छतरपुर जिले में काले बादल छाए, न्यूनतम तापमान 16 डिग्री दर्ज: पिछले सप्ताह की तुलना में दो डिग्री बढ़ा

Dark clouds covered Chhatarpur, minimum temperature recorded at 16 degrees: increased by two degrees compared to last week छतरपुर । शनिवार शाम से मौसम में अचानक बदलाव आया है। रविवार सुबह 9 बजे से आकाश में काले बादल छाए हुए हैं। सुबह धूप नहीं निकली, हालांकि दोपहर बाद मौसम के साफ होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 16.31 डिग्री और अधिकतम तापमान 31 डिग्री दर्ज किया गया है। हवा 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। एक सप्ताह पहले न्यूनतम तापमान 16 डिग्री और अधिकतम तापमान 29 डिग्री था। फसलों की नियमित सिंचाई करने की सलाह किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए नियमित सिंचाई करने की सलाह दी गई है। स्प्रिंकलर का उपयोग करें और रात में सिंचाई करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेज धूप से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना चाहिए। गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखना आवश्यक है। खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म इलाके जिले में खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म इलाके हैं, जहां तापमान 48 डिग्री से ऊपर जाता है। बिजावर की जटाशंकर में यह 43 डिग्री तक सीमित रहता है। मौसम विभाग के अनुसार, 12 अप्रैल से 21 जून तक सबसे अधिक गर्मी पड़ेगी और इस दौरान तापमान 38 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना है। recent visitors 163

तेलंगाना में सुरंग हादसे को एक सप्ताह बीता, नहीं निकल पाया एक भी मजदूर, सुरंग में फंसे लोगों के बचने की उम्मीद बेहद कम

तेलंगाना तेलंगाना में एक सुरंग ढहने के बाद एक हफ्ते से जारी बचाव अभियान के दौरान एक सफलता मिली है। सुरंग में फंसे कुल 7  लोगों में से चार की ‘लोकेशन’ का पता लगा लिया गया है। यह जानकारी राज्य के आबकारी मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने शनिवार को दी। हालांकि, उन्होंने कहा कि सुरंग में फंसे लोगों के बचने की उम्मीद बेहद कम है। कृष्ण राव सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी के साथ बचाव अभियान में शामिल अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘मेरे विचार से रडार के जरिए चार लोगों की लोकेशन का पता लगा लिया गया है।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि रविवार शाम तक लोगों को बाहर निकाल लिया जाएगा। जिन चार लोगों के बारे में पता चला है, उनकी स्थिति के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले दिन ही कहा था कि फंसे हुए लोगों के बचने की संभावना बहुत कम है। कृष्ण राव ने कहा कि जहां चार लोगों के होने के स्थान की पहचान की गई है, वहां हाथ से गाद निकालने का काम किया जा रहा है जिसके रविवार शाम तक पूरा होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (NGRI) के वैज्ञानिकों ने ‘ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार’ (GPR) का उपयोग किया और इस दौरान उन्हें महत्वपूर्ण सुराग मिला। मंत्री ने कहा कि ऐसा लगता है कि बाकी चार लोग टनल बोरिंग मशीन (TBM) के नीचे फंसे हैं जिनके बारे में पता लगाने में कुछ समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि 450 फुट ऊंची टीबीएम को काटा जा रहा है और इस अभियान में करीब 11 एजेंसियों के कर्मी शामिल हैं। अभियान में देरी को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना का जिक्र करते हुए कृष्ण राव ने कहा कि इस प्रयास में शामिल लोग विशेषज्ञ हैं, लेकिन सुरंग के अंदर कीचड़ सहित अन्य स्थितियों को देखते हुए बचाव कार्य जटिल है। कृष्ण राव ने कहा कि अभियान जारी है, इसलिए सुरंग में फंसे लोगों के परिवारों को भी उम्मीदें हैं। श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग की छत ढहने से उसके नीचे 22 फरवरी से आठ लोग (इंजीनियर और श्रमिक) फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जोर-शोर से जारी है। recent visitors 61

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। सोमवार 3 मार्च 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में बच्चों के शिक्षा के अधिकार, पॉक्सो एवं किशोर न्याय अधिनियम पर आधारित इस कार्यशाला में महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। कार्यशाला में सभी जिलों के महिला बाल विकास, शिक्षा, जनजातीय कल्याण एवं गृह विभाग के अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहेंगे।   recent visitors 64

प्रहलाद बोले-लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ी: कैबिनेट मंत्री ने कहा- माला पहनाएंगे और मांग पत्रों का टोकना पकड़ा देंगे

Prahlad said- People have got into the habit of begging from the government: Cabinet minister said- will garland them and give them a token for the demand letters भोपाल। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने शनिवार को जनता के मांग पत्रों को ही भीख करार दे दिया। उन्होंने कहा- ‘अब तो लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ गई है। नेता आते हैं, एक टोकना (टोकरी) तो कागज मिलते हैं उनको। मंच पर माला पहनाएंगे और एक पत्र पकड़ा देंगे। यह अच्छी आदत नहीं है। लेने की बजाय देने का मानस बनाएं। मैं दावे से कहता हूं आप सुखी होंगे। और एक संस्कारवान समाज को खड़ा करेंगे। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा, यह भिखारी की फौज इकट्ठी करना, यह समाज को मजबूत करना नहीं है। समाज को कमजोर करना है। मुफ्त की चीजों के प्रति जितना आकर्षण रखते हैं यह वीरांगनाओं का सम्मान नहीं है। किसी शहीद का सम्मान तब है, जब हम उस मंत्री बोले- मैं खुद के लिए कभी नहीं मांगता ऐसे किसी शहीद का नाम जानते हैं, जिसने किसी से भीख मांगी हो। मुझे नाम बताना, उसके बावजूद भी हम आते हैं और अपने कार्यक्रम करके चले जाते हैं। मैं एक ही भिक्षा मांगकर अपनी बात खत्म करता हूं कि नर्मदा का परिक्रमा वासी हूं, तो भिक्षा तो मांगता हूं। खुद के लिए कभी नहीं मांगता। काेई नहीं कह सकता कि मैंने प्रहलाद पटेल को यह दिया है। रानी अवंतीबाई की प्रतिमा अनावरण करने पहुंचे थे पटेल मंत्री प्रहलाद पटेल राजगढ़ जिले में सुठालिया में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। राजगढ़ के सुठालिया में रानी अवंतीबाई की प्रतिमा अनावरण से पहले लोधा समाज ने नगर में चल समारोह निकाला। चल समारोह परलापुरा स्कूल से शुरू होकर सदर बाजार होते हुए बस स्टैंड पर पहुंचा। प्रहलाद पटेल और सभी अतिथियों का स्वागत कर रानी अवंतीबाई की प्रतिमा स्थल पर पहुंचे। लोगों ने जेसीबी से पुष्पवर्षा कर प्रहलाद पटेल का स्वागत किया। recent visitors 191

आज भारत की न्यूजीलैंड से होगी भिड़ंत, भारत की प्लेइंग 11 में हो सकता है 1 बदलाव

दुबई चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय टीम आखिरी लीग मैचआज न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इसके बाद भी यह मैच महत्वपूर्ण होगा। इस मैच के नतीजे से यह तय होगा कि ग्रुप ए की अंक तालिका में पहले और दूसरे स्थान पर कौन होगा। इससे तय होगा कि सेमीफाइन में भारत किससे भिड़ेगा और न्यूजीलैंड का किससे सामना होगा। भारतीय टीम इस मैच में 1 बदलाव के साथ उतर सकती है। तेज गेंदबाजी विभाग में बदलाव हो सकता है। न्यूजीलैंड की टीम में पांच बाएं हाथ के बल्लेबाज की मौजूदगी और पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान मोहम्मद शमी की पिंडली में आई मामूली परेशानी के कारण भारतीय टीम प्रबंधन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को खिला सकता है। शुक्रवार के अभ्यास सत्र में इसके संकेत मिले तो पंजाब के इस तेज गेंदबाज के शमी की जगह लेने की पूरी संभावना है। शमी लंबे समय तक चोट से दूर रहने के बाद हाल ही में भारतीय टीम में लौटे हैं। अर्शदीप ने 13 ओवर फेंके अर्शदीप ने गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल की निगरानी में ट्रेनिंग ली और पूरे रनअप के साथ 13 ओवर फेंके, जबकि शमी ने कम रनअप के साथ केवल 6-7 ओवर फेंके। वह पूरी ताकत से गेंदबाजी नहीं कर रहे थे। 23 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान शमी ने पारी का तीसरा ओवर फेंकने के तुरंत बाद फिजियो से अपने दाहिने पैर का उपचार करवाया था। शुक्रवार को ट्रेनिंग सत्र के दौरान खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज से पता चलता है कि भारत महत्वपूर्ण सेमीफाइनल से पहले शमी को एक बहुत जरूरी ब्रेक दे सकता है। गेंदबाजी लाइनअप में बदलाव के संकेत मीडिया से बातचीत में केएल राहुल इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि भारत प्रलोभन के बावजूद विजयी संयोजन में बदलाव करेगा या नहीं, लेकिन सहायक कोच रेयान डोएशेट ने बाद में शाम को संकेत दिया कि गेंदबाजी लाइनअप में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा पूर्व कप्तान विराट कोहली के लिए यह बड़ा मैच होगा। यह उनका 300वां वनडे मुकाबला होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें। भारत की संभावित प्लेइंग 11 रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल, हार्दिक पंड्या, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह। भारतीय टीम में हर कोई फिट, बदलाव की उम्मीद कम : केएल राहुल भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल का कहना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ होने जा रहे चैंपियंस ट्रॉफी के अंतिम ग्रुप स्टेज मैच के लिए मोहम्मद शमी और रोहित शर्मा दोनों ही उपलब्ध होंगे। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान शमी मुश्किल में दिखे थे और उन्होंने अपना कोटा पूरा नहीं किया था। रोहित को भी हैमस्ट्रिंग में समस्या महसूस हुई थी। हालांकि भारतीय टीम एक हफ्ते के लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर उतरने वाली है। राहुल ने कहा, “मुझे इस बारे में अधिक जानकारी नहीं है, लेकिन इतना पता है कि हर कोई ठीक है। मुझे जहां तक पता है किसी के भी मैच मिस करने की चिंता नहीं है। शायद आज की ट्रेनिंग के बाद हमें अधिक जानकारी मिलेगी।” भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। इस मैच के दो दिन बाद यानि 4 मार्च को भारत को अपना सेमीफाइनल मैच खेलना है। लगातार पड़ रहे मैचों के बीच क्या भारतीय टीम किसी खिलाड़ी को आराम देने वाली है? तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत, स्पिनर वरूण चक्रवर्ती और वॉशिंगटन सुंदर अभी तक एक भी मैच नहीं खेले हैं। क्या आखिरी लीग मैच में उन्हें उतारा जा सकता है? यह पूछने पर राहुल ने कहा ,”मैं नेतृत्व समूह का हिस्सा नहीं हूं, लेकिन मुझे यकीन है कि इसका लालच तो होगा। मैं इस स्थिति में पहले रहा हूं जब आपके पास खिलाड़ियों को आजमाने का मौका होता है। लेकिन मुझे नहीं पता कि यह चैंपियंस ट्रॉफी में होगा या नहीं। हमें सेमीफाइनल से पहले एक ही दिन का ब्रेक मिला है। अभी छह दिन का ब्रेक है और हम चाहते हैं कि सभी खिलाड़ियों को मौका मिले। यह मेरा विचार है, लेकिन पता नहीं कल शायद कुछ और हो।” विकेटकीपर राहुल को पता है कि उनके कारण ऋषभ पंत को बाहर बैठना पड़ रहा है। ये बात उनके दिमाग में चलती रहती है, लेकिन राहुल का कहना है कि इससे उनके खेलने के तरीके पर कोई असर नहीं पड़ता। राहुल ने कहा, “दबाव तो रहता ही है, मैं झूठ नहीं बोलूंगा। वो एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और हम सभी ने देखा है कि वो क्या कर सकते हैं। वो कितने आक्रामक हो सकते हैं और कितनी तेजी से मैच का रुख बदल सकते हैं। टीम के लिए भी हमेशा एक लालच रहता है चाहे जो भी कप्तान हो या कोच हो कि या तो उन्हें खिलाएं या मुझे। ये हमेशा चलता रहता है। लेकिन मेरे लिए अगर मुझे मौका दिया जाता है, तो मैं यही देखता हूं कि मैं टीम के लिए क्या सबसे अच्छा कर सकता हूं। “मैं ऋषभ से मुकाबला करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं और ना ही उनकी तरह खेलने की कोशिश करता हूं। जब उन्हें मौका मिलेगा तो वो भी किसी और की तरह खेलने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्हें उनके खेल और टीम को जो योगदान दे सकते हैं उसकी वजह से चुना जाता है और मेरे साथ भी वही बात लागू होती है। इसलिए मैं अपने खेल से चिपका रहता हूं और वही करने की कोशिश करता हूं जो मुझे सबसे अच्छा आता है।”   recent visitors 63

तमिलनाडु के IAS का शर्मसार करने वाला बयान, 3 साल की बच्ची ने यौन उत्पीड़न के लिए आरोपी को उकसाया

चेन्नै  तमिलनाडु में मायिलादुथुराई के कलेक्टर एपी महाभारती ने तीन साल की बच्ची से जुड़े POCSO केस पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा कि हो सकता है बच्ची ने खुद आरोपी लड़के को उकसाया हो। इस बयान के कुछ ही घंटों बाद, शुक्रवार शाम को उन्हें उनके पद से हटा दिया गया। उनकी जगह इरोड नगर निगम के कमिश्नर एच एस श्रीकांत को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया। यह मामला एक 16 साल के लड़के का है। उस पर स्कूल जाने वाली एक 3 साल की छोटी बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है। पुलिस ने बताया कि लड़के ने बच्ची के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। जब बच्ची भागने लगी तो लड़के ने ईंट से उस पर हमला कर दिया। इससे बच्ची के सिर और चेहरे पर चोटें आईं। लड़के को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पॉक्सो ऐक्ट की मीटिंग में कही बात इस मामले में कलेक्टर महाभारती का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे POCSO एक्ट पर एक मीटिंग में बोल रहे हैं। वीडियो में वे कहते सुनाई दे रहे हैं कि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार उस बच्ची ने सुबह लड़के के चेहरे पर थूका था। हो सकता है इसी वजह से लड़के ने ऐसा किया हो। दोनों पक्षों को देखना ज़रूरी है।' विवाद के बाद आईएएस ने दी सफाई विवाद के बाद एपी महाभारती ने सफाई दी। उन्होंने कहा, 'मेरे कमेंट्स को गलत तरीके से लिया गया।' उन्होंने कहा, 'मेरा इरादा गलत नहीं था। मैंने अच्छे इरादे से यह बात कही थी।' भड़के अन्नामलाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने इस मामले में कलेक्टर की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, 'मायिलादुथुराई के जिला कलेक्टर ने दावा किया है कि साढ़े तीन साल की पीड़िता भी इस भयानक यौन उत्पीड़न मामले में कुछ हद तक दोषी है। BJP तमिलनाडु की तरफ से हम उनकी इस शर्मनाक टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हैं।' अन्नामलाई ने आगे कहा, 'मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार पीड़ितों को दोष देते रहे हैं और उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक करते रहे हैं। यही वजह है कि जिला कलेक्टर ने ऐसा बयान दिया है।' डीएमके सांसद ने भी सुनाई द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की सांसद कनिमोझी ने भी इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'ऐसे लोग खुद को पढ़ा-लिखा या इंसान कैसे कह सकते हैं? और हमसे ऐसी बातें सहन करने की उम्मीद क्यों की जाती है?' यह घटना एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि बच्चों के यौन उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मामलों में अधिकारियों को किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। कलेक्टर का बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना है और इससे पीड़िता और उसके परिवार को और भी तकलीफ पहुंची है। इस मामले में सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे बयान न दिए जाएं। बच्चों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और हमें इसके लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए। recent visitors 68

भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अपील,डामर की सड़कों पर ना करें होलिका दहन

भोपाल  मध्य प्रदेश में हर साल होलिका दहन का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इसे लेकर शहर के कामकाजी लोगों में खासा उत्साह देखा जाता है। भाग दौड़ वाली जिंदगी से खुशी के कुछ पल निकालकर वे लोग अपनों के साथ मस्ती मजाक करने बाहर आते हैं। उन्हे इस दौरान अपनी कुछ जिम्मेदारियों पर भी ध्यान देना चाहिए। ऐसा मानना है भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का। उन्होंने शहरवासियों से होलिका दहन सड़कों पर न करने की अपील की है। होलिका दहन से सड़कों को नुकसान पहुंचता है और करोड़ों रुपये का खर्चा आता है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को पत्र भी लिखा है। उन्होंने होलिका दहन के लिए सड़कों के अलावा दूसरी जगहों पर व्यवस्था करने को कहा है। यह अपील खासतौर पर होलिका दहन के त्यौहार से पहले की गई है। ताकि समय रहते इस पर एक्शन लिया जा सके। डामर पर होलिका दहन से रोड को नुकसान भोपाल में हजारों जगहों पर होलिका दहन होता है। कई लोग डामर की सड़कों पर ही होलिका दहन कर देते हैं। इससे सड़कें खराब हो जाती हैं और डामर पिघल जाता है। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का मानना है कि इस वजह से हर साल काफी आर्थिक का नुकसान होता है। लोगों को जागरूक करने की जरूरत हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए शहर की सड़कों की मरम्मत की गई थी। अब इन नई सड़कों को नुकसान से बचाना जरूरी है। ताकि लंबे समय तक लोग इनका लाभ उठा सकें। सूर्यवंशी ने लोगों से होलिका दहन सड़कों पर न करने का आग्रह किया है। उन्होंने होलिका दहन के लिए ऐसी जगह चुनने को कहा है जहां डामर न हो। इससे सड़कें सुरक्षित रहेंगी और नगर निगम के पैसे की भी बचत होगी। उनका मानना है कि लोग अनजाने में ही सड़कों पर होलिका दहन कर देते हैं। इसलिए इस बार लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। recent visitors 74