India vs China Hockey देश की महिला हॉकी टीम ने तीसरी बार जीता चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब

नई दिल्ली  भारतीय महिला हॉकी टीम ने धांसू प्रदर्शन करते हुए महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम कर ली है. बिहार के राजगीर में यह खिताबी मुकाबला बुधवार (20 नवंबर) को खेला गया, जिसमें भारतीय टीम की टक्कर चीन से थी. इस मैच में भारतीय टीम ने दमदार खेल दिखाया और 1-0 से चीन को शिकस्त दी. इसके साथ ही भारतीय टीम ने तीसरी बार यह खिताब जीता. टीम के लिए एकमात्र गोल 31वें मिनट में दीपिका ने दागा. यह टूर्नामेंट का उनका 11वां गोल रहा. इसके अलावा चीन ने कई बार गोल दागने की कोशिश की, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं हो सकी. इस बार टूर्नामेंट में कोई मैच नहीं हारा भारत पिछला खिताब भी भारतीय टीम ने ही जीता था. ऐसे में यह टीम का लगातार दूसरा खिताब रहा है. मेजबान भारतीय टीम इस बार टूर्नामेंट में अजेय रही है. यह एकमात्र टीम है जिसे अब तक हराया नहीं जा सका है. भारत ने ग्रुप स्टेज में भी अपने सभी मैच जीते हैं. भारतीय टीम ने मंगलवार को सेमीफाइनल में जापान को 2-0 से हराया था. ​दूसरी ओर चीन का भी टूर्नामेंट में रिकॉर्ड अच्छा रहा है. उसे ग्रुप स्टेज में सिर्फ भारतीय टीम से ही हार का सामना करना पड़ा था. चीन ने अपने 5 पूल गेम में से 4 जीते हैं. उसने सेमीफाइनल में मलेशिया को 3-1 से हराया था. इस तरह मौजूदा टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने दूसरी बार चीन को शिकस्त दी. भारतीय महिला टीम ने पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल जीता था. दूसरी ओर हरेंद्र सिंह के हेड कोच रहते हुए भारतीय टीम ने पहला खिताब जीता. इस तरह भारत ने दागा पहला मैच विनिंग गोल मैच का हाफ टाइम दोनों टीमों के बीच बगैर गोल के बराबरी पर रहा था. मगर तीसरे क्वार्टर में दीपिका अपने अलग ही रंग में नजर आईं. 31वें मिनट में दीपिका ने भारतीय टीम का खाता खोला. दरअसल, चीन की गलती के कारण भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला था. सुशीला ने पेनल्टी कॉर्नर से ट्रैप पर गलती की, लेकिन नवनीत को गेंद मिल जाती है, वह डी में जगह बनाकर दीपिका को देती हैं. दीपिका समय लेती हैं और बेहतरीन तरीके से अपना रिवर्स हिट के साथ गोल दागती हैं. इस तरह भारतीय टीम ने मैच और खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम ने ओवरऑल तीसरी बार खिताब अपने नाम किया. मेजबान टीम ने टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की. बिहार सरकार ने महिला हॉकी टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को 10 लाख रुपये का पुरस्कार देने का फैसला किया. चीन की टीम ने पेरिस ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था. भारतीय लड़कियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाया. बिहार सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को टूर्नामेंट के दौरान राजगीर हॉकी स्टेडियम में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 10 लाख रुपये मिलेंगे.’ मुख्य कोच हरेंद्र सिंह और उनके सहयोगी स्टाफ को भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार द्वारा पुरस्कार दिया जाएगा. इसके अलावा मुख्य कोच हरेंद्र सिंह को 10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया जबकि बाकी सहयोगी स्टाफ को पांच-पांच लाख रुपये मिलेंगे.’ हॉकी इंडिया खिलाड़ियों को 3-3 लाख देगा हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये पुरस्कार के तौर पर देने का ऐलान किया. इसके अलावा हॉकी महासंघ ने सपोर्ट स्टाफ के सभी सदस्यों को 1.5 लाख रुपये देने की भी घोषणा की. विजेता बनने पर भारतीय टीम को एशियन हॉकी फेडरेशन की ओर से 10,000 अमेरिकी डॉलर मिले. दीपिका बनीं गोल्डन गर्ल पिछले साल रांची में और 2016 में सिंगापुर में यह खिताब जीत चुकी भारतीय टीम ने जबर्दस्त तालमेल और संयम का परिचय देते हुए चीन को हाशिये पर रखा. पहला हाफ गोलरहित रहने के बाद दूसरे हाफ के पहले ही मिनट में भारत को मिले पेनल्टी कॉर्नर पर दीपिका ने गोल करके खचाखच भरे बिहार खेल यूनिवर्सिटी स्टेडियम में मौजूद दर्शकों में उत्साह का संचार कर दिया. दूसरे हाफ के पहले ही मिनट में भारत को लालरेम्सियामी ने पेनल्टी कॉर्नर दिलाया. इस पर पहला शॉट चूक गया लेकिन गेंद सर्कल के भीतर ही थी और नवनीत की स्टिक से डिफ्लैक्ट होकर दीपिका के पास पहुंची जिसने शानदार फ्लिक से उसे गोल के भीतर डाला. recent visitors 94

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय अध्ययन मंडल की बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन

भोपाल भारत का ज्ञान, हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में "भारत केंद्रित शिक्षा से समृद्ध" आदर्श पाठ्यक्रम निर्माण के लिए, लेखकों में गहन भारतीय दृष्टिकोण की आवश्यकता है। भारतीय दृष्टि के साथ, भारतीय ज्ञान परम्परा समृद्ध पाठ्यक्रम निर्माण करने की आवश्यकता है, इससे शिक्षा के मंदिरों से विद्यार्थियों में स्वत्व एवं राष्ट्र निर्माण का भाव जागृत एवं स्थापित होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल ध्येय, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना है, इसके लिए हम सभी को स्वत्व के साथ अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागृह में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में आयोजित केंद्रीय अध्ययन मंडल की बैठक एवं कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही। मंत्री परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त किए। परमार ने कहा कि पाठ्यक्रम की पहली इकाई में ही "भारतीय ज्ञान परंपरा" का तथ्यपूर्ण समावेश करना है। विद्यार्थियों को यह ज्ञात होना चाहिए कि विश्व मंच पर इतिहास में भारत की क्या साख रही है। भारत का ज्ञान विश्व मंच पर सबसे पुरातन ज्ञान है, ईसा से भी हजारों वर्षों पूर्व, भारतीय समाज में सर्वत्र विद्यमान ज्ञान परम्परा का, पाठ्यक्रमों में भारतीय दृष्टि से परिपूर्ण समावेश करना है। विश्वमंच पर राष्ट्र के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए, हमें हीनभावना से बाहर आकर भारतीय दृष्टि से पाठ्य पुस्तकों में, भारतीय ज्ञान को समाहित करना है। परमार ने कहा कि भारतीय परंपराओ पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर, युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में शोध एवं अनुसंधान की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि विश्व भर में भारत आध्यात्म का केंद्र रहा है। मानवता एवं लोककल्याण, पुरातन से ही भारतीय दृष्टिकोण रहा है। पाठ्यक्रमों में भारतीय दर्शन "वसुधैव कुटुंबकम्" को समावेश करने की आवश्यकता है। हर क्षेत्र में भारतीय ज्ञान का अनंत भंडार है। इतिहास, अर्थशास्त्र, फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं गणित सहित सभी विषयों में भारतीय पुरातन ज्ञान के तथ्यपूर्ण संदर्भों पर शोध एवं अनुसंधान करते हुए, सही परिप्रेक्ष्य में तथ्यपूर्ण संदर्भों को जनमानस के समक्ष लाने की आवश्यकता है। इसके लिए हमारी ज्ञान संपदा को तथ्यों एवं उदाहरण के साथ, सही परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रमों से समावेश करना होगा। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के पूर्व एवं बाद भी, भारतीय गौरव के सन्दर्भों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान पर गर्व होगा और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा मिलेगी। परमार ने कहा कि विद्यार्थियों को मात्र आजीविका उपार्जन के लिए तैयार नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में सहभागिता के लिए, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम निर्माण में विचार मंथन करें। परमार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्या मामा, राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जैसे शूरवीर जनजातीय महापुरुषों एवं नायकों के स्वतंत्रता में दिए बलिदान को, सही परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रमों में समाहित करने की आवश्यकता है। परमार ने कहा कि हर विषय में भारतीय ज्ञान का संदर्भ जुड़ा हुआ है, इसे सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करते हुए पाठयक्रम में समाहित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में गृहिणियों की रसोई, विश्व भर में कुशल प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे असंख्य संदर्भ हमारे समाज में, परम्परा के रूप में विद्यमान हैं। हमारी सभ्यता में कृतज्ञता का भाव सर्वत्र विद्यमान है। हमें अपने ज्ञान, इतिहास, शौर्य, दर्शन, सभ्यता, संस्कृति, उपलब्धियों एवं विरासत पर गर्व करने का भाव जागृत करना होगा। स्वत्व के भाव के साथ पाठ्यक्रम निर्माण में सहभागिता करनी होगी। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष में भारत को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाने के लिए विद्यार्थियों में अपनी मातृभाषा, अपनी सभ्यता, अपने दर्शन एवं अपनी विरासत पर गर्व का भाव जागृत एवं स्थापित करना होगा। इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में भारतीय दृष्टि के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा का, पाठ्यक्रमों में समाहित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। बरबड़े ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवीन ऑर्डिनेंस 14(1) पर विस्तार से चर्चा, भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समाहित करने एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रचलित पाठ्यक्रम में आवश्यक संशोधन करने एवं विद्यार्थी केंद्रित रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम को समाहित किए जाने पर विचार करना है। इस अवसर पर मप्र प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ रविंद्र कान्हेरे सहित केंद्रीय अध्ययन मंडल के सदस्यगण, विभिन शिक्षाविद्, विभागीय अधिकारी एवं प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। डॉ एसपी सिंह ने आभार ज्ञापित किया।   recent visitors 125

प्रदेश स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में शहरों की वायु गुणवत्ता सुधार के लिये माइक्रो लेबल एक्शन प्लान बनाने के निर्देश

भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकेप) अंतर्गत प्रदेश स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में शहरों की वायु गुणवत्ता सुधार के लिये माइक्रो लेबल एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिये हैं। मुख्य सचिव जैन ने एनकेप अंतर्गत चिन्हित प्रदेश के नॉन अटेनमेंट शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास एवं सागर के कलेक्टर कमिश्नर को आगामी बैठक में स्वच्छ वायु के लिये एक्शन प्लान प्रस्तुत करने को कहा है। बैठक में एनकेप अंतर्गत चिन्हित शहरों के कलेक्टर एवं कमिश्नर वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल हुए। आयुक्त नगरीय निकाय एवं आवास ने एनकेप में चिन्हित प्रदेश के नॉन अटेनमेंट शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदेश के शहरों की वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए.क्यू.आई.) की जानकारी प्रतिदिन प्रस्तुत की जा रही है जिसके अनुसार प्रदेश के 07 नॉन-अटेनमेंट शहरों के अतिरिक्त सिंगरौली, मण्डीदीप एवं पन्ना का वायु गुणवत्ता सूचकांक भी खराब से बहुत खराब श्रेणी का आ रहा है। इनके सुधार के लिये गंभीरतापूर्वक माइक्रो लेबल की प्लानिंग करें। उन्होंने उज्जैन, ग्वालियर, देवास एवं सागर द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिये वर्ष 2023-24 की स्वीकृत राशि का शत-प्रतिशत उपयोग नहीं करने पर अप्रसन्नता जताई। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि शहरों के आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं पर तत्काल रोक के लिये माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालनार्थ प्रावधानित दण्ड की कार्यवाही विशेष अभियान चलाकर की जाये। इसके साथ-साथ उनको व्यवहारिक समझाईश (कॉउंसलिंग) देने के लिये समय-समय पर कार्यक्रम भी आयोजित करें। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों द्वारा कचरा एकत्रित करने के पश्चात् ना जलाये जाने के संबंध कॉउंसलिंग करें साथ ही निरन्तर निगरानी रखी जाये। की गई कार्रवाई से आगामी बैठक में अवगत करायें। मुख्य सचिव जैन ने निर्देशित किया कि कृषि विभाग द्वारा वर्तमान में कार्यरत एक्सटेंशन प्रोग्राम में सर्वाधिक फायर इन्सीडेन्स वाले गॉंवों को आवश्यक रूप से शामिल किया जाये तथा इस बावत् विस्तृत कार्ययोजना जिसमें टारगेट एवं एचीवमेंट की जानकारी (संख्यात्मक रूप में) बनाकर आगामी बैठक में प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि एनकेप अन्तर्गत चिन्हित शहरों के लिये वायु गुणवत्ता की विस्तृत जानकारी बावत् प्रतिष्ठित संस्थान से वैज्ञानिक अध्ययन करायें जिससे मुख्य प्रदूषणकारी कारकों की पहचान कर कार्यवाही सुनिश्चित हो सके। मुख्य सचिव जैन ने धूल प्रदूषण नियंत्रण के लिये शहरों में निर्माणाधीन स्थलों पर पानी छिड़काव के लिये स्प्रिक्लर एवं ग्रीन नेट इत्यादि की समुचित व्यवस्था की जाये तथा संबंधितों एजेन्सियों के जागरूकता के लिये समय-समय पर कार्यशालाएं भी आयोजित करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि इन्दौर की तरह शहरों में चिन्हित हाट स्पाट से धूल उडने वाले स्थानों पर नियमित रूप से पानी के छिड़काव के साथ मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का प्रयोग सुनिश्चित करें। वाहनों से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिये तत्काल प्रभाव से पीयूसी नार्मस का पालन कराते हुये प्रथम चरण में पुराने वाहनों (प्रीबीएस एवं बीएस-1) को हटाया जाये तथा द्वितीय चरण में विस्तृत अध्ययन एवं डाटा विश्लेषण पश्चात बीएस-2 वाहनों के लिये यह कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। शहर तथा शहर के बाहर 10 किलोमीटर क्षेत्र एवं प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित इकाईयों द्वारा निर्धारित पर्यावरण संबंधी नियमों का कम्पलाइंस किया जाये, इस बात की सतत् निगरानी की जाये। मुख्य सचिव जैन ने संचालन समिति की बैठकों का आयोजन निर्धारित समय में करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बैठक मुख्य रूप से शीत ऋतु के पूर्व, शीत ऋतु दौरान एवं शीत ऋतु के बाद अनिवार्य रूप से करें। बैठक में वायु-प्रदूषण नियंत्रण के लिये प्रस्तावित योजनाऍं एवं उनके संबंध में की गई कार्यवाही की समीक्षा की जाये। साथ ही वायु प्रदूषण को कम करने के लिये आगामी योजनओं पर भी गंभीरतापूर्वक चर्चा की जा सके।   recent visitors 97

तानसेन समारोह का विस्तार, प्रदेश के साथ ही चार राज्यों में होंगी गतिविधियां

देश में नए उद्योगों और निवेश संवर्धन प्रयासों से सवा तीन लाख से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ यादव 24 से 29 नवंबर तक निवेश बढ़ाने करेंगे जर्मनी और यूके का दौरा तानसेन समारोह का विस्तार, प्रदेश के साथ ही चार राज्यों में होंगी गतिविधियां साबरमती रिपोर्ट के माध्यम से आया है सत्य सामने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उद्योग और निवेश संवर्धन प्रयासों से बड़ी संख्या (सवा तीन लाख) में लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2024 में प्रदेश के विभिन्न संभागों में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के कई नगरों में हुए इंटरैक्टिव सेशन के फलस्वरुप उद्योगों के विकास का वातावरण बना है। प्रदेश में करीब 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपए का निवेश आ रहा है। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग वर्ष होगा। इस नाते इस वर्ष प्रदेश में संपन्न औद्योगिक विकास गतिविधियों का विशेष महत्व रहा। द साबरमती रिपोर्ट से आया सत्य सामने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज "द साबरमती रिपोर्ट" की स्क्रीनिंग भोपाल में हो रही है। फिल्म से गुजरात के गोधरा में वर्ष 2002 में हुई घटना का सच सामने आया है। इस घटना का गलत प्रेजेंटेशन से भी हुआ था। आज अनेक जनप्रतिनिधि इस फिल्म को देखेंगे। मध्यप्रदेश शासन ने इस फिल्म को टैक्स फ्री किया है। तानसेन समारोह का देश भर में विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी 15 से 19 दिसंबर को ग्वालियर के साथ ही प्रदेश में रीवा ,जबलपुर, गुना, दतिया, शिवपुरी, खंडवा और ओरछा में तानसेन समारोह की गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी दी। इस वर्ष प्रदेश के बाहर 4 स्थान जयपुर, बनारस, बड़ौदा और खैरागढ़ में भी तानसेन समारोह की गतिविधियां होंगी। तानसेन समारोह का देश व्यापी विस्तार हुआ है। गुजरात दौरा सार्थक रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज अहमदाबाद में गुजरात सरकार के सीएम डैशबोर्ड और अन्य बेस्ट प्रैक्टिसेज ऊर्जा क्षेत्र ,नवीन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उनका गुजरात दौरा सार्थक रहा। चिंतन बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चिंतन बैठक भी आयोजित की जाएगी। प्रदेश में चिंतन बैठक के आयोजन की तिथियां शीघ्र निर्धारित की जा रही हैं।   recent visitors 71

बीयू के ज्ञान-विज्ञान भवन की बाहरी लोगों को विवाह समारोह की पार्टी हो रही बुकिंग के चलते परिसर में आए दिन गंदगी का अंबार लगा

भोपाल राजधानी में स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय(बीयू) में ज्ञान-विज्ञान भवन का निर्माण किया गया था। इसके पीछे उद्देश्य यही था कि विवि के होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगोष्ठी,कार्यशाला और दीक्षा समारोह का आयोजन ज्ञान-विज्ञान भवन में किया जा सके। साथ ही विवि में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के यहां होने वाले समारोह के लिए जगह उपलब्ध हो सके, लेकिन विवि प्रबंधन इस उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है। आलम यह है कि विवि के दीक्षा समारोह से लेकर अन्य कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कंवेंशन सेंटर या अन्य किसी सभागृह में किए जाते हैं। इसकी वजह से ऐसे कार्यक्रमों में लाखों रुपये खर्च होते हैं। वहीं, बीयू के ज्ञान-विज्ञान भवन की बाहरी लोगों को विवाह समारोह और जन्मदिन की पार्टी के लिए बुकिंग की जाती है। इस कारण विवि परिसर में आए दिन गंदगी का अंबार लग जाता है। बता दें, कि दो दिन पहले ज्ञान-विज्ञान भवन के खुले जगह पर जन्मदिन की पार्टी हुई थी। मगर, अब तक वहां कचरा फैला हुआ है। इसके लिए नगर निगम विवि प्रबंधन को नोटिस भी जारी किया है। वहीं, विवि के अधिकारियों का कहना है कि ज्ञान-विज्ञान भवन में निर्माण कार्य जारी है। इस कारण वहां विवि का कोई भी समारोह आयोजित नहीं किया जाता है। ज्ञान-विज्ञान भवन में निर्माण कार्य जारी है। इस कारण वहां विवि का कोई भी समारोह या कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाता है। – आईके मंसूरी, कुलसचिव, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल सुरक्षा निधि जमा होती है विवि प्रबंधन का कहना है कि ज्ञान-विज्ञान भवन के रख-रखाव के लिए किराये पर दिया जाता है। इसके लिए आयोजक से सुरक्षा निधि 15 हजार रुपये ली जाती है और साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी उनकी ही होती है। विवि के कर्मचारियों को रियायती दरों पर देते हैं ज्ञान-विज्ञान के अंदर के हॉल को एकेडमिक कार्य के लिए दिया जाता है। इसके लिए करीब 90 हजार रुपये शुल्क लिया जाता है और सुरक्षा निधि के तौर पर 15 हजार रुपये जमा कराए जाते हैं। साथ ही ज्ञान-विज्ञान भवन के खुले मैदान को कर्मचारियों को 29 हजार रुपये में और बाहरी लोगों को 70 हजार रुपये में विवाह समारोह के लिए दिया जाता है। recent visitors 62

अमेरिका के टैरिफ शुल्क बढ़ाने के फैसले के बाद चीन ने भारत से नदीकियां बढ़ानी फिर की शुरू

नई दिल्ली जब से डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जीता है, तब से चीन का डर बढ़ता जा रहा है। चीन को सबसे ज्यादा डर कारोबार को लेकर है। माना जा रहा है कि जनवरी में राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने के बाद ट्रंप चीन पर लगने वाला टैरिफ शुल्क बढ़ा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो पहले से ही धीमी आर्थिक गति की मार झेल रहे चीन के लिए यह बड़ा धक्का होगा। ट्रंप के इस कदम से बचने के लिए चीन ने हाल ही में एक और आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। इसका उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को गति देना था। लेकिन लगता है कि चीन के ये सारे आर्थिक पैकेज किसी काम के नहीं हैं। ट्रंप का दबाव कम करने के लिए चीन भारत की शरण में आ रहा है। इसके लिए वह भारत के साथ संबंध सुधारने पर लगा है। ढीले पड़ने लगे चीन के तेवर अमेरिका में आगामी ट्रंप प्रशासन का दबाव कम करने के लिए चीन अब भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। यह बात अमेरिका-भारत सामरिक एवं साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कही। ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान चीन से माल पर 60 फीसदी टैरिफ शुल्क और हर दूसरे अमेरिकी आयात पर 20 फीसदी तक के टैरिफ शुल्क का प्रस्ताव रखा था। मुकेश अघी ने कहा, ‘इसलिए हम ट्रंप प्रशासन के आने का प्रारंभिक प्रभाव देख रहे हैं, जिसने चीन पर भारत के साथ व्यवहार को आसान बनाने का दबाव बनाया है। इसलिए सीमा पर गश्त पर सहमति बनी है। सीधी उड़ानों पर सहमति बनी है।’ और नरम होगा ड्रैगन चीन के तेवर आने वाले समय में और ढीले पड़ते नजर आएंगे। अघी ने कहा कि ट्रंप की जीत का भारत-चीन संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आने वाले समय में चीन की ओर से कुछ और नरमी देखी जा सकती है। वहीं भारत की ओर से भी चीन के लोगों के लिए अधिक वीजा जारी होंगे। अमेरिका में चीन का कड़ा विरोध अघी ने कहा कि उन्होंने कहा कि अमेरिका में नया प्रशासन मैन्युफैक्चरिंग को चीन से दूर ले जाने और अमेरिका में ही रोजगार सृजन की योजना बना रहा है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में कांग्रेस की एक समिति ने सिफारिश की है कि चीन के साथ अपने व्यापार संबंधों को अमेरिका कड़ा करे। साथ ही करीब 25 साल पुराने उस फैसले को वापस लेने पर जोर दे जिसने चीन की तीव्र आर्थिक वृद्धि में मदद की थी और जिसे अब अमेरिका में कई लोग अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाने वाला मानते हैं। इसलिए भारत के करीब आया चीन अमेरिका-चीन आर्थिक तथा सुरक्षा समीक्षा आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस को भेजी अपनी नौ पन्नों की वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार चीन के साथ स्थायी सामान्य व्यापार संबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया। ट्रंप प्रशासन के तहत चीन के साथ व्यापार युद्ध के तेज होने के आसार हैं। वहीं चीन यह पहले ही भांप गया था कि अमेरिका में ट्रंप की सरकार बनने जा रही है। ऐसे में उसे लगने लगा था कि ट्रंप व्यापार में चीन का तवज्जो नहीं देंगे। ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद चीन ने भारत के साथ संबंध बेहतर करने शुरू कर दिए। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंध सुधरने के बाद चीन अपने व्यापार का बड़ा हिस्सा फिर से भारत के साथ बड़े स्तर पर शुरू कर सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार में आई कमी भारत और चीन के बीच व्यापार काफी बड़ा रहा है। लेकिन जून 2020 को गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद हालात बिगड़ गए थे। इसका व्यापारिक स्तर पर बड़ा प्रभाव पड़ा। दोनों देशों के बीच काफी दूरियां आ गई थीं। बढ़ गया भारत का व्यापार घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में चीन के साथ भारत का माल व्यापार घाटा 13 फीसदी बढ़ गया है। चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध के संभावित बढ़ने से यह समस्या और बढ़ सकती है। चूंकि अमेरिका चीनी वस्तुओं पर उच्च टैरिफ लगाता है, इसलिए चीन अपने अतिरिक्त उत्पादन को बेचने के लिए भारत सहित वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर सकता है। इससे भारतीय बाजार में चीनी वस्तुओं की बाढ़ आ सकती है, जिससे व्यापार घाटा और बढ़ सकता है। recent visitors 89

वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट की तैयारियां शुरू, आमजन से सुझाव आमंत्रित : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप प्रदेश के चहुँमुखी विकास और जन-कल्याण को दृष्टिगत रखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी गई है। बजट को अधिक लोक कल्याणकारी बनाने के लिये आमजन के सुझाव आमंत्रित किये जा रहे हैं। प्रदेश का आम नागरिक राज्य के बजट को प्रभावी बनाने अपने सुझाव साझा कर सकेंगे। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में मध्यप्रदेश भी अपना योगदान देने के लिये अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश @2047 का विजन तैयार किया जा रहा है। निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 का लोक कल्याणकारी बजट तैयार किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि राज्य का बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास व आम नागरिकों के खुशहाल जीवन को साकार करने, सतत् विकास की गति बनाये रखने, आधारभूत सुविधाओं का विकास व सभी वर्गों के कल्याण में महत्वपूर्ण साधन रहा है। समाज के सभी वर्गों से प्राप्त सुझावों, मार्गदर्शन, प्राथमिकताओं आदि से प्रदेश का बजट, सर्वांगीण विकास की दिशा में बढ़ाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। प्रदेश की राजस्व आय में वृध्दि के सुझाव भी बजट को और अधिक लोक कल्याणकारी स्वरूप देने में सहयोगी होगे। MPMYGov पर सुझाव एवं मार्गदर्शन आमंत्रित किये गये हैं। सुझाव 15 जनवरी, 2025 तक लिये जायेंगे। सुझावों के साथ आम नागरिक अपना नाम, शहर, जिला, पिनकोड एवं मोबाइल नम्बर भी अंकित करे। "आमजन निम्न मुख्य क्षेत्रों पर दे सकेंगे सुझाव"     हरित ऊर्जा जैसे बायो गैस, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु संभावित स्थलों के संबंध में।     विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार जैसे-स्मार्ट मीटर, एव्हरेज बिल की जगह एक्च्युअल बिल, विद्युत के पुराने तारों के स्थान पर केबल तार स्थापित करने, सडकों के मध्य आने वाले पोल को प्रतिस्थापित करने, अस्थाई विद्युत कनेक्शनों को स्थाई विद्युत कनेक्शनों में परिवर्तित करने हेतु तथ्यात्मक सुझाव।     परिवहन के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार हेतु सडकों (जिला मार्ग, राज्य मार्ग एवं अन्तर्राज्यीय मार्ग) के विकास हेतु तथ्यात्मक सुझाव एवं ई-परिवहन को बढावा देने हेतु सुझाव/विचार/प्रस्ताव।     ग्रामीण विकास हेतु परंपरागत व्यवसायों के पुनर्रुध्दार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पेयजल एवं अधोसंरचनात्मक विकास हेतु तथ्यात्मक सुझाव।     गौ-वंश के संवर्धन, सरंक्षण एवं गौचारण भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु सुझाव।     मत्स्य विकास, मुर्गीपालन, दुग्ध उत्पादन, कृषि विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण को बढावा देने हेतु उत्पादन एवं निर्यात के संबंध में सुझाव।     प्रदेश में प्रवाहित समस्त नदियों एवं जल स्त्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्रुध्दार हेतु सुझाव।     प्रदेश के वनों, वन्य जीवों तथा जैव-विविधता के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्रुध्दार तथा वन ग्रामों में निवासरत जन जीवन की मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु सुझाव।     स्थानीय पर्यटन को बढावा दिये जाने हेतु मध्यप्रदेश में स्थित धार्मिक, नैसर्गिक (प्राकृतिक), ऐतिहासिक धरोहरों/स्थलों के विकास हेतु तथ्यात्मक सुझाव।     शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अधोसंरचनात्मक विकास हेतु सरकार के अतिरिक्त आमजनों के द्वारा आर्थिक सहयोग प्राप्त किये जाने हेतु सुझाव।     रोजगार एवं उद्योग के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार हेतु क्षेत्र विशेष जैसे- जिला, ब्लॉक, नगर, ग्राम आदि में स्थापित किये जा सकने वाले उद्योग (निर्माण उद्योग, खाद्य प्र-संस्करण, कृषि उद्योग एवं फर्नीचर उद्योग, कुटीर एवं हथकरघा, टेक्सटाईल, खिलौना, स्टेशनरी, गृह निर्माण सामग्री, वनोपज प्र-संस्करण, औषधि निर्माण आदि)।     वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत "एक जिला-एक उत्पाद" के लिए स्थानीय उत्पादों के उत्पादन एवं निर्यात हेतु सुझाव।     प्रदेश के पुराने शहरों में सड़को/गलियारों के चौड़ीकरण, ऐतिहासिक व पुरानें बाजारों के पुनर्विकास एवं अतिक्रमण/झुग्गी मुक्त शहरों की परिकल्पना हेतु सुझाव।     सड़क, पुल, पार्कों एवं अन्य अधोसंरचनात्मक विकास हेतु सुझाव।     जन स्वास्थ्य से संबंधित क्षेत्रों पर सुझाव।     महिला एवं बाल विकास से संबंधित क्षेत्रों पर सुझाव।     सामाजिक सुधार जैसे- दिव्यांगजन/भिखारियों/आवासहीन/बेसहारा जनों आदि के कल्याण हेतु सुझाव।     राजस्व संग्रहण को बढावा देने हेतु सुझाव।     प्रशासनिक सुधार से संबंधित सुझाव।     अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित सुझाव। यहां दिए जा सकेंगे सुझाव     MPMyGov Portal     Toll free no.: 0755-2700800     Email id: budget.mp@mp.gov.in     डाक से पत्राचार: संचालक (बजट) वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली 218-एच, द्वितीय तल, वित्त विभाग, मंत्रालय, भोपाल, मध्यप्रदेश 462004   recent visitors 71