कटघोरा से दीपका फोरलेन समेत महत्वपूर्ण सड़कों की मिली स्वीकृति, चार अंडरब्रिज, बरसाती नालों, पुल पुलियों, गौरव पथ का होगा निर्माण

रायपुर कोरबा शहर समेत जिले को विकसित बनाने के क्रम में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के सशक्त प्रयासों से 150 से अधिक सड़क परियोजना, सिंचाई परियोजना, गौरव पथ, अंडरब्रिज, बायपास सड़क, नालों के साथ–साथ कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए बजट में स्वीकृति मिली है। प्रदेश की विष्णुदेव की सरकार में बीते सवा साल में कोरबा शहर के साथ–साथ जिले के सभी उपनगरीय व अन्य ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य को रफ़्तार मिली है। 3 मार्च को वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा जारी किए गए राज्य के बजट में कोरबा जिले  में मुख्य तौर पर गोपालपुर से कटघोरा फोरलेन सड़क, कटघोरा से दीपका फोरलेन सड़क, गोपालपुर से कटघोरा तक मार्ग मजबूती करण कार्य, चोटिया से चिरमिरी तक फोरलेन सड़क, ध्यानचंद चौक कोरबा से बजरंग चौक तक 2 लेन. सड़क निर्माण, बजरंग चौक से परसाभाठा चौक बालको रिंग रोड, कोरबा 4 लेन निर्माण कार्य, रेल्वे स्टेशन कोरबा से गौमाता चौक तक बायपास मार्ग का निर्माण, एसपी ऑफिस से रजगामार बीटी रोड निर्माण कार्य, नॉनबिर्रा रामपुर बेहरचवा 27 किलोमीटर का उन्नयन के कार्य की स्वीकृति मिली है। इन स्थानों पर अंडरब्रिज की स्वीकृति     बजट में जिले के कई मार्गो पर रेल्वे क्रासिंग में अंडर ब्रिज के निर्माण की स्वीकृति मिली है। गौरतलब है की शहर के संजय नगर रेल्वे क्रासिंग पर अंडरब्रिज का निर्माण अब प्रारम्भ हो चुका है। कोरबा–गेवरा रेल लाइन के बालपुर रेल्वे क्रासिंग पर आरयूबी का निर्माण, कोरबा–गेवरा रेल लाइन के मड़वारानी रेल्वे क्रासिंग पर आरयूबी का निर्माण, कोरबा–गेवरा रेल लाइन के पताडी पर आरयूबी के निर्माण की स्वीकृति मिली है। शहर के इन बड़े नालों की मिली स्वीकृति    शहर के चार प्रमुख नालों के निर्माण के लिए नगरीय निकाय अधोसंरचना विकास के तहत स्वीकृति मिली है। इसमें पोड़ीबहार चर्च से हनुमान मंदिर तक आरसीसी नाला 2 करोड़, वार्ड क्रमांक 30 दादर रोड कलवर्ट से मानिकपुर मुक्तिधाम तक कलवर्ट व नाला निर्माण 2 करोड़, मेनन शॉप से जिला अस्पताल के सामने आरसीसी नाला 2 करोड़, दर्री जोन पीएमवाय साइट से लाटा तालाब आरसीसी नाला निर्माण 2 करोड़ की स्वीकृति मिली है। इन पुल–पुलियों के निर्माण की मिली स्वीकृति कोरबा–रानीरोड–सर्वमंगला मंदिर के मध्य हसदेव नदी पर रपटा कम लो लेवल पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण, बालको उरगा रिंगरोड पर ढेगूरनाला पर उच्च स्तरीय पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण, बेलाकछर से रोगबहरी मार्ग पर सारबहरा नाला पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, बड़गाँव नवापारा मार्ग पर चोरनई नदी में उच्च स्तरीय पुल समेत कुल 17 पुल निर्माण कार्य की स्वीकृति मिली है। कोरबा शहर में बनेगा 2.8 किलोमीटर लम्बा गौरव पथ का निर्माण     कोरबा शहर में 2.8 किलोमीटर लम्बा गौरव पथ के निर्माण की स्वीकृति मिली है। सीएसईबी चौक से जैन चौक–तानसेन चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ का निर्माण होगा। वीआईपी मार्ग पर वाहनों के दबाव को देखते हुए इस मार्ग का कायाकल्प किया जायगा। बांकीमोंगरा के जल आवर्धन के लिए 8.20 करोड़ की मिली स्वीकृति    कोरबा जिला के दूसरे सबसे बड़े नगरीय निकाय बांकीमोंगरा नगर पालिका में पेयजल की समस्या लंबे समय से है। बांकीमोंगरा के जल आवर्धन के लिए 8.20 करोड़ की स्वीकृति मिली है। इन शासकीय दफ़्तरो का होगा कायाकल्प   रजगामार चौकी, दर्री सीएसपी कार्यलय का उन्नयन, राजपत्रित ट्रांजिट ओर अराजपत्रित ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण, कोरबा तहसील को मॉडल तहसील भवन का निर्माण होगा। उद्योग मंत्री का प्रयास रंग लाया, शहर से लेकर गांव की रफ़्तार होगी तेज     उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा बजट में स्वीकृति के लिए सभी विभाग नगर निगम, पीडब्लूडी, सेतु निगम, जल संसाधन विभाग के अलग अलग विकास कार्यों का प्रस्ताव राज्य शासन को दिया गया था। मंत्री देवांगन के प्रयासों से कार्यों को बजट में स्वीकृति मिली है। मंत्री देवांगन के प्रयासों से कोरबा शहर में बीते एक साल में 400 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली थी, जिसके बहुत से कार्य पूर्ण हो चुके है, कुछ निर्माणाधीन है, कुछ कार्य टेंडर प्रक्रिया में है। recent visitors 56

Delhi में इन महिलाओं को मिलेंगे ₹2500, BPL कार्ड जरूरी, 21 से 60 साल की उम्र, रजिस्ट्रेशन जरूरी…

नईदिल्ली  दिल्ली में महिला समृद्धि योजना का लाभ करीब 17-18 लाख महिलाओं को ही मिलने जा रहा है। दिल्ली की भाजपा सरकार ने जो शर्तें तय की है, उससे साफ हो गया है कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को ही मिलेगा। महिला समृद्धि योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने उनके खाते में 2500 रुपए दिए जाएंगे। भाजपा ने चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र में भी यह साफ कर दिया था कि इसका लाभ सिर्फ गरीब परिवारों को मिलेगा।  महिला सम्मान योजना का लाभ शुरुआत में बीपीएल कार्ड धारकों को ही मिलेगा. पहली शर्त यह है कि जिन बीपीएल कार्ड धार महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, वह दूसरी कोई और सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रही होंगी. जिन महिलाओं को यह लाभ मिलेगा उनकी उम्र 21 साल से 60 साल के बीच में होनी चाहिए, इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. बता दें कि आज किसी भी महिला के अकाउंट में पैसे नहीं आएंगे. दिल्ली सचिवालय में दिल्ली कैबिनेट की बैठक के लिए मंत्रियों का आना शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली सचिवालय पहुंच गई हैं. मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्ली सचिवालय पहुंच चुके हैं. दिल्ली के मुख्य सचिव और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी भी दिल्ली सचिवालय पहुंचे हैं. BPL कार्ड के लिए क्यो होगी पात्रता?     आवेदक को आवेदन करने से पहले कम से कम पांच साल तक दिल्ली का निवासी होना चाहिए.     आवेदक के पास आधार नंबर होना चाहिए.     आवेदक के पास दिल्ली में एक एकल संचालित बैंक खाता होना चाहिए, जो उनके आधार नंबर से जुड़ा हो.     3 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की आय के लिए क्षेत्र के SDM या राजस्व विभाग के किसी अन्य अधिकृत अधिकारी से आय प्रमाण पत्र.     1 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम आय के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्ड. आज क्या तैयारी? सूत्रों ने बताया कि महिला सहायता योजना के लिए पंजीकरण शुरू करने की घोषणा जेएलएन स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम में की जाएगी. सूत्रों ने बताया कि संभावित पात्रता मानदंडों में 21 से 60 वर्ष की आयु की महिलाएं होंगी और उनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी. पार्टी सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को 2,500 रुपये देने की योजना का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा. पिछले सप्ताह बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि योजना के लिए पंजीकरण 8 मार्च से शुरू होगा और पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके बाद आर्थिक रूप से गरीब हर महिला को 2,500 रुपये देने की प्रक्रिया डेढ़ महीने में पूरी हो जाएगी. दिल्ली में जिस दिन से बीजेपी सरकार आई है, उसी दिन से विपक्ष में बैठी AAP चुनावी वादे पूरे किए जाने पर घेर रही है. खासतौर पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने के वादे पर सवाल किया जा रहा है. वहीं, बीजेपी भी AAP सरकार में हुए भ्रष्टाचार की परतें खोले जाने के दावे कर रही है. 4 मार्च को विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता ने जब नेता विपक्ष आतिशी को यह कहकर घेरा कि हमें आपकी सुरक्षा की चिंता है तो जवाब में आतिशी ने कह दिया कि मैं अपनी सुरक्षा का खुद ध्यान रख सकती हैं. वो दिल्ली की महिलाओं का ध्यान रखें. जो उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि 8 मार्च को पहली किस्त देंगे, वो अपना वादा पूरा करें. सीएम रेखा गुप्ता ने भी कहा है कि महिलाओं से हमने जो वादा किया है, उसे 100 प्रतिशत लागू किया जाएगा. 8 मार्च का दिन जो महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है, उनके खाते में आर्थिक मदद जरूर पहुंचेगी. 1. आमदनी वाली शर्त यह तो पहले से तय था कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब परिवार की महिलाओं को मिलेगा। गरीबी की सीमा क्या होगी यह पहले से तय नहीं था। दिल्ली सरकार के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि सालाना आय की सीमा 2.50 लाख रुपए तय की गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में भी भाजपा ने यही सीमा तय की है। दिल्ली में भी उन्हीं परिवारों की महिलाओं को यह लाभ मिलेगा जिनकी सालाना आदमनी 2.50 रुपए से अधिक नहीं है। इस शर्त की वजह से दिल्ली के अधिकतर परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 4.61 लाख रुपए है। ऐसे में 2.50 लाख सालाना आमदनी वाले परिवारों की संख्या कम है। 2. परिवार की एक ही महिला को लाभ सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने यह भी तय किया है कि परिवार की एक ही महिला को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इस वजह से भी लाभार्थियों की संख्या काफी सीमित रह सकती है। दिल्ली सरकार पर इस योजना को लेकर भारी आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। खजाने की हालत पहले से ही बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में कोशिश की गई है कि योजना का लाभ जरूरतमंद महिलाओं को मिले और सरकार पर बहुत बोझ भी ना हो। और क्या हो सकती हैं शर्तें महिला समृद्धि योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं को महिलेगा। योजना का लाभ विवाहित महिलाओं को ही दिया जा सकता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं वृद्धा पेंशन की हकदार हो जाती हैं। किसी को विधवा पेंशन, बुजुर्ग पेशन, सरकारी पेंशन मिल रही है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। recent visitors 79

होली पर वंदे भारत एक्सप्रेस सहित चलेंगी 6 नई स्पेशल ट्रेनें, प्रयागराज जाने वालों को रेलवे का तोहफा

प्रयागराज होली के पर्व पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने खास इंतजाम किए हैं। इस बार वंदे भारत ट्रेन को भी विशेष ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा। इस ट्रेन का संचालन नई दिल्ली और पटना के बीच किया जाएगा। इसके अलावा, रेलवे ने छह जोड़ी स्पेशल ट्रेनों की नई समय सारिणी भी जारी की है। वंदे भारत ट्रेन की समय सारिणी वंदे भारत एक्सप्रेस 8 से 20 मार्च तक नई दिल्ली से पटना के बीच चलेगी। ट्रेन का नंबर 02436 होगा, जो सुबह 8:30 बजे नई दिल्ली से चलेगी और दोपहर 3:15 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचेगी। रात 10:30 बजे यह पटना पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन 9 मार्च से 21 मार्च तक 02435 नंबर के रूप में पटना से सुबह 5:30 बजे चलेगी, और रात 1:05 बजे प्रयागराज जंक्शन और रात 8:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह ट्रेन दिल्ली से सोमवार और पटना से मंगलवार को नहीं चलेगी। ट्रेन के रास्ते में गाजियाबाद, कानपुर सेंट्रल, वाराणसी, गाजीपुर सिटी, बलिया, सुरायमानपुर, छपरा, और पाटलिपुत्र स्टेशनों पर भी ठहराव होगा। प्रयागराज जंक्शन और छिवकी में रुकने वाली विशेष ट्रेनों की सूची: – 09417: अहमदाबाद से दानापुर, दोपहर 12:10 बजे, 11, 18, 25 मार्च और 1 अप्रैल – 09418: दानापुर से अहमदाबाद, सुबह 8:10 बजे, 12, 19, 26 मार्च – 09189: मुंबई सेंट्रल से कटिहार, दोपहर 2:15 बजे, 9, 16, 23, 30 मार्च – 09190: कटिहार से मुंबई सेंट्रल, अपराह्न 3:00 बजे, 11, 18, 25 मार्च, 1 अप्रैल – 07709: चर्लापल्ली से दानापुर, शाम 5:00 बजे, 10, 20 मार्च – 07710: दानापुर से चर्लापल्ली, रात 9:20 बजे, 11, 21 मार्च – 07711: चर्लापल्ली से मुजफ्फरपुर, शाम 5:50 बजे, 11, 16, 21 मार्च – 07712: मुजफ्फरपुर से चर्लापल्ली, दोपहर 2:30 बजे, 12, 17, 22 मार्च – 04068: नई दिल्ली से भागलपुर, रात 10:30 बजे, 9, 12, 16, 19 मार्च – 04067: भागलपुर से नई दिल्ली, रात 3:45 बजे, 11, 14, 18, 21 मार्च चलेंगी 250 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें होली के दौरान कुल 250 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। इसके तहत अस्थायी प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे, और आवश्यकता अनुसार रेल कर्मियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को तैनात किया जाएगा। यात्रियों को होली के दौरान आसानी से यात्रा करने के लिए ये स्पेशल ट्रेनें विशेष रूप से चलाए जा रही हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की कठिनाई न हो। recent visitors 62

आदिवासी अंचल लोक परंपरा के सांस्कृतिक उत्सव के उल्लास में रंग गया, मांदल की थाप व बांसुरी की तान के साथ नृत्य करते

झाबुआ/आलीराजपुर  आदिवासी अंचल लोक परंपरा के सांस्कृतिक उत्सव के उल्लास में रंग गया है।  झाबुआ-आलीराजपुर जिले में साल के सबसे बड़े लोक उत्सव भगोरिया हाट की शुरुआत हो गई है। मांदल की थाप और बांसुरी की तान पर निकलने वाली रंगारंग गेर में पाररंपरिक आदिवासी नृत्य की छटा बिखर रहे हैं। उत्सव में शामिल हर कोई थिरकने को मजबूर हो गया। आदिवासी अंचल में होली से एक सप्ताह पूर्व से भगोरिया का रंग जमने लगा है। काम के लिए अन्य प्रांतों में पलायन कर गए ग्रामीण भी अब लौटने लगे हैं। लोक उत्सव को लेकर पुलिस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। भगोरिया हाटों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पुलिस का कहना है कि भगोरिया हाटों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। भगोरिया में हथियारों के प्रदर्शन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश अथवा ऑडियो-वीडियो वायरल करने पर भी सख्त कार्रवाई होगी। भगोरिया उत्सव में निकलती है गेर बता दें कि आदिवासी अंचल में होली से एक सप्ताह पूर्व से नगर, कस्बे व ग्राम में हाट बाजार के दिन भगोरिया हाट की परंपरा रही है। यह लोक पर्व देश-विदेश में मशहूर है। भगोरिया हाट में आदिवासी समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होते हैं तथा ढोल-मांदल की थाप व बांसुरी की तान के साथ नृत्य करते हुए गेर निकाली जाती है। यह गेर भगोरिया का सबसे बड़ा आकर्षण है। इसमें आदिवासी समाज की पुरातन पारंपरिक संस्कृति के रंग बिखरते हैं। यही कारण है कि देश के साथ ही विदेश से भी लोग भगोरिया उत्सव देखने के लिए आते हैं। कब-कहां पर भगोरिया हाट     07 मार्च– वालपुर, कट्ठीवाड़ा, उदयगढ़, भगोर, बेकल्दा, मांडली व कालीदेवी।     08 मार्च- नानपुर, उमराली, राणापुर, मेघनगर, बामनिया, झकनावदा व बलेड़ी।     09 मार्च– छकतला, कुलवट, सोरवा, आमखुट, झाबुआ, झिरण, ढोल्यावाड़, रायपुरिया, काकनवानी व कनवाड़ा।     10 मार्च– आलीराजपुर, आजादनगर, पेटलावद, रंभापुर, मोहनकोट, कुंदनपुर, रजला, बड़ा गुड़ा व मेड़वा।     11 मार्च– बखतगढ़, आंबुआ, अंधारवाड़, पिटोल, खरडू, थांदला, तारखेड़ी व बरवेट।     12 मार्च– बरझर, खट्टाली, चांदपुर, बोरी, उमरकोट, माछलिया, करवड़, बोड़ायता, कल्याणपुरा, मदरानी व ढेकल।     13 मार्च– फुलमाल, सोंडवा, जोबट, पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई व चौनपुरा। आदिवासी समाज के लिए खास है भगोरिया पर्व, लड़के-लड़कियां चुनते हैं मनपसंद हमसफर आदिवासी संस्कृति का पर्व भगोरिया की शुरुआत होने जा रही है. सात दिनों तक चलने वाला यह पर्व मुख्य रुप से आदिवासी क्षेत्र धार, झाबुआ, खरगोन, अलीराजपुर, करड़ावद जैसे क्षेत्र में विशेष रूप से मनाया जाता है. जिन अंचलों में आदिवासी समाज बड़ी संख्या में रह रहे हैं, वहां पर यह विशेष रुप से पूरे धूम धाम से मनाया जाता है. इसी कड़ी में राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले के कई गांवों में भगोरिया पर्व की धूम देखने को मिल रही है. सीहोर जिले के बिलकिसगंज, लाडकुई, ब्रिजिशनगर, सिद्दीकगंज, कोलारडेम क्षेत्र में हाट के दिन भगोरिया पर्व आयोजित होगा.  प्रदेश भर के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में आज 18 मार्च से भगोरिया लोकपर्व की शुरुआत होगी. 24 मार्च को होली दहन के साथ पर्व का समापन होगा. क्यों पड़ा भगोरिया नाम? भगोरिया महोत्सव आदिवासी समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. भगोरिया में आदिवासी समुदाय की संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. ऐसी मान्यता है कि भगोरिया की शुरुआत राजा भोज के समय से हुई थी. उस समय दो भील राजाओं कासूमार और बालून ने अपनी राजधानी भगोर में मेले का आयोजन करना शुरू किया. धीरे-धीरे आसपास के भील राजाओं ने भी इन्हीं का अनुसरण करना शुरू किया, जिससे हाट और मेले को भगोरिया कहने का चलन बन गया. सभी को रहता है बेसब्री से इंतजार भगोरिया हाट में जाने के लिए बड़े, बूढ़े, बच्चे, युवा, युवतियां, महिलाएं हर कोई लालायित रहता है. एक महीने पहले से ही आदिवासी समाज भगोरिया पर्व की तैयारियों में जुट जाता है. आदिवासी युवतियां नए पारम्परिक परिधान पहनकर इस मेले में आती हैं. श्रृंगार करती हैं, तो युवा भी सजधज कर बंसी की धुन छेड़ने लगते हैं. आदिवासी जन ढोल मांदल कसने लग जाते हैं. चारों तरफ उत्साह और उमंग का वातावरण रहता है. खेतों में गेहूं और चने की फसल के साथ वातावरण में टेसू, महुआ, ताड़ी की मादकता अपना रस घोलती है. तैयार किया जात विशेष ढोल हाट में जगह-जगह भगोरिया नृत्य में ढोल की थाप, बांसुरी, घुंघरुओं की ध्वनियां सुनाई देती हैं, यह दृश्य बहुत ही मनमोहक होता है. इस पर्व के लिए बड़ा ढोल (मांदल) विशेष रूप से तैयार किया जाता है, जिसमें एक तरफ आटा लगाया जाता है. ढोल वजन में काफी भारी और बड़ा होता है. पर्व में ऐसे तय होते हैं रिश्ते भगोरिया मेले में युवक युवतियां एक ही रंग के वेश-भूषा में नजर आते हैं. इस दौरान कई युवक युवतियों का रिश्ता भी तय हो जाता है. भगोरिया में आने वाले युवक-युवतियां अपने लिए जीवन साथी की तलाश भी करते हैं. इनमें आपसी रजामंदी जाहिर करने का तरीका भी बेहद निराला होता है. सबसे पहले लड़का लड़की को पान खाने के लिए देता है. अगर लड़की पान खा लेती है, तो रिश्ता हां समझा जाता है. इसके बाद युवक उस युवती को लेकर भगोरिया हाट से भाग जाता है और दोनों शादी कर लेते हैं. इसी तरह अगर युवक, युवती के गालों पर गुलाबी रंग लगा दे और जवाब में लड़की भी उसके गाल पर गुलाबी रंग लगा दे, तो भी यह रिश्ता तय माना जाता है.   recent visitors 72

14 मार्च धुलेंडी पर भस्म आरती में हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे राजा

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 13 मार्च को राजसी वैभव के साथ होली उत्सव मनेगा। भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद प्रदोषकाल में होलिका का पूजन उपरांत दहन किया जाएगा। 14 मार्च को धुलेंडी पर तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे। उत्सव को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में होली उत्सव का विशेष महत्व है। देशभर से सैकड़ों भक्त राजा की रंगरंगीली होली देखने मंदिर पहुंचते हैं। इस बार यह उत्सव 13 मार्च को पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर परिसर में श्री ओंकरेश्वर मंदिर के सामने पुजारी, पुरोहित परिवार द्वारा होलिका का निर्माण किया जाएगा। शाम 7.30 बजे भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद पुजारी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका का पूजन करेंगे। पश्चात होलिका का दहन होगा। मंदिर समिति उपलब्ध कराएगी हर्बल गुलाल परंपरा अनुसार 14 मार्च को होली उत्सव मनाया जाएगा। तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित करेंगे। मंदिर समिति पुजारियों को प्राकृतिक उत्पादों से तैयार हर्बल गुलाल उपलब्ध कराएगी। बताया जाता है, मंदिर समिति होली उत्सव के लिए एक थाल भरकर गुलाल उपलब्ध कराती है। वैसे भी ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने भगवान को समिति मात्रा में पूजन सामग्री अर्पित करने का सुझाव दिया है। ज्योतिष का मत : 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत ज्योतिष व धर्मशास्त्र के जानकार 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र व सिंह राशि के चंद्रमा की साक्षी में पूर्णिमा तिथि लगेगी, जो प्रदोष काल में पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी। धर्मशास्त्र में होलिका का पूजन प्रदोषकाल में बताया गया है। इसलिए शुभयोग व नक्षत्र में 13 मार्च को प्रदोषकाल में होलिका का पूजन करना श्रेष्ठ है। इस दिन पाताल वासनी भद्रा भी रहेगी, इसलिए होलिका का दहन अवश्य रात 11.30 बजे के बाद करना चाहिए। सामान्यत: होलिका का दहन अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में किया जाता है। ऐसे में 13 व 14 मार्च की तारीख होली तथा धुलेंडी मनाने के लिए शास्त्र सम्मत है। सिंहपुरी में पांच हजार कंडों से बनेगी हर्बल होली पुराने शहर सिंहपुरी में गाय के गोबर से बनाए गए पांच हजार कंडों से होली बनाई जाएगी। आयोजन समिति का दावा है कि यह विश्व की सबसे बड़ी हर्बल होली है। इसमें सिर्फ गाय के गोबर से बने कंडों का उपयोग होता है। लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाता है। होली के मध्य में डांडा के रूप में ध्वज लगाया जाता है। इस बार यह आयोजन 13 मार्च को होगा। शाम को प्रदोष काल में चार वेद के ब्राह्मण चतुर्वेद पारायण से होलिका का पूजन करेंगे। रात्रि जागरण के उपरांत अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाएगा। recent visitors 52

सुप्रीम कोर्ट से अडानी ग्रुप को धारावी प्रोजेक्ट के लिए अलग बैंक खाता रखने का निर्देश

मुंबई धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गौतम अडानी को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अडानी ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे इस प्रोजेक्ट पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। दुबई की कंपनी सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प (Seclink Technologies Corp) ने इस प्रोजेक्ट को अडानी ग्रुप को देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। इसी के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इसे एशिया का सबसे बड़ा शहरी पुनर्वास कार्यक्रम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। इनमें अडानी प्रॉपर्टीज, महाराष्ट्र सरकार और दुबई की सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प शामिल हैं। सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज ने पहले बॉम्बे हाई कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। उसका कहना था कि उसकी बोली अडानी ग्रुप से बेहतर थी। दिसंबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेक्लिंक की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि सेक्लिंक के तर्क में दम नहीं है। सरकार को ऐसे प्रोजेक्ट के लिए सही बोली चुनने का अधिकार है। क्या कहा कोर्ट ने? CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सेक्लिंक से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उसकी 8,640 करोड़ रुपये की बोली अडानी की 5,069 करोड़ रुपये की बोली से काफी ज्यादा है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सेक्लिंक को अडानी की ओर से पहले से तय की गई सभी शर्तों का पालन करना होगा। इनमें रेलवे को 1000 करोड़ रुपये का लीज भुगतान, 2800 करोड़ रुपये का क्षतिपूर्ति भुगतान और 812 रेलवे क्वार्टर का निर्माण शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलें कोर्ट में पेश की जाएं। अगली सुनवाई 25 मई को होगी। अलग बैंक अकाउंट रखना होगा सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप को एक अलग बैंक खाता रखने का निर्देश दिया है। इस खाते में प्रोजेक्ट से जुड़े सभी लेन-देन होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि निर्माण और तोड़फोड़ का काम शुरू हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट और रूल्स के अनुसार उचित खाते, जिसमें चालान आदि शामिल हैं, रखे जाएंगे। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि कोई विशेष इक्विटी का दावा नहीं किया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट का अंतिम फैसला अपील के नतीजे पर निर्भर करेगा। क्या है धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट? अडानी ग्रुप की रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज नवंबर 2022 में सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी। इसे धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड में 80% हिस्सेदारी मिली। महाराष्ट्र सरकार के पास बाकी 20% हिस्सेदारी है। यह प्रोजेक्ट 600 एकड़ जमीन पर फैला है। इसमें 296 एकड़ जमीन के पुनर्विकास की योजना है, जबकि माहिम नेचर पार्क जैसे खुले स्थानों को संरक्षित रखा जाएगा। धारावी में 8,50,000 से ज्यादा लोग रहते हैं। अस्थायी आबादी को मिलाकर यह संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। यह मुंबई का सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है। recent visitors 99