दिल्ली : सीएम आतिशी के खिलाफ दर्ज हुई FIR, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले सीएम आतिशी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। आतिशी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में गोविंदपुरी थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। क्या है मामला? दरअसल दिल्ली चुनाव के लिए कल प्रचार थम गया लेकिन देर रात तक पार्टी के कार्यकर्ता कई जगहों पर प्रचार करते दिखे। जिसकी वजह से कई जगहों पर हंगामा भी हुआ। सबसे ज्यादा हंगामा सीएम आतिशी की सीट कालकाजी में हुआ। जिसके बाद गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन में पुलिस ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए आतिशी खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने बताया कि आतिशी 4 फरवरी की रात को फतेह सिंह मार्ग पर काफी लोगों और गाड़ियों के साथ मौजूद थीं। पुलिस के अनुसार, उनके साथ 50 से 70 लोग और लगभग 10 गाड़ियां थीं। यह आचार संहिता का उल्लंघन है। फ्लाइंग स्क्वाड टीम की शिकायत पर गोविंदपुरी थाने में केस दर्ज हुआ है। यह केस बीएनएस की धारा 223 और आरपी ऐक्ट 126 के तहत दर्ज किया गया है। दिल्ली में कल होनी है वोटिंग दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होने हैं और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।बता दें कि दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 36 सीटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में,आम आदमी पार्टी (AAP) सत्ता में है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस आगामी चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं। recent visitors 72

माता पूर्णिमा जी का जीवन पूरी तरह से त्याग, तपस्या और समाज सेवा की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करता: मुख्यमंत्री

रायपुर यह हम सभी के लिए अत्यधिक गौरव का विषय है कि हम इस पवित्र स्थल पर एकत्रित होकर परम पूज्य संत गहिरा गुरु जी और माता पूर्णिमा जी के योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माता पूर्णिमा जी का जीवन पूरी तरह से त्याग, तपस्या और समाज सेवा की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करता है। उनका विग्रह समाज के कल्याण के प्रति उनके अडिग समर्पण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज श्रीकोट आश्रम बलरामपुर में परम पूज्य संत गहिरा गुरु  की धर्मपत्नी  पूर्णिमा जी के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के विशेष अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत गहिरा गुरु जी ने गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी समाज की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने दीन-हीन और असहायों की सेवा को अपना परम धर्म माना और सत्य, शांति, दया और क्षमा के सिद्धांतों को धर्म के अमूल्य स्तंभ के रूप में स्थापित किया। मुख्यमंत्री साय ने  संत गहिरा गुरु जी द्वारा आदिवासी समुदायों के उत्थान में दिए गए अतुलनीय योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को इस पावन अवसर पर शुभकामनाएं दी और उन्हें आह्वान किया कि वे माता पूर्णिमा जी और संत गहिरा गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारते हुए समाज को एक नई दिशा देने हेतु मनोयोग से जुट जाएं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यहां आने पर मुझे माता के विग्रह के दर्शन सौभाग्य मिला, उनका सजीव और मनोरम विग्रह देखकर ऐसा लगा मानो किस क्षण वह बोल उठे। साय ने गहिरा गुरु जी का स्मरण करते हुए कहा कि गहिरा गुरु जी आदिवासी समाज के बड़े संत हुए, जिनके उपदेशों और कथनों के जरिए पूरे समाज ने सत्य सनातन धर्म का महत्त्व जाना। उन्होंने कहा कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास से पिछड़े हुए आदिवासी समुदाय के जीवन में गहिरा गुरु महाराज के उपदेशों से आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सुधार आया।    साय ने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि गहिरा गुरु समाज का आशीर्वाद मुझे मिलता रहा। रायगढ़ के सांसद रहते गहिरा गुरु महाराज के जन्म ग्राम को गोद लेकर उसका विकास करने का सौभाग्य मिला। आज उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज आगे बढ़ रहा है। जगह-जगह संस्कृत महाविद्यालय खुल रहे हैं और आदिवासी समाज लगातार आगे बढ़ रहा है। समारोह में  बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 68

किस कानून में लिखा है कि सीएम के कार्यक्रम में निगमायुक्त डीजल भरवाए? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सवाल

HIGHCOURT ON NO DIESEL PAYMENT जबलपुर ! मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया था, जिसमें बसों के डीजल का मामला कोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, सीएम के सम्मान कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित की गई बसों में भरे गए डीजल का अबतक भुगतान नहीं किया गया है, जिसके बाद एक पेट्रोल पंप संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सीएम के कार्यक्रम के लिए 6 लाख का डीजल दरअसल, जबलपुर के आईएसबीटी बस स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सुगम चंद्र जैन ने ये याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया था कि 3 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया था. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम के खाद्य अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से आकर निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि निगमायुक्त ने उक्त निर्देश दिए थे. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में लगभग 6 लाख रु का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था. बिल भुगतान कराने के लिए की कई बार की मांग अगस्त 2024 में याचिकाकर्ता ने बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया. इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर भुगतान नहीं हुआ. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि अधिग्रहित बस में डीजल भरने के लिए प्रशासन की ओर से पीओएल जारी किया गया था या नहीं? याचिकाकर्ता ने इसपर जवाब दिया कि सिर्फ मौखिक आदेश जारी किए गए थे. बिना पीओल कैसे भर दिया बसों में डीजल? एकलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि बिना किसी प्राधिकरण के याचिकाकर्ता ने बसों में कैसे डीजल भरा? इसके साथ ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से एसोसिएशन व उसके सदस्य को पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कलेक्टर से मांगा जवाब कोर्ट ने इसके अलावा कलेक्टर से जवाब मांगा है कि किस कानून में यह लिखा है कि निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री की रैली में लगी बसों में डीजल भरवाए? एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला प्रतीत हो रहा है. इस संबंध में एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को हलफनामे में जवाब पेश करने के आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की,,, recent visitors 165

देश-विदेश की 26 महिला विभूतियाँ हुईं ऊर्जस्विता सम्मान से अलंकृत

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के नये आयाम छू रहा है। इसमें महिलाओं का योगदान अहम है। आत्मनिर्भर भारत बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिये महिला सशक्तिकरण, अनुसंधान और उद्यमिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वे न केवल समाज को सशक्त बनाती हैं बल्कि देश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। मंत्री सुश्री भूरिया भोपाल में आयोजित अनुनय, एजुकेशन एण्ड वेलफेर सोसायटी की 14वीं वर्षगांठ पर ऊर्जस्विता सम्मान-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास पर केन्द्रित अनेक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। महिला शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने विकास में सभी की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिये प्रशासन के साथ हर नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में उन महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में इतने महत्वपूर्ण कार्य किये हैं, जिसकी गूंज देश-विदेश तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि संस्था पिछले 14 वर्ष से गरीब और वंचित तबके के बच्चों की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिये कार्य कर रही है। संस्था ने ऐसे बच्चों को भी शामिल किया है, जो मजदूरी, भीख मांगना या कचरा बीनने का काम करते थे। मंत्री सुश्री भूरिया ने सभी सम्मानित महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे विभिन्न क्षेत्रों में महती भूमिका निभाकर समाज और देश को आगे ले जाने का काम कर रही हैं, जो वाकई काबिल-ए-तारीफ है। इन महिला विभूतियों का हुआ सम्मान डॉ. अनामिका जैन- उच्च शिक्षा (इंदौर), डॉ. पल्लवी तिवारी – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (यूएस), सुश्री संप्रिया पूजा- लोकनृत्य एवं गायन (छत्तीसगढ़), डॉ. वंदना अग्रवाल -स्कूल शिक्षा (छत्तीसगढ़), सुश्री ओरियल प्रिज़मैन – संरक्षण (यूके), डॉ. आरती सिन्हा- साउंड हीलर एवं वेलनेस कोच, सुश्री चंद्रकला परस्ते- जनजातीय संस्कृति (डिंडोरी), सुश्री प्रभाकर खलको- प्रशासन (छत्तीसगढ़), सुश्री मेघा मुक्तिबोध- शिक्षा, सुश्री मनीषा आनंद- मिसेज़ इंडिया, सुश्री शोमिता भट्टाचार्य- पर्यावरण (इंदौर), सुश्री रोली शर्मा-विपणन पेशेवर (नई दिल्ली), सुश्री आशा पठानिया- सत्कार उद्योग (हरियाणा), सुश्री दिव्या अत्रि- समाज सेवा, सुश्री भूमिका कलम- ज्योतिष (इंदौर), सुश्री अंजु तड़ियाल – कौशल विकास, सुश्री दक्षा वैदकर- प्रिंट मीडिया, सुश्री हुमेरा ख़ान – सामाजिक उद्यमी, सुश्री श्रुति सिंह – राजनीति, सुश्री विशाखा कवठेकर- आर्किटेक्ट, सुश्री अर्पणा चेंडके- उद्यमी (इंदौर), सुश्री दीक्षा पाटकर भदौरिया – नवाचार, सुश्री आराधना मालवी – आदिम कल्याण एवं खेलकूद (बैतूल), सुश्री मीरा – इंफ्लुएंसर (चीन) तथा सुश्री पूर्वा त्रिवेदी- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया। बालाघाट में सामुदायिक विकास के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए सुश्री मार्गी वॉट्स कार्टर को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।   recent visitors 55

राज्य मंत्री जायसवाल ने नर्मदापुरम जिले के मढ़ई में शोरूम “प्राकृत” का किया शुभारंभ

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल ने सिल्क टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नर्मदापुरम जिले के मढ़ई में "सिल्क शोरूम-प्राकृत' का शुभारंभ किया। सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, विधायक विजयपाल सिंह, आयुक्त रेशम मोहित बुंदस उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों और रेशम प्रेमियों को मध्यप्रदेश में उत्पादित शुद्ध रेशम वस्त्रों से परिचित कराना और रेशम उद्योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सिल्क एस्टेट में पर्यटक रेशम उत्पादन, बुनाई और डिजाइनिंग की प्रक्रिया को नजदीक से देख और समझ सकेंगे। इसके साथ ही, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म silkestatesmadai.com के माध्यम से पर्यटक सिल्क एस्टेट में ठहरने और कैंपिंग का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में विधायक विजयपाल सिंह ने सिल्क एस्टेट में ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और राज्य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग से सिल्क एस्टेट की ठहरने की क्षमता बढ़ाने का अनुरोध किया। राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही विस्तार प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सिल्क फेडरेशन अंतर्गत प्राकृत शोरूम का भी उद्घाटन किया गया, जिससे मढ़ई में आने वाले पर्यटक शुद्ध रेशम वस्त्रों की खरीदारी कर सकेंगे। यह नवाचार न केवल रेशम उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश के रेशम उत्पादकों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस पहल को जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है और यह रेशम उद्योग के विस्तार में एक मील का पत्थर साबित होगा।   recent visitors 57

मध्यप्रदेश भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र , मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम सब इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे :मंत्री लोधी

भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के नए "अकादमिक भवन" का लोकार्पण किया। राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में हम सब इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जायेगा।राज्य मंत्री लोधी ने बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजन कर भवन की गतिविधियों का शुभारंभ किया।  अकादमिक भवन के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान नाट्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्थानीय लोकगीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। राज्य मंत्री लोधी ने युवा कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की और उनका प्रोत्साहन करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद कहा करते थे सारी शक्ति अपने अंदर समाहित है, जरूरत है उसे पहचानने की और अपने आत्मबल को जगाने की। मंत्री लोधी ने इस दौरान अकादमिक भवन का भ्रमण किया और सुविधाओं का जायजा लिया।  कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति एन. पी. नामदेव, निदेशक टीकम चंद्र जोशी, विद्यालय के शिक्षकगण, अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकार एवं कलाप्रेमी उपस्थित रहे।   recent visitors 32

अपर मुख्य सचिव डॉ.राजौरा ने उज्जैन संभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ली

भोपाल अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने कहा है कि जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यरत एजेंसियों के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर कार्य तीव्र गति से मापदण्ड व अनुबंध की शर्तों अनुसार करवाना सुनिश्चित करें। डिफॉल्टर एजेंसियों पर ब्लैक लिस्टेड करने के साथ व टर्मिनेशन की सख्त कार्रवाई की जाएं। एसीएस डॉ. राजौरा उज्जैन में संभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि पूर्व में प्रगतिरत रोड़ रिस्टोरेशन के कार्य पूर्ण न होने तक नई खुदाई के कार्य प्रारंभ न किए जाए और प्रत्येक पखवाड़े में जल जीवन मिशन की जानकारी बैठक के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को प्रदान करें। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बैठक में संभाग के सभी जिलो के कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, संभागीय व जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता के हित से जुड़े सभी कार्यों पर सभी संबंधित अधिकारी विशेष ध्यान दे। जल जीवन मिशन के अंतर्गत रोड़ रिस्टोरेशन के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर सभी रिस्टोरेशन कार्य मार्च 2025 तक पूर्ण किए जाएं। रोड़ रिस्टोरेशन के पूर्ण कार्यों का पुन: निरीक्षण अगले एक सप्ताह में जनप्रतिनिधियों एवं एसडीएम की टीम के साथ किए जाने के पश्चात ही कार्य पूर्णता का सर्टिफिकेट दिया जाए। जल जीवन मिशन अंतर्गत रोड़ रिस्टोरेशन, रोड़ खुदाई एवं योजना के संपूर्ण कार्यों की जानकारी सतत रूप से स्थानीय विधायकों को दी जाए। एसीएस डॉ.राजौरा ने संभागायुक्त संजय गुप्ता को निर्देशित किया कि सभी जिला कलेक्टर से सुनिश्चित करवाएं कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण व समयावधि में हो। कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिला कलेक्टर प्रत्येक माह जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सभी विभागों के प्रमुख मुददों पर समन्वय स्थापित करें। बैठक में ऊर्जा विभागांतर्गत केबल, ट्रांसफॉर्मर, डीपी को समय-समय पर बदले जाने के कार्य का भौतिक सत्यापन जनप्रतिनिधियों के साथ कराए जाने के निर्देश दिए गए। विद्युत संबंधी रख-रखाव की जानकारी आमजन को पहले से प्रदान की जाए। अस्थाई कनेक्शन के कारण अतिरिक्त दाब के कारण बार-बार डीपी को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए स्थाई हल निकाला जाए। प्रत्येक माह जिला सलाहकार समितियों के माध्यम से विद्युत विभाग जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्रदान करें। बैठक में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में एसीएस डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए सड़क के दोनों तरफ लेबलिंग के कार्य पश्चात ही कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र दिया जाए। वर्षा ऋतु में सड़कों के रख-रखाव की कार्ययोजना पर अभी से कार्य कर विशेष ध्यान दिए जाए। सड़क निर्माण में जो क्षेत्र वन विभाग के अधिकार में आ रहे हैं वहां निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभाग से एनओसी समय पर प्राप्त कर ली जाए। बैठक में उज्जैन के विधायक तेजबहादुर सिंह चौहान, जितेन्द्र पण्ड्या, अनिल जैन कालूहेडा, महेश परमार, दिनेश जैन बोस, विधायक दिलीप सिंह परिहार, ओमप्रकाश सकलेचा, विधायक विपीन जैन, हरदीप सिंह डंग, चंदर सिंह सिसौदिया, विधायक माधव सिंह (मधु गेहलोत), विधायक श्रीमती गायत्री राजे पंवार, राजेश सोनकर, मनोज चौधरी, आशीष शर्मा, विधायक अरूण भीमावत, विधायक मथुरालाल डामर, राजेन्द्र पांडे, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल आदि उपस्थित थे। एसीएस डॉ. राजौरा ने सिहस्थ क्षेत्र की कार्य योजना का किया निरीक्षण अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने महाकाल दर्शन कर मन्दिर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और महाकाल आने वाले श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था का अवलोकन किया। एसीएस डॉ. राजौरा ने सिंहस्थ-2028 के सुचारू संचालन के लिये विशेष स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये व्यवस्थित प्लान बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने महाकाल लोक में भी सिंहस्थ के मद्देनजर आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा। इस अवसर पर संभाग आयुक्त संजय गुप्ता, आईजी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।   recent visitors 39