नागपुर में दो एचएमपीवी मामले, दोनों बच्चे हैं और उनकी हालत स्थिर है, महाराष्ट्र सरकार ने बनाई टास्क फोर्स

मुंबई महाराष्ट्र के नागपुर में मंगलवार को ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो मामले सामने आए। इन मामलों को लेकर अधिकारियों ने कहा कि दोनों बच्चे हैं और उनकी हालत स्थिर है। 13 और 7 साल की दो लड़कियों में यह लक्षण दिखाई दिए थे। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, दो दिन तक लगातार बुखार रहने के बाद इन लड़कियों ने एक निजी लैब में जांच कराई और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनका घर पर ही इलाज किया गया और इनकी हालत स्थिर है। गंभीरता से संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने जेजे अस्पताल की डीन डॉ. पल्लवी सैपले की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करेगी। सूत्रों ने बताया, ''इन दोनों बच्चियों को खांसी और बुखार था। इनके सैंपल एनआईवी को भेजे गए हैं क्योंकि इनके लक्षण थोड़े अलग थे। दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी और दोनों मरीज ठीक हो गए हैं।'' नागपुर के सरकारी मेडिकल और अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने कहा, "माता-पिता को चिंता करने की जरूरत नहीं है, यह वायरस कोरोना जैसा खतरनाक नहीं है।'' हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को मास्क पहनना चाहिए। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अंबाडेकर ने एचएमपीवी वायरस को लेकर विभाग की एक आपात बैठक बुलाई है। खबर है कि इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद रहेंगे। मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त राजीव निवतकर ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डीन के साथ वर्चुअल बैठक कर एचएमपीवी रोगियों से निपटने की उनकी तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी दी। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) अलर्ट मोड में आ गया है और एचएमपीवी रोगियों के इलाज के लिए विशेष वार्ड स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा, "एचएमपीवी वायरस से डरने की कोई बात नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वायरस नया नहीं है, यह वायरस पहले भी प्रचलित था। ऐसा लगता है कि यह वायरस एक बार फिर से वापसी कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को सूचित करने का निर्णय लिया है जिसमें कहा गया है कि इस संबंध में किसी भी तरह की काल्पनिक जानकारी न दें, जो आधिकारिक जानकारी है, केवल वही दी जाए। एचएमपीवी वायरस से डरने की कोई वजह नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वायरस नया नहीं है, यह वायरस पहले भी मौजूद था। ऐसा लगता है कि यह वायरस एक बार फिर से वापसी कर रहा है। इस संबंध में नियमों की घोषणा की जाएगी। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर जिला प्रशासन को सर्दी-खांसी के मरीजों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही उन पर कड़ी नजर रखने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. नितिन अंबाडेकर ने बताया, 'ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) श्वसन संक्रमण का कारण बनता है। इस वायरस का पहली बार 2001 में नीदरलैंड में पता चला था। यह एक सामान्य श्वसन वायरस है, जो ऊपरी श्वसन पथ में संक्रमण का कारण बनता है। यह मौसमी महामारी है और फ्लू की तरह सर्दियों और गर्मियों की शुरुआत में होती है।'' उन्हाहेंने आगे कहा, ''एचएमपीवी के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में श्वसन संक्रमण के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। दिसंबर 2024 में राज्य में श्वसन संक्रमण में 2023 की तुलना में कोई वृद्धि नहीं हुई है।" उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर नागरिकों को श्वसन संक्रमण से खुद को बचाने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।   recent visitors 78

एनेस्थिसिया के ओवरडोज से महिला की मौत हुई, न्यायालय ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही माना, अधीक्षक सहित पांच पर FIR

भोपाल आठ महीने पहले नसबंदी कराने आई महिला की मौत मामले में टीटी नगर स्थित कैलाशनाथ काटजू अस्पताल के अधीक्षक सहित पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ है। यह एफआईआर भोपाल के स्थानीय न्यायालय के आदेश पर हुआ है। एफआईआर में अस्पताल के अधीक्षक कर्नल डा. प्रवीण सिंह, तत्कालीन गाइनोकोलाजिस्ट डा. सुनंदा जैन, उनके पैरा मेडिकल स्टाफ, निश्चेतना विशेषज्ञ, लैब टेक्निशियन और मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट की डा. केलू ग्रेवाल को आरोपी बनाया गया है। चिकित्सकीय लापरवाही आरोप है कि एनेस्थिसिया के ओवरडोज से महिला की मौत हुई। न्यायालय ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही माना है। टीटी नगर थाने एएसआइ प्रीतम सिंह ने बताया कि विद्यानगर निवासी अविनाश गौर ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। नसबंदी ऑपरेशन में मौत इसमें उन्होंने बताया कि 14 मई 2024 को सुबह वह अपनी पत्नी रीना गौर को नसबंदी ऑपरेशन के लिए कैलाश नाथ काटजू अस्पताल ले गए थे। डॉक्टरों ने आपरेशन से पहले मेडिकल जांच में सब सामान्य बताया था। ऑपरेशन शुरू हुआ तो वे घर चले गए थे। दोपहर को उन्हें अस्पताल से फोन आया और तुरंत अस्पताल पहुंचने के लिए कहा गया। ऑपरेशन थिएटर के अंदर पहुंचे तो देखा कि पत्नी का पेट फूला हुआ है और दांत के बीच में जीभ फंसी हुई थी। पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी हंगामा स्टाफ ने बताया कि रीना की मौत हो गई है। पत्नी की मौत के बाद अविनाश गौर ने पोस्टमार्टम कराने को कहा तो डॉक्टरों ने मना कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी हंगामा हुआ। उसके बाद टीटी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में डा. केलू ग्रेवाल ने शव परीक्षण किया। इसकी रिपोर्ट में डॉक्टर ने स्पष्ट मत नहीं दिया। न्यायालय ने अविनाश के दावे को सही माना। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत मानते हुए न्यायालय ने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों को नियोजित तरीके से दबाया गया है। recent visitors 100

महिला ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, नहीं बनने पर निगम कमिश्‍नर ने बनवाए दस्‍तावेज, कर्मचारी सस्पेंड

इंदौर निगम मुख्यालय में शिकायत लेकर आई बुजुर्ग महिला को लेकर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंच गए। महिला ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था। कमिश्नर ने वृद्धा को मौके पर ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया और विभाग के कर्मचारी अनिल रानवे को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों को अल्टीमेटम भी दिया और उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस भेज कर जवाब मांगा है। निगम मुख्यालय में जनसुनवाई निगम मुख्यालय में प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई में एक वृद्ध महिला आवेदक पहुंची थी। उसने निगम कमिश्नर शिवम वर्मा से बताया कि उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा में आवेदन किया था, लेकिन उन्हें आज तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। महिला को लेकर जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंचे कमिश्नर इस पर निगमायुक्त खुद वृद्धा को साथ लेकर जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा गए। उनके इस तरह जनसुनवाई के बीच जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। निगमायुक्त ने शाखा का निरीक्षण किया और प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। पता चला कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में आने वाले ज्यादातर आवेदन बगैर किसी कारण के लंबित रखे जाते हैं। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से किया बर्खास्त निगमायुक्त ने आवेदक वृद्धा से मौके पर ही पूछा कि आप बताओ यहां के किस कर्मचारी के पास आपका आवेदन लंबित है। निगमायुक्त ने वृद्धा को मौके पर ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया और विभाग के कर्मचारी अनिल रानवे को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस विभाग की कर्मचारी सुनीता कुरील को फटकार लगाते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार कर लें वरना और सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अव्यवस्थाओं को लेकर उपायुक्त प्रदीप कुमार जैन को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए दो दिन में जवाब मांगा है।   तीन दर्जन से ज्यादा आवेदन पहुंचे मंगलवार को निगम जनसुनवाई में 39 आवेदन पहुंचे। जनसुनवाई में विद्युत शाखा के बिलों पर समय पर कार्रवाई नहीं करने की शिकायत मिलने पर निगमायुक्त ने विद्युत शाखा के कर्मचारी प्रवीण सिंह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। निगमायुक्त कक्ष में हुई जनसुनवाई में निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, अधीक्षण यंत्री और विभाग प्रमुख उपस्थित थे। कुछ शिकायतों का हाथों-हाथ निराकरण किया गया तो कुछ को संबंधित अधिकारियों के पास तत्काल कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दिया गया। recent visitors 65

आईसीसी ने दिसंबर की महिला खिलाड़ी के पुरस्कार के लिए मंधाना, सदरलैंड, म्लाबा को किया नामांकित

दुबई भारत की स्मृति मंधाना, ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका की नॉनकुलुलेको म्लाबा को आईसीसी दिसंबर की महिला खिलाड़ी के पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। स्मृति मंधाना ने सभी प्रारूपों में असाधारण प्रदर्शन किया, भारत के दौरों और घरेलू श्रृंखलाओं के दौरान महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में खराब शुरुआत के बावजूद, मंधाना ने तीसरे एकदिवसीय मैच में शानदार शतक (109 गेंदों पर 105 रन) के साथ वापसी की। इस पारी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बाद की घरेलू श्रृंखला में उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए मंच तैयार किया। वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में मंधाना का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जहां उन्होंने लगातार तीन अर्धशतक जड़कर भारत को 2-1 से सीरीज में जीत दिलाई। तेज स्ट्राइक रेट बनाए रखते हुए पारी को संभालने की उनकी क्षमता ने उन्हें महिला क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक के रूप में स्थापित किया। वनडे में, उन्होंने छह मैचों में 45.00 की औसत और 91.52 की स्ट्राइक रेट से 270 रन बनाए, जबकि टी20 में, उन्होंने तीन मैचों में 64.33 की औसत और 59.50 की स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड ने दिसंबर में अपनी टीम के नाबाद वनडे स्ट्रीक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑलराउंडर ने दो शतकों के साथ अपनी बल्लेबाजी का हुनर ​​दिखाया – पर्थ में भारत के खिलाफ शानदार 110 रन और वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 105 रन। बल्ले से आक्रामकता और संयम को संतुलित करने की उनकी क्षमता ने ऑस्ट्रेलियाई लाइनअप में गहराई ला दी। गेंद के साथ सदरलैंड का योगदान भी उतना ही प्रभावशाली रहा। भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में उनके मैच जीतने वाले 4/39 ने दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता को उजागर किया। दिसंबर में पांच वनडे मैचों में उन्होंने नौ विकेट लिए और 3.85 की शानदार इकॉनमी रेट बनाए रखी। उनके प्रदर्शन में 67.25 की औसत और 113.98 की स्ट्राइक रेट से 269 रन बनाए और 16.22 की औसत और 3.85 की इकॉनमी रेट से नौ विकेट भी लिए। उनके हरफनमौला प्रदर्शन ने उन्हें दिसंबर में दो बार प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिलाया। दक्षिण अफ्रीका की नॉनकुलुलेको म्लाबा ने इंग्लैंड के खिलाफ ब्लोमफोंटेन में ऐतिहासिक एकमात्र टेस्ट में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करके इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज करा लिया। वह टेस्ट में 10 विकेट लेने वाली पहली दक्षिण अफ्रीकी महिला बनीं, उन्होंने 15.70 की औसत से 10 विकेट लिए। जबकि दक्षिण अफ्रीका टेस्ट मैच हार गया, म्लाबा का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसने सबसे लंबे प्रारूप में स्पिन गेंदबाजी में उनकी महारत को दर्शाया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी योगदान दिया, जहां उन्होंने दो विकेट लिए और 20 रन बनाए। recent visitors 122

मध्य प्रदेश की सड़कों पर रात में होगा दिन जैसा उजाला, मोहन सरकार का जबरदस्त प्लान

MP SOLAR POWER PLANT भोपाल ! मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में अब रोशनी या कहें लाइट के लिए परंपरागत साधनों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा. सरकार इसके विकल्प के तौर पर सौर ऊर्जा का उपयोग करने जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट से लेकर अन्य सार्वजनिक कार्यालयों में उपयोग होने वाली बिजली के लिए सोलर पैनल लगाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए सभी जिलों में गांवों को चिन्हित किया जा रहा है. मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि अगले 4 साल में सौर ऊर्जा का उत्पादन 30 हजार मेगावाट से अधिक किया जा सके. सस्ती बिजली मिलेगी, टेंडर किया जारी ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पैनल लगाने का काम ग्रामीण यांत्रिकी विभाग को सौंपा गया है. सौर ऊर्जा से बनने वाली बिजली परंपरागत साधनों से उत्पन्न बिजली से सस्ती होगी. ग्रामीण यांत्रिकी विभाग ने ग्राम पंचायतों में सोलर प्लांट लगाए जाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार पीएम सूर्य घर योजना के तहत सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही है. केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सोलर प्लांट लगाए जाने का लक्ष्य दिया है. इसके तहत तीनों बिजली कंपनियां अपने कार्यक्षेत्र में सोलर प्लांट लगाने का काम रही हैं. इसके साथ ही अब पंचायत स्तर पर भी सोलर प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अब तक 400 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट प्रमुख सचिव ग्रामीण यांत्रिकी नीरज मंडलोई ने बताया कि “तीनों बिजली कंपनियों के कार्यक्षेत्र में 400 मेगावाट से ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता के सोलर प्लांट लग चुके हैं. इससे बिजली का उत्पादन भी मध्य प्रदेश में बढ़ गया है. सोलर से पैदा होने वाली सस्ती बिजली की क्षमता लगातार बढ़ रही है. दरअसल, प्रदेश में बिजली की डिमांड 18 हजार मेगावाट को क्रास कर चुकी है. इसको देखते हुए बिजली उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है. अगले तीन से चार साल में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता को 30 हजार मेगावाट से ऊपर करने का लक्ष्य है.” पहले चरण में भोपाल की इन पंचायतों में लगेंगे सोलर प्लांट नीरज मंडलोई के मुताबिक “ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा अभी भोपाल जिले की चार ग्राम पंचायतों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं. इन पंचायतों में 4 से 5 महीने में 15 किलोवाट के सोलर प्लांट स्थापित हो जाएंगे. इन सोलर प्लांट से एक महीने में 1800 से 2000 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा. गांव-गांव तक सस्ती बिजली पहुंचाने के लिए यह पहल की गई है. अभी ग्राम पंचायत मुगालिया छाप, नजीराबाद, गुनगा, ललरिया और धमर्रा ग्राम पंचायत में 15 किलोवाट के रूपटाप सोलर पावर प्लांट लगाए जाने के टेंडर जारी हुए हैं.” सोलर पैनल लगाने पर मिल रही सब्सिडी बता दें कि तीन किलोवाट के सोलर प्लांट पर सब्सिडी पीएम सूर्य घर योजना के तहत एक किलोवाट सोलर पर 30 हजार, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपए और तीन किलोवाट या उससे ऊपर के सोलर संयंत्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है. यह सब्सिडी पहले से ज्यादा है. इस योजना के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सब्सिडी देना शुरू कर दिया है. पहले एक किलोवाट के सोलर पैनल पर 14 हजार 588 रुपए की सब्सिडी दी जा रही थी. जबकि जनवरी 24 में बढ़ाकर 18 हजार रुपए प्रति किलोवाट कर दी गई थी. recent visitors 226

एमपी गजब: फर्जी आरक्षक ने लोगों को लगाया 34 लाख का चुना

MP News: मध्य प्रदेश पुलिस का एक फर्जी आरक्षक बनकर जालसाज ने कई लोगों के साथ 34 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया. आरोपी ने खुद को प्राधिकरण अधिकारियों से अच्छे संबंध बता कर आधी कीमत में मकान व दुकान दिलाने का वादा किया. इसके बाद लोगों से रुपए लेकर उनके साथ ठगी की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है. उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि राघवी थाना पुलिस को शिकायत मिली थी कि जगोटी का रहने वाले विशाल नामक युवक खुद को शाजापुर पुलिस का जवान बताकर प्राधिकरण की कॉलोनी में आधी कीमत में मकान और दुकान दिलाने का वादा कर रहा है. इसके एवज में वह लोगों से रुपयों की वसूली भी कर रहा है. इन लोगों ने की है शिकायतउन्होंने कहा कि इस मामले में भूपेश, शुभम गुप्ता, कृष्णकांत शर्मा कमल प्रजापत, लखन सिंह चौधरी, लक्ष्मण शर्मा, जागृति, विक्रम पटेल, लेखराज, विकास पटेल, अमित पोरवाल आदि लोगों ने शिकायत की है. जब पुलिस ने मामले की जांच की तो विशाल उर्फ लखन के खिलाफ शिकायत सही पाई गई. इसी के चलते पुलिस ने आरोपी विशाल को गिरफ्तार कर लिया. एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों के साथ ठगी करने का खुलासा हुआ है. आरोपी पीड़ित लोगों से कहता था कि उसकी प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से अच्छी सांठगांठ है. इसी का सहारा लेकर वह ठगी की वारदात को अंजाम देता था. 34 लाख हड़प लिए आरोपी नेराघवी थाना प्रभारी वीरेंद्र बंदेवार ने बताया कि आरोपी विशाल ने कई लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक 34 लाख रुपए की ठगी की वारदात का पता चल चुका है, जबकि जांच में रकम और भी बढ़ाने की संभावना है. मध्य प्रदेश पुलिस की वर्दी भी बरामदपुलिस कप्तान ने बताया कि आरोपी विशाल ने मध्य प्रदेश पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को अपने विश्वास में लेता था. उसने अपनी पोस्टिंग शाजापुर में बता रखी थी. इसके अलावा उसके पास से वर्दी भी बरामद हुई है. उसने फर्जी परिचय पत्र भी बना रखा था. recent visitors 306

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- ईवीएम को किसी भी तरह से हैक नहीं किया जा सकता है, इस दौरान एलन मस्क पर भी निशाना साधा

नई दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर उठाए जा रहे तमाम सवालों का विस्तार से जवाब दिया है। मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करने से पहले चुनाव आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि ईवीएम को किसी भी तरह से हैक नहीं किया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए अमेरिकी अरबपति एलन मस्क पर भी निशाना साधा। दरअसल दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने भारत में चुनाव के दौरान कहा था कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है और उन्हें इस पर भरोसा नहीं है। इस पर राजीव कुमार ने कहा है कि जो शख्स ऐसा कह रहा है उसके खुद के देश में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होता है। राजीव कुमार ने कहा कि लोग उसी नैरेटिव को फॉलो करने लगते हैं जो उन्हें सूट करता है। बता दें कि अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले कहा था कि वोटिंग मशीनों से चुनाव में धांधली होती है। उन्होंने मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था, "मैं खुद तकनीक से जुड़ा हूं। यही वजह है कि कंप्यूटर प्रोग्राम पर अधिक भरोसा नहीं कर सकता। इसे हैक करना आसान है।" हालांकि इन्हीं एलन मस्क ने भारत में मतगणना की भी तारीफ की थी। मस्क ने अमेरिकी चुनाव में हो रही गणना की काउंटिंग पर सवाल उठाते हुए भारत का उदाहण दिया था कि कैसे वहां एक ही दिन में मतगणना हो जाती है जबकि अमेरिका में एक से डेढ़ महीना लग जाता है। recent visitors 51