जब एक ही दिन में 5,05,412 घरेलू यात्रियों ने उड़ान भरी, एक दिन में सबसे ज्यादा लोगों ने किया हवाई जहाज का सफर

नई दिल्ली भारतीय विमानन सेवा ने एक दिन में 5 लाख से अधिक घरेलू यात्रियों को उड़ान भराने का रिकॉर्ड बनाया है। यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से दी। उन्होंने पत्र में लिखा, “17 नवंबर, 2024 को, भारतीय विमानन ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब एक ही दिन में 5,05,412 घरेलू यात्रियों ने उड़ान भरी, जो उल्लेखनीय 5-लाख यात्री सीमा को पार कर गया। यह इस क्षेत्र के तेजी से विकास और हवाई यात्रा की पहुंच और विश्वसनीयता में भारतीयों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।” उन्होंने आगे लिखा, “यह सफलता माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में निहित है, जिनकी प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता भारतीय विमानन को बदलने में महत्वपूर्ण रही है। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, विमानन ने क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान), हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण और डिजिटल तकनीकों को अपनाने सहित परिवर्तनकारी नीतियों को देखा है, जिससे लाखों लोगों के लिए उड़ान भरना एक वास्तविकता बन गई है।” उन्होंने कहा, “नागरिक विमानन मंत्रालय, मेरे नेतृत्व में, उड़ान की आसानी के लिए समर्पित है-यह सुनिश्चित करना कि हवाई यात्रा सस्ती, निर्बाध और सभी के लिए सुलभ हो। यह उपलब्धि सभी विमानन हितधारकों के सामूहिक प्रयासों को उजागर करती है, जिनकी उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की मैं गहराई से सराहना करता हूं। इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए, हम हर भारतीय की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कनेक्टिविटी में सुधार, यात्री अनुभव को बेहतर बनाने और बुनियादी ढांचे का विस्तार करने के लिए काम करना जारी रखते हैं। यह न केवल एक मील का पत्थर है, बल्कि भारत को वैश्विक विमानन नेता बनाने की दिशा में एक कदम है।”   recent visitors 143

शिवपुरी कलेक्टर ने समारोह में खाने की गुणवत्ता को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए , पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी

शिवपुरी जिले में एक शादी समारोह में फूड पॉइजनिंग के चलते 200 से अधिक लोग बीमार पड़ गए थे। इन सभी का उल्टी और दस्त से बुरा हाल हो गया था। सभी पीड़ित मरीजों को शिवपुरी के जिला अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इस शादी समारोह में हुए फूड पॉइजनिंग के बाद जिला प्रशासन एक्टिव हो गया है। दरअसल, शिवपुरी के कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्होंने बताया है कि ऐसा आयोजन जहां 500 से अधिक लोगों की संख्या होगी, वहां भोजन तैयार करने के लिए एक निर्धारित एडवाइजरी का पालन करना होगा। इसमें खाने की गुणवत्ता को लेकर कुछ दिशा-निर्देश जारी किया गया है। यदि इसका उल्लंघन किया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी। इस एडवाइजरी का पालन सभी आयोजनकर्ताओं, होटल, मैरिज गार्डन संचालकों को करना होगा। डोसा की चटनी खाना पड़ गया भारी शहर के उदय विलास पैलेस में आयोजित शादी समारोह के दौरान 200 से अधिक लोगों के बीमार होने के बाद, वहां पर इस्तेमाल किए गए खाने के सामानों जैसे पनीर, दूध और अन्य सामानों के सैंपल फूड इंस्पेक्टर ने लिए थे। बाद में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमएचओ ने एक प्रेस नोट जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि डोसा की चटनी खाने के कारण लोग बीमार हुए थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया था कि बीमार मरीजों के बयानों के आधार पर यह जांच करके निष्कर्ष निकाला गया है। जब यह मामला सुर्खियों में आया तो कलेक्टर ने एडवाइजरी जारी कर दिया है। recent visitors 78

पुतिन की भारत यात्रा की तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी

मॉस्को  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द भारत दौरे पर आ सकते हैं। राजनयिक सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्ष इस यात्रा की संभावनाएं तलाश रहे हैं, लेकिन अभी इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल जुलाई में मॉस्को में जब पुतिन से मिले थे तो उन्हें भारत यात्रा के लिए आमंत्रित किया था। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि पुतिन की भारत यात्रा की तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। पुतिन आखिरी बार भारत कब आए थे 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से पुतिन की यह पहली भारत यात्रा होगी। पिछली बार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 6 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 21वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत का दौरा किया था। अभी तक, भारत ने आधिकारिक रूप से पुतिन की यात्रा पर मीडिया रिपोर्टों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पीएम मोदी ने पिछले महीने किया था रूस का दौरा पुतिन की बहुप्रतीक्षित भारत यात्रा, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 22-23 अक्टूबर को रूस की यात्रा के कुछ महीनों बाद होगी। तब पीएम मोदी रूसी संघ की अध्यक्षता में कज़ान में आयोजित 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस गए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल जुलाई में मास्को का भी दौरा किया था, जो 2024 में देश की उनकी पहली यात्रा थी। यह यात्रा 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के मद्देनजर हुई थी। पुतिन ने विदेश यात्राएं सीमित क्यों कीं? रूसी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुतिन को यूक्रेन में कथित युद्ध अपराधों के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। रोम संविधि के तहत, न्यायालय की संस्थापक संधि, ICC के सदस्य उन संदिग्धों को हिरासत में लेने के लिए बाध्य हैं जिनके लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। हालांकि, भारत ने रोम संविधि पर हस्ताक्षर या अनुसमर्थन नहीं किया है। recent visitors 81

हिन्दू पक्ष की याचिका पर जामा मस्जिद को लेकर संभल ज़िला कोर्ट का सर्वे का आदेश

संभल. एक स्थानीय अदालत ने शहर में स्थित शाही जामा मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया है. वकील विष्णु शंकर जैन की याचिका पर कोर्ट ने सर्वेक्षण के लिए निर्देश दिया. याचिकाकर्ता ने खुद ‘एक्स’ पर मंगलवार को इस बात की जानकारी दी. इस कथित मस्जिद को हरि हर मंदिर के नाम से भी जाना जाता था. विष्णु शंकर जैन ने लिखा, “आज सिविल कोर्ट संभल ने मेरी याचिका पर संभल में कथित जामी मस्जिद, जिसे हरि हर मंदिर के नाम से जाना जाता था, में एडवोकेट कमिश्नर द्वारा सर्वेक्षण का निर्देश दिया है. 1529 में बाबर ने इस स्थान को आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया. ऐसा माना जाता है कि कल्कि अवतार संभल में होगा.” कौन हैं विष्णु शंकर जैन विष्णु शंकर जैन वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन के पुत्र हैं. यह पिता-पुत्र की जोड़ी श्रीकृष्ण जन्मभूमि, ज्ञानवापी शृंगार गौरी समेत 110 मामलों की पैरवी कर रही है. विष्णु शंकर जैन अपने पिता की तरह ही वकालत कर रहे हैं. आपको बता दें कि विष्णु शंकर जैन ने 2010 में बालाजी लॉ कॉलेज से डिग्री हासिल की थी. इसके साथ ही इन्होंने अपने वकालत करियर की शुरूआत विश्व प्रसिद्ध श्रीराम जन्मभूमि केस से की थी. इस केस के अलावा पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने 2021 में ज्ञानवापी मस्जिद, श्री कृष्ण जन्मभूमि, ताजमहल के पूर्व शिवमंदिर होने का दावा, वर्शिप एक्ट और वक्फ एक्ट 1995 को भी चुनौती देते हुए कोर्ट में वाद दायर किए हुए हैं. जामा मस्जिद का क्या है इतिहास संभल शहर के मध्य में स्थित जामा मस्जिद मुस्लिम समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है. इसका निर्माण मुगल काल के दौरान हुआ था. हालांकि, इसके निर्माण के ठीक समय और अन्य विवरणों के बारे में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है. लेकिन यह माना जाता है कि इसका निर्माण पूरे उत्तर भारत पर मुगल साम्राज्य के शासन के दौरान 16वीं शताब्दी के आस-पास हुआ होगा. recent visitors 99

गोब्लू विश्व बाल दिवस की थीम है, जो बाल अधिकारों के लिए खड़ा है

भोपाल बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूनिसेफ ने बाल अधिकारों के मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने के लिए अपनी “गो ब्ल्यू” थीम के तहत ऐतिहासिक इमारतों को नीले रंग में रंगने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन (एमपीटी) विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के साथ साझेदारी की है. दरअसल, 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. यूनिसेफ, नागरिक संस्था संगठन इस दिन और सप्ताह को बाल अधिकार सप्ताह के रूप में मनाते हैं. गो ब्ल्यू इस साल के विश्व बाल दिवस की थीम में से एक है, जिसक अर्थ बाल अधिकारों के लिए खड़ा होना है' भोपाल में जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी का पिरामिड नीला किया गया यूनिसेफ मध्यप्रदेश के संचार विशेषज्ञ अनिल गुलाटी ने बताया कि, शुरुआत में, 17 नवंबर को भोपाल में जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी का पिरामिड नीला किया गया, जबकि सोमवार की रात को मप्र के धार जिले के मांडू में जहाज महल या शिप पैलेस को नीले रंग से रौशन किया गया. साझेदारी के लिए एएसआई और एमपीटी के प्रति आभार भी व्यक्त किया उन्होंने बाल अधिकारों के वास्ते साझेदारी के लिए एएसआई और एमपीटी के प्रति आभार भी व्यक्त किया. इसके अलावा यूनिसेफ राज्य सरकार के साथ साझेदारी में बच्चों द्वारा ली गई थीम पर चित्र प्रदर्शित करके जलवायु परिवर्तन पर बच्चों की अभिव्यक्ति को एक मंच प्रदान करने का काम भी कर रहा है. यूनिसेफ के एक अधिकारी ने बताया कि कहा कि इस दिन को मनाने के लिए राज्य पर्यटन विभाग की सभी संपत्तियां और एएसआई की विरासत संपत्तियों, जैसे धार जिले के मांडू में जहाज महल और अन्य संपत्तियां नीली रोशनी से रौशन किया गया। हर बच्चा सुरक्षित और समर्थित हो और अपने दिन में नीले रंग को शामिल करे विश्व बाल दिवस के लिए यूनिसेफ का “गो ब्ल्यू” अभियान लोगों को कुछ नीला पहनकर, ऑनलाइन अपनी प्रोफ़ाइल तस्वीर बदलकर, एक ऐसी दुनिया की मांग करने के लिए याचिका पर हस्ताक्षर करके बच्चों के अधिकारों के लिए समर्थन दिखाने के लिए प्रोत्साहित करता है, जहां हर बच्चा सुरक्षित और समर्थित हो और अपने दिन में नीले रंग को शामिल करे. बाल दिवस पर भारत में राष्ट्रपति भवन भी नीले रंग की रोशनी से जगमगाता है उल्लेखनीय है विश्व बाल दिवस पर, दुनिया भर के स्कूल और ऐतिहासिक इमारतें नीले रंग की रोशनी से जगमगाती हैं. यूनिसेफ की वेबसाइट के अनुसार, अतीत में नीले रंग से रोशन की गई कुछ ऐतिहासिक इमारतों में एथेंस (ग्रीस) का एक्रोपोलिस, एम्पायर स्टेट बिल्डिंग (न्यूयॉर्क), अल नूर मस्जिद (न्यूजीलैंड), बेल्जियम में यूरोपीय संसद, चीन में शंघाई टॉवर, इथियोपिया में हाउस ऑफ पीपुल्स रिप्रेजेंटेटिव्स, भारत में राष्ट्रपति भवन, जॉर्डन में पेट्रा और मैक्सिको में फ्रिदा काहलो हाउस शामिल हैं. recent visitors 88

चार दिनों में सवा तीन लाख से अधिक विजिटर्स ने किया अवलोकन

भोपाल विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार थीम पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान मेले 2024 में एम.पी. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के स्टॉल को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर ट्रांसको के अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है। महाकौशल विज्ञान परिषद द्वारा वेटरनरी कॉलेज जबलपुर में पहली बार आयोजित महाकौशल विज्ञान मेले में केन्द्र, राज्य, सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न उपक्रमों सहित शैक्षणिक संस्थाओं के 111 स्टॉल प्रदर्शित किये गये थे। इसमें से एम.पी. ट्रांसको के स्टॉल को द्वितीय स्थान के लिये चयनित किया गया। चार दिवसीय इस विज्ञान मेले में एम.पी. ट्रांसको के स्टॉल में स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियों से लेकर आम नागरिकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई। कुल 3 लाख 25 हजार 949 आगंतुको ने एम.पी. ट्रांसको के स्टॉल में विजिट कर जानकारी हॉसिल की। एम.पी. ट्रांसको को यह पुरूस्कार मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क में विभिन्न नवाचार करने, ट्रांसमिशन एलीमेंटस एच.एम.आई तकनीक से नियंत्रित और ऊर्जीकृत करने के साथ ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेन्स में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के विभिन्न मॉडलो के प्रदर्शन और सरल भाषा में आगंतुको को व्याख्या करने की उत्कृष्ट प्रस्तुति के आधार पर दिया गया है। यह चयन देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, विद्वान शिक्षाविदों और नामी अभियंताओं की कमेटी द्वारा किया गया। एम.पी. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक इंजी. सुनील तिवारी ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुये सभी कार्मिकों को बधाई दी है।   recent visitors 87

मध्य प्रदेश में हथकरघा बुनाई और रंगाई कौशल की सदियों पुरानी परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही

भोपाल मध्यप्रदेश की समृद्ध हथकरघा कला प्रदेश की विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जो सदियों से चली आ रही परंपरा को समेटे हुए है। चमचमाते रंगों के साथ आंखों में बस जाने वाली डिजायन और खूबसूरत बुनावट वाले इन कपड़ों की पहचान दुनियाभर में है। टेक्सटाइल पर्यटन का विशेष महत्व है क्योंकि यह विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक विरासत को जीवंत रखता है। यह अनुभव आधारित पर्यटन का एक अद्वितीय पहलु है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा परंपरा में निहित और नवाचार से प्रेरित बुनकरों एवं शिल्पकारों की कला को संरक्षित करते हुए विभिन्न स्तर पर पहल की जा रही है। मध्य प्रदेश में हथकरघा बुनाई और रंगाई कौशल की सदियों पुरानी परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। चंदेरी साड़ियां चंदेरी साड़ी मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी शहर से बुनकरों द्वारा निर्मित की जाती हैं। यह अपने कम वजन एवं स्पष्ट बनावट के लिए जानी जाती है, जो इसे गर्म मौसम के लिए आदर्श बनाती है। रेशम, कपास और ज़री (धातु के धागे) का उपयोग करके साड़ी को हाथ से बुना जाता है। अपनी चमक, स्पष्ट बनावट और बेहतरीन डिजाइन के लिए प्रसिद्ध यह साड़ियां पारंपरिक बुनाई तकनीकों और आधुनिक डिजाइनों का अनूठा संयोजन भी है। शादी हो, उत्सव हो या फिर कोई कारपोरेट आयोजन, चंदेरी साड़ी हर महिला की पसंद रहती है। म.प्र. टूरिज्म विभाग द्वारा बुनकरों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वस्त्र मंत्रालय की मदद से चंदेरी के पास प्राणपुर गांव में देश का पहला ‘क्रॉफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज’ भी विकसित किया है। महेश्वरी साड़ियां नर्मदा नदी के तट पर स्थित, महेश्वर हथकरघा बुनाई का सदियों पुराना केंद्र है, जो अपनी खूबसूरत महेश्वरी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। इन साड़ियों की विशेषता जीवंत रंगों, सोने की ज़री और अद्वितीय पिटलूम बुनाई तकनीक है। परंपरागत रूप से कपास से बनी साड़ियां एवं कुर्ते सादे, धारीदार और यहां तक ​​कि चेकर पैटर्न सहित विभिन्न प्रकार के डिज़ाइन में उपलब्ध होते हैं। महेश्वर भ्रमण के दौरान आप यहां महेश्वरी साड़ियां बनती हुई देख सकते हैं। महेश्वर में सीधे बुनकरों से ही साड़ियां खरीद भी सकते हैं। बाग प्रिंट ऐतिहासिक शहर मांडू के पास बाग नाम का छोटा सा कस्बा बाग प्रिंट की 1000 साल पुरानी परंपरा को समेटे हुए है, जो प्राकृतिक डाई ब्लॉक प्रिंटिंग का एक अनूठा रूप है। यह बाग प्रिंट सूती, रेशमी, टसर, कॉटन-सिल्क, जूट और क्रेप के साथ दूसरे अन्य कपड़ों पर किया जा सकता है। बाग प्रिंट के कपड़ों के साड़ी, सूट, चादर के साथ-साथ नए पैटर्न के डिजाइर और मार्डन ड्रेसेस भी बनाई जाती हैं। आज बाग प्रिंट को दुनियाभर में पहचाना जाना है। भैरवगढ़ बटिक बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के निकट भैरवगढ़ बटिक प्रिंट का केन्द्र है, जिसको जीआई टैग मिला है। सदियों पुरानी मोम प्रतिरोधी रंगाई और छपाई शिल्प मिस्र, जापान और भारत में 2000 वर्षों से अधिक समय से प्रचलित है। आकर्षक प्रिंट्स बढ़ा देते हैं शोभा मध्यप्रदेश में प्रिंट लोक कला की एक समृद्ध परंपरा है। विभिन्न क्षेत्रों के चित्रों में अनूठी विशेषताएं हैं। नीमच और उमेदपुरा के तारापुर गांव में निर्मित नंदना प्रिंट एक रंगीन ब्लॉक प्रिंट है। यह आरामदायक पोशाख भील और बाग भिलाला जनजातियों की पारंपरिक पोशाख है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के टेक्साइल पर्यटन की क्षमता को दुनिया के सामने प्रचारित करने के लिये विभिन्न स्तरों पर प्रयास किया जा रहा है। जब भी आप प्रदेश के रमणीय पर्यटन स्थलों पर भ्रमण पर आए, तो अपने साथ सोवेनियर के रूप में यह टेक्सटाइल उत्पाद जरूर साथ ले जाएं।   recent visitors 182