भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में फ्यूचर रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे यहां अधिक से अधिक निवेश आएं, उद्योग धंधे स्थापित हों और बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हो। मध्यप्रदेश में रेल, सड़क और हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य के आंतरिक मार्गों के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश के शहरों में सड़क यातायात के सुधार के लिए इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर और सतना में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इनमें से इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर 350 करोड़, ग्वालियर में 1100 करोड़, जबलपुर में 660 करोड़ और भोपाल में 306 करोड़ रुपए की लागत आएगी। साथ ही राज्य सरकार ने 724 किमी लंबी 24 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया है, जिनकी कुल लागत 10 हजार करोड़ रूपये है। ये परियोजनाएं प्रदेश के शहरों की रोड-कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगी, यात्रा समय को कम करेंगी और व्यापार को बढ़ावा देंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण और उन्नयन केन्द्र सरकार से मिले 3,500 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। विशेष रूप से उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड हाइ-वे परियोजना को 5 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है। यह हाइ-वे उज्जैन, इंदौर और आस-पास के क्षेत्रों को मुंबई-दिल्ली इंडस्ट्रियल कॉरीडोर से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव में बताया कि प्रदेश में ग्रामीण यातायात को सुगम करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य 8,565 गांवों को 19,378 किमी लंबी सड़कों के नैटवर्क से जोड़ना है। यह पहल ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सके और यात्री व वस्तुओं की आवाजाही सुगम हो सके। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 2024-25 के वित्तीय वर्ष के दौरान 1 हजार किमी नई सड़कों का निर्माण और लगभग 2 हजार किमी सड़कों की नवीनीकरण किया जाएगा ताकि ग्रामीण यातायात नेटवर्क को और भी मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में 133 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया गया है, इससे यातायात की गति में सुधार होगा एवं यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ मध्यप्रदेश में हाई-स्पीड ट्रेन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, भोपाल में 100 करोड़ रुपए की लागत से एक नया कोच कॉम्प्लेक्स बन रहा है, जो राज्य की रेलवे सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अन्य राज्यों और विदेशों के साथ संपर्क में सुधार के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। रीवा में हवाई अड्डे का निर्माण और ग्वालियर में राजमाता विजयराजे सिंधिया हवाई अड्डे का विस्तार एवं आधुनिकीकरण राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे निवेशकों को सुविधाएं मिलेंगी और निवेश आकर्षित होगा। हवाई सेवाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।   recent visitors 44

मुख्यमंत्री 5 फरवरी को स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह एवं जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह भी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी। कार्यक्रम का ईलेक्ट्रॉनिक चैनल के माध्यम सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी की गई।   recent visitors 51

10 स्वर्ण पदकों के साथ मध्यप्रदेश पदक तालिका में प्रथम 4 राज्यों में बरक़रार

भोपाल उत्तराखंड में चल रहे नेशनल गेम्स 2025 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। आज विभिन्न खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें सबसे बड़ी उपलब्धि डाइविंग में पलक शर्मा द्वारा जीता गया स्वर्ण पदक रहा। मध्यप्रदेश के खिलाडियों ने उत्तराखंड नेशनल गेम्स में अब तक कुल 10 स्वर्ण, 5 रजत, और 5 कांस्य पदकों के साथ कुल 20 पदक आर्जित करके मध्यप्रदेश को पदक तालिका में प्रथम 4 राज्यों की सूची में बरक़रार रखा है| खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि यह प्रदर्शन प्रदेश की खेल संस्कृति को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएँ दीं। ओलंपिक संघ अध्यक्ष रमेश मेंदोला, सचिव दिग्विजय सिंह  और  संचालक खेल रवि कुमार गुप्ता ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। पलक शर्मा ने डाइविंग में जीता तीसरा पदक एक मीटर स्प्रिंग बोर्ड डाइविंग व्यक्तिगत महिला वर्ग में मध्य प्रदेश की स्टार खिलाड़ी पलक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पलक का तीसरा पदक है। मध्य प्रदेश की पुरुष बास्केटबॉल 3×3 टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तेलंगाना और पंजाब को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। टीम के खिलाड़ी तुशल सिंह, सूर्य सिंह, राकेश शर्मा और ब्रिजेश तिवारी कल स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगे। 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन व्यक्तिगत महिला वर्ग में आशी चौकसे ने कड़ी टक्कर दी लेकिन वह सातवें स्थान पर रहकर पदक से चूक गईं। मध्यप्रदेश के बॉक्सिंग खिलाड़ियों ने मिलाजुला प्रदर्शन किया। अनिरुद्ध बुंदेला (मध्य प्रदेश) बनाम तमिलनाडु – अनिरुद्ध ने जीत हासिल कर अगले दौर में प्रवेश किया। दिव्या पवार (मध्य प्रदेश) – शानदार प्रदर्शन कर अगले दौर में जगह बनाई। रोइंग में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 11 में से 8 इवेंट्स में प्रदेश के खिलाड़ी फाइनल में पहुंच चुके हैं। 3 इवेंट्स में रेपेचाज मुकाबले बाकी हैं, जिनमें खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने की संभावना है। कल के महत्वपूर्ण मुकाबले मध्य प्रदेश के खिलाड़ी  आर्चरी,  बास्केटबॉल  3×3,  रोइंग,  कयाकिंग,  कैनोइंग,  सलालोम, बॉक्सिंग, साइकिलिंग, लॉन बॉल, हॉकी और योगासन में मुकाबला करेंगे।   बास्केटबॉल 3×3 फाइनल–पुरुष टीम स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेगी।   हॉकी पुरुष व महिला टीम – मध्य प्रदेश की टीम हॉकी में अपनी दावेदारी पेश करेंगी।   recent visitors 58

मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी

मध्यप्रदेश, देश की सांस्कृतिक एकता का संवाहक है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्तर्राज्यीय छात्र जीवन दर्शन यात्रा पर आये पूर्वोत्तर के छात्रों का प्रदेश में हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की संस्कृति अपनी अनूठी विविधता और समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां विभिन्न प्रांतों, वर्गों और भाषाओं के लोग सौहार्दपूर्वक निवास करते हैं। मध्यप्रदेश, देश के उस गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का संवाहक है, जो देशभक्ति, राष्ट्र रक्षा और सम्मान के मूल्यों को संजोकर रखता है। स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन इन्टर-स्टेट लिविंग (SEIL) द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मंशा से आयोजित राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा -2025 पर आये पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र दल का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत किया गया। यह यात्रा 22 जनवरी से प्रारंभ होकर 13 फरवरी तक जारी है, इसमें पूर्वोत्तर के विद्यार्थी देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थियों का यह दल 1 से 5 फरवरी तक मध्यप्रदेश के भ्रमण पर है। इस छात्र दल ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुख्यमंत्री निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के अनुभव सुने, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें मध्यप्रदेश की सदभाव और समरसता से भरपूर संस्कृति से परिचित कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। भोपाल अपनी झीलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह देश की ऐसी अनूठी राजधानी है, जहां रात के समय बाघ भी सड़क किनारे दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि रातापानी वन अभयारण्य भोपाल शहर के समीप ही स्थित है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जनजातीय संग्रहालय, मानव संग्रहालय, वन विहार और अन्य पर्यटन स्थल जरूर देखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने के बाद विद्यार्थियों ने इस यात्रा को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे पहली बार किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिले हैं। यह रोमांच वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, यहां के ऐतिहासिक स्थलों और अतिथि-सत्कार की विशेष रूप से सराहना की। अन्तर्राज्यीय छात्र दर्शन जीवन यात्रा के आयोजन का उद्देश्य राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करना है, जिसमें युवाओं को देश की विविधता से परिचित कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा भारतीय युवाओं को एकजुट करने और उनके बीच आपसी समझ एवं भाईचारे की भावना को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पूर्वोत्तर राज्यों के इस छात्र दल में 28 विद्यार्थी एवं 2 समन्वयकों सहित कुल 30 प्रतिभागी भारत के विभिन्न राज्यों की यात्रा पर हैं। इनमें दो-दो विद्यार्थी असम, नागालैंड व सिक्किम राज्य से, चार-चार त्रिपुरा, मिजोरम व अरुणाचल प्रदेश से तथा पांच-पांच विद्यार्थी मणिपुर एवं मेघालय राज्य से आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं समन्वयकों को स्मृति-चिह्न के रूप में शॉल, मध्यप्रदेश शासन की डायरी, कैलेंडर और एक विशेष उपहार भेंट किया। कार्यक्रम में शिवम जाट, चेतस सुखाड़िया, रोहित दुबे, दीपक पालीवाल, कमन सिबोह, राहुल मोग सहित अन्य विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 55

परीक्षाओं में इस साल दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या होगी कम, वस्तुनिष्ठ और अति लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या पहले से बढ़ेगी

भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल की पांचवी और आठवीं की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों की रूपरेखा और अंक योजना जारी हो गई है। इस परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रश्नों के छोटे-छोटे उत्तर अधिक देने होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ, रिक्त स्थान भरो और अति लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक पूछे जाएंगे। वहीं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या बेहद कम होगी।     मंडल की यह वार्षिक परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर पांच मार्च तक चलेगी।     इस परीक्षा के लिए प्रदेश में 12 हजार केंद्र बनाए गए हैं।     दोनों कक्षाओं के करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।     इस सबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।     परीक्षा परिणाम के लिए अधिभार अंक भी निर्धारित कर दिया गया है।     इसके मुताबिक अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए अधिभार अंक 20, वार्षिक परीक्षा लिखित अधिभार अंक 60 और वार्षिक परीक्षा प्रोजेक्ट कार्य के लिए अधिभार अंक 20 निर्धारित किए गए हैं।     प्रत्येक विषय में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या चार होगी। वहीं पांच बहु विकल्पीय प्रश्न, पांच रिक्त स्थान भरो और छह अति लघुउत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।     लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या भी छह होगी। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्र तैयार होंगे।     सरकारी स्कूलों के लिए प्रश्न-पत्र राज्य स्तर से तैयार कराए जाएंगे, जबकि निजी स्कूल निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्रों को स्वयं तैयार कराएंगे।     सरकारी स्कूलों में भाषा विषय (हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत) की राज्य स्तर के एससीईआरटी पाठ्यपुस्तक से और निजी स्कूलों में एनसीईआरटी से प्रश्न पूछे जाएंगे। अन्य विषयों के प्रश्नपत्र एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक से पूछे जाएंगे। भोपाल जिले के 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे भोपाल जिले में दोनों कक्षाओं की परीक्षा में करीब 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें पांचवीं के 34,213 और आठवीं के 34,773 विद्यार्थी होंगे। जिले में करीब 250 केंद्र बनाए गए हैं। 33 प्रतिशत से कम अंक लाने पर होंगे फेल प्रत्येक विषय की लिखित परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक विषय के बाह्य एवं आंतरिक मूल्यांकन में न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले परीक्षार्थी को फिर से परीक्षा देनी होगी। उसमें भी पास नहीं हुए तो उसी कक्षा में दोबारा पढ़ना होगा। परीक्षा अंक की योजना     छमाही परीक्षा-अधिभार 20 अंक     वार्षिक परीक्षा(लिखित) – 60 अंक     आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) -20 अंक लिखित परीक्षा के प्रश्नों का पैटर्न ऐसा होगा     बहु विकल्पीय प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     रिक्त स्थान की पूर्ति वाले प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     अति लघुउत्तरीय प्रश्न -12 अंक (छह प्रश्न)     लघु उत्तरीय प्रश्न -18 अंक (छह प्रश्न)     दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-20 अंक (चार प्रश्न)   recent visitors 60

ड्राइविंग लाइसेंस होगा रद्द, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गाड़ी चलाने वालों को यातायात नियमों में चूक भारी पड़ सकती है। परिवहन विभाग ट्रैफिक नियमों को लेकर भोपाल में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को पहले से अब और मजबूत बना रहा है। इसमें यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर अब ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी। निरस्त कर दिया जाएगा डीएल इसकी निगरानी राजधानी के 32 प्रमुख चौक-चौराहों में लगे अत्याधुनिक कैमरों से होगी। इन कैमरों से अभी नियम तोड़ने वालों पर नोटिस व जुर्माना लगता था। अब चार नोटिस के बाद पांचवीं बार चालक का सीधे डीएल निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी भोपाल एवं टेक्नोसेस कंपनी के सॉफ्टवेयर को जल्द ही परिवहन विभाग से सर्वर से जोड़ा जाएगा। भोपाल के रजिस्टर्ड वाहनों से शुरुआत इंटीग्रेटेड सिस्टम से शुरुआत में भोपाल रजिस्टर्ड वाहनों पर इसे लागू किया जाएगा। नियम तोड़ने वाले वाहनों की सूचना परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। चालक की पहचान करने के बाद लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। फिलहाल इंदौर में भी इसी सिस्टम पर काम हो रहा है, जिसे अन्य बड़े शहरों में भी लागू किया जा सकता है। recent visitors 43

अगर नहीं करवाई ई-केवाईसी तो ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलेगी , कनेक्शन भी सस्पेंड हो सकता

ग्वालियर घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए गैस कंपनियों ने ई-केवाईसी जरूरी कर दी है, लेकिन उपभोक्ता इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। ग्वालियर में तीन गैस कंपनियों की 40 एजेंसियों पर करीब 5 लाख 44 हजार ग्राहक हैं, लेकिन अभी तक इनमें से 45 फीसदी ने ही ई-केवाईसी कराई है। ई-केवाईसी नहीं करवाने वाले ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलेगी और उनका कनेक्शन भी सस्पेंड हो सकता है। उपभोक्ता नहीं ले रहे रूचि ई-केवाईसी की प्रक्रिया करीब 8 महीने से चल रही है। गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी कराने की गुजारिश कर रही हैं। साथ ही मोबाइल पर ई-केवाईसी कराने के मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद उपभोक्ता इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं ने जिस गैस कंपनी का सिलेंडर ले रखा है, उन्हें उसकी एजेंसी पर आधार, गैस की डायरी और मोबाइल लेकर जाना होगा। वहां बायोमैट्रिक के जरिए ई-केवाईसी हो जाएगी। ई-केवाईसी के लिए ये है जरूरी इसमें ग्राहकों के फिंगर प्रिंट स्कैनर और फेस आइडी से ई-केवाईसी किया जा रहा है। ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड और गैस का उपभोक्ता नंबर चाहिए। जिन उपभोक्ताओं के नाम से कनेक्शन है, उनका होना आवश्यक है। इसके अलावा जो लोग एजेंसी नहीं जाना चाहते वे ऑनलाइन भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें मोबाइल एप डाउनलोड करना होंगे। असल मकसद उपभोक्ताओं की पहचान करना गैस कंपनियों की ओर से ई-केवाईसी कराने का मुय मकसद यह है कि सही उपभोक्ताओं की पहचान हो सके। कई ऐसे उपभोक्ता हैं, जो अपने पते को छोड़ कर दूसरी जगहों पर चले गए हैं, लेकिन उनका कनेक्शन कोई अन्य व्यक्ति इस्तेमाल कर रहा है। ई-केवाईसी हर ग्राहक को कराना जरूरी एलपीजी के हर ग्राहक को ई-केवाईसी करना जरूरी है। इंडेन गैस कंपनी के शहर में 3 लाख 72 हजार ग्राहक हैं, इनमें से 36 फीसदी ग्राहकों ने ही अभी तक ई-केवाईसी कराया है।-श्यामानंद शुक्ला, कॉर्डिनेटर ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन recent visitors 58