले किए जा सकते हैं।     विभाग में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां कनिष्ठ अधिकारी, जैसे कि सहायक जिला आबकारी अधिकारी (एडीईओ), जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।     इस स्थिति को देखते हुए आबकारी महकमे में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों के जिला आबकारी अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।     इसमें शिवपुरी, नरसिंहपुर, आलीराजपुर, सहित कई जिले शामिल हैं, जहां नए अधिकारियों की नियुक्ति आवश्यक हो गई है।   recent visitors 37

विद्युत वितरण कंपनी ने आम जनता तथा खेतों में काम करने वाले किसानों को आगाह किया

भोपाल मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आम जनता तथा खेतों में काम करने वाले किसानों को आगाह किया है कि वे अपनी फसलों और घास की ढेरियां हाईटेंशन लाइनों से दूर लगाएं। कंपनी ने कहा है कि जरा सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए आमजन भी करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम में सहयोग करें एवं बिजली लाइनों तथा ट्रांसफार्मर से उचित दूरी बना कर ही अपनी फसलों को रखें। कंपनी ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों एवं उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें तथा सुरक्षित दूरी बनायें रखें। यदि आँधी तूफान में खंबे, तार टूटे हों तो इसकी सूचना तत्काल शिकायत कॉल सेंटर के टोल फ्री नं. 1912, उपाय एप एवं समीप के वितरण केन्द्र कार्यालय में दें। जमीन पर पड़े तारों को छूने या स्पर्श करने की गलती न करें। साथ ही पार करने का प्रयास न करें। पान टपरों तथा ऐसी दुकानों जिनमें लोहे की चादर का इस्तेमाल होता है, में वायरिंग को सुरक्षित ढंग से पी.वी.सी. पाईप के द्वारा ही कराई जाए। किसी प्रकार की कटी-फटी लूज वायरिंग से जान-माल का खतरा हो सकता है। बारिश के दौरान विद्युत खम्बे /स्टे के पास पानी भराव वाले स्थान से निकलने की जल्दी न करें। सावधानी बरतें क्योंकि बारिश के दौरान करंट लीकेज की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बच्चों और मवेशियों का विशेष ध्यान रखें। अपने मवेशी को बिजली के खम्बे, स्टे वायर इत्यादि से न बांधें। कपड़े सुखाने के लिये जी.आई. तार अथवा रस्सी, सर्विस लाईन के पाईप या बिजली के खम्बों से कभी न बांधें। इसमें करंट आने की संभावना बनी रहती है। घर की दीवार, उपकरण, नल आदि में लीकेज करंट आने पर प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन से तत्काल ठीक कराएं। खेतों में लोहे के कटीले तारों की फेंसिंग को आपस में शार्ट कर कई स्थानों पर अर्थिंग कराएं। इन तारों में असावधानीवश करंट आने की संभावना बनी रहती है। इससे जान-माल के नु‍कसान का खतरा रहता है।  मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू विद्युत उपकरणों, वायरिंग, स्विच इत्यादि को स्वयं सुधारने के बजाय किसी प्रशिक्षित एवं अनुभवी इलेक्ट्रीशियन की सेवाएं लें। मानव जीवन अमूल्य है। बिजली के स्विच/सॉकिट/बिजली उपकरण बच्चों की पहुंच से दूर रखें। विद्युत पोल से ही कनेक्शन लें, बीच तारों में कटिया डालकर विद्युत का उपयोग न करें, यह दण्डनीय अपराध है।  शादी, धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त भार के लिये अस्थायी कनेक्शन लें तथा उचित क्षमता की उच्च गुणवत्ता की केबिल का ही उपयोग करें। कटे-फटे तारों का उपयोग कतई न करें। स्वीकृत भार से अधिक लोड का उपयोग न करें। उचित क्षमता के एम.सी.सी.बी/कट-आउट लगाने के साथ ही अच्छी गुणवत्ता की वायरिंग का ही उपयोग करें। वर्ष में एक बार अपने परिसर की वायरिंग, फिटिंग, अर्थिंग अनुभवी एवं दक्ष इलेक्ट्रीशियन से अवश्य चैक कराएं।  विद्युत लाईन के नीचे एवं ट्रांसफार्मर्स के नजदीक भवन निर्माण/ दुकान/ बैनर/ ईट भट्टा न लगाएँ। विद्युत लाईन के नीचे कोई स्थाई-अस्थाई निर्माण न करें। फसल इत्यादि का संग्रहण न करें। विद्युत लाइनों से सुरक्षित दूरी पर ही निर्माण करें। किसान भाई खेतों में कटाई एवं गहाई की जा रही फसलों को बिजली के तारों के नीचे, बिजली के खम्बों एवं स्थापित ट्रांसफार्मर/ स्टे तारों के पास एकत्रित न करें। खेतों में विद्युत उपयोग के लिये कटी-फटी डोरी का उपयोग न करें।   recent visitors 36

मोटापे से त्रस्त चीनी, एक्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं बीमारियों के मरीजों में जबरदस्त वृद्धि

बीजिंग  चीन में तेजी से एक बीमारी पांव पसार रही है। अगर हालात पर काबू नहीं पाया गया तो 2030 तक पूरे चीन की 65 प्रतिशत आबादी इस बीमारी से पीड़ित होगी। यह खुलासा चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने किया है। इस बीमारी का नाम मोटापा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बीमारी से पहले देश में उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं जैसी पुरानी बीमारियों के मरीजों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। ऐसे में आबादी में मोटापे की समस्या भी उतनी ही तेजी से बढ़ रही है। एक्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग पिछले साल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (NHC) और अन्य सरकारी विभागों ने इस समस्या से निपटने के लिए तीन साल की योजना शुरू की, जिसमें आहार और व्यायाम संबंधी सिफारिशें शामिल हैं। पिछले महीने इसने देश भर के अस्पतालों में "वेट मैनेजमेंट क्लीनिक" शुरू करने की योजना की घोषणा करके अपने प्रयासों को आगे बढ़ाया। चीन में इस प्रयास के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। अमेरिका-भारत से ज्यादा मोटे व्यक्ति चीन में पिछले महीने द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 2021 तक चीन में अधिक वजन वाले या मोटे वयस्कों की संख्या 400 मिलियन के आंकड़े को पार कर गई थी – जबकि भारत में यह 180 मिलियन या संयुक्त राज्य अमेरिका में 172 मिलियन थी। अनुमान है कि 2050 तक यह संख्या बढ़कर 630 मिलियन हो जाएगी। अध्ययन में विश्व स्वास्थ्य संगठन की परिभाषा का इस्तेमाल किया गया है, जिसके अनुसार बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) – किसी व्यक्ति के वजन को उसकी ऊंचाई के वर्ग से भाग देने पर मिलने वाला मान – 30 से अधिक होने पर उसे मोटापे से ग्रस्त माना जाता है। 2030 तक चीन की 65 फीसदी आबादी पर खतरा हालांकि, चीनी सरकार के पास मोटापे की अपनी परिभाषा है, जो 24 से अधिक बीएमआई को अधिक वजन और 28 से अधिक रीडिंग को मोटापे के रूप में वर्गीकृत करती है। एनएचसी ने चेतावनी दी कि एक आधिकारिक अध्ययन ने भविष्यवाणी की थी कि 2030 तक 65 प्रतिशत चीनी वयस्क अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होंगे। अध्ययन ने यह भी गणना की कि तब तक अधिक वजन और मोटे रोगियों के इलाज पर 418 बिलियन युआन (यूएस $ 57 बिलियन) खर्च होंगे, जो वार्षिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बजट के 22 प्रतिशत के बराबर है, जबकि 2022 में यह 8 प्रतिशत होगा। लोगों के वजन को कम करने का प्लान बना रहा चीन पिछले महीने राष्ट्रीय विधायिका और शीर्ष राजनीतिक सलाहकार निकाय की बैठक के दौरान, संक्रामक रोग विशेषज्ञ झांग वेनहोंग ने कहा कि स्वास्थ्य प्रणाली "बड़े पेट वालों को लक्षित करेगी।" उन्होंने कहा, "हम लोगों को वजन कम करने में मदद करना चाहते हैं।" लेकिन कुछ लोगों ने कहा कि जीवनशैली में बदलाव करना एक चुनौती है। शंघाई में बैंक कर्मचारी 33 वर्षीय वांग शियाओनी ने कहा कि जब वह तनावग्रस्त और दुखी महसूस करती थी तो वह अक्सर ज़्यादा खाती-पीती थी और अक्सर उसके पास व्यायाम करने का समय नहीं होता था। recent visitors 31