वेंटिलेटर पर मंडला जिला अस्पताल की व्यवस्थायें, जिम्मेदार बेफिक्र

Mandla District Hospital’s arrangements on ventilator, responsible unconcerned मंडला। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था अपनी बदहाली के कारण एक बार फिर सवालों के घेरे में है। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की मनमानी और अव्यवस्थाओं के चलते जिला अस्पताल अब इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सबसे गंभीर आरोप सिविल सर्जन की भूमिका पर लग रहे हैं, जिनकी निष्क्रियता के चलते पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।जानकारी अनुसार जिला अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह 9:30 बजे निर्धारित है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां पदस्थ अधिकांश डॉक्टर 10:30 या 11 बजे के बाद ही अपनी कुर्सियों पर नजर आते हैं। वहीं दोपहर 2 बजते ही केबिन सख्ती से बंद कर दिए जाते हैं। दूर-दराज के गांवों से सुबह 7 बजे आकर कतार में लगे मरीजों को अक्सर बिना इलाज के बैरंग लौटना पड़ता है। बुजुर्गों के लिए न लाइन, न सम्मान, स्वच्छता अभियान दिखा रहा ठेंगा निजी अस्पतालों में जहाँ वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता मिलती है, वहीं जिला अस्पताल में बुजुर्ग और दिव्यांग घंटों लाइन में धक्के खाने को मजबूर हैं। चलने में असमर्थ मरीजों के लिए व्हीलचेयर तो हैं, लेकिन वे शो-पीस बनी हुई हैं। बताया गया कि वार्डों में गंदगी और शौचालयों की बदबू ने स्वच्छ भारत अभियान की पोल खोलकर रख दी है। मरीजों को स्वस्थ माहौल देने के बजाय गंदगी के बीच रहने को मजबूर किया जा रहा है। पार्किंग और ब्लड बैंक में वसूली का खेल : अस्पताल परिसर में पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली और अभद्रता की शिकायतें आम हो गई हैं। वहीं जीवन रक्षक माने जाने वाले ब्लड बैंक में भी नियमों के बजाय जान-पहचान और मनमर्जी हावी है। आरोप है कि बिना सिफारिश के खून उपलब्ध नहीं होता, जो मानवता को शर्मसार करने जैसा है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। लोगों का सवाल है कि वर्षों से एक ही पद पर जमे जिम्मेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या राजनीतिक संरक्षण जनता की सेहत से बड़ा है? प्रमुख मांगें: सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि सिविल सर्जन को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।बायोमेट्रिक हाजिरी से डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित हो। अस्पताल की नियमित सफाई और बुजुर्गों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था हो। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 67

आज हमीदिया अस्पताल में रहेगी OPD बंद: डॉक्टर्स लंबित मांगों को लेकर कर रहे आंदोलन

OPD will remain closed in Hamidia Hospital today: Doctors are protesting over pending demands भोपाल । प्रदेशभर में सरकारी डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। गुरुवार को जहां डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया था, वहीं शुक्रवार को इन डॉक्टर्स ने अमानक दवाईयों का सांकेतिक दहन किया। अब डॉक्टर अपने आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में हैं। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत के बाद अब डॉक्टरों ने शनिवार को सामूहिक उपवास करने का निर्णय लिया है। शनिवार दोपहर 1 से 2 बजे तक हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर सामूहिक उपवास रखेंगे। इस दौरान अस्पताल की ओपीडी पूरी तरह से बंद रहेगी, जबकि इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। इससे पहले शुक्रवार को प्रदेशभर के सरकारी डॉक्टर अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। इसी क्रम में प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टर्स ने प्रतीकात्मक रूप से अमानक दवाइयों की होली जलाकर विरोध दर्ज कराया। राजधानी भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल में भी डॉक्टर्स ने अमानक दवाईयों की सांकेतिक होली जलाई। इधर, सरकार ने चिकित्सकों की मांगों पर बनाई हाई लेवल कमेटी प्रदेशभर में सरकारी डॉक्टरों के आंदोलन के बाद सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करते हुए उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न मांगों और सुधारों पर काम करेगी और जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसमें प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, म.प्र. भोपाल को अध्यक्ष बनाया गया है। यह हैं सदस्य आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, म.प्र. भोपाल संचालक (वित्त), लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, म.प्र. भोपाल संचालक, चिकित्सा शिक्षा, म.प्र. भोपाल (सदस्य सचिव) डॉ. राजेश मालवीय, मुख्य संरक्षक, चिकित्सा महासंघ मध्यप्रदेश डॉ. गगन हाजरी, संरक्षक, चिकित्सा महासंघ मध्यप्रदेश डॉ. आशुतोष ठाकुर, महासचिव एवं प्रतिनिधि, प्राइवेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन, मध्यप्रदेश डॉ. आर.सी.सोनी, उपाध्यक्ष एवं प्रतिनिधि, मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन, मध्यप्रदेश डॉ. निखिल मखीजा, सचिव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, म.प्र. डॉ. विजय मंडलोई, सचिव, एसोसिएशन ऑफ हेल्थ एडमिनिस्ट्रेटर्स, म.प्र. डॉ. आदित्य सिंघल, प्रतिनिधि मेडिकल ऑफिसर्स, गृह विभाग, म.प्र. इसके अलावा वरिष्ठ सर्जन डॉ. अभिजीत देशमुख को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इसी तरह, डॉ. वैभव जैन, जो कि चिकित्सा शिक्षा के प्रमोशन उप-संचालक हैं, को भी सदस्य बनाया गया है। संविदा मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन, म.प्र. के प्रतिनिधि और प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लोकेश रघुवंशी को भी सदस्यता प्रदान की गई है। इसके अलावा, मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन, मेडिकल प्रोटेक्शन, म.प्र. के प्रतिनिधि डॉ. सचिन खाचरिया भी सूची में शामिल हैं। इसके साथ ही, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, म.प्र. के प्रतिनिधि डॉ. कुलदीप गुप्ता को भी सदस्य बनाया गया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 157

एमपी गजब: स्वास्थ्य विभाग ने जिस अस्पताल को ब्लैकलिस्ट किया, उस का नाम बदलकर इलाज शुरू 

MP Gajab: The hospital which was blacklisted, its name changed and treatment started  जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर। निजी अस्पतालों में व्याप्त अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन को एक शिकायती पत्र सौंपा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिस अस्पताल को ब्लैक लिस्टेड किया था, उसी अस्पताल में दूसरे नाम से हॉस्पिटल का संचालन होने लगा है। जिसकी जांच कर कार्यवाही की जाना चाहिए। आयुष्मान कार्ड का चल रहा फर्जीवाड़ा समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया है कि निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड का घोटाला भी चल रहा है। विगत कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पर आयुष्मान कार्ड के जरिए फर्जीवाड़ा किया गया है। उन अस्पतालों पर कार्रवाई भी की गई है लेकिन अभी भी जिले के कई अस्पताल ऐसे हैं जहां पर मरीजों का आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी उनसे नकद राशि भी जमा कराई जा रही है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण गैलेक्सी हॉस्पिटल था। जिसमें एक मरीज से ली गई रकम को मुख्यमंत्री ने स्वयं ही वापस कराया था। ऐसे ही कुछ अस्पतालों की जांच कराए जाने की मांग को लेकर एक पत्र भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया है। गरुड़ पुराण लेकर पहुंचे थे पार्टी कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय गरुड़ पुराण लेकर पहुंचे थे और उसे प्रशासनिक अधिकारियों को भेंट करने का प्रयास किया गया लेकिन अधिकारियों ने गरुड़ पुराण नहीं ली केवल मांग पत्र लेकर उसे कलेक्टर के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया एसडीएम ऋषभ जैन ने बताया कि कार्यकर्ताओं द्वारा सौंपी गई शिकायत कलेक्टर दीपक सक्सेना के समक्ष रखी जाएगी उसके बाद उनके निर्देश अनुसार कार्यवाही की जाएगी। मरीज को लेकर पहुंचे थे पार्टी कार्यकर्ता निजी अस्पतालों की शिकायत करने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय अपने साथ मरीज को लेकर भी पहुंचे थे। गौरझामर निवासी हुकुमचंद प्रजापति और ग्वारीघाट निवासी राहुल अहिरवार ने भी निजी अस्पतालों की मनमानी से संबंधित बातें अधिकारियों को बताई। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 319

एमपी गजब : हॉस्पिटल की ऑक्सीजन पाइप उड़ा ले गए चोर, आफत में आई नवजातों की जान

राजगढ़ ! जिला अस्पताल में बुधवार रात चोरी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां चोरों ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कॉपर की लाइन काटकर पार कर दी, बिना ये सोचे कि इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान संकट में पड़ सकती है. इस घटनाक्रम से ऑक्सीजन स्पोर्ट पर रखे गए 11 बच्चों की जान खतरे में पड़ गई. गनीमत ये रही कि नवजात बच्चों को बैकअप वाले जंबो सिलेंडर की मदद से ऑक्सीजन तुरंत मिल गया. अगर जंबो सिलेंडर नहीं होता तो एक बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था. जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक्स एमडी और एसएनसीयू प्रभारी डॉक्टर आरएस माथुर ने कहा, ” बुधवार रात एसएनसीयू में लगभग 24 बच्चे भर्ती थे, इनमें से 11 बच्चों को ऑक्सीजन स्पोर्ट पर रखा गया था. सुबह लगभग 5 बजे एसएनसीयू में इमरजेंसी अलार्म बजने लगा था क्योंकि वहां ऑक्सीजन सप्लाई नहीं हो रही थी. ड्यूटी पर तैनात हमारे कर्मचारियों ने तुरंत जंबो सिलेंडर की मदद से बच्चों की जान को सुरक्षित किया.” डॉ. आरएस माथुर ने आगे कहा, ” जब हमने अलार्म बजने की वजह जानने की कोशिश की, तो पता चला कि पीएम रूम के पास ऑक्सीजन प्लांट है जहां से ऑक्सीजन स्टोर होती है. उसी मेन लाइन को अज्ञात चोरों ने बंद कर लगभग 10 फीट लंबी कॉपर लाइन काट ली और चुरा ले गए. फिलहाल, हमारे एसएनसीयू में भर्ती सभी नवजात सुरक्षित हैं.” पूरे मामले की जानकारी देते हुए कोतवाली थाना प्रभारी वीर सिंह ठाकुर ने कहा, ” हमने हॉस्पिटल में जांच के लिए पुलिसकर्मी को भेजा है. अस्पताल प्रबंधन की ओर से जो भी जानकारी मिलेगी उसी हिसाब से आगामी कार्रवाई की जाएगी.” गौरतलब है कि राजगढ़ जिला अस्पताल में यह चोरी की पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी चोरी का मामला सामने आया चुका है. चोरी का खुलासा होने पर अस्पताल के अस्थाई कर्मचारी को चोरी में संलिप्त पाया गया था. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 131

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही: नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाया

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नसबंदी शिविर में पहुंची महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया। ठंड और ठिठुरन के बावजूद महिलाओं को बेड के बजाय टेंट हाउस से मंगाए गए गद्दों पर जमीन पर लिटाया। जिले में स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था फिर उजागर हुई है। नसबंदी शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं ऑपरेशन के लिए पहुंची थी। जो ऑपरेशन के बाद जमीन पर लेटी नजर आईं। यह व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। शिविरों में महिलाओं के लिए बेड का कोई इंतजाम नहीं किया गया। ठंड के मौसम में इस तरह की लापरवाही महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। बतादें कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाने की तस्वीर पहले भी सामने आ चुकी है। इस बार फिर यहां एक-दो महिलाएं नहीं बल्कि कई महिलाएं जमीन पर लेटी नजर आई। वहीं मामले को लेकर प्रभारी एडीएम ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 144

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: मंत्री को नहीं पता शू-कवर और सर्जिकल कवर का अंतर

Question on health system: Minister does not know the difference between shoe-cover and surgical cover बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल: मंत्री और स्वास्थ्य कर्मियों की चूक ने उजागर की स्थिति पटना ! बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक और चौंकाने वाली घटना ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हाल ही में एक अस्पताल में, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने एक बेहद ही अजीब और शर्मनाक गलती की। उन्होंने अस्पताल के एक उच्चाधिकारी को सर्जिकल हेड कवर की बजाय सिर पर शू-कवर पहना दिया। यह घटना तब और गंभीर हो गई जब खुद मंत्री जी को इस अंतर का एहसास नहीं हुआ और वे इसे सामान्य मानते रहे। यह घटना बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का एक और उदाहरण है, जिसमें ना केवल संसाधनों की कमी है बल्कि प्रशासनिक क्षमता और जागरूकता का भी अभाव है। मंत्री जी का इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया ना देना और इसे नजरअंदाज करना, उनके कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कई लोग यह दावा कर रहे हैं कि बिहार के वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री अब तक के सबसे नाकारा और असफल मंत्री रहे हैं। उनके नेतृत्व में अस्पतालों की स्थिति और भी खराब हुई है, जहां कर्मचारियों को बुनियादी चिकित्सा उपकरणों और प्रक्रियाओं का ज्ञान तक नहीं है। इस घटना ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की खस्ता हालत को उजागर किया है और आम जनता के बीच गहरी नाराजगी और निराशा पैदा की है। अब यह देखना होगा कि इस पर कोई सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं या फिर यह भी बिहार की अन्य समस्याओं की तरह भुला दिया जाएगा। अब सवाल उठता है? बिहार की जनता ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की उम्मीदें जताई थीं, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सुधार की राह अभी बहुत लंबी है। जनता अब कार्रवाई की उम्मीद कर रही है, ताकि ऐसे लापरवाह कदमों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 134