अमेरिका में भारतीयों को लगेगा बड़ा झटका, डोनाल्ड ट्रंप आते ही बदलना चाहते हैं 150 साल पुराना कानून

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए डोनाल्ड ट्रंप सत्ता संभालते ही जन्मजात नागरिकता वाले 150 साल पुराने कानून को बदलना चाहते हैं। वह 20 जनवरी को वाइट हाउस पहुंचेंगे और आते ही इस कानून को खत्म करने की तैयारी है। उनका कहना है कि यह कानून गलत है और इससे अमेरिका की समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे अवैध रूप से अमेरिका में एंट्री करने वाले लोगों के बच्चों को भी नागरिक बनने का अवसर मिल रहा है और वे यहां के संसाधनों का लाभ उठा रहे हैं। अमेरिका के नागरिक कानून के मुताबिक किसी भी देश के रहने वाले लोग यदि वहां जाते हैं और उधर बच्चे का जन्म होता है तो वह बच्चा अमेरिकी नागरिकता का हकदार हो जाता है। इसी पर डोनाल्ड ट्रंप और उनके सलाहकारों को आपत्ति है। एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हम इस कानून को बदलने जा रहे हैं। हमें लोगों के बीच जाना होगा, लेकिन कानून तो बदलेंगे।' डोनाल्ड ट्रंप के एक सलाहकार ने कहा कि हर देश में इस तरह का कानून नहीं है। अमेरिका में ही ऐसा है और लोग इसका बेजा इस्तेमाल करते हुए फायदा उठा रहे हैं। इसलिए हमें सिस्टम में ही बदलाव करना होगा। अमेरिका संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म के साथ नागरिकता के अधिकार का कानून बनाया गया था। यह कानून कहता है, 'अमेरिका में पैदा हुए सभी लोग नागरिकता के हकदार हैं। वह यहां की न्यायिक व्यवस्था के तहत भी आते हैं। भले ही अमेरिका के किसी भी राज्य में पैदा हुए हों।' ट्रंप समेत इस कानून के आलोचकों का कहना है कि इससे अमेरिका में बर्थ टूरिज्म बढ़ा है। रिसर्च फॉर नंबर्स संस्थान के डायरेक्टर एरिक रुआर्क कहते हैं कि बड़े पैमाने पर ऐसा होता है कि गर्भवती महिलाएं अमेरिका में आ जाती हैं और यहां बच्चे को जन्म दिया जाता है। ऐसा इसलिए लोग करते हैं ताकि उनके बच्चे को अमेरिका की नागरिकता मिल जाए। अब ऐसा कानून बनाना होगा कि कोई अमेरिका में आकर बच्चे को जन्म दे तो इतने भर से ही नागरिकता न मिल जाए। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम परिवारों को तोड़ना नहीं चाहते। इसलिए एक ही तरीका है कि पूरा परिवार साथ रहे और अमेरिका से चला ही जाए। इसका अर्थ हुआ कि जिन लोगों को जन्म के आधार पर अमेरिका की नागरिकता मिली है, उन्हें भी बाहर किया जाएगा। यदि ऐसा कानून आया तो फिर भारतीयों पर भी बड़ा असर होगा। प्यू रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार 48 लाख भारतीय मूल के लोग अमेरिका में बसे हैं। इनमें से 16 लाख को जन्म के आधार पर ही नागरिकता मिली है। यदि इस कानून के वापस किया गया तो फिर जन्म के प्रमाण पत्र को लोग नागरिकता के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। recent visitors 86

कपूर खानदान ने की पीएम मोदी से मुलाकात, करीना ने टिम और जेह के लिए लिया ऑटोग्राफ

नई दिल्ली, भारतीय सिनेमा जगत के ‘ग्रेट शो मैन’ राज कपूर की 100वीं जयंती का जश्न जबरदस्त होगा। कपूर फैमिली पूरी आन बान शान से उत्सव की तैयारी में जुटी है। परिवार ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्योता दिया है। खुशी का इजहार पूरे परिवार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया है। करीना कपूर ने तो तस्वीरों की श्रृंखला के साथ वो क्लिप भी शेयर किया जिसमें पीएम मोदी उनके बच्चों टिम और जेह को ऑटोग्राफ दे रहे हैं। करीना कपूर ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर पीएम के साथ मुलाकात करने पहुंची कपूर फैमिली की तस्वीर साझा कर कैप्शन में लिखा, “हम अपने दादा और ग्रेट अभिनेता राज कपूर के असाधारण जीवन और विरासत के जश्न को मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रित किए जाने पर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। इस खास दोपहर के लिए मोदी जी का धन्यवाद।” “इस मील के पत्थर को मनाने में आपकी गर्मजोशी, अटेंशन और समर्थन हमारे लिए बहुत मायने रखता है। जैसा कि हम दादाजी की कलात्मकता और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के शानदार 100 वर्षों का जश्न मनाने जा रहे हैं। हम उनकी विरासत का सम्मान करते हैं, जो हमें और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। हमें उनकी शानदार फिल्मों और ‘राज कपूर 100 फिल्म फेस्टिवल’ के साथ भारतीय सिनेमा पर उनके प्रभाव पर गर्व है।” इसके साथ अभिनेत्री ने 13-15 दिसंबर, 2024, 10 फिल्में, 40 शहर, 135 सिनेमाघर के साथ ‘राज कपूर के 100 साल लिखा। करीना ने इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी के साथ पोज देते हुए कपूर परिवार की तस्वीर साझा की। पीएम मोदी के साथ साझा की गई तस्वीर में करीना के साथ करिश्मा कपूर, नीतू सिंह, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, रिद्धिमा कपूर, सैफ अली खान के साथ अन्य सदस्य नजर आए। एक अन्य तस्वीर में करीना कपूर और करिश्मा कपूर पीएम से ऑटोग्राफ लेती नजर आईं। अन्य तस्वीरों में पीएम मोदी, सैफ अली, रणबीर, नीतू, आलिया और करीना से बात करते दिखाई दे दिए। दिग्गज अभिनेत्री नीतू कपूर और करिश्मा कपूर ने भी पीएम मोदी के साथ तस्वीर पोस्ट की। राज कपूर की 100वीं जयंती के मौके पर उनकी सफल और शानदार फिल्में दिखाई जाएंगी। इन फिल्मों में ‘आग’ (1948), ‘बरसात’ (1949), ‘आवारा’ (1951), ‘श्री 420’ (1955), ‘जागते रहो’ (1956), ‘जिस देश में गंगा बहती है’ (1960), ‘संगम’ (1964), ‘मेरा नाम जोकर’ (1970), ‘बॉबी’ (1973) ‘राम तेरी गंगा मैली’ (1985) शामिल हैं। इन फिल्मों को 13 दिसंबर से 15 दिसंबर तक भारत के 40 शहरों और 135 सिनेमाघरों में दिखाया जाएगा। सिनेमाघरों में मूवी टिकट की कीमत 100 रुपये होगी।   recent visitors 72

IPS निधि ठाकुर साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई पर रखेंगी नजर

अहमदाबाद 2010 बैच की आईपीएस अधिकारी श्वेता श्रीमाली को गुजरात सरकार ने केंद्र की प्रतिनियुक्ति के लिए रिलीव कर दिया है। अभी तक अहमदाबाद की साबरमती जेल की अधीक्षक रही श्वेता श्रीमाली इंटेलीजेंस ब्यूरो में डिप्टी डायरेक्टर बनाया गया है। श्रीमाली अभी तक गुजरात की सबसे ज्यादा संवेदनशील जेल की कमान संभाल रही थीं। अहमदाबाद की साबरमती जेल में ही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्वनोई को रखा गया है। गुजरात सरकार ने श्वेता श्रीमाली जगह पर 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी डॉ. निधि ठाकुर को जेल अधीक्षक बनाया है। ठाकुर अभी तक वडोदरा मध्यस्थ जेल की अधीक्षक थीं। गुजरात सरकार ने 9 दिसंबर को एक आदेश में 25 आईपीएस के तबादले किए थे। फिर से महिला ऑफिसर को दी कमान राजस्थान की रहने वाले श्वेता श्रीमाली को सरकार ने मई, 2024 में साबरमती जेल की कमान सौंपी थी। वह बताैर डीआईजी साबरमती जेल को देखरेख कर रही थीं। श्वेता श्रीमाली गुजरात के डांग जिले की एसपी रहने के दौरान सुर्खियों में आई थी। तब इन्हें लेडी सिंघम कहा गया था। गुजरात की साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई से पहले यूपी के डॉन अतीक अहमद को रखा गया था। श्वेता श्रीमाली के पति सुनील जोशी भी आईपीएस हैं। वे अभी गुजरात एटीएस में डीआईजी हैं। गुजरात सरकार ने अब एक बार फिर से इस जेल की कमान महिला ऑफिसर को सौंपी है। बिहार की हैं डॉ. निधि ठाकुर मूलरूप से बिहार की रहने वाली आईपीएस निधि ठाकुर अब साबरमती जेल को संभालेंगी। पेशे से डॉक्टर रहीं निधि ठाकुर 2020 में सिविल सेवा के लिए चयनित हुई थीं। इससे पहले वह पटना के पीएमसीएच में तैनात थीं। निधि ठाकुर ने डीएमएमसीएच से एमबीबीएस किया और गोल्ड मेडिलिस्ट रहीं और पीएमसीएच से एमडी कर रही हैं। निधि के पिता अजय कुमार ठाकुर बिहार प्रशासनिक सेवा के रिटायर्ड ऑफिसर हैं। निधि का पैतृक गांव शिरनिया है। यह खगड़िया जिले में आता है। निधि ठाकुर ने एमबीबीएस के साथ जनरल मेडीसिन में एमडी की डिग्री हासिल की है। युवा आईपीएस निधि ठाकुर को उनके वडोदरा में अच्छे काम को देखते हुए सरकार ने साबरमती जेल की कमान सौंपी है। recent visitors 64

ठंड के कारण स्कूलों का समय बदला: सुबह 9 बजे से लगेंगे सभी सरकारी-प्राइवेट स्कूल

School timings changed due to cold: All government and private schools will start from 9 am भोपाल ! कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के टाइमिंग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। भोपाल में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के टाइमिंग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। डीईओ एनके अहिरवार ने बुधवार को सरकारी-प्राइवेट स्कूलों के लिए यह निर्देश जारी कर दिए। यह निर्देश सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के लिए रहेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद गुरुवार से स्कूल नए समय पर लगेंगे। पहाड़ों की बर्फबारी का एमपी में असरउत्तर भारत में पहाड़ों की बर्फबारी के कारण राज्य में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। भोपाल में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्यियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन में रात्रि का सबसे कम तापमान है। पचमढ़ी ने सर्द रात का रिकॉर्ड बनायाराजधानी में 48 घंटे में रात के तापमान में 4.1 डिग्री की गिरावट हुई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी ने सबसे सर्द रात का रिकॉर्ड बनाया। यहां पारा 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार, पचमढ़ी देश का दसवां सबसे ठंडा शहर रहा। तीन साल बाद भोपाल में कड़ाके की ठंड पड़ी है। इससे पहले 2021 में दिसंबर में पारा 3.4 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद दो साल दिसंबर में तापमान 8 डिग्री से नीचे नहीं रहा। अगले तीन से चार दिन कड़ाके की ठंड की संभावना है। रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे रह सकता है। recent visitors 283

36 हजार की रिश्वत लेते छिंदवाड़ा बीईओ को लोकयुक्त की टीम ने किया गिरफ्तार

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। विकास खंड शिक्षा अधिकारी, बिछुआ रजनी अगामे को 36 हजार की रिश्वत लेते हुए लोकयुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। आवेदक रमेश पराड़कर (54), अधीक्षक, शासकीय बालक छात्रावास, धनेगांव, विकास खंड बिछुआ की शिकायत पर ये कारवाई हुई है। आवेदक के अनुसार उसके और विकासखंड बिछुआ के 12 छात्रावास अधीक्षकों से 50 सीटर के कमीशन की राशि 3000 रुपये प्रतिमाह और 100 सीटर के कमीशन की राशि 6000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से सितंबर व अक्टूबर माह की कमीशन की कुल राशि 96000 रिश्वत की मांग की जा रही थी। जानकारी के अनुसार, धनेगांव छात्रावास अधीक्षक रमेश पराडकर ने लोकायुक्त में शिकायत की थी आदिवासी विभाग की विकासखंड शिक्षा अधिकारी रजनी आगामें विकासखंड बिछुआ के 12 छात्रावास अधीक्षकों से 50 सीटर के कमीशन की राशि 3000 रुपए प्रतिमाह और 100 सीटर के कमीशन की राशि 6000 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से सितंबर और अक्टूबर माह की कमीशन की कुल राशि 96000 रिश्वत की मांग कर रही है। जिसकी शिकायत उसके बाद लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत की डिमांड संबंधी रिकॉर्डिंग सुनी और रणनीति बनाकर मंगलवार को उसे ट्रेप कर लिया। दरअसल, रजनी अगामे रिश्वत की पहली किश्त 31000 रुपए लेने को तैयार हो गई थी, जिसे रिश्वत लेते हुए बिछुआ में रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7, के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस को की शिकायत जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त जबलपुर को की गई। शिकायत के सत्यापन के लिए रिकॉर्डिंग कराई गई। इसमें रजनी अगामे रिश्वत की प्रथम किश्त 31000 रुपए लेने को तैयार हो गई थी। मंगलवार को आरोपित रजनी अगामे, विकास खंड शिक्षा अधिकारी, बिछुआ के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7, के अंतर्गत कार्रवाई की गई। कार्रवाई करने पहुंची टीम में इंस्पेक्टर रेखा प्रजापति, इंस्पेक्टर मंजू किरण तिर्की, इंस्पेक्टर कमल सिंह उईके और लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा था। विवादित रहा है कार्यकाल रजनी अगामे का कार्यकाल विवादित रहा है। वो पहले भी मंडल संयोजक के पद पर रहते हुए दो बार निलंबित हो चुकी हैं।   recent visitors 80

प्रशासन और MLA के बीच टकराव, रतलाम पुलिस ने विधायक कलेश्वर डोडियार को गिरफ्तार किया

 रतलाम रतलाम जिला अस्पताल में 5 दिन पहले डॉक्टर से विवाद होने के मामले को लेकर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार द्वारा आदिवासी समाज के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को सुबह 11 बजे नेहरू स्टेडियम में आंदोलन कर सभा करने की घोषणा की गई थी। प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं देने पर विधायक ने बंजली हवाई पट्टी पर आंदोलन करने की घोषणा की। बुधवार सुबह विधायक डोडियार व उनके समर्थक हवाई पट्टी पर पहुंचे और सभा की तैयारी करने लगे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ देर बाद पुलिस प्रशासन ने विधायक कमलेश्वर डोडियार सहित करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया और पुलिस वाहन में बैठकर जेल भेज दिया। प्रशासन ने अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए आंदोलन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद विधायक ने वीडियो जारी कर आंदोलन के लिए लोगों को रतलाम आने का आव्हान किया। प्रशासन व पुलिस ने सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। आंदोलन में बांसवाड़ा, झाबुआ तथा अन्य जिलों से भी कार्यकर्ता आने वाले थे। पुलिस ने जिले की सभी सीमाओं पर बेरिकेट लगाकर नाकाबंदी की थी। सभा करने की जानकारी दी थी दरअसल विधायक कमलेश्वर ने 11 दिसंबर को होने वाले आंदोलन को लेकर मुख्य सचिव, डीजीपी, कलेक्टर, एसपी आदि को पत्र लिख नेहरू स्टेडियम में सभा करने की जानकारी दी थी। उच्च गुणवत्ता के शासकीय लगभग 20 कैमरे, 500 बाडी कैमरे एवं ड्रोन कैमरे से कार्यक्रम की संपूर्ण ऑडियो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग करने की मांग भी की गई थी। पत्र में उल्लेख किया गया था कि में आदिवासी पार्टी का एक मात्र निवर्वाचित पार्टी का विधायक हूं और कुछ असामाजिक तत्व सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर एवं विरोधी पक्ष के लोग शांतिपूर्वक महाआंदोलन में व्यवधान उत्पन्न करने के लिए अप्रिय घटना कर सकते है, इसलिये कलेक्टर व एसपी कार्यालयों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त बेरिकेटिंग की जाए। महू-नीमच हाइवे पर सातरूंडा चौराहे पर आंदोलन में जा रहे कार्यकर्ताओं को रोकने पर कार्यकर्ताओं ने सड़क पर घरना देकर नारेबाजी कर रहे है। इससे हाइवे पर जाम की स्थिति बन गई, वाहनों की कतारे लग गई। सोशल मीडिया पर जारी किया वीडियो कलेक्टर के आदेश पर अपर कलेक्टर द्वारा विधायक को पत्र लिख अवगत करवाया गया कि आपके द्वारा प्रस्तावित कार्यकम की कोई पूर्वानुमति नहीं ली गई है। उधर सुबह प्रशासन ने नेहरू स्टेडियम के गेट पर ताला लगा दिया जब इसकी जानकारी विधायक डोडियार को मिली तो उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर हवाई पट्टी में आंदोलन करने की घोषणा की। वे और कार्यकर्ता हवाई पट्टी पर पहुंचे वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ देर बाद विधायक और उनके समर्थकों को हिरासत में लेकर जेल वाहन में बैठाया गया इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। नारेबाजी करते रहे विधायक डोडियार व उनके साथियों को जब जेल के बाहर वाहन से उतारा जा रहा था, तब वे इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगते हुए वाहन से उतरते रहे। कई कार्यकर्ताओं के हाथों में डॉ भीमराव आंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस आदि महापुरुषों की तस्वीर थी। विधायक डोडियार व समर्थकों की गिरफ्तारी के बाद भी सभी सीमाओं तथा अन्य क्षेत्रों में पुलिस बल अभी भी तैनात है। वही अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। recent visitors 32

सोनिया गांधी और जॉर्ज सोरोस के संबंधों को लेकर भारी हंगामे के चलते राज्यसभा में गतिरोध जारी, कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और अमेरिकी निवेशक जॉर्ज सोरोस के संबंधों को लेकर भारी हंगामा हुआ जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले भी सदन की कार्यवाही इसी मुद्दे पर 12 बजे तक स्थगित की गई थी।पहले स्थगन के बाद उपसभापति हरिवंश ने सदन में प्रश्नकाल शुरू करने के लिए कार्यवाही आरंभ की तो सत्ता पक्ष‌ और विपक्ष के सदस्य जोर-जोर से बोलने लगे। सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि पिछले दो दिनों से सदस्य श्रीमती गांधी और सोरोस के संबंधों को लेकर उद्वेलित है। इन संबंधों का असर देश की संप्रभुता और अखंडता पर प्रभाव पड़ सकता है। यह संबंध देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि देश को इन संबंधों की वास्तविकता जानने का अधिकार है इसलिए सदन में इस पर चर्चा होनी चाहिए। श्री नड्डा ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चर्चा से बचने के लिए देश का ध्यान भटकना चाहती है इसलिए सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लायी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रहा है और उनका अपमान कर रहा है। विपक्षी ने कभी भी संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का सम्मान नहीं किया है और सदन के भीतर तथा बाहर लगातार अपमानजनक बर्ताव करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस निवेशक सोरोस का उपकरण बन गई है और इसके तीव्र भर्त्सना की जानी चाहिए। इस बीच सदन में दोनों पक्षों की ओर से शोरशराबा और नारेबाजी होती रही। श्री हरिवंश दोनों पक्षों से शांत होने की अपील करते रहे लेकिन हंगामा बढ़ता गया। उसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। राज्यसभा में इस सप्ताह लगातार तीसरे दिन भी सोरोस को लेकर हंगामा जारी रहा और कार्यवाही ठप्प रही। लगातार तीसरे दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सका।   recent visitors 57