27 दिसंबर राशिफल जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- आज आपको प्रेम जीवन में खुश रहने की सलह दी जाती है। अपने काम में सर्वोत्तम परिणाम देने का प्रयास करें। सुनिश्चित करें कि आप पैसों से जुड़े मुद्दों को अच्छी तरह संभाल लें। वृषभ राशि- आज सेल्फ लव और केयर पर फोकस करें। आसपास के लोगों की हेल्प करें। दिन के पहले भाग में छोटे-मोटे वित्तीय मुद्दे आज स्मार्ट मौद्रिक मैनेजमेंट की मांग करते हैं। ज्यादा स्ट्रेस न लें। मिथुन राशि- आज किसी प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है, जो दिन का मुख्य आकर्षण रहेगी। आपका दिन अवसरों, चुनौतियों और महत्वपूर्ण डीसीजन लेने का वादा करता है। खर्च को कंट्रोल करें। कर्क राशि- आज लव के मामले में आपको कम्यूनिकेशन बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। पेट से जुड़ी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। लव लाइफ में रोमांस बढ़ाने की कोशिश करें। सिंह राशि- जीवन में बदलाव प्रेम, करियर और पैसों के मामले को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। व्यक्तिगत विकास और करियर में अवसर पाने के लिए कुछ दिन और इंतजार करें। कन्या राशि- आज का दिन शुभ रहने वाला है। बदलाव आपको आगे ले जाएंगे। धन आगमन के योग बन रहे हैं। किसी दोस्त से मुलाकात हो सकती है। किसी भी प्रॉब्लम का आज ही सॉल्यूशन निकालें। तुला राशि- आज का दिन बदलावों भरा रहने वाला है। कुछ जातकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिससे व्यक्तिगत विकास, प्रेम, करियर और वित्तीय मामलों में अप्रत्याशित जीत मिल सकती है। वृश्चिक राशि- आज का दिन सफलताओं से भरा है, जो आपको प्यार, करियर और व्यक्तिगत विकास में वृद्धि की ओर ले जाएगा। ऐसी गतिविधियों के लिए तैयार रहें, जो आनंद और चुनौतियां दोनों लेकर आएंगी। धनु राशि- आज आपको अपने खर्चों पर कंट्रोल रखना चाहिए। आप सिद्धांतों पर चलने वाले व्यक्ति हैं। रिश्ते में मतभेदों को सुलझाएं। पैसों के मामले में भाग्य आपके साथ है। फिटनेस पर अपना फोकस बनाए रखें। मकर राशि- आज अपनी योग्यता साबित करने के लिए कई पेशेवर अवसर सामने आएंगे। धन और स्वास्थ्य दोनों सकारात्मक रहने वाले हैं। अपनी भावनाओं को एक्सप्रेस करें। साथी को सरप्राइज करें। कुंभ राशि- प्यार में ईमानदार रहें और शक्की न बनें। अपनी पेशेवर क्षमता साबित करने के लिए बेहतर मौके तलाशें। आर्थिक परेशानियां रहेंगी। आज आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। जंक फूड्स से दूर रहें। मीन राशि- आज कई रोमांचक अवसर मिल सकते हैं। अपनी मेंटल हेल्थ को इम्प्रूव करने पर अपना फोकस रखें। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए तैयार रहें। मौकों पर अपनी नजर रखें। recent visitors 230

सुनामी की 20वीं बरसी पर एक शांति रैली और स्मारक सेवा का हुआ आयोजन, निकाली गई ‘शांति रैली’

चेन्नई चेन्नई के रोयापुरम कासिमेदु इलाके में साल 2004 की सुनामी की 20वीं बरसी पर एक शांति रैली और स्मारक सेवा का आयोजन किया गया। शांति रैली में कई लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन अन्नाद्रमुक के उत्तरी चेन्नई पूर्वोत्तर जिले द्वारा किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत एक मौन जुलूस से हुई, जिसके बाद एक स्मारक सेवा आयोजित की गई। इसमें मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए फूल चढ़ाए गए और समुद्र में दूध भी डाला गया। इसके साथ ही, गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में 500 से अधिक लोग शामिल हुए। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी, कलैवानी, अचानक बेहोश हो गईं। अन्नाद्रमुक के जिला सचिव आर.एस. राजेश और महिला विंग के सदस्यों ने उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा। इससे थोड़ी देर के लिए कार्यक्रम में हंगामा भी हुआ। आज से 20 साल पहले 26 दिसंबर 2004 को सुनामी ने चेन्नई के समुद्र तटों पर तबाही मचाकर लोगों की हंसती खेलती जिंदगी तबाह कर दी थी। इस आपदा में लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस भयावह हादसे के दो दशक बीत जाने के बाद भी लोग उस दर्द से नहीं उबर पाए हैं। लेकिन, इस बीच कुछ ऐसे लोग भी रहे, जिन्होंने इस हादसे से उबरकर नई जिंदगी का आगाज किया। बताया जाता है कि सुनामी ने छह जिलों में तबाही मचाई थी। इसमें कांचीपुरम, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, नागपट्टिनम, कन्याकुमारी और थूथुकुड शामिल हैं। इसमें 50 नगर पंचायतों को बड़ा नुकसान पहुंचा था। आपदा के बाद लोगों को अपनी नई जिंदगी शुरू करने के लिए सरकार और प्रशासन ने अपनी तरफ से पूरी मदद की थी। कुल मिलाकर, इस सुनामी में लगभग 1,90,000 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि 40-45 हजार लोग लापता हो गए थे। माना जाता है कि वे मर चुके हैं। recent visitors 101

निकाय चुनाव के दौरान प्रदेश में नहीं होंगे नियुक्ति और तबादले

रायपुर राज्य सरकार ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। जल्द ही चुनाव की घोषणा हो सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग ने चुनाव आचार संहिता को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके अनुसार, चुनाव की घोषणा होते ही सरकारी नियुक्तियों और तबादलों पर रोक लग जाएगी। 31 दिसंबर 2024 को चुनाव तारीखों की घोषणा होने की संभावना है। यदि इस दिन घोषणा नहीं होती है, तो चुनाव प्रक्रिया एक महीने तक टल सकती है, क्योंकि 1 जनवरी से नई मतदाता सूची पर काम शुरू हो जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग जल्द चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है।   छुट्टी के लिए कलेक्टर की इजाजत जरूरी सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने 14 पन्नों की गाइडलाइन जारी की है। स्पष्ट किया गया है कि चुनाव घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होगी। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को अवकाश के लिए कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य होगी। वहीं, चुनाव के दौरान सरकार के मंत्री नई घोषणाएं नहीं कर सकेंगे। वे किसी भी भूमिपूजन या उद्घाटन कार्यक्रमों में हिस्सा भी नहीं ले सकेंगे। मंत्रियों के लिए यह है निर्देश गाइडलाइन में मंत्रियों के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। मंत्री के निजी दौरों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल नहीं लगाया जाएगा। सरकारी रेस्ट हाउस में मंत्री केवल अधिकारियों और कर्मचारियों से ही मिल सकते हैं। निजी स्थान पर किसी से मिलने की अनुमति नहीं होगी। यह भी है प्रमुख बिंदु चुनाव प्रचार सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम और पता अनिवार्य। चुनाव अवधि के दौरान हथियारों के लेन-देन पर प्रतिबंध लगाया गया है। मंत्री आचार संहिता के दौरान किसी अनुदान की घोषणा नहीं कर सकते। सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रचार या राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेंगे। चुनाव के दौरान असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई होगी, निगरानी रखी जाएगी। 10 निगमों में होगा चुनाव राज्य के 14 नगर निगमों में से 10 में चुनाव होगा। इनमें अंबिकापुर, धमतरी, कोरबा, बिलासपुर, चिरमिरी, राजनांदगांव, जगदलपुर, रायगढ़, दुर्ग और रायपुर है। वहीं रिसाली, भिलाई, बीरगांव और भिलाई-चरोदा में अभी चुनाव नहीं है। 13 नगर निगमों में कांग्रेस राज्य के 14 में से 13 नगर निगमों में कांग्रेस के महापौर है। वर्ष 2019 में चुनाव हुए थे तब जगदलपुर की महापौर साफिरा साहू ने कांग्रेस से ही चुनाव जीता था। अब वह भाजपा में है। पिछली बार के चुनाव में पार्षदों ने महापौर का चुनाव किया था। recent visitors 90

मौजूदा सरकार में महात्मा गांधी की विरासत को खतरा है, ये संगठन कभी आजादी के लिए नहीं लड़े, पुरजोर विरोध किया

नई दिल्ली कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हो रही है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत पार्टी के तमाम नेता इसमें शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इसमें शामिल नहीं हो सकी हैं. उन्होंने कांग्रेस वर्किंग कमेटी को लेटर लिखा है. इसमें कहा, मौजूदा सरकार में महात्मा गांधी की विरासत को खतरा है. ये संगठन कभी आजादी के लिए नहीं लड़े, बल्कि महात्मा गांधी का पुरजोर विरोध किया. इन संगठनों ने ऐसा जहरीला माहौल तैयार किया, जिसने महात्मा गांधी की हत्या का रास्ता साफ किया. ये लोग महात्मा गांधी के हत्यारों को गौरवान्वित करते हैं. सोनिया गांधी ने कहा, देश में अलग-अलग स्थानों पर पर गांधीवादी संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं. इसलिए ये जरूरी है कि इस बैठक को नव सत्याग्रह बैठक कहा जाए. अब हमारा ये कर्तव्य है कि हम इन ताकतों का पूरी ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ मुकाबला करने के अपने संकल्प को दोहराएं. हमारे संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का मुद्दा भी आज उठेगा. सोनिया गांधी ने कहा, यह हमारे देश के इतिहास में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर था. आज हम महात्मा गांधी की विरासत को संरक्षित, सुरक्षित और बढ़ावा देने के लिए खुद को फिर से समर्पित करते हैं. वो हमारी प्रेरणा का मूल स्रोत रहे हैं और रहेंगे. उन्होंने ही उस पीढ़ी के हमारे सभी उल्लेखनीय नेताओं को गढ़ा और उनका मार्गदर्शन किया. उन्होंने कहा, उनकी विरासत नई दिल्ली में सत्ता में बैठे लोगों और उन्हें पोषित करने वाली विचारधाराओं और संस्थानों से खतरे में है. इन संगठनों ने कभी हमारी आजादी के लिए लड़ाई नहीं लड़ी. उन्होंने महात्मा गांधी का विरोध किया. उन्होंने एक जहरीला माहौल बनाया, जिसके कारण उनकी हत्या हुई. वो उनके हत्यारों का महिमामंडन करते हैं. recent visitors 98

सुशासन दिवस के अवसर पर नालंदा परिसर में कविता संग्रह में से चुनिंदा कविताओं का युवाओं ने वाचन किया

रायपुर देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती में उनके कविता संग्रह में से चुनिंदा कविताओं का राजधानी के युवाओं ने वाचन किया, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया और हिंदी में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में दिए गए उनके भाषण पर भी अपने विचार प्रकट किए। यह अवसर था राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस का। जनसंपर्क विभाग की ओर से नालंदा परिसर  में 'खुशहाल एक साल' इवेंट का आयोजन किया गया जिसमें नालंदा परिसर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा न केवल देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जीवन यात्रा, कविता संग्रह और विचारों से रूबरू हुए, बल्कि  छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे राज्य सरकार की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों और योजनाओं के प्रति भी जागरूक हुए। मनोरंजन और खेल – खेल में युवाओं को अपने प्रदेश के बारे में बहुत कुछ जानने का मौक़ा मिला। सबके बीच अपने विचार व्यक्त करने से झिझकने वाले युवाओं ने भी हल्के फुलके वातावरण में संकोच करना बंद कर ख़ुशी-ख़ुशी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। युवाओं ने राज्य में संचालित महतारी वंदन योजना, नियद नेल्ला नार योजना, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना, कृषक उन्नति योजना, पर्यटन, छत्तीसगढ़ की बोलियों, आभूषणों आदि के बारे में पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर देने  में तत्परता दिखाई । छत्तीसगढ़ में  मिलने वाले खनिज, प्रदेश की लोक कला, खान -पान, गौरवशाली इतिहास संबंधी प्रश्नों को भी विभिन्न गतिविधियों के बीच में पूछा गया और इस दौरान  सही उत्तर देने वाले युवाओं को विभिन्न डिस्काउंट कूपन, बिहान के उत्पाद उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। डिस्काउंट वाउचर में नालंदा परिसर में स्थित लाइब्रेरी के मासिक शुल्क में ५० प्रतिशत की छूट ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं के एस्पिरेंट्स को खूब लुभाया । इससे उनका उत्साह और बढ़ गया और उन्होंने इवेंट की समाप्ति तक पूरे उमंग के साथ आयोजन में हिस्सा लिया । उल्लेखनीय है कि खुशहाल एक साल इवेंट का यह छठवाँ आयोजन था। इससे पहले भी रायपुर शहर के विभिन्न स्थलों में इवेंट आयोजित किया गया जिसमें युवाओं ने भरपूर रुचि और उत्साह के साथ आयोजन की सफलता में अपनी सहभागिता प्रदान की थी। recent visitors 83

नरसिंहपुर अस्पताल में महिला डॉक्टर से सैलरी और छुट्टियों के एवज में 5 हजार की मांग की थी, लोकायुक्त पुलिस ने किया अरेस्ट

नरसिंहपुर जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए पी सिंह को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। यह मामला नरसिंहपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग के एक बड़े घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें एक महिला डॉक्टर से उसके साथ एक कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं। छुट्टियों के एवज में रिश्वत जानकारी के अनुसार डॉ. ए पी सिंह ने नरसिंहपुर जिले के एक अस्पताल में कार्यरत महिला डॉक्टर से उसकी सैलरी और छुट्टियों के एवज में 5 हजार रुपये की मांग की थी। महिला डॉक्टर ने इस भ्रष्टाचार को लोकायुक्त पुलिस के से की थी। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाकर महिला डॉक्टर से रिश्वत की रकम महिला कंप्यूटर ऑपरेटर के जरिए ली जाती थी, और यही वजह है कि ऑपरेटर भी इस मामले में सह आरोपी बन गई है।   लोकायुक्त की कार्रवाई जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए डॉ. ए पी सिंह को तब पकड़ लिया, जब वह रिश्वत की राशि महिला डॉक्टर से ले रहा था। इसके अलावा, कंप्यूटर ऑपरेटर को भी गिरफ्तार किया गया, जो रिश्वत की रकम के लेन-देन में शामिल थी। recent visitors 79

श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड ने केबल कार रोपवे प्रोजेक्ट काम किया शुरू, दुकानदारों ने 72 घंटे का बंद का किया आह्वान

जम्मू  वैष्णो देवी यात्रा के पहले पड़ाव कटरा में गुरुवार को सन्नाटा पसरा रहा, क्योंकि रोपवे प्रोजेक्ट के विरोध कर रहे स्थानीय दुकानदारों ने 72 घंटे का बंद का आह्वान किया है। हालांकि दर्शन करने गए श्रद्धालुओं के लिए होटल खुले हैं। मंदिर के ट्रैक पर भी पिट्ठू और पालकीवाले नजर नहीं आए। बुधवार को कटरा संघर्ष समिति के विरोध प्रदर्शन के बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया था। स्थानीय पुलिस अफसरों ने बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा था इसलिए बलप्रयोग किया गया। वैष्णो देवी में रोपवे पर क्या है विवाद श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा के लिए केबल कार रोपवे प्रोजेक्ट काम शुरू किया है। इसके पूरे होने के बाद भक्त ताराकोट से सांझीछत सिर्फ 8 मिनट में पहुंच जाएंगे। इसके बाद उन्हें माता के दरबार तक पहुंचने के लिए सिर्फ दो किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ेगी। 350 करोड़ का यह प्रोजेक्ट दो साल में पूरा होगा और इसके लिए कई जगह पर काम शुरू हो गए हैं। रोपवे से सांझीछत जाने वाले भक्त वाणगंगा, अर्द्धकुमारी, चरण पादुका नहीं जा सकेंगे। बोर्ड ने आस्ट्रिया के केबल केबिन मंगाने का ऑर्डर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट का स्थानीय दुकानदार, घोड़ेवाले, पिट्ठू वाले और पालकी वाले विरोध कर रहे हैं। उन्हें कटरा संघर्ष समिति का समर्थन भी हासिल है। संघर्ष समिति का दावा, दो लाख लोग हो जाएंगे बेरोजगार श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति का कहना है कि यात्रा मार्ग पर करीब 10 हजार घोड़े, पिट्ठू और पालकी वाले काम करते हैं। इस रूट पर करीब 2500 छोटी-बड़ी दुकानें हैं, जिसमें भोजनालय, ड्राई फ्रूट शॉप भी शामिल हैं। रोपवे प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद करीब दो लाख कारोबारी सीधे तौर से प्रभावित होंगे। पिट्ठू, पालकी और घोड़े वाले दैनिक मजदूर को रोजाना एक से दो हजार रुपये की कमाई होती है। ड्राई फ्रूड व्यापारी का कारोबार भी चौपट हो जाएगा।  मगर पैदल यात्री आएंगे ही नहीं तो कमाई कैसे होगी। समिति का कहना है कि बाणगंगा और अर्द्धकुमारी में पड़ाव के बिना यात्रा भी अधूरी मानी जाती है। श्राइन बोर्ड भक्तों की आस्था से खिलवाड़ कर रहा है। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का कहना है कि रोप-वे को वैकल्पिक मार्ग के तौर पर बनाया जा रहा है। इससे वृद्ध, बीमार और बच्चों को फायदा मिलेगा। जो भक्त कटरा, बाणगंगा और अर्द्धकुमारी का दर्शन करना चाहेंगे, वह 13.5 किलोमीटर के पारंपरिक मार्ग से पैदल ही जाएंगे। संघर्ष समति की चेतावनी, होटल वाले नहीं लें नई बुकिंगश्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति और कटरा संघर्ष समिति से जुड़े कारोबारी बोर्ड के दलील से सहमत नहीं है और पिछले एक महीने से प्रदर्शन जारी है। बुधवार को कारोबारियों ने मार्च निकाला, जिस पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। पूर्व मंत्री जुगल किशोर शर्मा ने कहा है कि इस समस्या पर समाधान के लिए कारोबारियों से बातचीत जारी थी, मगर लाठीचार्ज के बाद इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस का कहना है कि रोपवे का मामला वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड से संबंधित है और इसका जिला प्रशासन से कोई लेना-देना नहीं है। इस मुद्दे पर संघर्ष समिति को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के बजाय बोर्ड से बातचीत करनी चाहिए। recent visitors 218