मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जम्मू –कश्मीर में होने वाले नगरीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया को सशक्त करने में मदद करेगा

भोपाल राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग और जम्मू एवं कश्मीर राज्य निर्वाचन आयोग के बीच एमओयू किया गया। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जम्मू –कश्मीर में होने वाले नगरीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया को सशक्त करने में मदद करेगा। नेशनल कांफ्रेंस में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने प्रेजेंटेशन दिया। एमओयू के तहत मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जम्मू और कश्मीर में होने वाले आगामी नगरीय निकाय चुनाव में 7 हजार ईवीएम और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही पोलिंग स्टाफ को ट्रेनिंग भी दिलाएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में किए गए नवाचारों को जम्मू और कश्मीर में लागू करवाने के लिए प्रयास करेगा। साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित बूथों पर पेपर लेस बूथ की प्रक्रिया अपनाने में मदद करेगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव की उपस्थिति में एमओयू में सचिव मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह और सचिव जम्मू एवं कश्मीर राज्य निर्वाचन आयोग सुशील कुमार ने हस्ताक्षर किए। सचिव सुशील कुमार ने मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त को इस एमओयू के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब हमारे राज्य में सुगमता से नगरीय निकाय निर्वाचन कराने में मदद मिलेगी। राज्य निर्वाचन आयुक्तों के समक्ष विषय विशेषज्ञों ने दिया प्रेजेंटेशन पेंच नेशनल पार्क सिवनी में आयोजित राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के विषय विशेषज्ञों द्वारा सुगम-सुविधाजनक निर्वाचन सम्बन्धी विभिन्न विषयों पर प्रेजेंटेशन दिए गये। आईसीपीएस (इंटरनेशनल सेंटर फॉर पार्लियामेंटलरी स्टडीज) लंदन के डायरेक्टर अरविंद वेंकटरमन ने ‘’रिकगनाइजिंग इंडियास रोल एस ग्लोवल लीडर इन इलेक्शन एंड इलेक्टोरल डिप्लोमेसी’’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने भारत जैसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले देश मे निर्वाचन प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए इलेक्टोरल मैनेजर, ई-लर्निग जैसे ए-आई टूल्स तथा ब्लॉक चैन के उपयोग करने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। सेल्स डायरेक्टर एपीएसी टर्की मेहमत बुरक ने दूरस्थ मतदाता के पंजीयन तथा ऑनलाईन मतदान की कार्ययोजना पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने मतदाताओं के डिजिटल प्रक्रिया द्वारा पंजीयन तथा बायोमेट्रिक से मतदाताओं के पहचान करने की प्रक्रिया पर जानकारी दी। साथ ही सुरक्षित, सुविधाजनक एवं पारदर्शी रूप से ऑनलाइन वोटिंग कराने की प्रक्रिया के बारे में बताया। कनाड़ा, बेनिन में वोटर रजिस्ट्रेशन एप्लिकेशन का डेमो भी दिया। वर्कली विश्वविद्यालय केलि फोर्निया के रिसर्च स्कालर प्रनव गुप्ता और अनस्तुभ अग्निहोत्री ने स्थानीय निर्वाचन में रिसर्च करने के संबध में प्रेजेंटेशन दिया। देश मे सुगम, सुविधाजनक पारदर्शी निर्वाचन कराने में ईवीएम, सॉफ्टवेयर सहित अन्य सपोर्ट उपलब्ध कराने वाले संस्थान इलेक्ट्रानिक्स कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईआईटी लिमिटेड बैंगलुरु के प्रतिनिधियों द्वारा राज्य निर्वाचन आयुक्तों के समक्ष निर्वाचन में किये जा रहे अनुसंधानों के बारे में अपना प्रेजेंटेशन दिया। विशेष रूप से नवीन एस-3 ईव्हीएम, इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग की कार्यविधि और लाभ को रेखांकित किया। इसी तरह पोलिंग एवं काउंटिंग में उपयोग होने वाले विभिन्न एप्लीकेशन के संबंध में आईएनसीटी चेन्नई के सीईओ गजपथी ने प्रेजेंटेशन दिया। अमिट स्याही और अन्य चुनाव सम्बन्धी सामग्री के संबंध में हैदराबाद एवं जयपुर की कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन दिया। विभिन्न राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तों ने परिचर्चा में सहभागिता की। उन्होंने मध्यप्रदेश के पेपर लेस बूथ के मॉडल का अवलोकन किया।   recent visitors 82

प्रदेश में सड़कों को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने के लिये एनआईसी के वाहन पोर्टल पर ग्रीन सर्विस शुरू की गई

भोपाल प्रदेश में सड़कों को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने के लिये नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर (एनआईसी) के वाहन पोर्टल पर हरित सेवा (ग्रीन सर्विस) शुरू की गई है। जिसके माध्यम से वाहनों के रेट्रोफिटमेंट कराये जाने वाली सीएनजी किट के प्रमाणित होने की पुष्टि रहती है। वाहन पोर्टल का संचालन परिवहन विभाग द्वारा किया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र राज्य में वाहनों से उत्सर्जित होने वाली हानिकारक गैसों पर नियंत्रण के लिये प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। प्रदेश में समस्त वाहन प्रदूषण जांच केन्द्रों को एनआईसी के पीयूसीसी पोर्टल के साथ इंटीग्रेट किया जाकर पारदर्शी रूप से ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। ऑनलाइन पीयूसीसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) जारी होने से उनका डेटा वाहन पोर्टल पर प्रदर्शित होने लगा है। इस सुविधा से चेकिंग अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र मांगे जाने पर वाहन स्वामी द्वारा ऑनलाइन अथवा इलेक्ट्रॉनिक रूप में दिखाया जा सकता है। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट प्रदेश में वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग द्वारा वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने का कार्य वाहन डीलर के माध्यम से किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक करीब 7 लाख पुराने रजिस्टर्ड वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाई जा चुकी है। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगने से वाहन चोरी की दशा में इसे ट्रेस किया जाना सरल हो जाता है। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनफिट वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाये के प्रयास परिवहन विभाग द्वारा किये जा रहे हैं। इस उद्देश्य से केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वाहनों के स्वचलित परीक्षण (ऑटोमेटेड टेस्टिंग) के बाद ही फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किया जाना अनिवार्य किया गया है। वाहनों की मानव हस्तक्षेप रहित पारदर्शी तरीके से फिटनेस जाँच करने के लिये ग्वालियर, इंदौर और भोपाल में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) क्रियाशील हो गये हैं। इसी के साथ प्रदेश के 22 जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन बनाये जाने के लिये प्राथमिक पंजीयन प्रमाण-पत्र जारीकिये गये हैं। ड्राइविंग प्रशिक्षण सेंटर प्रदेश में प्रतिवर्ष होने वाली औसतन 50 हजार सड़क दुर्घटनाओं में 78 प्रतिशत सड़क दुर्घटना वाहन चालक की गलती के कारण होती है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने के लिये 3 स्तर प्रादेशिक, संभागीय और जिला स्तर पर प्रशिक्षण केन्द्रो की स्थापना करने का निणर्य लिया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश के इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च सेंटर संचालित किये जा रहे है। इसके अलावा छतरपुर और 10 अन्य स्थानों पर ड्राइविंग इंस्टीट्यूट शुरू किये जाने के प्रयास किये जा रहे है।   recent visitors 38

श्रीराम राजा की आरती को सोशल मीडिया पर लाइव करने की योजना पर काम किया जा रहा

 ओरछा. अब लोग घर बैठकर श्रीराम राजा सरकार की आरती देख सकेंगे। इसे सोशल मीडिया पर लाइव करने की योजना पर काम किया जा रहा है। जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद (डीएटीटीसी) की बैठक में इसका प्रस्ताव रखा गया है। इस मामले में धर्म गुरुओं, पुजारियों एवं वरिष्ठजनों से संपर्क कर योजना को अमल में लाने की बात कही गई है। राम राजा सरकार की आरती को लाइव करने के लिए कई सालों से चर्चाएं होती आ रही हैं। अब इसे विधिवत बैठक में रखा गया है। ओरछा में हुई इस बैठक में श्रीराम राजा मंदिर की आरती का सोशल मीडिया पर लाइव करने का प्रस्ताव डाला गया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को अमल में आने से पूर्व सभी की सलाह देने की बात कही गई है। विदित हो कि ओरछा में भगवान श्रीराम राजा सरकार के आने के बाद से ही परंपरा है कि उनकी फोटो नहीं खींची जाती है। ऐसे में पूर्व में यहां पर भगवान के दर्शन के लिए बाहर एलईडी लगाई गई थी, जिन्हें निकाल दिया गया है। इस योजना को अमल में लाने की जिम्मेदारी मंदिर प्रबंधन देखने वाले तहसील को सौंपी गई है। परंपरा और श्रद्धालुओं का रखा जाएगा ख्याल इस मामले में तहसीलदार सुमित गुर्जर का कहना है कि इस योजना को अमल में आने के पूर्व सभी का मत समझा जाएगा। उनका कहना था कि ओरछा की परंपरा बनी रहे और दूर-दराज के श्रद्धालुओं को इसका लाभ भी मिले इसके लिए कुछ रास्ता निकाला जाएगा। उनका कहना था कि आरती में भगवान को न दिखाते हुए श्रद्धालुओं को सशस्त्र सलामी, यहां पर बजने वाले शंख, झालर और श्रद्धालुओं को दिखाने की योजना पर काम किया जाएगा। इसके लिए सभी के सुझाव के अनुसार काम किया जाएगा। मनाया जाएगा ओरछा महोत्सव इसके साथ ही बैठक में तीन दिवसीय ओरछा महोत्सव मनाने का निर्णय लिया है। यह उत्सव मार्च के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर ने इसकी जिम्मेदारी पर्यटन विभाग के सहायक यंत्री को दी है। वह पूरा प्रस्ताव बनाकर समिति के सचिव के पास रखेंगे। recent visitors 59

रमजान में टाइम टेबल बदलने पर विहिप का अल्टीमेटम, कहा ये गुजरात है, पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं…

वडोदरा  असम, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश रमजान ब्रेक कंट्रोवर्सी के बाद गुजरात टाइम टेबल बदलने पर विवाद खड़ा हो गया है। यह विवाद गुजरात के वडोदरा में शिक्षण समिति के आदेश के बाद खड़ा हुआ है। वडोदरा नगर प्राथमिक शिक्षण समिति (Vadodara Nagar Prathmik Shikshan Samiti) ने रमजान को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की सभी स्कूल में मुस्लिम धर्म के बच्चों के लिए समय में बदलाव किया जिसके बाद गुजरात में विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा इस पूरे मुद्दे पर वडोदरा महानगर पालिका (Vadodara Municipal Corporation) को अपना फैसला रद्द करने के लिए कहा है। इसमें मोटे तौर पर मुस्लिम बच्चों को देर से आने और जल्दी छोड़ने के निर्देश हैं।  यह गुजरात है, पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं- गुजरात वीएचपी गुजरात वीएचपी के प्रवक्ता हितेंद्र राजपूत ने फेसबुक पर लिखा, ‘मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई की सरकार यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लागू करने की तैयारी कर रही है दूसरी तरफ वडोदरा एजुकेशन कमिटी ने एजुकेशन डिपार्टमेंट में धर्म आधारित तुष्टिकरण को बढ़ाने वाला सर्कुलर जारी किया है। सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि तुष्टिकरण का विरोध इसकी ताकत का केंद्र है।’ विहिप गुजरात ने अपने एक्स अकाउंट से शिक्षा मंत्री कुबेर डिंडोर को टैग करके लिखा है कि कृपया इस परिपत्र की सत्यता की जांच करवाएं और तत्काल रद्द करवाएं। जिम्मेदारों के सामने कार्यवाही भी जरूरी है। याद रहे, तृष्टीकरण का विरोध ही बीजेपी के मजबूत जनाधार का कारण है। यह गुजरात है, पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं। विहिप ने एक अन्य एक्स पोस्ट में सीएम भूपेंद्र पटेल के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को उल्लेखन करती हुई फोटो के साथ लिखा है कि लगता है अधिकारी, मंत्री सरकार के इरादों से अवगत नहीं है और वडोदरा नगर निगम तो गुजरात सरकार के निर्णय से बिल्कुल स्वतंत्र है। वहीं, नगर प्राथमिक शिक्षण समिति की शासनाधिकारी श्वेताबेन पारगी का कहना है कि रमजान महीने को लेकर इस तरह का आदेश सालों से जारी होता आया है। शिक्षण समिति निर्णय बदल सकती है। विहिप का अल्टीमेटम वीएचपी ने आज दोपहर 12 बजे वडोदरा शहर में प्रदर्शन रखा है। विहिप ने अपने एक्स पर अपने गुजरात वाले अकाउंट से शिक्षा मंत्री कुबेर डिंडोर को टैग करके लिखा है कि कृपया इस परिपत्र की सत्यता की जांच करवाएं और तत्काल रद्द करवाए। जिम्मेदारों के सामने कार्यवाही भी जरूरी है। याद रहे, तृष्टीकरण का विरोध ही बीजेपी के मजबूत जनाधार का कारण है। यह गुजरात है, पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं। विहिप ने एक अन्य एक्स पोस्ट में सीएम भूपेंद्र पटेल के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को उल्लेखन करती हुई फोटो के साथ लिखा है कि लगता है अधिकारी, मंत्री सरकार के इरादों से अवगत नहीं है और वडोदरा नगर निगम तो गुजरात सरकार के निर्णय से बिल्कुल स्वतंत्र है। आदेश में किया निर्देश दिया गया? वडोदरा नगर निगम के अधीन आने वाली नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के आदेश स्कूलों का समय बदला गया है। सुबह संचालित होने वाली स्कूलों का समय सुबह 8 बजे से 12 बजे तक है। इसमें 9:30 से 10 बजे तक ब्रेक रहेगा। दोपहर के बाद के स्कूलों का समय 12:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक है। इसमें दो बजे से 2:30 विश्राम रखा गया है। इसी प्रकार एक पाली में संचालित होने वाले स्कूलों का समय दोपहर समय 12:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक है। इसमें दो बजे से 2:30 विश्राम रखा गया है। आदेश में कहा गया है कि जिन स्कूलों में मुस्लिम बच्चों की संख्या अधिक है। वहां पर इसे लागू किया जाएगा। नगर प्राथमिक शिक्षण समिति की शासनाधिकारी श्वेताबेन पारगी का कहना है कि रमजान महीने को लेकर इस तरह का आदेश सालों से जारी होता आया है। शिक्षण समिति निर्णय बदल सकती है। चेयरमैन निषिध देसाई ने विवाद के तूल पकड़ने पर कहा है कि वह देखेंगे क्यों बच्चों के लिए पढ़ाई सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। recent visitors 69

उज्जैन व्यापार मेले में तीन दिनों में 2300 से अधिक वाहनों की बिक्री, टैक्स में मिल रही भारी छूट

उज्जैन विक्रम व्यापार मेला में पिछले बार की ही तरह इस बार भी व्यवसाय का कीर्तिमान रचने की स्थिति बन रही है। मेले के प्रारंभिक तीन दिन में ही तेजी की स्थिति सामने रही है। पिछले तीन दिन में मेले में 2304 वाहनों का विक्रय हुआ है। करीब 60-70 करोड़ के लगभग के वाहन इस दौरान बिके हैं। सोमवार को भी जमकर व्यवसाय होने की स्थिति बनी हुई है। पिछले बार के 40 दिन विक्रम व्यापार मेले से इस बार 33 दिनी मेले का आयोजन शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय मैदान पर महाशिवरात्रि से किया गया है। 11 हेक्टेयर जमीन पर मेले को व्यवस्थित रूप दिया गया है। नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक बताते हैं कि इस बार मेला विस्तृत एवं वृह्द क्षेत्र में आयोजित किया गया है। मेले के लिए नोडल अधिकारी स्मार्ट सिटी के सीईओ संदीप शिवा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेला समय पर और पूरे समय बेहतर रूप से आयोजित हो इसके लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। पिछली बार की रेकार्ड आय से अधिक इस बार व्यवसाय की हमें उम्मीद हैं। पिछली बार मेले में 2200 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ था। करीब 22 हजार से अधिक वाहनों का विक्रय किया गया था। 1857 एलएमवी और 447 टू व्हीलर विक्रय क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आरटीओ संतोष मालवीय के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में 1857 हल्के मोटर व्हीकल यानी कि कार विक्रय हुए हैं। इसी प्रकार से 447 मोटर साइकिल विक्रय हुए हैं। इनकी कुल कीमत करीब 60 करोड़ से अधिक है। इन्हें टैक्स एवं पंजीयन में दी गई छूट की स्थिति आयुक्त परिवहन कार्यालय ग्वालियर प्रत्येक सात दिन में ही सामने आ सकेगी। उसके पीछे कारण परिवहन के पोर्टल पर पूरे प्रदेश से विक्रय होने वाले वाहनों का पंजीयन होता है। ऐसे में उज्जैन मेले में विक्रय और कर में छूट की स्थिति को अलग से ही निकालना पड़ेगा। इस बार परिवहन विभाग को वाहनों के पंजीयन के लिए काफी बड़ा स्पेस दिया गया है, जिसके चलते हम एक समय में एक हजार से ज्यादा कार एवं अन्य वाहनों को मैदान में पार्क कर पंजीयन के काम को अंजाम दे सकते हैं। कब कितने वाहन बिके विक्रम व्यापार मेले का शुभारंभ महाशिवरात्रि 26 फरवरी की देर रात को हुआ था। विधिवत व्यवसाय की स्थिति अगले दिन से बनी थी। पिछले तीन दिन में विक्रय हुए वाहनों की स्थिति इस प्रकार रही है। 27 फरवरी को फोर व्हीलर 752, टू व्हीलर 172, 28 फरवरी फोर व्हीलर 984, टू व्हीलर 145, एक मार्च को फोर व्हीलर 1021, टू व्हीलर 130 का विक्रय किया गया। जबकि रविवार को अवकाश रहा। एमपी सरकार की सौगात बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने उज्जैन विक्रम व्यापार मेले के दौरान खरीदे गए गैर-परिवहन और हल्के परिवहन वाहनों के लिए आजीवन मोटर वाहन कर दरों में 50 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है। यह किसी सौगात से कम नहीं है। इस योजना का उद्देश्य अधिक ग्राहकों को लुभाना और उन्हें मौद्रिक प्रोत्साहन प्रदान करना है। पिछले साल बिके 23705 वाहन इसकी तुलना में 2024 में आयोजित उद्घाटन संस्करण में 40 दिनों में 23,705 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जिससे 122 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। इस वर्ष प्रशासन ने विभिन्न व्यावसायिक अवसर पैदा करने के प्रयास में आवंटित दुकानों की संख्या बढ़ाकर 397 कर दी है। इन दुकानों का एक बड़ा हिस्सा विभिन्न क्षेत्रों के लिए समर्पित है, जिसमें वाहन बिक्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान, खाद्य बिक्री और सामान्य माल शामिल हैं। ट्रेड फेयर से अच्छे व्यापार की उम्मीद- कारोबारी हालांकि, कुछ डीलरशिप द्वारा अंतिम समय में वापसी के कारण लगभग 10 दुकानें रद्द कर दी गईं। व्यापार मेले में चार पहिया और दो पहिया वाहनों का प्रदर्शन कर रहे एक ऑटोमोबाइल डीलर ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि हमें व्यापार मेले से कुछ अच्छे कारोबार की उम्मीद है। राज्य सरकार द्वारा खरीदारों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। recent visitors 41

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में पहली बार किसी एसीपी अधिकारी पर कार्रवाई, दो थानों का प्रभार लिया वापस

भोपाल  एसीपी अनिता प्रभा शर्मा एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। महाशिवरात्रि की ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में उनसे भोपाल में दो थानों का प्रभार छीन लिया गया है। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में पहली बार किसी एसीपी स्तर की अधिकारी पर यह कार्रवाई हुई है। इसके साथ ही एसीपी अनिता प्रभा शर्मा की चर्चा शुरू हो गई है कि वह कौन हैं। आइए आपको बताते हैं कि कैसे संघर्षों के बीच तपकर उन्होंने यह मुकाम हासिल की है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई दरअसल, एसीपी अनिता प्रभा शर्मा की ड्यूटी महाशिवरात्रि पर भोपाल के संवेदनशील इलाके में लगी हुई थी। ड्यूटी के दौरान वह फोन बंदकर गायब थीं। इसकी भनक सीनियर अधिकारियों को लग गई। इसे लापरवाही मानते हुए डीसीपी रियाज इकबाल ने कार्रवाई की है। उन्होंने अनिता प्रभा शर्मा से दो थानों का प्रभार ले लिया। अनिता प्रभा शर्मा के पास सिर्फ भोपाल में एक थाने का प्रभार बचा है। वह सिर्फ श्यामला हिल्स थाने की प्रभारी हैं। कौन हैं अनिता प्रभा शर्मा अनिता प्रभा शर्मा अभी भोपाल में एसीपी हैं। मूल रूप से वह कोतमा की रहने वाली हैं। यह अनूपपुर जिले में आता है। अनिता प्रभा शर्मा ने 25 साल की उम्र में डीएसपी बनकर मिसाल कायम की थीं। कई मुश्किलों का सामना करते हुए, कम उम्र में शादी और पारिवारिक दबाव के बावजूद, अनिता ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और MPPSC परीक्षा पास की थी। शुरुआत से ही पढ़ाई में अच्छी थीं अनिता प्रभा शर्मा अनिता बचपन से ही पढ़ाई में बहुत अच्छी थीं। उन्होंने 10वीं कक्षा में 92% अंक हासिल किए थे। वह आगे पढ़ना चाहती थीं, लेकिन उनके परिवार में लड़कियों को ज्यादा पढ़ाने-लिखाने का रिवाज नहीं था। फिर भी, अपनी जिद और लगन के बल पर, अनिता अपने भाई के पास ग्वालियर चली गईं और वहीं से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। 17 की उम्र में हो गई थी शादी 17 साल की उम्र में अनिता की शादी कर दी गई। उनके पति उनसे 10 साल बड़े थे। शादी के बाद भी अनिता ने पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया। उनके ससुराल वाले भी उनकी जिद के आगे झुक गए और उन्हें ग्रेजुएशन करने की इजाजत दे दी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। ग्रेजुएशन के आखिरी साल में उनके पति का एक्सीडेंट हो गया, जिसकी वजह से अनिता अपनी परीक्षा नहीं दे सकीं। बैंक में पीओ नहीं बन पाईं अगले साल अनिता ने फिर से ग्रेजुएशन की परीक्षा दी और उसे पास कर लिया। लेकिन तीन साल में ग्रेजुएशन पूरी न करने की वजह से उन्हें प्रोबेशनरी बैंक ऑफिसर की नौकरी नहीं मिली। परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए अनिता ने ब्यूटीशियन का कोर्स किया और एक पार्लर में काम करने लगीं। 14 किमी चलकर गईं परीक्षा देने इसी दौरान अनिता और उनके पति के बीच अनबन होने लगी। अनिता के करियर के प्रति जुनून और उनके पति के विचारों में अंतर बढ़ता गया। साल 2013 में अनिता ने व्यापम की फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा दी। उन्होंने 14 किलोमीटर पैदल चलकर चार घंटे में परीक्षा पूरी की। दिसंबर 2013 में उन्हें बालाघाट जिले में पोस्टिंग मिल गई। रिजेक्शन के बाद भी नहीं टूटी इसके बाद अनिता ने व्यापम की सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा दी, लेकिन फिजिकल टेस्ट में फेल हो गईं। हार न मानते हुए, अनिता ने फिर से कोशिश की और अपनी कमजोरियों पर काम किया। दूसरी बार उन्होंने फिजिकल टेस्ट पास कर लिया और सब-इंस्पेक्टर बन गईं। इससे कुछ महीने पहले ही अनिता की ओवरी में ट्यूमर की सर्जरी हुई थी। लेकिन कुछ कर गुजरने की उनकी जिद उनकी बीमारी से भी बड़ी थी। सूबेदार के पद पर ज्वाइन किया अनिता ने सूबेदार के रूप में जिला रिजर्व पुलिस लाइन में जॉइन किया। उन्हें ट्रेनिंग के लिए सागर भेजा गया। इसी दौरान उनके पति के साथ तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा था। अनिता ने MPPSC परीक्षा भी दी थी। ट्रेनिंग के दौरान ही MPPSC का रिजल्ट आ गया। उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली। महिला वर्ग में वह 17वें और सभी वर्गों में 47वें स्थान पर रहीं। अनिता का चयन डीएसपी पद के लिए हो गया। लेखक निलोत्पल मृणाल से दूसरी शादी वहीं, तलाक के बाद अनिता प्रभा शर्मा डीएसपी बन गई थीं। 2022 में उन्होंने दूसरी शादी मशहूर लेखकर निलोत्पल मृणाल के साथ की हैं। दोनों खुशहाल जिंदगी जी रही हैं। निलोत्पल मूल रूप से झारखंड के रहने वाले हैं। वह पत्नी के पास भोपाल आते-जाते रहते हैं। ब्यूटी आइकॉन हैं अनिता प्रभा शर्मा एसीपी अनिता प्रभा शर्मा ब्यूटी आइकॉन हैं। वह इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव रहती हैं। वह अपनी खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते रहती हैं। साथ ही गांव की संस्कृति और रीति रिवाज से भी उन्हें जुड़ाव है। हालांकि कार्रवाई को लेकर उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। recent visitors 41

मध्य प्रदेश में कई जिलों में दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी ,ग्वालियर-चंबल संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी

भोपाल  मध्य प्रदेश के मौसम में रोज कुछ न कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है. अब दिन में तेज धूप के बाद भी तापमान गिरता दिखा, जबकि रात का तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा. मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर देखने को मिल सकता है. इसके चलते तापमान में बढ़ोतरी का दौर जारी रहेगा. हालांकि, बारिश होने की भी संभावना बन सकती है. मौसम विभाग ने मार्च के शुरुआती सप्ताह में हल्की बारिश की संभावना जताई है. ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले सबसे ज्यादा गर्म रह सकते हैं. वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में मावठा गिर सकता है. मौसम विभाग के एचएस पांडे के अनुसार, आगामी 24 घंटे के दौरान प्रदेश में एक साथ कई पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है. इसके चलते पूर्वी व उत्तरी हिस्से में हल्की बूंदाबांदी देखी जा सकती है. वज्रपात की भी संभावना इसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई जिले शामिल रहेंगे. साथ ही कुछ जगहों पर वज्रपात की स्थिति भी देखने को मिल सकती है. प्रदेश के बाकी जिलों का मौसम शुष्क बना रह सकता है. मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर और शहडोल संभाग के जिलों में तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया. न्यूनतम तापमान में उछाल वहीं रीवा और सागर संभाग के जिलों में तापमान 3.5 डिग्री से लेकर 4.5 डिग्री के बीच दर्ज हुआ. न्यूनतम तापमान की बात करें तो प्रदेश के इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में रात के तापमान में 1.7 डिग्री से 2.4 डिग्री सेल्सियस के बीच उछाल देखा गया. उज्जैन में कम रहा तापमान प्रदेश के पांच बड़े शहरों के न्यूनतम तापमान की बात करें तो उज्जैन जिले का न्यूनतम तापमान सबसे कम दर्ज किया गया. यहां पारा 15.7 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा भोपाल में 16.2 डिग्री, जबलपुर में 17 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री और ग्वालियर में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. recent visitors 35