Tikamgarh News: इलेक्ट्रॉनिक दुकान में लगी आग से सामान जलकर हुआ राख, तीन फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

Goods burnt to ashes in a fire that broke out in an electronic shop; three fire brigades brought it under control टीकमगढ़ ! नगर पलेरा में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में मंगलवार सुबह अचानक आग लगने का मामला सामने आया है। इससे लगभग 30 से 40 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीन फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। घटना नगर पलेरा के गोल मार्केट में सुबह करीब 6:00 बजे हुई। एक दुकानदार जब अपनी दुकान खोलने पहुंचा तो उसने वहां से धुआं उठते देखा और तुरंत इसकी सूचना दुकान संचालक को दी। जब तक दुकान संचालक मौके पर पहुंचता, तब तक आग पूरे दुकान में फैल चुकी थी। संचालक ने तुरंत नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दी। नगर पंचायत पलेरा की दो फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन आग की लपटें तेजी से बढ़ती जा रही थीं। स्थिति बिगड़ती देख नजदीकी नगर परिषद जतारा से एक और फायर ब्रिगेड बुलाया गया। इसके बाद करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक दुकान में रखा सारा इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर खाक हो गया। इसमें फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन, एलईडी और मोबाइल शामिल थे। दुकान संचालक के अनुसार, कुल मिलाकर लगभग 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। घटना की सूचना पलेरा पुलिस थाने को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैसे लगी आग? सुबह 6:00 बजे गोल मार्केट के सामने स्थित एक दुकानदार ने धुआं उठते देखा और तुरंत नगर परिषद को इसकी सूचना दी। इसके बाद दुकान मालिक को भी जानकारी दी गई। जब तक नगर परिषद और दुकान मालिक मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी और पूरी दुकान जलने लगी थी। फिलहाल, आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और प्रशासन इस घटना के कारणों की जांच कर रहा है। recent visitors 107

स्वास्थ्य केंद्र, दूसरी शिफ्ट यानि दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक भी संचालित होगा

भोपाल शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, आयुष परिसर मैनिट हिल्स भोपाल में स्थित "होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र" में अब समस्त सुविधाएं प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। यह केंद्र, दूसरी शिफ्ट यानि दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक भी संचालित होगा। ज्ञातव्य है कि उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने जनवरी 2024 में, उक्त केन्द्र के नवीन भवन का लोकार्पण किया था। इस अवसर पर केन्द्रीय आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा भी शामिल हुए थे। उल्लेखनीय है कि "होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र", वर्ष 2016 से सतत् संचालित है। इस केंद्र में होम्योपैथिक चिकित्सा के अतिरिक्त योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ बने रहने के लिए शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में उत्पन्न होने वाली सभी प्रकार की समस्याओं के लिए उपचार प्रदान किया जाता है। इस केन्द्र में मुख्य उपचारों में शरीर के विभिन्न प्रकार के दर्द जैसे की पीठ का दर्द एड़ियों में दर्द आदि, मोटापा, मधुमेह, हाई बीपी एवं त्वचा संबंधी रोगों के विशेष पैकेज उपलब्ध है। थैरेप्यूटिक एवं सामान्य योग के माध्यम से स्वास्थ्य के संरक्षण एवं विभिन्न समस्याओं में योग की विशेषज्ञ के साथ उपचार प्रदान किए जाते हैं। केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल द्वारा संचालित इस केन्द्र में हाइड्रोथेरेपी, मसाज सोना, थैरेप्यूटिक योग, लोकल स्ट्रीम, बॉडी कंपोजिशन एनालिसिस जैसी समस्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। शरीर की संरचना के लिए उपयोगी समस्त सुविधाएं यहां उपलब्ध है, जो रोग के कारक एवं उनके उपचार ढूंढने में चिकित्सकों के लिए बहुत उपयोगी है। केन्द्र में उपलब्ध समस्त सुविधाओं की जानकारी एवं लाभ लेने के लिए दूरभाष क्रमांक 9202663862 पर संपर्क किया जा सकता है। सम्पर्क की सुविधा प्रातः 8 बजे से ही उपलब्ध है। सभी प्रकार की सुविधाओं में "पहले आओ-पहले पाओ" के आधार पर लाभार्थियों को सेवाएं दी जाती हैं। शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय में भर्ती 100 से अधिक मरीजों को प्रतिदिन समस्त सेवाएं प्रदान की जाती हैं एवं ओपीडी या विजिट के आधार पर भी बड़ी संख्या में प्रतिदिन रोगियों को उपचारित किया जाता है। संस्थान के प्रधानाचार्य एवं सीईओ डॉ एसके मिश्रा ने बताया कि स्थानीय महाविद्यालय में संचालित यह केन्द्र देश का प्रथम ऐसा उदाहरण है, जहां सर्व समावेशी स्वास्थ्य के माध्यम से होम्योपैथी नेचुरोपैथी एवं योग के माध्यम से इतनी बड़ी संख्या में रोगों का उपचार किया जा रहा है। योग एवं जीवनचर्या के माध्यम से बहुत बड़ी संख्या में रोगियों, छात्र-छात्राओं आदि को स्वस्थ जीवन शैली के महत्व पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसे आने वाले समय में वह दवा मुक्त जीवन जी सकें और अपनी क्षमताओं का निर्माण कर सकें। मानसिक रूप से अवसाद एवं चिंता से ग्रसित लोगों के लिए भी योग बहुत अधिक प्रभावकारी सिद्ध हुआ है। होम्योपैथी दवा के साथ जब इसका प्रयोग किया गया तो उनके परिणाम बहुत ही उत्साहवर्धक आए हैं। बड़ी संख्या में ऐसे लोग देखने को मिले जो रासायनिक दवा पर आश्रित थे परंतु नियमित रूप से होम्योपैथी व योग क्रियाओं को अपनाकर इन दवाओं से मुक्त हो गए हैं। केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ जूही गुप्ता ने बताया कि यह बड़ी संख्या में लोगों के सहयोग का नतीजा है कि आज एक ऐसा शासकीय केंद्र स्थापित हो सका, जो स्वस्थ रहने में मदद कर रहा है।   recent visitors 59

मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में RTE के तहत पढ़ रहे बच्चों को कक्षा 12वीं तक मुफ्त शिक्षा का लाभ मिलने की संभावना

भोपाल  मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत पढ़ रहे बच्चों को कक्षा 12वीं तक मुफ्त शिक्षा का लाभ मिलने की संभावना है. अभी शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कक्षा 8 वीं तक ही बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है. अब बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मुख्यमंत्री के सामने प्रदेश में इसका दायरा 12 वीं तक किए जाने और परिवार के साथ पलायन करने वाले आदिवासी बच्चों को दूसरे जिलों में शिक्षा का लाभ दिलाने की व्यवस्था शुरू करने की मांग की है. इस मामले में मुख्यमंत्री ने कहा "कार्यक्रम में मंत्री मौजूद हैं, वह इन विषयों को गंभीरता से समझेंगी." कार्यशाला में मुख्यमंत्री के सामने रखी मांग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अनिनियम, पॉस्को को लेकर आयाजित कार्यशाला के शुभारंभ में पहुंचे. कार्यक्रम में मंत्री निर्मला भूरिया भी मौजूद थीं. इसी कार्यक्रम में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष देवेन्द्र मोरे ने सरकार से मांग की "नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिनियम के तहत बच्चों को अभी कक्षा 8 वीं तक लाभ दिया जाता है, लेकिन इसके दायरे को बढाकर कक्षा 12 वीं तक किया जाना चाहिए. इससे कक्षा 8 वीं के बाद बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं होना पड़ेगा. प्रदेश में अभी 15 लाख बच्चे आरटीई से लाभान्वित हो रहे हैं. प्रदेश में इस 84 हजार से ज्यादा बच्चे 8 वीं क्लास में पढ़ रहे हैं. हालांकि यह विषय केन्द्र का है, लेकिन राज्य सरकार इसे अमल में लाकर नवाचार कर सकती है." आदिवासी इलाकों के बच्चों के लिए भी मांग बाल संरक्षण आयोग का कहना है "इसके अलावा मध्यप्रदेश के 89 ब्लॉक ट्राइबल के हैं. ट्राइबल बच्चों के बच्चे मजबूरी के चलते परिवार के साथ पलायन करते हैं. सरकार को पलायन के बाद दूसरे जिले या प्रदेश में पहुंचने पर बच्चे को शिक्षा का लाभ मिल सके, इसकी व्यवस्था की जाए. हालांकि पिछले साल राज्य शिक्षा केन्द्र ने मध्यप्रदेश से गुजरात पहुंचने आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के लिए गुजरात 12 हजार किताबों के सेट पहुंचाए थे." मुख्यमंत्री ने विभागीय मंत्री पर छोड़ा मामला कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा "2018 से 2024 के बीच मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल अपराध के मामले में 48 प्रकरण में मृत्युदंड दिया गया है. राज्य सरकार हमेशा ऐसे मामलों को लेकर बेहद सख्त है. जिस समाज में यदि बच्चे, बच्चियां, महिलाएं सुरक्षित हैं, तभी देश का भविष्य है. ऐसे अपराधों से निपटने के लिए सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है. समाज भी अपनी जिम्मेदारी निभाए." मुख्यमंत्री ने बाल अधिकार आयोग की मांग को लेकर कहा "जो मुद्दा आपने उठाया है, उस क्षेत्र की मंत्री निर्मला भूरिया कार्यक्रम में मेरे जाने के बाद भी मौजूद रहेंगी, वह इसे और अच्छे से समझेंगी." recent visitors 41

रेल मंत्री ने IRCTC, IRFC को मिला नवरत्न दर्जा मिलने पर दी बधाई

नई दिल्ली सरकार ने भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) और भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) को नवरत्न कंपनियों के रूप में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा सार्वजनिक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises) ने अपने X पोस्ट के माध्यम से की। पोस्ट में कहा गया कि IRCTC 25वीं और IRFC 26वीं नवरत्न कंपनी बनी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने IRCTC और IRFC की टीम को नवरत्न दर्जा प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी 7 सूचीबद्ध रेलवे पीएसयू अब नवरत्न का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं, और यह उपलब्धि 2014 के बाद संभव हुई है। सभी 7 सूचीबद्ध रेलवे पीएसयू जो नवरत्न बने: CONCOR: जुलाई 2014 RVNL: मई 2023 IRCON और RITES: अक्टूबर 2023 RailTel: अगस्त 2024 अब IRCTC और IRFC रेल मंत्री ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में रेलवे के संपूर्ण परिवर्तन और विकास पर केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री का भी आभार व्यक्त किया। IRCTC: रेलवे की नवरत्न कंपनी IRCTC, जो रेल मंत्रालय का केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (CPSE) है, ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में ₹4,270.18 करोड़ का वार्षिक टर्नओवर, ₹1,111.26 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT), और ₹3,229.97 करोड़ की शुद्ध संपत्ति हासिल की। IRCTC को नवरत्न का दर्जा तब मिला है जब कंपनी 2025 में अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रही है। यह कंपनी की कैटरिंग, पर्यटन और ऑनलाइन टिकटिंग सेवाओं में उत्कृष्टता को दर्शाता है। नवरत्न दर्जा मिलने से अब IRCTC अपने यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में विस्तार कर सकेगी और अपनी सेवाओं को और बेहतर बना सकेगी।   IRFC: रेलवे वित्त का मजबूत आधार भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC), जो रेल मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख वित्तीय संस्थान है, को भारत सरकार द्वारा नवरत्न का दर्जा प्रदान किया गया है। यह दर्जा IRFC की मजबूत वित्तीय स्थिति और रेलवे अवसंरचना के वित्तपोषण में इसके योगदान को मान्यता देता है। IRFC की स्थापना 12 दिसंबर 1986 को 100% सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में हुई थी। यह भारतीय रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में IRFC का राजस्व ₹26,644 करोड़ और शुद्ध लाभ (PAT) ₹6,412 करोड़ रहा, जबकि इसकी शुद्ध संपत्ति ₹49,178 करोड़ तक पहुंच गई। आज, IRFC भारत की तीसरी सबसे बड़ी सरकारी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) बन चुकी है। नवरत्न दर्जे के लाभ नवरत्न पीएसयू (PSU) को कई विशेष अधिकार और स्वायत्तता मिलती है, जिनमें शामिल हैं: 1. वित्तीय स्वायत्तता सरकार की अनुमति के बिना संयुक्त उपक्रम (Joint Ventures), सहायक कंपनियां (Subsidiaries) बनाने और विलय या अधिग्रहण करने की शक्ति। 2. परिचालन स्वतंत्रता स्वतंत्र व्यावसायिक और निवेश निर्णय लेने की क्षमता, जिससे निजी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में आसानी होती है। एचआर प्रबंधन में लचीलापन, जिससे कंपनी बाजार दर पर पेशेवरों की भर्ती कर सकती है। 3. वैश्विक विस्तार की संभावना अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश कर सकती हैं, रणनीतिक गठबंधन कर सकती हैं और ग्लोबल स्तर पर विस्तार कर सकती हैं। 4. बेहतर बाजार स्थिति वित्तीय रूप से स्थिर कंपनियों के रूप में निवेशकों का अधिक विश्वास प्राप्त होता है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के कारण शेयरधारकों को अधिक लाभ प्रदान कर सकती हैं।   IRCTC और IRFC को नवरत्न दर्जा मिलने से रेलवे क्षेत्र में बड़े वित्तीय और परिचालन सुधारों की संभावनाएं बढ़ेंगी। यह भारतीय रेलवे के आर्थिक और व्यावसायिक विकास में एक बड़ा कदम है और इससे रेलवे को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बेहतर स्थान मिलेगा। recent visitors 48

औषधीय पादप बोर्ड का अभियान: लोगों को स्वस्थ बनाने के लिए दिए जा रहे अश्वगंधा के पौधे

Medicinal Plant Board’s campaign: Ashwagandha plants are being given to make people healthy सागर । लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने व उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए अश्वगंधा अभियान चलाया जा रहा है। इसमें लोगों को अश्वगंधा के पौधे देकर उन्हें घर पर लगाने व उपयोग करने के संबंध में बताया जा रहा है। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड आयुष मंत्रालय ने जनता के बीच अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करने और पूरे देश में इस औषधीय पौधे के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अश्वगंधा पर राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। इसमें मध्यप्रदेश के चार जिलों सागर सहित ग्वालियर, सीहोर व उज्जैन में आयुष विभाग के माध्यम से अश्वगंधा के पौधे बांटे जा रहे हैं। जिले में इस अभियान के तहत अब तक 50 हजार से अधिक पौधें बांटे जा चुके हैं। अभी और बांटे जा रहे हैं। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालय सहित आयुष औषधालयों से अश्वगंधा के पौधे बांटे जा रहे हैं। चित्रकला सहित भाषण स्पर्धाएं कराई हैं। सेमिनार भी कराए गए हैं। साथ ही पौधे ले जाने वालों को इसके उपयोग व फायदे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा किसानों को भी अश्वगंधा की खेती के प्रति जागरुक किया जा रहा है। उन्हें खेती के फायदे बताए जा रहे हैं। इसके बाद किसान खुद भी विभाग के अफसरों से संपर्क कर रहे हैं। साथ ही पौधे ले जाकर खेती शुरू कर रहे हैं। अभियान में अश्वगंधा के औषधीय गुण एवं स्वास्थ्य लाभ के बारे में बताया गया है। साथ ही किसानों को आयुर्वेदिक मूल औषधीय सामग्री (जड़ी-बूटी) अश्वगंधा के उत्पाद, फसल विक्रय आदि के बारे में बताया गया है। अश्वगंधा कैंपेन राष्ट्रीय औषधि पादप बोर्ड और राज्य औषधि पादप बोर्ड के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इस कैंपेन के ज़रिए अश्वगंधा की खेती, चिकित्सीय उपयोगिता और रोज़गार के अवसरों के बारे में जानकारी दी जा रही है। आयुर्वेद विशेषज्ञों की मदद से अश्वगंधा पौधे का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। अश्वगंधा एक प्राचीन चिकित्सा जड़ी-बूटी है। यह आयुर्वेद में सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करती है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. जोगेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में अश्वगंधा अभियान से अश्वगंधा औषधीय फसल की कृषि को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। किसानों सहित आम लोगों को अश्वगंधा कृषि एवं इसके औषधीय गुण के बारे में जानकारी दी जा रही है। अभियान के बाद किसान खुद ही फोन लगाकर जानकारी ले रहे हैं। इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। साथ ही बड़े स्तर पर खेती करने की जानकारी ले रहे हैं। recent visitors 141

जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार के विरोध में विहिप का प्रदर्शन: छतरपुर में सीएमएचओ का पुतला जलाया; कलेक्टर को दिया ज्ञापन

VHP’s protest against corruption in district hospital: CMHO’s effigy burnt in Chhatarpur; Memorandum given to Collector छतरपुर । विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने छत्रसाल चौराहे पर सीएमएचओ का पुतला दहन किया और कलेक्टर को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री रामगोपाल यादव ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में आउटसोर्स पर फर्जी नियुक्तियां की गई हैं। मरीजों से अवैध वसूली की जा रही है। ब्लड बैंक में अनियमितताएं हो रही हैं और रक्त की बिक्री की जा रही है। कैंटीन में भी वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। बता दें कि, दस दिन पहले भी जिला अस्पताल में सीएमएचओ का पुतला जलाया गया था। विहिप ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो जिले के सभी प्रखंडों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।संगठन ने कर्मचारियों की जांच और दोषी लोगों को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछली चेतावनी के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। recent visitors 130

शादी के मंडप पर दुल्हन ने मांग का पोंछा सिंदूर, दूल्हे ने लड़की के पिता से की थी बुलेट की मांग

आगरा यूपी के आगरा में आयोजित एक शादी समारोह में वो देखने को मिला जो पहले किसी ने शायद ही देखा हो। यहां दिल्ली से बारात आई थी। बारातियों का लड़की वालों ने जमकर सत्कार किया। शादी की सभी रस्मे शुरू हुईं। सात फेरे भी हो गए। इसके बाद दूल्हे ने कुछ ऐसा कह दिया कि सुनते ही दुल्हन का माथ ठनक गया। दूल्हे ने लड़की के पिता से बुलेट मांगी, लेकिन लड़की वालों ने बुलेट देने में असमर्थता जताई। दूल्हा इसके बाद भी नहीं माना और अपनी जिद पर अड़ा रहा। दुल्हन ने दूल्हे का घमंड मिनटो में चकनाचूर कर दिया। कुछ देर पहले दूल्हे ने जो सिंदूर भरा था, दुल्हन उसे अपने हाथों से पोछ डाला और शादी तोड़ दी। यह देखकर लड़का और लड़के वाले दंग रह गए। पूरा मामला कुबेरपुर क्षेत्र का है। यहां दिल्ली से के करावल नगर से बारात आई थी। बारातियों की लड़की वालों ने खूब खातिरदारी की। शादी की सभी रस्मे शुरू हुईं और फिर सात फेरों का समय आ गया। लड़का और लड़की दोनों शादी के लिए मंडप में पहुंचे, जहां दोनों का विवाह संपन्न हुआ। लड़के ने दुल्हन की मांग में सिंदूर भरा। इसके बाद विदाई की रस्मे शुरू हो गईं। अभी दुल्हन मंडप में ही थी कि दूल्हे ने लड़की के पिता के बुलेट की मांग कर दी। यह सुनते ही लड़की पक्ष को एक जोरदार झटका लगा। लड़की वालों ने बुलेट देने में असमर्थता जताई, लेकिन दूल्हा अपनी जिद पर अड़ा रहा। अपने घमंड के चलते दूल्हे टस से मस नहीं हुआ और बुलेट न मिलने पर दुल्हन को न ले जाने की बात करने लगा। इसके बाद शादी में तनाव का माहौल पैदा हो गया। यह देखकर दुल्हन का माथा ठनक गया। दुल्हन ने खुद ही जाने से मना कर दिया और मंडप की नीचे ही अपनी मांग में भरा सिंदूर पोछ डाला। हालांकि इससे पहले दूल्हे को मनाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन वह नहीं माना। मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की। पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके बाद दोनों पक्षों से एक-दूसरे का सामान वापस करवा दिया गया। दूल्हा बिना दुल्हन के ही दिल्ली लौट गया। recent visitors 70