आसाराम को फिलहाल राहत नहीं, अटक गया रोड़ा, तरिम जमानत बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर हुई सुनवाई, लगा झटका

जोधपुर यौन उत्पीड़न के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई, लेकिन मामला अधूरा रह गया। अब इस पर अगली सुनवाई 7 अप्रैल को होगी। इधर, बीते मंगलवार को अंतरिम जमानत अवधि खत्म होने के बाद दोपहर में आसाराम ने जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया था। यहां करीब 10 घंटे रुकने के बाद रात 11:30 बजे पाली रोड स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल (आरोग्यम) में शिफ्ट किया गया था। बताया जा रहा है कि आसाराम की तबियत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया है। कोर्ट में पीड़िता ने जताई आपत्ति दरअसल, हाईकोर्ट ने आसाराम और पीड़िता, दोनों से एफिडेविट मांगा है। पीड़िता के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि आसाराम ने पहले भी अदालत की शर्तों का उल्लंघन किया है, इसलिए उसकी अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाना सही नहीं होगा। कोर्ट ने आसाराम के वकील से पूछा कि क्या उन्होंने प्रवचन देकर सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन किया है? इस पर कोर्ट ने शपथ पत्र (अफिडेविट) देने के निर्देश दिए। जस्टिस दिनेश मेहता और विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। 31 मार्च को खत्म हुई थी जमानत गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 जनवरी 2025 को आसाराम को अंतरिम जमानत दी थी, जिसे जोधपुर हाईकोर्ट ने 31 मार्च 2025 तक के लिए बढ़ा दिया था। अब जब यह अवधि समाप्त हो गई है, तो उनकी ओर से इसे और आगे बढ़ाने के लिए याचिका दाखिल की गई थी। इससे पहले, गुजरात हाईकोर्ट ने सूरत रेप केस में आसाराम को तीन महीने की अंतरिम जमानत दी थी। हालांकि, जब तक राजस्थान हाईकोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिलती, तब तक वह जेल से बाहर नहीं आ सकते। दो मामलों में आजीवन कारावास आसाराम पर दो गंभीर यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज हैं, जिनमें उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पहला मामला जोधपुर का है, जहां 2013 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। दूसरा मामला गुजरात का है, जहां सूरत की एक महिला ने उन पर गांधीनगर आश्रम में बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था। जनवरी 2023 में इस मामले में भी उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। recent visitors 40

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने वक्फ बिल की वकालत करते हुए बताया कि ‘बाबा साहब का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं’

नई दिल्ली लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 (Waqf Amendment Bill) पेश हो गया है। बिल पर चर्चा करते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने वक्फ बिल की वकालत करते हुए बताया कि आखिर सरकार की ओर से ये बिल क्यों लाया गया। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "यह विधेयक नहीं बल्कि उम्मीद (एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तिकरण, दक्षता और विकास) है। इस उम्मीद में सशक्तिकरण, दक्षता और विकास है। इसे देखते हुए देश के लोग इसका समर्थन कर रहे हैं। कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत, केरल काउंसिल ऑफ चर्चेज और केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल, ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे कई संगठनों ने इसका समर्थन किया है। मैं इन सभी संस्थानों को धन्यवाद देता हूं। वक्फ भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है: अनुराग ठाकुर अनुराग ठाकुर ने आगे कहा," वक्फ में संशोधन करने का समय आ गया है क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। इसे खत्म करने और संशोधित करने का समय आ गया है। भारत को वक्फ के डर से मुक्ति चाहिए क्योंकि कांग्रेस के शासन में बने वक्फ कानून का मतलब था 'खाता न बही, जो वक्फ कहे वही सही"। अनुराग ठाकुर ने कहा कि आपको तय करना है कि वक्फ के साथ रहना है या बाबा साहब के संविधान के साथ। ये वक्फ बिल इस बात का साफ संदेश है कि यहां बाबा साहब का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं। ये बिल तुष्टिकरण की राजनीति का अंतिम संस्कार करने वाला है। ये बिल मुस्लिम विरोधी नहीं: ललन सिंह बता दें कि एनडीए के सभी सांसदों ने इस बिल की पैरवी की है। जेडीयू सांसद ललन सिंह ने कहा कि ये बिल मुसलमान विरोधी नहीं है। ऐसा नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है। मोदीजी को कोस रहे हैं, उनका चेहरा पसंद नहीं आ रहा है तो मत देखिए उनकी तरफ। 2013 में आपने जो पाप किया था, उसे समाप्त करके पारदर्शिता लाने का काम किया है। recent visitors 42

RBI को मिल गया चौथा डिप्टी गवर्नर, इकोनॉमिस्ट पूनम गुप्ता को किया नियुक्त, तीन साल का रहेगा कार्यकाल

नई दिल्ली सरकार ने प्रतिष्ठित शोध संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लॉयड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की महानिदेशक पूनम गुप्ता को तीन साल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। माइकल देबव्रत पात्रा के जनवरी में पद छोड़ने के बाद आरबीआई में डिप्टी गवर्नर का पद खाली हो गया था। सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने गुप्ता की आरबीआई में डिप्टी गवर्नर पद पर नियुक्ति को उनके कार्यभार संभालने की तारीख से तीन साल के लिए मंजूरी दी है। वर्तमान में, गुप्ता एनसीएईआर की महानिदेशक हैं। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की संयोजक भी हैं। वाशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक में लगभग दो दशक तक वरिष्ठ पदों पर काम करने के बाद वह 2021 में एनसीएईआर में शामिल हुईं। गुप्ता ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स, यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड (अमेरिका) में पढ़ाया और आईएसआई (भारतीय सांख्यिकी संस्थान), दिल्ली में ‘विजिटिंग फैकल्टी' के रूप में काम किया। वह राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी) में आरबीआई चेयर प्रोफेसर और आईसीआरआईईआर में प्रोफेसर भी रही हैं। गुप्ता के पास अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नात्कोत्तर डिग्री और पीएचडी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र पर पीएचडी के लिए 1998 में एक्जिम बैंक पुरस्कार जीता था। recent visitors 60

घरेलू क्रिकेट में मुंबई टीम का साथ छोड़ेंगे यशस्वी, अब मुंबई के बजाए गोवा के लिए खेलने की इच्छा जताई

मुंबई मुंबई क्रिकेट संघ ने यशस्वी की इस मांग को स्वीकार कर लिया है। यशस्वी आखिरी बार मुंबई के लिए जम्मू कश्मीर के खिलाफ 23-25 जनवरी के बीच रणजी ट्रॉफी के लीग मैच में खेले थे। भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई टीम का साथ छोड़ने का फैसला लिया है। यशस्वी इसी टीम की बदौलत राष्ट्रीय टीम में अपनी पहचान स्थापित कर सके हैं। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए मुंबई टीम छोड़ने का फैसला लिया है। यशस्वी ने मंगलवार को मुंबई क्रिकेट संघ को पत्र लिखा और मुंबई के बजाए गोवा के लिए खेलने की इच्छा जताई। मुंबई क्रिकेट संघ ने मांग स्वीकार की मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने यशस्वी की इस मांग को स्वीकार कर लिया है। 23 वर्षीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी अब 2025-26 सीजन में गोवा के लिए खेलेंगे। मुंबई क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, हां, यह आश्चर्यजनक है। उसने कुछ सोचकर ही यह कदम उठाया होगा। उसने हमने कहा कि उसे रिलीज कर दिया जाए और हमने उसका अनुरोध मान लिया।   जम्मू कश्मीर के खिलाफ खेले आखिरी मैच यशस्वी आखिरी बार मुंबई के लिए जम्मू कश्मीर के खिलाफ 23-25 जनवरी के बीच रणजी ट्रॉफी के लीग मैच में खेले थे। उन्होंने चार और 26 रन बनाए, जबकि मुंबई को टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार जम्मू कश्मीर ने पांच विकेट से हराया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सभी भारतीय खिलाड़ियों से राष्ट्रीय जिम्मेदारी से मुक्त रहने पर घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए कहा था जिसके बाद यशस्वी मुंबई के लिए खेले थे। यशस्वी जायसवाल ने जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था और तभी से वह ओपनर के तौर पर पहली पसंद बने हुए हैं। यशस्वी ने डेब्यू करने के बाद से भारत के लिए 19 मैच खेले हैं और बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन किया है। टेस्ट में उनका 52 से ज्यादा का है और उन्होंने इस प्रारूप में भारत के लिए खेलते हुए चार शतक और 10 अर्धशतक लगाए हैं।   recent visitors 42

सीएम योगी बने शिक्षक: विद्यालय के लोकार्पण पर बच्चों को अनुशासन और मेहनत की दी सीख, सेल्फी भी ली

बरेली नवाबगंज क्षेत्र के अधकटा नजराना स्थित अटल आवासीय विद्यालय के लोकार्पण पर सीएम योगी का अलग अंदाज दिखा। वह स्कूली बच्चों से घुल-मिल गए। उन्हें अनुशासन और मेहनत की सीख दी। बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नवाबगंज क्षेत्र के अधकटा नजराना में 73 करोड़ की लागत से तैयार अटल आवासीय विद्यालय का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय बनाए जा रहे हैं। नई पीढ़ी को इन विद्यालयों से राष्ट्रवाद की शिक्षा मिलेगी। ये विद्यालय राष्ट्रभक्त तैयार करने के साथ ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। आवासीय विद्यालय में कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक बन गए। उन्होंने बच्चों से सवाल किए। जवाब सुनकर मुस्कुराए और पुरस्कार में टॉफी दी। बच्चों को दुलारते हुए मेहनत करने की सीख दी। मंच पर पांच बच्चों को शैक्षिक किट दी। अभिभावकों को भी नसीहत दी। सीएम ने बच्चों संग सेल्फी भी ली।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में 100 अटल आवासीय विद्यालयों के निर्माण की योजना शुरू की थी। 16 विद्यालय बनकर शुरू हो गए हैं। बरेली में 17वां विद्यालय बनकर तैयार है। यहां श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा मिलेगी। अभी तक यहां के बच्चे लखनऊ में पढ़ रहे थे। इस वर्ष से छठवीं और नौवीं कक्षा के बच्चे यहां पढ़ने आ गए हैं। जो बच्चे छठवीं से सातवीं और नौवीं से दसवीं में गए हैं, उनको 15 अप्रैल को यहां शिफ्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों-अभिभावकों से दोतरफा संवाद किया। बरेली की नौवीं कक्षा की दुर्गेश कुमारी से सीएम ने पहले नाम पूछा, फिर बोले- अच्छे से पढ़ाई करना। दुर्गेश ने अपने जवाब से सीएम को आश्वस्त किया। बदायूं के अंशदेव गौतम ने सीएम से कहा कि उन्हें यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगा। बदायूं के ही शिवांश ने बताया कि सीएम ने नाम-पता पूछने के साथ ही कक्षा की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से कहा कि सरकार पर विश्वास रखें। बच्चों को बार-बार घर न बुलाएं। बच्चों से कहा कि अनुशासन में रहिएगा। समय पर जागिए, भोजन लीजिए, खेलकूद और पढ़ाई कीजिए। इसके अलावा कोई और एजेंडा नहीं होना चाहिए।   सीएम ने रोपा रुद्राक्ष का पौधा अटल आवासीय विद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया। विद्यालय प्रांगण में मित्रवन, वेटलैंड संरक्षण वन, विरासत वन, मियावाकी पद्धति का प्रचार करने के लिए वन विभाग ने प्रदर्शनी भी लगाई।   recent visitors 34

मेरठ हत्याकांड मामले के आरोपी 14 दिन बाद एक दूसरे से मिले मुस्कान और साहिल, एक दूजे को देख हुए भावुक

मेरठ मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी जेल में बंद हैं. इस बीच खबर है कि उनकी न्यायिक हिरासत और बढ़ गई है. दोनों को अभी 14 दिन और न्यायिक हिरासत में जेल में रहना होगा. उनकी अगली पेशी 15 अप्रैल को होगी. आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्कान-साहिल की पेशी हुई. खास बात ये रही कि एक ही कमरे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा ये पेशी हुई. ऐसे में करीब दो हफ्ते बाद सौरभ के 'कातिल' एक दूसरे से मिले. मेरठ जिला जेल प्रशासन के मुताबिक, 14 दिन बाद साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी एक दूसरे से मिले. उन्होंने एक दूसरे को देखा लेकिन उनके बीच कोई बात नहीं हुई. लगभग दो मिनट तक वे साथ रहे. इस दौरान दोनों भावुक नजर आ रहे थे. पेशी के बाद उन्हें अलग-अलग बैरक में डाल दिया गया. बता दें कि मुस्कान और साहिल को जेल नियमों के तहत अलग-अलग बैरकों में रखा है. दोनों ने एक ही बैरक में रहने की इच्छा जताई थी, लेकिन जेल मैन्युअल के नियमों के कारण यह संभव नहीं हो सका. जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जेल के नियमों के अनुसार ही कोई निर्णय लिया जाता है और फिलहाल दोनों को अलग-अलग बैरकों में ही रहना होगा. इसके अलावा मेरठ जेल प्रशासन ने दोनों को उनकी रुचि के अनुसार जेल में कार्य करने की अनुमति दी है. मुस्कान ने सिलाई-कढ़ाई का काम सीखने की इच्छा जताई, जबकि साहिल ने खेती-किसानी में रुचि दिखाई. जेल प्रशासन ने उनकी मांग स्वीकार कर ली और दोनों को उनके कार्यों में शामिल कर दिया गया है. इससे न केवल वे जेल में समय व्यतीत कर सकेंगे, बल्कि उनके आचरण का भी मूल्यांकन किया जाएगा. वहीं, मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल नियमों के तहत किसी भी बंदी को 10 दिन पूरे होने के बाद कार्य आवंटित किया जाता है. मुस्कान और साहिल दोनों 1 अप्रैल से अपने-अपने चुने हुए कार्यों को शुरू कर चुके हैं. यह प्रक्रिया जेल सुधार प्रणाली का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कैदियों को कौशल प्रदान करना और उन्हें व्यस्त रखना है. साहिल को मिलेगा प्रतिदिन 50 रुपये का मेहनताना, मुस्कान को नहीं साहिल को खेती के काम में लगाया गया है, जिसे जेल नियमों के तहत ‘नॉन-स्किल्ड वर्कर’ माना जाता है. इसके बदले उसे प्रतिदिन 50 रुपये की मजदूरी मिलेगी. अगर वह खेती करने में असमर्थ रहता है, तो उसे किसी अन्य कार्य में लगाया जाएगा. दूसरी ओर, मुस्कान ने सिलाई-कढ़ाई सीखने का विकल्प चुना है. चूंकि यह प्रशिक्षण कार्य की श्रेणी में आता है, इसलिए उसे इसके लिए कोई मजदूरी नहीं मिलेगी. हालांकि, जब वह पूरी तरह से सिलाई कार्य में दक्ष हो जाएगी और वस्त्रों की सिलाई करने लगेगी, तब उसे वेतन देने की व्यवस्था की जा सकती है. मालूम हो कि मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में 3 मार्च की रात को सौरभ राजपूत की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल ने कर दी थी. दोनों हत्यारोपियों ने कई बार सौरभ के सीने में चाकू से वार किया था, इसके बाद उसकी गर्दन काट दी थी. फिर शव को ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया था. ये सब करने के बाद दोनों मौज-मस्ती के लिए हिमाचल चले गए थे. लौटने पर जब मुस्कान ने परिजनों को पति की हत्या की बात बताई तो मामले का खुलासा हुआ. पुलिस के मुताबिक, हत्या प्रेम प्रसंग में अंजाम दी गई थी.   recent visitors 38

सिन्धी सभ्यता-सुहिणी सभ्यता का प्रतीत होगा इस वर्ष पारिवारिक सिन्धी मेला में टप्पू सेना करेगी धमाल

Sindhi culture and beautiful culture will be seen this year in the family Sindhi fair, Tappu Sena will make a splash भोपाल, ( ब्यूरो रिपोर्ट ) । Sindhi culture and beautiful culture सिन्धी मेला समिति द्वारा दिनांक 12 एवं 13 अप्रैल को लालघाटी स्थित सुंदरवन गार्डन में दो दिवसीय पारिवारिक सिन्धी मेले का आयोजन किया जा रहा है। सिन्धी मेला समिति का यह आयोजन इस वर्ष अपने 28वे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। सिन्धी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी व महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि इस मेले की तैयारियों को लेकर कबीर कुटिया में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया जिसमें समस्त साथियों को उनकी ज़िम्मेदारी सौपी गई। इस वर्ष मेले में और भी आकर्षक बनाने के लिए तारक मेहता उल्टा चश्मा के फेम टप्पू सेना गोली, गोगी एवं टप्पू को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। साथ ही हिंदुस्तान में अपनी कला के दम पर अपनी अलग पहचान बना चुकी देसी लेडी गागा (पिंकी मैदासानी, पिकॉक) को भी इस सिंगिंग के लिये आमंत्रित किया गया है, इसके साथ ही युवाओं और बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए सिम्फ़ोनी बैंड ( शुभम नाथानी) की प्रस्तुति भी इस वर्ष मेले के आकर्षण का केन्द्र रहेगी। इस वर्ष यह पारिवारिक मेला सिन्धी सभ्यता सुहिणी सभ्यता का प्रतीत होगा, जिसमें सिन्धियत के अनेक रंगो को दर्शाया जायेंगा, साथ ही अपनी सिन्धी सांस्कृति को इस मेले के माध्यम से युवाओं को अवगत कराया जायेगा। मेले की शुरुआत भगवान झूलेलाल के बहिरणा साहिब व द्वीप प्रज्वलन के साथ की जायेगी, साथ ही गीत संगीत मनोरंजन के लिए भी कई कलाकारो को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए झूलो के साथ साथ ऊठ और घोड़ों की सवारी, सिन्धी फन क्विज, म्यूजिकल चेयर रेस और छेज (सिन्धी डांडिया) की भी विशेष प्रस्तुति होगी। साथ ही विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके अलावा सिन्धी व्यंजनों के स्टाल भी इस दो दिवसीय सिन्धी मेले में आकर्षण का केंद्र रहेंगे। सिन्धी मेले में वरिष्ठ समाजसेवी स्व. उत्तमचंद ईसरानी, स्व. दादा गोविंदराम बतरा, स्व. शौकत राय कटारिया और स्व. काका कीमत राय नागदेव जी की स्मृति में सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाज सेवियों को भी सम्मानित किया जाएगा। साथ ही चेटीचंड पर आयोजित झूलेलाल शोभायात्रा में सम्मिलित झांकियों में से श्रेष्ठ झांकियों को सिन्धी सेंट्रल पंचायत द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा शान ए सिंधयित, ओल्ड इज गोल्ड, लकी फैमिली ऑफ द ईव जैसे पुरस्कारों का वितरण भी किया जाएगा। इस आयोजन के लिए श्रीमती किरण वाधवानी को संयोजिका एवं मोहन देवरख्यानी, महेश नगरानी को सह संयोजक के रूप में मनोनीत किया गया है। Read more: एमपी के 8 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट: भोपाल-जबलपुर में आंधी चलने के आसार; सिवनी-पचमढ़ी में तापमान गिरा इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख रूप से विधायक एवं सिन्धी मेला समिति के संरक्षक भगवानदास सबनानी, के.एल. दलवानी, घनश्याम पंजवानी, वासु गोलानी, जयपाल सचदेव, अमर दावानी, तरुण मूलचंदानी, अशोक माटा सहित समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में मात्रशक्ति का प्रतिनिधित्व माया पंजवानी, शकुन देवरख्याणी, सरला दलवानी, वर्षा कोटवानी, चेतना वाधवानी, भावना नागरानी, मीना भागचंदानी, किरण बत्रा, पूजा भाटिआ, भावना जगवानी आदि ने किया। साथ ही समिति की युवा शक्ति से कपिल भाटिआ, सुनील मंगवानी, करन भागचंदानी, हरीश मेघानी, दीपक राजानी आदि भी शामिल हुए। साथ ही विभिन्न मोहल्ला पंचायतों के पदाधिकारी भी इस मीटिंग में शामिल हुए। recent visitors 100