रोजगार के लिए शासकीय भर्ती के साथ ही निजी क्षेत्र में भी अवसर होंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में एक लाख से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही थी। इस क्रम में भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन जारी कर लोक सेवा आयोग तथा कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। निवेशकों से आए प्रस्तावों के अनुरूप निजी क्षेत्र में लगभग ढाई लाख से अधिक पदों पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इस उद्देश्य से आई.टी. सेक्टर के साथ ही तकनीकी रूप से दक्षता वाले पाठ्यक्रम भी राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।   recent visitors 68

विश्वविद्यालयों का भगवाकरण : नियम दरकिनार कर सरकार ने भाजपा और संघ के लोगों को बनाया कुलपति

Saffronization of universities: Ignoring the rules, the government made people from BJP and Sangh as vice chancellors. भोपाल। भारतीय राष्ट्रीय संगठन छात्र (एनएसयूआई) के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने मध्यप्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों में कुलगुरुओं की नियुक्तियों में गंभीर अनियमितता और धांधली करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों को उपकृत करने के लिए तमाम सरकारी और गैर सरकारी विश्वविद्यालयों में कुलपित के तौर पर नियुक्त किया जा रहा है। सरकार के शिक्षा का भगवाकरण करने का सीधा असर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ा है। शिक्षा व्यवस्था में राजनीतिकरण से योग्यता बोनी भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए चौकसे ने कहा कि हाल में मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने राज्य के 53 निजी विश्वविद्यालयों में से 32 विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं की नियुक्तियों को अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों के विपरीत इन नियुक्तियों के कारण यह निर्णय लिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उच्च शिक्षा में मानकों और योग्यताओं की अवहेलना की जा रही है। मध्यप्रदेश के नए शासकीय विश्वविद्यालय रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय सागर के पद पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष विनोद मिश्रा को नियुक्त किया गया है। शिक्षा व्यवस्था का राजनीतिकरण करने और इस तरह की नियुक्तियों के कारण राष्ट्रीय संस्थागत रैकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में मध्यप्रदेश का केवल एक शासकीय विश्वविद्यालय स्थान पा सका है। बाकी सभी शासकीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग अत्यंत निम्न स्तर की है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा होता है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति प्रो. राजेश कुमार वर्मा की नियुक्ति में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। कुलपति बनने पीएचडी होने के 10 साल का अनुभव जरुरी प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने पीएचडी की उपाधि 25 नवंबर 2008 को प्राप्त की थी, जबकि 19 जनवरी 2009 को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने प्राध्यापक पद के लिए विज्ञापन जारी किया। इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता में पीएचडी उपाधि के बाद 10 सालों का अध्यापन अनुभव अनिवार्य था, जो वर्मा के पास नहीं था। उनकी नियुक्ति भी सीधे प्राध्यापक के पद पर की गई है। चौकसे ने कहा कि मध्यप्रदेश के समस्त शासकीय विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियों की जांच की जाए। नियमों के उल्लंघन में दोषी पाए जाने पर प्रो. वर्मा सहित अन्य को पद से हटाया जाए और शिक्षा में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। recent visitors 167

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भरी बवाल!, मतदान से ठीक पहले विनोद तावड़े पर 5 करोड़ बांटने का लगा आरोप

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। पालघर में विरार के पास एक होटल में भारतीय जनता पार्टी और बहुजन विकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आया है जिसमें भारी हंगामा होता नजर आ रहा है। बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े पर आरोप लगाया गया कि वे पैसे बांट रहे थे, जिसे लेकर बवाल मचा। बीवीए के प्रमुख हितेंद्र ठाकुर ने दावा किया कि भाजपा नेता के पास से एक डायरी भी मिली है। नालासोपारा सीट से बीवीए ने मौजूदा विधायक क्षितिज ठाकुर को चुनावी मैदान में उतारा है। बीजेपी ने राजन नाईक को यहां से टिकट दिया है। नालासोपारा के विधायक क्षितिज ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता विनोद तावड़े 5 करोड़ रुपये नकद लेकर आए थे। यह रकम भाजपा उम्मीदवार राजन नाईक को बांटने के लिए दी जानी थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान तावड़े की गाड़ी की भी जांच की गई। ठाकुर की ओर से चुनाव आयोग से भी शिकायत की गई है। यह घटना विरार पूर्व के होटल विवांता में हुई, जहां तावड़े चुनावी योजना बनाने के लिए आए थे। बताया जा रहा है कि हंगामा अभी जारी है। बीवीए के कार्यकर्ताओं ने होटल का घेराव कर लिया है। पुलिस तावड़े को रिसॉर्ट से बाहर निकालने की कोशिश में है जिसके लिए एक बड़ा सा दल भेजा गया है। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत का इस घटना पर बयान आया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी का खेल खत्म हो गया है। जो काम चुनाव आयोग को करना था वह क्षितिज ठाकुर ने किया है। हालांकि, बीजेपी ने पैसे बांटने के आरोपों से इनकार किया है। भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने बीवीए के आरोपों को गलत बताया।उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि तावड़े पर पैसे बांटने का आरोप हास्यास्पद है। एमवीए को यह लग रहा है कि वे चुनाव हार गए हैं। इसलिए इस तरह की कहानियां बना रहे हैं।' क्षितिज ठाकुर ने दावा किया कि डायरी से 15 करोड़ रुपये के लेनदेन की पुष्टि होती है। इस बीच, उनके पिता हितेंद्र ठाकुर का कहना है कि विनोद तावड़े ने उन्हें कई बार फोन किया और माफी मांगी है। होटल में हंगामे वाली पूरी घटना मीरा भायंदर वसई विरार पुलिस के क्षेत्राधिकार की है। मालूम हो कि बीवीए एक स्थानीय संगठन है और उनके तीन विधायक हैं। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए कल यानी 20 नवंबर को मतदान होंगे और मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। इससे पहले, राज्य में राजनीतिक हिंसा से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। पूर्व मंत्री और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता अनिल देशमुख की कार पर सोमवार रात को पथराव किया गया। इस संबंध में 4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। recent visitors 86

कैलाश गहलोत ने कहा- मैंने पार्टी छोड़ने की हिम्मत जुटाई है, आने वाले दिनों में हो सकता है कुछ और लोग भी ऐसा करें

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी में सात साल तक मंत्री रहे कैलाश गहलोत ने अचानक पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी ज्वाइन कर ली। अब बीजेपी में शामिल होने के एक दिन बाद, पूर्व आप नेता ने कहा कि मैं एक विचारधारा और सिद्धांत की वजह से आप से जुड़ा था। लेकिन अब इसमें डायल्यूशन (कमजोर) आ रहा है। ऐसा रातोंरात नहीं हुआ है। दिल्ली के पूर्व मंत्री ने कहा कि कुछ चीजें समझने में समय लगता है। मैंने पार्टी छोड़ने की हिम्मत जुटाई है। आने वाले दिनों में हो सकता है कुछ और लोग भी ऐसा करें। विचारधारा-मूल्यों की वजह से आप से जुड़ा गहलोत ने कहा, 'मैंने अपने पत्र में (आप छोड़ने का) मुख्य कारण विस्तार से बताया है। मुख्य मुद्दे वही हैं… जिन मूल्यों के कारण हम आप में शामिल हुए – मैंने कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कहा था कि मैं उन कार्यकर्ताओं में से एक था जो एक विचारधारा से जुड़े थे। मेरे जैसे लाखों लोग हैं। मेरा मानना ​​है कि पार्टी कभी भी सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा नहीं बनाई जाती है। यह असंभव है। जब लाखों-करोड़ों लोग एक पार्टी में शामिल होते हैं और आम लोग एकजुट होते हैं, तो वे आम आदमी पार्टी (आप) की विचारधाराओं, मूल्यों और सिद्धांतों से जुड़ते हैं। लेकिन अब यह कमजोर होती दिखाई दे रही है। विचारधारा-सिद्धांत का कमजोर होना रातोंरात नहीं होता, इसमें समय लगता है। जब मुझे ऐसा लगा तो मैंने पार्टी छोड़ दी।' डरकर नहीं छोड़ी पार्टी पार्टी छोड़ने पर आप की पहली प्रतिक्रिया पर भाजपा नेता कैलाश गहलोत ने कहा. '2018 में मेरे घर पर आयकर विभाग की छापेमारी हुई थी, लेकिन मैं डरा नहीं। उस समय भी मुझपर दबाव रहा होगा। सीबीआई ने मुझसे पूछताछ की और जितनी बार बुलाया गया, मैं उनके सामने पेश हुआ। मैंने उनके सभी सवालों के जवाब दिए। तो उस समय भी डर रहा होगा। मेरी ईडी-सीबीआई पूछताछ के बारे में कोई नहीं जानता, मेरा मानना ​​है कि हर बात प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताना या हर छोटी-छोटी बात पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करना जरूरी नहीं है। जब ईडी ने मुझे समन भेजा तो मैं उनके सामने पेश हुआ। मैंने उनके सवालों के जवाब दिए और हर संभव तरीके से सहयोग किया। तो उस समय भी डर रहा होगा। अभी मेरे खिलाफ कोई समन लंबित नहीं है। अभी कोई जांच लंबित नहीं है। तो यह डर किस बात का है। कल भी मैंने कहा था कि मैंने कभी डर या दबाव में काम नहीं किया और मुझ पर कोई दबाव नहीं है।' recent visitors 83

सुनीता ने खुद बताया अपना हाल, कहा-मेरा वजन कम हो रहा है, स्पेस स्टेशन में बिगड़ी तबीयत

नई दिल्ली भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स जून से ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में फंसी हुई हैं। बीते दिनों उनकी कुछ तस्वीरें सामने आईं जिनमें वह काफी पतली नजर आ रही थीं। इसे देखकर उनकी सेहत को लेकर लोगों को चिंता होने लगी। हालांकि, अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। न्यू इंग्लैंड स्पोर्ट्स नेटवर्क (NESN) को दिए इंटरव्यू में उन्होंने खुद ही सारी बातें साफ कर दी हैं। सुनीता ने कहा, 'मुझे लगता है कि मेरा शरीर थोड़ा बदल गया है मगर वजन उतना ही है। ये बातें अफवाह हैं कि मेरा वजन कम हो रहा है। मैं बताना चाहती हूं कि मेरा वजन उतना ही है जितना यहां आने पर था।' सुनीता विलियम्स ने कहा कि माइक्रोग्रैविटी के चलते उनके शरीर में कुछ बदलाव हुए हैं। ऐसी स्थिति में शारीरिक तरल पदार्थ ऊपर की ओर बढ़ने लगते हैं। इससे अक्सर अंतरिक्ष यात्रियों के चेहरे फूल जाते हैं और उनके शरीर के निचले हिस्से दुबले दिखाई देने लगते हैं। लंबे समय तक चलने वाले अंतरिक्ष अभियानों का हिस्सा बनने की कुछ अनूठी चुनौतियां हैं। उन्होंने इसे समझाते हुए कहा, 'यह ठीक उसी तरह है जैसे आपका शरीर पर्यावरण के साथ तालमेल बिठाता है।' भारहीन वातावरण में रहने के शारीरिक प्रभाव पड़ते हैं। इसका सामना करने के लिए खास तरह की फिटनेस डाइट लेनी होती है। सुनीता विलियम्स ने बताईं चुनौतियां अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने इंटरव्यू में कहा, 'मेरी जांघें थोड़ी बड़ी हैं। मेरा शरीर थोड़ा अलग मालूम होता है। हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने के लिए हम बहुत सारे उपाय करते हैं, कूल्हों और पैरों पर विशेष ध्यान देना होता है।' अगर अंतरिक्ष स्टेश में सुनीता के वर्कआउट की बात करें तो इसमें साइकिल चलाना, ट्रेडमिल दौड़ना और खास उपकरणों से प्रशिक्षण शामिल हैं। मालूम हो कि माइक्रोग्रैविटी में अंतरिक्ष यात्री हर महीने 1-2% हड्डी का द्रव्यमान खो देते हैं। विशेष रूप से रीढ़, कूल्हों और पैरों जैसी वजन सहने वाली हड्डियों पर असर पड़ता है। सवालों के जवाब देते हुए विलियम्स ने यह स्वीकार किया कि अस्थि घनत्व को पूरी तरह से रोकना चुनौती जरूर है। recent visitors 135

महाराष्ट्र में मतदान कल, चाचा के सामने भतीजा, दांव पर सीएम की प्रतिष्ठा, विधानसभा के टॉप-5 मुकाबले

मुंबई महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। 288 सीटों वाले इस प्रदेश में महायुति और महाविकास अघाड़ी गठबंधन आमने-सामने हैं। इसमें कई हाई-प्रोफाइल मुकाबले भी हैं। चुनाव प्रचार के लिए महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नाम नजर आ चुके हैं। बता दें कि महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 29 एससी, 25 एसटी के लिए रिजर्व हैं। इन 288 सीटों पर कुल 4,140 उम्मीदवार मैदान में हैं।  वर्ली: मिलिंद देवड़ा बनाम आदित्य ठाकरे बनाम संदीप देशपांडे इन हाई प्रोफाइल सीटो में से मुंबई की वर्ली सिटी एक है। यहां पर शिंदे सेना के मिलिंद देवड़ा, शिवसेना-यूबीटी के आदित्य ठाकरे और मनसे नेता संदीप देशपांडे के बीच मुकाबला है। मिलिंद देवड़ा दक्षिणी मुंबई से पूर्व सांसद हैं। वह यहां पर शहरी मध्य वर्ग के वोटर पर पूरी तरह से निर्भर हैं। बता दें कि यूपीए-2 सरकार के दौरान वह केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे ने 2019 में पहली बार चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने 89,248 वोटों से बड़ी जीत हासिल की थी। तब उन्होंने एनसीपी के सुरेश माने को हराया था। माने को तब मात्र 21,821 वोट ही मिले थे। इस सीट पर तीसरा नाम संदीप देशपांडे का है। संदीप ने अपनी पहचान स्थानीय मुद्दों पर काम करके बनाई है। खासतौर पर वर्ली में मराठी भाषी लोगों में उनकी काफी पकड़ है। बारामती: पवार वर्सेस पवार बारामती वह सीट है, जहां मुकाबला पवार बनाम पवार है। इस बार आमने-सामने हैं डिप्टी सीएम अजित पवार और उनके भतीजे युगेंद्र पवार। पिछली बार अजित पवार की पत्नी और सुप्रिया सुले के बीच मुकाबला था। इसमें अजित पवार गुट को हार का मुंह देखना पड़ा था। इस बार अजित पवार खुद मैदान में हैं। वहीं, युगेंद्र के सिर पर शरद पवार का हाथ है। अजित पवार सात बार से यहां से विधायक हैं। साल 2019 में उन्होंने बारामती में करीब 1.95 लाख वोट हासिल किए थे। वांद्रे पूर्व: जीशान सिद्दिकी बनाम वरुण सरदेसाई वांद्रे पूर्व सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प है। यहां पर जीशान सिद्दिकी और वरुण सरदेसाई आमने-सामने हैं। जीशान सिद्दिकी के पास युवाओं और मुस्लिमों का समर्थन है। जीशान स्थानीय मुद्दों के लिए हमेशा सक्रिय रहते हैं। वहीं, पिता बाबा सिद्दिकी की हत्या से उपजी सहानुभूति भी उनके पक्ष में काम करेगी। उनके मुकाबले में उद्धव ठाकरे के भतीजे वरुण सरदेसाई हैं। वह साल 2022 में शिवसेना में हुए बंटवारे के बाद से ही उद्धव ठाकरे सेना के साथ बने हुए हैं। वांद्रे ईस्ट में शिवसेना के परंपरागत वोटों में उनकी खासी पहुंच है। नागपुर दक्षिण पश्चिम: देवेंद्र फडणवीस बनाम प्रफुल्ल गुदाढे़ इस सीट पर प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। वह 2009 के बाद से नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट पर लगातार तीन बार से जीत रहे हैं। अगर फडणवीस इस साल भी जीतते हैं तो यह उनकी चौथी जीत होगी। साल 2019 के चुनाव में उन्होंने 49 हजार सीटों से जीत हासिल की थी। उनके सामने कांग्रेस के प्रफुल्ल गुडाढ़े हैं, जिनकी स्थानीय पकड़ काफी बेहतर है। कोपरी-पचपखड़ी: एकनाथ शिंदे बनाम केदार दिघे ठाणे के इस विधानसभा सीट पर भी मुकाबला काफी हाई-फाई है। यहां पर सीएम एकनाथ शिंदे की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। शिंदे के सामने उनके गुरु आनंद दिघे के भतीजे केदार दिघे हैं। शिंदे अक्सर आनंद दिघे को अपना राजनैतिक गुरु बताते हैं। उन्होंने दिघे के जीवन पर बनी फिल्म को भी फाइनेंस किया था। recent visitors 96

बढ़ते पलूशन को लेकर CJI ने न्यायाधीशों से कहा, जहां तक संभव हो वर्चुअल सुनवाई करें

नई दिल्ली मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने मंगलवार को दिल्ली में बढ़ते पलूशन को लेकर सभी न्यायाधीशों से कहा कि जहां तक संभव हो वर्चुअल सुनवाई करें। जैसे ही मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश संजय कुमार की पीठ बैठी, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सिब्बल सहित अन्य वकीलों ने दिल्ली और एनसीआर में पलूशन की बदतर होती स्थिति का जिक्र किया। सभी वकीलों ने इससे निपटने के लिए तत्काल उपाय करने की मांग की। हाईब्रिड मोड में काम करेंगी अदालतें मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने कुछ वरिष्ठ वकीलों के अनुरोध को अस्वीकर दिया है। इन वकीलों की तरफ से अदालतों के कामकाज को पूरी तरह से वर्चुअल करने की मांग की गई थी। सीजेआई ने वकीलों से कहा कि अदालतें हाइब्रिड मोड में काम करती रहेंगीं। वकील सुनवाई के लिए वचुर्अल माध्यम चुन सकते हैं। कपिल सिब्बल को मिला वकीलों का समर्थन सीजेआई ने कहा कि हमने सभी जजों से कहा है कि जहां तक संभव हो वर्चुअल सुनवाई करें। सिब्बल ने कहा कि पलूशन नियंत्रण से बाहर हो गया है। कपिल सिब्बल को कई वकीलों का समर्थन मिला हुआ था। इसमें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और गोपाल शंकरनारायणन भी शामिल थे। कपिल सिब्बल ने कहा कि इसे कम करने की जरूरत है। साथ ही यह मेसेज अन्य अदालतों तक जाना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि शीर्ष अदालत को सिद्धांत रूप से वर्चुअल होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को खुद लिया संज्ञान सोमवार को सर्वोच्च अदालत ने इस बात पर संज्ञान लिया कि एक्यूआई गंभीर प्लस श्रेणी में पहुंच गया है और सभी दिल्ली-एनसीआर राज्यों को पलूशन विरोधी ग्रैप- 4 प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने के लिए तुरंत टीमें गठित करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक ग्रैप-4 से जुड़े प्रतिबंध जारी रहेंगे। बिना अनुमती ग्रैप-4 के प्रतिबंध नहीं हटेंगे सोमवार को सुबह 8 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 484 दर्ज किया गया, जो इस मौसम का सबसे खराब स्तर है। कुछ इलाकों में AQI 500 के पार भी पहुंच गया। इस कारण लगातार प्रतिबंध को लागू करने से जुड़ी खबरें आती रहीं। इनमें स्कूलों से जुड़े प्रतिबंध सबसे ज्यादा सामने आए। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी, ऑफलाइन क्लासों के बंद करने जैसे तमाम प्रयास सामने आए। recent visitors 81