CM मोहन ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख सहायता राशि देने की घोषणा

CM Mohan expressed grief, announced to give Rs 2 lakh each as compensation to the families of the deceased भोपाल। मध्य प्रदेश के मुरैना ब्लास्ट की घटना पर सीएम डॉ मोहन यादव ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुरैना जिले के थाना कोतवाली अंतर्गत राठौर कॉलोनी में कल देर रात एक मकान में अचानक विस्फोट की घटना से आसपास के मकान भी क्षतिग्रस्त होने से 4 लोगों की असामयिक मृत्यु एवं 5 लोगों के घायल होने की दुखद खबर प्राप्त हुई है। मेरी शोक संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ है। प्रशासन की तत्परता से घायलों को ग्वालियर रेफर कर शीघ्र उपचार मिलने से अब सभी पूर्णतः स्वस्थ है। इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मूल कारणों का पता लगाने के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित भी किया है, मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए है। बता दें कि सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के राठौर कॉलोनी टंच रोड में सोमवार की रात करीब 12 बजे एक मकान में विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना भयानक था कि इसने दो मकान को अपनी चपेट में ले लिया। 3 मकान पूरी तरह से धराशाई हो गए। इस घटना में 4 महिलाओं की मौत हो चुकी है। जबकि पांच लोग घायल है।   recent visitors 158

दबंग सरपंच ने दलित युवक को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

The domineering Sarpanch beat the Dalit youth to death शिवपुरी ।  शिवपुरी जिले में सरपंच और उसके परिजनों ने एक दलित युवक को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. खेत में पानी लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते मौत तक पहुंच गया. घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया काफी वायरल हो रहा है, जिसमें दबंग सरपंच अपने परिजनों के साथ मिलकर युवक को जमीन पर गिरा-गिराकर पीटते हुए नजर आ रहा है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है. शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाने के तहत आने वाले इंदरगढ़ गांव में सुभाषपुरा के सरपंच और उसके लोगों ने एक युवक को बेरहमी मौत के घाट उतार दिया. ग्वालियर का रहने वाला विष्णु जाटव (27) अपने मामा के यहां आया हुआ था. इसी दौरान वह 26 नवम्बर को खेत में पानी लगा रहा था. खेत में पानी लगाने के दौरान अचानक से सरपंच पदम सिंह धाकड़ और उसके परिजन बेताल धाकड़, जसवंत धाकड़, अवधेश धाकड़, अंकेश धाकड़, मोहर पाल धाकड़, दाखा बाई धाकड़ और विमल धाकड़ भी मृतक के मामा के खेत पर पहुंच जाते हैं. सरपंच समेत आठ लोगों पर दर्ज की जा रही FIR मामले की जानकारी देते हुए सुभाषपुरा थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर सरपंच और उसके आठ परिजनों पर हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है. जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. recent visitors 256

दिल्ली में अफसरों को आप पार्टी के वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से काटने का आदेश, दिल्ली की CM आतिशी का बड़ा दावा,

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने विधानसभा चुनाव से पहले सनसनीखेज दावा किया है। आतिशी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में अफसरों को आम आदमी पार्टी (आप) के वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से काटने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बकायदा लिस्ट सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि एक डीएम ने अपने तहत आने वाले हर विधानसभा में 20 हजार वोटर्स का नाम काटने को कहा है। आतिशी ने कहा कि उन्हें कई बीएलओ ने यह जानकारी दी है। आतिशी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार दिल्लीवालों के लिए बहुत बड़ी साजिश रच रही है। आने वाले दिल्ली के विधानसभा चुनाव को गलत तरीके से जीतने के प्रयास में केंद्र सरकार लोकतंत्र का हनन करने के लिए तैयार है। बहुत बड़े स्तर पर सरकारी तंत्र के माध्यम से केंद्र सरकार दिल्लीवालों के वोट काटने का काम शुरू कर रही है। यह सिस्टमैटिक तरीके से चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसका पहला कदम था 28 अक्टूबर को दिल्ली में 29 एसडीएम के ट्रांसफर का आदेश, जोकि केंद्र सरकार और एलजी के हाथ में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तबादले के बाद अफसरों को बड़े स्तर पर वोट काटने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से कई बीएलओ ने संपर्क करके उन्हें बताया कि वोट काटने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। आतिशी ने कहा कि एक डीएम, जिनके क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें हैं, ने अपने हर असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एईआरओ) को 20 हजार वोटर्स की लिस्ट दी है और नाम काटने को कहा है। उन्हें कहा गया है कि यह लिस्ट केंद्र सरकार ने पार्टी के माध्यम से एकत्रति की है, जो-जो आम आदमी पार्टी के वोटर्स हैं उनकी लिस्ट बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक एसडीएम ने अपने सभी बीएलओ को कहा कि केंद्र सरकार पार्टी के माध्यम से वोटर लिस्ट देगी। जो वोटर आम आदमी पार्टी के वोटर हैं उनके नाम दिए जाएंगे, बीएलओ को उनके नाम को वोटर लिस्ट से काटना है। उन्हें यह भा कहा गया है कि कोई नया वोट नहीं बनवाना है। यह आदेश सरकारी तंत्र की ओर से बीएलओ को दिए जा रहे हैं, क्योंकि भाजपा को पता है कि वह चुनाव हार रही है। केंद्र सरकार के गलत इस्तेमाल के अलावा उनके पास चुनाव जीतने का कोई रास्ता नहीं है। आतिशी ने कहा, 'मैं दिल्ली के सभी एसडीए, एडीएम, एईआरओ, बीएलओ से कहना चाहती हूं कि मुझे पता है कि आपको डराया जा रहा है कि आपका करियर केंद्र सरकार के हाथ में है, बात नहीं मानी तो तलवार गिर जाएगी। लेकिन मैं सबसे अपील करना चाहती हूं कि कोई भी अफसर आपको गलत तरीके से वोट काटने को कहे, आपको नए वोट बनवाने से मना करे तो आप उनकी रिकॉर्डिंग कर लें और मुझे भेजना। उन अफसरों पर ऐक्शन हम लेंगे।' recent visitors 92

बांग्लादेश में हिंदू प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज की और साउंड ग्रेनेड भी दागे

चटगांव बांग्लादेश में इस्कॉन के महंत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद माहौल काफी गर्माया है। दरअसल चटगांव की एक अदालत ने मंगलवार को चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। जमानत खारिज किए जाने के बाद दास के समर्थनों ने इसका विरोध किया है और बांग्लादेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध के प्रदर्शनकारियों ने अदालत परिसर में प्रिजन वैन को घेर लिया और करीब ढाई घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंदू प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज की और साउंड ग्रेनेड भी दागे। पुलिस वैन को समर्थकों ने घेरा चिन्मय कृष्ण को सुबह करीब साढ़े दस बजे अदालत में पेश किया गया था। सुनवाई के बाद दोपहर 12:20 बजे उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में सोमवार को उन्हें ढाका से गिरफ्तार किया गया था। जब पुलिस उन्हें प्रिजन वैन में लेकर जा रही थी, तो उनके सैकड़ों समर्थकों ने वैन को घेर लिया और सड़क पर लेटकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के बार-बार अनुरोध के बावजूद समर्थक टस से मस नहीं हुए और चिन्मय कृष्ण की रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने लाठीचार्ज, साउंड ग्रेनेड भी दागे स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और बॉर्डर गार्ड्स ने दोपहर करीब 2:50 बजे लाठीचार्ज किया और साउंड ग्रेनेड फेंककर भीड़ को तितर-बितर किया। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रिजन वैन के टायर की हवा निकाल दी, जिसके बाद पुलिस ने चिन्मय कृष्ण को अपनी गाड़ी में बैठाकर चटगांव जेल भेजा। चटगांव पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त (प्रॉसिक्यूशन) मोफिजुर रहमान ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद चिन्मय कृष्ण को जेल भेजा जा रहा था, लेकिन उनके समर्थकों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को मजबूरन बल का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने की खबर है। क्या है पूरा मामला? 31 अक्टूबर को चटगांव के कोतवाली थाने में चिन्मय कृष्ण दास और 18 अन्य के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। यह मामला चांदगांव मोहल्ला वार्ड के बीएनपी नेता फिरोज खान ने दायर किया था। हालांकि, बाद में फिरोज खान को बीएनपी से बर्खास्त कर दिया गया। चिन्मय कृष्ण के वकील स्वरूप कांति नाथ ने बताया कि उनकी जमानत के लिए महानगर सत्र न्यायालय में अपील की गई है, जिसकी सुनवाई बुधवार को होगी। recent visitors 106

बमोरी के पन्हेटी गांव में वनभूमि पर कब्जे को लेकर भील और बंजारा समुदाय के बीच विवाद, 12 घरों में लगाई आग

गुना जिले के फतेहगढ़ थानाक्षेत्र के पन्हेटी गांव में भील समुदाय के लोगों ने बंजारा समाज के घरों में आग लगा दी। इस आगजनी में 12 घरों के साथ टपरे, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, राशन, सर्दी के कपड़े भी खाक हो गए। घटना के समय ग्रामीण खेतों में मजदूरी के लिए गए थे अन्यथा माल के साथ जनहानि भी हो सकती थी। इधर, सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। फिलहाल हालात नाजुक बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार बमोरी तहसील के पन्हेटी गांव में वनभूमि पर कब्जे को लेकर भील और बंजारा समुदाय के बीच विवाद चला आ रहा है। दीपावली के दिन भी दोनों समुदाय आमने-सामने हुए थे, जिसमें दोनों पक्ष से दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। गलसिंह भील का इंदौर और कल्लू बंजारा का भोपाल में इलाज चल रहा था। लेकिन सोमवार रात गलसिंह भील की इंदौर में मौत हो गई। इससे गुस्साए भील समुदाय के 30-35 लोगों ने मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे बंजारा समाज के घरों व टपरों में आग लगा दी। इससे दो ट्रैक्टर, पांच बाइक, राशन, सर्दी के कपड़े और खलिहान में रखी फसल जलकर खाक हो गई। इतना ही नहीं, पानी के बोरों को भी पूर दिया गया।   इधर, सूचना पर फतेहगढ़ थाना की पुलिस गांव पहुंची, तो घुसने नहीं दिया और पुलिस वाहनों पर पथराव कर दिया। इससे वापस लौटना पड़ा। इसके बाद जिला मुख्यालय के अलावा आसपास के थानों से बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है। लेकिन भील समुदाय के लोगों का गांव के मंदिर पर एकत्रित होने से हालात फिलहाल नाजुक बने हुए हैं, जिसके चलते पुलिस भी तैयारी में है। पुलिस के पहुंचने से पहले लगा दी थी घरों में आग एसडीओपी विवेक अष्ठाना ने बताया कि दिवाली के दिन बंजारा और भील समुदाय में वनभूमि पर कब्जे को लेकर आमने-सामने हुए थे। इस दौरान पुलिस ने आठ नामजद और अज्ञात के खिलाफ क्रास मामला दर्ज किया था। सोमवार रात उक्त मारपीट में घायल और इंदौर में उपचाररत गलसिंह भील की मौत हो गई। इस सूचना पर मंगलवार को पन्हेटी गांव में आसपास के थानों का बल गांव में पहुंचाया था, लेकिन उससे पहले भील समुदाय के करीब 30-35 लोगों ने बंजारा समाज के 12 घरों में आग लगा दी। इस दौरान बंजारा समाज के लोग खेतों में मजदूरी को गए थे। फिलहाल गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। जिन घरों में नुकसान हुआ है, उनकी तरफ से रिपोर्ट कराने पर मामला पंजीबद्ध कर विवेचना करेंगे। वनभूमि पर कब्जे को लेकर बंजारा और भील समुदाय के बीच विवाद है। पिछले दिनों दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें घायल गलसिंह भील की बीती रात इंदौर में मृत्यु हो गई। इसके बाद भील समुदाय ने मंगलवार सुबह बंजारा समाज के घरों और सामान को आग लगा दी। फिलहाल दमकल बुलाकर आग पर काबू पा लिया गया है।शिवानी पांडे, एसडीएम गुना-बमोरी recent visitors 61

आरोपियों ने महिला को लगभग एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा, की 3.8 करोड़ रुपये की ठगी

मुंबई मायानगर मुंबई में एक 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 3.8 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। महिला अपने पति के साथ दक्षिण मुंबई इलाके में रहती है। आरोपियों ने महिला को लगभग एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा। माना जा रहा है कि यह सबसे लंबी अवधि तक डिजिटल अरेस्ट रखने का पहला मामला है। ठगों ने महिला को अपनी पहचान आईपीएस अधिकारियों के तौर पर बताई। करोड़ों रुपये की ठगी के बाद जब महिला को रकम वापस नहीं मिली तो उसने मामले की जानकारी अपनी बेटी को दी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पार्सल के नाम पर की ठगी बुजुर्ग महिला के मुताबिक सबसे पहले उसके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि ताइवान भेजा गया आपका पार्सल रोक लिया गया है। जालसाज ने कहा कि उसमें आपत्तिजनक सामान मिला है। इसके बाद उसने फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार करने की धमकी दी। महिला के पूछने पर शख्स ने कहा कि पार्सल में बैंक कार्ड, पांच पासपोर्ट, चार किलो कपड़े और एमडीएमए ड्रग्स मिला है। बुजुर्ग महिला ने कहा कि उसने कोई पार्सल ताइवान नहीं भेजा है। इसके बाद जालसाज ने नया दांव चला। उसने कहा कि आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है। आपको मुंबई पुलिस के अधिकारी से संपर्क करना होगा। क्राइम ब्रांच का फर्जी नोटिस भी भेजा खबर के मुताबिक जालसाज ने महिला की कॉल को एक फर्जी पुलिस अधिकारी के पास ट्रांसफर किया। उसने बताया कि आपका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से जुडा है। शातिरों ने महिला को एक नोटिस भी भेजा। इसमें क्राइम ब्रांच की फर्जी मुहर लगी थी। यहीं से बुजुर्ग महिला को आरोपियों पर यकीन होने लगा। मगर उसे क्या पता था कि वह एक जाल में फंस रही है। स्काइप एप डाउनलोड कराया जालसाजों ने महिला को स्काइप एप डाउनलोड कराया। वीडियो कॉल पर एक शख्स ने अपनी पहचान आईपीएस अधिकारी आनंद राणा के तौर पर बताई। फर्जी आईपीएस ने महिला से बैंक खाते की डिटेल्स मांगी। कुछ ही देर में एक और फर्जी आईपीएस वीडियो कॉल में प्रकट हुआ। उसने अपना नाम वित्त विभाग से आईपीएस जॉर्ज मैथ्यू बताया। आरोपियों ने महिला से कहा कि आपको पैसे ट्रांसफर करने होंगे। अगर जांच में आप बेकसूर मिली तो आपकी रकम को लौटा दी जाएगी। ठगों के छह खाते सीज आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को 24 घंटे वीडियो कॉल की निगरानी में रखा। कॉल कटने पर प्रताड़ित किया। बार-बार उसे वीडियो कॉल पर बने रहने को कहा जाता था। यह सिलसिला लगभग एक महीने तक चलता रहा। इस दौरान आरोपियों ने महिला से 3.8 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। महिला के दो बच्चे विदेश में रहते हैं। वह अपने सेवानिवृत्त पति के साथ घर में रहती है। बेटी की सलाह पर महिला ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर मामले की जानकारी दी। इसके बाद आरोपियों के छह खातों को सीज कर दिया गया है। recent visitors 97

कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस के प्रदर्शन और नेतृ्त्व पर सवाल उठाया, कहा-गठबंधन तो है, मगर परिणाम अपेक्षित नहीं, बड़ी विफलता

नई दिल्ली महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को मिली करारी हार के बाद अब सहयोगी दल भी सवाल उठाने लगे हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस के प्रदर्शन और नेतृ्त्व पर सवाल उठाया। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस हरियाणा और महाराष्ट्र में उम्मीदों के मुताबिक परिणाम लाने में विफल रही है। हमें कांग्रेस से बहुत उम्मीद थी कि वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। बनर्जी ने कहा कि I.N.D.I.A गठबंधन तो है, मगर परिणाम अपेक्षित नहीं हैं। यह कांग्रेस की बड़ी विफलता है। आज अगर भाजपा से लड़ना है तो जरूरी है कि I.N.D.I.A मजबूत हो। और इसे मजबूत बनाने के लिए एक नेता की आवश्यकता है। अब नेता कौन हो सकता है? यही मूल प्रश्न है। कांग्रेस ने हर तरह के प्रयोग किए। मगर सफलता नहीं मिली। महायुति को मिला प्रचंड बहुमत महाराष्ट्र की कुल 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को मतदान हुआ। 23 नवंबर को नतीजों की घोषणा हुई। महाराष्ट्र की जनता ने महायुति को भारी जनादेश दिया। वहीं विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी को करारी हार का सामना करना पड़ा। महायुति को 236 और महा विकास अघाड़ी को सिर्फ 48 सीटों पर जीत मिली। सबसे अधिक 132 सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया। 57 सीटों पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना और 41 सीटों पर अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने जीत हासिल की है। अगर विपक्ष की बात करें तो सबसे अधिक 20 सीटों पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी), 16 सीटों पर कांग्रेस और महज 10 सीटों पर शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने जीत दर्ज की है। recent visitors 92