आज अगर बारिश से धुला अफगानिस्तान-ऑस्ट्रेलिया का मैच, तो कौन पहुंचेगा सेमीफाइनल में

लाहौर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड को हराने के बाद अब अफगानिस्तान की नजरें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज करके सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने पर होंगी. अफगानिस्तान अगर सेमीफाइनल में पहुंच जाती है तो यह लगातार दूसरा मौका होगा, जब अफगानी टीम लगातार दूसरे आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई करेगी. हालांकि, उसके लिए यह  इतना आसाना नहीं होने वाला है, क्योंकि उसके सामने ऑस्ट्रेलिया है. क्या है सेमीफाइनल का समीकरण स्टीव स्मिथ की अगुवाई में अगर ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान को हरा दिया तो वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि अफगानिस्तान के रास्ते बंद हो जाएंगे. लेकिन अगर अफगानिस्तान ने यह मैच जीत लिया तो वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. ग्रुप बी से सेमीफाइनल में जाने वाली टीम दूसरी कौन सी होगी, इसका फैसला दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच मुकाबले पर निर्भर करेगा. अगर अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया, उसके बाद इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया तो ऐसी स्थिति में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के तीन-तीन अंक होंगे और जिसका नेट रन रेट बेहतर होगा, वो सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा. अगर मैच बारिश के कारण रद्द हुआ तो अगर यह मैच बारिश के कारण रद्द हुआ तो स्थिति और भी मजेदार हो जाएगी. ऑस्ट्रेलिया के चार अंक होंगे और उसका सेमीफाइनल का स्थान पक्का होगा. दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका को ऐसी सूरत में इंग्लैंड के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. अगर दक्षिण अफ्रीका हार जाती है तो उसे यह उम्मीद करनी होगी कि उसकी हार बड़ी ना हो, जिससे अफ्रीकी  टीम का रन रेट, अफगानिस्तान से बेहतर हो. ऐसी सूरत में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. कैसा रहेगा कराची का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 28 फरवरी को बादल छाए रहेंगे. लेकिन बारिश की संभावना नहीं हैं. दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक रहने के पूर्वानुमान जताया गया है. क्वार्टर फाइनल होगा मुकाबला अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया शुक्रवार को लाहौर में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में आमने-सामने होंगे, जिसमें दोनों टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए होड़ करेंगी. कई सालों से अफगानिस्तान को विश्व क्रिकेट में उभरती ताकत माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में उनके प्रदर्शन ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि अब उन्हें महज डार्क हॉर्स के तौर पर नहीं देखा जाता. बुधवार रात इंग्लैंड पर उनकी शानदार जीत ने उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी में अपने पहले सेमीफाइनल के करीब पहुंचा दिया है. शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला वैश्विक मंच पर अपनी साख दिखाने का एक और मौका होगा. पिछले साल टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत से उनका आत्मविश्वास बढ़ा होगा, जहां उन्होंने पांच बार के विश्व चैंपियन पर अपनी पहली जीत हासिल की थी. ऐसी हैं दोनों टीमें अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्ला उमरजई, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नायब, राशिद खान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, फरीद अहमद मलिक, इकराम अलीखिल, नांगेयालिया खारोटे, नवीद जादरान. ऑस्ट्रेलिया: मैथ्यू शॉर्ट, ट्रैविस हेड, स्टीवन स्मिथ (कप्तान), मार्नस लाबुशेन, जोश इंगलिस (विकेट कीपर), एलेक्स कैरी, ग्लेन मैक्सवेल, बेन ड्वार्शिस, नाथन एलिस, एडम जम्पा, स्पेंसर जॉनसन, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, आरोन हार्डी, सीन एबॉट, तनवीर संघा. recent visitors 74

Sugamya Yatra : चुनिंदा दिव्यांगजन को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा

भोपाल दिव्यांगजनों को सार्वजनिक स्थानों, शासकीय कार्यालयों, मॉल और सिनोमाघरों में उनकी सुविधानुसार किस तरह का सुगम्य वातावरण होना चाहिए। प्रदेश के प्रत्येक जिले में 7 और 8 मार्च 2025 को जिला कलेक्टर्स के सहयोग से दिव्यांगजन की "सुगम्य यात्रा" का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक जिले में चुनिंदा दिव्यांगजन को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं आयुक्त नि:शक्तजन श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि सरकार के सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को सुगम्य वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में "सुगम्य यात्रा" निकाली जाएगी। इसमें दिव्यांगजन को सरकारी भवनों, कलेक्ट्रेट, तहसील, नगर पालिका, नगर निगम सहित अन्य शासकीय कार्यालयों, सिनेमा घरों, आम पर्यटन स्थलों, पुस्तकालयों, बाजारों सहित अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजन उपलब्ध साधन सुविधाओं की जमीन हकीकत को देखेंगे। स्थानों के भ्रमण के बाद दिव्यांगजनों द्वारा दी गई सलाह, सूचनाओं का संकलन किया जायेगा, जिनका उपयोग भारत सरकार द्वारा भविष्य में बनाई जाने वाली शहरी विकास नीतियों, डिजाइनिंग एवं विकासात्मक रणनीतियों में शामिल किया जायेगा, जो भविष्य में इस वर्ग के लिये अनुकूल वातावरण निर्माण में सहायक होगी। यात्रा के फोटो "यस टू एक्सेस" ऐप पर अपलोड कर सकेंगे। यात्राओं पर होने वाले व्यय सीआरएस फंड या एजीपी सब स्कीम से करने के अधिकार कलेक्टर्स को दिये गये हैं।   recent visitors 48

प्रदेश में ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर पर 1 लाख 30 हजार 800 करोड रुपए खर्च होंगे

भोपाल  भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है। इससे इंदौर को भी काफी फायदा होने वाला है। एनएचएआइ ने समिट में प्रदेश सरकार से एमओयू किया है। इसके तहत 4900 किमी के प्रोजेक्ट पर 1 लाख 30 हजार 800 करोड रुपए खर्च होंगे। इसमें इंदौर से भोपाल होते हुए जबलपुर तक ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर(High Speed Corridor) का भी प्रावधान किया गया है। इस पर अमल भी शुरू हो गया है। नए कॉरिडोर के तहत इंदौर से भोपाल के बीच 140 किमी लंबा हाईवे बनाया जाएगा। इसकी लागत 9 हजार 716 करोड़ होगी। यह कॉरिडोर वर्तमान सड़कों से अलग होगा। ये ऐसे क्षेत्रों से निकलेगा, जहां पहले से सड़क नहीं है। इस सड़क के आसपास ओद्यौगिक विकास होगा। इंदौर से भोपाल(Indore Bhopal Jabalpur) के बीच की वर्तमान दूरी में कमी आएगी। इस रोड को वर्तमान में बनाए जा रहे इंदौर-हरदा हाईवे से जोड़ा जाएगा। इससे कई गावों को जबरदस्त फायदा पहुंचेगा। डीपीआर के लिए टेंडर जारी एनएचएआइ ने राज्य शासन से समिट में जो एमओयू साइन(Indore Bhopal Jabalpur high speed corridor) किए हैं, उस पर अमल भी शुरू कर दिया गया है। एमओयू के तहत शुरुआती काम भी शुरू हो चुका है। विभाग ने डीपीआर के लिए टेंडर जारी किए हैं। recent visitors 46

बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण में करायें समझौता : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल आगामी 08 मार्च 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को आपसी समझौतो से निराकृत किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी। प्रि-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।  नेशनल लोक अदालत में दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्‍व राशि 10 लाख रूपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 8 मार्च 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।   recent visitors 62

दीनदयाल रसोई योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी

भोपाल प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय और श्रम कार्य के लिये ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब परिवारों को नगरीय एवं आवास विभाग द्वारा रियायती दर मात्र 5 रुपये में थाली उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश में संचालित दीनदयाल रसोई योजना का 3 चरणों में विस्तार किया गया है। योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। वर्तमान में 124 नगरीय निकायों में 191 रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इनमें 166 स्थायी और 25 चलित रसोई केन्द्रों से शहरी जरूरतमंदों को भोजन थाली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के 16 नगर निगमों में 58 स्थायी रसोई केन्द्र, 99 नगरपालिका परिषद में 99 स्थायी रसोई केन्द्र और 9 नगर परिषदों में 9 स्थायी रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में संचालित 25 चलित रसोई केन्द्र में से 16 नगर निगमों में 23 चलित रसोई केन्द्र और 2 नगरपालिका परिषद में 2 चलित रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। नगरीय निकायों में चलित रसोई केन्द्र की सुविधा इसलिये प्रारंभ की गई है कि जरूरतमंदों को उनके श्रम स्थान पर पहुंचकर ही भोजन थाली उपलब्ध कराई जा सके। संस्था को दी जाने वाली अनुदान राशि नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा रसोई योजना संचालित करने वाली संस्था को विभाग द्वारा प्रति थाली 10 रुपये अनुदान राशि उपलब्ध करायी जा रही है। रसोई योजना का संचालन प्रतिदिन प्रात: 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रसोई केन्द्र में स्वच्छता के साथ किये जाने की व्यवस्था की गयी है। व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी नगरीय निकायों के अमले को सौंपी गयी है। शहरी क्षेत्र में 25 चलित रसोई केन्द्रों के लिये सुसज्जित वाहन विभाग द्वारा नगरीय निकायों को दिये गये हैं। प्रदेश के 6 धार्मिक नगरों मैहर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, ओरछा और अमरकंटक में भी रसोई केन्द्र की व्यवस्था की गयी है। इन धार्मिक नगरों में बड़ी संख्या में निर्धन वर्ग के श्रद्धालु इन स्थानों पर पहुंचते हैं। विभाग द्वारा योजना के विस्तार के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।   recent visitors 52

युनूस सरकार की निकली हेकड़ी!, बांग्लादेश में छात्रों ने खुद की बनाई पार्टी, नाहिद इस्लाम संयोजक होंगे

ढाका बांग्लादेश में छात्रों के एक समूह ने एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की है। इन छात्रों के आंदोलन ने पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। नए गणतांत्रिक छात्र संसद या डेमोक्रेटिक स्टूडेंट काउंसिल में शक्तिशाली स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) समूह के प्रमुख आयोजक शामिल हैं। बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार के मुताबिक, नई पार्टी का नाम जतिया नागरिक पार्टी (National Citizen Party) रखा गया है और इसे शुक्रवार को लॉन्च किया जाएगा। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में सलाहकार रह चुके नाहिद इस्लाम को पार्टी का संयोजक और अख्तर हुसैन को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।   इन लोगों को भी मिलेगी पार्टी में जगह इसके अतिरिक्त, हसनत अब्दुल्ला को मुख्य आयोजक (दक्षिण) के रूप में नामित किया गया है, जबकि सरजिस आलम को उत्तरी क्षेत्र का मुख्य आयोजक और नसीरुद्दीन पटवारी को मुख्य समन्वयक के रूप में नामित किया गया है। ये निर्णय नागोरिक समिति और भेदभाव विरोधी छात्रों की संयुक्त बैठक के दौरान लिए गए, जो आज दोपहर राजधानी के बांग्लामोटर स्थित नागोरिक समिति के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित की गई। नाहिद ने पार्टी को लेकर क्या कहा? नाहिद इस्लाम यूनुस सरकार की कैबिनेट में सूचना सलाहकार के पद थे लेकिन बुधवार को उन्होंने नाटकीय ढंग से इस्तीफा दे दिया। नाहिद इस्लाम ने इस्तीफे के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''देश के मौजूदा हालात को देखते हुए एक नई पार्टी का उदय जरूरी हो गया है. मैंने जन विद्रोह को मजबूत करने के लिए सड़कों पर बने रहने का फैसला किया है. इसलिए कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया.'' नाहिद इस्लाम ने पिछले साल जुलाई में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की अवामी लीग सरकार के खिलाफ़ 'भेदभाव विरोधी' छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था। recent visitors 94

हटाया गया आपात प्लान, फिर बदली प्रयागराज रेलवे स्टेशन की व्यवस्था, परिवर्तित मार्ग हुआ समाप्त

प्रयागराज महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर महादेव की कृपा ऐसी रही कि यात्रियों को आपात प्लान के कारण डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ा। रेलवे ने आपात प्लान हटा दिया, जिससे यात्रियों को सीधे रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में कोई समस्या नहीं हुई। यात्री आश्रय स्थल के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्लेटफार्म तक ले जाया गया। रात आठ बजे तक रेलवे ने 272 ट्रेनों का संचालन किया था। जबकि रात 12 बजे तक लगभग 300 ट्रेनें चला दी गई। भीड़ को आश्रय स्थल पर रोकने की जगह उन्हें तेजी के साथ गंतव्य तक भेजने के लिए आन डिमांड ट्रेनों के संचालन की योजना कारगर रही। आश्रय स्थल में भीड़ नहीं जुटी तो स्टेशन मार्ग पर भी लगातार आवागमन सुचारू रहा।   कंट्रोल रूम से डीआरएम हिमांशु बड़ोनी लगातार सड़क व स्टेशन पर भीड़ का सजीव प्रसारण देखते रहे। उन्होंने हर रूट पर भीड़ प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनाई थी, जिसे क्रियान्वित किया गया। बुधवार रात आठ बजे तक रेलवे ने 141 विशेष ट्रेन और 131 दैनिक ट्रेनों का संचालन किया। शाम के बाद रेलवे स्टेशनों पर भीड़ का दबाव तो बढ़ा लेकिन लगातार ट्रेनों के संचालन से स्थिति सामान्य बनी रही। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से आश्रय स्थल तक ले जाया जाता रहा। एक-एक लोग को सीट पर बैठाया जाता। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को रात आठ बजे तक प्रयागराज जंक्शन से 76, छिवकी से 13 ,नैनी से 15, सूबेदारगंज पांच, प्रयाग स्टेशन से नौ, रामबाग से छह और झूंसी से 17 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। रेलवे स्टेशनों पर लगातार होती रही उद्घोषणा वहीं, दूसरी ओर सभी रेलवे स्टेशनों पर लगातार उद्घोषणा की जाती रही कि उन्हें किस दिशा और किस गंतव्य की ट्रेन कहां मिलेगी। इससे भीड़ सिर्फ प्रयागराज जंक्शन पर ही नहीं जुटी, बल्कि वह अलग-अलग स्टेशनों पर गई। इससे भीड़ प्रबंधन में आसानी रही। वहीं, दूसरी ओर यात्रियों के लिए खुसरोबाग आश्रय स्थल भी खोल दिया गया था। जिन यात्रियों को आराम करना था वह यहां जाकर बैठे और लेटे रहे। मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि खुसरोबाग में यात्रियों की सुविधा व मनोरंजन के लिए टीवी स्क्रीन लगाया गया था। जिस पर रामायण धारावाहिक सभी को दिखाया गया। recent visitors 78