संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन का क्षरण बेहद चिंताजनक है: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, "आज जब हम संविधान दिवस मना रहे हैं, ऐसे में यह देखना निराशाजनक है कि हमारे देश में सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय को अभूतपूर्व खतरों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गरिमा, जीवन, आजीविका और पूजा स्थलों पर हमला किया जा रहा है, जो संविधान द्वारा हर नागरिक के लिए समान अधिकारों और सम्मान की गारंटी का उल्लंघन है, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो।" उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा,"उत्तर प्रदेश के संभल में हाल ही में हुई हिंसा, जिसमें चार निर्दोष लोगों की जान चली गई, इस कड़वी सच्चाई की दर्दनाक याद दिलाती है। मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजने का यह चलन सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद जारी है कि सभी धार्मिक स्थलों पर 1947 जैसी ही स्थिति बनी रहनी चाहिए।" पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन का क्षरण बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा, "जब तक हम जो भारत के विचार में विश्वास करते हैं, इन मूल्यों की रक्षा के लिए नहीं उठ खड़े होते, तब तक हमारे राष्ट्र के सामने अपनी विशिष्ट पहचान खोने और अपने पड़ोसियों से अलग न रह जाने का खतरा बना रहेगा।" वहीं, जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान दिवस पर संविधान निर्माताओं के योगदान को याद किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "संविधान दिवस की शुभकामनाएं। हमारे संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं सभी से संविधान की पवित्रता को बनाए रखने और सामाजिक न्याय, समानता के सिद्धांतों को और मजबूत करने और समाज की शांति प्रगति के लिए खुद को समर्पित करने की अपील करता हूं।" ज्ञात हो कि संविधान के 75 वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पीएम मोदी ने संविधान की ऐतिहासिक यात्रा और गौरवशाली विरासत का सम्मान करने के लिए एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया है। recent visitors 88

धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों का जिक्र किया, कहा-एकजुट हो जाओ वरना मंदिर मस्जिद बन जाएंगे

मऊरानीपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा का मंगलवार को छठा दिन है। यात्रा झांसी के मऊरानीपुर से घुघसी गांव तक पहुंची। यात्रा में बढ़ते हुए भक्तों का उत्साह और जोश साफ दिखाई दे रहा है। इस दौरान शास्त्री ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे, जिनमें संभल हिंसा, चिन्मय दास मामले और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चर्चा की। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हमले हो रहे हैं और वहां की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत के हिंदुओं से अपील की और कहा, "हम अपने लिए नहीं मर रहे हैं, अगर हम नहीं जागे तो एक-एक करके आपके मंदिर और मस्जिद में बदल जाएंगे।" हिंदुओं से आवाज उठाने की अपील बांग्लादेश में इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास (चिन्मय प्रभु) को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चिन्मय प्रभु ने शेख हसीना की सरकार के खिलाफ और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई थी। पिछले शुक्रवार को उन्होंने रंगपुर में एक विरोध रैली भी की थी, जिसमें बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप था। बांग्लादेश पुलिस ने चिन्मय प्रभु को गिरफ्तार किया है। शास्त्री का बयान चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद, धीरेंद्र शास्त्री ने इस मामले पर कहा, "बांग्लादेश के हिंदू अगर कायर होंगे तो उन्हें कोई नहीं छुड़वा पाएगा। अगर हमारी बात बांग्लादेश के हिंदुओं तक पहुंचे, तो जैसे यहां भारत में पदयात्रा हो रही है, वैसे ही वे भी सड़कों पर उतरकर अपनी संस्कृति के रक्षक को बचाएं। अगर बांग्लादेश के हिंदू इस मामले में नहीं उठेंगे, तो उनके मंदिर एक-एक कर मस्जिदों में बदल जाएंगे, और उनकी बहन-बेटियां या तो धर्म परिवर्तन करेंगी या फिर मारी जाएंगी।" भारत के हिंदुओं को चेतावनी धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि भारत के हिंदुओं को बांग्लादेश के हालात को समझना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम अपने लिए नहीं मर रहे हैं। हम 100 करोड़ हिंदुओं की सुरक्षा और एकता के लिए इस यात्रा को कर रहे हैं। हम बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़े हैं, और हमें उनका समर्थन करना चाहिए। अगर हम चुप रहे तो भविष्य में कोई हमारे लिए आवाज नहीं उठाएगा।"   भारत के हिंदुओं को एकजुट होने की अपील शास्त्री ने यह भी कहा कि हिंदू समाज को जात-पात की बेड़ियों से बाहर निकलकर एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा, "हम सड़कों पर, गांव-गांव, गली-गली में हिंदू समुदाय को जागरूक कर रहे हैं। हमारी यह यात्रा केवल भारत में हिंदू एकता के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए भी है। हम बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़े हैं और उनकी मदद करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।" धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा प्रमुख रूप से उभर कर सामने आया। उन्होंने भारतीय हिंदुओं से अपील की कि वे एकजुट होकर अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए आगे आएं। यात्रा के दौरान, शास्त्री ने यह भी कहा कि अगर बांग्लादेश में हिंदू आवाज नहीं उठाएंगे तो वहां की स्थिति और भी बिगड़ सकती है।   recent visitors 94

प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा, स्वच्छ कुंभ के साथ डिजिटल कुंभ के भी दर्शन होंगे: योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि प्रयागराज में अगले साल जनवरी में शुरु होने वाले महाकुंभ में श्रद्धालुओं को स्वच्छ कुंभ के साथ डिजिटल कुंभ के भी दर्शन होंगे। योगी ने कहा कि पहले कुंभ मेले के प्रभारी मंत्री का दायित्व ऐसे लोगों को मिलता था, जिनके भीतर श्रद्धा तक नहीं थी। हम सबने कुंभ को गंदगी, भगदड़ व अव्यवस्था का पर्याय बना दिया था। कुंभ मेले के प्रभारी मंत्री का दायित्व भी ऐसे लोगों को दिया जाता था, जिन लोगों में श्रद्धा, परंपरा, संस्कृति व विरासत के प्रति का सम्मान नहीं था, लेकिन हमने विरासत के प्रति सम्मान, श्रद्धा का भाव रखा। प्रयागराज कुंभ की व्यवस्था को देखकर 2019 में यूनेस्को ने मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में कुंभ को मान्यता दी है।         13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा महाकुंभः योगी   सीएम योगी ने बताया कि प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा। 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा का स्नान होगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति का शाही स्नान होगा। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी 3 फरवरी, 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा व 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान होगा। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक आयोजन में से एक प्रयागराज कुंभ का आयोजन इस बार 45 दिन का होगा। योगी ने विकास, विरासत व महाकुंभ को लेकर हो रहे मीडिया समूह के इस कार्यक्रम को सकारात्मक सोच का परिचायक बताया। उन्होंने महाकुंभ-2025 को लेकर सरकार की तैयारियों पर भी प्रकाश डाला। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही है। 2019 कुंभ में 23-24 करोड़ श्रद्धालु आए थे। इस बार 45 दिन में 35-40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। वायु, रेल के साथ ही सड़क मार्ग के जरिए प्रयागराज फोर व सिक्स लेन से जुड़ सके। इसकी तैयारी भी युद्ध स्तर पर चल रही है। कुंभ के क्षेत्रफल में भी विस्तार किया गया है। महाकुंभ का क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर में होगाः योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 कुंभ का क्षेत्रफल 3200 हेक्टेयर था, 2025 महाकुंभ का क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर में होगा। इसे 25 सेक्टर में विभाजित किया है। इसके अलावा पाकिर्ंग की भी सुविधा होगी। सरकार इंतजाम कर रही है कि संगम तट तक पहुंचने के लिए डेढ़-दो किमी. से अधिक की यात्रा न करनी पड़े। सरकार ने अलग-अलग रूट पर 1850 हेक्टेयर से अधिक में पाकिर्ंग स्थल चिन्हित किया है। यह स्थल संगम तट से दो से पांच किमी. के दायरे में होंगे। वहां से इलेक्ट्रॉनिक, परिवहन निगम के 7000 बस से कुंभ स्थल तक लाने की व्यवस्था होगी। 2019 कुंभ में 9 रोड फ्लाईओवर व 6 अंडरपास बनाए गए थे। इस बार 14 रोड ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। गत कुंभ में चार पक्के घाट थे, महाकुंभ में 9 पक्के स्नान घाट बनाए जा रहे हैं। इन पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। 30 नवंबर तक इन कार्यों को संपन्न कर लिया जाएगा। रिवर फ्रंट का भी निर्माण हो रहा है। इस बार 550 शटल बस लगाई जाएंगी। बस स्टैंड भी सात स्थान पर बनाए गए हैं। सड़क चौड़ीकरण के द्दष्दिगत सिंगल लेन को डबल लेन, टू लेन की सड़क फोर, फोर लेन को सिक्स लेन बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।      recent visitors 93

भारत की एकजुटता को बनाए रखने में बाबा साहेब अंबेडकर का योगदान महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान दिवस पर लंदन स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर हाउस में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भारतीय संविधान की प्रति लेकर पहुंचे और उनके साथ प्रवास पर गए दल के सदस्यों के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर्स बुक में अपने विचार अंकित किए तथा संग्रहालय का अवलोकन भी किया। उल्लेखनीय है कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने अध्ययन के लिए लंदन आने पर इस भवन में वर्ष 1921-1922 में निवास किया था। डॉ. अंबेडकर, अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर आगे बढ़ने के श्रेष्ठतम उदाहरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत यदि आज एकजुट है, तो इसमें बड़ा योगदान श्रद्धेय बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का है, जिन्होंने समय रहते उस बीमारी को पहचाना, जिसके कारण समाज में फूट या अलगाव उत्पन्न होने की संभावना थी। विभिन्न कठिनाइयों के बावजूद, व्यक्ति अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर कैसे आगे बढ़ सकता है, डॉ. अंबेडकर इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। उन्होंने जातिगत भिन्नता और विषमता से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को भांपकर देश की एकजुटता बनाए रखने के प्रयास किए। 26 नवंबर को होती है संविधान सभा के सदस्य डॉ. गौर की जयंती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के संदर्भ में 26 नवंबर संविधान दिवस का विशेष महत्व इस कारण भी है, क्योंकि सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक और संविधान सभा के सदस्य डॉ. हरिसिंह गौर की आज ही जयंती भी है। डॉ. गौर ने अपनी संपूर्ण सम्पत्ति सागर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दान दी थी। सागर विश्वविद्यालय ने बुंदेलखंड क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाकर क्षेत्रवासियों की प्रगति का पथ प्रशस्त किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा‍कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस पहल से जनसामान्य को बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन और विचारों को जानने-समझने और देखने का अवसर प्राप्त हुआ है। संविधान में बताए मार्ग पर चलने से ही संविधान की आत्मा के साथ होगा न्याय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संविधान की मूल भावना से प्रदेशवासियों को अवगत कराने के उद्देश्य से वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। जन-सामान्य को संविधान के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर उपलब्ध हो रहा है। संविधान की आत्मा के साथ न्याय तब होगा जब हम देश भक्ति से सराबोर होकर संविधान में बताए मार्ग पर चलेंगे। "हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान" की थीम पर वर्षभर प्रदेश में कार्यक्रम होंगे। गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने देशवासियों से संविधान दिवस पर संविधान की शपथ लेने और संपूर्ण वर्ष इससे संबंधित उत्सव मनाने का आहवान किया है। संविधान की महिमा को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संविधान से संबंधित कार्यक्रम चार स्तंभों पर आयोजित किए जाएंगे। संविधान की प्रस्तावना को समझने के लिए लोग सक्षम बनें, अपने संविधान को लोग जाने, संविधान का‍निर्माण होने में जो परिश्रम, विचार-विमर्श हुआ, जो कठिनाई आयी, यह भी सभी के सामने आना चाहिए। हमारा संविधान केवल भाषा या विचार ही नहीं है, इसमें चित्रों का संग्रह भी है। यह संविधान की महिमा को उत्सव के रूप में मनाने का प्रयास है। संविधान दिवस पर लंदन के अंबेडकर हाउस आना सुखद संयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में फरवरी माह में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों और उद्योग समूहों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से लंदन यात्रा के दौरान यह सुखद संयोग निर्मित हुआ कि संविधान दिवस पर उस भवन में आने का अवसर प्राप्त हुआ, जहां बाबा साहेब अंबेडकर लंदन प्रवास के दौरान रहे थे।   recent visitors 165

नए शाल से माता वैष्णोदेवी दर्शन होगा हाईटेक, मिलेंगी डिजिटल सुविधाएं, भक्तों की हुई मौज

नई दिल्ली नए साल से माता वैष्णो देवी जाने वाले भक्तों के लिए कई नई और लग्जरी सुविधाएँ शुरू की जा रही हैं। खासकर भैरव घाटी में नव विकास का एक विस्तृत प्लान तैयार किया गया है, जिसमें भैरव मंदिर में लंगर सेवा भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, दर्शन में समय कम करने के लिए भीड़ प्रबंधन पर काम चल रहा है। जैसे ही रोपवे शुरू होगा, इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिसके लिए रास्ते को चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए सीमा सड़क संगठन का सहयोग लिया जाएगा। डिजिटल युग में डिजिटल सुविधाएं कटरा यात्रा के दौरान श्रद्धालु अब ऑनलाइन पंजीकरण, पूजा, आवास, चॉपर, बैटरी कार और रोपवे जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा, अब भक्तों को डिजिटल लॉकर की सुविधा भी मिल रही है, जिसमें वे अपनी ज़रूरी वस्तुएं रख सकते हैं। भवन पर स्थित तृप्ति भोजनालय में भी अब डिजिटल ऑर्डरिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, सभी प्रसाद दुकानों को इंटरनल नेटवर्किंग से जोड़ा जा रहा है ताकि समय और ऊर्जा की बचत हो सके और इसे अन्य परियोजनाओं में लगाया जा सके। वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु किसी भी सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। भक्तों के लिए हेल्थ एटीएम और स्वास्थ्य सुविधाएं यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने विशेष प्रबंध किए हैं। पूरे मार्ग पर 8 औषधालय स्थापित किए गए हैं, जहाँ दिन-रात 30 लोग ड्यूटी पर रहते हैं। गंभीर मामलों के लिए, आधे घंटे के अंदर एम्बुलेंस द्वारा श्रद्धालु को भवन से कटरा पहुँचाने का प्रावधान है। इसके अलावा, कटरा और जम्मू के बीच मल्टीस्पेशल अस्पताल से अनुबंध किया गया है और ऑनलाइन परामर्श की सुविधा भी दी जा रही है। सबसे खास बात यह है कि इलाज के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है और पंजीकरण के दौरान पांच लाख का बीमा कवर भी दिया जाता है, जो गंभीर इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्थ एटीएम की भी व्यवस्था की गई है, जहाँ 15 प्रकार के टेस्ट किए जा सकते हैं और यदि समस्या गंभीर हो, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श भी लिया जा सकता है। एलजी मनोज सिन्हा की तीखी नज़र श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बोर्ड के कार्यों पर लगातार नजर रखते हैं। वे हर महीने एक बार श्री वैष्णो देवी दर्शन के लिए आते हैं और वहां चल रही परियोजनाओं का रिव्यू करते हैं। इस दौरान, वे श्रद्धालुओं से सीधे बात करते हैं और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद, अगले महीने के एजेंडे का निर्धारण कर बोर्ड प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। उन्होंने पुजारियों के मंत्रोच्चारण पर विशेष ध्यान दिया है। अटका आरती में मंत्रोच्चारण को शामिल करने का विचार भी उनका ही था। श्राइन बोर्ड ने एक गुरुकुल भी स्थापित किया है, जहां छात्रों को संस्कृत और वेदों की शिक्षा दी जाती है। इस गुरुकुल पर सालाना 6 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। अब इस गुरुकुल के छात्र पुजारियों के रूप में तैनात किए जा रहे हैं, ताकि मंत्रोच्चारण की पद्धति में किसी प्रकार का समझौता न हो। recent visitors 69

अब सफाई कर्मचारियों की मासिक सैलरी 16 हजार से बढ़कर 26 हजार हुई, दुर्घटना बीमा भी दिया जाएगा

हरियाणा हरियाणा सरकार ने सफाई कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में सफाई कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की। अब सफाई कर्मचारियों की मासिक सैलरी 16,000-17,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000-27,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इस वेतन वृद्धि के साथ ही सफाई कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ के रूप में दुर्घटना बीमा भी दिया जाएगा। यह फैसला सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें सफाई कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। राजस्थान: बड़ी भर्तियों की तैयारी राजस्थान में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया ने ध्यान आकर्षित किया है। राज्य के 185 नगरीय निकायों में 23,820 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। यहां कर्मचारियों को शुरुआती वेतन 18,900 रुपये मिलेगा, जो स्थायी नियुक्ति के बाद 56,800 रुपये तक जा सकता है। चयन प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी की जाएगी। इस पहल को राज्य की स्वच्छता सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मध्य प्रदेश: अस्थायी से स्थायी सफाई कर्मचारी मध्य प्रदेश सरकार ने भी सफाई कर्मचारियों के लिए सुधारात्मक कदम उठाए हैं। 2007 से 2016 तक काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में सफाई कर्मचारियों को 8,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलता है, जो स्थायी होने पर 18,000 रुपये तक बढ़ जाएगा। इसके अलावा, गंभीर बीमारियों या नौकरी के दौरान मृत्यु की स्थिति में परिवार को अनुकंपा के आधार पर नौकरी का प्रावधान भी किया गया है।   बिहार: नई भर्तियों की संभावना बिहार में सफाई कर्मचारियों का वेतन 12,000 रुपये से 23,700 रुपये प्रति माह के बीच है। राज्य सरकार जल्द ही नगर निगमों में बड़े पैमाने पर भर्तियां करने की योजना बना रही है। यह कदम बिहार की सफाई सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश: वेतन वृद्धि की मांग और प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को वर्तमान में 14,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलता है। हाल ही में कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने और न्यूनतम दैनिक मजदूरी लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।   हर राज्य सफाई कर्मचारियों के मुद्दों को अपनी प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की कोशिश कर रहा है। हरियाणा और राजस्थान में सुधारात्मक कदमों ने अन्य राज्यों के लिए उदाहरण पेश किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार में कर्मचारी अब भी अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि सफाई कर्मचारियों की भूमिका को समझते हुए सरकारों को उनकी सुविधाओं और वेतन में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। recent visitors 75

अगर पार्टियां पंथ को देश से ऊपर रखती हैं तो हमारी स्वतंत्रता दूसरी बार खतरे में पड़ जाएगी: जगदीप धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को याद करते हुए कहा कि अगर पार्टियां पंथ को देश से ऊपर रखती हैं तो हमारी स्वतंत्रता दूसरी बार खतरे में पड़ जाएगी। संविधान को अंगीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर साल भर चलने वाले समारोहों की शुरुआत के लिए पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने आगाह किया कि रणनीति के तहत व्यवधान पैदा करना लोकतंत्र के लिए खतरा है। धनखड़ ने कहा, ‘‘यह समय रचनात्मक संवाद, बहस और सार्थक चर्चा के माध्यम से हमारे लोकतांत्रिक मंदिरों की पवित्रता को बहाल करने का समय है ताकि हमारे लोगों की प्रभावी ढंग से सेवा की जा सके।’’ इस बात का उल्लेख करते हुए कि संविधान ने निपुणता से लोकतंत्र के तीन स्तंभों (विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) को स्थापित किया है और प्रत्येक की एक परिभाषित भूमिका है, धनखड़ ने कहा, ‘‘लोकतंत्र का सबसे अच्छा पोषण तब होता है जब उसके संवैधानिक संस्थान अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों का पालन करते हुए समन्वय, तालमेल और एकजुटता से काम करें।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के इन अंगों के कामकाज में, क्षेत्र विशिष्टता भारत को समृद्धि और समानता की अभूतपूर्व ऊंचाइयों की ओर ले जाने में इष्टतम योगदान देने का सबसे अच्छा साधन है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा में सदन के नेता जे पी नड्डा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे (राज्यसभा) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू मंच पर मौजूद थे। इस अवसर पर भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया। साथ ही ‘भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक’ और ‘भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा’ शीर्षक वाली पुस्तकों का विमोचन किया गया। राष्ट्रपति ने संविधान के संस्कृत और मैथिली अनुवादों का अनावरण किया। यह समारोह ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान’ अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संविधान में निहित मूल मूल्यों को दोहराते हुए संविधान के निर्माताओं के योगदान का सम्मान करना है।   recent visitors 78