राहतगढ़ में आयोजित पार्षद क्रिकेट कप में खाद्य मंत्री राजपूत ने किया पुरस्कार वितरण

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के लिए स्टेडियम, जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं। हमारे युवाओं के लिए हर सुविधा उपलब्ध है, इसलिए सभी युवा अपने शरीर पर और अपने खेल पर ध्यान दें। खाद्य मंत्री राजपूत ने सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ में आयोजित पार्षद क्रिकेट कप के फाइनल मुकाबले में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट में सभी खिलाड़ी विजेता है, क्योंकि खिलाड़ी कभी हारता नहीं है। खिलाड़ी या तो वह जीतता है या तो सीखता है, इसलिए जो कमियां रही हो खिलाड़ी उन्हें पूरा करने का प्रयास करें और अगली बार फिर पूरी तैयारी के साथ मैदान पर जीत के इरादों के साथ उतरे।  मंत्री राजपूत ने  प्रतियोगिता में शामिल विजेता तथा  उपविजेता एवं टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। पार्षद क्रिकेट कप का  आयोजन 4 नवंबर से किया गया था। इसमें 16 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में चार-चार मैच खेले गए । रविवार को इस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेला गया, जिसमें सानू-11 टीम विजेता रही तथा उप विजेता टीम अली-11 रही। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि  सहित क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।   recent visitors 80

देश को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पुलिस का अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान तीन दिनों में 1,800 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त तथा 167 आरोपी गिरफ्तार देश को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू " प्रदेश को अवैध नशामुक्त बनाने का संकल्प" भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा और मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के तहत प्रदेश को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया है। पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना के निर्देशन में 14 नवंबर 2024 से प्रारंभ हुए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर बड़ी चोट पहुंचाई है। अभियान ने आपराधिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का संदेश भी दिया है। तीन दिनों की इस कार्रवाई में पुलिस ने 1,800 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इस दौरान कुल 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 16 वाहनों को जब्त किया गया। अभियान के पहले दिन 14 नवंबर को मात्र 8 घंटों में पुलिस ने 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 700 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ जब्त किए। प्रमुख स्थानों पर की गई कार्रवाइयों में भोपाल में 8.4 किलोग्राम चरस, खरगोन के चैनपुर में 478 किलोग्राम गांजा, सिवनी के धनौरा में 80 किलोग्राम गांजा, छिंदवाड़ा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में 42.1 किलोग्राम गांजा और नीमच जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में 60 किलोग्राम डोडाचूरा की जब्ती शामिल है। इन कार्रवाइयों में 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 11 वाहनों को जब्त किया गया। अभियान के दूसरे दिन 15 नवंबर को पुलिस ने 144.7 किलोग्राम गांजा, 29 ग्राम स्मैक और 146.53 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की। साथ ही 126 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने न केवल बड़े आपराधिक गिरोहों पर प्रहार किया है, बल्कि छोटे पैमाने पर मादक पदार्थों के वितरण में शामिल अपराधियों पर भी शिकंजा कसा है। अभियान के तीसरे दिन 16 नवंबर को पुलिस ने 161 स्थानों पर छापेमारी की और 952 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ बरामद किए। प्रमुख कार्रवाइयों में खरगोन जिले के विभिन्न स्थानों से 322.43 किलोग्राम गांजा, धार जिले में 200.3 किलोग्राम गांजा, बड़वानी में 157.9 किलोग्राम गांजा और देवास जिले में 105.394 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। तीसरे दिन की 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही अवैध परिवहन में प्रयुक्त 5 वाहनों को भी जब्त किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में सघन तलाशी और सख्त कार्रवाई पुलिस ने तीन दिवसीय विशेष अभियान में संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर सघन तलाशी ली। अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और वितरण में संलिप्त आपराधिक तत्वों को चिन्हित कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ इनसे जुड़े संगठित गिरोहों को भी तोड़ने में सफलता प्राप्त की। अभियान के परिणाम और उद्देश्य पुलिस ने अभियान में अब तक 1,800 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं, जिसमें 920.673 किलोग्राम गांजा, 37.58 ग्राम स्मैक, 649 ग्राम ब्राउन शुगर, 60 किलोग्राम डोडाचूरा और 61 ग्राम एमडी शामिल हैं। कुल 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 16 वाहन जब्त किए गए। अभियान का उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और वितरण पर रोक लगाना है, साथ ही समाज को इस बुराई के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना है। अवैध नशामुक्त प्रदेश का निर्माण: एक साझा प्रयास यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अवैध नशामुक्त प्रदेश की परिकल्पना के साथ पुलिस की सतर्कता, दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई न केवल अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को तोड़ने में सफल रही है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को अवैध नशे की लत से बचाने और समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का काम भी कर रही है। मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहल अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहा अभियान  समाज में अवैध नशे के दुष्प्रभावों को समाप्त करने और अपराध मुक्त राज्य के निर्माण की दिशा में मजबूत आधारशिला रखेगा।   recent visitors 106

नक्सलियों की धरपकड़ के लिए चल रहा सघन सर्च अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गंभीर रूप से घायल हॉक-फोर्स आरक्षक के उपचार का पूर्ण व्यय शासन करेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  घायल जवान के इलाज पर व्यय होने वाली सम्पूर्ण राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नक्सलियों की धरपकड़ के लिए चल रहा सघन सर्च अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नक्सलियों से मुट्ठभेड़ में घायल जवान के स्वास्थ्य की जानकारी ली घटना स्थल से भागे नक्सलियों की धरपकड़ के लिए चल रहा सघन सर्च अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल आरक्षक शिव कुमार शर्मा के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को शर्मा के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घायल जवान के इलाज पर व्यय होने वाली सम्पूर्ण राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल जवान शर्मा का उपचार कर रहे चिकित्सकों से भी दूरभाष पर चर्चा की। डॉ. यादव ने कहा कि कर्तव्य पर तैनात हॉक-फोर्स टीम के जवान शर्मा फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वर्तमान में महाराष्ट्र के गोंदिया में उनका उपचार चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साहसी आरक्षक शर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। नक्सल विरोधी अभियान में रविवार 17 नवम्बर को पुलिस पार्टी हॉक-फोर्स एसओजी उकवा पर कुन्दुल पहाड़ी जंगल क्षेत्र में स्पेशल ऑपरेशन के संचालन में सशस्त्र वर्दीधारी नक्सली जिनकी संख्या 12 से 15 के बीच थी, द्वारा पुलिस को देखकर फायरिंग की गई। सुरक्षा बलों द्वारा भी अपनी जान की परवाह न करते हुए नक्सली दल पर जवाबी फायरिंग की गई। मौके से भाग खड़े हुए नक्सलियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्चिंग अभियान चल रहा है। थाना रूपझर में नक्सलियों के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।   recent visitors 72

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कॉन्क्लेव रीजनल होने के बाद भी प्रादेशिक और राष्ट्रीय महत्व के हैं

मध्यप्रदेश में निवेश के लिए इंग्लैंड और जर्मनी जाकर देंगे निवेशकों को निमंत्रण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निरंतर नया निवेश आ रहा है, इसलिए मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कॉन्क्लेव रीजनल होने के बाद भी प्रादेशिक और राष्ट्रीय महत्व के हैं फरवरी 2025 में होगी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में निरंतर नया निवेश आ रहा है, इसलिए मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का क्रम जारी है। दिसम्बर माह में नर्मदापुरम के बाद शहडोल में भी संभाग स्तरीय कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कॉन्क्लेव रीजनल होने के बाद भी प्रादेशिक और राष्ट्रीय महत्व के हैं। फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा, जिसके लिए इंग्लैंड और जर्मनी यात्रा में मेरे द्वारा निवेशकों को आमंत्रित देने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ग्लोबल समिट के पूर्व रीजनल कॉन्क्लेव का आयोजन हर संभाग स्तर पर हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें इस बात का गर्व है कि हमारे हर संभाग में चाहे ग्वालियर हो, सागर हो, रीवा हो, जबलपुर हो, उज्जैन हो, हर जगह कॉन्क्लेव सफल रही। प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। कम्पनियां बड़े पैमाने पर रोजगार देने को तैयार हैं। आई टी पार्क के लिए इन्वेस्टमेंट आ रहा है, एमएसएमई के लिए भी निवेश आ रहा है। प्रदेश में हेवी इन्डस्ट्री के लिए निवेश आ रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एनर्जी सहित अन्य सेक्टर्स के लिए आ रहा निवेश भी महत्वपूर्ण है। इन सब सेक्टर्स में लगभग तीन लाख करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट आ रहा है। ऐसी स्थिति में मध्यप्रदेश तो आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद हमने ने तय किया कि वह रोजगार परक उद्योग के साथ जीडीपी भी बढ़ाएं और लोगों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं। इस सिलसिले में इंग्लैंड और जर्मनी की यात्रा में निश्चित ही लाभ मिलेगा। जहाँ निवेशक मिलेंगे वहाँ हम जरूर जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम तो यह चाहेंगे कि विपक्ष भी सकारात्मक भूमिका निभाए। विपक्ष अपने इन्वेस्टर्स को लेकर आए। मध्यप्रदेश का भला इसी में है कि हम पक्ष-विपक्ष से बाहर आएं।   recent visitors 83

उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान के तीन डिग्री तक गिरने का अलर्ट जारी किया: मौसम विभाग

नई दिल्ली उत्तर भारत में अब ठंड होने लगी है। कई राज्यों में तो सुबह और रात के समय घना कोहरा भी देखने को मिल रहा। मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान के तीन डिग्री तक गिरने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में सुबह और रात के समय बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे में 17 और 18 नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी। आंधी तूफान व बिजली कड़कने की भी चेतावनी है। अंडमान और निकोबार में भी इस हफ्ते तक बारिश का अलर्ट है। उत्तर भारत की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरी राजस्थान, उत्तरी यूपी, बिहार में 17 की रात और 18 नवंबर की सुबह तक बहुत घना कोहरा देखने को मिलेगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी अगले पांच दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी असम, मेघालय में 18 नवंबर तक कोहरे के छाए रहने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, उत्तरी कर्नाटक, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मराठवाड़ा, तटीय कर्नाटक के इलाकों में न्यूतनम तापमान औसत से अधिक चल रहा है। आज मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान दिल्ली में 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में थोड़ी और गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 12-17 डिग्री सेल्सियस के बीच है। अधिकतम तापमान औसत से एक डिग्री जहां ज्यादा है, तो मिनिमम टेम्प्रेचर औसत से कई जगह चार डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है।   recent visitors 98

कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं, अब इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री खुद समभालेंगी ये विभाग

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ने इस्तीफा दे दिया है। उनके पास परिवहन विभाग समेत कई विभागों की जिम्मेदारी थी। अब जानकारी सामने आई है कि सीएम आतिशी ही इन विभागों की कमान संभालेंगी। इसके लिए उन्होंने दिल्ली के एलजी को प्रस्ताव भेज दिया है। दिल्ली की नजफगढ़ सीट से विधानसभा पहुंचने वाले कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं। कैलाश गहलोत के मौजूदा विभाग कैलाश गहलोत के पास परिवहन मंत्रालय से लेकर गृह मंत्रालय तक की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा उनके पास प्रशासनिक सुधार, महिला और बाल विकास, सूचना प्रोद्योगिकी और प्रशासनिक सुधार जैसे बड़े विभाग थे। अब इन विभागों की जिम्मेदारी सीएम आतिशी संभालेंगीं। सीएम आतिशी के मौजूदा विभाग दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। सीएम आतिशी के पास इस समय शिक्षा, पॉवर, लोक निर्माण विभाग, ट्रेनिंग और टेक्निकल एजूकेशन, जनसंपर्क विभाग, राजस्व, वित्त, सेवा, जल, सतर्कता, योजना और कानून न्याय और विधिक मामले जैसे विभाग हैं। इसके अलावा उनके पास उन सभी विशेष विभागों की जिम्मेदारी है जो किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं। पहले भी आतिशी पर दिखाया गया था भरोसा दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। इसके अलावा अब उनके पास और भी जिम्मेदारियां आ जाएंगीं। आपको बता दें कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जेल में जाने के दौरान भी पार्टी ने आतिशी पर भरोसा जताया था। उस समय भी मनीष सिसोदिया के विभाग आतिशी के पास पहुंचे थे। इसमें शिक्षा मंत्रालय की चर्चा काफी हुई थी। recent visitors 102

राजस्थान: उपचुनाव के 23 नवंबर को आने वाले परिणाम से कई नई तस्वीरें उभरकर सामने आने की संभावना

जयपुर राजस्थान में इस बार गत 13 नवंबर को हुए सात विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के 23 नवंबर को आने वाले परिणाम से कई नई तस्वीरें उभरकर सामने आने की संभावना हैं और इसका असर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, सांसद हनुमान बेनीवाल एवं अन्य कुछ सांसदों सहित कई नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा पर पड़ेगा। अगर भाजपा उपचुनाव की अधिकतर सीटे जीत जाती है तो मुख्यमंत्री श्री शर्मा की राजनीतिक प्रतिष्ठा के चार चांद लग जायेंगे और वह प्रदेश में नये जादूगर साबित होंगे वहीं भाजपा के नये प्रदेश अध्यक्ष श्री राठौड़ का भी कद बढ़ जायेगा। अगर कांग्रेस उपचुनाव हारती है तो जहां इसके प्रदेश में सबसे वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जादूगरी विफल मानी जायेगी वहीं कांग्रेस के उभरते प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की राजनीतिक प्रतिष्ठा को गहरा धक्का लगेगा। कांग्रेस के उपचुनाव हारने से यह भी साबित हो जायेगा कि प्रदेश में राज्य सरकार के खिलाफ कोई असंतोष की लहर नहीं थी और लोगों ने भाजपा की केवल 10-11 महीने की सरकार के पक्ष में मतदान कर पहली बार के विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री बने श्री भजन लाल शार्मा का कद और बढ़ जायेगा। उपचुनाव में अगर कांग्रेस चुनाव जीत जाती है तो उसके उपचुनाव में किए गये दावे सही साबित होंगे और यह भी माना जायेगा कि कहीं न कहीं लोगों में सरकार के खिलाफ असंतोष की लहर भी थी। लेकिन कांग्रेस के चुनाव हारने पर जहां सरकार के दावे तो सही साबित होंगे वहीं यह भी माना जायेगा कि सियासी जादूगर श्री गहलोत के उपचुनाव में गैर मौजूदगी तथा पार्टी में तालमेल एवं गुटबाजी का असर भी पड़ा हैं। इसके अलावा उपचुनाव में हार-जीत का असर सांसद बृजेन्द्र ओला, हरीश मीणा, मुरारी लाल मीणा की राजनीतिक प्रतिष्ठा पर भी पड़ेगा। उपचुनाव की सबसे चर्चित सीट खींवसर से अगर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) की प्रत्याशी एवं सांसद हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल चुनाव हार जाती हैं तो रालोपा के अस्तित्व पर बड़ा संकट आ सकता है और उपचुनाव में श्री बेनीवाल कह भी चुके है कि अगर उनकी पत्नी चुनाव हारती है तो वह पार्टी को समाप्त कर देंगे। अगर खींवसर में रालोपा जीत जाती है तो न केवल उनका शुरु से इस क्षेत्र में चला आ रहा दबदबा बरकरार रहेगा साथ ही उनकी राजनीतिक साख में और इजाफा होगा वहीं राज्य के चिकिस्ता मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को अपना सिर और मूंछ मुंडवानी पड़ जायेगी। उपचुनाव के प्रचार में श्री खींवसर ने चुनाव सभा में ऐलान किया था कि अगर भाजपा प्रत्याशी रेवंतराम डांगा चुनाव हार जाते है तो वह अपना सिर और मूंछ दोनों यहां मूंडवा लेंगे। उपचुनाव मतदान के बाद में उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह जरुरत भी पड़ी तो वह तिरुपति में जाकर करेंगे। पिछला विधानसभा चुनाव हार चुके पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा के भी उपचुनाव हार जाने से उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा पर गहरा असर पड़ेगा। इसी प्रकार कांग्रेस प्रत्याशी अमित ओला के चुनाव हारने पर बृजेन्द्र सिंह ओला की राजनीतिक प्रतिष्ठा में भी गिरावट आयेगी और ओला परिवार का विधानसभा क्षेत्र स्तर पर उनका राजनीतिक दबदबा समाप्त हो जायेगा। इसी तरह डूंगरपुर जिले की चौरासी सीट से भारत आदिवासी पार्टी (बाप) का प्रत्याशी अनिल कटारा चुनाव हार जाते है तो बाप नेता एवं सांसद राजकुमार रोत की राजनीतिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचेगी और उनकी भी विधानसभा स्तर पर राजनीतिक दबदबा कमजोर हो जायेगा। इसके अलावा दौसा से अगर भाजपा के प्रत्याशी जगमोहन मीणा चुनाव हार जाते है तो उनके भाई एवं कृषि मंत्री डा किरोड़ी लाल मीणा की राजनीतिक प्रतिष्ठा को गहरा धक्का पहुंचेगा और इसके बाद श्री किरोड़ी मीणा क्या राजनीतिक फैसला लेंगे, वह देखने वाली बात होगी। क्योंकि गत लोकसभा चुनाव में जब उनके राजनीतिक प्रभाव वाली कुछ सीटे भाजपा के हार जाने पर उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा भेज दिया था हालांकि इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ लेकिन वह इस दौरान कुछ महीनों तक मंत्री के रुप में काम भी नहीं किया। अब दौसा उपचुनाव में अगर उनका भाई चुनाव हार जाते हैं तो वह क्या करेंगे, यह देखने वाली बात होगी लेकिन उनके भाई के चुनाव जीत जाने पर डा किरोड़ी का कद और बढ़ जायेगा। उपचुनाव के परिणाम का देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में भी गहरा असर देखने को मिल सकता है और मतदान के दौरान उपखंड अधिकारी के थप्पड़ मारने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा चुनाव जीत जाते हैं तो सबसे चौकाने वाले परिणाम होंगे और उनकी नई राजनीतिक पारी शुरु होगी। अगर वह चुनाव हार जाते है तो राजनीतिक भविष्य शुरु होने से पहले ही समाप्त भी हो सकता है। कांग्रेस के कस्तूर चंद मीणा जीतते है तो कांग्रेस की साख बच जायेगी जबकि पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रत्याशी जीतते है तो उनकी एवं भाजपा की क्षेत्र में फिर राजनीतिक प्रतिष्ठा कायम होगी। उपचुनाव परिणाम का रामगढ़ में पूर्व विधायक जुबैर खान एवं सलूंबर में पूर्व विधायक अमृतलाल मीणा परिवार की राजनीतिक प्रतिष्ठा पर भी पड़ने वाला हैं जहां दोनों जगह इन परिवारों पर अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा बरकरार रखने की चुनौती थी। उपचुनाव के मतदान के बाद भाजपा, कांग्रेस, रालोपा, बाप पार्टी एवं कुछ निर्दलीय अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं लेकिन चुनावी किस्मत का पिटारा 23 नवंबर को खुलने पर ही हकीकत सामने आयेगी।   recent visitors 108