वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने गए वनकर्मियों पर हमला, पथराव में एक गंभीर घायल

खंडवा। गुड़ी वन परिक्षेत्र में हजारों हेक्टयर वनभूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए वन विभाग की टीम जंगल में दो दिनों से कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार सुबह सरमेश्वर वन परिक्षेत्र में नवाड़ की जमीन से कब्जा हटाने के लिए 46 वनकर्मियों का दल गया था। वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दियावन भूमि में प्रवेश रोकने के लिए खंती खोदने का कार्य पोकलेन मशीन से करवाया जा रहा था। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े दस बजे अतिक्रमणकारियों ने वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से वहां भगदड़ मच गई। पथराव में वन रक्षक संजय सिंह तोमर के सिर में पीछे की ओर पत्थर लगने से वह बेहोश हो गया। घटना में पांच-सात अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं। गंभीर चोट लगने से वन रक्षक सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। बिना अनुमति के जुलूस, धरना व प्रदर्शन करने पर लगा प्रतिबंधखंडवा मेंअपर जिला दंडाधिकारी केआर बड़ोले ने जिले में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार सायबर अपराधों की घटनाओं को रोकने के लिए साइबर कैफे में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। इसकी कम से कम एक महीने तक रिकार्डिंग सुरक्षित रखना होगी। इसकी जिम्मेदारी सायबर कैफे संचालक की होगी।सायबर कैफे में कार्यरत कर्मचारियों की पूरी जानकारी परिचय पत्र व फोटो सहित निकटतम पुलिस थाने में जमा कराना होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध धारा 223 के तहत कार्यवाही की जाएगी। recent visitors 174

आष्टा में बिजनेसमैन मनोज परमार ने अपनी पत्नी नेहा परमार के साथ मौत को गले लगा लिया.

  सीहोर  सीहोर जिले के आष्टा में मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा के शव घर पर फंदे से लटके मिले हैं. पुलिस की मानें तो प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है. बीते 5 दिसंबर को ही मनोज परमार के आष्टा और इंदौर के मकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापे मारे थे. कई चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त किए थे. मनोज परमार उस समय सुर्ख़ियों में आये थे जब कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' में उनके बच्चों की टीम ने राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी.   मनोज और उनकी पत्नी की मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 'X' पर लिखा, ''मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था भी कर दी थी. लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है मनोज इतना घबराया हुआ था कि आज उसने व उसकी पत्नी ने आज सुबह आत्म हत्या कर ली. मैं इस प्रकरण में ED डायरेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं.''   आष्टा पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. फिलहाल मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिए गए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. जीतू पटवारी पहुंचे आष्टा, परिजनों से की चर्चा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे आष्टा मृतक पति पत्नी के पुत्र जतिन परमार और भाई राजेश परमार से की चर्चा। कारोबारी के बेटे जतिन परमार ने ईडी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और भाजपा ज्वाइन करने के आरोप लगाए है। सामने आया 6 पन्नों का सुसाइड नोट, प्रधानमंत्री सहित 17 लोगों को भेजा खुदकुशी करने से पहले व्यापारी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, संसद में नेता प्रतिपक्ष सहित 17 लोगों के नाम 6 पेज का सुसाइड नोट छोड़ गया है। इसमें 6 बिंदुओं में उसने पूरा घनाक्रम लिखा है, जिसकी वजह से उसे खुदकुशी करने पर मजबूर होना पड़ा। सुसाइड नोट में जांच एजेंसी के अधिकारी द्वारा दबाव बनाकर भाजपा में शामिल होने की बात लिखी गई है। पोस्टमार्टम करने सीहोर से पहुंचे डॉक्टर इधर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सीहोर से चिकित्सकों की टीम पोस्टमार्टम के लिए आष्टा पहुंची। आष्टा के डॉक्टर की टीम भी पोस्टमार्टम किया। दिग्विजय सिंह ने किया पोस्ट पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि आष्टा सिहोर के मनोज परमार को बिना कारण ED ने परेशान किया जा रहा था. मनोज परमार के बच्चों ने राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा के समय गुल्लक भेंट की थी. मनोज के घर पर ED के Astt Director भोपाल संजीत कुमार साहू ने रेड की  थी. मनोज अनुसार उस पर रेड इसलिए डाली गई क्योंकि वह कांग्रेस का समर्थक है. मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था भी कर दी थी, लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है मनोज इतना घबराया हुआ था कि आज उसने और उसकी पत्नी ने सुबह आत्म हत्या कर ली. मैं इस प्रकरण में Director ED से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं. recent visitors 202

एमपी में सर्दी का प्रकोप अगले कुछ दिनों तक और बढ़ने की संभावना, कई जिलों में शीतलहर और कोल्ड-डे का अलर्ट जारी

 इंदौर मपी में सर्दी का प्रकोप अगले कुछ दिनों तक और बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में शीतलहर और कोल्ड-डे का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से इंदौर भोपाल, जबलपुर और शहडोल जैसे क्षेत्रों में दिन और रात दोनों ठंडे रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ों में बर्फबारी से चल रही ठंडी हवाएं इसका मुख्य कारण हैं। मौसम विभाग ने सभी जिलों में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है। प्रभावित जिले 1. कोल्ड वेव और कोल्ड-डे: भोपाल, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, शाजापुर, रायसेन, कटनी, सीधी। 2. कोल्ड वेव: इंदौर, जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, उमरिया, शहडोल। 3. कोल्ड-डे: मंदसौर, रतलाम, बैतूल, नरसिंहपुर, मंडला। स्कूलों का समय बदला भोपाल और इंदौर सहित कई जिलों में स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू हो रहे हैं ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके। इंदौर में नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा ने बुधवार को ही स्कूलों का समय बदलने के आदेश दे दिए थे। गुरुवार को कई स्कूलों ने समय नहीं बदला जिनकी पैरेंट्स ने शिकायत भी की। शुक्रवार से शहर के अधिकांश स्कूलों में समय बदल गया है। मंदिरों में खास तैयारी वन विहार और जू में जानवरों के लिए हीटर लगाए गए हैं। मंदिरों में भगवान को ठंड से बचाने के विशेष इंतजाम किए गए हैं। उन्हें गर्म कपड़े पहनाए गए हैं। जू में पिंजरों को ग्रीन नेट से ढंका भी जा रहा है। तेज ठंड का कई जानवरों पर गंभीर असर हो सकता है इसलिए कर्मचारी लगातार मानिटरिंग कर रहे हैं। इंदौर का तापमान रात का तापमान: 8.6 डिग्री सेल्सियस। दिन का औसत तापमान: 24.8 डिग्री। इन कारणों से बढ़ रही ठंड मध्य प्रदेश (एमपी) में कड़ाके की ठंड पड़ने के पीछे भारतीय मौसम विभाग (IMD) भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने दो प्रमुख कारण बताए हैं। उनका कहना है कि इन दोनों कारणों के चलते उत्तर भारत की सर्द हवाएं मध्य प्रदेश तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। 1. सब-ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम की स्थिति: पश्चिम-उत्तर भारत में 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 278 किमी/घंटे की रफ्तार से सब-ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। अगर इन हवाओं की ऊंचाई कम होती है या गति और तेज होती है, तो ठंड का असर और बढ़ सकता है।   2. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तरी पाकिस्तान और उसके आस-पास के क्षेत्रों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के साथ एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। इससे बर्फ पिघलने की प्रक्रिया तेज हो रही है, जिसके कारण हवा में अधिक ठंडक आ रही है।     recent visitors 68

GST ने जोमैटो को दिया 803 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस, शेयर बाजार में क्यों चढ़ गए इसके शेयर?

मुंबई  फूड और ग्रोसरी डिलीवरी करने वाली कंपनी जोमैटो (Zomato) को वस्तु एवं सेवा कर (GST) डिपार्टमेंट से 803.4 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी ने गुरुवार को स्टॉक एक्सचेंज को यह जानकारी दी। इसके एक दिन बाद यानी शुक्रवार को सुबह ही बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा गिरा था। तब भी इसके शेयर एक दिन पहले के बंद भाव के मुकाबले ऊपर ट्रेड हो रहे थे। क्या है माजरा जोमैटो को जीएसटी विभाग से जो टैक्स नोटिस मिला है, उसमें 401.7 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड और इतनी ही राशि का जुर्माना (Penalty) और ब्याज शामिल है। यह डिमांड 29 अक्टूबर, 2019 से 31 मार्च, 2022 की अवधि के लिए बकाया कर से संबंधित है। जोमैटो ने क्या बताया जोमैटो ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया, "हमारा मानना है कि हमारे पास योग्यता के आधार पर एक मजबूत मामला है, जो हमारे बाहरी कानूनी और कर सलाहकारों की राय से समर्थित है। कंपनी उचित प्राधिकारी के समक्ष आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगी।" कंपनी को जो टैक्स डिमांड नोटिस मिला है, वह जोमैटो और स्विगी जैसे एग्रीगेटर्स द्वारा एकत्र किए गए डिलीवरी शुल्क पर टैक्स एप्लिकेबिलिटी से संबंधित है। प्लेटफ़ॉर्म ने तर्क दिया है कि गिग वर्कर डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करते हैं और उन्हें ऑर्डर के आधार पर भुगतान किया जाता है। यूजर्स से इस डिलीवरी के लिए शुल्क लिया जाता है, सिवाय लॉयल्टी प्रोग्राम के, जहां प्लेटफ़ॉर्म शुल्क माफ करते हैं। यह डिलीवरी शुल्क गिग वर्कर को दिया जाता है। जीएसटी कानून क्या कहता है जीएसटी कानूनों के तहत, फूड की डिलीवरी एक ऐसी सेवा है जिस पर 18% की दर से टैक्स लगाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि चूंकि प्लेटफ़ॉर्म सेवा शुल्क एकत्र कर रहे हैं, इसलिए उन्हें टैक्स का भुगतान करना चाहिए। पिछले साल दिसंबर में इस मुद्दे पर जीएसटी अधिकारियों ने ज़ोमैटो को कारण बताओ नोटिस भेजा था। लाभ कमा रही है कंपनी जोमैटो ने बीते जुलाई-सितंबर की तिमाही में 4,799 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया था। इसी महीने कंपनी को 176 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। शेयर बाजार में क्या है शेयर का हाल बीते गुरुवार को, बीएसई पर ज़ोमैटो का शेयर मूल्य 2.4% गिरकर 284.90 रुपये पर बंद हुआ था। लेकिन आज यानी शुक्रवार को सुब 10:20 बजे बीएसई सेंसेक्स 791 अंक डाउन था। लेकिन उस समय जोमैटो 286.55 रुपये पर ट्रेड हो रहा था। यह कल के बंद के मुकाबले 1.65 रुपये या 0.58% अधिक है। recent visitors 94

शेयर बाजार में आज फिर गिरावट, सेंसेक्‍स 1.30 फीसदी टूटकर 80,300 के नीचे कारोबार कर रहा

मुंबई शेयर बाजार में आज फिर गिरावट देखी जा रही है. लगातार छठवें दिन शेयर बाजार में हैवी बिकवाली आई है. सेंसेक्‍स 1000 अंक या 1.30 फीसदी टूटकर 80,300 के नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी50 की बात करें तो यह 278 अंक टूटकर 24,270 पर है. वहीं Nifty Bank 783 अंक टूटकर 52532 लेवल पर कारोबार कर रहा है. वहीं मिडकैप, स्‍मॉल कैप और अन्‍य इंडेक्‍स में भी तेज गिरावट जारी है. BSE सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों में से 29 शेयर गिरावट पर हैं, जबकि सिर्फ 1 शेयर में मामूली तेजी देखी जा रही है. भारती एयरटेल के शेयर करीब 1 फीसदी तक चढ़े हुए हैं. वहीं सबसे ज्‍यादा गिरावट Tata Steel, JSW Steel और इंडसइंड बैंक में देखी जा रही है. इसके अलावा, हैवीवेट शेयरों में Reliance Industries के शेयर 1.33 फीसदी टूट चुके हैं. एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी और टाइटन जैसे शेयर भी 1 फीसदी गिर चुके हैं. NSE के 50 शेयरों में से 47 शेयर गिरावट पर हैं और 3 शेयर भारती एयरटेल, अडानी एंटरप्राइजेज और अपोलो के शेयर उछाल पर कारोबार कर रहे हैं. 51 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का हाई लेवल टच किया है, जबकि 12 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. 39 शेयरों में अपर सर्किट और 36 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. ये 10 शेयर गिरावट पर ग्‍लेनमार्क फार्मा के शेयर 5 फीसदी, जुपिटर वैगन के शेयर 4 फीसदी, सैल के शेयर 5 फीसदी, एनएमडीसी के शेयर 4 फीसदी, ओवरसीज बैंक के शेयर 4.30 फीसदी, आईआरएफसी के शेयर 4 फीसदी, यूनियन बैंक के शेयर 3.50 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहे हैं. वहीं कोचीन शिपयार्ड और अन्य चर्चित शेयरों में भी गिरावट देखी जा रही है. क्‍यों हो रही गिरावट? शेयर बाजार में आज गिरावट की बड़ी वजह मुनाफावसूली रही है. इसके अलावा, ग्‍लोबल संकेत भी अच्‍छे नहीं रहे हैं. कुछ हैवीवेट शेयर जैसे रिलायंस और टाइटन के शेयर भी 1 फीसदी से ज्‍यादा गिर चुके हैं. इसके अलावा, HDFC बैंक के शेयर में भी दबाव बढ़ रहा है. भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की एक और वजह चीन में हुए आर्थिक पैकेज ऐलान के बाद विदेशी निवेशकों का रुझान चीन की ओर बढ़ रहा है. वहीं अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने का असर भी शेयर बाजार पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. निवेशकों को तगड़ा नुकसान! शेयर बजार में गिरावट के कारण निवेशकों का भी तगड़ा नुकसान हुआ है. ज्‍यादातर पोर्टफोलियो लाल निशान पर हैं. बीएसई मार्केट कैप के हिसाब से देखें तो आज निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा का नुकसान होता दिख रहा है. बीएसई मार्केट कैप अभी 452 लाख करोड़ रुपये है, जबकि कल बाजार बंद होने पर ये 458 लाख करोड़ रुपये था. recent visitors 121

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही: नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाया

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नसबंदी शिविर में पहुंची महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया। ठंड और ठिठुरन के बावजूद महिलाओं को बेड के बजाय टेंट हाउस से मंगाए गए गद्दों पर जमीन पर लिटाया। जिले में स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था फिर उजागर हुई है। नसबंदी शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं ऑपरेशन के लिए पहुंची थी। जो ऑपरेशन के बाद जमीन पर लेटी नजर आईं। यह व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। शिविरों में महिलाओं के लिए बेड का कोई इंतजाम नहीं किया गया। ठंड के मौसम में इस तरह की लापरवाही महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। बतादें कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाने की तस्वीर पहले भी सामने आ चुकी है। इस बार फिर यहां एक-दो महिलाएं नहीं बल्कि कई महिलाएं जमीन पर लेटी नजर आई। वहीं मामले को लेकर प्रभारी एडीएम ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा। recent visitors 165

डी गुकेश ने रचा इतिहास… शतरंज के नए वर्ल्ड चैम्पियन बने, चीन की बादशाहत खत्म

सिंगापूर  भारत के डी गुकेश ने अपने शानदार खेल से 18वें वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप को जीतकर इतिहास रच दिया है। डी गुकेश ने सिर्फ 18 साल की उम्र में यह कारनामा कर दिखाया है। ऐसा करने वाले गुकेशन दुनिया के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने हैं। गुकेश ने खिताबी मुकाबले में चीन के डिंग लिरेन को हराकर यह उपलब्धि हासिल की है। डी गुकेश ने चैंपियनशिप मुकाबले के 14वें और आखिरी राउंड में चीन के चैंपियन डिंग लिरेन को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंतिम बाजी भारत के डी गुकेश ने जीतकर खिताब को अपने नाम कर लिया। गुकेश ने 14 बाजी के इस मुकाबले की आखिरी क्लासिकल बाजी जीतकर लिरेन के 6.5 के मुकाबले जरूरी 7.5 अंक के साथ खिताब जीता। यह बाजी हालांकि अधिकांश समय ड्रॉ की ओर जाती दिख रही थी। गुकेश की खिताबी जीत से पहले रूस के दिग्गज गैरी कास्पारोव सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन थे जिन्होंने 1985 में अनातोली कार्पोव को हराकर 22 साल की उम्र में खिताब जीता था। विश्वनाथन आनंद के क्लब में शामिल हुए गुकेश गुकेश इस साल की शुरुआत में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने के बाद विश्व खिताब के लिए चुनौती पेश करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। वह दिग्गज विश्वनाथन आनंद के बाद वैश्विक खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं। पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद ने अपना आखिरी खिताब 2013 में जीता था। इस तरह गुकेश ने भारत के लिए एक लंबे इंतजार को खत्म किया। बता दें कि खिताबी मुकाबले में भारत के ग्रैंडमास्टर डी गुकेशन ने अपने विरोधी डिंग लिरेन के साथ 13 बाजियों के बाद 6.5-6.5 की बराबरी पर थे। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ चला है, लेकिन काले मोहरों के साथ खेल रहे भारत के चाणक्य ने ऐसी चाल चली की चीन के डिंग लिरेन चारो खाने चित हो गए। विश्वनाथन के क्लब में भी शामिल हुए गुकेश डिंग लिरेन के खिलाफ डी गुकेश काले मोहरों के साथ मुकाबला खेले थे. पूरे मैच में भारतीय युवा ने अपना जोरदार खेल दिखाया और हर बाजी में चीनी प्लेयर पर भारी पड़े. आखिर में डी गुकेश ने चीन की बादशाहत खत्म की और वो नए वर्ल्ड चेस चैम्पियन बने. इस धांसू जीत के साथ ही 18 साल के डी गुकेश अब शतरंज की दुनिया के सबसे कम उम्र के वर्ल्ड चैम्पियन बन गए हैं. साथ ही वो एक रिकॉर्ड के मामले में विश्वनाथन आनंद के क्लब में भी शामिल हो गए हैं. दरअसल, गुकेश वर्ल्ड चेस चैम्पियन बनने वाले भारत के दूसरे प्लेयर बन गए हैं. जबकि विश्वनाथन पहले भारतीय हैं. 5 बार के वर्ल्ड चैम्पियन विश्वनाथन आनंद ने अपना आखिरी खिताब 2013 में जीता था. गुकेश का दबाव और डिंग लिरेन ने कर दी गलती दरअसल, इस खिताबी मुकाबले में चीन के डिंग लिरेन पर डी गुकेश किस कदर भारी पड़े इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि एक समय यह मुकाबला टाईब्रेक की ओर जा रहा था. मगर उस मुश्किल स्थिति में भी गुकेश ने कॉन्फिडेंस दिखाया और अपनी कोशिशें जारी रखीं. इसका नतीजा यह हुआ कि डिंग लिरेन दबाव में आए और उन्होंने एक बेहद बड़ी गलती कर दी. फिर क्या था, इसका फायदा तुरंत गुकेश ने उठाया. उन्होंने इस दिमागी खेल में डिंग लिरेन को चारों खाने चित करते हुए मैच और ताज दोनों छीन लिए. गुकेश ने इस निर्णायक मैच की आखिरी क्लासिकल बाजी जीतकर लिरेन के 6.5 पॉइंट्स के मुकाबले जरूरी 7.5 अंक हासिल किए और खिताब जीता.  इस जीत के साथ ही अब शतरंज की दुनिया को नया और सबसे युवा चैम्पियन मिल गया है. गुकेश  से पहले रूस के दिग्गज गैरी कास्पारोव सबसे कम उम्र के वर्ल्ड चेस चैम्पियन थे, जिन्होंने 1985 में अनातोली कार्पोव को हराकर 22 साल की उम्र में खिताब जीता था.   recent visitors 108