अन्नू कपूर ने संस्कृत श्लोक सुनाए और कला यात्रा की जानकारी दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में अभिनेता अन्नू कपूर ने सौजन्य भेंट की। अन्नू कपूर ने कहा कि वे मध्यप्रदेश से हैं और यहां आकर उन्हें आनंद का अनुभव होता है। विशेष रूप से मालवा अंचल की संस्कृति से वे बहुत प्रभावित हैं। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से उनका आत्मीय लगाव है।  कपूर ने कहा कि मध्य प्रदेश में विरासत से विकास के ध्येय के अनुसार महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मालवा, मध्यप्रदेश के साथ ही राष्ट्र के गौरव हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नू कपूर द्वारा भारतीय सिने जगत और दूरदर्शन पर अंताक्षरी के माध्यम से राष्ट्र भाषा हिन्दी की सुदीर्घ सेवा के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नू कपूर ने शिव तांडव स्रोत एवं अन्य संस्कृत भाषा की रचनाओं की सैकड़ों मंचों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी है। भारतीय संस्कृति की प्राचीनतम देव भाषा कई भाषाओं की जननी है। इस नाते अन्नू कपूर का योगदान महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर अभिनेता कपूर ने संस्कृत के कुछ श्लोक भी सुनाए। इस अवसर पर अन्नू कपूर ने अपनी कला यात्रा और मध्यप्रदेश के नगरों -कस्बों से उनके संबंध के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  अन्नू कपूर एवं उनके साथी देव कुमार का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया।   recent visitors 75

10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिका मुख्य परीक्षक भी जाचेंगे, पांच मार्च से मूल्यांकन कार्य होगा शुरू

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से आयोजित की जा रही है। पांच मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया जाएगा । मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को मंडल ने अच्छे और बिल्कुल फिसड्डी विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। ऐसे विद्यार्थी जिन्हें एक नंबर भी न मिला हो या जिनके नंबर 90 प्रतिशत से अधिक हो, उनकी उत्तरपुस्तिका दोबारा जांच की जाएगी। साथ ही उनकी उत्तरपुस्तिकाओं को मुख्य परीक्षक भी जाचेंगे। इनके अलावा एक या दो अंक से किसी विषय में विशेष योग्यता या प्रथम श्रेणी की पात्रता से वंचित होने वाले परीक्षार्थियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें हर पेज पर मिले अंकों को जोड़ने में भी विशेष सावधानी रखी जाएगी। ऐसे सभी विद्यार्थियों की कापी दोबारा चेक कर अंकों को ध्यान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उत्तरपुस्तिका की जांच आदर्श उत्तर के अनुसार होगी। बता दें, कि इस बार बोर्ड परीक्षा में 17 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। विद्यार्थियों को हर स्टेप के नंबर मिलेंगे मप्र बोर्ड परीक्षा में अगर विद्यार्थी ने किसी भी सवाल को आधे से अधिक हल किया तो उसे आधा अंक मिल जाएगा। हर स्टेप पर अंक दिए जाएंगे। अगर विद्यार्थी ने प्रश्न से संबंधित जो लिखा है उसे उसके अंक भी दिए जाएंगे। मूल्यांकन केंद्र के अंदर एक बार प्रवेश करने के बाद शिक्षक को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। इसके अलावा कापियों की चैकिंग आदर्श उत्तर के अनुसार होगी। 30 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में करीब 30 हजार शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में लगेंगे। सबसे पहले 12वीं की कापी जांचने का काम प्राथमिकता से किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान केंद्रों पर धारा 144 लागू रहेगी। एक शिक्षक को प्रतिदिन न्यूनतम 30 व अधिकतम 45 उत्तरपुस्तिकाएं जांचने के लिए दी जाएगी। आठ घंटे की प्रतिदिन की ड्यूटी करनी होगी ।   recent visitors 69

आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता के प्रेरणापुंज थे संत रविदास: गौतम टेटवाल

भोपाल विशेष लेख भारतीय संस्कृति में संतों का स्थान केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शकों के रूप में नहीं, बल्कि समाज सुधारकों के रूप में भी रहा है। उन्होंने समय-समय पर समाज को नई दिशा दी, उसके उत्थान के लिए कार्य किया और एक न्यायसंगत व्यवस्था का संदेश दिया। संत रविदास जी भी उन्हीं में से एक थे, जिन्होंने समानता, श्रम की प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता की शिक्षा दी। उनके विचारों की प्रासंगिकता आज भी उतनी ही गहरी है जितनी उनके समय में थी। संत रविदास जी 15वीं-16वीं शताब्दी के एक महान संत, समाज सुधारक और कवि थे। उनका जन्म वाराणसी में हुआ था। उन्होंने समाज में जातिगत भेदभाव का विरोध किया और कर्म को व्यक्ति की पहचान का आधार माना। उनकी शिक्षाएँ भक्ति आंदोलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनीं और उन्होंने निर्गुण भक्ति को अपनाते हुए समानता और ईश्वर-भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों को गुरुग्रंथ साहिब में भी शामिल किया गया, जो यह दर्शाता है कि उनकी शिक्षाएँ किसी एक संप्रदाय तक सीमित न होकर समस्त मानवता के लिए थीं। उन्होंने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां न कोई गरीबी हो, न शोषण हो, और न ही किसी प्रकार का अन्याय। यह उनके सामाजिक सुधार के विचारों का दर्पण है, जो आज के आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प से मेल खाता है। उनके विचार केवल भक्ति तक सीमित नहीं थे, बल्कि उन्होंने श्रम और कर्म की प्रतिष्ठा को समाज में स्थापित किया। उन्होंने कहा था कि "ऐसा चाहूं राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न" छोट-बड़ो सब सम बसै, रविदास रहै प्रसन्न। यह केवल एक आदर्श कल्पना नहीं, बल्कि एक ऐसे समाज की परिकल्पना थी जहां समानता हो, कोई भेदभाव न हो और हर व्यक्ति आत्मनिर्भर बने। संत रविदास के इन्हीं विचारों को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जहां युवाओं को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनें, बल्कि अपनी प्रतिभा के बल पर प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दें। आज प्रदेश में 970 आईटीआई (290 सरकारी और 680 निजी) कार्यरत हैं, 83 हजार 109 युवाओं को प्रशिक्षित कर तकनीकी और व्यावसायिक विशेषज्ञता प्रदान कर रहे हैं। ग्लोबल स्किल पार्क जैसे संस्थान सालाना 10 हजार युवाओं को उन्नत नौकरी के लिए प्रशिक्षण देते हैं। आईटीआई का आधुनिकीकरण कर 10 संस्थानों को अपग्रेड किया गया है, जिससे हर साल 12 हजार युवा 32 उभरते ट्रेडों में एनसीवीटी-स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में 4.27 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है, जिससे उन्हें छात्रवृत्ति और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ सशक्त बनाया जा रहा है। सरकार ने 1515 करोड़ रु. का बजट कौशल विकास पहल के लिए आवंटित किया है, जिससे युवाओं को वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग दी जा सके। संत रविदास के विचारों को आत्मसात कर हम समाज में समानता, श्रम की प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उनकी जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने और उन्हें समाज में स्थापित करने का संकल्प है।   recent visitors 61

दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों की लिस्ट में कहां हैं भारत-पाकिस्तान कहाँ पर है जाने, डेनमार्क सबसे ईमानदार देशों में टॉप पर

बर्लिन  ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (CPI) 2024 की रैंकिंग जारी कर दी है। भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक के तहत दुनिया भर के सबसे भ्रष्ट और सबसे ईमानदार देशों की रैंकिंग की जाती है। लिस्ट जारी करने के लिए सीपीआई 180 देशों और क्षेत्रों को सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के कथित स्तरों के आधार पर रैकिंग को जारी करता है। देशों को 0 से 100 के बीच अंक दिए जाते हैं, जिसके सबसे अधिक अंक पाने वाले सबसे साफ सुथरा और कम अंक पाने वाले को सबसे भ्रष्ट देश घोषित किया जाता है। रिपोर्ट के ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बर्लिन ने जारी किया है। सीपीआई रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक भ्रष्टाचार का स्तर चिंताजनक रूप से उच्च बना हुआ है। रिपोर्ट में दुनिया भर में गंभीर भ्रष्टाचार सामने आया है। दो तिहाई से अधिक देशों का स्कोर 100 में से 50 से नीचे है। लगभग 6.8 अरब लोग ऐसे देशों में रहते हैं, जिनका सीपीआई स्कोर 50 से कम है, जो दुनिया की कुल आबादी के 85 प्रतिशत के बराबर है। ये हैं सबसे ईमानदार देश सबसे कम भ्रष्टाचार वाले देशों में डेनमार्क लगातार 7वें साल टॉप पर रहा, जिसने 90 अंक प्राप्त किया। उसके बाद फिनलैंड (88) और सिंगापुर (84) का स्थान रहा। इसके बाद न्यूजीलैंड (83) और लग्जमबर्ग (81) शामिल हैं। टॉप रैकिंग वाले देशों में नॉर्वे और स्विटजरलैंड को भी 81 अंक मिले हैं। वहीं, स्वीडन को 80 अंक मिले हैं। ये हैं सबसे भ्रष्ट देश दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों की लिस्ट में दक्षिणी सूडान टॉप पर है। इंडेक्स के अनुसार इसे 8 अंक हासिल हुए हैं और इसे सबसे नीचे की 180वीं रैंक दी गई है, जो इसके सबसे भ्रष्ट देश होने का प्रमाण है। इसके बाद सोमालिया 179वें और वेनेजुएला 178वें स्थान पर है। लिस्ट में सीरिया 177वें और यमन, लीबिया, इरीट्रिया, इक्वाटोरियल गिनी 13 अंकों के साथ 173वें स्थान पर हैं। निकारागुआ 14 अंकों के साथ 172वीं रैंक पर है। भारत और पाकिस्तान की रैंकिंग कंगाल पाकिस्तान रैकिंग में 135वें स्थान पर है, जो साल 2023 के मुकाबले दो अंकों की गिरावट है। 27 अंक पाने वाला पाकिस्तान रैकिंग में माली, लाइबेरिया और गबोन जैसे देशों के साथ खड़ा है। करप्शन इंडेक्स में भारत की रैकिंग पाकिस्तान से बहुत ऊपर है। हालांकि, 2023 के मुकाबले इसमें 1 अंक की गिरावट आई है, जिसके रैंकिंग पर 3 का अंतर आया है। साल 2024 की रैकिंग में भारत 38 अंकों के साथ 96वें स्थान पर है। भारत का एक और पड़ोसी चीन 42 अंकों के साथ रैकिंग में 76वें स्थान पर है। बांग्लादेश 23 अंक के साथ 151वें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका को 32 अंक मिले हैं और वह 121वें स्थान पर है। तालिबान राज में अफगानिस्तान को 17 अंक मिले हैं और वह 165वें स्थान पर है। recent visitors 59

उज्जैन शहर की सड़कें चौड़ी करने में 50 से ज्यादा धर्मस्थल प्रभावित होंगे

उज्जैन एमपी में सड़कें चौड़ी करने का काम किया जा रहा है। उज्जैन में तो इसके लिए बाकायदा अभियान चलाया जा रहा है। सड़क चौड़ी करने के लिए यहां पहली बड़ी कार्रवाई जब रास्ते में आ रहे एक स्कूल को मार्ग से हटाया गया। अब धर्मस्थल को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। शहर भर की सड़कें चौड़ी की जानी है जिसमें 50 से ज्यादा धर्मस्थल प्रभावित होंगे। सड़कें चौड़ी करने के लिए ऐसे धर्मस्थलों को भी पीछे हटाया जाएगा। उज्जैन में 2028 में आयोजित सिंहस्थ यानि कुंभ मेले के लिए ये कवायद की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार धर्मस्थलों के बढ़े हिस्से को हटाया जाएगा या फिर कहीं ओर शिफ्ट भी किया जा सकता है।  उज्जैन में हो रहे रोड निर्माण और चौड़ीकरण के काम में पहली बड़ी कार्रवाई हुई है। कोठी रोड रोड से उद्योगपुरी की ओर मार्ग में आ रहे एक सरकारी स्कूल को शिफ्ट किया गया है। इसी के साथ स्कूल को तोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। वहीं रास्ते में आने वाले एक धर्मस्थल को भी पीछे किए जाने की कार्रवाई होगी। नगर निगम द्वारा प्रशासनिक संकुल भवन के पास से सड़क को 18 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। निगम ने यह काम भी शुरू कर दिया है। रास्ते में शासकीय प्राथमिक विद्यालय कोठी रोड का भवन और इसी के आगे एक धर्मस्थल भी आ रहा है। दोनों को हटाए बिना रोड चौड़ी करना संभव नहीं है। लिहाजा पहली कार्रवाई करते हुए शासकीय स्कूल को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने सरकारी स्कूल को हटाते हुए शासकीय प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर में शिफ्ट करने के आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर के आदेश के बाद निगम की ओर से स्कूल भवन तोडऩे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अगले दिनों में मार्ग में आ रहे धर्मस्थल को भी पीछे करने की कार्रवाई भी होगी। एक-दो दिन में होगा फैसला बताते हैं कि मार्ग में आने वाले धर्मस्थल को लेकर एक-दो दिन में निर्णय लिया जाएगा। निगम व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा धर्मस्थल से जुड़े स्टेक होल्डर से चर्चा भी कर ली गई है। अधिकारी बता रहे हैं कि जितना धर्मस्थल है, उससे ज्यादा निर्माण कर लिया गया है। ऐसे में धर्मस्थल के बढ़े हिस्से को हटाया जाएगा या फिर कहीं ओर शिफ्ट भी किया जा सकता है। 52 धर्मस्थल होंगे प्रभावित शहर की सड़क चौड़ी करने के काम में मार्ग में बने करीब 52 धर्मस्थल प्रभावित होंगे। इसमें गाड़ी अड्डा से निकास चौराहा व केडी गेट होते हुए बड़ी पुलिया तक 19 धर्मस्थल, खजूरवाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक 10, वीडी क्लॉथ मार्केट से दानीगेट होते हुए छोटी पुलिया तक 11, कोयलाफाटक से सतीगेट होते हुए गोपाल मंदिर तक 11, निकास चौराहे से कंठाल चौराहे तक 02 तथा गदा पुलिया से रविशंकर नगर होते हुए लालपुल तक 5 धर्मस्थल शामिल हैं। अगले दिनों में प्रशासनिक अधिकारी स्टेक होल्डर से चर्चा कर उचित निर्णय लेंगे। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव बताते हैं कि कोठी रोड पर चौड़े किए जा रहे मार्ग में आ रहे सरकारी स्कूल को तोड़ा जा रहा है। इसे शिफ्ट करने के आदेश कलेक्टर ने जारी कर दिए है। धर्मस्थल को लेकर भी चर्चा की जा रही है। recent visitors 57

मध्यप्रदेश के 17 गांव ‘शहर’ में होंगे शामिल ! 156 पेज का मास्टर प्लान तैयार

इटारसी  मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम शहर विस्तार की योजना 156 पेज में दर्ज है। योजना के मुताबिक पिछले आठ साल में आरएमएस चौराहे की एक सड़क का चौड़ीकरण किया गया। इसके अलावा पुरानी इटारसी में बस स्टैंड निर्माण हुआ है। अन्य कामों की कार्ययोजना पर अभी कोई काम नहीं हुआ। शहर से लगे गांव को जोड़ने में भी कई अड़चनें हैं। मास्टर प्लान तैयार नगरपालिका और प्रशासन ने यदि 156 पेज के मास्टर प्लान में शामिल सभी सडक़ों को निर्धारित मापदंड के अनुसार बनाया तो सडक़ों की चौड़ाई 12 से 24 मीटर तक चौड़ी हो जाएंगी। इटारसी के मास्टर प्लान को नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल ने 19 अक्टूबर 2016 को मप्र नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 19(1) के तहत अनुमोदित किया था। इसके बाद 28 अक्टूबर 2016 को मप्र राजपत्र में सूचना का प्रकाशन भी किया गया। बावजूद इसके अब तक नपा ने इस पर कोई चर्चा नहीं की। यह स्वीकृत मास्टर प्लान कागजों में ही धूल खा रहा था। प्लान के तहत 17 गांव होने हैं शामिल शहर विस्तार की योजना के मुताबिक शहर से जुड़े 17 गांव शहर में शामिल होने हैं। जिनका कुल निवेश क्षेत्र 11 हजार 999 हैक्टेयर है। जानकारी के मुताबिक शहरी सीमा क्षेत्र से लगे रैसलपुर, सोनासांवरी, धोखेड़ा, सनखेड़ा, सोमलवाड़ा, घाटली, जुझारपुर, गोंचीतरोंदा, पथरौटा, भट्टी, धुरपन, भीलाखेड़ी, बैंगनिया, बोरतलाई, देहरी, मेहरागांव को शहर में शामिल करना है। जिसमें ग्राम पंचायतों के विरोध का पेंच फंसा हुआ है। मास्टर प्लान पर काम चल रहा है। बस स्टैंड बनाया जा चुका है। मास्टर प्लान में और कौन-कौन सी चीजें करना है। इसका विस्तार से अध्ययन कर रहे हैं। क्रमबद्ध तरीके से काम होंगे।-पंकज चौरे, अध्यक्ष नपा इटारसी 18 मीटर चौड़ी सड़क बनाई… रेस्ट हाउस के पास लोनिवि की जमीन पर कब्जा कर दुकानें संचालित की जा रही थी। तहसीलदार ने सभी कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर कहा कि मास्टर प्लान में सांची पार्लर से लेकर नेहरूगंज तक सड़क की चौड़ाई 18 मीटर होना है। जिसके बाद प्रशासन ने सड़क से अतिक्रमण हटा दिया। इसके साथ ही पुरानी इटारसी ट्रैक्टर स्कीम में बस स्टैंड का काम भी पूरा कराया गया। बरसाती नालों को पत्थर और लोहे के तार से बांधकर पक्का करने के प्लान भी बनाया, जिस पर काम नहीं हुआ है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक स्टेशन से गांधी ग्राउंड तक 22 मीटर, विश्वनाथ टॉकीज से सूरजगंज 12 मीटर, महात्मा गांधी मार्ग जयस्तंभ 15 मीटर, रितुराज टॉकीज से नाला मोहल्ला 18 मीटर, ब्रिज से स्टेशन के आगे तक 24 मीटर, रेलवे स्टेशन से राज टॉकीज के पीछे का मार्ग 12 मीटर चौड़ा होगा। फिलहाल इन सभी सडक़ों की चौड़ाई लगभग आधी है। जिसकी वजह से जाम की स्थिति बनती है। सूरजगंज रोड से चौपाटी हटाने के बाद यहां दोनों तरफ चार पहिया वाहनों की पार्किंग बन चुकी है। recent visitors 44

शिव नवरात्रि महोत्सव के दिन विशेष पूजा और भस्म आरती का आयोजन किया जाएगा, बदलेगा पूजा का समय

उज्जैन मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित श्री महाकाल मंदिर में शिवनवरात्रि की तैयारियां जोरों पर है। शिव नवरात्रि महोत्सव के दिन विशेष पूजा और भस्म आरती का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भगवान महाकाल के सिर पर विशेष मुकुट भी पहनाया जाएगा। मंदिर परिसर में विशेष सफाई और रंग-रोगन का काम चल रहा है। कोटितीर्थ कुंड और रुद्रयंत्र की भी सफाई की जाएगी। महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि का पर्व 17 फरवरी से शुरू होगा। नव दिवसीय यह पर्व महाकाल के आंगन में मनाया जाता है। इस दौरान बाबा महाकाल अपने भक्तों को अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देते हैं। परंपरा के मुताबिक, 17 फरवरी को सुबह नैवेद्य कक्ष में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन करने के बाद कोटितीर्थ कुंड के समीप श्री कोटेश्वर और रामेश्वर महादेव मंदिर में शिव पंचमी की पूजा के साथ शिवनवरात्रि की शुरुआत होगी। इस दौरान भगवान महाकाल का नौ दिनों तक अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार किया जाएगा।   महाकाल मंदिर में 17 फरवरी से शुरू हो रहे शिव नवरात्रि महोत्सव के दौरान पूजा का समय बदल दिया गया है। भोग आरती का समय सुबह 10:30 बजे से बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया है। संध्या पूजा भी शाम 5 बजे की जगह दोपहर 3 बजे से होगी। भोग आरती का समय अब दोपहर 1 बजे और संध्या आरती दोपहर 3 बजे निर्धारित किया गया है, जो नौ दिनों तक ऐसा ही रहेगा। महाशिवरात्रि के दिन रातभर भगवान महाकाल की पूजा महानिशा काल में विभिन्न प्रकार से होगी। 27 फरवरी को सुबह 4 बजे भगवान महाकाल को सप्तधान मुखारविंद पहनाकर उनके सिर पर सवा मन फल और फूलों से बना मुकुट रखा जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे से सेहरा उतारने के बाद वर्ष में एक बार दोपहर में भस्म आरती होगी। भस्म आरती के बाद भगवान को भोग लगाया जाएगा।   9 दिन इन स्वरूपों में होगा श्रृंगार     17 फरवरी को वस्त्रधारण श्रृंगार     18 फरवरी को दिव्य चंदन/वस्त्रधारण श्रृंगार     19 फरवरी को शेषनाग श्रृंगार     20 फरवरी को घटाघोप श्रृंगार     21 फरवरी को छबीना श्रृंगार     22 फरवरी को होलकर श्रृंगार     23 फरवरी को मनमहेश श्रृंगार     24 फरवरी को उमामहेश श्रृंगार     25 फरवरी को शिव तांडव श्रृंगार     26 फरवरी को महाशिवरात्रि महापर्व     27 फरवरी को सप्तधान/सेहरा श्रृंगार   recent visitors 74