भोपाल में ED का नवभारत प्रेस के डायरेक्टर के खिलाफ एक्शन, बैंक को नुकसान पहुंचाने का आरोप

भोपाल  प्रवर्तन निदेशालय ने भोपाल के एक मीडिया हाउस के डायरेक्टर और अन्य लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ED ने डायरेक्टर और अन्य के खिलाफ 22 मार्च, 2025 को भोपाल के विशेष न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट ने उसी दिन इस पर ध्यान दिया। आरोप है कि प्रेस के आधुनिकीकरण के लिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र से लोन लिया गया था। इस लोन की राशि को गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया, जिससे बैंक को 15.67 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सीबीआई की रिपोर्ट पर जांच ED ने बताया कि यह जांच CBI की एक रिपोर्ट पर आधारित है। CBI ने IPC की धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया था। ED की जांच में पता चला कि मीडिया हाउस ने 2004 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से लोन लिया था। यह लोन प्रेस को आधुनिक बनाने और मशीनें खरीदने के लिए था। लेकिन, कंपनी ने इस राशि को अपने कर्मचारियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया। ED ने रात जारी बयान में बताया कि जांच सीबीआई, SPE, BS और FC, नई दिल्ली द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की तमाम धाराओं के तहत दायर आरोपपत्र पर आधारित है. जांच में खुलासा हुआ कि मेसर्स नवभारत प्रेस (भोपाल) प्राइवेट लिमिटेड ने अपने निदेशक सुमीत माहेश्वरी और अन्य के माध्यम से 2004 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की गौतम नगर शाखा से लोन लिया था. यह राशि प्रेस के आधुनिकीकरण और मशीनों की खरीद के लिए स्वीकृत की गई थी, लेकिन इसे NB ग्रुप ऑफ कंपनीज के कर्मचारियों के नाम पर बने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया. ED की जांच से पता चला कि माहेश्वरी परिवार ने कॉर्पोरेट संस्थाओं का दुरुपयोग करते हुए लोन की राशि को व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट देनदारियों को चुकाने के लिए डायवर्ट किया. इस अनियमितता के चलते बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 15.67 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और लोन खाता गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) में बदल गया. इससे पहले, ED ने 30 मार्च 2024 को अस्थायी कुर्की आदेश (PAO) के तहत मध्य प्रदेश के सतना और सीहोर में स्थित 2.36 करोड़ रुपये की 10 अचल संपत्तियों को कुर्क किया था. इस कुर्की को PMLA की अधिनिर्णय प्राधिकरण, नई दिल्ली ने 10 सितंबर 2024 को अपने आदेश से पुष्टि की थी. ED ने कहा कि यह कार्रवाई बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त कदमों का हिस्सा है. मामले में आगे की जांच जारी है. ईडी की जांच में बड़े खुलासे ED की जांच में यह भी पता चला कि डायरेक्टर के परिवार ने लोन की राशि को अपनी निजी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने इस पैसे से अपनी देनदारियां चुकाईं। इस गड़बड़ी के कारण बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 15.67 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। लोन खाता NPA (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) में बदल गया। NPA का मतलब है कि बैंक को लोन की राशि वापस मिलने की उम्मीद नहीं है। एक साल पहले हुई थी कार्रवाई ED ने पहले 30 मार्च 2024 को मध्य प्रदेश के सतना और सीहोर में 2.36 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। यह संपत्ति 10 अचल संपत्तियां थीं। ED ने यह कार्रवाई PMLA के तहत की थी। PMLA एक कानून है जो मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने के लिए बनाया गया है। मनी लॉन्ड्रिंग का मतलब है काले धन को वैध बनाना। नई दिल्ली में PMLA की एक संस्था ने 10 सितंबर 2024 को कुर्की को सही ठहराया था। recent visitors 29

भावना हत्याकांड में आरोपीयों के लिए लुकआउट नोटिस जारी, इनाम भी घोषित

इंदौर  महालक्ष्मी नगर में गोली लगने से गुरुवार रात में हुई भावना सिंह की मौत में आरोपित आशु यादव, मुकुल यादव और स्वास्ति को जल्द पकड़ने के लिए पुलिस ने बुधवार को तीनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपित की आखिरी लोकेशन पुलिस को भोपाल मिली थी। इसके बाद अब उनके ग्वालियर और दतिया में रहने की सूचना मिली है। इस पर विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। इससे पहले पुलिस ने मंगलवार को जिस कमरे में यह घटना हुई थी, उसे किराए पर लेने वाले पीयूष और विख्यात को पकड़ लिया था। लुकआउट नोटिस जारी किया गया पुलिस को आरोपितों के देश छोड़कर भागने की आशंका थी, इस पर लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। ग्वालियर निवासी भावना पर पार्टी के दौरान गोली चली थी जो उसकी आंख में लगी थी। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया कि हत्याकांड में शामिल सभी लोगों की पहचान हो गई है। डीसीपी ने 10 हजार का इनाम घोषित किया है। जल्द ही गिरफ्तारी हो जाएगी।   recent visitors 37

एयर इंडिया इंदौर से पुणे के लिए शुरू करेगा सीधी फ्लाइट, 30 मार्च से शुरू होगा समर शेड्यूल

इंदौर  इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर चार दिन बाद लागू होने वाले समर सीजन में रायपुर, जबलपुर, गोवा, पुणे, भुवनेश्वर जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होंगी। विमान कंपनियों ने इन उड़ानों की घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू कर दी है। रायपुर, जबलपुर और पुणे के लिए 30 मार्च से सीधी उड़ान संचालित होगी। इन उड़ानों के शुरू होने के बाद रायपुर, जबलपुर के लिए दो-दो उड़ानों की सुविधा मिलने लगेगी। वहीं रायपुर उड़ान 31 मार्च से विशाखापटनम तक जाएगी। यह उड़ान इंदौर से रवाना होकर रायपुर में यात्रियों को उतारकर सीधे विशाखापटनम पहुंचेगी। नार्थ गोवा में बनाए गए नए एयरपोर्ट के लिए भी फ्लाइट मिलेगी इंदौर एयरपोर्ट पर वर्तमान में 92 से 98 उड़ानों का संचालन प्रतिदिन किया जा रहा है। समर सीजन में इंदौर से कई रूटों पर विमान कंपनियां उड़ानें शुरू करेंगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस इंदौर से नार्थ गोवा में बनाए गए नए एयरपोर्ट के लिए 15 अप्रैल से सीधी उड़ान शुरू करेगी। एयर इंडिया पुणे के लिए शुरू करेगी फ्लाइट वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस पुणे की उड़ान शुरू करेगी। यह उड़ान दिल्ली से इंदौर आकर पुणे जाएगी। पुणे से इस उड़ान की वापसी नहीं होगी। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया के एमपीसीजी अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि समर सीजन से कई शहरों की सीधी उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को फायदा होगा। अभी साउथ गोवा से नार्थ गोवा जाना पड़ता था नार्थ गोवा के मनोहर पर्रिकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से इंदौर के यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। वहीं नार्थ गोवा में होटल या अन्य बुकिंग करने वाले यात्रियों को सर्वाधिक फायदा होगा। अभी साउथ गोवा के एयरपोर्ट पर जाने के बाद नार्थ गोवा आना पड़ता है। अब गोवा के दोनों एयरपोर्ट के लिए इंदौर से उड़ानों की सुविधा मिलने लगेगी। जबलपुर-रायपुर के लिए होंगी दो उड़ानें ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया के सचिव अमित नवलानी ने बताया कि नई उड़ान शुरू होने से जबलपुर के लिए दो उड़ानें होंगी। अभी इंदौर से सुबह उड़ान रवाना होती है और रात्रि को इंदौर वापस आती है। अब दोपहर में सीधी उड़ान की सुविधा भी यात्रियों को मिल सकेगी। रायपुर के लिए भी दो उड़ानों की सुविधाएं मिलने लगेंगी। 31 मार्च से रायपुर के माध्यम से विशाखापटनम तक की कनेक्टिविटी भी इंदौर से मिलेगी। यह रहेगा शेड्यूल 30 मार्च से     जबलपुर-इंदौर – 6ई 7327 उड़ान जबलपुर से दोपहर 12.10 बजे रवाना होगी और दोपहर 1.30 बजे इंदौर पहुंचेगी।     इंदौर-जबलपुर – 6ई 7328 उड़ान दोपहर 1.55 बजे रवाना होगी और दोपहर 3.20 बजे जबलपुर पहुंचेगी।     दिल्ली-इंदौर – आइएक्स 1117 दिल्ली से दोपहर 1.30 बजे रवाना होगी और दोपहर 3.20 बजे इंदौर पहुंचेगी     इंदौर-पुणे – आइएक्स 1118 इंदौर से शाम 4 बजे रवाना होगी और शाम 5.25 बजे पुणे पहुंचेगी। 31 मार्च से     इंदौर-रायपुर-विशाखापटनम – 6ई 7295 उड़ान सुबह 6.35 बजे इंदौर से रवाना होगी और सुबह 8.30 बजे रायपुर पहुंचेगी, यहां से 8.50 बजे उड़ान रवाना होकर 10.20 बजे विशाखापटनम पहुंचेगी।     विशाखापटनम-रायपुर-इंदौर – 6ई 7296 उड़ान विशाखापटनम से सुबह 11 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.30 बजे रायपुर पहुंचेगी, यहां से दोपहर 12.50 बजे रवाना होकर दोपहर 2.45 बजे इंदौर पहुंचेगी। 15 अप्रैल से     गोवा-इंदौर – आईएक्स 2761 उड़ान गोवा से सुबह 10.05 बजे रवाना होगी और 11.45 बजे इंदौर पहुंचेगी।     इंदौर-गोवा – आईएक्स 2762 उड़ान इंदौर से दोपहर 12.10 बजे रवाना होगी और दोपहर 1.45 बजे गोवा पहुंचेगी।   recent visitors 49

महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन में भ्रष्टाचार रोकने के प्रयास, कंट्रोल रूम से उद्घोषणा की जाएगी, शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मंदिर समिति अब जन जागरूकता के प्रयास तेजी करेगी। इसके लिए मंदिर परिक्षेत्र में सूचना बोर्ड की संख्या बढ़ाई जाएगी। कंट्रोल रूम से लगातार उद्घोषणा की जाएगी। साथ ही मंदिर के आसपास लाइव दर्शन के लिए लगाई गई विशाल स्क्रीन पर स्लाइड लगाई जाएगी। महाकाल मंदिर देश का एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है, जहां तड़के चार बजे होने वाली मंगला आरती में भगवान को भस्म स्नान कराया जाता है। भस्म अर्पण के कारण ही इस आरती का नाम भस्म आरती पड़ा। देशभर के भक्तों में भस्म आरती दर्शन की प्रबल उत्कंठा रहती है। सख्त कदम उठाना शुरू कर दिए इसके लिए भक्त दलालों को हजारों रुपये देने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। लंबे समय से मंदिर में रुपये लेकर भस्म आरती दर्शन अनुमति दिलाने का चल रहा है। मंदिर समिति ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है ऐसे मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, फिर भी नए मामले समाने आ रहे हैं। मंदिर समिति की पड़ताल में एक बात स्पष्ट रूप से सामने आ रही है कि कुछ मामले में दर्शनार्थी ही दलालों को रुपये की पेशकश करते हैं तथा किसी भी तरह से दर्शन अनुमति प्राप्त करना चाहते हैं। प्रतिदिन 1700 भक्तों को अनुमति भगवान महाकाल की भस्म आरती दर्शन के लिए मंदिर समिति प्रतिदिन करीब 1700 भक्तों को अनुमति जारी करती है। इसमें मंदिर की वेबसाइट के माध्यम से 400 भक्तों को ऑनलाइन अनुमति दी जाती है। 500 अनुमति प्रोटोकाल के तहत वीआईपी भक्तों को मिलती है। 400 सीट पुजारी, पुरोहित के यजमानों के लिए आरक्षित हैं, वहीं सामान्य दर्शनार्थियों के लिए 400 सीटों का कोटा है। आम भक्तों को महाकाल महालोक के नंदी द्वार के समीप स्थित भस्म आरती काउंटर से प्रतिदिन रात आठ बजे से ऑफलाइन अनुमति भी दी जाती है। प्रति व्यक्ति 200 रुपये शुल्क भगवान महाकाल की भस्म आरती दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 200 रुपये शुल्क चुकाना होता है। आनलाइन अनुमति लेने वाले भक्त ई-पेमेंट से भुगतान करते हैं। पुजारी, पुरोहित के यजमान व प्रोटोकाल के तहत अनुमति लेने वाले भक्तों को भुगतान के लिए लिंक भेजी जाती है। बढ़ता जा रहा भ्रष्टाचार भस्म आरती में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। चार माह में एक दर्जन ऐसे मामले आ चुके हैं, जिसमें बिचौलियों ने दर्शन अनुमति दिलाने के नाम पर भक्तों से ठगी की है। इसमें मंदिर समिति के कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड, समिति सदस्य, पुजारी, पुरोहित के सेवक सहित अन्यों की संलिप्तता भी सामने आ चुकी है। दिसंबर से लेकर अब तक आधा दर्जन प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। इनमें 10 लोग जेल भी जा चुके हैं। महापर्वों पर चलायमान दर्शन भस्म आरती दर्शन के प्रति भक्तों के बढ़ते रुझान को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा महाशिवरात्रि, श्रावण मास जैसे प्रमुख पर्व त्योहार पर चलायमान दर्शन व्यवस्था लागू की जाती है। इस व्यवस्था से दर्शनार्थी चलते हुए भस्म आरती के दर्शन कराए जाते हैं। सिंहस्थ महापर्व के समय तो पूरे माह सिर्फ चलायमान दर्शन व्यवस्था ही रहती है। दलालों के चंगुल में ना फंसें भक्त     दर्शनार्थी मंदिर समिति द्वारा बनाए गए नियम के अनुसार भस्म आरती दर्शन की अनुमति प्राप्त करें। दलालों के चंगुल में नहीं फंसें, इसके लिए जनजागरूकता के प्रयास तेज किए जाएंगे। – एसएन सोनी, डिप्टी कलेक्टर व उप प्रशासक, महाकाल मंदिर     मंदिर के आसपास लाइव दर्शन के लिए लगी मेगा एलईडी पर स्लाइड चलाई जाएगी। इसमें भस्म आरती के नियम व शुल्क से संबंधित जानकारी के साथ अनुमति के लिए दलालों के चंगुल में नहीं फंसने की अपील रहेगी।     कंट्रोल रूम से की जाएगी लगातार उद्घोषणा।     मंदिर के अन्नक्षेत्र में भी भस्म आरती अनुमति के लिए बाहरी लोगों से संपर्क नहीं करने तथा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नहीं देने के सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। बोर्ड पर टोल फ्री नंबर भी लिखा रहेगा। भक्त इस पर शिकायत भी कर सकेंगे। अभी यह हो रहा     मंदिर परिक्षेत्र में कुछ स्थानों पर सूचना बोर्ड लगे हैं।     भक्तों को उद्घोषणा के माध्यम से सतर्क किया जाता है।   recent visitors 37

एयरपोर्ट में महिला पैसेंजर ने कपड़े उतारे, हंगामा किया… चीखती-चिल्लाती रही

टेक्सास अमेरिका के टेक्सास स्थित एक एयरोपोर्ट का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला अचानक कपड़े उतारकर हिंसक हो गई है। खबर है कि महिला ने कई लोगों को घायल किया और लोगों को दांतों से भी काटा। कहा जा रहा है कि वह खुद को देवी वीनस बता रही थी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। टेक्सास के डेलस पोर्ट वर्थ इंटरनेशनल पर यह घटना 14 मार्च की है। महिला की पहचान समांथा पामा के तौर पर हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला पर एयरपोर्ट के रेस्त्रां मैनेजर को उसकी ही पैंसिल से सिर और चेहरे पर चोट पहुंचाने की कोशिश के आरोप हैं। इसके अलाव उसपर एक शख्स के हाथों पर बुरी तरह से काटने के भी आरोप लगे हैं। वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि महिला पूरी तरह से नग्न है और पानी फेंक रही है। उसने टीवी की स्क्रीन को तोड़ दिया और अश्लील हरकतें कर रही है। खबर है कि एयरपोर्ट पर मौजूद एक महिला ने पामा को कोट भी दिया, जिसके बाद वह भाग खड़ी हुई और शोर मचाने लगी। पुलिस को पामा टर्मिनल डी के गेट डी1 पर मिली है। खास बात है कि वह खून से लथपथ थी, लेकिन कथित तौर पर उनका नहीं था। इस हरकत के बाद पामा को पुलिस हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पुलिस को बताया है कि वह उस दिन अपनी दवा नहीं ले सकी थीं। हालांकि, अब तक यह भी साफ नहीं है कि वह किस बीमारी की कौन सी दवा ले रही थीं। उन्होंने पुलिस को यह भी जानकारी दी है कि वह अपनी 8 साल की बेटी के साथ यात्रा कर रही थीं। व्यस्त एयरपोर्ट पर इस तरह के बर्ताव की वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है। कहा जा रहा है कि पामा किसी मानसिक बीमारी का शिकार हो सकती हैं, लेकिन स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस की तरफ से जांच जारी है। recent visitors 48

पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद कोच फैक्ट्री शाखा कार्यालय का हुआ उद्घाटन

West Central Railway Employees Council Coach Factory Branch Office inaugurated भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट) ! दिनांक 26/ 3 /2025 को विनायक कैम्पस करारिया रोड भोपाल स्थित पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद शाखा कोच फैक्ट्री का उद्घाटन मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग जी एवं महामंत्री श्री शिशिर रिछारिया जी के माध्यम से संपन्न हुआ। शाखा उद्घाटन के अवसर पर डिप्टी सी. एम. ई सोहन परमार, डिप्टी सी. एम.एम. मनोज कुमार ,डिप्टी सी. एम. ई. विवेक श्रीवास्तव,ओबीसी संगठन के पदाधिकारी प्रशांत सूर्यवंशी, एससी एसटी एसोसिएशन के पदाधिकारी पुरुषोत्तम आटिया, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री राजेंद्र नायर जी, अनिल एडविन जी, पश्चिम मध्य रेल कर्मचारी परिषद मंडल के पदाधिकारी राहुल राज, नवीन पारदे, राज त्रिवेदी ,आनंद त्रिवेदी व कोच फैक्ट्री शाखा अध्यक्ष रोविंद कुमार, शाखा सचिव अरुण सिंह ने सभी अतिथियों को भगवा गमच्छा ,शाल वा पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। मंच का संचालन जगदीश साहू जी के द्वारा किया गया और आभार व्यक्त अक्षय साहू के द्वारा किया गया। इस अवसर पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद कोच फैक्ट्री शाखा के पदाधिकारी पंकज सक्सेना, अनिल कुमार कोरी, पंकज भूषण गुप्ता, दिनेश शुक्ला, धीरेंद्र यादव, पियूष चौरे सुधीर कुमार, शिवराज राठौर, जगन्नाथ गोहे, बृजभूषण राजपूत, कृष्ण कुमार दुबे ,मीडिया प्रभारी व उपसचिव दिवाकर गुप्ता कार्यालय उद्घाटन के अवसर पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ को छोड़कर आऐ दिलीप शर्मा ने पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद का दामन थामा ,सदस्यता ग्रहण के अवसर पर अनुराग प्रजापति ,गौरव साहू ,गणेश सोनवाने वा काफी संख्या में पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद की सदस्यता ग्रहण करी। इस अवसर पर पदाधिकारी वा सैकड़ो की संख्या में कर्मचारी जन उपस्थित थे। recent visitors 86

ईओडब्ल्यू ने धान घोटाले का खुलासा किया, जिसमें 60 हजार क्विंटल धान में हेरा फेरी मिली

 भोपाल  धान खरीद और मिलिंग में घोटाला अब तक डेढ़ सौ करोड़ रुपये की राशि पार कर गया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेश में धान खरीदी समितियां के विरुद्ध की जा रही जांच में खुलासा हुआ कि ऐसा घोटाला पहली बार नहीं हुआ है बल्कि आशंका यह है कि यह बरसों से चला आ रहा है। फिलहाल अब तक 60 हजार क्विंटल धान की हेराफेरी उजागर हुई है। समितियों व अधिकारियों की मिलीभगत से धान की खरीद से लेकर गोदाम तक में इंट्री कागजों में बता दी जाती है। इनके परिवहन का पैसा भी ये लोग मिलजुलकर हड़प कर लेते हैं। ऐसा ही मामला पकड़ में आ चुका है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ अब तक 38 समितियां के विरुद्ध एफआईआर कर चुका है। इसमें 135 व्यक्तियों को आरोपित बनाया गया है। बालाघाट, सतना, सीधी, मैहर, डिंडौरी, सागर, पन्ना और सिवनी में यह गड़बड़ी मिली है। सिवनी में शकुंतला देवी राइस मिल के विरुद्ध भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। कई राज्यों की बोरी मिली ईओडब्ल्यू की जांच में राइस मिल से कई राज्यों की बोरियां बरामद हुई हैं। इनमें पाया गया कि इस वर्ष जिस मात्रा में राइस मिलों को धान दिया गया था, वह कम मिला। इसके साथ ही 2297 क्विंटल चावल हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र,बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा की बोरियों में पाया गया है। चार साल पहले भी सामने आया था चावल घोटाला चार साल पहले भी चावल घोटाला सामने आया था लेकिन उसमें कोई भी मिल संचालक जिम्मेदार नहीं ठहराया गया था। तब 22 जिलों के गोदामों में 73 हजार 540 टन पोल्ट्री ग्रेड का चावल मिला था। तीन सौ करोड़ के इस चावल घोटाले में सरकारी गोदामों तक घटिया (पोल्ट्री ग्रेड) चावल मिलर ने ही पहुंचाया था। ये चावल कोरोना काल में 22 जिलों में गरीब व प्रवासी मजदूरों को बांटने के लिए रखा गया था। इन जिलों के गोदामों में 73 हजार 540 टन से अधिक निम्न गुणवत्ता का चावल मिला था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस चावल के वितरण पर नाराजगी जताई थी। इतना बड़ा घोटाला सरकारी गोदाम के कर्मचारियों, मिलर और अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर संभव नहीं था। सरकार ने गठित किए जांच दल इधर, समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के सत्यापन एवं अन्य शिकायतों पर जांच दल गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विस्तृत जांच के निर्देश देते हुए सात दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट की अपेक्षा की है। अपर कलेक्टर करेंगे जांच दल का नेतृत्व जांच दल के अध्यक्ष कलेक्टर द्वारा नामांकित अपर, संयुक्त या डिप्टी कलेक्टर होंगे। जिला आपूर्ति नियंत्रक या खाद्य अधिकारी संयोजक होंगे। उप/सहायक आयुक्त सहकारिता/ महाप्रबंधक जिला केंद्रीय सहकारी बैंक जिला प्रबंधक मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन और जिला प्रबंधक मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग और लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन सदस्य होंगे। जांच दल द्वारा उपार्जित धान, धान परिवहन, धान जमा, धान कमी की मात्रा, मिलर्स को भुगतान की स्थिति, मिलवार धान प्रदाय की मात्रा, धान उठाव की मात्रा और मिलवार सीएमआर जमा मात्रा की विस्तृत जांच की जाएगी। कम मात्रा में जमा होने की जांच हो : राजपूत खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने निर्देश दिया है कि गोदामों में धान कम मात्रा में जमा होने के कारणों की जांच कराई जाए एवं संबंधित उपार्जन समिति/परिवहनकर्ता आदि से शार्टेज मात्रा की वसूली कर संबंधित किसानों को भुगतान किया जाए। उपार्जन केंद्रों पर धान की शार्टेज की प्रतिपूर्ति बाजार एवं अन्य माध्यमों से कदापि न कराई जाए। धान परिवहन में उपयोग किए गए वाहनों की ट्रैकिंग एवं डाटा जिले से एवं टोल नाकों से प्राप्त करें। जिला परिवहन अधिकारी के माध्यम से धान परिवहन में उपयोग किए गए वाहनों की श्रेणी, प्रकार और लोडिंग क्षमता की जानकारी प्राप्त करें। इन बिंदुओं पर जांच कर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार तत्काल संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। जांच के दौरान जिला प्रबंधक सिविल सप्लाइज कार्पोरेशन द्वारा मिलों को धान के नए डिलेवरी आर्डर जारी नहीं किए जाएंगे। recent visitors 44