निशानेबाजी, भारोत्तोलन और हॉकी को 2026 युवा ओलंपिक खेलों की सूची से किया अलग

नई दिल्ली भारत की पदक संभावनाओं को बड़ा झटका देते हुए, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड ने सेनेगल के डकार में होने वाले 2026 युवा ओलंपिक खेलों की सूची से निशानेबाजी, भारोत्तोलन और हॉकी को हटा दिया है। निशानेबाजी, भारोत्तोलन और हॉकी को 10 गैर-पदक खेलों में शामिल किया गया है, जो युवा ओलंपिक में संलग्नता कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में 2018 के युवा खेलों में, भारत ने 13 पदक (तीन स्वर्ण, नौ रजत और एक कांस्य) जीते थे, जिनमें से निशानेबाजी ने चार पदक (दो स्वर्ण और दो रजत) दिलाए थे, जबकि हॉकी के हिस्से में दो रजत और भारोत्तोलन का योगदान एक स्वर्ण था। पेरिस ओलंपिक की दोहरी पदक विजेता स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने लड़कियों की 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण और मिश्रित 10 मीटर एयर पिस्टल में रजत पदक जीता था। 3 दिसंबर को लुसाने में अपनी बैठक में, आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने 31 अक्टूबर से 13 नवंबर, 2026 तक आयोजित होने वाले 2026 युवा ओलंपिक खेलों (वाईओजी) के लिए प्रतियोगिताओं और एथलीट कोटा की पुष्टि की है। युवा ओलंपिक में 15 से 18 वर्ष की आयु के एथलीट भाग लेंगे। Also Read – सोनीपत: विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार आईओसी ने अपनी वेबसाइट पर कहा, … यह निर्णय लिया गया कि डकार 2026 में सभी 35 अंतरराष्ट्रीय महासंघों (आईएफ) की आधिकारिक भागीदारी को बनाए रखा जाएगा, जिसमें 25 खेल प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल होंगे और 10 खेल सहभागिता कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। डकार 2026 प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल 25 खेलों में से प्रत्येक से एक अनुशासन का प्रदर्शन करेगा। इसके अतिरिक्त, डकार 2026 में एक सहभागिता कार्यक्रम होगा जिसमें 10 खेल दिखाए जाएंगे। जिन 25 खेलों में पदक दिए जाएंगे वे एथलेटिक्स (ट्रैक और फील्ड), एक्वेटिक्स (तैराकी), तीरंदाजी, बैडमिंटन, बेसबॉल (बेसबॉल 5), बास्केटबॉल (3×3), मुक्केबाजी, ब्रेकिंग, साइकिलिंग (रोड साइकिलिंग), घुड़सवारी (जंपिंग), तलवारबाजी, फुटबॉल (फुटसल), जिमनास्टिक (कलात्मक), हैंडबॉल (बीच हैंडबॉल), जूडो, रोइंग (कोस्टल रोइंग), रग्बी (रग्बी सेवेंस), नौकायन, स्केटबोर्डिंग (स्ट्रीट), टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, ट्रायथलॉन, वॉलीबॉल (बीच वॉलीबॉल), कुश्ती (बीच कुश्ती) और वुशु हैं। 2018 के वाईओजी में सिमरन कौर ने लड़कियों की फ़्रीस्टाइल 43 किग्रा में रजत पदक जीता था, लेकिन 2026 के संस्करण में केवल बीच रेसलिंग ही होगी। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले 10 गैर-पदक खेल कैनो-कयाक, गोल्फ़, हॉकी, कराटे, आधुनिक पेंटाथलॉन, शूटिंग, स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, सर्फिंग, टेनिस और भारोत्तोलन हैं। आईओसी ने कहा, ये खेल प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे, लेकिन साइट पर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से इनका प्रचार किया जाएगा, जिससे वाईओजी के अभिन्न अंग और आधिकारिक हिस्से के रूप में उनकी भूमिका पर जोर दिया जाएगा। कुल मिलाकर, डकार वाईओजी में 151 इवेंट होंगे, जो 2018 ब्यूनस आयर्स संस्करण से 241 कम हैं, पुरुषों और महिलाओं के लिए 72 इवेंट के साथ बराबर-बराबर विभाजित, साथ ही सात मिश्रित-लिंग इवेंट भी होंगे। आईओसी ने कहा, ग्रीष्मकालीन वाईओजी के इतिहास में पहली बार, पूर्ण लैंगिक समानता हासिल की जाएगी – न केवल समग्र एथलीट कोटा में बल्कि हर खेल, अनुशासन और इवेंट में भी। खेलों के लिए कुल एथलीट कोटा 2,700 निर्धारित किया गया है। आईओसी ने कहा, यह प्रतियोगिता की विशिष्ट प्रकृति को बनाए रखते हुए एक अनुकूलित और कुशल कार्यक्रम प्रदान करने की आईओसी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। यह खेलों को डकार के स्थानीय संदर्भ के अनुकूल बनाने की अनुमति देगा, फिर भी दुनिया भर के युवा एथलीटों के लिए एक प्रतिस्पर्धी मंच सुनिश्चित करेगा।  मूल रूप से 2022 में 22 अक्टूबर से 9 नवंबर तक आयोजित होने वाला 2026 वाईओजी – ग्रीष्मकालीन युवा खेलों का चौथा संस्करण – कोविड-19 महामारी के कारण 2020 टोक्यो ग्रीष्मकालीन ओलंपिक को 2021 तक स्थगित करने के परिचालन और आर्थिक परिणामों को देखते हुए चार साल की देरी हुई। 2026 वाईओजी सेनेगल की राजधानी में तीन मेजबान स्थलों – डकार, डायमनियाडियो और सैली में आयोजित किया जाएगा।   recent visitors 92

केजरीवाल ने शाहदरा सीट पर एक महीने में 11 हजार 18 वोट कटवाने के आवेदन का दावा किया, दे रही चुनाव आयोग में आवेदन

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में बड़े स्तर पर वोट कटवाने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन दे रही है। उन्होंने शाहदरा सीट पर एक महीने में 11 हजार 18 वोट कटवाने के आवेदन का दावा करते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग चोरी-छिपे ऐसे वोटर्स का नाम हटा रहा है, जोकि जीवित हैं और अपने पते पर ही रह रहे हैं। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे कुछ लोगों को पेश भी किया। पूर्व सीएम ने चुनाव आयोग से मांग की कि अब चुनाव होने तक किसी वोटर का नाम ना काटा जाए। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा बड़े स्तर पर दिल्ली में वोट कटवाने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन कर रही है और चुनाव आयोग में चोरी छिपे इन आवेदनों पर कार्रवाई चल रही है। आज हम एक विधानसभा का डेटा रख रहे हैं। आने वाले समय में और विधानसभा क्षेत्रों का डेटा रखा जाएगा। शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में पिछले एक महीने में भाजपा ने 11 हजार 18 वोट कटवाने के लिए आवेदन दिया है। इसमें हर पेज पर भाजपा के पदाधिकारी विशाल भारद्वाज के हस्ताक्षर हैं। भाजपा ने लेटर हेड पर आवेदन दिए हैं। चुनाव तक पता नहीं कितने वोट कटवाएंगे। इन आवेदनों में कहा गया है कि ये लोग या तो शिफ्ट हो गए हैं या मर गए हैं। हमारे लिए कम समय में सबकी जांच करना संभव नहीं था हमने 500 लोग छांटे। कई पते तो नहीं मिले, लेकिन 500 से 372 लोग ऐसे मिल जो वहीं रह रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि इनमें से अधिकतर आम आदमी पार्टी के वोटर्स हैं। शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 86 हजार वोटर्स हैं। भाजपा 11 हजार वोट कटवाना चाहती है, यानी 6 फीसदी। पिछली बार आम आदमी पार्टी 5294 वोट से जीती थी, अब ये 11 हजार वोट कटवा रहे हैं तो चुनाव का मतलब क्या रह गया। इसमें चुनाव आयोग की भूमिका बहुत संदिग्ध है। चुनाव आयोग का नियम है कि हर दिन जितने लोगों के वोट कटने के आवेदन आते हैं, उसे हर दिन फॉर्म नंबर 10 में डालना होता है। कल तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर शाहदरा में केवल 487 आवेदन दिखाए जा रहे हैं। यानी भाजपा ने जो 11 हजार आवेदन दिए हैं उन पर चोरी-छिपे काम हो रहा है, इसका सबूत है कि 22 नवंबर को चुनाव आयोग ने इन पर कार्रवाई का आदेश दिया है। चुनाव आयोग की क्या मंशा है? recent visitors 74

ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी शुरू, टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया 180 रनों पर सिमटी

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया 5 मैच की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का दूसरा मुकाबला आज यानी, शुक्रवार 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया 180 रनों पर सिमट गई है। स्टार्क ने पहली बार टेस्ट क्रिकेट में भारत के खिलाफ पंजा खोला। टीम इंडिया के लिए नीतिश रेड्डी ने 42 रनों की सर्वाधिक पारी खेली, वहीं केएल राहुल ने 37 और शुभमन गिल ने 31 रन बनाए। मिचेल स्टार्क ने मैच की पहली गेंद पर यशस्वी जायसवाल को LBW आउट कर भारत को बैकफुट पर धकेल दिया था। हालांकि इसके बाद केएल राहुल और शुभमन गिल ने अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की, मगर स्टार्क की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे ये दोनों भी नहीं टिक पाए। भारत ने 16 गेंदों के अंदर राहुल, कोहली और गिल के विकेट खोए। वहीं पंत और कप्तान रोहित शर्मा भी कुछ कमाल नहीं दिखा पाए। नीतिश रेड्डी ने अंत में थोड़ा तेजी से रन बनाकर भारत को 180 के स्कोर तक पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज नाथन को 5 के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला है। रोहित और विकेटकीपर ऋषभ पंत के बीच से गेंद छिटक गई। ऑस्ट्रेलिया की पारी शुरू ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी शुरू हो चुकी है। ख्वाजा और नाथन मैकस्वीनी संभलकर खेल रहे हैं। 180 पर सिमटा भारत, रेड्डी अर्धशतक से चूके बुमराह के आउट होने के बाद रेड्डी के पास बल्ला चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। 45वें ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने मिचेल स्टार्क को बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की मगर वह गेंद को हवा में खड़ा कर बैठे। लॉन्ग ने में ट्रेविस हेड ने शानदार कैच पकड़ उनकी 42 रनों की तूफानी पारी का अंत किया। स्टार्क ने 6 विकेट लिए। recent visitors 176

मतपत्रों से माँक मतदान- मार्करबाड़ी गांव के नागरिकों की पहल के संदेश

डा. गिरीश महाराष्ट्र के जनपद शोलापुर का छोटा सा गांव मार्करबाड़ी अचानक सुर्खियों में आगया है। मीडिया से लेकर राजनैतिक हल्कों में उसकी चर्चा सुनायी पड़ रही है। वह इसलिए नहीं कि गांव में कोई संगीन वारदात अथवा घटना घट गयी थी। अपितु इसलिये कि गांव के लोगों ने बड़ी ही खामोशी से, अपने एक गांधीवादी कदम से लोकतन्त्र के आधारों को नयी मजबूती प्रदान की है। वह भी उस दौर में जब सत्ता प्रतिष्ठान और उस पर काबिज भाजपा और आरएसएस द्वारा लोकतन्त्र पर चहुंतरफा हमले बोले जा रहे हैं। भाजपा और उसके अधीन शासकीय मशीनरी द्वारा निर्वाचन आयोग की पक्षधरता का लाभ उठाते हुये निर्वाचन प्रक्रिया को अकल्पनीय क्षति पहुंचाई जा रही है। ईवीएम मशीन में गड़बड़ी और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने को भांति- भांति की हेराफेरी की अनगिनत खबरें मिलती रहती हैं। ऐसी ही एक खबर महाराष्ट्र की मालशिरस विधान सभा सीट से आयी। महाराष्ट्र विधान सभा की अन्य सीटों के साथ इस सीट पर भी इसी  20 नवंबर को मतदान हुआ था और 23 नवंबर को चुनाव परिणाम आया था। एनसीपी (शरद पवार) के प्रत्याशी उत्तम राव जानकर ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी  राम सतपुते को 13147 वोटों से हराया है। लेकिन जानकर  जिनकी कि लोकप्रियता असंदिग्ध है, को अपने ही गांव मार्करबाड़ी में भाजपा प्रत्याशी से कम वोट मिले। एनसीपी प्रत्याशी जानकर को अपने ही गांव में 843 वोट मिले हैं जबकि भाजपा प्रत्याशी को वहाँ 1003 वोट मिले। गांव के तीन मतदान केन्द्रों पर लगभग दो हजार वोट हैं जिनमें से लगभग 1900 वोट पड़े थे। बताया जाता है कि इस गांव में भाजपा के दो सौ से भी कम वोट हैं। विजयी प्रत्याशी जानकर को पराजित भाजपा प्रत्याशी से यहाँ  कम मत मिलने से गांववासियों का माथा ठनक गया। उन्हें ईवीएम पर शक था, जो और गहरा गया। अपने इस शक को मिटाने को उन्होने जो उपाय सोचा वह आज तक न तो किसी राजनेता के मस्तिष्क में आया न ही किसी ख्यातिलब्ध तकनीशियन के। अपने शक को मिटाने को गांववासियों ने बैलट पत्र से माँक वोटिंग कराने का निश्चय किया। इसके लिये उन्होने समूचे गांव को मतदान के लिये तैयार किया। मतदान का खर्च जुटाने को आपस में चन्दा किया। मतदान के जगह जगह पोस्टर लगाये गये। 3 दिसंबर को सुबह 8: 00 बजे से वोटिंग होना तय था। प्रशासन से इसकी अनुमति भी मांगी गयी। लेकिन प्रशासन ने इसे गैर कानूनी करार देकर अनुमति हेतु आवेदन को रद्द कर दिया। यद्यपि यह अनौपचारिक मतदान था, वास्तविक नहीं। गांव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने वाले मुट्ठी भर लोग मतदान रूपी इस कदम का मुखर विरोध कर रहे थे।   बैलट से रीपोलिंग कराके गांव वाले ईवीएम से हुये मतदान में घोषित मतों से इनकी तुलना करना चाहते थे। दोनों के मत टैली कर यह तय होना था कि ईवीएम से वोट मैनेज हुये थे। लेकिन बौखलाए प्रशासन द्वारा 3 दिसंबर,  मंगलवार को सुबह ही गांव की सड़कें बन्द कर दी गयीं। चेतावनी दी गयी कि वोटिंग करने वालों पर मामले दर्ज किए जायेंगे और मतदान सामग्री जब्त कर ली जायेगी। कुछ लोग तैयार किए गए मतदान पंडाल में वोटिंग करने गये तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। शेष को बलपूर्वक खदेड़ दिया गया। इतना ही नहीं प्रशासन ने गांव में 5 दिसंबर तक के लिये धारा 163 (पूर्व की धारा 144) लगा दी जिसके तहत 5 से अधिक लोग एक जगह इकट्ठे नहीं हो सकते। सवाल यह है कि भारतीय जनता पार्टी के नेत्रत्व वाली महाराष्ट्र की कार्यवाहक महायुति सरकार मतपत्रों द्वारा होने वाली इस गैर सरकारी रीपोलिंग से इतनी भयभीत क्यों हो गयी? क्या उसे यह भय सता रहा था कि इससे उनके द्वारा चुनावों में की जाने वाली हेरा फेरी और उसका मुख्य औज़ार बनी ईवीएम की कलई खुल जायेगी। वरना इतना भय क्यों? इतनी सख्ती क्यों? क्या उन्हें भय था कि मतपत्रों से पोलिंग के परिणाम यदि वैसे ही आये जैसा कि गांववाले दावा कर रहे हैं तो इससे महाराष्ट्र विधान सभा के 23 नवंबर को आये नतीजों पर प्रश्नचिन्ह लग जायेगा और उनकी सारी खुशियाँ काफ़ूर हो जायेंगी। हाल के महाराष्ट्र विधान सभा चुनावों में महायुति ने राज्य की 288 सीटों में से 230 सीटें जीती हैं। इसमें भाजपा 132 सीटें, शिवसेना 57 और अजित पवार की एनसीपी 41 सीटों पर विजयी हुयी है। महा विकास अघाड़ी को सिर्फ 46 सीटें मिली हैं। तो क्या मार्करबाड़ी गांव के मतपत्रों से निकलने वाले परिणाम महाराष्ट्र विधानसभा के समूचे चुनाव परिणामों पर सवालिया निशान नहीं लगा देते? इन परिणामों से डरी कार्यवाहक महायुति सरकार ने अनौपचारिक मतदान को बलपूर्वक रुकवा दिया। पर इस पाबंदी से बात रुकने वाली नहीं। अकोला  और वर्धा में कुछ जगहों पर जनता द्वारा मतपत्रों के द्वारा  ऐसे माँक मतदान कराये जाने की खबरें आ रही हैं। लेकिन अब बात शायद महाराष्ट्र तक सीमित रहने वाली नहीं। लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा पर चुनावों में धांधली के कई आरोप लगे थे, पर निर्वाचन आयोग की पक्षधरता के चलते वे दब गये। हरियाणा विधान सभा चुनाव जिन्हें वे एक प्रतिशत से भी कम वोटों से जीते हैं, मैं भी उन पर ईवीएम में हेराफेरी और मतदान से मतगणना तक में धांधली के आरोप लगे थे। उत्तर प्रदेश जहां कि लोकसभा चुनावों में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा, विधानसभा उपचुनावों में भाजपा की 9 में से 7 सीटों पर जीत अनेक सवाल खड़े करती है। खास कर कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र की जीत जहां अल्पसंख्यक मतदाता बहुत बड़ी संख्या में हैं और भाजपा लगातार हारती रही है। मार्करबाड़ी गांव की मतपेटियों से बाहर आने वाले परिणामों की धमक दूर दूर तक फैल चुकी है और देश ही नहीं दुनियां भर में भाजपा द्वारा लोकशाही से की जा रही खिलवाड़ की कलई खुल चुकी है। इसी डर से भाजपा महाराष्ट्र की जीत का जश्न तक नहीं मना पा रही। सामंती काल में जब शासकों पर असीम अधिकार थे, तब भी शासकों के खिलाफ नाटक एवं प्रहसन  आदि का मंचन कर जनता को जाग्रत किया जाता था। संस्कृत भाषा में महाकवि शूद्रक द्वारा रचित नाटक- मृच्छकटिकम ( मिट्टी की गाड़ी ) में तो उस समय के राज दरबार में व्याप्त भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद पर गहरी चोट है। पर शासकों ने न तो इसे प्रतिबंधित किया नहीं इसका मंचन रोका। यह आज तक जारी है। पर हेराफेरी से वोट हासिल कर सत्ता शिखर तक पहुंची भाजपा को नाटकीय मतदान तक  कबूल नहीं। भाजपा का डर तो समझ में आता है, पर पूरे प्रकरण पर भारी भरकम विपक्षी दलों की चुप्पी रहस्यमय है। संसद में कोई सवाल तक … Read more

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अमेरिकी सरकार इस मामले में बांग्लादेश सरकार से बातचीत करेगी : मार्गेट मक्लाउड

 इंदौर  अमेरिकी विदेश मंत्रालय की हिंदी-उर्दू विभाग प्रवक्ता और लंदन इंटरनेशनल इंडिया हब की डिप्टी डायरेक्टर मार्गेट मक्लाउड का कहना है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाओं को लेकर विश्वभर में प्रत्येक मंच पर बांग्लादेश सरकार को घेरा जाने लगा है। अमेरिका की सरकार भी चिंतित है और इस मामले में बांग्लादेश सरकार के रवैये से नाखुश भी है। जल्द ही अमेरिकी सरकार इस मामले में बांग्लादेश सरकार से बातचीत करेगी। यह बात गुरुवार को मार्गेट ने इंदौर प्रेस क्लब में पत्रकारों से संवाद में कही। मार्गेट यूएस काउंसिल जनरल मुंबई के प्रवक्ता ग्रेग पारडो और मीडिया टीम के सदस्य अब्दुल बहाव शेख के साथ इंदौर के दौरे पर पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, वे काफी चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी अमेरिका का नजरिया साफ है। अमेरिका की सरकार यूक्रेन के लोगों की हर संभव सहायता करेगी, क्योंकि यूक्रेन के खिलाफ रूस की जंग पूरी तरह संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांत के विरुद्ध है। इजरायल और फलस्तीन विवाद पर भी मार्गेट ने कहा कि अमेरिका ने शुरू से फलस्तीन के प्रति मानवीयता की भावना रखी है। अमेरिका और इजरायल के बीच लगातार बातचीत हो रही है। अमेरिका बार्डर खोलने पर जोर देने लगा है, क्योंकि सर्दी का मौसम शुरू होने वाला है। इन दिनों फलस्तीन के लोगों को जरूरत की वस्तुएं पहुंचानी जरूरी है।   recent visitors 111

चित्रकूट में बड़ा सड़क हादसा, 6 लोगों की मौत, तेज रफ्तार बोलेरो-ट्रक की हुई भिड़ंत

चित्रकूट  थाना रैपुरा से कुछ ही दूरी में झांसी-मीरजापुर हाईवे 35 पर प्रयागराज से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो की सामने से आ रहे ट्रक से शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े पांच बजे भिड़ंत हो गई। जिसमें बोलेरो सवार छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बोलेरो में 11 लोग सवार थे। जिसमें छह की मौत होने की खबर है। पांच घायलों को सीएचसी रामनगर में भर्ती कराया गया है। जिनको जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बोलेरो मध्य प्रदेश के छतरपुर जनपद के बताए जा रहे है। यह सभी प्रयागराज से लौट रहे थे। चालक को अचानक झपकी आने से हादसा हुआ है। 42 वर्षीय जमुना पुत्र कामता, उसकी 40 वर्षीय पत्नी फुला, 18 वर्षीय पुत्र राज अहिरवार व 15 वर्षीय आकाश, 65 वर्षीय नन्हे, 45 वर्षीय हरिराम, 45 वर्षीय मोहन, 45 वर्षीय रामू, 50 वर्षीय मंगना व 48 वर्षीय राम स्वरुप यादव सहित एक अज्ञात बोलेरो में सवार थे। सभी निवासी कस्बा व थाना गुलगंज जिला छतरपुर के रहने वाले हैं। मरने वाले 6 लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। कारण है कि जो पांच लोग घायल हैं, उनकी हालत बहुत गंभीर है, कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। स्वजन के आने का इंतजार किया जा रहा है। recent visitors 138

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की काकी अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का शुक्रवार को निधन हुआ

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की काकी अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का शुक्रवार को निधन हो गया। इंदौर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से शुरू होकर चक्रतीर्थ पहुंचेगी, जहां अन्नपूर्णा यादव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। काकी के निधन की खबर मिलते ही सीएम मोहन यादव उज्जैन पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का पिछले एक सप्ताह से इंदौर के अस्पताल में उपचार चल रहा था। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य में सुधार भी बता रहे थे। लेकिन, शुक्रवार सुबह अचानक उनके निधन की खबर मिलने से परिवार और परिजनों में शौक छा गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को काकी के निधन की जानकारी लगी तो वे सारे काम छोड़कर उज्जैन पहुंचे। श्री कृष्ण भक्त थी प्यारी मां अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा देवी भगवान श्री कृष्ण की अनन्य भक्त थीं। वह भगवान का पूजन अर्चन और श्रीनाथजी के दर्शन करने रोज मंदिर जाती थी। अंतिम समय तक वह भगवान का भजन व स्मरण करती रही। अन्नपूर्णा जी को उनके बेटे गोविंद यादव और निलेश यादव ही नहीं बल्कि परिवार के नंदलाल यादव, नारायण यादव, डॉ मोहन यादव, कलावती यादव,  डॉली यादव, नंदनी यादव के साथ ही अन्य मित्रगण भी प्यारी मां कहकर ही पुकारते थे। इस मार्ग से निकलेगी अंतिम यात्रा अन्नपूर्णा देवी की अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से प्रारंभ होकर खजूरवाली मस्जिद, बुधवारिया, निकास, कंठाल, सतीगेट, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, दानीगेट से चक्रतीर्थ पहुंचें। जहां चक्रतीर्थ पर अंतिम संस्कार होगा। recent visitors 145