नेशनल हाईवे पर फिल्मी स्टाइल में बदमाशों ने नई नवेली दुल्हन का चाकू की नोंक पर किया अपहरण, दूल्हे पर किया हमला

गुना गुना में नेशनल हाइवे- 46 पर फिल्मी स्टाइल में बदमाशों ने नई नवेली दुल्हन का अपहरण कर लिया और दूल्हे पर जानलेवा हमला कर फरार हो गए. दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे है. हालांकि, पुलिस अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरू कर दी है. यह पूरी घटना धरनावदा थाना क्षेत्र के देहरी गांव के पास की है. बताया जा रहा है कि अशोकनगर से दूल्हा अपनी दुल्हन को लेकर राजस्थान के सवाई माधोपुर जा रहा था. इस दौरान एक काली स्कॉर्पियो से बदमाश आए और दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी को रोक लिया. पहले बदमाशों ने गाड़ी का कांच तोड़ा, फिर चारों टायर पंचर कर दिए. इसके बाद चाकू की नोंक पर दुल्हन को गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए. विरोध करने पर बदमाशों ने दुल्हे पर जानलेवा हमला कर दिया. मामले की सूचना मिलते ही रूठियाई चौकी पुलिस मौके पर पहुंची. फिलहाल, पुलिस हाइवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रही है. ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके. वहीं इस घटना को प्रेम-प्रसंग से भी जोड़ा जा रहा है. recent visitors 50

महाकुंभ न पहुंच पाने वालों के लिए MLA ने कई टैंकर में मंगवाया गंगाजल, स्थानीय निवासियों में किया वितरण

जबलपुर अगर आप महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने से चूक गए हैं तो चिंता मत कीजिए। क्योंकि गंगा मैया खुद संगम से निकलकर जबलपुर पहुंच गई हैं। यह अनोखी पहल की है उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक अभिलाष पांडे ने, जिन्होंने प्रयागराज से कई टैंकर में गंगाजल मंगवाकर स्थानीय निवासियों में वितरण किया।   दरअसल, भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने उन परिवारों के लिए गंगाजल मंगवाया है जो किसी कारण महाकुंभ नहीं जा सके। उन्हें पुण्य लाभ देने की कोशिश करते हुए शहर के अलग-अलग क्षेत्र में संगम का गंगाजल बांटा। टैंकर जैसे ही शहर पहुंचे, लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया। जिसके बाद बोतलों में भरकर इसे वितरित किया गया। साथ ही घर-घर गंगाजल पहुंचाने की कोशिश भी की। बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे ने कहा, “उत्तर मध्य विधानसभा में आस्था की गंगा बहती है। तीर्थराज प्रयागराज के संगम से गंगाजल मंगवाया गया है। सभी नागरिकों तक जल पहुंचाया जा रहा है। आईटीआई चौराहे से जल की अगुआई की गई। करोड़ों श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में दर्शन किए। लेकिन जो वहां नहीं पहुंच सके, उनके लिए जल मंगवाया गया है। अगर कम पड़ेगा तो और गंगाजल मंगवाया जाएगा।” recent visitors 42

अब तक मध्यप्रदेश में 10 साल में छह जीआईएस हुई, 30.13 लाख करोड़ के मिले निवेश प्रस्ताव पर 10 प्रतिशत ही हुआ निवेश

भोपाल मध्य प्रदेश में 10 साल में छह ग्लोबल इंवेटर्स समिट (जीआइएस) हुईं, इनमें कुल 30 लाख 13 हजार 41.60 करोड़ रुपये के 13,388 निवेश प्रस्ताव आए थे, लेकिन धरातल पर केवल तीन लाख 47 हजार 891.40 करोड़ रुपये के ही 762 निवेश उतर सके। इस पूंजी निवेश से प्रदेश में दो लाख सात हजार 49 बेरोजगार को रोजगार मिला। अब भोपाल में हुई सातवीं जीआइएस से सरकार को बेहद उम्मीद है। पूर्व के अनुभव को देखते हुए 24-25 फरवरी को भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) में मिले 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव में से आधा निवेश भी धरातल पर उतरता है तो मोहन सरकार की मेहनत सफल हो जाएगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रतिमाह दो बार समीक्षा करेंगे। सरकार की कार्ययोजना है कि समयसीमा में निवेश प्रस्ताव क्रियान्वित हों। इसके लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और विभाग के स्तर पर निगरानी की व्यवस्था रहेगी। इधर, रोजगार पोर्टल पर मध्य प्रदेश में 26 लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत है। सरकार का प्रयास है कि सरकारी नौकरी के साथ निजी क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तोर पर इन्हें रोजगार मिल सके। इसलिए सरकार हर वो प्रयास कर रही है जिससे रोजगार सृजित हो। मप्र में 25,82,759 बेरोजगार, केवल 2,32,295 आवेदकों को ही मिली नौकरी भले ही प्रदेश में बेरोजगारी दूर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही हो, बावजूद इसके वर्ष 2024 में प्रदेश में 25 लाख, 82 हजार 759 युवा बेरोजगार रह गए। हालांकि सरकार का दावा है कि इनमें से दो लाख 32 हजार 295 बेरोजगार आवेदकों को रोजगार कार्यालय के माध्यम से निजी क्षेत्र में आफर लेटर प्रदान किए गए, लेकिन आफर लेटर देने के बाद भी सरकार को यह नहीं पता कि बेरोजगार युवा किन कंपनियों में काम कर रहे हैं। वहीं गत चार वर्षों की बात करें तो वर्ष 2021 में रोजगार कार्यालय में 32 लाख 16 हजार 64 बेरोजगार पंजीकृत थे, 2022 में 27 लाख 82 हजार 29 रह गए। वर्ष 2023 में 35 लाख 73 हजार 694 हुए तो वर्ष 2024 में घटकर 25 लाख 82 हजार 759 रह गई हैं। रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है एमएसएमई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) का विस्तार सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकता है। इसके लिए सरकार ने एमएसएमई, स्टार्टअप और औद्योगिक भूमि एवं भवन आवंटन नीति बनाई है। 194 औद्योगिक क्षेत्र केवल एमएसएमई के लिए बनाए गए हैं और प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर में क्लस्टर बनाए गए हैं। सरकार के अनुसार, तीन लाख 54 हजार एमएसएमई इकाइयों को पंजीकृत किया है। इनमें 18.33 लाख नौकरियां उत्पन्न करने की क्षमता है।   इधर, मध्य प्रदेश से अधिकांश उत्पादों को जीआइ टैग दिलाने भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें आदिवासियों की पारंपरिक औषधियों, खाद्यान्न और उनकी कलात्मक वस्तुओं को प्राथमिकता दी जाएगी। मध्य प्रदेश के एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की ब्रांडिंग की जा रही है। इसके लिए अलग से एक सेल गठित किया गया है। recent visitors 67

एम्स भोपाल में एक शोध में सामने आया है कि दो प्रतिशत से अधिक ऐसे लोग ऐसे हो सकते हैं, जिन्हें टीबी की बीमारी है

भोपाल एम्स भोपाल में एक शोध में सामने आया है कि दो प्रतिशत से अधिक ऐसे लोग ऐसे हो सकते हैं, जिन्हें टीबी की बीमारी है, पर उन्हें पता ही नहीं है। यहां छिपी हुई टीबी की बीमारी का पता लगाने के लिए डेड बाडी पर शोध किया गया। शवों में टीबी परीक्षण का देश में यह पहला शोध है। संस्थान के फोरेंसिक मेडिसिन एवं टाक्सिकोलाजी विभाग में मेडिकोलीगल केस (एमएलसी) जैसे खुदकुशी, दुर्घटना आदि में शव परीक्षण के लिए भेजी गईं 743 डेड बाडी को अध्ययन में लिया गया। इनमें 164 के फेफड़े की झिल्ली (प्लूरा) चिपकी हुई थी। रिसर्च के लिए दी थी सहमति यह टीबी की पुरानी बीमारी की मूल पहचान है। शोध के लिए मृतकों के स्वजन ने सहमति दी थी। माइक्रोबायोलाजी लैब में इनके सैंपलों की कल्चर और पीसीआर (पालिमर चेन रिएक्शन) जांच में पता चला कि 11 टीबी से पीड़ित थे। चार अन्य में भी टीबी का बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम) मिला, पर वह टीबी से प्रभावित नहीं थे, जिसे नान ट्यूबरकुलस माइकोबैक्टीरियम (एनटीएम) कहा जाता है। 13 प्रतिशत संक्रमित मिले 743 में 11 यानी लगभग डेढ़ प्रतिशत में यह बीमारी मिली, पर यदि चिपकी छाती वाले सभी शवों में पता लगाया जाता तो आंकड़ा दो प्रतिशत से अधिक हो सकता था। चिपके फेफड़े वालों में 82 में 11 यानी 13 प्रतिशत टीबी से संक्रमित मिले। लोगों को पता नहीं उन्हें टीबी है जिन शवों में टीबी का पता चला। वह आमजन से ही दुर्घटना, जहर खाकर खुदकुशी, फांसी अन्य मेडिकोलीगल केस के थे। इससे साफ है कि आम जनसंख्या में भी दो प्रतिशत से अधिक लोग इस बीमारी से पीड़ित होंगे, पर उन्हें पता नहीं है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है संक्रमित पाए गए 11 में से छह को कोई लक्षण नहीं और पांच को पिछले कुछ दिन से हल्की खांसी थी। पीड़ितों में नौ पुरुष और दो महिलाएं थीं, जिनकी उम्र 22 से 65 वर्ष तक थी। यह शोध फरवरी 2025 में फोरेंसिक साइंस इंटरनेशनल में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं का दावा है कि चिपके फेफड़ों पर इसके पहले अमेरिका में 1954 में अध्ययन हुआ था। यह शोध फोरेंसिक मेडिसिन एवं टाक्सिकोलाजी विभाग की प्राध्यापक डॉ. जयंती यादव, माइक्रोबायोजलाजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. शशांक पुरवार, पैथोलाजी एवं लैब मेडिसिन विभाग की अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. उज्जवल खुराना, जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) डॉ. शुभम रिछारिया ने किया। अनजाने में 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है एक रोगी गांधी मेडिकल कालेज, भोपाल के छाती व श्वास रोग विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. पराग शर्मा का कहना है कि एक संक्रमित व्यक्ति साल में 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है। मरीज सामने नहीं आते जो अभियान में बड़ी चुनौती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुमान के अनुसार वर्ष 2015 में प्रति एक लाख जनसंख्या पर 237 लोगों को ये बीमारी थी, 2023 में 17.7 प्रतिशत घटकर 195 और टीबी से मौतें वर्ष 2015 में प्रति एक लाख जनसंख्या पर 28 से घटकर 2023 में 22 हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य दिया है। recent visitors 38

विदर्भ ने केरल को पहली पारी के बढ़त के आधार पर हराकर जीता रणजी ट्रॉफी खिताब, बना विजेता

नागपुर केरल और विदर्भ के बीच नागपुर में खेले गया यह मुकाबला पांचवें और अंतिम दिन ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन विदर्भ ने केरल को पहली पारी के बढ़त के आधार पर मात दी और इस घरेलू टूर्नामेंट का चैंपियन बनने में सफल रहा। विदर्भ ने फाइनल में कर्नाटक को हराकर रणजी ट्रॉफी खिताब जीत लिया है। कर्नाटक और विदर्भ के बीच नागपुर में खेले गया यह मुकाबला पांचवें और अंतिम दिन ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन विदर्भ ने कर्नाटक को पहली पारी के बढ़त के आधार पर मात दी और इस घरेलू टूर्नामेंट का चैंपियन बनने में सफल रहा। विदर्भ का यह तीसरा रणजी ट्रॉफी खिताब है। करुण और नालकंडे चमके विदर्भ ने इससे पहले 2017-18 और 2018-19 में खिताब जीता था। यह पिछले साल वर्षों में विदर्भ का तीसरा खिताब है। विदर्भ ने पहली पारी में दानिश मालेवार के 153 रन और करुण नायर के 86 रनों की मदद से 379 रन बनाए थे, लेकिन केरल की टीम ने पहली पारी में कप्तान सचिन बेबी के 98 रनों की पारी के बावजूद 342 रन बनाए। इस तरह विदर्भ ने पहली पारी में 37 रनों की बढ़त हासिल की। विदर्भ के लिए दूसरी पारी में करुण नायर ने शतक लगाया और 135 रनों की पारी खेली। वहीं, दर्शन नालखंडे ने नाबाद 51 रन बनाए। दिन का खेल खत्म होने तक विदर्भ ने दूसरी पारी में नौ विकेट पर 375 रन बनाए। जैसे ही नालकंडे ने अर्धशतक लगाया, मैच समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। विदर्भ की दूसरी पारी विदर्भ ने अंतिम दिन 249/4 स्कोर के आगे खेलना शुरू किया। करुण नायर ने 132 और कप्तान अक्षय वाडकर ने चार से आगे खेलना शुरू किया। करुण हालांकि, अपने स्कोर में सिर्फ तीन रन का ही इजाफा कर सके और उन्हें आदित्य सरवटे ने पवेलियन भेजा। इसके कुछ देर बाद ईडेन एप्पल ने ने हर्ष दुबे को आउट किया जो चार रन बनाकर आउट हुए। फिर सरवटे ने आदित्य (25) को आउट कर विदर्भ को सातवां झटका दिया।  अक्षय कार्नेवर और नालकंडे ने आठवें विकेट के लिए 48 रनों की साझेदारी की जिससे विदर्भ का स्कोर 300 के पार पहुंचा। कार्नेवर हालांकि 70 गेंदों पर 30 रन बनाकर आउट हुए और फिर सरवटे ने नचिकेत भुटे (3) को अपना शिकार बनाकर विदर्भ के नौ विकेट गिरा दिए। अंत में नालकंडे के अलावा यश ठाकुर आठ रन बनाकर नाबाद रहे। केरल की ओर से सरवटे ने चार विकेट झटके, जबकि निधेश, जलज सक्सेना, एप्पल, बासिल और अक्षय चंद्रन को एक-एक विकेट मिला।   recent visitors 60

जलगांव में केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे की बेटी के साथ हुई छेड़छाड़, मंत्री ने खुद ठाणे जाकर दर्ज कराइ एफइआईआर

मुंबई महाराष्ट्र के जलगांव में केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे की बेटी के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। शुक्रवार महाशिवरात्रि के बाद जलगांव में चल रहे मेले में खडसे की बेटी से साथ छेड़छाड़ हुई। मेले में आये कुछ युवकों ने उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने पहुँची है। क्या है पूरा मामला? केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे की बेटी अपने दोस्तों के साथ कोथली गांव में एक यात्रा देखने गए थे। उनके साथ में सुरक्षा गार्ड भी थे। इसी दौरान सुरक्षा गार्ड को कुछ युवकों पर शक हुआ कि वे मंत्री की बेटी और उसकी सहेली के परिवार का वीडियो बना रहे हैं। शक के आधार पर सुरक्षा गार्ड ने युवक के हाथ से मोबाइल लेकर उसकी जांच की। जिससे नाराज होकर युवक सुरक्षा गार्ड से भिड़ गए। जिससे घटनास्थल पर हडकंप मच गया। सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज सुरक्षा गार्ड ने हाथापाई करने वाले चार लोगों के खिलाफ मुक्ताई नगर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज किया है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं केंद्रीय मंक्षी रक्षा खड़से भी पुलिस स्टेशन में पहुंची और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। recent visitors 45

16 पेटी शराब के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार: बोलेरो गाड़ी में बेचने के लिए लेकर जा रहे थे, कर्रापुर में घेराबंदी कर पकड़ा

Three accused arrested with 16 boxes of liquor: They were taking it to sell in a Bolero car, caught after a siege in Karrapur सागर। बहेरिया थाना की कर्रापुर चौकी पुलिस ने अवैध शराब से भरी बोलेरो पकड़ी है। गाड़ी से 16 पेटी अवैध शराब जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि पीएलपी स्कूल के पास आम रोड कर्रापुर में एक बगैर नंबर की बोलेरो गाड़ी में तीन लोग सवार हैं। गाड़ी में बड़ी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम कार्रवाई के लिए रवाना हुई। टीम ने कर्रापुर में स्थानीय लोगों की मदद से बोलेरो को पकड़ लिया। बोलेरो से तीन युवकों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम बब्लू उर्फ महेन्द्र लोधी(निवासी ग्राम चकेरी विनायका), विनोद कुशवाहा (निवासी वार्ड क्रमांक 1 मकरोनिया) और राघवेन्द्र यादव (निवासी बासौदा विदिशा) होना बताया। गाड़ी की तलाशी ली तो गाड़ी के अंदर 14 पेटी लाल मसाला और दो पेटी प्लेन की अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने बोलेरो से 800 पाव कुल 144 लीटर कीमती करीब 80 हजार रुपए की शराब जब्त की। पुलिस शराब और गाड़ी जब्त कर आरोपियों को थाने लाई। जहां पर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया। मामले में आरोपी बब्लू उर्फ महेंद्र ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उक्त अवैध शराब कर्रापुर दुकान से बेचने के लिए भेजी जा रही थी। मामले में पुलिस आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अवैध शराब के संबंध में पड़ताल कर रही है। recent visitors 130