इजरायल ने लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह को कमजोर कर उसे दशकों पीछे धकेला, इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम

तेल अवीव अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम हो गया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इजरायल ने लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह को कमजोर कर उसे दशकों पीछे धकेल दिया है. नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की मंजूरी के बाद सीजफायर को ग्रीन सिग्नल दे दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान और हमास समर्थित हिजबुल्लाह मौजूदा समय में बहुत कमजोर हो चुका है. नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह ने आठ अक्तूबर को लेबनान से हम पर हमला करने का सोचा. एक साल बाद हिज्बुल्लाह अब वह पुराना हिजबुल्लाह नहीं रह गया है. हमने उसे दशकों पीछे धकेल दिया है. हमने हसन नसरल्लाह सहित उसके कई बड़े लीडर्स को मार गिराया है. हमने उनके हजारों आतंकियों को मार गिराया है और उनकी सुरंगों को तबाह कर दिया है, जिन्हें दोबारा तैयार करने में उन्हें सालों लगेंगे. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में हमने शतरंज की चाल पलट दी है. हम पर सात मोर्चों से हमला किया गया लेकिन हम डटकर लड़े. हम मिडिल ईस्ट का चेहरा बदल रहे हैं. बता दें कि इस सीजफायर के तहत इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से अपने सैनिकों को वापस बुलाएगी और लेबनान की सेना इस क्षेत्र में अपने सैनिकों की तैनाती करेगी. इसके साथ ही हिजबुल्लाह लिटानी नदी से सटे इलाकों से अपने लड़ाकों को हटाएगी. क्या हैं सीजफायर की शर्तें सीजफायर समझौते के तहत इजरायली सैनिकों को दक्षिण लेबनान से वापस जाना होगा और लेबनान की सेना को इस क्षेत्र में तैनात करना होगा. इसके साथ ही हिज्बुल्लाह लिटानी नदी के दक्षिण में सीमा पर अपनी सशस्त्र मौजूदगी भी खत्म कर देगा. लेबनान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि लेबनान की सेना इजरायली सैनिकों के वापस जाने पर दक्षिणी लेबनान में कम से कम 5000 सैनिकों को तैनात करने के लिए तैयार है. नेतन्याहू का कहना है कि युद्धविराम की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि लेबनान में क्या होता है. अगर हिज्बुल्लाह समझौते का उल्लंघन करता है और खुद को हथियारबंद करने की कोशिश करता है, तो हम हमला करेंगे, अगर वह सीमा के पास आतंकवादी बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करने की कोशिश करता है, तो हम हमला करेंगे. अगर वह रॉकेट लॉन्च करता है, अगर वह सुरंग खोदता है, अगर वह रॉकेट ले जाने वाला ट्रक लाता है, तो हम हमला करेंगे.   recent visitors 75

डोनाल्ड ट्रंप ने एक और भारतवंशी जय भट्टाचार्य को दी बड़ी जिम्मेदारी, NIH में मिला अहम रोल

नई दिल्ली  अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति का भारतीय मूल के लोगों पर भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है।डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से एक भारतवंशी पर विश्वास जताया है। उन्होंने जय भट्टाचार्य को राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) के डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है। दरअसल, जय भट्टाचार्य का जन्म कोलकाता में हुआ था। वह एक बड़े अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से मेडिकल शिक्षा प्राप्त की है। अपनी जिम्मेदारी के दौरान वह करीब 47.3 अरब डॉलर के बजट की निगरानी करेंगे। अमेरिका ने इस बजट को मेडिकल रिसर्च पर खर्च करने के लिए रखा है। क्या बोले जय भट्टाचार्य? नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के डायरेक्टर के रूप में नॉमिनेट होने पर जय भट्टाचार्य ने खुशी जाहिर की है। इस दौरान उन्होंने कहा, "अगले NIH के डायरेक्टर के तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मुझे नामांकित किए जाने से मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हम अमेरिकी वैज्ञानिक संस्थानों में सुधार करेंगे, जिससे लोग फिर एक बार उन पर भरोसा कर सकें। अमेरिका को फिर से स्वस्थ बनाने के लिए बेहतरीन विज्ञान के रिजल्ट के रूप में तैनात करेंगे।" डोनाल्ड ट्रंप ने कही ये बात नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जय भट्टाचार्य के नॉमिनशन का एलान करते हुए कहा कि मैं NIH के डायरेक्टर के रूप में सेवा करने के लिए जय भट्टाचार्य, एमडी, पीएचडी को नॉमिनेट कर रोमांचित हूं। वह देश के चिकित्सा अनुसंधान को निर्देशित करने और महत्वपूर्ण रिसर्च के लिए रॉबर्ट एफ. कैंनेडी जूनियर के साथ मिलकर काम करेंगे। जिससे हेल्थ सेक्टर में सुधार होगा और लोगों की सुरक्षा होगी। कोविड के दौरान चर्चा में थे भट्टाचार्य COVID-19 महामारी के दौरान जय भट्टाचार्य ने अमेरिका के स्वास्थ्य नीतियो की आलोचना की थी। इस कारण वह सुर्खियों में रहे। वहीं, भट्टाचार्य ने अक्तूबर 2020 में दो स्कॉलरों के साथ मिलकर 'ग्रेट बैरिंगटन डिक्लेरेशन' प्रकाशित किया था। इस रिसर्च में उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस जो लोग प्रभावित नहीं हैं उनको सामान्य जीवन की ओर लौटने दिया जाना चाहिए और संवेदनशील लोगों की रक्षा की जानी चाहिए। जानिए जय भट्टाचार्य के बारे में     जय भट्टाचार्य का जन्म साल 1968 में कोलकाता में हुआ था।     वर्ष 1997 में उन्होंने स्टैनफोर्ड से चिकित्सा में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने उसी विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।     वर्तमान में जय भट्टाचार्य नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकोनॉमिक्स रिसर्च में शोध सहयोगी हैं।     जय भट्टाचार्य को अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NIH के डायरेक्टर के रूप में नॉमिनेट किया है।     जय भट्टाचार्य ने COVID-19 महामारी के दौरान जय भट्टाचार्य ने अमेरिका के स्वास्थ्य नीतियो की आलोचना की थी।   recent visitors 79

बेंगलुरु में गर्लफ्रेंड की छाती पर चाकू घोंपकर हत्या, कई घंटे शव के साथ कमरे में रहा बॉयफ्रेंड, फिर हो गया फरार

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंदिरा नगर में माया गोगोई नाम की युवती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, असम की रहने वाली माया गोगोई की उसके प्रेमी आरव अनय ने बेरहमी से हत्या की है। केरल का रहने वाला आरव इस घटना के बाद फरार हो गया। पुलिस हत्या के मकसद की जांच कर सबूत जुटा रही है। आरोपी को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। असम की रहने वाली थी लड़की पुलिस ने बताया कि इंदिरा नगर इलाके में एक सर्विस अपार्टमेंट में लड़की की बेरहमी से हत्या की गई है। पीड़िता एक निजी कंपनी में काम करती थी। लड़की हत्या उसके प्रेमी आरव अनय ने चाकू घोंपकर कर की है। माया असम की रहने वाली थी। वह एक व्लॉगर थी। सुबह तक शव के साथ कमरे में रहा हत्यारा रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता और आरव नाम का एक व्यक्ति 23 नवंबर को सर्विस अपार्टमेंट में आए थे। पुलिस को संदेह है कि आरव ने 24 नवंबर को माया की छाती पर कई बार चाकू घोंपकर हत्या की है। पुलिस का यह भी मानना ​​है कि वह सुबह तक शव के साथ कमरे में रहा। उसके बाद वह मौके से भाग गया। तीन दिन पहले केरल से बेंगलुरु आया था आरव पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हत्यारे की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, माया कोरमंगला में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि दोनों एक-दूसरे को जानते थे। 3 दिन पहले जब आरोपी आरव केरल से बेंगलुरु आया था तब से लेकर हत्या किए जाने तक माया उसके साथ ही रह रही थी। हत्या की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस स्पेशल टीम बनाकर हत्यारे की तालाश में जुटी हुई है। ताते चलें कि सितंबर में बेंगलुरु में एक महिला की हत्या की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी. यहां के व्यालीकवल इलाके में एक घर के कमरे में 165 लीटर मॉडल का सिंगल डोर फ्रिज में 29 साल की महालक्ष्मी की लाश के 30 से 40 टुकड़ो में मिली थी. कई टुकड़े फर्श तक पर बिखरे पड़े थे.  वारदात के करीब 19 दिन बाद कमरे का दरवाज़ा 21 सितंबर को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खुला था. उस बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर पांच महीने पहले ही महालक्ष्मी किरायेदार के तौर पर रहने आई थी. नेपाल की रहने वाली महालक्ष्मी वहां अकेली रहती थी. पड़ोसी भी उसे नहीं जानते थे.  वजह ये थी कि हर रोज़ वो सुबह 9.30 बजे घर से निकलती और रात 10.30 के बाद ही घर लौटती. उसकी मां और बहन बेंगलुरु में रहते हैं. दो सितंबर के बाद अचानक महालक्ष्मी का फोन बंद हो गया. उसकी मां और बहन लगातार फोन करते रहे, पर बात नहीं हो रही थी. इसी बीच पड़ोसियों को घर से बदबू आई. 20 सितंबर को मकान मालिक ने महालक्ष्मी की मां को फोन किया. उन्हें महालक्ष्मी के घर से आ रही बदबू के बारे में जानकारी दी. मकान मालिक की बात सुन कर वो घबरा गई. महालक्ष्मी के घर की एक चाबी मां के पास रहती थी. वो फौरन चाबी लेकर अपनी दूसरी बेटी के साथ महालक्ष्मी के साथ घर पहुंची.  मकान मालिक और पड़ोसियों की मौजूदगी में घर का दरवाजा खोला गया. लेकिन दरवाज़ा खुलते ही अंदर से इतनी तेज़ बदबू आई कि सभी पीछे हट गए. कुछ देर बाद हिम्मत कर फिर से वो अंदर गए. फर्श पर हर तरफ खून के निशान थे. मांस के छोटे-छोटे लोथड़े यहां वहां पड़े थे. इस तरह इस वारदात का खुलासा हुआ था. recent visitors 92

एयरसेल के सस्थापक मालिक आनंद कृष्णन के बेटे ने लिया संन्यास, ठुकराई 40000 करोड़ की संपत्ति

कुआला लम्पुर मलेशिया के टेलीकॉम टायकून आनंद कृष्णन के बेटे वेन अजान सिरिपान्यो ने मात्र 18 साल की उम्र में अपने समृद्ध और विलासी जीवन को त्यागकर संन्यास लेने की घोषणा करके लोगों को चौंका दिया है। आनंद कृष्णन मलेशिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनके पास 5 अरब अमेरिकी डॉलर यानी कि 40,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। दूरसंचार, मीडिया, उपग्रह, तेल, गैस और रियल एस्टेट में उनका व्यापार फैला हुआ है। आनंद कृष्णन एयरसेल के पूर्व मालिक भी रहे हैं, जो कभी आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स को स्पॉन्सर किया करता था। वेन अजान सिरिपान्यो का बचपन शाही अंदाज में बीता है। अब उन्होंने अपनी आरामदायक और ऐश्वर्यपूर्ण जीवनशैली को छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया और संन्यासी बनने का फैसला किया। उनके पिता आनंद कृष्णन भी खुद को एक समर्पित बौद्ध अनुयायी बताते हैं। उन्होंने अपने बेटे के इस फैसले का सम्मान किया है। अजान सिरिपान्यो का जीवन वेन अजान सिरिपान्यो की संन्यास की यात्रा 18 साल की उम्र में थाईलैंड यात्रा से शुरू हुई थी। थाईलैंड में अपनी मां के परिवार से मिलने के दौरान उन्होंने अस्थायी रूप से एक आश्रम में संन्यास लेने का निर्णय लिया था। आज वे थाईलैंड-म्यांमार सीमा के पास स्थित द्ताओ डम मठ के प्रमुख (अब्बॉट) के रूप में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने लंदन में अपनी दो बहनों के साथ बचपन बिताया। वहीं उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। अलग-अलग संस्कृतियों के बीच पले-बढ़े अजान सिरिपान्यो ने बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को गहराई से समझा है। वेन अजान सिरिपान्यो को आठ भाषाओं का ज्ञान है। उन्हें अंग्रेजी, तमिल और थाई भाषा का भी ज्ञान है। साधारण जीवन वेन अजान सिरिपान्यो बहुत ही साधारण जीवन जीते हैं। वह भिक्षाटन करके अपना जीवन-यापन करते हैं। वह अपने परिवार से भी जुडे हुए हैं और समय-समय पर परिवार के साथ अपने रिश्तों को बनाए रखने के लिए पूर्व जीवनशैली में लौटते हैं। वे कभी-कभी परिवार के सदस्य से मिलने के लिए यात्रा भी करते हैं। एक बार उन्हें अपने पिता से मिलने के लिए एक प्राइवेट जेट में इटली जाते हुए देखा गया था। आपको बता दें कि बौद्ध धर्म में पारिवारिक प्रेम को महत्व दिया गया है। सिरिपान्यो इस सिद्धांत का पालन करते हुए अपने पिता से मिलने का समय निकालते हैं। उनके पिता ने उनकी सुविधा के लिए पेनांग हिल में एक आध्यात्मिक रिट्रीट भी खरीदी है। recent visitors 75

आगरा एक्सप्रेसवे पर जोरदार हादसा में 5 डॉक्टरों की मौत, शादी से लौटते समय कन्नौज में हुआ एक्सिडेंट

कन्नौज  उत्तर प्रदेश के कन्नौज में भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पांच डॉक्टरों की दर्दनाक मौत हो गई है। बुधवार सुबह उतर तड़के 4:00 बजे यह हादसा हुआ। इस भीषण हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मिल रही जानकारी के अनुसार, सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टर लखनऊ में शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय यह हादसा हुआ। कन्नौज के पास जैसे ही उनकी गाड़ी पहुंची, उसकी टक्कर ट्रक से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही डॉक्टरों की मौत हो गई। लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने का आदेश दिया है। साथ ही, इस घटना पर कन्नौज पुलिस का बयान सामने आया है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि एक कार लखनऊ से आगरा की तरफ जा रही थी। थाना तिर्वा क्षेत्र के तहत 196 किलोमीटर पर अनियंत्रित होकर दूसरी साइड जा रहे ट्रक से टकरा गई। पुलिस ने कहा कि इसमें कुल 6 लोग सवार थे। थाना तिर्वा पुलिस की ओर से तत्काल सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज तिर्वा में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों की ओर से 5 लोगों को मृत घोषित किया गया। 1 व्यक्ति मेडिकल कॉलेज तिर्वा में इलाजरत है। मृतकों के शव को मॉर्चरी में रखवा दिया गया है। अन्य विधिक कार्यवाही की गई है। कन्नौज हादसे में कार की स्थिति देख कांप गए लोग कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में मृतक डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं। भीषण सड़क हादसे में डॉ.अनिरुद्ध वर्मा, डॉ.संतोष कुमार मौर्य, डॉ.जयवीर सिंह, डॉ अरुण कुमार, डॉ.नरदेव की मौत हुई है। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में तैनात डॉक्टरों की मौत की जानकारी मिलते ही दुख पसर गया है। तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में हादसा आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। इस मामले में सामने आया है कि लखनऊ से सैफई लौटते समय कार की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान आगरा एक्सप्रेसवे पर तिर्वा कोतलवाली क्षेत्र में बेकाबू कार की टक्कर ट्रक से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में कार के उड़े परखच्चे कार और ट्रक की टक्कर में मौके पर ही पांचों डॉक्टरों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पांचों डॉक्टर सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में तैनात थे। वे अपने साथी के शादी समारोह में शामिल होने लखनऊ आए थे। शादी समारोह में भाग लेने के बाद वापस लौटते समय यह भीषण हादसा हो गया। मौके पर पहुंचे अधिकारी तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। दुर्घटना की जांच की गई। मृतकों के शवों को कार से निकाला गया। इसके बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले की जानकारी संस्थान को भी दी गई है। वहीं, दुर्घटना वाली सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू कराया गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अलीगढ़ में बारातियों से भरी बस और ट्रैक्टर की भीषण भिड़ंत, 12 घायल, चार की हालत गंभीर अलीगढ़ में थाना छर्रा इलाके के छर्रा मंडी रोड पर मंगलवार देर रात बारातियों से भरी एक तेज रफ्तार बस अनाज से लदे ट्रैक्टर से टकरा गई. इस भीषण दुर्घटना में बस के परखचे उड़ गए और 12 लोग घायल हो गए. इनमें चार की हालत गंभीर है, जिन्हें तत्काल जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. बारातियों से भरी यह बस बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद के भामनी गांव से अलीगढ़ के बरला के बमनोई जा रही थी. बताया जा रहा है कि बस का ड्राइवर नशे की हालत में था और उसने तेज रफ्तार के कारण बस से नियंत्रण खो दिया. इसके चलते बस अनाज से लदे ट्रैक्टर से आमने-सामने टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायलों को बस से बाहर निकाला. पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश कुमार ने बताया कि दुर्घटना में बस के ड्राइवर सत्यदेव समेत 12 लोग घायल हुए हैं. घायलों को पहले छर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चार गंभीर घायलों को जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. घायल लोगों में सत्यदेव (ड्राइवर), ललित, प्रदीप, जय सिंह, सोहनलाल, चरण सिंह, अर्जुन, और रघुराम शामिल हैं। इनमें सत्यदेव, ललित, प्रदीप और चरण सिंह की हालत गंभीर है. बाकी घायलों का इलाज छर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है. recent visitors 74

एलएनआईपीई मैदान पर 3 दिसंबर तक चलेगी प्रतियोगिता

भोपाल सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने मंगलवार को ग्वालियर में इंटर स्टेट वुमन ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट का उदघाटन किया। मंत्री  कुशवाह ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांग प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। सरकार द्वारा दिव्यांग खिलाड़ियों को हर संभव खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। मंत्री कुशवाह ने टूर्नामेंट में भाग ले रहीं  क्रिकेट टीम के सदस्यों  से परिचय प्राप्त कर उन्हें प्रोत्साहित किया।  ग्वालियर के  एलएनआईपीई  क्रिकेट मैदान पर  मध्यप्रदेश की क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित प्रतियोगिता 03 दिसंबर तक चलेगी। इसमें गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर अध्यक्ष क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा, अतुल अतरौली, एस.के. अग्रवाल सहित अतिथियों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया एवं मैच का आनंद लिया।   recent visitors 64

राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर कृषक परमार को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया गया

शाजापुर जिले का किसान गोपाल रत्न राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 से सम्मानित केंद्रीय पशुपालन मंत्री ने  देवेन्द्र परमार को दिल्ली में प्रदान किया पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर कृषक परमार को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया गया भोपाल केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह द्वारा शाजापुर जिले के शुजालपुर कैंप की पटलावदा दुग्ध समिति के डेयरी किसान देवेन्द्र परमार को 'गोपाल रत्न' राष्ट्रीय पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर कृषक परमार को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उपलब्धि के लिए प्रदेश के शाजापुर जिले के किसान देवेंद्र परमार का केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2024 के लिए चयन हुआ। उन्हें बेस्ट डेरी फार्मर वर्ग में देसी पशु नस्ल सुधार के लिए द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। कृषक देवेंद्र शाजापुर जिले के पटलावदा के दुग्ध उद्यमी किसान हैं, जो भोपाल दुग्ध संघ के अंतर्गत शुजालपुर दुग्ध उत्पादन समिति के सदस्य हैं। वे बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं का पालन करते है और देसी गायों की नस्ल सुधार में उल्लेखनीय कार्य किया है। वे देव डेयरी के नाम से पैकेज्ड दूध बेचते हैं। उन्होंने अपने खेत में गोबर गैस संयंत्र भी लगा हुआ है, जिससे बड़ी मात्रा में गोबर गैस उत्पन्न करते हैं, साथ ही जैविक खाद बेचकर भी अच्छी आमदनी लेते हैं।   recent visitors 107