केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम फसल बीमा योजना में 69 हजार करोड़ और 824 करोड़ के फंड फॉर इनोवेशन एण्ड टेक्नॉलोजी को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण के फैसले के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार डीएपी की कीमतों में वृद्धि होने पर भी देश के किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी से उचित मूल्य प  उपलब्ध करवाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम फसल बीमा योजना में 69 हजार करोड़ और 824 करोड़ के फंड फॉर इनोवेशन एण्ड टेक्नॉलोजी को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा "पीएम फसल बीमा योजना के अंतर्गत 69,515.71 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने पर उनका आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने  यह राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही 824.77 करोड़ की लागत से फंड फॉर इनोवेशन एण्ड टेक्नॉलोजी को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही ये अन्नदाताओं के हित में उठाया गया अहम कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विकास और किसान कल्याण के लिए संकल्पित प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2025 की शुरूआत अन्नदाता के हित में ऐतिहासिक पहल के साथ की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में डीएपी की कीमतों में वृद्धि होने पर भी देश के किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी से उचित मूल्य पर ही डीएपी उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री-मंडल ने डीएपी की निरन्तर उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए एक जनवरी 2025 से अगले आदेश तक की अवधि के लिए एनबीएस सब्सिडी (पोषक तत्व आधारित सब्सिडी) के परे डीएपी पर एकमुश्त विशेष पैकेज को 3 हजार प्रति मीट्रिक टन की दर से बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे किसानों की समृद्धि के संकल्प को साकार करने के साथ उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सतत प्रयत्नशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के किसानों के सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा की प्रतीक पीएम फसल बीमा योजना को निरंतर जारी रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिया गया निर्णय स्वागत योग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री का मध्यप्रदेश के किसान बंधुओं की तरफ से हृदय से आभार भी माना है।   recent visitors 65

अब एमपी ऑनलाइन से जमा कर सकेंगे बिजली बिल, जनवरी के अंतिम सप्ताह में ही शुरू हो जाएगी सुविधा

भोपाल अब आपको बिल जमा करने के लिए बिजली कार्यालय के चक्कर नहीं लगाना होंगे। बिल जमा करने की प्रक्रिया को अत्यधिक आसान बनाने की दिशा में मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जल्द ही महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। दरअसल अब जनवरी 2025 के अंतिम सप्ताह यानि इसी महीने से एमपी ऑनलाइन पर भी बिल जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही नये कनेक्शन के लिए भी उपभोक्ता आवेदन कर सकेंगे। बिजली कंपनी नये साल में उपभोक्ताओं को सौगात दे रही है। बता दें कि बिजली कंपनी द्वारा भोपाल सहित अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया है। इसी के चलते यह नई सुविधा भी शुरू की जा रही है। हुआ कंपनी का अनुबंध मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आनलाइन बिजली बिल जमा करने की सुविधा शुरू करने के लिए एमपी आनलाइन से अनुबंध हस्ताक्षरित किया है। इस दौरान कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल, निदेशक वाणिज्य सुधीर कुमार श्रीवास्तव और एमपी ऑनलाइन के चीफ ऑपरेटिंग अधिकारी प्रशांत राठी मौजूद थे। कंपनी के वरिष्ठ प्रकाशन अधिकारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि कंपनी अपने कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को सौगात दी है। बिजली उपभोक्ता अब एमपी आनलाइन के माध्यम से भी आवेदन कर नया बिजली कनेक्शन ले सकेंगे।   recent visitors 67

श्रद्धालुओं के लिए होंगे ‘हाईटेक इंतजाम’, छह मोटर हाउसबोट का किया गया इंतजाम, बच्चों-बुजुर्गों को देंगे बड़ी राहत

प्रयागराज   महाकुंभ में श्रद्धालुओं को संगम तट पर हाईटेक हाउसबोट और आधुनिक आइसोलेटेड चेंजिंग रूम बड़ी राहत देंगे। हाउसबोट तट से संगम जाएंगे। जहां बोट के अंदर बने एंक्लोज्ड एरिया में श्रद्धालु सीढ़ी की मदद से नीचे उतरेंगे और संगम में डुबकी लगाएंगे। हाईटेक हाउसबोट की यह सुविधा बच्चों और बुजुर्ग के लिए कारगर साबित होगी। साथ ही साथ उन लोगों के लिए भी जो लोग पानी में उतरने से डरते हैं। छह मोटर हाउसबोट का किया गया इंतजाम आपको बता दें संगम के तट पर श्रद्धालुओं के लिए खास हाउसबोट का इंतजाम मेला प्रशासन ने किया है। मेला प्रशासन की तरफ से छह मोटर हाउसबोट का इंतजाम किया गया है। जिसमें कई तरह की आधुनिक सुविधा रहेगी। यह सभी हाउसबोट किसी भी कोने में जा सकती हैं। मतलब की घाट के किनारे से श्रद्धालुओं को बैठना होगा उसके बाद यह हाउसबोट मोटर की मदद से संगम तक पहुंचेगी। हाइटेक हाउसबोट में श्रद्धालुओं को सोफा सेट और चेंजिंग रूम भी मिलेगा। जिसमें श्रद्धालु डुबकी लगाने के बाद कवर्ड चेंजिंग रूम में कपड़े पहन सकेंगे। 144 आइसोलेटेड चेंजिंग रूम बनकर तैयार हाउसबोट के मैनेजर हर्ष अग्रवाल बताते हैं कि फिलहाल हाउसबोट का रेट डिसाइड नहीं किया गया है, लेकिन सबसे ज्यादा मदद उन श्रद्धालुओं को मिलेगी जिनको नदी में जाने से डर लगता है। वह सुरक्षित बैठकर संगम में जाकर डुबकी लगा सकते हैं। इसके साथ ही 144 आइसोलेटेड चेंजिंग रूम भी तैयार किए गए हैं। जो पहली बार संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए हैं। यह चेंजिंग रूम अंदर से गर्म रहेंगे और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देंगे। महिलाओं को खास ध्यान में रखते हुए इन चेंजिंग रूम को बनाया गया है। recent visitors 71

राजधानी से प्रयागराज महाकुंभ जाएगी फायर फाइटिंग बोट, घाटों पर रहेंगी तैनात

 भोपाल/प्रयागराज यूपी के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है. इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. संगम नगरी में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी तमाम इंतजामात किए गए हैं. इसी के मद्देनजर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फायर फाइटिंग बोट बनाई गई हैं. भोपाल से अब फायर फाइटिंग बोट प्रयागराज रवाना की जाएंगी. फायर सेफ्टी के लिहाज से ये बोट महाकुंभ के दौरान घाटों पर तैनात की जाएंगी. लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच आग लगने की आपात कालीन स्थिति में घाटों तक फायर ब्रिगेड न पहुंचने की परेशानी के लिहाज से रेस्क्यू का काम करेंगी. फायर बोट पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन और आपात सेवा लिखा गया है. बोट में 6-8 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है. नाव के पिछले हिस्से में लगी मोटर से नदी का पानी खींचकर आग लगने की आपात स्थिति में इस्तेमाल किया जा सकेगा. फायर बोट पर सायरन सिस्टम भी लगाया गया है. इस तरह की करीब 6 फायर बोट प्रयागराज भेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है. फायर फाइटिंग बोट की खासियत फायर बोट पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा लिखा गया है। बोट में 6-8 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। डीजल से चलने वाली मोटर लगाई गई है जो आग लगने की आपात स्थिति में नोजल से गंगा-यमुना का पानी फेंकेगी। साथ ही इसमें सायरन सिस्टम भी लगाया गया है। इस तरह की करीब 6 फायर बोट प्रयागराज भेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यूपी ने सौंपा था काम मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि यूपी फायर सर्विस की तरफ से टेंडर जारी कर भोपाल के पीएस ट्रेडर्स को इस बोट के निर्माण का काम सौंपा था. जिसके बाद इसे भोपाल में बनाया गया है, ये देश की पहली फायर फाइटिंग बोट है जिसे खासतौर पर यूपी के प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ के लिए तैयार किया गया है. आज भोपाल में इसकी टेस्टिंग भी की गई है, बता दें कि टेस्टिंग के लिए उत्तर प्रदेश फायर सर्विस से टीम भी आई थी.   recent visitors 56

मध्यप्रदेश ने सबसे पहले लागू किया वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम

भोपाल मध्यप्रदेश, देश में वन और वृक्ष आवरण में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की संस्कृति वाला हमारा देश सम्पूर्ण जीव-जगत को भी अपना कुटुम्ब ही मानता है। हम सदियों से वनों, पहाड़ों और नदियों को पूजते चले आ रहे हैं। पूर्वजों की इस परंपरा को सहेजे जाने के लिए जैव-विविधता का संरक्षण आवश्यक है। आने वाली पीढ़ियों के लिये वन जीवन को सहेजकर रखना हमारी जिम्मेदारी है। मध्यप्रदेश कुल वन और वृक्ष आवरण 85 हजार 724 वर्ग किलोमीटर और वनावरण 77.073 वर्ग किलोमीटर के साथ देश का अग्रणी राज्य है। यहां वनों को प्रकृति ने अकूत सम्पदा का वरदान देकर समृद्ध किया है। प्रदेश में 30.72 प्रतिशत वन क्षेत्र है जो देश के कुल वन क्षेत्र का 12.30 प्रतिशत है। यहां कुल वन क्षेत्र 94 हजार 689 वर्ग किलोमीटर (94 लाख 68 हजार 900 हेक्टेयर) है। प्रदेश में 24 अभयारण्य, 11 नेशनल पार्क और 8 टाईगर रिजर्व हैं, जिसमें कान्हा, पेंच, बाँधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा और संजय डुबरी टाईगर रिजर्व बाघों के संरक्षण में लैंडमार्क बन गए हैं। बाघों को सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिये उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदम मध्यप्रदेश में बाघों की सुरक्षा और संरक्षण के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं। हाल ही में राजधानी भोपाल से सटे रातापानी अभयारण्य को प्रदेश का 8वां टाईगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। शिवपुरी के माधव वन्य जीव उद्यान को भी टाईगर रिजर्व घोषित के जाने की तकनीकी अनापत्ति जारी कर दी गई है, उम्मीद है कि शीघ्र ही यह प्रदेश का 9वां टाईगर रिजर्व बन जाएगा। रातापानी हमेशा से ही बाघों का घर रहा है। रायसेन एवं सीहोर जिले में रातापानी अभयारण्य का कुल 1272 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र अधिसूचित है। टाईगर रिजर्व बनने के बाद कुल क्षेत्रफल में से 763 वर्ग किलोमीटर को कोर क्षेत्र घोषित किया गया है। यह वह क्षेत्र है, जहाँ बाघ मानवीय हस्तक्षेप के बिना स्वतंत्र विचरण कर सकेंगे। शेष 507 वर्ग किलोमीटर को बफर क्षेत्र घोषित किया गया है। यह क्षेत्र कोर क्षेत्र के चारों ओर स्थित है। इसका उपयोग कुछ प्रतिबंधों के साथ स्थानीय रहवासी कर सकेंगे, इनकी आजीविका इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है। रातापानी की अर्बन फॉरेस्ट से समीपता के कारण भोपाल को अब टाईगर राजधानी के रूप में पहचान मिलेगी। रातापानी के टाईगर रिजर्व बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिये रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। मध्यप्रदेश ने सबसे पहले लागू किया वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम लागू किया। प्रदेश में वर्ष 1973 में वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम लागू किया गया था। प्रदेश के सतपुड़ा टाईगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की संभावित सूची में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में सफेद बाघों के संरक्षण के लिये मुकुंदपुर में महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव व्हाइट टाईगर सफारी की स्थापना की गई है, इसे विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। वन्य जीव विशेषज्ञों ने सतपुड़ा टाईगर रिजर्व को बाघ सहित कई वन्य-जीवों के प्रजनन के लिए सर्वाधिक अनुकूल स्थान माना है, इसलिए यह इनके लिए आदर्श आश्रय स्थली है। पेंच टाईगर रिजर्व की ‘कॉलर वाली बाघिन’ के नाम से प्रसिद्ध बाघिन को सर्वाधिक 8 प्रसवों में 29 शावकों को जन्म देने के अनूठे विश्व-कीर्तिमान के कारण ‘सुपर-मॉम’ के नाम से भी जाना जाता है। इसी तरह कान्हा टाईगर रिजर्व में पाए जाने वाले हार्ड ग्राउण्ड बारहसिंगा का संरक्षण भी देश ही नहीं दुनिया भर के लिए विशेष है। इसलिए मध्यप्रदेश में इसे राजकीय पशु का दर्जा दिया गया है। चीतों की पुनर्स्थापना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष रुचि एवं अथक प्रयासों के फलस्वरूप कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अफ्रीकी चीतों की पुनर्स्थापना की गई। अब इनका कुनबा बढ़ने भी लगा है, जो हमारे लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। भारत में 13 हजार से भी अधिक तेंदुए हैं, जिसमें से 25 प्रतिशत तेंदुए मध्यप्रदेश में हैं। प्रदेश में तेंदुओं की संख्या 3300 से अधिक है। देश में तेंदुओं की आबादी में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि मध्यप्रदेश में यह वृद्धि 80 प्रतिशत आंकी गई है। घड़ियाल, गिद्धों, भेड़ियों, तेंदुओं और भालुओं की संख्या में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। मध्यप्रदेश बाघों का घर होने के साथ ही तेंदुओं, चीतों, गिद्धों और घड़ियालों का भी आँगन है। दुर्लभ स्तनपायी मछली डॉल्फिन भी अत्यंत साफ-सुथरी चंबल में संरक्षित की जा रही है। इस तरह मध्यप्रदेश अन्य राज्यों की जैव-विविधता को सम्पन्न बनाने में भी अपना योगदान दे रहा है। वन्य जीव कॉरिडोर बनने से कम होगा मानव-वन्य जीव संघर्ष बाघ एवं तेंदुआ स्टेट का सम्मान मध्यप्रदेश को मिला हुआ है। हमारे प्रदेश में संरक्षित क्षेत्रों के अतिरिक्त खुले वनों में भी 30 प्रतिशत से अधिक बाघ विचरण कर रहे हैं। इससे मानव-वन्य जीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिये विशेष वन्यजीव कॉरिडोर बनाये गये हैं। साथ ही 14 रीजनल रेस्क्यू स्क्वॉड और एक राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वॉड का गठन किया गया है। वन्य जीवों को मानव-वन्य जीव संघर्ष के लिए संवेदनशील क्षेत्रों से रेस्क्यू कर संरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जायेगा, जिससे वन्य जीवों का प्रबंधन एवं संरक्षण अधिक प्रभावी रूप से हो सकेगा। इन संघर्षों में प्रतिवर्ष औसतन 80 प्रतिशत जनहानि, 15 हजार पशु हानि होती है और 1300 नागरिक घायल होते हैं। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिये शासन ने जनहानि के प्रकरणों में क्षतिपूर्ति राशि को 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। इन प्रकरणों में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 30 दिवस के अंदर क्षति-पूर्ति राशि का भुगतान किया जाता है। प्रदेश में हाथियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक एलीफेंट-टॉस्कफोर्स का गठन किया गया है। हाथी प्रबंधन के लिये योजना तैयार की जा रही है। इसमें एआई तकनीक के उपयोग से स्थानीय समुदायों की सहभागिता को भी प्रबंधन में सम्मिलत किया जा रहा है। हाथी विचरण क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।   recent visitors 65

सर्द हवाओं से ठिठुरा मध्यप्रदेश, कईं जिलों में अलर्ट: भोपाल, सहित  जिले शीतलहर की चपेट में 

Madhya Pradesh shivers due to cold winds, alert in many districts: Bhopal and other districts in the grip of cold wave भोपाल । सर्द हवाओं से मध्यप्रदेश ठिठुर रहा है। आलम यह है कि दिन में भी कंपकंपी छूट रही है। वहीं कई शहरों में रात का टेम्परेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। नए साल के पहले दिन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड रही। मौसम विभाग की माने तो अगले 3 दिन ऐसी ही ठंड पड़ेगी। गुरुवार को भोपाल, जबलपुर-ग्वालियर समेत 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। इससे पहले प्रदेश के 37 जिलों में सुबह मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, उज्जैन और शाजापुर में इतना घना कोहरा था कि विजिबिलिटी 50 मीटर ही रह गई थी। आज, गुरुवार को जिन जिलों में शीतलहर का अलर्ट है, उनमें भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर के अलावा मुरैना, भिंड, दतिया, राजगढ़, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, उमरिया और कटनी भी शामिल हैं। बर्फबारी हो रही, इसलिए बढ़ रही ठंड वर्तमान में जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। जिससे प्रदेश में सर्द हवाएं आ रही हैं। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। बारिश थमते ही ठंड का असर बढ़ा बता दें कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी के चलते दिसंबर के आखिरी दिनों में बारिश और ओले का दौर रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई। वहीं, 20 जिले ऐसे रहे, जहां ओले भी गिरे। बारिश का दौर खत्म होते ही ठंड का असर बढ़ गया। साल 2024 की आखिरी रात भी ठंडी रही। वहीं, नए साल 2025 के पहले दिन सर्दी का असर बना रहा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 2 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, सागर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, देवास, शाजापुर, सीहोर, हरदा, बैतूल, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, राजगढ़, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, उमरिया, कटनी में शीतलहर भी चलेगी। 3 जनवरी: जबलपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में शीतलहर चलने का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, गुना, अशोकनगर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, उमरिया, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा छाया रहेगा। 4 जनवरी: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा रहेगा। recent visitors 273

2 जनवरी गुरुवार को जानें कैसा होगा आपका दिन, इन राशियों की बदल जाएगी जिंदगी

मेष राशि– मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। आर्थिक रूप से कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मन परेशान हो सकता है। अपनी भावनाओं को कंट्रोल रखें। बातचीत में बैलेंस बनाकर रखें। आय में कमी व खर्च के अधिकता की स्थिति हो सकती है। वृषभ राशि– वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में वृद्धि के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। कुछ जातकों को रोजी-रोजगार में तरक्की मिल सकती है। आर्थिक रूप से दिन बढ़िया रहेगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के कुटुंब-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। ऑफिस से जुड़े कार्यों को लेकर व्यस्तता रह सकती है। परिवार में सुख-शांति रहेगी। संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक खर्चों में वृद्धि होगी। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। जीवनसाथी का सानिध्य मिलेगा, हालांकि उसकी सेहत पर नजर रखें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भावुक होकर कोई भी फैसला न लें। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के कारोबार में वृद्धि होगी। व्यापारियों को आज धैर्य से काम लेना चाहिए। परिवार में शांति बनाए रखें। वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखें। मित्रों का सहयोग आर्थिक लाभ दिलाएगा। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज मन में निराशा व असंतोष से बचना चाहिए। सेहत का ध्यान रखें। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के साधन बन सकते हैं। कारोबार में विस्तार हो सकता है। आज किसी भी तरह के रिस्क से बचें, वरना आर्थिक नुकसान हो सकता है। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम दिलाएगा। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी, लेकिन शैक्षिक कार्यों के लिए परिवार से दूर जाना पड़ जा सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आर्थिक रूप से आप पहले से अच्छी स्थिति में आ जाएंगे। वृश्चिक राशि- सरकारी तंत्र का लाभ मिलेगा। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। बौद्धिक कार्यों से आय में वृद्धि भी हो सकती है। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। अपनों का साथ होगा। परिवार में किसी नए सदस्य का आगमन हो सकता है। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। उच्च पद की प्राप्ति होगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। रोजी-रोजगार में तरक्की का इंतजार करने वालों को इंतजार बढ़ सकता है। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए लोगों को कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों भरा रहेगा। कार्यस्थल पर आपके काम की तारीफ हो सकती है। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। धन का आवक बढ़ेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम दिलाएगा। नौकरी के लिए जिन लोगों का इंटरव्यू शेड्यूल है, उन्हें सफलता मिल सकती है। धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। आय में वृद्धि होगी। वाणी के प्रभाव से रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। लिखने-पढ़ने में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। आय से संपत्ति में वृद्धि भी हो सकती है। धन-संपत्ति में वृद्धि होगी। धन-धान्य में बढ़ोतरी होगी। व्यापार में बढ़ोतरी होगी। recent visitors 83