लोकसभा चुनाव में महिला मतदाताओं का मतदान % 65.78 रहा जबकि पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.55 था : निर्वाचन आयोग

नई दिल्ली  निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनाव में 64.64 करोड़ मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया और इन मतदाताओं में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही। निर्वाचन आयोग ने कहा कि महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.78 रहा जबकि पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.55 था। आयोग ने कहा कि इस बार चुनाव लड़ने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या 800 रही जबकि 2019 के चुनावों में यह संख्या 726 थी। निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘स्वतः संज्ञान लेकर की गई इस पहल का मकसद जनता का विश्वास बढ़ाना है, जो भारत की चुनावी प्रणाली का आधार है।’’ ये आंकड़े इन आरोपों की पृष्ठभूमि में जारी किए गए हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान के आंकड़ों में हेराफेरी की गई थी। ये आंकड़े चार विधानसभा चुनावों – अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम से भी संबंधित हैं। निर्वाचन आयोग ने बताया कि 2019 में 540 की तुलना में कुल 10.52 लाख मतदान केंद्रों में से 40 मतदान केंद्रों या 0.0038 प्रतिशत केंद्रों पर पुनर्मतदान किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इस चुनाव में महिला मतदाताओं ने अपनी उपस्थिति और भागीदारी से लोकतंत्र को नई ऊंचाई दी, जो महिलाओं के मताधिकार के नए मानक का संकेत है। महिला मतदाताओं का मतदान औसत 65.78 प्रतिशत रहा जबकि पुरुष मतदाताओं का यह औसत 65.55 प्रतिशत था। महिला उम्मीदवारों की संख्या 800 थी जबकि 2019 में यह संख्या 726 थी। 2019 की तुलना में थर्ड-जेंडर मतदाताओं में 46.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2024 में जहां 90,28,696 पंजीकृत दिव्यांग मतदाता रहे वहीं 2019 में यह संख्या 61,67,482 थी। वर्ष 2019 में 540 मतदान केंद्रों की तुलना में वर्ष 2024 में केवल 40 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान हुआ। दरअसल, भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 पर 42 सांख्यिकीय रिपोर्ट और एक साथ कराए गए चार राज्य विधानसभा चुनावों पर 14-14 रिपोर्टें जारी की हैं। आयोग का कहना है कि ये लगभग 100 सांख्यिकीय रिपोर्ट गहन विश्लेषण और नीतिगत अंतर्दृष्टि के लिए दुनिया भर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और चुनाव पर्यवेक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण खजाने की तरह होंगी। आयोग के अनुसार इस रिपोर्ट में उपलब्ध डेटा सेट संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों और राज्यवार मतदाताओं, मतदान केंद्रों की संख्या, राज्य तथा संसदीय निर्वाचन क्षेत्रवार मतदाता मतदान, पार्टी के आधार पर वोट शेयर, लिंग आधारित मतदान व्यवहार, महिला मतदाताओं की राज्यवार भागीदारी, क्षेत्रीय विविधताएं, निर्वाचन क्षेत्र डेटा सारांश रिपोर्ट, राष्ट्रीय पार्टियों, राज्य स्तरीय पार्टियों, पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (आरयूपीपी) का प्रदर्शन, जीतने वाले उम्मीदवारों का विश्लेषण, निर्वाचन क्षेत्रवार विस्तृत परिणाम और बहुत कुछ का विवरण प्रदान करते हैं। यह विस्तृत डेटा सेट हितधारकों को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पहले से उपलब्ध पिछले चुनावों के डेटा सेट से तुलना के साथ बारीक स्तर के विश्लेषण के लिए डेटा को काटने-छांटने का अधिकार देता है। आयोग का कहना है कि ये रिपोर्ट चुनावी और राजनीतिक परिदृश्य में दीर्घकालिक दृष्टिकोण और बदलावों को ट्रैक करने के लिए समय-शृंखला विश्लेषण की सुविधा प्रदान करेगी।     recent visitors 102

खंडवा मेंअब रविवार के दिन भी शहर के मुख्य मार्गों की सफाई होगी, साथ ही अब घर घर वाहन डोर टू डोर कचरा लेने जाएंगे

खंडवा शहर में बेहतर सफाई के लिए निगम ने नया प्रयास शुरू किया. अब रविवार छुट्टी के दिन भी शहर के मुख्य मार्गों की सफाई होगी. साथ ही रविवार को भी अब घर घर वाहन डोर टू डोर कचरा लेने जाएंगे. इसका यह फायदा होगा कि रविवार के दिन लोग ज्यादा कचरा इकट्ठा कर बाहर फेंक देते हैं, लेकिन अब वह गाड़ी में ही डालेंगे, जिससे शहर स्वच्छ सुंदर बनेगा. पूर्व पार्षद सुनील जैन ने कहा कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए निगम आयुक्त एवं प्रशासन नित नए प्रयोग कर रहे हैं, जिससे शहर को साफ सुथरा रखा जा सके. इन सभी प्रयासों का एक ही उद्देश्य है कि खंडवा शहर भी स्वच्छता के मामले में नंबर वन बने. अलग-अलग प्रयोग करके आम जनता के साथ मिलकर स्वच्छता की इस मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है. पहले रविवार के दिन छुट्टी होने की वजह से कचरा इकट्ठा हो जाता था. कई लोग कचरा बाहर फेंक देते थे जिसकी वजह से परेशानियां होती थीं, लेकिन अब नगर निगम प्रशासन एवं महापौर के आदेश अनुसार रविवार के दिन भी डोर टू डोर कचरा वाहन जाएंगे और कचरा इकट्ठा करेंगे. प्रशासन की मुहिम यही है कि खंडवा शहर को फिर से नंबर वन बनाया जाए और साफ सफाई  हर जगह रखी जाए. हालांकि यह समस्या कई दिनों से थी, रविवार अवकाश होने की वजह से लोगों को मजबूरन कचरा बाहर इकट्ठा करना पड़ता था, लेकिन प्रशासन की इस मुहिम की वजह से अब लोगों को कचरा इकट्ठा नहीं करना पड़ेगा और वाहन डोर टू डोर जाकर कचरा इकट्ठा करके इसका निष्पादन करेगा. इससे यह कह सकते हैं कि सप्ताह भर कचरा वाहन चलने की वजह से कहीं ना कहीं शहर में साफ सफाई जरूर बढ़ेगी. recent visitors 127

बगैर ठोस सबूत EVM पर सवाल उठाना गलत, युगेंद्र पवार से भी अपील वापसी को कहा, MVA से अलग सुप्रिया सुले के सुर

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाडी (MVA) की करारी हार के बाद कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) लगभग हर दिन ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाकर बीजेपी को घेरती है। हालाँकि, एमवीए में शामिल शरद पवार की एनसीपी (एसपी) ने ईवीएम के मुद्दे पर अपने सहयोगियों से अलग रुख अपनाया है।  वरिष्ठ नेता शरद पवार की बेटी व बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि बिना किसी पुख्ता सबूत के हार के लिए ईवीएम को दोष देना सही नहीं है. एनसीपी (एसपी) नेता सुले ने बुधवार को पुणे में मीडिया से बात करते हुए कहा, जब तक ईवीएम में छेड़छाड़ के ठोस सबूत नहीं मिलते, तब तक ईवीएम को दोष देना गलत है। ईवीएम के खिलाफ कोई भी आरोप तभी उचित हो सकते हैं जब उसके बारे में ठोस और विश्वसनीय प्रमाण उपलब्ध हों। मैं खुद ईवीएम से चार बार चुनाव जीत चुकी हूं। ईवीएम पर सवाल उठाने वालों से असहमती जताते हुए सुप्रिया सुले कहा कि ओडिशा के बीजू जनता दल (बीजेडी) और आम आदमी पार्टी (आप) जैसे कुछ राजनीतिक दलों ने ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों को साबित करने के लिए डेटा होने का दावा किया है। पुणे के दौरे पर आईं सुप्रिया सुले ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने, 'मुझे लगता है कि जब तक मेरे पास कुछ ठोस सबूत नहीं हैं, तब तक आरोप लगाना मेरे लिए सही नहीं है। मैंने एक ही ईवीएम से चार चुनाव जीती हूं।' बीजेडी नेता के डेटा पर सवाल हालांकि, बारामती की सांसद ने कहा कि कई लोगों और ओडिशा के बीजू जनता दल (बीजेडी) और आप जैसे राजनीतिक दलों ने ईवीएम में छेड़छाड़ के अपने दावों को साबित करने के लिए डेटा होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेडी के अमर पटनायक ने मंगलवार को उन्हें लिखे एक पत्र में ईवीएम के इस्तेमाल के विरोध का समर्थन करने के लिए कुछ डेटा शेयर किए, लेकिन इस बारे में विस्तार से नहीं बताया। अरविंद केजरीवाल का जिक्र इसी तरह, खड़कवासला से विधानसभा चुनाव हारने वाले एनसीपी (शरद पवार) उम्मीदवार सचिन दोडके के पास भी ईवीएम के खिलाफ अपने दावे का समर्थन करने के लिए कुछ डेटा है। सुप्रिया सुले ने कहा, आम आदमी पार्टी चीफ अरविंद केजरीवाल ने भी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने और जोड़ने पर आपत्ति जताई है। 'माहौल परेशान करने वाला' लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, 'कुल मिलाकर माहौल परेशान करने वाला है। चाहे कोई तकनीकी समस्या हो या मतदाता सूची से जुड़ी कोई बात हो, इन बातों का जवाब बिना चर्चा के नहीं दिया जा सकता।' उन्होंने कहा, 'इन सभी आपत्तियों का अध्ययन किया जा रहा है।' युगेंद्र पवार से कहा, आयोग से वापस लें आवेदन सुप्रिया सुले ने कहा कि उन्होंने बारामती में अपने चाचा अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले युगेंद्र पवार से वोटों की पुनर्गणना के लिए अपना आवेदन वापस लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, 'हम पहले से ही कई अन्य जगहों पर इस मामले को उठा रहे हैं। अगर कुछ (हेरफेर से संबंधित) है, तो वह सामने आ जाएगा।' recent visitors 120

UGC ने स्टूडेंट्स के लिए साइबर हाइजीन को लेकर गाइडलाइंस जारी की , पब्लिक USB चार्जर घोटाले से सावधान रहें

नई दिल्ली अगर आप भी सार्वजनिक वाई-फाई इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि इससे आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं और आपका बैंक अकाउंट खाली भी हो सकता है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने स्टूडेंट्स के लिए साइबर हाइजीन को लेकर गाइडलाइंस जारी की है. 'Stay Cyber-Safe!' के माध्यम से यूजीसी ने हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स (HEIs) और स्टूडेंट्स लिए एक हैंडबुक भी जारी की है. हैंडबुक में साइबर फ्रॉड से बचने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए की जानकारी दी गई है. पब्लिक USB चार्जर घोटाले से सावधान रहें सार्वजनिक स्थानों पर अपना फ़ोन चार्ज करने से बचें. साइबर अपराधी सार्वजनिक स्थानों जैसे कि हवाई अड्डों, कैफ़े, होटल और बस स्टैंड आदि पर लगे USB चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के लिए कर सकते हैं. ऐसे USB चार्जिंग स्टेशनों पर अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने से आप जूस-जैकिंग साइबर हमले का शिकार हो सकते हैं. जूस जैकिंग की वजह से दुर्भावनापूर्ण ऐप इंस्टॉल हो सकता है, आपके डिवाइस का एन्क्रिप्शन और अपराधी इसे रिस्टोर करने के लिए फिरौती मांग सकते हैं या आपके डिवाइस से डेटा चुरा कर आपसे पैसे ऐंठ सकते हैं. कैसे बचें?     सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों या पोर्टेबल वॉल चार्जर पर प्लग करने से पहले दो बार सोचें.     अपने मोबाइल डिवाइस को चार्ज करने के लिए इलेक्ट्रिकल वॉल आउटलेट का इस्तेमाल करें.     अपने साथ अपना खुद का केबल या पावर बैंक ले जाने की कोशिश करें.     सॉफ़्टवेयर सुरक्षा सुविधा का उपयोग करके अपने मोबाइल डिवाइस को लॉक करें, यह सुनिश्चित करते हुए कि यह किसी कनेक्टेड डिवाइस के साथ पेयर न हो सके.     अपने फोन को तब चार्ज करने की कोशिश करें जब वह स्विच ऑफ हो. क्या न करें?     पब्लिक Wi-Fi: पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय अपनी पर्सनल या प्रोफेशनल ईमेल आईडी, ऑनलाइन बैंक अकाउंट न खोलें.     पायरेटेड सॉफ़्टवेयर: पायरेटेड सॉफ़्टवेयर का उपयोग करने से बचें, क्योंकि इसमें अक्सर मैलवेयर होता है. वेलिड सोर्स से ही कॉन्टेक्ट करें.     संदिग्ध ईमेल: अनजान सेंडर्स या संदिग्ध ईमेल से अटैचमेंट न खोलें.     सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर: अपने सुरक्षा सॉफ़्टवेयर को डिसेबल न करें.     जोखिम भरी वेबसाइटें: ऐसी वेबसाइट से बचें जो मैलवेयर वितरित करने के लिए जानी जाती हैं जैसे कि अनवेलिड डाउनलोडिंग साइट. क्या करें?     ईमेल सावधानी: ईमेल अटैचमेंट या इमेज खोलते समय बहुत सावधान रहें, खासतौर पर अनजान सेंडर्स से.     रेगुलर बैकअप: साइबर अटैक की स्थिति में रिकवरी के लिए महत्वपूर्ण फ़ाइलों का रेगुलर बैकअप लेते रहें.     विश्वसनीय सॉफ़्टवेयर: एंटी-मैलवेयर/एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर केवल ऑथराइज्ड प्रोवाइडर जैसे, प्ले स्टोर, ऐप स्टोर, आधिकारिक वेबसाइट से इंस्टॉल करें.     अपडेट और फ़ायरवॉल: अपने OS और सॉफ़्टवेयर को सुरक्षा पैच के साथ अपडेट रखें. अपने सिस्टम के फायरवॉल को अनेबल करें.     डाउनलोड सिक्योरिटी: केवल विश्वसनीय सोर्स से फाइलें डाउनलोड करें. अनजान सेंडर्स और संदिग्ध लिंक से अटैचमेंट से बचें. दरअसल, हाल के समय में उच्च शिक्षण संस्थान (HEIs) विभिन्न प्रकार के साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील रहे हैं. COVID-19 महामारी के दौरान HEI समुदाय को ‘ऑनलाइन’ पर शिफ्ट होना पड़ा, जिसमें कुलपति, शिक्षक, छात्र और सहयोगी स्टाफ शामिल थे. साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और साइबरस्पेस में भरोसे की कमी के कारण HEIs को ‘ऑनलाइन’ शिक्षा की ओर सुचारू रूप से शिफ्ट होने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इसलिए, साइबर खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ साइबर आदतों का पालन करना HEIs के साइबर सुरक्षा तंत्र (cyber security ecosystem) को मजबूत करने के लिए अनिवार्य है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, जो शिक्षा में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देती है, शिक्षण में तकनीक के उपयोग की आवश्यकता को पहचानती है और इसके संभावित जोखिमों और खतरों को भी स्वीकार करती है. यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ऑनलाइन/डिजिटल शिक्षा के लाभों का पूरा लाभ उठाते हुए डिजिटल विभाजन की चिंताओं का समाधान किया जा सके. हमारे हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स को भी अच्छे साइबर स्वच्छता आदतों को विकसित करने और साइबर सुरक्षा के नए सामान्य मानकों को अपनाने की आवश्यकता है. यह शिक्षार्थियों और संगठनों को एक सुरक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण और व्यवहार के माध्यम से संभावित साइबर खतरों को कम करने में मदद करेगा. recent visitors 141

राजस्थान के 90 हजार छात्रों को सर्जरी की जरूरत, शिक्षा और चिकित्सा विभाग मिलकर कराएगा उपचार

जयपुर  सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले करीब 90 हजार छात्रों को किसी न किसी तरह की सर्जरी की जरूरत है. इनमें से अधिकतर के हृदय की स्थिति, कटे होंठ, क्लब्स पैर जैसी समस्याएं पाई गई हैं. जिनका उपचार अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग मिलकर करवाएगा. प्रदेश के छात्रों के सर्वांगिण विकास को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त-सितंबर महीने में पैपरलैस डिजीटल स्वास्थ्य सर्वे कराया था. जिसमें सरकारी स्कूलों के सभी विद्यार्थियों का हैल्थ सर्वे कर ऐसे छात्रों की पहचान की गई जिन्हें मेडिकल नीड्स है. इस डिजीटल सर्वे से मिले आंकड़ों के अनुसार करीब 90 हजार छात्रों में हृदय की स्थिति, कटे होंठ, क्लब्स पैर जैसी समस्याएं सामने आई है. सर्जिकल रिक्वायरमेंट वाले इन छात्रों का डेटा स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध करवा दिया गया है. इस संबंध में शिक्षा शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब चिकित्सीय सहायता के लिए पहले चरण में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा विभाग के समन्वय से सर्जरी की आवश्यकता वाले छात्रों की कार्ययोजना बनाकर त्वरित रूप से क्रियान्वयन किया जाना है. इसके लिए ब्लॉक स्तर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी चिह्नित छात्रों की सर्जरी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम के जरिए करवाया जाना सुनिश्चित करेंगे. वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी ब्लॉक स्तर से जिले पर भेजे गए चिह्नित विद्यार्थियों की सर्जरी जिला अस्पतालों में कराएंगे और जो सर्जरी जिला अस्पताल स्तर पर उपलब्ध न हो उसे राज्य स्तर पर करवाया जाएगा. उन्होंने बताया कि यदि किसी छात्र का परिवार RBSK के अन्तर्गत पात्र नहीं है, तो उन्हें आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत जोड़कर योजनाबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाएगा. इस कार्ययोजना के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग हर 15 दिन में जिला कलेक्टर करेंगे. आपको बता दें कि शाला स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत लगभग 75 लाख छात्रों का स्वास्थ्य और स्वच्छता स्थितियों से संबंधित 70 प्रश्नों के जरिए सर्वेक्षण किया गया. जिसमें विद्यार्थियों के प्रमुख लक्षणों, पोषण संबंधी कमियों, शारीरिक मापदंडों और भावनात्मक मुद्दों सहित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी ली गई थी. 15 दिन में कलेक्टर करेंगे मॉनिटरिंग शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया- इसके साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी ब्लॉक स्तर से जिले पर भेजे गए स्टूडेंट्स की सर्जरी जिला हॉस्पिटल में कराएंगे। इसके साथ ही जो सर्जरी जिला हॉस्पिटल स्तर पर उपलब्ध नहीं है, उसे राज्य स्तर पर करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर किसी स्टूडेंट का परिवार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के पात्र नहीं है। उन्हें आयुष्मान भारत योजना से जोड़कर इलाज कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग हर 15 दिन में जिला कलेक्टर करेंगे। बता दें कि शाला स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत लगभग 70 लाख छात्रों का स्वास्थ्य और स्वच्छता स्थितियों से संबंधित 70 सवालों के जरिए सर्वे किया गया था। इनमें स्टूडेंट्स को अलग-अलग तरह की समस्या आई थी। इसके बाद 90 हजार स्टूडेंट्स की अलग-अलग तरह से सर्जरी कराने का फैसला किया था। recent visitors 97

डेढ़ लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिलेंगे जमीन के पट्टे, पीएम मोदी करेंगे शिरकत

नई दिल्ली  केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर से दस राज्यों और दो केन्द्र शासित प्रदेशों के 50 हजार गांवों में 58 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड वितरणआज  शुक्रवार को होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्ड का ई-तिरण करेंगे। वहीं राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई केन्द्रीय मंत्री अलग-अलग शहरों में कार्ड वितरण समारोह में शामिल होंगे।  पंचायती राज मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से गांवों की संपत्तियों का ड्रोन सर्वे व उनके स्वामित्व संपत्ति कार्ड बनाने का कार्यक्रम पिछले चार साल से चला रखा है। इसके तहत अब तक 31 राज्यों के 3 लाख 17 हजार से अधिक गांवों में करीब 2.19 करोड़ स्वामित्व संपत्ति कार्ड बन चुके हैं। इसके तहत शुक्रवार को देश भर में लगभग 20 हजार स्थानों पर अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित कर कार्ड वितरित किए जाएंगे। मोदी के साथ केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज मौजूद रहेंगे। समारोह में प्रदेशो के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और हितधारक भी वर्चुअल रूप से शामिल होंगे। 6 केन्द्रीय मंत्री कल राजस्थान में रहेंगे केन्द्र सरकार की ओर से 13 केन्द्रीय मंत्रियों को राज्यों में जाकर इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भेजा जा रहा है। इनमें से 6 मंत्री राजस्थान के शहरों में रहेंगे। इनमें केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा जयपुर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जोधपुर, वन व पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव अलवर, महिला बाल विकास मंत्री अनपूर्णा देवी कोटा, कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर, कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी अजमेर में रहकर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। जबकि संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सियोनी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री धामतारी में होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। कहां कितने कार्ड तैयार प्रदेश     गांवों की संख्या     कार्ड संख्या (लाखों में) मध्यप्रदेश     43014                 32.53 राजस्थान          36312                7.18 छत्तीसगढ़     15791              1.84   राजस्थान के 1.50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व योजना के तहत जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। 27 दिसंबर को राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों पर संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली शामिल होकर लाभार्थियों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा, जहां लाभार्थियों को बुलाकर उनके नाम संपत्ति कार्ड सौंपे जाएंगे। जानकारी के अनुसार, राजस्थान की 3526 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 7522 गांवों के निवासियों को ये पट्टे वितरित किए जाएंगे। 27 दिसंबर को केंद्र सरकार की पहल पर देशभर की 29,127 ग्राम पंचायतों के 46,251 गांवों में कुल 58 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए जाएंगे। इनमें से राजस्थान के 1,50,778 लाभार्थियों को भी संपत्ति कार्ड मिलेंगे। राजस्थान में यह कार्यक्रम मुख्य रूप से 33 जिला मुख्यालयों पर आयोजित होगा। हालांकि, अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में बने नए जिलों की समीक्षा प्रक्रिया अभी जारी है। स्वामित्व योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 24 अप्रैल 2020 को की थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन का सीमांकन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक से करना है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को उनके अधिकारों का रिकॉर्ड (संपत्ति कार्ड) प्रदान किया जाता है। इन कार्ड्स का उपयोग ग्रामीण परिवार बैंक से ऋण लेने और अन्य वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं। इससे उनकी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में मान्यता मिलेगी। अब तक इस योजना के तहत देशभर में 1.37 करोड़ संपत्ति कार्ड जारी किए जा चुके हैं। recent visitors 88

मध्यप्रदेश में आज और कल ओले-बारिश: भोपाल, इंदौर-ग्वालियर में भी पानी गिरेगा 

Hailstorm and rain in Madhya Pradesh today and tomorrow: Bhopal, Indore and Gwalior will also receive rainfall भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 2 दिन यानी, 27-28 दिसंबर को ओले, बारिश और आंधी का दौर रहेगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। इस दौरान भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, सागर और जबलपुर संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40-50Km तक रहेगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। वहीं, हवा का असर भी है। अगले 2 दिन सिस्टम का असर रहेगा। 29 दिसंबर को सिस्टम का असर कम हो जाएगा। फिर टेम्प्रेचर में गिरावट होगी। वहीं, कोहरा भी छाएगा। आज स्ट्रॉन्ग सिस्टम, पूरे प्रदेश में असर रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को आंधी, बारिश और ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहेगा। पूरे प्रदेश में ही मौसम बदला रहेगा। रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा चलेगी। यहां ऑरेंज अलर्ट है। अन्य जिलों में कहीं बारिश तो कहीं गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 27 दिसंबर: रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा भी चलने का अनुमान है। मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा में 30 से 40Km प्रति घंटा से हवा चलेगी और बारिश भी होगी। इसी तरह भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। 28 दिसंबर: नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में ओले-बारिश का अलर्ट है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में हल्की बारिश और आंधी चल सकती है। 29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। recent visitors 287