ICC ने Champions Trophy 2025 के लिए खोला खजाना, विजेता टीम को मिलेगी बंपर प्राइज मनी

नई दिल्ली  आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 की शुरुआत में अब एक हफ्ते से भी कम का समय बचा है. इस बार यह टूर्नामेंट पाकिस्तान की मेजबानी में 'हाइब्रिड मॉडल' के तहत खेला जाना है. इसके मुकाबले पाकिस्तान के तीन शहरों (लाहौर, रावलपिंडी, कराची) और दुबई में होंगे. टूर्नामेंट का आगाज 19 फरवरी को कराची में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबले से होगा. वहीं टीम इंडिया भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 20 फरवरी को दुबई में बांग्लादेश से खेलेगी. प्राइज मनी में बंपर इजाफा अब चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए आईसीसी ने प्राइज मनी का ऐलान कर दिया है. चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 की विजेता टीम को 2.24 मिलियन डॉलर (लगभग 19.46 करोड़ रुपये) मिलेंगे. वहीं उपविजेता टीम को 1.12 मिलियन डॉलर (लगभग 9.73 करोड़ रुपये) मिलेंगे. सेमीफाइनल हारने वाली दोनों टीम को एक समान 560,000 डॉलर (लगभग 4.86 करोड़ रुपये) मिलेंगे. चैम्पियंस ट्रॉफी में हर मैच मायने रखेगा. ग्रुप स्टेज में मैच जीतने पर टीम को 34000 डॉलर (लगभग 29.53 लाख रुपये) मिलेंगे. जबकि पांचवें एवं छठे स्थान पर रहने वाली टीम को एक समान 350000 डॉलर (लगभग 3.04 करोड़ रुपये) मिलेंगे. जबकि सातवें और आठवें स्थान पर रहने वाली टीम को एक समान 140000 (लगभग 1.22 करोड़ रुपये) डॉलर मिलेंगे. इसके अलावा सभी आठ टीमों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 125000 डॉलर (लगभग 1.09 करोड़ रुपये) की गारंटी दी जाएगी. आईसीसी इस टूर्नामेंट में कुल 6.9 मिलियन डॉलर (लगभग 60 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि बांटेगी. यह 2017 की तुलना में 53 प्रतिशत ज्यादा है. चैम्पियंस ट्रॉफी की प्राइज मनी: (USD डॉलर) विजेता टीम: 2.24 मिलियन डॉलर (19.46 करोड़ रुपये) रनरअप: 1.24 मिलियन डॉलर (9.73 करोड़ रुपये) सेमीफाइनलिस्ट: 5,60,000 डॉलर (4.86 करोड़ रुपये) पांचवें एवं छठे नंबर की टीम: 3,50,000 डॉलर (3.04 करोड़ रुपये) सातवें या आठवें नंबर की टीम: 1,40000 डॉलर (1.22 करोड़ रुपये) ग्रुप स्टेज में जीत: 1,40,000 डॉलर (1.22 करोड़ रुपये) गारंटी मनी: 1,25,000 डॉलर (1.09 करोड़ रुपये) recent visitors 75

औद्योगिक परिदृश्य बेहतर बनाने सीएम सुझाव लेंगे, इंदौर में 18 फरवरी को बैठक करेंगे। सीएम उनके साथ डिनर भी करेंगे

भोपाल राजधानी में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले सीएम डॉ. मोहन यादव भोपाल और इंदौर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। आज शुक्रवार को भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शाम 7 बजे से चर्चा होगी। सीएम उद्योगपतियों को उद्योग नीतियों में किए संशोधन बताएंगे। औद्योगिक परिदृश्य बेहतर बनाने के सुझाव भी लेंगे। इंदौर में 18 फरवरी को बैठक करेंगे। सीएम उनके साथ डिनर भी करेंगे।  संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के बड़े शहरों में इंटरेक्टिव सेशन किए गए हैं। सीएम ने ब्रिटेन, जर्मनी और जापान में भी रोड शो कर मप्र में निवेश की संभावनाएं और नीतियां बताई हैं। अब स्थानीय उद्योगपतियों सीएम सीधा संवाद करेंगे। मंडीदीप में भी 17 फरवरी को कार्यक्रम होगा। बैठकों के जरिए स्थानीय उद्योगपतियों को भी जीआइएस में आमंत्रण और सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उद्योगों के विस्तार पर भी बात बैठक में उद्योग विभाग और एमपीआइडीसी के अधिकारी आइटी, फूड प्रोसेसिंग, माइनिंग, पर्यटन आदि क्षेत्रों में सरकार से दी जा रही सुविधाएं, इंसेंटिव और नई नीतियों को बताएंगे। फिनलैंड की संस्था संवारेगी अपना पर्यटन भोपाल. फिनलैंड की संस्था वी रियल प्रदेश के पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों पर वर्चुअल टूर बनाएगी। मप्र टूरिज्म बोर्ड और वी रियल के बीच इसका करार हुआ है। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव फिनलैंड के राजदूत किद्ब्रमो लाहदेविर्ता मौजूद रहे। ये वर्चुअल टूर जीवंत अनुभूति देंगे। इन टूर के जरिए पर्यटन, इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले मप्र के इतिहास और संस्कृति से परिचित हो सकेंगे। recent visitors 45

सांसदों की मुलाकातों से डरे उद्धव ठाकरे, एडवाइजरी जारी, शिंदे गुट के नेताओं से मुलाकात न करने की दी नसीहत

मुंबई शरद पवार की ओर से एकनाथ शिंदे को महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव पुरस्कार दिया गया था। इस सम्मान को लेकर टकराव खत्म भी नहीं हुआ था कि उद्धव सेना ने सांसदों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। उद्धव सेना के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे गुट के नेताओं से मिल रहे थे। इसे लेकर उद्धव खेमा चिंतित था और अब उसने एकनाथ शिंदे गुट के नेताओं से ज्यादा मुलाकात न करने की नसीहत दी है। आदित्य ठाकरे की ओर से यह एडवाइजरी दी गई है। दरअसल खबरें थीं कि कई सांसदों ने एकनाथ शिंदे और उनके गुट के अन्य नेताओं से मुलाकात की है। एकनाथ शिंदे ने ढाई साल सरकार चलाई थी और अब भाजपा की लीडरशिप वाली सरकार में वह डिप्टी सीएम हैं। ऐसे में उद्धव खेमे के सांसदों और विधायकों को लगता है कि सत्ता से करीबी के लिए एकनाथ शिंदे गुट के साथ रहना मुनासिब होगा। यह बात उद्धव गुट के लिए चिंता की वजह बन गई है। अब आदित्य ठाकरे की ओर से कहा गया है कि किसी भी आयोजन का न्योता स्वीकार करने से पहले लीडरशिप की मंजूरी जरूरी है। एकनाथ शिंदे खेमे की ओर से यदि कोई डिनर या लंच का इनवाइट आता है तो उसके लिए भी परमिशन लेकर ही जाना होगा। दरअसल 11 फरवरी को शरद पवार ने एकनाख शइंदे को सम्मानित किया था। दिल्ली में यह आयोजन हुआ था, जिसमें उद्धव सेना के सांसद संजय पाटिल भी मौजूद थे। यह बात उद्धव खेमे को अखर गई है। सम्मान को लेकर संजय राउत ने यहां तक कह दिया कि ऐसे सम्मान या तो खरीदे जाते हैं या फिर बेचे जाते हैं। इन पुरस्कारों को हासिल करने का और कोई तरीका नहीं है। एकनाथ शिंदे के सम्मान समारोह में मौजूद रहने वाले सांसद शाम को श्रीकांत शिंदे की ओर से दिए गए डिनर में भी पहुंचे थे। इस बात को लेकर टेंशन है। यही नहीं 12 नवंबर को एकनाथ शिंदे गुट के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव डिनर दिया था। उसमें भी उद्धव ठाकरे के कई सांसद पहुंचे थे। इन सभी को लेकर उद्धव ठाकरे गुट ने आपत्ति जताई है। दरअसल उद्धव खेमे का कहना है कि शरद पवार की ओर से एकनाथ शिंदे को सम्मानित करना एक तरह से उनके गुट को वैधता प्रदान करना है। इसके अलावा सांसदों के बार-बार मिलने से गलत संदेश जाता है। एक तरफ नैरेटिव खराब होता है तो वहीं ऐसी मुलाकातें सुर्खियां बनती हैं। इन्हीं मुलाकातों के चलते अकसर खबरें आती हैं कि उद्धव सेना के कई विधायक और सांसद पालाबदल कर सकते हैं। ऐसी खबरें उद्धव खेमे को असहज करने वाली होती हैं। यहां तक कि बीते सप्ताह मुंबई में एक मीटिंग हुई थी। इसमें उद्धव खेमे ने सभी सांसदों की परेड कराई थी। दिलचस्प बात है कि संजय पाटिल इसमें नहीं थे, जो श्रीकांत शिंदे के डिनर और एकनाथ शिंदे के सम्मान कार्यक्रम में पहुंचे थे। recent visitors 74

व्हाइट हाउस में मोदी-ट्रंप की जुगलबंदी दिखी, कुर्सी पर बिठाना हो या गले लगकर कहना- आप याद आए

वॉशिंगटन ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी को जमकर सराहा। उन्होंने कई मुद्दों पर भारत के रुख को गंभीरता से समझने की कोशिश की। इस दौरान दोनों की दोस्ती और जुगलबंदी भी देखने को मिली। फिर चाहे पीएम मोदी को कुर्सी पर बिठाना हो या फिर गले लगकर कहना कि आपकी बहुत याद आई। ट्रंप ने मोदी को उपहार के रूप में एक किताब भी दी। इस किताब के पहले पन्ने पर लिखा था- मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, यू आर ग्रेट। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे कहीं ज्यादा कठोर वार्ताकार हैं। उनसे कोई मुकाबला ही नहीं है। बातचीत या समझौते को लेकर ट्रंप ने मोदी को खुद से कहीं ज्यादा सख्त और बेतहर बताया। पीएम मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि उनमें से कौन आज ज्यादा सख्त मोलभाव कर सकता है तो ट्रंप ने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी मुझसे कहीं ज्यादा सख्त मोलभाव करने वाले हैं और वह मुझसे कहीं ज्यादा बेहतर वार्ताकार हैं। कोई मुकाबला ही नहीं है।   मस्क से की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क से मुलाकात की। इस दौरान अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की गई। बैठक में भारत और अमेरिका में सुशासन के प्रयासों पर विचारों का भी आदान-प्रदान किया गया। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने मस्क को अपने प्रशासन के नवगठित सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का प्रमुख चुना था। बैठक के लिए मस्क अपने तीन छोटे बच्चों समेत परिवार के साथ ब्लेयर हाउस पहुंचे थे।   पाकिस्तान से 26/11 हमलों के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का आह्वान प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने पाकिस्तान से आह्वान किया कि वह 26/11 के मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने के लिए अपने प्रयास में तेजी लाए। ट्रंप ने इस नृशंस हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को भारत को प्रत्यर्पित करने को मंजूरी देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, 'वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है। हम उसे तुरंत भारत वापस भेज रहे हैं और इस तरह के और प्रत्यर्पण हो सकते हैं क्योंकि हमारे पास भारत से काफी अनुरोध हैं।'   असैन्य परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने 16 साल पहले दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते के तहत भारत में अमेरिकी डिजाइन वाले परमाणु रिएक्टरों के निर्माण को सुविधाजनक बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। ट्रंप और मोदी ने अपनी बातचीत में ऊर्जा सहयोग को उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाने का फैसला किया।   भारत को मिलेंगे एफ-35 लड़ाकू विमान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा और ऊर्जा समेत अन्य रणनीतिक संबंधों को व्यापक बनाने की दिशा में बड़ी छलांग लगाने का ऐलान करते हुए कहा कि वाशिंगटन भारत को अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान देगा। ट्रंप ने कहा कि भारत व्यापार घाटे को कम करने के लिए अमेरिका से एफ-35 लड़ाकू विमानों सहित अधिक तेल, गैस और सैन्य उपकरण खरीदेगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन जवाबी शुल्क से भारत को नहीं बख्शेगा।   ‘अवर जर्नी टुगेदर’ के जरिए याद किए अपनी दोस्ती के पल ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। किताब में अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर आयोजित किए गए 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम की शानदार तस्वीरें संजोई गईं हैं। किताब में ट्रंप और मेलानिया की भी तस्वीरें हैं, जब दोनों ने आगरा का दौरा किया था और ताज का दीदार किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मुझे खुशी है कि यहां प्रवेश करते ही मेरे मित्र ने मुझे पुरानी अहमदाबाद के क्रिकेट स्टेडियम की याद दिलाई recent visitors 51

महाराष्ट्र कांग्रेस को मिला नया अध्यक्ष, हर्षवर्धन सपकाल को सौंपी गई जिम्मेदारी

मुंबई   महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए नाना पटोले ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. महाराष्ट्र कांग्रेस को अब नाना पटोले की जगह नया अध्यक्ष भी मिल गया है. हर्षवर्धन सपकाल महाराष्ट्र कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं. हर्षवर्धन सपकाल के नाम के ऐलान के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रहे कयासों का दौर थम गया है. हर्षवर्धन को महाराष्ट्र कांग्रेस की कमान सौंपा जाना कांग्रेस पार्टी के प्रदेश की सियासत में 'स्ट्रैटेजी शिफ्ट' की तरह देखा जा रहा है. हर्षवर्धन सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के दांव के पीछे क्या है? 4 पॉइंट में समझा जा सकता है. 1- मराठा दांव हर्षवर्धन सपकाल मराठा समुदाय से आते हैं. मराठा समुदाय की आबादी सूबे में अनुमानों के मुताबिक करीब 28 फीसदी है. करीब 52 फीसदी ओबीसी आबादी के बाद सूबे का यह दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला वर्ग सियासी वर्चस्व के लिहाज से सबसे आगे है. मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र, केवल दो रीजन ही देखें तो मराठा प्रभाव वाले इन इलाकों में ही विधानसभा की कुल 288 में से 116 सीटें हैं. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस महाराष्ट्र की 48 में से 13 सीटों पर जीत के साथ सूबे की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तो इसके पीछे मराठा समुदाय की भूमिका अहम मानी गई थी. विधानसभा चुनाव में विपक्ष की हार के बाद भी मराठा समुदाय के वोट बंटने को कारण बताया गया. अब कांग्रेस ने हर्षवर्धन सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है तो इसे मराठा वोटबैंक पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. 2- गठबंधन पर निर्भरता कम करना महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष मराठा समाज से बनाए जाने के दांव को मराठा वोट के लिए गठबंधन कम करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. महाराष्ट्र में मराठा वोट के लिए कांग्रेस लंबे समय से शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर ही निर्भर रही है. गठबंधन में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के आ जाने के बाद कांग्रेस मराठा वोट को लेकर और अधिक निश्चिंत हो गई थी. लोकसभा चुनाव में इसके अच्छे नतीजे भी देखने को मिले लेकिन विधानसभा चुनाव में परिणाम उलट रहे. इसके बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी ने निकाय चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया तो शरद पवार भी कांग्रेस की आलोचना करते नजर आए, खासकर दिल्ली चुनाव लड़ने के फैसले की. विधानसभा चुनाव में खराब नतीजों के लिए भी ठीकरा कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर ही फोड़ा गया. अब कांग्रेस की कोशिश भविष्य की प्रेशर पॉलिटिक्स के लिहाज से खुद को तैयार करने की है.    3- ओबीसी से आगे का प्लान मराठा वोटबैंक को साधने की जिम्मेदारी एमवीए में एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) जैसे दल उठाते रहे और कांग्रेस ओबीसी को फोकस कर चलती रही है. पार्टी के पिछले प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले भी ओबीसी समुदाय से ही आते हैं जिसकी महाराष्ट्र की कुल आबादी में भागीदारी करीब 52 फीसदी होने के अनुमान हैं. ओबीसी वोटबैंक पर बीजेपी की पकड़ मजबूत मानी जाती है, खासकर 2014 में नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में उभार के बाद से. अब कांग्रेस नेतृत्व को भी यह समझ आ गया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी से मोर्चा लेना है तो बस ओबीसी वोटबैंक के सहारे रहने की बजाय वोट बेस का विस्तार करना ही होगा. नए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल मराठा समुदाय से आते हैं और आदिवासी समाज में भी मजबूत पकड़ रखते हैं. 4- अनुशासित कैडर कार्ड महाराष्ट्र में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे नाना पटोले ने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस से ही की थी. 2009 के आम चुनाव में वह पार्टी से बगावत कर बतौर निर्दलीय ही गोंदिया भंडारा सीट से प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए. बाद में बीजेपी के टिकट पर नाना ने 2014 के चुनाव में प्रफुल्ल पटेल को पटखनी भी दी. 2018 में वह बीजेपी में छोड़ अपनी पुरानी पार्टी में लौट आए और कांग्रेस ने भी उन्हें उद्धव ठाकरे सरकार के समय विधानसभा अध्यक्ष से लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तक की जिम्मेदारी सौंप दी. अब कांग्रेस ने हर्ष सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कार्यकर्ताओं को भी एक संदेश दिया है. कौन हैं हर्षवर्धन सपकाल हर्षवर्धन सपकाल महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से आते हैं 25 साल से अधिक समय से सियासत में सक्रिय हैं. 1999 में सबसे युवा जिला परिषद अध्यक्ष रहे हर्षवर्धन 2014 में बुलढाणा सीट से विधानसभा भी पहुंचे थे. वह कांग्रेस के पंचायती राज प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के साथ ही गुजरात, पंजाब और मध्य प्रदेश के सह प्रभारी भी रह चुके हैं. जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन की ओर से 1996 में 21वीं सदी में वैश्विक मैत्री अभियान के तहत आयोजित अंतरराष्ट्रीय युवा सम्मेलन में भारतीय युवाओं के डेलिगेशन का नेतृत्व करने वाले हर्षवर्धन संत गाडगे बाबा ग्राम स्वच्छता अभियान से भी जुड़े रहे हैं.   recent visitors 68

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए भारत मां के वीर सपूतों को कोटिश नमन एवं श्रद्धांजलि : CM यादव

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। डॉ यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित अपने वीर जवानों के बलिदान का यह राष्ट्र अनंतकाल तक ऋणी रहेगा।     देश के लिए बलिदान होने वाले;     कभी मरते नहीं, अमर हो जाते हैं!     पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।     मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की… pic.twitter.com/C3eU1M30K0 — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 14, 2025 बता दें कि 14 फरवरी का दिन इतिहास में जम्मू कश्मीर की एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। घटना भले छह साल पुरानी है, लेकिन उसके जख्म आज तक हरे हैं, जब आतंकवादियों ने इस दिन को देश के सुरक्षाकर्मियों पर कायराना हमले के लिए चुना। राज्य के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिससे कम से कम 39 जवान शहीद हो गये और कई गंभीर रूप से घायल हुए। यह दिन इतिहास में एक और वजह से भी दर्ज है। recent visitors 61

भारत को प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए सरकार के कदम, 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को दी मंजूरी

नईदिल्ली पर्यटन मंत्रालय देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई प्रचार गतिविधियां चलाता है। इनमें मीडिया अभियान, सोशल मीडिया प्रचार, वेबिनार, प्रचार कार्यक्रमों में भागीदारी और उन्हें समर्थित करना, वेबसाइट द्वारा सूचना का प्रसार और लोगों को इससे जोड़ना शामिल है। पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए धन आवंटन हेतु राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के अंतर्गत सरकार ने हाल ही में 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। दरअसल भारत को प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने, अमृत काल में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटन बुनियादी ढांचा विकसित करने और घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय सैलानियों के बेहतर पर्यटन अनुभव के लिए पर्यटन मंत्रालय बहुत सी महत्वपूर्ण पहल की है। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में इन सरकार की इन पहलों का बारे में जानकारी दी है। भारत को प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए सरकार के कदम अतुल्य भारत कंटेंट हब किया लॉन्च-पर्यटन मंत्रालय ने पुनर्गठित अतुल्य भारत डिजिटल पोर्टल पर अतुल्य भारत कंटेंट हब लॉन्च किया है। इस व्यापक डिजिटल संग्रह में भारतीय पर्यटन से संबंधित गुणवत्तापूर्ण आकर्षक चित्रों, फिल्मों, लघु पठनीय सामग्री और समाचार पत्रों का समृद्ध संग्रह शामिल है। यह संग्रह टूर ऑपरेटरों, पत्रकारों, छात्रों, शोधकर्ताओं, फिल्म निर्माताओं, लेखकों, उत्कृष्ट पर्यटन स्थलों की सैर के लिए प्रेरित करने वाले लोगों, पर्यटन संबंधी सामग्री निर्माणकर्ताओं, अधिकारियों और राजदूतों सहित विभिन्न हितधारकों के लिए उपयोगी है। पर्यटन ढांचागत सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता पर्यटन मंत्रालय ‘स्वदेश दर्शन, तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद) योजना और ‘पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता’ योजनाओं द्वारा देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटन ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों/केंद्रीय एजेंसियों को वित्तीय सहायता देता है। स्वदेश दर्शन द्वितीय चरण के रूप में विकसित किया मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना को पुनर्गठित कर स्वदेश दर्शन द्वितीय चरण के रूप में विकसित किया है। इसका उद्देश्य स्थान विशेष को सम्मुन्नत करने के केंद्रित दृष्टिकोण के साथ संधारणीय और महत्वपूर्ण गंतव्य स्थलों को बढावा देना है। 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए धन आवंटन हेतु राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के अंतर्गत सरकार ने हाल ही में 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पर्यटन मंत्रालय मेलों/उत्सवों और पर्यटन संबंधी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। सीबीएसपी कार्यक्रम का आयोजित मंत्रालय गुणवत्तापूर्ण बेहतर सेवा मानकों के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण और उन्नयन हेतु पर्यटन सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण (सीबीएसपी) कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। पर्यटकों की सुगमता के लिए देश भर के पर्यटन स्थलों पर स्थानीय, प्रशिक्षित पेशेवरों के समूह उपलब्ध कराने हेतु पर्यटन मंत्रालय ने अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता (आईआईटीएफ) प्रमाणन कार्यक्रम- आरंभ किया है। यह अखिल भारतीय ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रम है। पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की परियोजनाएं स्वीकृत पर्यटकों के बेहतर सुविधा के लिए रेल और पर्यटन मंत्रालय के लागत साझाकरण के आधार पर 22 रेलवे स्टेशनों पर पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। पर्यटन स्थलों, प्रसिद्ध स्थानों और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों तक सड़क संपर्क में सुधार के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ मिलकर काम करता है। वह महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों और अल्प ज्ञात या संभावित उच्च क्षमता के नए पर्यटन स्थलों तक हवाई संपर्क बेहतर बनाने के लिए नागर विमानन मंत्रालय के साथ भी तालमेल रखता है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई प्रचार गतिविधियां यही नहीं, मंत्रालय देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई प्रचार गतिविधियां चलाता है। इनमें मीडिया अभियान, सोशल मीडिया प्रचार, वेबिनार, प्रचार कार्यक्रमों में भागीदारी और उन्हें समर्थित करना, वेबसाइट द्वारा सूचना का प्रसार और लोगों को इससे जोड़ना शामिल है। इसके अतिरिक्त विदेशों में स्थित भारतीय मिशन भी देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के बारे में वैश्विक यात्रियों को आकर्षित करने की कई प्रचार गतिविधियां चलाते हैं।   recent visitors 62