मुख्यमंत्री ने परिवार सहित कथा में लिया भाग, 27 मार्च को होगा कथा का समापन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के मायाली के मधेश्वर महादेव धाम में आयोजित 7 दिवसीय शिव महापुराण कथा में सहभागी बने और भक्ति-भाव से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति परिवारों के साथ बैठकर कथा का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर शिव महापुराण कथा का श्रवण करने  एक लाख से अधिक श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी का पुष्पमाला पहनाकर एवं मधेश्वर महादेव का छायाचित्र भेंटकर अभिनंदन किया, साथ ही प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री साय के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी — कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 27 मार्च को पुनः प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धालुजनों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है कि भगवान शिव की दिव्य कथा कहने स्वयं पंडित प्रदीप मिश्रा मधेश्वर महादेव की धरती पर पधारे हैं। यहां पाँच दिनों से चल रही शिव भक्ति की धारा से समूचा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है। इस पावन कथा से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना का पुनः शुभारंभ 27 मार्च को किया जाएगा। इसके तहत इच्छुक श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। शिव महापुराण कथा की दिव्य धारा से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर  जनजाति के ग्रामीण भी लाभान्वित हुए। ग्राम पंडरसिली (मनोरा), बेहेराखार और भितघारा (बगीचा) से आए अनेक श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे। पहाड़ी कोरवा जनजाति के संतोष राम, बजरु राम, शंकर राम, दुर्गा राम और बिरहोर जनजाति के  गेंदु राम, गुरुबारु राम, लाखा राम ने कहा कि शिव कथा ने हमारे अंतर्मन को छू लिया है। प्रदीप मिश्रा जी के प्रवचन केवल भक्ति नहीं सिखाते, वे जीवन को नई दिशा भी देते हैं। मधेश्वर महादेव: आध्यात्मिक आस्था का केंद्र मुख्यमंत्री साय ने मधेश्वर महादेव धाम को विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गौरव का प्रतीक बताया और कहा कि यह स्थल पूरे प्रदेश की धार्मिक आस्था का केंद्र है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन अवसर का अधिक से अधिक लोग लाभ लें और कथा के शेष दो दिनों में भी उपस्थित होकर शिव भक्ति से स्वयं को अनुप्राणित करें। recent visitors 63

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती कपूर की आत्मकथा का किया विमोचन

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को कालिदास अकादमी परिसर उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025  के अंतर्गत अंर्तराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न देशों से आए राजनयिकों के साथ सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेखक सीमा कपूर की आत्मकथा “युं गुजरी है अब तलक”  का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार के आयाम जुड़ रहे हैं। भारतीय संस्कृति की यह विशेषता रही है कि यहां के लोगों ने हर प्रकार की चुनौतियों और विषम परिस्थितियों में अपने आप को दृढ़ रखा है और पूरे विश्व के समक्ष एक मिसाल पेश की है। भारतीय संस्कृति पर केन्द्रित फिल्म फेस्टिवल हमारी कला और संस्कृति को पूरे विश्व के समक्ष प्रस्तुत करता है। इस फेस्टिवल में अतीत की कालजयी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया है। चलित हिंदी फिल्मों की यात्रा दादा साहब फालके द्वारा निर्देशित फिल्म राजा हरिश्चंद्र से होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्में आज भी समसामयिक हैं। आने वाले समय में और भव्य स्तर पर इस प्रकार के आयोजन किए जाने चाहिए। विक्रम महोत्सव से हम सम्राट विक्रमादित्य के स्वर्णिम काल को याद करते हैं। सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाट्य और फिल्मों के माध्यम से पूरे विश्व में उनकी न्यायप्रियता और उनके सुशासन का संदेश जाता है। सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व में विभिन्न आयाम समाए हुए हैं। सही अर्थों में उज्जैन 64 कलाओं को प्रदान करने वाली नगरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से फिल्मोत्सव के समापन के अवसर पर संस्कृति विभाग, कालिदास अकादमी और विक्रमादित्य शोध पीठ को शुभकामनाएं दीं। समापन समारोह में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,  दिलीप सिंह परिहार,  नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, ओम जैन, कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक गोविंद गंधे, नरेश शर्मा,  राजेश सिंह कुशवाहा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप भारत के ज्ञान और संस्कृति के प्रकाश को दुनिया में पहुंचाने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ, जिसमें 90 फिल्मों का प्रसारण किया गया है। इसमें अधिकतर फिल्में भगवान श्रीकृष्ण पर केन्द्रित रही। कार्यक्रम में साउथ अमेरिका के देश सूरीनाम की एंबेसी में कार्यरत सचिव श्रीमती सुनैना पी.आर. मोहन ने कहा कि उज्जैन शहर में उनका प्रथम बार आगमन हुआ है। यहां के लोगों के व्यक्तित्व में सादगी समाहित है। श्रीमती सुनैना ने कहा कि हमारे देश के युवा अपने शहर, अपने प्रदेश और अपने देश पर गर्व करें, गर्व से कहें कि हम भारतीय हैं। अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के समापन के पूर्व गोपाल कृष्ण (हिन्दी), भगवान श्रीकृष्णा (हिन्दी), श्रीकृष्ण अर्जुन युद्धम (तेलुगु), मीरा रो गिरधा (राजस्थानी),  भगवान श्रीकृष्णा चैतन्य (बंगाली),  श्रीकृष्णा लीला (तमिल), भगत्नसयो (गुजराती) भाषा फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ। इसके अलावा विदेशी भाषाओं में डेथ इन वेरीक्यूकोस और साचा: चेरनोबिल का एक बच्चा-1 फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसका कलाप्रेमी दर्शकों ने आनंद उठाया। recent visitors 41

धान उपार्जन घोटाला EOW ने की छापेमारी, 145 व्यक्तियों पर की 38 FIR

भोपाल धान उपार्जन घोटाले को उजागर करने वाली ईओडब्ल्यू अब कड़े एक्शन मोड में है, छापे मारने के दौरान ईओडब्ल्यू द्वारा बालाघाट, सतना, सीधी, मैहर, डिंडोरी, सागर, पन्ना, सिवनी में धान उपार्जन में 50,000 क्विटंल की हेराफेरी पाई गयी। हेराफेरी के सबूत के बाद ईओडब्ल्यू ने 8 जिलों की 38 समितियों के 145 व्यक्तियों पर 38 FIR की है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में धान उपार्जन होने के बाद उसे वेयर हाउस में सुरक्षित रखवाया गया था लेकिन जब उसका परिवहन शुरू हुआ तो साथ में घोटाला भी शुरू हो गया, शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ईओडब्ल्यू को छापे मारने के निर्देश दिए, मार्च की शुरुआत में ईओडब्ल्यू के पांच जिलों की टीमों ने प्रदेश के12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों एवं 140 वेयर हॉउसेस पर छापे मारे जहाँ भारी अनियमितता मिली। जाँच करने के बाद ईओडब्ल्यू को करीब 50 हजार क्विंटल धान की हेराफेरी मिली जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है , भ्रष्टाचार सामने आने के बाद अब ईओडब्ल्यू ने बालाघाट, सतना, सीधी, मैहर, डिंडोरी, सागर, पन्ना, सिवनी इन 8 जिलों की 38 समितियों के 145 व्यक्तियों पर 38 FIR की है। सिवनी की शकुंतलादेवी राईस मिल के मालिक पर आपराधिक प्रकरण दर्ज ईओडब्ल्यू द्वारा जारी प्रेसनोट में बताया गया है कि सिवनी की शकुंतलादेवी राईस मिल के विरुद्ध धान उर्पाजन तथा शासकीय धान की मिलिंग में अनियमितताओं के संबंध में प्राप्त शिकायत की जांच की गई। राईस मिल की जांच करने पर वर्ष 2024-25 में मिलिंग हेतु प्राप्त धान में 3184 क्विंटल धान/चावल की कमी पाई गई तथा मिल में 2297 क्विंटल चावल 4594 बोरियों में हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा राज्यों का पाया गया तथा बालाघाट जिलें की राईस मिल का 28590 किलोग्राम चावल से भरा वाहन पाया गया। इन समितियों के व्यक्तियों पर दर्ज हुई एफआईआर     सीधी – बाघड़ क्रमांक-01 संतोषी महिला स्वसहायता समूह, केन्द्र क्रमांक-01 सेवा सहकारी समिति अमिरति, कुबेर वेयर हाउस अमिरति सेवा सहकारी समिति अमिरति, बाघड़ क्रमांक-02 सेवा सहकारी समिति बाघड़, टीकटकला संतोषी महिला स्वसहायता समूह, कमर्जी केन्द्र क्रमांक-01 सेवा सहकारी समिति चंदवाही, सेवा सहकारी समिति चंदवाही ।     बालाघाट– आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मोहगांव, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति उकवा, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कूमादेही, सेवा सहकारी समिति चरेगांव, सेवा सहकारी समिति टाकाबर्रा, समिति मर्यादित नांदी तिरोड़ी, समिति मर्यादित भंडेरी तहसील बैहर, सेवा सहकारी समिति जरेरा, सेवा सहकारी समिति करंजा, सेवा सहकारी समिति सिवनी कलांसारद, सेवा सहकारी समिति चिखला सालेटेका, सेवा सहकारी समिति मर्यादित बम्हनी हरदोली तहसील तिरोड़ी, सेवा सहकारी समिति धनकोषा एवं वोथवा तहसील तिरोड़ी, सहकारी समिति मर्यादित महकेपार, सेवा सहकारी समिति मर्यादित परसवाड़ा, विपणन सहकारी समिति खैरलाजी केन्द्र येनागोंदी, सेवा सहकारी समिति कटोरी, सेवा सहकारी समिति मोहगांवघाट, सेवा सहकारी समिति सालेबर्डी, सेवा सहकारी समिति रामपायली, सेवा सहकारी समिति भजियादंड, सेवा सहकारी समिति टेकाड़ीघाट।     सतना– उर्पाजन केन्द्र सहकारी संस्था दलदल, उर्पाजन केन्द्र हिंरोदी।     मैहर– आदिम जाति सेवा सहकारी समिति भदनपुर, सेवा सहकारी समिति जरोहा मनकीसर ।     डिण्डोरी– आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित सरहरी।     सागर– प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति छिरारी।     पन्ना– सन्यासी बाबा स्वसहायता समूह ग्राम बोरी साहनगर, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बिसानी ।     सिवनी– शकुंतला देवी राईस मिल भुरकलखापा । recent visitors 35

देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर रात्रि में छह घंटे उड़ानों का संचालन बंद कर रनवे सुधार का कार्य किया जा रहा

इंदौर इंदाैर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर रात्रि में छह घंटे उड़ानों का संचालन बंद कर रनवे सुधार का कार्य किया जा रहा है। 30 मार्च से लागू होने वाले समर सीजन में इस समय को दो घंटे बढ़ाकर आठ घंटे किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट से संचालित शारजाह, पुणे, जयपुर, दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों की करीब एक दर्जन उड़ानों का समय बदलेगा। वहीं जयपुर, लखनऊ और बेंगलुरु से रात्रि में आने वाली उड़ानें बंद होगी। एक अप्रैल से रात्रि 10.30 बजे से सुबह 6.30 बजे तक सुधार कार्य होगा। ऐसे में 30 मार्च से लागू होने वाले समर सीजन में विमान कपंनियों ने अपने शेड्यूल में परिवर्तन किया है। रात्रि में डेढ़ घंटे में संचालित सात उड़ानें और सुबह संचालित पांच उड़ानों का समय बदलेगा। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि रनवे विस्तर का कार्य नियमित प्रक्रिया है। पुरानी डामर को निकालकर नई डामर बिछाने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में कई उड़ानों का समय बदलेगा। कई परिवर्तन नंबर के साथ बदले समय पर संचालित होगी। एक साल में पूर्ण होगा कार्य इंदौर एयरपोर्ट रनवे सुधार का कार्य नियमित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। 15 फरवरी से इंदौर एयरपोर्ट के 2750 मीटर लंबे रनवे पर बिछी डामर की परत को हटाकर नई परत बिछाने का काम शुरू किया गया है। यह कार्य एक साल तक चलेगा और चार से पांच इंच मोटी डामर बिछाने के बाद साइड में साइनेज और लाइट्स लगाए जाएंगे। 25 करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य पूर्ण होगा। ये उड़ानें होगी प्रभावित सुबह 6 से 6.10 बजे के बीच की उड़ान     इंदौर-लखनऊ उड़ान सुबह 6 बजे     इंदौर-बेंगलुरु सुबह 6.10 बजे     इंदौर-जयपुर सुबह 6.20 बजे     पुणे-इंदौर सुबह 6.10 बजे रात्रि में 10.30 से 12 बजे के बीच की उड़ान     इंदौर-मुंबई रात्रि 10.55 बजे     इंदौर-दिल्ली रात्रि 11.10 बजे     इंदौर-पुणे रात्रि 11.50 बजे     इंदौर-शारजाह रात्रि 11.55 बजे     शारजाह-इंदौर रात्रि 10.30 बजे     दिल्ली-इंदौर रात्रि 10.35 बजे     मुंबई-इंदौर रात्रि 11 बजे ये उड़ानें होंगी बंद     जयपुर-इंदौर रात्रि 10.40 बजे     लखनऊ-इंदौर रात्रि 11.15 बजे     बेंगलुरु-इंदौर रात्रि 11.20 बजे यह हो जाएगा शारजाह उड़ान का समय     शारजाह-इंदौर- आइएक्स-256 उड़ान यूएई के समय अनुसार शाम 4.25 बजे शारजाह से रवाना होकर रात्रि 9.30 बजे इंदौर पहुंचेगी।     इंदौर-शारजाह- आइएक्स 255 उड़ान इंदौर से रात्रि 10.10 बजे रवाना होकर यूएई के समय अनुसार रात्रि 12.05 बजे शारजाह पहुंचेगी।   recent visitors 31

राजस्व कार्यालयों में भू-रिकार्ड में कुछ गड़बड़, केवाइसी शुरू हुई तो लोगों को दस्तावेजों में गड़बड़ी की बात पता चली

भोपाल भोपाल जिले के राजस्व कार्यालयों में भू-रिकार्ड में कुछ गड़बड़ है। अभी केवाइसी शुरू हुई तो लोगों को दस्तावेजों में गड़बड़ी की बात पता चली। ऐसे 30 हजार से अधिक भू-स्वामी अब परेशान हैं। उनके पास मालिकाना दस्तावेज हैं, लेकिन सरकारी रिकार्ड में जो दस्तावेज हैं, उनकी कहानी कुछ और निकल रही है। पोर्टल पर कर सकते हैं आवेदन यदि आपकी जमीन के रिकार्ड में कोई गड़बड़ी है तो आप ऑनलाइन पोर्टल पर ही आवेदन कर सुधार की प्रक्रिया शुरू करवा सकते हैं। राजस्व विभाग ने इसके लिए आरसीएमएस पोर्टल तय किया हुआ है। यहां जमीन से जुड़े तमाम मामलों को दर्ज कराने से लेकर उनकी सुनवाई और उनसे जुड़ी राहत प्राप्त की जा सकती है।   इस तरह समझें स्थिति मामला एक – हिनोतिया आलम में एक निजी स्कूल से लगी जमीन 2010 तक निजी नाम से चढ़ी हुई थी। यहां करीब 50 हजार वर्गफीट जमीन दस लोगों को विक्रय भी हुई। 2011 में भूमि रिकार्ड सुधार में इस जमीन को सरकारी दर्ज कर दिया गया। अब ये लोग जमीन को अपने नाम दर्ज कराने पटवारी से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर लगा रहे हैं। मामला दो – राजहर्ष कालोनी के सनखेड़ी रोड किनारे के क्षेत्र में करीब तीस साल बाद यहां लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं। बताया जा रहा कि 2011 में ये जमीन अन्य किसी के नाम दर्ज हो गई, जबकि लोगों के पास अपने घरों की रजिस्ट्री व अन्य दस्तावेज है। तहसीलदार कोर्ट में इन्हें इसी माह उपस्थित होकर जवाब देना है। फैक्ट फाइल – 2.99 लाख भूमि स्वामी की जमीनें उनके आधार से लिंक करने का लक्ष्य तय किया था। 2.70 लाख से अधिक भूमि स्वामी अब भी जमीन से अपनी पहचान नहीं जुड़वा पाएं। .60 लाख प्रकरण नक्शा तरमीम और रिकार्ड दुरुस्त करने के प्रकरण हैं। 1.48 लाख प्रकरण अभी लंबित है।   recent visitors 27

इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा

 इंदौर इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण बीते तीन दिन से जारी है। चार दिन तक शहर में टीम रहेगी और अलग-अलग पैमानों पर स्वच्छता को परखा जाएगा। पिछले साल तीन दिन में ही टीम रवाना हो गई थी, लेकिन इस बार इंदौर को स्वच्छता की प्रीमियर लीग में शामिल किया गया है, इसलिए बारिकी से मुआयना किया जा रहा है। नगर निगम के अफसरों को पूरी उम्मीद है कि इस बार भी इंदौर स्वच्छता में पहले पायदान पर होगा, लेकिन ज्यादातर शहरवासी मान रहे है कि बीते साल वर्षों की तुलना में इस साल सफाई व्यवस्था थोड़ी कमजोर हुई है। इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा है, ताकि सुबह जब टीम सफाई व्यवस्था देखने निकले तो उन्हें शहर साफ नजर आए। इंदौर की स्वच्छता को दस पैमानों पर आका जा रहा है। इसमें शहर की सड़कों की सफाई, कचरा संग्रहण व्यवस्था, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन, सीवरेज के पानी का पुर्नउपयोग, सफाईकर्मियों के उत्थान के लिए होने वाले काम और सबसे महत्वपूर्ण शहरवासियों का फीडबैक है। दिल्ली से आई टीम शहर की बस्तियों, आवासीय क्षेत्रों के अलावा ट्रेंचिंग ग्राउंड, गोबरधन प्लांट को भी देखेंगी। टीम सुबह के समय घूम रही है, जब घर-घर जाकर वाहन कचरा लेने जाते है। इंदौर की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कलेक्शन इंदौर की सफाई की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन है। शहर में पांच तरीकों से कचरा घरों से लिया जाता है। ज्यादातर शहरों में यह व्यवस्था ही ठीक नहीं हो पाई है। इंदौर में सात साल पहले इसके दम पर ही स्वच्छता रैंकिंग में पहला पुरस्कार पाया था।   वर्ष 2017 में तत्कालीन मेयर मालिनी गौड़ ने शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश की थी। उन्हें साथ मिला भोपाल नगर निगम आयुक्त से तबादला होकर आए मनीष सिंह का। उन्होंने सबसे पहले इंदौर को खुले में शौच से मुक्त करने पर जोर दिया। जगह-जगह शौचालय बनवाए। इसके बाद शहर के कुछ वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था लागू की। कचरा उठाने वाली एटूझेड कंपनी का ठेका निरस्त किया और सफाईकर्मियों ने व्यवस्था संभाली। फिर पूरे वार्ड में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन होने लगा और शहर से कचरा पेटियां हटा ली गई। शहर साफ रहने लगा और इंदौर वर्ष 2017 की स्वच्छता रैंकिंग में पहले स्थान पर था। इसके बाद छह बार फिर इंदौर को पुरस्कार मिला बेकलन में गंदगी सबसे बड़ी कमजोरी इंदौर की बेकलेन में कचरा डालने की सिलसिला फिर शुरू हो गया। पहले स्पाॅट फाइन के चक्कर में लोग कचरा फेंकने से डरते थे, लेकिन अब फिर कचरा नजर आने लगा है। इसके अलावा फूल-पत्तियों का कचरा भी परेशानी बना हुआ है। सूखे पत्ते, फूल सड़कों पर फैले रहते है। यह कचरा दिनभर इधर-उधर उड़ता रहता है। recent visitors 48

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा आज बीकानेर हाउस में ‘राजस्थान उत्सव— 2025’ का विधिवत रूप से करेंगे उद्घाटन

जयपुर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा आज नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में राजस्थान की परंपरागत संस्कृति को प्रदर्शित करते 9 दिवसीय 'राजस्थान उत्सव— 2025' का विधिवत रूप से उद्घाटन करेंगे। प्रदेश की अतिरिक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती अंजु ओमप्रकाश ने बताया कि राजस्थान स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 25 मार्च से 2 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में राजीविका क्राफ्ट मेला और फूड उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। खेल एवं खानपान प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन अतिरिक्त आवासीय आयुक्त ने बताया कि गत वर्ष आगंतुकों के उत्साह और उनकी पसंद को देखते हुए उत्सव में इस वर्ष भी पेंटिंग प्रतिस्पर्धा, मेहंदी प्रतिस्पर्धा, गोलगप्पा खाने की प्रतिस्पर्धा के साथ ही पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जाएगा जिसमें अव्वल आने वाले प्रतिभागियों को  पुरस्कार से सम्मानित भी किया जाएगा। राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन राजस्थान पर्यटक स्वागत केंद्र के सहायक निदेशक श्री छतरपाल यादव ने बताया कि बुधवार सांय  पर्यटन विभाग द्वारा एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश के विभिन्न अंचलों के से लोक कलाकार अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। उन्होंने बताया कि इस संध्या की शुरुआत गणेश वंदना, मयूर नृत्य और प्रसिद्ध फूलों की होली से होगी जिसकी प्रस्तुति भरतपुर के श्री नवीन शर्मा द्वारा की जाएगी। इसके उपरांत भरतपुर के ही श्री अवधेश कुमार द्वारा चरकुला नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। श्री यादव ने बताया कि डीग के श्री गफरूद्दीन मेवाती द्वारा भपंग वादन और सूरतगढ़ के श्री अर्जुन सिंह जुलिया द्वारा मषक वादन की प्रस्तुति दी जाएगी। पर्यटन अधिकारी श्री मनोज शर्मा ने बताया कि दिल्ली के श्री अनीसुदीन एवं उनके दल द्वारा चरी नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सुश्री कल्पना चौहान द्वारा  प्रसिद्ध घूमर नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। हस्तकला से निर्मित उत्पादों को होगा प्रदर्शन राजस्थान उत्सव में राजीविका द्वारा राजस्थानी संस्कृति और लोक कला को समेटे हुए हस्तकला निर्मित उत्पादों को बिक्री के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। recent visitors 51