अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में होगा आयोजित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में भोपाल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इस मौके पर अपर सचिव सहकारिता एवं प्रशासक अपेक्स बैंक अपर प्रमुख सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री डी.पी. आहूजा उपस्थित रहेंगे। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री मनोज कुमार गुप्ता ने बताया है कि सम्मेलन में राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री मनोज पुष्प और नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती मौजूद रहेंगी।   recent visitors 29

जनवरी में ESI स्कीम के तहत हुए 18 लाख नए रजिस्ट्रेशन, जानिए योजना के फायदे

नई दिल्ली  कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से इस साल जनवरी में 18.19 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। यह जानकारी  श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा दी गई। जनवरी में जुड़े नए सदस्यों में 8.67 लाख या 47.66 प्रतिशत 25 वर्ष तक की आयु वर्ग के हैं, जो दिखाता है कि देश में नौकरियों के अवसर बढ़ रहे हैं और अर्थव्यवस्था की स्थिति अच्छी बनी हुई है। जनवरी 2025 में 27,805 नए संस्थाओं को भी ईएसआई योजना के सामाजिक सुरक्षा दायरे में लाया गया है, जिससे अधिक वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। पेरोल डेटा का लिंगवार विश्लेषण दिखाता है कि इस साल जनवरी में 3.65 लाख महिला सदस्यों का पंजीकरण हुआ है। इसके अलावा, समीक्षा अवधि में 85 ट्रांसजेंडर सदस्यों ने ईएसआईसी की योजना के तहत पंजीकरण कराया है। ईएसआईसी के जनवरी पेरोल में वृद्धि दिसंबर 2024 में जोड़े गए 17.01 लाख नए कर्मचारियों की तुलना में अधिक है, जो अर्थव्यवस्था में रोजगार के बढ़ते ट्रेंड को दर्शाता है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कहा कि माह के दौरान जोड़े गए कुल 17.01 लाख सदस्यों में से 8.22 लाख कर्मचारी, जो कुल पंजीकरण का लगभग 48.35 प्रतिशत है, 25 वर्ष तक की आयु वर्ग के हैं। पिछले हफ्ते कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया था कि इस साल जनवरी में संगठन से 17.89 लाख सदस्यों के जुड़े हैं। यह आंकड़ा दिसंबर 2024 के मुकाबले मासिक आधार पर 11.48 प्रतिशत अधिक है। ईपीएफओ के आधिकारिक बयान के अनुसार, पेरोल में जनवरी 2024 के मुकाबले 11.67 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह दिखाता है कि कर्मचारी फायदों को लेकर पहले के मुकाबले जागरूकता बढ़ी है। recent visitors 42

देश ने घरेलू रक्षा उत्पादन में 1.27 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड हासिल किया..

नई दिल्ली भारत ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल की शुरुआत के बाद से 2023-24 में स्वदेशी रक्षा उत्पादन में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि हासिल की है। खास बात यह है कि ये वृद्धि रिकॉर्ड एक लाख 27 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रक्षा उत्पादन का मूल्य 2014-15 में 46 हजार 429 करोड़ से 174 प्रतिशत बढ़ गया जी हां, इस संबंध में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रक्षा उत्पादन का मूल्य 2014-15 में 46 हजार 429 करोड़ से 174 प्रतिशत बढ़ गया है। वहीं रक्षा निर्यात की बात करें तो 2023-24 में यह रिकॉर्ड 21,083 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो पिछले दशक में 30 गुना बढ़ा है। आईडेक्स और सामर्थ्य से स्वदेशी तकनीकी प्रगति को मिल रहा बढ़ावा यही नहीं, आईडेक्स और सामर्थ्य जैसी पहलों के माध्यम से स्वदेशी तकनीकी प्रगति को बढ़ावा मिल रहा है जो AI साइबर युद्ध और स्वदेशी हथियार प्रणालियों में महत्वपूर्ण विकास कर रही हैं। 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन का रखा लक्ष्य भारत ने 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपये निर्यात का लक्ष्य रखा। इस संबंध में मंत्रालय ने कहा कि कभी विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर रहने वाला देश अब स्वदेशी विनिर्माण में एक उभरती हुई ताकत के रूप में खड़ा है, जो घरेलू क्षमताओं के माध्यम से अपनी सैन्य ताकत को आकार दे रहा है। रक्षा निर्यात में भी 30 गुना वृद्धि रक्षा निर्यात भी 2013-14 में 686 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले एक दशक में 30 गुना वृद्धि दर्शाता है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने के लिए कई उपाय किए हैं। रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत की उल्लेखनीय प्रगति एक आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी सैन्य विनिर्माण केंद्र के रूप में इसके परिवर्तन को रेखांकित करती है। रणनीतिक नीतिगत हस्तक्षेप, घरेलू भागीदारी में वृद्धि और स्वदेशी नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने के संयोजन ने देश की रक्षा क्षमताओं को काफी मजबूत किया है। उत्पादन में उछाल, निर्यात में तेजी से वृद्धि और मेक इन इंडिया जैसी पहलों की सफलता रक्षा में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 2029 के लिए निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के साथ, भारत अपने वैश्विक पदचिह्न का और विस्तार करने के लिए तैयार है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास को बढ़ाते हुए अंतर्राष्ट्रीय रक्षा बाजार में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया जा सके।   recent visitors 54

राजस्थान विधान सभा में आज राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद आयोजित होगी

जयपुर राजस्थान विधान सभा में आज राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद आयोजित होगी। देश के विकास में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा देशभर में विकसित भारत युवा संसद का आयोजन किया जा रहा है। विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी आज प्रातः 9:30 बजे सदन में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ करेगें। केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के तत्वाधान में राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा द्वारा आयोजित इस युवा संसद में नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली और राष्ट्र मंडल संसदीय संघ के सचिव श्री संदीप शर्मा भी मौजूद रहेगें। श्री देवनानी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद का आयोजन राजस्थान विधान सभा के सदन में किया जा रहा है। केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम से जिला स्तर पर चयनित प्रदेश के युवाओं को अपने विचार रखने का मंच मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा नेतृत्व, जनभागीदारी और नीतिगत विषयों पर चर्चा कर अपनी प्रतिभा को राज्यस्तर पर बता सकेगे। इसके तहत युवा विधान सभा की संसदीय प्रक्रियाओं को भी समझ सकेंगे। श्री देवनानी ने कहा कि विकसित भारत युवा संसद युवाओं को विकसित भारत के मार्ग को प्रशस्त करने में एक सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है। श्री देवनानी ने बताया कि केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान के सभी जिलों से चयनित 18 से 25 वर्ष के 140 युवा भाग लेंगे। विधान सभा में चर्चा हेतु युवाओं का चयन एक चयन प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया है। उन्होंने बताया कि 140 युवाओं में से तीन युवाओं का चयन होगा जो राष्ट्रीय युवा संसद में भाग लेंगे। श्री देवनानी ने बताया कि प्रातः 9.30 बजे से सायं 7.00 बजे तक राजस्थान विधान सभा के सदन में इस युवा संसद की कार्यवाही का संचालन होगा। इस युवा संसद का राजस्थान विधान सभा द्वारा यू-ट्यूब पर सजीव प्रसारण किया जायेगा।         recent visitors 45

अर्थव्यवस्थाओं पर अमेरिका के बढ़ते शुल्क और वैश्वीकरण पर पड़ने वाले दबाव का असर पड़ेगा

नई दिल्ली देश की इकोनॉमी को लेकर एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुरी खबर सुनाई है। रेटिंग एजेंसी ने अगले वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं पर अमेरिका के बढ़ते शुल्क और वैश्वीकरण पर पड़ने वाले दबाव का असर पड़ेगा। इन बाहरी दबावों के बावजूद उम्मीद है कि अधिकतर उभरती-बाजार इकोनॉमी में घरेलू मांग की गति मजबूत बनी रहेगी। क्या कहा रेटिंग एजेंसी ने एसएंडपी ने कहा- हमारा अनुमान है कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। यह हमारे पहले लगाए गए 6.7 प्रतिशत के अनुमान से कम है। पूर्वानुमान में आगामी मानसून सामान्य रहने तथा जिंस खासकर कच्चे तेल की कीमतें नरमी रहने की संभावना जाहिर की गई है। ब्याज दर में और होगी कटौती एसएंडपी ने कहा- हमारा अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक आने वाले दिनों में ब्याज दर में 0.75 प्रतिशत से एक प्रतिशत तक की कटौती करेगा। खाद्य मुद्रास्फीति में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से कुल मुद्रास्फीति मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में केंद्रीय बैंक के चार प्रतिशत के लक्ष्य के पास आ जाएगी और राजकोषीय नीति नियंत्रित रहेगी। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि एशिया-प्रशांत की अर्थव्यवस्थाएं खासकर बढ़ते अमेरिकी शुल्क और सामान्य रूप से वैश्वीकरण पर पड़ने वाले दबाव का असर महसूस करेंगी। हालांकि, हम घरेलू मांग की गति को व्यापक रूप से बरकरार रहते हुए देख रहे हैं, खासकर क्षेत्र की उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले महीने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दर को 0.25 प्रतिशत की कटौती कर 6.50 प्रतिशत से 6.25 प्रतिशत कर दिया था। recent visitors 56

सीएम फडणवीस ने कहा- बिना जानकारी वाले कोई भी हुक्का पार्लर चलते पाए गए तो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा

मुंबई महाराष्ट्र में ई-सिगरेट और हुक्का का प्रचलन काफी बढ़ गया है। इस बीच महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर बिना जानकारी वाले कोई भी हुक्का पार्लर चलते पाए गए तो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा। महाराष्ट्र के सीएम ने कहा कि हुक्का पार्लर के मामलों में बार-बार अपराध करने वालों को गिरफ़्तार भी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे पहले ऐसा नहीं किया जाता था। बता दें कि राज्य की फडणवीस सरकार ने ई-सिगरेट और हुक्का के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। विधानसभा में उठा हुक्का पार्लरों का मुद्दा दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम और नाना पटोले ने राज्य भर में बढ़ते हुक्का पार्लरों और ई-सिगरेट की खपत में वृद्धि पर सवाल उठाया था। इसके जवाब में सीएम फडणवीस ने कहा कि हुक्का पीना एक स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है। कई जगहों पर तंबाकू का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ जगहों पर अन्य नशीले पदार्थों का भी इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान चल रहा है। लेकिन, इसे और तेज किया जाएगा। कांग्रेस विधायक ने पूरे राज्य में की कार्रवाई की मांग गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम मांग की कि पूरे राज्य में कार्रवाई की जरूरत है। इसके अलावा कांग्रेस के विधायक नाना पटोले ने पुलिस विभाग पर हुक्का पार्लरों को चलने देने का आरोप लगाया। विधानसभा में पटोले ने सवाल किया कि कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदार लोग खुद हुक्का पार्लरों को चलने दे रहे हैं। क्या सरकार पुलिस अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करेगी? इस सवाल के जवाब में गृह विभाग के प्रमुख देवेंद्र फडणवीस ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि ड्रग्स या हुक्का पार्लरों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में सरकार की मंशा बिल्कुल साफ है। सीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हुक्का पार्लरों के संचालन के बारे में पुलिस अधिकारियों के अलावा किसी और ने जानकारी दी तो संबंधित क्षेत्र के कर्मियों को निलंबित कर दिया जाएगा। recent visitors 50

हम सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन प्रतिशत का नुकसान हो रहा है : नितिन गडकरी

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि हम सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन प्रतिशत का नुकसान हो रहा है। नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी में "सड़क सुरक्षा के लिए तकनीकी हस्तक्षेप : भारत-अमेरिका साझेदारी" कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं हमारी सबसे बड़ी समस्याओं में से एक हैं। हर साल देश में 4,80,000 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 1,88,000 लोगों की मौत होती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जान गंवाने वाले लोगों में 18 से 45 वर्ष की आयु के 66 प्रतिशत लोग होते हैं। युवा, प्रतिभाशाली, इंजीनियरिंग स्नातक, मेडिकल छात्रों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। वहीं, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का यह आंकड़ा 10,000 है। अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं स्कूलों के आसपास वाले इलाकों में होती हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है। हमें यह समझने की जरूरत है कि हम इन दुर्घटनाओं के साथ अपनी जीडीपी का तीन प्रतिशत खो रहे हैं।" उन्होंने सड़कों के निर्माण में तकनीकी खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय परिदृश्य में एक समस्या यह है कि हम डीपीआर सलाहकार के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसमें कभी-कभी लागत और बचत आदि पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनमें सुधार किया जा सकता है। इन सुधारों के साथ मौजूदा सरकार ने सड़क हादसों में मौत के आंकड़ों में 48 प्रतिशत और सड़क दुर्घटनाओं में 49 प्रतिशत की कमी की है। उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को 100 प्रतिशत सही बनाने के लिए सड़क इंजीनियरिंग में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब दुर्घटनाओं के आंकड़े में 50 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उनके सही कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अमेरिका और यूरोपीय देशों का लाभ उठाते हुए, अब हम बेहतरीन यातायात प्रणाली के संबंध में बहुत सारे कदम उठा रहे हैं। इसके कार्यान्वयन के संबंध में बहुत सारे निर्णय लिए गए हैं।" गडकरी ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए स्कूली शिक्षा में यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी देने की जरूरत पर जोर दिया। recent visitors 57